Thursday, October 1, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 764

पाक टीवी एंकर का अनोखा विरोध, न्यूज रूम मे साथ लेकर आई बेटी

पाकिस्तान में एक न्यूज चैनल की महिला एंकर न्यूज रूम में अपनी मासूम बेटी को भी साथ लेकर आई और उसकी यह बेटी नेशनल चैनल पर लाइव दिखाई गई। महिला एंकर ने यह कदम एक ऐसी घटना के विरोध में उठाया है जिसका विरोध पूरे देश में हो रहा है। एंकर के इस कदम के चलते उसकी खूब तारीफ भी हो रही है।

खबरों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कासुर जिले में रहनेवाली 8 वर्षीय बच्ची का पिछले हफ्ते अपहरण हो गया था। मंगलवार को उसका शव कचरे के ढेर पर मिला। बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की इस घटना ने पूरे मुल्क को हिला दिया और अब जगह-जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस घटना के विरोध में पाक मीडिया भी उतर आया है और इसी के चलते टीवी एंकर किरन नाज न्यूज रूम में अपनी बेटी को लेकर पहुंची। उन्होंने देश के लोगों को बताया कि कैसे वो मासूम बच्ची जैनब के साथ हुई घटना का दर्द महसूस करती हैं। नाज के इस कदम की चारों तरफ तारीफ हो रही है।

एक पाक पत्रकार ने उनका यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि शायद ही कभी कोई महिला पत्रकार अपने न्यूज कास्ट में अपनी बेटी को लेकर आई हो। पाकिस्तान ही नहीं भारत में भी लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर लिखा है कि शानदार एंकरिंग और रिपोर्टिंग, भारत में भी ऐसी ही रिपोर्टिंग की जरूरत है।

सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना स्वैच्छिक है: उच्चतम न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने अपने 2016 के आदेश में सुधार करते हुये सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन से पहले राष्ट्रगान बजाने को अब स्वैच्छिक कर दिया है।

शीर्ष अदालत ने 30 नवंबर, 2016 के अपने आदेश में संशोधन करते हुये राष्ट्रगान बजाने को स्वैच्छिक कर दिया। इससे पहले, न्यायालय ने अपने आदेश में फिल्म के प्रदर्शन से पहले सिनेमाघरों के लिये राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य बना दिया था।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि केन्द्र द्वारा गठित 12 सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी समिति सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने के बारे में अंतिम निर्णय लेगी।

पीठ ने कहा कि समिति राष्ट्रगान बजाने से संबंधित सारे पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगी। इसके साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ताओं को इस समिति के समक्ष अपना प्रतिवेदन रखने की अनुमति प्रदान कर दी।

पीठ ने उसके समक्ष लंबित याचिकाओं का निस्तारण करते हुये कहा कि राष्ट्रीय सम्मान के अनादर की रोकथाम कानून 1971 में संशोधन के बारे में सुझाव देने के लिये 12 सदस्यीय समिति गठित की जा चुकी है।

अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को सूचित किया कि यह समिति छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

यूपी की लड़की ने बनाया रेप-प्रूफ अंडरवियर

हमारे देश में हर रोज रेप की इतनी घटनाएं होती हैं कि अखबार के किसी न किसी कोने में दो चार खबरें जरूर होती हैं। क्या करें, तमाम कोशिशों के बावजूद मर्दों की मानसिकता में कोई सुधार आ ही नहीं पाता। शायद यही वजह है कि रेप से बचने के लिए लड़कियां खुद ही कोई आइडिया खोजकर लाती हैं। पेपर स्प्रे और आत्मरक्षा के लिए आपने कई सारी तरकीबों के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आप ‘रेप प्रूफ अंडरवियर’ के बारे में जानते हैं? देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले की रहने वाली सीनू कुमारी ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो रेप को रोकने के साथ ही रेपिस्ट को पकड़ने में कारगर साबित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी रेप की घटनाएं बेहद आम हैं। सीनू ने जो डिवाइस बनाई है उसमें कैमरा, जीपीएस जैसी खूबियों से लैस है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस में एक इमरजेंसी कॉलिंग का बटन भी लगा हुआ है। सीनू का मानना है कि इस खोज से रेप जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी और आसानी से कार्रवाई भी की जा सकेगी। इसमें लगे कैमरे से रेपिस्ट का चेहरा कैप्चर किया जा सकेगा और एक क्लिक पर मदद के लिए कॉल भी की जा सकेगी।

