Friday, October 16, 2026
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हमार माटी

शुभजिता में मेरी जान हिन्दुस्तान के अंतर्गत मैं बिहार, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश के लिये अपने स्तर पर एक यह एक नया स्तम्भ है। हमारा लक्ष्य इन राज्यों में निवेश, लघु कुटीर उद्योग, महिला एवं युवा उद्यमियों और उनके स्टार्ट अप को प्रचार और मंच देना है। भाषा, इतिहास, साहित्य, विज्ञान को सामने लाना है। इससे होगा ये की इन राज्यों के जिन लोगों को आज दूसरे राज्यों से पलायन करना पड़ रहा है, वो अब अपने राज्य में, अपने परिवार के साथ अपने गाँव और राज्य और देश को अपनी अतुलनीय श्रम शक्ति से खड़ा कर सकेंगे। जब ये राज्य उन्नत होंगे तो नजरिया भी बदलेगा और सबको अहसास होगा की उन्होने क्या गलती की है। जरूरत पड़ने पर हम इन राज्यों में कार्यक्रम या सम्मेलन भी कर सकेंगे।
मैने अपने एक वीडियो में कहा था की हम प्रवासियों को अपने राज्यों के लिये कुछ कहना होगा। करना होगा। कह तो चुकी, अब करने का समय है, और वो दिन लाने का समय है जब जिनकी वजह से हमारे श्रमिक भाई -बहन अपमानित हो रहे हैं, पलायन कर रहे हैं, वो एक दिन शर्मिंंदा हों, अपनी हर बात पर, और वो होंगे, यही संकल्प है। यही आरम्भ का समय है। इन तीनों राज्यों के मीडिया कर्मी संगठक  कृषि उद्यमी तथा युवा मित्र इस मुहिम में साथ दे सकते हैं क्योकि इनके बिना यह कठिन है।जिनकी भी रुचि हो वो कृपया सम्पर्क करें। यह भाषा के स्तर पर हिन्दी के साथ अवधी, भोजपुरी, मैथिली, अंगिका, संथाली की रचनाओं को भी सामने लायेगा।

वीकेवी, बंगलुरू ने बढ़ाया सहायता का हाथ

कोलकाता : विवेकानन्द केन्द्र विद्यालय (वी के वी) की बंगलुरू शाखा ने कर्नाटक में 6 गाँवों को सहायता प्रदान की। यह सहायता कल्लबलु, कोप्पा, कोप्पा गेट, जिगनी, वादेरामंचनाहल्ली, बान्देनेलेसेन्द्र में यह सहायता सौंपी। इन इलाकों में 500 रुपये की लागत वाली 50 किट वितरित की गयी। प्रत्येक किट में चावल, आटा, नमक, तेल, दाल व अन्य आवश्यक सामग्रियाँ थीं। ग्रामीणों ने वीकेवी की इस सहायता के प्रति आभार व्यक्त किया।

सम्पर्क का कमाल – कोलकाता से मिली केरल के सैकड़ों मजदूरों को सहायता

कोलकाता : आम तौर पर सम्पर्क क्षमता का उपयोग व्यावसायिक स्तर पर किया जाता है मगर इसी क्षमता के कारण कोरोना की विभिषका में फँसे श्रमिकों को जीवन दान दिया। दरअसल, कोलकाता की बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी की सदस्य निशा सिंह और सचिव शगुफ्ता हनाफी ने केरल के पेरमवूर स्थित बंगाली मार्केट में फँसे बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित दोमकल गाँव के 400 दिहाड़ी मजदूरों की समस्याओं का समाधान किया। कोलकाता के स्थानीय मीडिया की सहायता से इन दोनों ने केरल की स्थानीय मीडिया से सम्पर्क किया। शगुफ्ता ने बताया कि उनको एक मुशिर्दाबाद के फिजियोथेरेपिस्ट सैमुअल का फोन आया। शगुफ्ता के मुताबिक पी आर प्रोफेशनल होने के नाते उनका उनसे परिचय था। सैमुअल ने इन श्रमिकों के नाम और जानकारी भी दी। बगैर समय नष्ट किये शगुफ्ता ने फेसबुक और व्हाट्सऐप समूहों में सारी जानकारी दी और फिर उनके पास फैशन डिजाइनर तथा इस गैर सरकारी संगठन निशा सिंह का फोन आया और सम्पर्क शुरू हो गया। निशा ने कहा कहा कि एकमात्र उद्देश्य यही था कि ये मजदूरों को भूखा न सोने दिया जाये। पीआर तथा सम्पर्क सलाहकार शगुफ्ता ने बताया कि चार दिन दिन से इन सब मजदूरों ने खाना नहीं खाया था। स्थानीय पंचायत से लेकर शहर के कलेक्टर, मंत्रियों से लेकर एस पी और आई पी एस अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से सम्पर्क किया। यह साझा प्रयत्न रंग लाया। बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी जनतार चिठी के शौभिक, एस पी एरनाकुलम, आई पी एस रवीन्द्रन शंकरन, प्रशान्त मेनन, सुमित, उत्तराखंड की पी आर सलाहकार पूजा, पी आर सलाहकार साहिर, तस्वीर, उद्यमी मफदलाल, फिजियोथेरेपिस्ट सैमुअल का आभारी है।
नोट – सभी खबरें फर्जी नहीं होतीं, कुछ भी कहने से पहले तथ्यों की पड़ताल करना सही कदम है।

