Thursday, October 1, 2026
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खूब सेल्फी लेना हो सकता है विकार : अध्ययन

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लंदन : भारत में कराये गये एक अध्ययन में कहा गया है कि जिन लोगों पर स्मार्टफोन से सेल्फी लेने का जुनून सवार होता है, वह उनकी एक तरह की बीमारी हो सकती है जिसका इलाज जरुरी है।

ब्रिटेन के नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय और और तमिलनाडु के त्यागराज स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने वर्ष 2014 में यह खबर छपने के बाद इस परिघटना की जांच शुरु की कि अमेरिकन साइकिएट्रिक एसोसिएशन ने ऐसे लोगों (सेल्फीवादी) को वास्तविक मानसिक विकार की श्रेणी में रखा है।
अब उन्होंने इस रुग्णता की पुष्टि की है और उसकी गंभीरता के आकलन में उपयोग आने वाला ‘सेल्फीवादी आचारण मापक’ तैयार किया। यह मापक 200 लोगों पर विभिन्न प्रकार का वर्ग बनाकर तैयार किया गया । उसे 400 लोगों पर परखा गया।

यह अध्ययन भारत में लोगों पर किया गया क्योंकि भारत में फेसबुक उपयोगकर्ताओं की बहुत बड़ी संख्या है। खतरनाक स्थलों पर सेल्फी लेते हुए सबसे अधिक मौतें यहीं हुईं।
‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड एडिक्शन’ में प्रकाशित इस अध्ययन में इस विकार के ग्रस्त लोगों के तीन स्तर बताये गये हैं।

शाहरुख बने 1982 एशियन गेम्‍स के गोल्‍ड मेडलिस्‍ट के मददगार

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मुम्बई : इस साल की शुरुआत में अभिनेता शाहरुख खान का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक भिखारी की मदद करते हुए दिखाई दिए थे। इस घटना के बाद लोगों ने शाहरुख को फिल्मों का ही नहीं असल जिंदगी का भी बादशाह बताया था। इस घटना के बाद एक बार फिर शाहरुख का नाम किसी जरूरतमंद की मदद करने को लेकर सुर्खियों में छाया हुआ है। बता दें कि शाहरुख खान ने पंजाब के मुक्केबाज खिलाड़ी कौर सिंह (69) को पांच लाख रुपये की मदद दी। कौर सिंह अपनी चिकित्सा संबंधी बिलों का भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। 13 दिसंबर को सिंह को लेकर एक अखबार में छपी खबर ने अभिनेता को भावुक कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि 1982 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता को अपनी हृदय की स्थिति का इलाज करने के लिए दो लाख रुपये का भुगतान करने में मुश्किल हो रही है।

यह राशि शाहरुख के कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) फाउंडेशन के माध्यम से दिए गए। इस पर बात करते हुए  शाहरुख खान ने कहा “खिलाड़ी हमारे देश का अभिमान होते हैं और समाज के रूप में उनकी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है। कौर सिंह के बारे में पढ़ने के बाद मुझे लगा कि हमें उनका साथ देने की जरूरत है और हर किसी को अपने तरीके से ऐसा करने के लिए आग्रह करते हैं। हम कौर सिंह को जल्द ठीक होने के लिए और एक स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”

इसके बाद शाहरुख ने कहा कि “मैं केवल क्रिकेट के बारे में दिलचस्पी नही रखता, बल्कि अन्य खेलों में भी रुचि लेता हूं।” भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) ने भी कौर सिंह को एक लाख रुपये की मदद प्रदान की। खनाल खुर्द में एक छोटे से घर मे रहने वाले कौर सिंह इस प्रतिक्रिया से काफी अभिभूत है। खिलाड़ी ने कहा,”पूरे देश से इतना समर्थन प्राप्त करने के बाद, मुझे लग रहा है कि मैं अतीत की महिमा को एक बार फिर से जी रहा हूं। मेरी मदद करने वाले हर इंसान को मैं धन्यवाद देता हूं।” पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन एकमात्र भारतीय है जिसने प्रदर्शनी मैच में मुक्केबाज दिग्गज मुहम्मद अली के खिलाफ रिंग में प्रवेश किया था।