सीनू का कहना है कि महिलाओं को इसे हर समय पहनने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अकेले सफर करने के दौरान वे इसे पहन सकती हैं। सीनू के इस प्रयोग को राष्ट्रीय खोज संस्थान इलाहाबाद में रजिस्ट्रेशन के लिए भेज दिया गया है। सीनू ने सात साल की बच्ची के साथ रेप की घटना की खबर सुनकर कुछ करने के बारे में सोचा था। उन्हें इस घटना ने विचलित कर दिया था। जिसके बाद वे खुद को कुछ करने से रोक नहीं पाईं।

सीनू ने बताया की इसमें लगे जीपीएस की मदद से परिवार और पुलिस को अलर्ट मिल जाएगा। साथ ही कैमरे के जरिए उन्हें आरोपी की पहचान भी मिल जाएगी। इसमें लगा कॉम्बिनेशन लॉक एक खास कोड डालने पर ही खुलेगा। सीनू अभी बीएससी कर रही हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे कुछ ऐसा करना चाहती थी, जो महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को रोकने में मददगार हो। रेप के अधिकतर मामलों में आरोपी की पहचान साबित न होने के कारण उन्हें सजा नहीं मिल पाती। सीनू की खोज शायद रेप की शिकार लड़कियों की मदद कर सके।

यूपी की लड़की ने बनाया ‘रेप-प्रूफ’ अंडरवियर

0

हमारे देश में हर रोज रेप की इतनी घटनाएं होती हैं कि अखबार के किसी न किसी कोने में दो चार खबरें जरूर होती हैं। क्या करें, तमाम कोशिशों के बावजूद मर्दों की मानसिकता में कोई सुधार आ ही नहीं पाता। शायद यही वजह है कि रेप से बचने के लिए लड़कियां खुद ही कोई आइडिया खोजकर लाती हैं। पेपर स्प्रे और आत्मरक्षा के लिए आपने कई सारी तरकीबों के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आप ‘रेप प्रूफ अंडरवियर’ के बारे में जानते हैं? देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले की रहने वाली सीनू कुमारी ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो रेप को रोकने के साथ ही रेपिस्ट को पकड़ने में कारगर साबित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी रेप की घटनाएं बेहद आम हैं। सीनू ने जो डिवाइस बनाई है उसमें कैमरा, जीपीएस जैसी खूबियों से लैस है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस में एक इमरजेंसी कॉलिंग का बटन भी लगा हुआ है। सीनू का मानना है कि इस खोज से रेप जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी और आसानी से कार्रवाई भी की जा सकेगी। इसमें लगे कैमरे से रेपिस्ट का चेहरा कैप्चर किया जा सकेगा और एक क्लिक पर मदद के लिए कॉल भी की जा सकेगी।

सीनू का कहना है कि महिलाओं को इसे हर समय पहनने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अकेले सफर करने के दौरान वे इसे पहन सकती हैं। सीनू के इस प्रयोग को राष्ट्रीय खोज संस्थान इलाहाबाद में रजिस्ट्रेशन के लिए भेज दिया गया है। सीनू ने सात साल की बच्ची के साथ रेप की घटना की खबर सुनकर कुछ करने के बारे में सोचा था। उन्हें इस घटना ने विचलित कर दिया था। जिसके बाद वे खुद को कुछ करने से रोक नहीं पाईं।

सीनू ने बताया की इसमें लगे जीपीएस की मदद से परिवार और पुलिस को अलर्ट मिल जाएगा। साथ ही कैमरे के जरिए उन्हें आरोपी की पहचान भी मिल जाएगी। इसमें लगा कॉम्बिनेशन लॉक एक खास कोड डालने पर ही खुलेगा। सीनू अभी बीएससी कर रही हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे कुछ ऐसा करना चाहती थी, जो महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को रोकने में मददगार हो। रेप के अधिकतर मामलों में आरोपी की पहचान साबित न होने के कारण उन्हें सजा नहीं मिल पाती। सीनू की खोज शायद रेप की शिकार लड़कियों की मदद कर सके।

 

सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना स्वैच्छिक है: उच्चतम न्यायालय

0

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने अपने 2016 के आदेश में सुधार करते हुये सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन से पहले राष्ट्रगान बजाने को अब स्वैच्छिक कर दिया है।

शीर्ष अदालत ने 30 नवंबर, 2016 के अपने आदेश में संशोधन करते हुये राष्ट्रगान बजाने को स्वैच्छिक कर दिया। इससे पहले, न्यायालय ने अपने आदेश में फिल्म के प्रदर्शन से पहले सिनेमाघरों के लिये राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य बना दिया था।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि केन्द्र द्वारा गठित 12 सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी समिति सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने के बारे में अंतिम निर्णय लेगी।

