अभ्यांग स्नान….दिवाली पर तेल से स्नान की परम्परा

हर साल दीपावली के दिन सुबह उठकर ऑयल बाथ यानि तेल से स्‍नान करने का रिवाज़ है। चेन्‍नई में लोग दीपावली के दिन अभ्‍यांग स्‍नान की पंरपरा का पूरी तरह से पालन करते हैं। इस स्‍नान के कई लाभ हैं जैसे कि इससे शरीर की गर्मी दूर होती है और ये त्‍वचा और आंखों के लिए भी फायदेमंद रहता है एवं इससे बाल बढ़ते हैं और रक्‍तचाप नियमित रहता है।

दीपावली के दिन स्‍नान से पूर्व चेन्‍नई में लोग नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाते हैं। प्राचीन मान्‍यता है कि इस पानी से स्‍नान करने से मन और मस्‍तिष्‍क दोनों ही शुद्ध हो जाते हैं।

कहते हैं कि इस पवित्र जल से बुरी शक्‍तियों का नाश होता है। सूर्योदय से पूर्व अभ्‍यांग स्‍नान करने से गंगा नदी में डुबकी लगाने जितना पुण्‍य मिलता है। दीवाली के मौके पर विशेष प्रकार के लेहिग्‍यम का प्रयोग कर ‘दीपावली मरूंधु’ बनाया जाता है।

दीपावली मरूंधु को बड़ी आसानी से घर में ही उपलब्‍ध सामग्री से बनाया जा सकता है। पेट की परेशानियां दूर होती हैं अपच को दूर करने वाला ये व्यंजन प्राकृतिक चीज़ों और हर्बल मसालों से बना होता है। ज्यादा खा लेने पर ये हमारे पाचन तंत्र का ख्‍याल रखते हैं।

अभ्‍यांग स्‍नान के बाद महिलाएं अपने घर के बरामदे में रंगोली बनाती हैं और दीपक जलाती हैं। बच्‍चे पटाखे जलाते हैं। परिवार के सभी सदस्‍य एकसाथ बैठकर मिठाई और स्‍नैक्‍स खाते हैं। बच्‍चे, बूढ़े और जवान सभी मंदिर जाकर भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं। दीवाली के अवसर पर हर दिल खुशियों से भर जाता है।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।