आईएफएफके में ‘वाजिब’ ने जीता सुवर्णा चाकोरम

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तिरूवनंतपुरम : फलस्तीनी फिल्म ‘वाजिब’ ने केरल के 22वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफके) में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का ‘सुवर्णा चाकोरम’ पुरस्कार जीता।
एनेमेरी जाकिर के निर्देशन वाली इस फैमिली ड्रामा को 15 लाख रूपये का पुरस्कार, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह दिया गया।
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ‘रजत चाकोरम’ पुरस्कार थाई फिल्मकार अनुचा बूनयावाताना को उनकी फिल्म ‘मालीला : द फेयरवेल फ्लावर’ के लिये दिया गया। कोलंबियाई फिल्म ‘कंडेलेरिया’ को जूरी की खास प्रशंसा हासिल हुई।
सर्वश्रेष्ठ नये निर्देशक के लिये ‘रजत चाकोरम’ का पुरस्कार फिल्म ‘अदन’ के निर्देशक संजू सुरेंद्रन को दिया गया।
अमित मासुरकर द्वारा निर्देशित भारतीय कॉमेडी ड्रामा ‘न्यूटन’ ने एनईटीपीएसी और एफआईपीआरईएससीआई पुरस्कार जीता।

अभिनेता-लेखक नीरज वोरा का निधन

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मुंबई : ‘सत्या’, ‘फिर हेरा फेरी’ और ‘दौड़’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाने वाले बॉलीवुड अभिनेता, लेखक और निर्देशक नीरज वोरा का आज निधन हो गया। वोरा एक साल से कोमा में थे। वह 54 वर्ष के थे।

वोरा मस्तिष्क आघात के बाद दिल का दौरा पड़ने के कारण कोमा में चले गए थे। उसके बाद वह अक्तूबर 2016 से निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के घर में थे।
नाडियाडवाला उन्हें अपने घर ले गए थे और उन्होंने एक कमरे को अस्थायी आईसीयू में परिवर्तित कर दिया था। वोरा का स्वास्थ्य कल रात बिगड़ गया था जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया।
लेखक के तौर पर वोरा ने 80 के दशक के अंत में टीवी कार्यक्रमों में काम करना शुरू किया था। इन कार्यक्रमों में सुपरस्टार शाहरुख अभिनीत ‘सर्कस’ शामिल है। उन्होंने फिल्मकार केतन मेहता की फिल्म ‘होली’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में आमिर खान ने भी काम किया था।
उन्होंने ‘रंगीला’, ‘राजू बन गया जेंटलमैन’, ‘अकेले हम अकेले तुम’, ‘दौड़’ और ‘विरासत’ में भी काम किया। उन्होंने ‘रंगीला’ के लिए संवाद भी लिखे थे।
अभिनेता के रूप में उनकी आखिरी फिल्म अनिल कपूर अभिनीत ‘वेलकम बैक’ थी। यह फिल्म वर्ष 2015 में रिलीज हुई थी।
कोमा में जाने से पहले वोरा ‘हेरा फेरी’ श्रृंखला की तीसरी फिल्म पर काम कर रहे थे।

 

थरूर की भारी अँग्रेजी पर अमूल का दिलचस्प कार्टून, थरूर बोले- बटरली ऑनर्ड!

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नयी दिल्ली :  काँग्रेस  नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर अक्सर अंग्रेजी के भारी-भरकम और जटिल शब्दों का इस्तेमाल करते रहते हैं। इसके लिए टि्वटर पर लोग उन्हें निशाना भी बनाते रहते हैं। थरूर पिछली बार ‘रोडोमोंटेड’ शब्द को लेकर सोशल साइट पर निशाने पर आए थे। इसका मतलब डींगें हांकना होता है। अमूल ने इसको लेकर एक कार्टून बनाया है जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बनाया गया है। कंपनी ने अपने इसमें लिखा ‘थरूरॉरस एनीवन?’ खुद शशि थरूर भी इस विज्ञापन से प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सके। उन्होंने ‘बटरली ऑनर्ड’ ट्वीट कर कार्टून की तारीफ की है। उनका यह जवाब भी लोगों को भा गया।

