ॐ अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः। श्री सीतारामचंद्रो देवता । अनुष्टुप् छंदः। सीता शक्तिः। श्रीमान हनुमान् कीलकम् । श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः।
श्रीरामरक्षा स्तोत्र का संस्कृत पाठ
रामायण के वे तथ्य जो जो बहुत कम जानते हैं आप
अर्थात सीता द्वारा मर्म वचन बोले जाने के बाद लखन सीता माता को वनदेवियों और दिशाओं आदि की निगरानी में छोड़कर चले गए।
आर एस एस के 80 से ज्यादा सरस्वती शिशु मंदिर में आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी
लखनऊ : कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ देश और प्रदेश की सरकारों के साथ कई स्वयंसेवी संगठन अपने स्तर से लोगों तक सहायता पहुंचा रहे हैं वहीं, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) भी आगे आया है. संघ की तरफ से लखनऊ के माधव सभागार में 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में 80 से ज्यादा सरस्वती शिशु मंदिर (Saraswati Shishu Mandir) और अन्य स्कूल-कॉलेजों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील करने की तैयारी है। यही नहीं, आरएसएस कम्युनिटी किचन भी स्थापित कर रहा है।
दरअसल, देश कोरोना के कारण एक बुरे दौर से गुजर रहा है। समाज के सारे लोग अपने-अपने तरीके से इसमें देश सेवा में लगे हुए हैं। इसी में देश के सबसे बड़े संगठन में से एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी कोरोना की महामारी से लड़ने के लिए सामने आ गया है। संघ के स्कूलों को क्वॉरेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील किया जा रहा है। प्रदेश के 80 से ज़्यादा सरस्वती शिशु मंदिर और अन्य चल रहे संगठनों के स्कूल-कॉलेजों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील करने की मंज़ूरी दी गयी है। यही नहीं संघ की तरफ़ से 2 कम्यूनिटी किचन भी तैयार करवाया गया हैं, जिसके ज़रिए हर रोज़ हज़ारों बेसहारा लोगों का पेट भरा जाएगा।
केजीएमयू और लोहिया के 40 डॉक्टर देंगे सेवा
लखनऊ के माधव सभागार पर एंबुलेंस की गाड़ियां और कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गयी है, जिससे जो भी लोग कोरोना से प्रभावित हैं, उन्हें जल्द से जल्द आइसोलेट किया जा सके। इन सेंटर पर मात्र सैनिटाइजर बेड कम्युनिटी किचन के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन की भी व्यवस्था है। इन आइसालेशन सेंटरों पर डॉक्टरों की भी टीम चौबीसों घंटे काम करेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज और लोहिया के क़रीब 40 डाॅक्टर समय-समय पर यहां आइसोलेट होने वाले मरीज़ों का इलाज करेंगे।
लोगों को महामारी से बचा रहे टीम को टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले जोगिंदर
भारतीय टीम को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा अब लोगों को कोरोनावायरस से बचाने के लिए सड़क पर उतर आए हैं। वे हरियाणा पुलिस में हिसार में डीएसपी हैं। इस समय जोगिंदर लॉकडाउन का पालन कराने और कोरोना से बचाने के लिए लोगों को घर में रहने के लिए कह रहे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने उनके इस काम की तारीफ की और ट्विटर पर जोगिंदर की फोटो शेयर कर उन्हें असली हीरो बताया।
आईसीसी ने ट्वीट किया, ‘‘2007 में टी-20 वर्ल्ड कप के हीरो, 2020 में दुनिया के असली हीरो। क्रिकेट करियर के बाद एक पुलिसकर्मी के रूप में भारत के जोगिंदर शर्मा वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच अपना काम कर रहे हैं।’’ इससे पहले जोगिंदर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वे लोगों से घर में ही रहने का आग्रह कर रहे हैं। तेज गेंदबाज जोगिंदर ने देश के लिए 4 वनडे और इतने ही टी-20 खेले हैं।
वर्ल्ड कप फाइनल में जोगिंदर ने आखिरी ओवर में जिताया
2007 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी ओवर जोगिंदर ने ही डाला था। इस ओवर में पाकिस्तान को मैच जीतने के लिए 13 रन चाहिए थे और उसके 9 खिलाड़ी आउट हो चुके थे। जोगिंदर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 7 रन देकर आखिरी विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी। मैच में जोगिंदर ने 3.3 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट हासिल किए थे। इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 157 रन बनाए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान टीम 19.3 ओवर में 152 रन ही बना सकी।
फुटबॉलर टोनी डोवाली फार्मासिस्ट का काम संभाल रहे
कोरोना के वॉरियर्स में स्पेन के फुटबॉल खिलाड़ी टोनी डोवाली भी शामिल हैं। वे कुछ दिन के लिए खेल से दूर हो गए हैं। 29 साल के टोनी थाई क्लब से खेलते हैं। देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामले के बाद वे अब फार्मासिस्ट का काम संभाल रहे हैं। उन्होंने चार साल पहले फार्मासिस्ट का कोर्स पूरा किया था। उन्होंने कहा कि यह काम मेरे लिए अभी महत्वपूर्ण है।