पीठ ने कहा कि समिति राष्ट्रगान बजाने से संबंधित सारे पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगी। इसके साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ताओं को इस समिति के समक्ष अपना प्रतिवेदन रखने की अनुमति प्रदान कर दी।

पीठ ने उसके समक्ष लंबित याचिकाओं का निस्तारण करते हुये कहा कि राष्ट्रीय सम्मान के अनादर की रोकथाम कानून 1971 में संशोधन के बारे में सुझाव देने के लिये 12 सदस्यीय समिति गठित की जा चुकी है।

अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को सूचित किया कि यह समिति छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

 

पीएम मोदी बने विश्व के तीसरे बड़े लोकप्रिय नेता, ट्रंप और जिनपिंग को पछाड़ा : सर्वे

0

 

नई दिल्ली : पीएम मोदी देश ही नहीं दुनिया में लोकप्रिय हैं और यह बात हम नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे बताता है। इस सर्वे के अनुसार पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पछाड़ दिया है और दुनिया के तीसरे बड़े नेता बन गए हैं। गैलप इंटनरनेशल द्वारा यह सर्वे दुनिया के 50 देशों में किया गया था।

इस सर्वे में इन देशों के लोगों से अलग-अलग सवाल पूछे गए थे और उनसे मिले जवाबों के आधार पर गैलप ने पीएम मोदी को विश्व नेताओं के सर्वे में तीसरे स्थान पर रखा है। सर्वे में पहले नंबर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुल मैक्रों और दूसरे नंबर पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल हैं। सर्वे में मैक्रों को 21, मर्केल को 20 और पीएम मोदी को 8 अंक मिले हैं।

इस सर्वे के लिए जिस तरीके का उपयोग किया गया उसमें गैलप ने अलग-अलग देशों के तहत कुल 53 हजार 769 लोगों ने अपनी राय दी है। सर्वे में 30 प्रतिशत लोगों ने पीएम मोदी के पक्ष में राय दी जबकि 22 प्रतिशत विपक्ष में थे। सर्वे में चौथे स्थान पर ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे हैं वहीं पांचवे नंबर पर चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग हैं। इनके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सर्वे में 11वें स्थान पर रहे।

 

पाक टीवी एंकर का अनोखा विरोध, न्यूज रूम मे साथ लेकर आई बेटी

0

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में एक न्यूज चैनल की महिला एंकर न्यूज रूम में अपनी मासूम बेटी को भी साथ लेकर आई और उसकी यह बेटी नेशनल चैनल पर लाइव दिखाई गई। महिला एंकर ने यह कदम एक ऐसी घटना के विरोध में उठाया है जिसका विरोध पूरे देश में हो रहा है। एंकर के इस कदम के चलते उसकी खूब तारीफ भी हो रही है।

खबरों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कासुर जिले में रहनेवाली 8 वर्षीय बच्ची का पिछले हफ्ते अपहरण हो गया था। मंगलवार को उसका शव कचरे के ढेर पर मिला। बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की इस घटना ने पूरे मुल्क को हिला दिया और अब जगह-जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस घटना के विरोध में पाक मीडिया भी उतर आया है और इसी के चलते टीवी एंकर किरन नाज न्यूज रूम में अपनी बेटी को लेकर पहुंची। उन्होंने देश के लोगों को बताया कि कैसे वो मासूम बच्ची जैनब के साथ हुई घटना का दर्द महसूस करती हैं। नाज के इस कदम की चारों तरफ तारीफ हो रही है।

एक पाक पत्रकार ने उनका यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि शायद ही कभी कोई महिला पत्रकार अपने न्यूज कास्ट में अपनी बेटी को लेकर आई हो। पाकिस्तान ही नहीं भारत में भी लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर लिखा है कि शानदार एंकरिंग और रिपोर्टिंग, भारत में भी ऐसी ही रिपोर्टिंग की जरूरत है।

 

डब्ल्यूईएफ के वैश्विक विनिर्माण सूचकांक में भारत 30वें स्थान पर, जापान शीर्ष पर

0

नयी दिल्ली-जिनेवा : विश्व आर्थिक मंच :डब्ल्यूईएफ: के वैश्विक विनिर्माण इंडेक्स में भारत को 30वें स्थान पर रखा गया है। इस सूची में भारत चीन से पीछे है। चीन पांचवें स्थान पर है। हालांकि, ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका की तुलना में भारत की रैंकिंग बेहतर है।

डब्ल्यूईएफ की भविष्य के उत्पादन की तैयारियों पर रिपोर्ट में जापान अव्वल रहा है। जापान में उत्पादन का ढांचा सबसे बेहतर आंका गया है। सूची में जापान के बाद दक्षिण कोरिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, चीन, चेक गणराज्य, अमेरिका, स्वीडन, आस्ट्रिया और आयरलैंड शीर्ष दस स्थान पर हैं।