अमूल आमतौर पर सामयिक मसलों पर कटाक्ष करते हुए कार्टून बनाता रहता है। अमूल का नया कार्टून सामने आते ही लोग उसकी तारीफ करने लगे थे। लेकिन, थरूर की ओर से इस पर दी गई प्रतिक्रिया ने भी लोगों को प्रभावित किया। अमूल ने ट्वीट किया, ‘टॉपिकल: सांसद का रोडोमोंटेड जैसे बड़े-बड़े शब्द ट्वीट करने के प्रति लगाव!’ इसके साथ लगाए गए कार्टून पर ‘अमूल: मधुर स्वाद के लिए छोटा शब्द!’ इसके सोशल होते ही बड़ी तादाद में लोग प्रतिक्रिया देने लगे। लोग इसकी तारीफ करने लगे। इनमें शशि थरूर भी शामिल थे। योगेश जोशी ने लिखा, ‘बेहतरीन! स्पॉट ऑन!’ कुलवंत सिंह द्राल ने कैटल क्लास पर थरूर द्वारा दिए गए बयान को याद करते हुए ट्वीट किया, ‘कैटल क्लास उनका एक अन्य शब्द है। मवेशी ही दूध देते हैं और दूध भी केवल अमूल का!’

शशि थरूर के बेहतरीन जवाब पर भी कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। बहुत से लोगों ने उनकी खिंचाई भी की। वैभव भास्कर ने लिखा, ‘इतनी कठिन अंग्रेजी का प्रयोग मत किया करो साहब…एक ट्वीट में चार बार गूगल खोलना पड़ता है।’ सुंदर ने ट्वीट किया, ‘उस शिक्षा का क्या इस्तेमाल यदि इससे बेहतर तरीके से संवाद ही न हो सके और ऐसे शब्दों का प्रयोग सिर्फ पांडित्य दिखाने के लिए होता है।’ वहीं, सुदीप होरे ने ट्वीट किया, ‘कृपा करके क्या आप यह बता सकते हैं कि आप किस डिक्शनरी का इस्तेमाल करते हैं?’

 

मंदिर अध्यक्ष ने दी मस्जिद के लिए जमीन, लोगों ने सराहा

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जहां एक तरफ देश में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोग आए दिन भड़काऊ भाषण या फिर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करते रहते हैं। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक में एक हिंदू ने अपनी जमीन एक मस्जिद के विस्तार के लिए दान में देकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, यह मामला दक्षिण कन्नड़ जिले का है जहां पर एलिया श्री विष्णुमूर्ती मंदिर के अध्यक्ष मोहन राय ने अपनी जमीन का 12 सेंट मस्जिद को दे दिया है जो कि उनकी संपत्ति के बराबर में है। ओलेमुंडोवू गांव के रहने वाले राय को मस्जिद प्रशासन ने धन्यवाद कहा है और उनके इस कदम की प्रशंसा की है। मस्जिद प्रशासन ही नहीं कई लोग राय के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

इस पर राय का कहना है कि राष्ट्र में हिंदू-मुस्लिम एकता और सामंजस्य से बढ़कर कुछ नहीं है। राय ने कहा कि “मस्जिद मेरी संपत्ति के बिलकुल बराबर में है और मस्जिद कमेटी को इसका विस्तार करने के लिए जमीन की आवश्यकता थी। बेशक हमारे अलग-अलग धर्म है लेकिन हमारा एक ही भगवान है। हम धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं कर सकते हैं और हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। मुझे जो दिया है वो भगवान ने दिया है और मैं उसी का भाग दान में दे रहा हूं।”

2018 होगा राजनीतिक लेखनी का वर्ष : प्रकाशक

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नयी दिल्ली : संस्मरणों से लेकर निबंधों तक 2018 में भारतीय राजनीतिज्ञों द्वारा लिखी गई कई पुस्तकें बाजार में आएंगी और अगला वर्ष राजनीतिक पुस्तकों का होगा।
सांसदों और अन्य राजनीतिज्ञों द्वारा लिखी गई कई पुस्तकें बाजार में आनी हैं। इस सूची में पूर्व मंत्रियों कपिल सिब्बल और शशि थरूर और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी द्वारा लिखी गई पुस्तकें शामिल हैं।
प्रकाशन समूहों के प्रतिनिधियों ने यहां कहा कि राजनीतिक लेखन भारत में बहुत अधिक लोकप्रिय हो रहा है।
रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपीश मेहरा ने कहा, ‘‘वर्ष 2018 में राजनीतिज्ञों की लिखी कई पुस्तकें आएंगी। इसमें से कुछ जीवनी हो सकती हैं, अन्य राजनीतिक स्थितियों या समीकरणों पर होंगी।’’ हार्पर कोलिंस के सीईओ अनंत पद्मनाभन ने कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि युवा इसमें :इस तरह के लेखन में: रूचि ले रहे हैं। अधिक युवा वोट कर रहे हैं, वे पढ़ना चाहते हैं और :राजनीति पर: बेहतर जानकारी रखना चाहते हैं।’’

