कोलकाता : पंडित ईश्वर चंद्र विद्यसागर की 200 वीं जन्मशती के अवसर पर जायसवाल विद्या मंदिर के तत्वाधान में सप्ताह पर्यन्त(20 सितंबर – 26 सितंबर) आयोजित विभिन्न सांस्कतिक कार्यक्रमों का समापन पर्व संपन्न हुआ। इस समापन पर्व के उपलक्ष्य में विद्यालय से प्रभात फेरी निकाली गई।इसके उपरांत विद्यालय के सांस्कृतिक कक्ष में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत काव्य आवृत्ति, वाद – विवाद , निबंध – लेखन , चित्रांकन , प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताओं में विजित प्रतिभागियों ने पुनः प्रस्तुति की। विजयी प्रतिभागियों को विद्यालय के ओर से पुरस्कार वितरित किए गए। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेन्द्र प्रसाद जी ने विद्यासागर जी की सांस्कतिक चेतना को रेखांकित किया। वरिष्ठ शिक्षक श्चिन्मय विश्वास और श्री चंदन मुखोपाध्याय जी ने विद्यासागर के जीवन एवम् उनके क्रियाकलापो पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन वी. केशवानी ने किया एवम् धन्यवाद् ज्ञापन रवि कुमार ने किया।
विद्यार्थी चुनेंगे एम पी बिड़ला पूजा उत्कर्ष सम्मान के विजेता
कोलकाता : नयी पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से अवगत करवाने और बंगाल की समृद्ध परम्परा के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से हर साल की तरह इस बार भी एम पी बिड़ला पूजा उत्कर्ष सम्मान आयोजित किया जा रहा है। इस पूजा के निर्णायक स्कूली विद्यार्थी होंगे और परम्परा और बंगाल की कलात्मकता से उनको अवगत कराने के उद्देश्य से साउथ प्वाइंट हाई स्कूल तथा एम पी बिड़ला (एच एस) स्कूल के 40 विद्यार्थी निर्णायकों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मार्गदर्शक के रूप में कई गण्यमान्य अतिथि उपस्थित थे।
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ आईपीएस एडीजी एवं आईजीपी, प्रशिक्षण सौमेन मित्रा, कत्थक विशेषज्ञ अमिता दत्ता, शोधार्थी डॉ. पूर्वा सेनगुप्ता समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे। इन विशेषज्ञों की सहायता से पूजा के मापदण्डों से विद्यार्थी अवगत हुए। इस पुरस्कार की शुरुआत एम पी बिड़ला की दिवंगत चेयरपर्सन प्रियम्वदा बिड़ला ने की थी। विद्यार्थी सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा (मुख्य पुरस्कार मूर्तिकार को ), सर्वश्रेष्ठ मण्डप (मुख्य पुरस्कार डिजाइनर), सर्वश्रेष्ठ परिवेश (पुरस्कार पूजा कमेटी को) के अतिरिक्त पूजा विद ए हार्ट (पूजा कमेटी) यानी संवेदनशीलता के आधार पर एम पी बिड़ला पूजा उत्कर्ष सम्मान 2019 के 21वें संस्करण के विजेताओं का चयन करेंगे। पूजा विद ए हार्ट पूजा कमेटी को प्रदान किया जाता है। विद्यार्थी निर्णायकों के पास डिजिटल टैबलेट होगा और उनके मार्गदर्शन के लिए दोनों स्कूलों के शिक्षक तथा विद्यार्थी रहेंगे। निर्धारित मापदण्डों के आधार पर ही अंक दिये जाएँगे। विजेताओं की घोषणा षष्टी को की जाएगी। पुरस्कार में नकद राशि, पदक, अंगवस्त्र, उत्कृष्टता प्रमाणपत्र तथा एम पी बिड़ला अवार्ड ट्रॉफी अगले साल जुलाई में दी जाएगी।
मनायी गयी ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की 200वीं जयन्ती
कोलकाता : आदर्श हिन्दी हाई स्कूल (एच.एस.) खिदिरपुर में हाल ही में पंडित ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की 200वीं जयन्ती (23 से 27 सितम्बर तक) मनायी गयी। शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने शिक्षा जागरुकता रैली में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर आयोजित क्विज, चित्रांकन, निबन्ध, वाद – विवाद प्रतियोगिता, संगीत तथा नृत्य प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन अनन्दिता दीर्घन्गी द्वारा वरिष्ठ शिक्षक विष्णु सिंह, अजय कुमार झा, गिरीश सिंह, अरुण प्रसाद सिंह और अर्चना कुमारी केसरी के सहयोग से प्रिंसिपल बी. बी. सिंह के नेतृत्व में किया गया।