ब्रिक्स राष्ट्रों में इस सूचकांक में रूस 35वें, ब्राजील 41वें और दक्षिण अफ्रीका 45वें स्थान पर रहा है।

रिपोर्ट में आधुनिक औद्योगिक रणनीतियों के विकास का विश्लेषण किया गया है और इसमें सामूहिक कार्रवाई पर जोर दिया गया है। इसमें 100 देशों को चार समूहों में वर्गीकृत किया गया है। ये हैं…अग्रणी (मजबूत मौजूदा आधार, भविष्य के लिए उच्चस्तर की तैयारियां), बेहतर संभावना (सीमित मौजूदा आधार, भविष्य के लिये बेहतर संभावना), विरासती (मजबूत मौजूदा आधार, भविष्य में जोखिम) और उदीयमान (सीमित मौजूदा आधार, भविष्य की तैयारियां भी निचले स्तर पर) ।

भारत को इस सूची में हंगरी, मेक्सिको, फिलिपींस, रूस, थाइलैंड तथा तुर्की सहित अन्य देशों के साथ विरासत वाले वर्ग में रखा गया है। चीन अग्रणी देशों में शामिल है। जबकि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शुरुआती स्तर वाले वर्ग में हैं।

डब्ल्यूईएफ की यह रिपोर्ट उसकी इसी महीने दावोस, स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्षिक बैठक से पहले आई है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि इस सूची में शीर्ष 25 देशों को उत्पादन प्रणाली में होने वाले बदलावों का सबसे अधिक लाभ होगा।

भारत के बारे में डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और भारत में विनिर्मित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारत का विनिर्माण क्षेत्र सालाना आधार पर औसतन सात प्रतिशत बढ़ा है। विनिर्माण क्षेत्र का देश के सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी: में 16 से 20 प्रतिशत योगदान है।

 

हिन्दी कहानी जगत के चार में से दूसरे यार दूधनाथ सिंह का निधन

0

नयी दिल्ली : हिन्दी कहानी जगत ‘‘चार यार’’ के नाम से मशहूर लेखकों में शामिल वरिष्ठ साहित्यकार दूधनाथ सिंह का निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे।

पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि दूधनाथ सिंह पिछले कुछ समय से बीमार थे। वह प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त थे। उनका निधन इलाहबाद के एक निजी अस्पताल में हुआ। उनका अंतिम संस्कार आज इलाहाबाद में हुआ था। सिंह का जन्म 17 अक्टूबर 1936 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सोबंथा में हुआ। उन्होंने उपन्यास, कहानी, नाटक, संस्मरण, कविता, आलोचना, संपादन आदि विधाओं में अपना रचनाकर्म किया।

हिन्दी कहानी में दूधनाथ सिंह ‘चार यार’ में शामिल थे। इसके अन्य तीन कहानीकार रवीन्द्र कालिया, ज्ञानरंजन और काशीनाथ सिंह हैं। कालिया का भी निधन हो चुका है।

दूधनाथ सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए किया और यहीं वह हिंदी के अध्यापक नियुक्त हुए। 1994 में सेवानिवृत्ति के बाद से लेखन और संगठन में निरंतर सक्रिय रहे। उनका अंतिम उपन्यास ‘आखिरी कलाम’ काफी चर्चित रहा। उनके अन्य उपन्यास ‘निष्कासन’ एवं ‘नमो अंधकारम्’ हैं।

उनके कहानी संग्रहों में ‘सपाट चेहरे वाला आदमी’, ‘सुखांत’, ‘प्रेमकथा का अंत न कोई’, ‘माई का शोकगीत’, ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे’, ‘तू फू’, ‘जलमुर्गिर्यों का शिकार’ शामिल हैं। ‘अगली शताब्दी के नाम’, ‘एक और भी आदमी है’, ‘युवा खुशबू’, ‘सुरंग से लौटते हुए (लंबी कविता)’, ‘तुम्हारे लिए’, ‘एक अनाम कवि की कविताएँ’ उनके कविता संग्रह हैं। उन्होंने ‘यमगाथा’ नाम से एक नाटक लिखा था।

उन्होंने ‘निराला : आत्महंता आस्था’, ‘महादेवी’, ‘मुक्तिबोध : साहित्य में नई प्रवृत्तियाँ’ आदि आलोचना ग्रन्थ भी लिखे। सिंह को उत्तर प्रदेश के शीर्ष सम्मान भारत भारती से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें भारतेंदु सम्मान, शरद जोशी स्मृति सम्मान, कथाक्रम सम्मान, साहित्य भूषण सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