 

7 जनवरी को कोलकाता में होगी ‘भैरव से भैरवी तक’ की संगीतमय यात्रा

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कोलकाता : आतंकवाद, सामाजिक भेदभाव, हिंसा आदि नकारात्मक तत्वों का सही जवाब भारतीय संगीत है, जो व्यक्ति को आपाधापी भरे जीवन में थोड़ा रुक कर आत्मशोध का अवसर देता है। ‘भैरव से भैरवी तक’ हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की परंपराओं को विकसित करने के लिए है। इसकी शुरुआत कला की समृद्ध भूमि बनारस से 18 नवंबर 2017 से हुई है जो अहमदाबाद और कोलकाता से होते हुए ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोपीय देशों तक जारी रहेगी। यह बात शास्त्रीय संगीत के यशस्वी कलाकार पं.राजन मिश्र ने भारतीय भाषा परिषद में आयोजित एक प्रेस संवाद में कही। उन्होंने नई पीढ़ी में शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि पैदा करने के लिए सरकार से आहवान किया कि कक्षा छह तक संगीत की शिक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए ताकि छोटी उम्र से ही विद्यार्थियों में संगीत प्रेम पैदा हो और वे सकारात्मक हों। पं.राजन मिश्र ने इस पर अफसोस जाहिर किया कि संगीत का सांस्कृतिक मूल्यों के रक्षण के लिए उपयोग करना चाहिए जबकि इसके लिए दूरवर्ती योजना नहीं बनाई जाती।

प्रसिद्ध तबलावादक पंडित कुमार बोस पंडित राजन-साजन मिश्र के संगीत दल के मुख्य अंग हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल संगीत कला का एक मुख्य केंद्र है। आगामी 7 जनवरी को ठाकुरबाड़ी जोड़ासांको में ‘भैरव से भैरवी तक’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है जो संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों की रक्षा का भी एक उपक्रम है। इस अभियान की मुख्य संयोजक सलोनी गांधी ने विश्‍व में भारतीय संगीत का अलख नए सिरे से जगाने के लिए नई पीढ़ी का आहवान किया और कहा कि इस अभियान का उद्देश्य शास्त्रीय संगीत को आम लोगों तक पहुँचाना है। भारतीय भाषा परिषद के निदेशक डॉ.शंभुनाथ के एक प्रस्ताव के उत्तर में पं.राजन मिश्र ने कहा कि हिंदी कवि जयशंकर प्रसाद के कई गीत विभिन्न रागों में गाये गए हैं। यदि प्रायोजक सामने आएँ तो ऐसे कवियों की रचनाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए उन्हें संगीतबद्ध किया जा सकता है। इस कार्यक्रम की संयोजिका और जोगेशचंद्र चौधरी कॉलेज की विभागाध्यक्ष ममता त्रिवेदी ने सभी का स्वागत करते हुए छात्रों और युवाओं का फिल्मी गीतों की दुनिया से बाहर आकर अच्छे संगीत से जुड़ने का आहवान किया।

 

 

सर्दियों में परम्परागत परिधानों  का शाही मखमली अन्दाज है…वेलवेट

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सर्दियों में शादी हो तो फैशन और सर्दियों में अपना बचाव टेढ़ी खीर होता है। स्वेटर में तो आप अपना एथनिक स्टाइल नहीं दिखा पाएंगी. अगर आप किसी शादी में साड़ी या लहंगा पहन रही हैं तो इसके ऊपर स्वेटर पहनने से परिधान की खूबसूरती छुप जाती है और इनकी डिज़ाइन भी नहीं दिख पाती है। इससे बचने के लिए आप अपनी साड़ी या लहंगे के साथ वेलवेट ब्लाउज़ बनवाएं. वेलवेट फैब्रिक सर्दियों के लिए एकदम सही होता है। ये आपको ठंड से बचाने के साथ-साथ स्टाइलिश भी दिखाता है –