रक्षक फाउंडेशन कोलकाता पुलिस के सहयोग से यौन कर्मियों को दिया राशन

कोलकाता : कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन से असंख्य लोगों के सामने भोजन की समस्या हो गयी है। ऐसी स्थिति में रक्षक फाउंडेशन ने गत 28 मार्च को कोलकाता पुलिस के साथ दुर्वार समिति में पंजीकृत बुजुर्ग यौनकर्मियों के परिवारों को राशन बाँटा। यह राशन ‘दुर्बार’ की सदस्य यौनकर्मियों और कोलकाता पुलिस की योजना ‘नव दिशा’ में पंजीकृत टॉलीगंज इलाके में फुटपाथ और बस्तियों में रह रहे बच्चों को चारु मार्केट पुलिस स्टेशन से बाँटा गया। रक्षक फाउंडेशन ने एक राशन राहत सामग्री किट बनायी थी जिसमें चावल, दाल, आलू, प्याज, खाने का तेल, नमक, हल्दी, मिर्च, शामिल थी और यह किट हर परिवार को दी गयी। रक्षक फाउंडेशन ने अपने शुभचिन्तकों के साथ 500 परिवारों को यह सहायता दी। रक्षक फाउंडेशन की प्रबन्धन ट्रस्टी चैताली दास ने इस कठिन समय में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों, मेडिकल सहायक, पुलिस और सिविक वॉलेन्टियरों के प्रति भी आभार जताया।

शुभजिता युवा प्रतिभा सम्मान – सन्तोष कुमार झा

प्रतियोगिता – चित्रांकन

विषय – जल ही जीवन है

कक्षा – द्वादश
शिक्षण संस्था: द स्कॉटिश चर्च कॉ़लेजिएट स्कूल

आईडब्ल्यूए का दूसरा संस्करण लाया लॉन्चर्ज इन्टरटेन्मेंट

रुढ़ियों और सामाजिक रूढ़ियाँ महिलाओं के साथ हमेशा से हैं। बहुत मुश्किल रहा है उनसे निकलना…वक्त बदल रहा है मगर संघर्ष आज भी जिन्दा है और जारी भी है। महिलाएँ रोज इनसे निकल रही हैं…मुश्किलों को हरा रही हैं…अपनी सफलता की कहानी लिख रही हैं। अगर आप भी इनमें से एक हैं… आपने भी अपने लिए आवाज उठायी, रूढ़ियों को तोड़ा है तो आपके पास है मौका कि आप दूसरों को भी अपनी कहानी बतायें….जिससे अन्य महिलाओं को भी हौसला मिले…। यह सिर्फ एक प्रशस्ति चिह्न यानी एक ट्रॉफी अथवा प्रमाणपत्र भर नहीं है…बल्कि इससे कहीं आगे है।
ये मौका आपके लिए लाया है लॉन्चर्ज इन्टरटेन्मेंट इन्सपायरिंग विमेन अवार्ड यानी आईडब्ल्यूए। पहले संस्करण की सफलता के बाद एक बार फिर दूसरे संस्करण को लेकर इसे हाजिर है लॉन्चर्ज इन्टरटेन्मेंट। आप किसी भी देश, राज्य या शहर से हों…यह मंच सबके लिए है…इसके लिए सोशल मीडिया पर एक खास पेज बनाया गया है जहाँ पूर्व विजेताओं की कहानिय़ाँ आपसे साझा की जायेंगी जो कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता से हैं। आपकी कहानियाँ सिटिजन्स टाइम्स वेब पत्रिका में भी प्रकाशित होंगी। शुभजिता इस वृहद आयोजन में साझीदार है। आप अधिक जानकारी के लिए [email protected] अथवा 9831362042 पर सम्पर्क कर सकती हैं।