शुभादि : हस्तशिल्प नहीं विरासत है यह
शुभादि शुभ सृजन नेटवर्क की हस्तशिल्प प्रसार इकाई है। हमारा उद्देश्य नयी पीढ़ी तक अपना इतिहास, धरोहर, परम्परा पहुँचाने के साथ ही परम्परा और आधुनिकता का एक सकारात्मक व सृजनात्मक मंच बनाना है। हमारा उद्देश्य हमारे देश में बिखरे हस्तशिल्प की विविधता को आप तक ले जाना है जहाँ हम आपको कारीगरों तक पहुँचा सकें। शुभ सृजन सम्पर्क के पंजीकृत सदस्यों के लिए यह एक माध्यम है जहाँ वे अपने हुनर को ले जा सकते हैं –
शुभादि स्टेशनरी संग्रह
हर संग्रह में एक राइटिंग पैड है और लिफाफा तथा पोस्टर हैं। राइटिंग पैड मुख्यतः तीन आकार में उपलब्ध हो सकता है। ये उत्पाद ऑर्डर पर ही निर्मित होते हैं और कीमत पेज की गुणवत्ता और संख्या के आधार पर तय होगी –
माँ दुर्गा के नौ रूपों के पूजन का पर्व है नवरात्रि
आश्विन मास में शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होकर नौ दिन तक चलने वाली नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कही जाती है। शारदीय नवरात्रि में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। आश्विन मास में शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होकर नौ दिन तक चलने वाला नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कही जाती है। शारदीय नवरात्रि में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। कहा जाता है कि ऋतुओं के परिवर्तन काल का असर मानव जीवन पर नहीं पड़े इसीलिए साधना के बहाने ऋषि-मुनियों ने इन नौ दिनों में उपवास का विधान किया था। नवरात्रि का समापन विजयादशमी के साथ होता है।
सम्मानित किये गये 31वीं युवा संसद के विजयी प्रतिभागी
कोलकाता : केन्द्रीय संसदीय मामलों के मंत्रालय ने हाल ही में केन्द्रीय विद्यालयों के लिए 31वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की। यह समारोह जी.एम.सी. बालयोगी संसद के पुस्तकालय भवन सभागार में आयोजित किया गया था जहाँ संसदीय मामलों के मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विजेता विद्यालयों, प्रभारी शिक्षकों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर पर के.वी.एन.डी.ए. खडकवसला, पुणे (मुम्बई क्षेत्र) 87.33 प्रतिशत अंक पाकर विजेता बना। 85.67 प्रतिशत अंक पाकर के.वी. फोर्ट विलियम, राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय तथा पूर्वी क्षेत्र में प्रथम स्थान पर रहा। के.वी.एन.डी.ए. खडकवसला ने इस अवसर पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी। पूर्वी क्षेत्र में प्रथम स्थान पर रहने वाली के.वी. फोर्ट विलियम के शिक्षक प्रभारी अमिताभ वर्मा, सुष्मिता राय के अतिरिक्त प्रतिभागी अद्रिजा दास, स्नेहा रानी गड़ाई, मानवेन्द्र जेम्स सिंह, पृथा बेरा, आयुष पटनायक, अदिति कुमारी, आराधना मेहता, और सोहम मुखर्जी को सम्मानित किया गया। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर सन्तोष कुमार मल्ल समेत मंत्रालय के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने लोकसभा, राज्यसभा और सेन्ट्रल हॉल भी देखा। यह जानकारी मेजर डॉ. बी. बी. सिंह ने दी।
भोजपुरी में अश्लीलता पर रोक की मुहिम ने पकड़ी गति