 

17 साल के राजीव ने बनाया डेंगू से लड़ने वाला ड्रोन

0

उम्र कोई भी हो, आर्थिक हालात कैसे भी हों, अगर मंशा अच्छी हो और मन में समर्पण हो तो समाज के लिए कुछ बेहतर करने से आपको कोई नहीं रोक सकता है। इस बात को सही साबित करती है, सिलिगुड़ी के राजीव घोष की कहानी है। राजीव की उम्र महज 17 साल है और वह 11वीं कक्षा में पढ़ते हैं। उनकी आर्थिक हालत भी खराब है, लेकिन ऐसे विपरीत हालात में भी राजीव ने डेंगू जैसी बीमारी से लड़ने में मददगार एक ड्रोन बनाया है।

राजीव के पिता, रंजीत घोष 56 वर्ष के हैं और सिलिगुड़ी में चाय की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। राजीव अपने पिता के काम में हाथ भी बंटाते हैं और साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी करते हैं। इस चुनौती की वजह से राजीव 10वीं कक्षा में अच्छे अंक नहीं ला सके और 11वीं में उन्हें साइंस स्ट्रीम नहीं मिली।

इसके बावजूद भी विज्ञान और तकनीक के लिए राजीव का लगाव बिल्कुल भी कम नहीं हुआ। पिछले साल उनके शहर में डेंगू के खतरे ने काफी आतंक मचा रखा था। इस बात को ध्यान में रखते हुए राजीव एक ऐसा ड्रोन बनाने की जुगत में लग गए, जो मच्छरों के खतरे से लोगों को सुरक्षित रख सके। उन्हें इस ड्रोन को बनाने के लिए 1.5 लाख रुपए की जरूरत थी। उन्होंने यह राशि अपने माता-पिता और पड़ोसियों की मदद से इकट्ठा की। राजीव ने सात महीनों की कड़ी मेहनत के बाद यह ड्रोन तैयार किया।

राजीव ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताया, ‘मेरे माता-पिता ने सहमत होने के बाद कुछ पैसा उधार लिया। मेरे कुछ पड़ोसियों ने अपनी ओर से मदद की। मैंने इस ड्रोन को बनाने में 1.5 लाख रुपए खर्च किए।’ राजीव ने इकट्ठा किए हुए पैसों की मदद से चीन और अमेरिका से, तकनीकी रूप से अडवांस उपकरण मंगवाए।

क्या है ड्रोन की खासियत

राजीव ने अपने इस खास ड्रोन में एक हाई रेजॉलूशन का कैमरा लगाया है। इस कैमरे की मदद से डेंगू फैलाने वाले मच्छर के लारवा को ट्रैक किया जा सकता है। यह ड्रोन 1.8 किमी. की ऊंचाई तक जा सकता है, लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से इसकी क्षमता को 200 मीटर तक ही सीमित रखा गया है। इतनी ऊंचाई पर कैमरे की मदद से राजीव का ड्रोन यह पता लगा सकता है कि कहां-कहां पानी का जमाव है और वहां पर डेंगू के मच्छर होने की संभावना है।

अपने ड्रोन का 6 महीने तक परीक्षण करने के बाद राजीव ने सिलिगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य को अपना प्रयोग दिखाया, जिसे देखकर वह काफी आश्चर्यचकित हुए। अशोक ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पहले तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब राजीव ने उन्हें ड्रोन के फंक्शन के बारे में बताया तो वह राजीव के हुनर के कायल हो गए। मेयर ने बताया कि नगर निगम ने तय किया है कि राजीव के ड्रोन को इस्तेमाल में लाया जाएगा और राजीव को जरूरत की सारी चीजें मुहैया कराई जाएंगी।

सिलिगुड़ी नगर निगम ड्रोन के साथ कुछ प्रयोग करने की योजना बना रहा है और उनकी प्राथमिकता है कि जल्द-जल्द से इसकी मदद से इलाके में काम शुरू किया जाए। राजीव चाहते हैं कि भविष्य में वह अपने ड्रोन में और भी बेहतर रेजॉलूशन का कैमरा इस्तेमाल करें। नगर निगम का सहयोग मिलने के बाद राजीव जल्द ही एक और ड्रोन बनाना चाहते हैं। ड्रोन के जरिए डेंगू के खतरे से बचने की यह तरीका कोलकाता में पहले से इस्तेमाल हो रहा है। कोलकाता में साउथ सिटी मॉल के आस-पास के इलाके में ड्रोन्स को इस काम के लिए तैनात किया गया है।

(साभार – योर स्टोरी)