कोरोना युद्ध :1000 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल हेतु परिसर देना चाहती है एडमास यूनिवर्सिटी

राज्य को दिया 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग

सीएम तथा स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र

पहल करने वाला पहला शिक्षण संस्थान है

 कोलकाता : कोरोना की लड़ाई में कदम आगे बढ़ाते हुए एडमास यूनिवर्सिटी ने सहायता की पहल की है। राज्य सरकार द्वारा आपात राहत कोष यानी इमरजेंसी रिलीफ फंड में 10लाख रुपये विश्वविद्यालय ने दिये हैं। इसके अतिरिक्त एडमास यूनिवर्सिटी बारासात परिसर को एक अस्थायी अस्पताल में परिणत करने के लिए यह परिसर राज्य सरकार को देने की इच्छुक है और इसके लिए प्रस्ताव भी रखा गया है। ऐसा करने वाला यह राज्य का पहला विश्वविद्यालय है। इस बाबत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा स्वास्थ्य सचिव विवेक कुमार को पत्र लिखा गया है।
एडमास यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. समित राय के मुताबिक परिसर में कम से कम 30 फिजिशियन सपरिवार रह सकते हैं। छात्रावास में भी 600 नर्स तथा स्वास्थ्यकर्मी रह सकेंगे। महिला तथा पुरुष नर्सों के रहने की अलग व्यवस्था परिसर में है। परिसर में 1 हजार बिस्तरों वाले एक आपात अस्पताल भी इस इलाके के लिए की जा सकेगी। इसके लिए क्लासरूम में ही वार्ड बनाये जायेंगे। इसमें कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार हो सकता है। चांसलर समित राय ने कहा कि इस समय स्थिति बहुत नाजुक है और संस्थान बुनियादी संरचना अथवा आर्थिक सहयोग कर राज्य सरकार की मदद करना चाहता है और इसकी जरूरत है। गौरतलब है कि कोरोना संकट के कारण यह विश्वविद्यालय और इसके सभी कार्यालय फिलहाल बंद हैं। यह परिसर उ. 24 परगना के जगन्नाथपुर के बैरकपुर -बारासात इलाके में हैं।

कोरोना वाइरस से कॉलेज बंद लेकिन नेताजी नगर (सांध्य) कॉलेज में ऑनलाइन क्लास

कोलकाता : दुनियाभर में कोरोना वायरस के चलते खौफ और डर का माहौल पैदा हो गया है , दिन- प्रतिदिन संक्रमण संख्या बढ़ी जा रहे हैं। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई हैं। जबकि यह समय फाइनल एग्जाम का होता है । कोरोना वायरस के कहर के कारण छात्रों पर भी काफी असर पड़ा है। लॉकडाउन में छात्रों की पढ़ाई  एवं फाइनल एग्जाम तैयारी डिस्टर्ब न हो इसके लिए  नेताजी नगर (सांध्य)  कॉलेज में अलग-अलग कदम उठा रहे हैं। कॉलेज के छात्रों को ऑनलाइन असाइनमेंट, कोर्स, नोट्स उपलब्ध करा रहे हैं ताकि वे घर बैठे अपना सिलेबस कंप्लीट कर सकें। कॉलेज के सभी अध्यापकों ने दिन रात मेहनत करके 20 मार्च से ही ऑनलाइन क्लास लेना और नोट्स प्रोवाइड करना जीमेल, गूगल डू, व्हाट्सएप, ज़ूम आदि एप के द्वारा शुरू किया। किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने पर छात्रों फोन पर प्राध्यापक से समझा ले सकते हैं। सभी विध्यार्थीओं ने ऑनलाइन क्लास करने के लिए  प्रत्योसहित हुआ हैं। नेताजी नगर कॉलेज के प्रभारी डॉ. विश्वजीत भद्रा ने सभी अध्यापक और छात्रों को ऑनलाइन क्लास में शामिल होने के लिए प्रत्योसहित किया और बताए घर बैठे छात्रों की पढ़ाई में प्राध्यापक बड़ा योगदान दे रहे हैं । जनसंचार विभाग के अध्यापक सद्दाम होसैन ने ऑनलाइन क्लास के लिए सभी अध्यापक और छात्रों को सहायता के लिए आगे बढ़ा और प्रत्योसहित किया ।