कोलकाता : भोजपुरी गीतों व फ़िल्मों में अश्लीलता के खिलाफ पिछले एक दशक से आंदोलन चला रहे भारतीय अटल सेना (राष्ट्रवादी )के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बक्सर निवासी नंद कुमार तिवारी ने इधर इस मुहीम को तेज कर दिया है। उन्होंने भोजपुरी को भाषा का दर्जा देने की भी आवश्यकता पर जोर दिया। ‘भोजपुरी में अश्लीलता पर रोक’ पर संवाद कार्यक्रम के तहत वे कोलकाता आये और उन्होंने बंगाल में सक्रिय कलाकारों को अश्लीलता के खिलाफ अपने आंदोलन से जोड़ा। फिल्मों में अभिनय व गायन से जुड़ी प्रतिभा सिंह ने बैंकाक, मारिशस और दुबई में भोजपुरी के कई स्टेज शो किये हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि अश्लील गीतों से भोजपुरी शर्मसार हुई है। इस भाषा से अपनी मां की तरह प्यार करने की आवश्यकता है। जिस मंच पर अश्लील गीत गाये जाते हैं मैं उस मंच पर नहीं चढ़ती हूं। अश्लील गीत गाने वालों के पीछे ओछे लोगों की भीड़ रहती है जिसके कारण अच्छे कलाकार उपेक्षित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अश्लील गाने वाले व अभिनय करने वाले कलाकारों को मंच न दें।
कई भोजपुरी फ़िल्मों में अभिनय कर चुकीं समाजसेवी पूजा सिंह ने कहा कि मैं अपने बच्चों के साथ अपनी उन भोजपुरी फि़ल्मों को भी नहीं देख पाती जिनमें मैंने अभिनय किया है। अश्लीतता के कारण मैंने भोजपुरी फिल्मों में अभिनय के तौबा कर ली है। मेगा म्यूज़िक फ़िल्म्स के निदेशक शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि मैंने अपनी कम्पनी में कभी भी अश्लील गीतों की रिकार्डिंग नहीं की है। कोई लाखों रुपयों को प्रलोभन भी दे तो मैं अश्लीलता को बढ़ावा नहीं दूंगा। गीतकार उमेश छैला ने कहा कि ऐसे कलाकारों को मंच पर जाने से पहले टोका जाना चाहिए और यदि नहीं मानते हैं तो उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने भोजपुरी गीत नहीं लिखने का प्रण लिया। दीपक आजाद और गायक हेमू भारद्वाज उर्फ हिमांशु ने भी अश्लीलता के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
फेसबुक भी अमेजन की तरह लॉन्च करेगी वीडियो स्ट्रीमिंग डिवाइस
सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक जल्द ही टीवी स्ट्रीमिंग डिवाइस लॉन्च करने जा रही है। यह डिवाइस अमेजन के पोर्टल टीवी डिवाइस फायर स्टिक जैसा होगा। इस डिवाइस को फेसबुक के पोर्टल डिवाइस की सीरीज के तहत लॉन्च किया जाएगा। वैरायटी मैगजीन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें टीवी देखने और ऑगमेंटिड रियल्टी के अलावा कैमरा और वीडियो चैटिंग का फीचर मौजूद होगा। इस डिवाइस के लिए फेसबुक नेटफ्लिक्स, डिज्नी समेत कई थर्ड पार्टी स्ट्रीमिंग सर्विसेज से बातचीत कर सकती है। लोग इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का कंटेंट इस डिवाइस के जरिए देख सकेंगे। यह डिवाइस एंड्रॉयड पर काम करेगा। इस डिवाइस का इस्तेमाल यूजर्स अपने फेसबुक अकाउंट के जरिए वीडियो कॉलिंग और चैटिंग भी कर सकेंगे। फेसबुक अपने इस डिवाइस को इस साल के आखिर तक लॉन्च करने की तैयारी में है। साथ ही साथ फेसबुक अपने वीडियो चैट डिवाइस पोर्टल के नए वर्जन को भी लॉन्च कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फेसबुक कंपनी की तरफ से आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि वह एक ‘पोर्टल’ वीडियो चैटिंग डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी में है। इस साल के आखिरी महीनों में यह डिवाइस बाजार में आ सकती है। फेसबुक ‘पोर्टल’ को पिछले साल लॉन्च किया गया था। जिसे कई देशों में बेचा जा रहा है। इसके दो मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध है। 10 इंच डिवाइस की कीमत करीब 199 डॉलर (करीब 14 हजार रुपये) है।
पहली बार ड्रोन से बनेगा देश का डिजिटल नक्शा
मैप में 10 सेमी तक की सटीक पहचान मिलेगी