डिज़ाइनर्स भी विंटर वेंडिग्स के लिए वेलवेट फैब्रिक ही सजेस्ट करते हैं. वेलवेट ब्लाउज़ में भी आप कई तरह की डिज़ाइन्स बनवा सकती हैं।

आप ये हैवी एम्बेलिश्ड फुल स्लीव्ज़ वेलवेट ब्लाउज़ भी बनवा सकती हैं। नेक और स्लीव्ज़ पर एम्बेलिश्ड वर्क रखें। पीछे की डिज़ाइन में आप बैकलेस राउंड डिटेलिंग करवा सकती हैं। अपनी साड़ी या लहंगे के साथ कॉन्ट्रास्टिंग कलर का एम्ब्रॉएडर्ड वेलवेट ब्लाउज़ चुनें और उसे इस तरह राउंड नेक ज़िप डिज़ाइन में बनवाएं।

 

साड़ी के कॉन्ट्रास्टिंग कलर का वेलवेट ब्लाउज़ फैब्रिक लें और उसकी स्लीव्ज़ में साड़ी के बॉर्डर की डिज़ाइन लगवाएं। ये आपको ट्रेंडी लुक देगा। आप इसे डीप स्केवेयर नेक बनवा सकती हैं।

वेलवेट बेहद ग्रेसफुल लुक देता है। आप प्लेन वेलवेट ब्लाउज़ भी बनवा सकती हैं। इसे आप एक मैचिंग स्टोल से एक्सेसराइज़ करें और साथ में स्टेटमेंट ईयररिंग्स पहनें।

अगर आपको हैवी लुक चाहिए तो ये बोट नेक फुल स्लीव्ज़ ब्लाउज़ बनवाएं। इसकी स्लीव्ज़ में सिल्वर और नेक में गोल्डन फ्लोरल प्रिंट करवा सकती हैं।

 

नहीं रहे दिग्गज अभिनेता शशि कपूर

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मुंबई : रुपहले पर्दे पर अपनी रुमानी अदाओं से लोगों को दीवाना बनाने वाले दिग्गज अभिनेता शशि कपूर का आज निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। अपने दौर में उन्होंने सभी अग्रणी अभिनेत्रियों के साथ काम किया।

अभिनेता-निर्माता ने यहां कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके भतीजे रणधीर कपूर ने बताया, ‘‘हां, उनका निधन हो गया। उन्हें किडनी से जुड़ी समस्या थी और वह कई वर्षों से डायलिसिस पर थे।’’ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई गणमान्य लोगों ने लोकप्रिय अभिनेता के निधन पर शोक जताया है।

कोविंद ने ट्वीट कर कहा, ‘‘भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेता शशि कपूर के निधन के बारे में जान कर बहुत दुख हुआ। सार्थक सिनेमा को उनका योगदान और भारतीय रंगमंच को शक्ति देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हमेशा याद की जाएगी। उनके परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस खबर पर दुख का इजहार किया और सिनेमा एवं थियेटर में कपूर के योगदान को याद किया।

मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि कपूर की बहुमुखी अभिनय क्षमता को फिल्मी पर्दे के अलावा रंगमंच पर भी देखा जा सकता है, जिसे उन्होंने शिद्दत से बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा ‘‘कपूर के बेजोड़ अभिनय को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। उनके निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। मैं कपूर के शोक संतप्त परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी शोक संवेदनायें व्यक्त करता हूं।’’ रणधीर कपूर ने बताया कि अभिनेता का अंतिम संस्कार कल सुबह किया जाएगा।

अस्पताल के डॉक्टर रामनारायण ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘शशि कपूर का आज शाम 5:20 बजे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया।’’ केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने शशि के निधन को ‘एक युग का अवसान’ बताया।

ईरानी ने ट्वीट किया, ‘‘दिग्गज अभिनेता शशि कपूर जी के निधन से दुखी हूं। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान स्मरणीय रहा है। शशि जी के निधन के साथ ही एक युग समाप्त हो गया है। उनके प्रियजन, साथियों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले। ओम शांति !