10वें एलएमएएजीएस अवार्ड्स के लिए माँगी गयीं प्रविष्टियाँ

नयी दिल्ली : लैंगिक समानता के लिए पॉपुलेशन फर्स्ट द्वारा दिये जाने वाले लाडली मीडिया एंड एडवरटाइजिंग अवार्ड्स फॉर जेंडर सेंसिविटी (एलएमएएजीएस) 2020 के लिए प्रविष्टियाँ माँगी गयी हैं। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2020 है। जमा की जाने वाली प्रविष्टियाँ 1 जनवरी 2018 से 31दिसम्बर 2019 के बीच प्रकाशित/प्रसारित होनी चाहिए। यह अवार्ड्स का दसवाँ संस्करण हैं। आप विस्तृत जानकारी के लिए http://www.populationfirst.orgपर लॉग इन कर सकते हैं। यह जानकारी पॉपुलेशन फर्स्ट की निदेशक डॉ. ए. एल. शारदा द्वारा दी गयी।

कृपया इस लिंक पर जाएं

http://populationfirst.org/Common/Uploads/HomeTemplate/101WNDoc_Call%20for%20entries%202020%20Hindi%20.pdf

लॉकडाउन में 1.70 लाख करोड़ का पैकेज

 नयी दिल्ली :  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़े एलान किए। उन्होंने एक लाख 70 हजार करोड़ के आर्थिक पैकेज का एलान किया।  किसानों, मनरेगा मजदूर, महिलाओं, पीएफ खाताधारकों, आदि को राहत दी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी गरीब भूखा ना रहे।

स्वास्थ्य कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस कवर
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जो लोग इस जंग को लड़ रहे हैं, चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं उन्हें आगामी तीन माह तक 50 लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। देश में 22 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और 12 लाख डॉक्टर्स हैं।

80 करोड़ गरीबों को राहत
वित्त मंत्री ने बताया कि कोई गरीब भूखा न रहे, इसके लिए सरकार ने इंतजाम किए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यह सुनिश्चित करेगी की हर गरीब को खाना मिले। योजना के तहत पांच किलो अतिरिक्त गेहूं या चावल अगले तीन महीने तक मिलेगा। इसका फायदा 80 करोड़ लाभार्थी को मिलेगा। यह देश की दो तिहाई आबादी है। साथ ही एक किलो दाल का प्रावधान किया गया है। बता दें कि गरीबों को पांच किलो गेहूं या चावल पहले ही मिलता था।

किसानों और बुजुर्गों को भी राहत
अप्रैल के पहले हफ्ते में किसानों के खाते में 2000 रुपये की किस्त डाल दी जाएगी। देश के 8 करोड़ 70 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। ये अगले तीन महीने के लिए है। इसे दो किस्त में दिया जाएगा। इस वर्ग के लोगों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किया जाएगा। इससे लगभग 3 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

महिलाओं के लिए खुशखबरी
उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इन्हें तीन महीने तक मुफ्त सिलिंडर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अगले तीन महीने तक महिला जनधन खाताधारकों को प्रति माह 500 रुपये दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका लाभ 20 करोड़ महिलाओं को होगा। दीनदयाल योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 20 लाख तक का लोन दिया जाएगा। पहले इनको 10 लाख तक का लोन दिया जाता था।

मजदूरों के लिए भी बड़ा एलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि मनरेगा के तहत आने वाले मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ा दी गई है। ये दिहाड़ी पहले 182 रुपये थी, जो अब 202 रुपये हो गई है। इससे पांच करोड़ परिवार को फायदा होने की उम्मीद है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 
निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर, जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतें झेल रहे हैं, उन्हें मदद दी जाएगी। इनके लिए 31000 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है।

संगठित क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण एलान
संगठित क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण एलान किए गए हैं। अगले तीन महीने तक ईपीएफ में सरकार योगदान देगी। ईपीएफ का 12 फीसदी जो कर्मचारी देता है और 12 फीसदी जो कंपनी देती है, यह दोनों ही अगले तीन महीने तक सरकार देगी। लेकिन यह सिर्फ उन्हीं कंपनियों के लिए लागू होगा जहां 100 से कम कर्मचारी हैं और 90 फीसदी कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये से कम है। इसके अतिरिक्त पीएफ स्कीम रेगुलेशन में बदलाव कर नॉन रिफंडेबल एडवांस 75 फीसदी जमा रकम या तीन महीने के वेतन को निकालने की सुविधा भी दी जाएगी।

राज्य सरकारों से अनुरोध
आगे उन्होंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि वे जिला मिनरल फंड का इस्तेमाल मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग गतिविधि, कोरोना के बारे में जागरूकता अन्य कार्यों में करें, ताकि कोरोना से ज्यादा लोग प्रभावित ना हों।