नयी दिल्ली : सर्वे ऑफ इंडिया (एसओआई) पहली बार ड्रोन की मदद से देश का डिजिटल नक्शा बना रहा है। विज्ञान और तकनीकी विभाग के सहयोग से यह काम दो साल में पूरा होगा। इसके लिए तीन डिजिटल केंद्र बनाए गए हैं। यहां से पूरे देश का भौगोलिक डिजिटल डेटा तैयार होगा। सैटेलाइट से नियंत्रित होने वाले जीपीएस सिस्टम की अपेक्षा यह डिजिटल नक्शा ज्यादा सटीक और स्पष्ट होगा। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों की मैपिंग नहीं की जाएगी, जो संवेदनशील हैं। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक से हो गई है। इससे जमीन संबंधी जानकारियां और ठिकाने की पतासाजी आसानी से की जा सकेगी। यह नक्शा 10 सेंटीमीटर तक की सटीक पहचान प्रदान करेगा। सर्वे ऑफ इंडिया का कहना है कि अभी हमारे पास 2500 से ज्यादा ग्राउंड कंट्रोल पॉइंट्स हैं। इसी आधार पर मैपिंग की जाती रही है। यह ग्राउंड कंट्रोल प्वाइंट्स देश के हर 30 से 40 किमी के दायरे में समान रूप से बांटे गए हैं। हालांकि, नई मैंपिंग के लिए वर्चुअल सीओआरएस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीओआरएस यानी सतत संचालन संदर्भ स्टेशन। इसके नेटवर्क का उपयोग करते हुए अब जो नक्शे बनाए जा रहे हैं, उनसे तत्काल थ्री-डी जानकारी हासिल की जा सकती है। नई तकनीक की मदद से विभाग निर्धारित स्केल पर ही डिजिटल नक्शा उपलब्ध कराएगा। अभी जो नक्शा मौजूद है उसे ब्रिटिश सर्वेयर कर्नल सर जॉर्ज एवरेस्ट ने 1 मई 1830 को बनाया था। 189 साल पुराने इस सटीक नक्शे के प्रकाशन के बाद इसे नए सिरे से बनाने के लिए सरकार ने कई प्रोजेक्ट शुरू किए थे। 2017 में डाक विभाग ने मैपमायइंडिया के साथ जुड़कर एक पायलट डिजिटल प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसका नाम ई-लोकेशन्स था। इस डिजिटल मैपिंग प्रोग्राम का उद्देश्य लोगों के पते की डिजिटल मैपिंग करना था, जिससे भारत की डाक सेवा ज्यादा सटीक हो और रियल एस्टेट के बारे में पारदर्शिता आए।
ये फायदे होंगे
नए ड्रोन मैपिंग सर्वे में सभी घरों की जियो मैपिंग होगी। वास्तविक स्थान को नक्शे पर चिह्नित किया जाएगा। इससे संपत्तियों के टैक्स में सामने आने वाली त्रुटियां खत्म होंगी। टैक्स वसूली बढ़ने से नगर निगम और पालिकाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी। बाढ़ के बाद भी खाली प्लॉट की आसानी के साथ मैपिंग की जा सकेगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार अमेरिका के प्रतिष्ठित टीचिंग अवॉर्ड से सम्मानित
वॉशिंगटन : आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाली सुपर 30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार को अमेरिका में प्रतिष्ठित टीचिंग अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान जरूरतमंद छात्रों को शिक्षित करने में उनके योगदान के लिए दिया गया। कैलिफोर्निया के सैन जोस में ‘फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस’ संगठन के 25 साल पूरे होने पर सप्ताह के अंत में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें आनंद कुमार ‘द एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड 2019’ से नवाजे गए। इस मौके पर आनंद ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने से वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव आएगा। इससे गरीबी, बेरोजगारी, जनसंख्या विस्फोट, पर्यावरण को नुकसान समेत अन्य समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी।आनंद कुमार ने कहा कि आज भारतवंशी अमेरिका समेत दुनियाभर में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा से बेहतर कोई उपहार नहीं हो सकता। मौजूदा समय में खालीपन बढ़ता जा रहा है और इसे शिक्षा से ही भरा जा सकता है। हाल में आनंद कुमार के जीवन पर फिल्म सुपर 30 रिलीज हुई थी। इसमें ऋतिक रोशन आनंद कुमार की भूमिका में थे।