इंग्लैंड टीम की कप्तान हीदर नाइट एनएचएस में वॉलेंटियर बनीं
इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हीदर नाइट ने लोगों को कोरोना से बचाने के लिए बतौर वॉलेंटियर नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) में शामिल हुई हैं। हीदर ने टीम के लिए 7 टेस्ट, 101 वनडे और 74 टी-20 खेले हैं। पिछली बार इंग्लैंड टीम हीदर की कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंची थी।
अमेरिका में निशुल्क ऑनलाइन योग कक्षाएं शुरू करेगा भारतीय दूतावास
वाशिंगटन : वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के कारण घरों में रहने को मजबूर लाखों अमेरिकियों को ‘‘स्वस्थ’’ और ‘‘खुश’’ रखने के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन योग कक्षाएं देने की घोषणा की है। देश में कोरोना वायरस से 1,100 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।
नि: शुल्क येाग कक्षा सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना शाम पांच बजे दी जाएगी। इसे भारतीय दूतावास के फेसबुक पेज के जरिए सीधे प्रसारित किया जाएगा।
दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘हमें 30 मार्च 2020 सोमवार से शाम पांच बजे के दौरान ऑनलाइन योग कक्षाएं देने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।
अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने ट्वीट किया, ‘‘घर से काम करते हुए लोगों को स्वस्थ और खुश रखने के लिए दूतावास की ओर से अच्छी पहल।’’
भारतीय दूतावास में भारतीय संस्कृति के शिक्षक मोक्षराज ऑनलाइन योग सिखाएंगे। भारतीय दूतावास ने यह घोषणा तब की है जब कुछ दिन पहले हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने कोरोना वायरस संबंधित घबराहट की दिक्कत दूर करने के लिए योग और ध्यान लगाने की सिफारिश की थी।
मशहूर अभिनेत्री निम्मी का निधन
मुम्बई : ‘‘आन’’,‘‘ बरसात’’और ‘‘दीदार’’ जैसी हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी 1950 और 60 के दशक की मशहूर अभिनेत्री निम्मी का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थी। उनके परिवार के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अभिनेत्री को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद उपनगरीय जुहू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी शाम को मृत्यु हुई।
निम्मी का बृहस्पतिवार को मुंबई में अंतिम संस्कार किया जायेगा।
उनका असली नाम नवाब बानो था और निम्मी नाम फिल्म निर्माता राज कपूर ने दिया था जिन्होंने एक अंदाज फिल्म के सेट पर एक शर्मीली किशोरी के रूप में निम्मी को पहली बार देखा।
कोरोना वॉरियर का काम कर रहा आतंकियों का पता लगाने वाला सिस्टम
आइसोलेशन से भागने वाले आधे घंटे में हो रहे ट्रेस
श्रीनगर : इटली से आने वाला एक शख्स किसी दूसरी जगह से होते हुए पहले नई दिल्ली पहुंचता है फिर वह दिल्ली से जम्मू आने के लिए ट्रेन पकड़ता है। इसके बाद रेलवे स्टेशन से घर आने के लिए कैब का सहारा लेता है। वह यह सब अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने के लिए करता है ताकि वह 14 दिन के क्वारैंटाइन पीरियड से बच सके। लेकिन, वह पकड़ा जाता है। एक और केस है। दो भाई हैं। दोनों बांग्लादेश के एक ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हैं। एक फ्लाइट से आता है। वह चेकिंग स्टॉफ को अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताता है और क्वारैंटाइन कर दिया जाता है। दूसरा भाई सड़क का रास्ता पकड़कर सीधे घर पहुंच जाता है और घर की बनी मिठाईयों का स्वाद ले रहा होता है। कोई समझदार पड़ोसी कंट्रोल रूम में कॉल करता है। टीम पहुंचती है और उस शख्स में कोरोनावायरस के लक्षणों की पहचान होती है। आखिर में उसे आइसोलेट कर ही दिया जाता है।
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर शाहिद चौधरी ट्वीट के जरिए विदेश यात्रा कर वापस अपने घर लौटने वाले और ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले कश्मीरियों को चेतावनी दे रहे हैं। रविवार को एक के बाद एक कई ट्वीट के जरिए शहीद ये बताना चाह रहे थे कि लोग चाहे ट्रैवल हिस्ट्री छिपा लें, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और लोगों की समझदारी से वे बच नहीं सकते। दरअसल, इन दिनों विदेशों में पढ़ाई या नौकरी कर रहे कश्मीरी कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण घर लौट रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो यूं ही विदेश घूम कर आए हैं। ये लोग क्वारैंटाइन होने से बचने के लिए अपनी विदेश यात्रा की पूरी जानकारी साझा नहीं करते, क्योंकि सरकार विदेश यात्रा करने वाले हर शख्स की गहन जांच और इसके बाद थोड़े भी लक्षण मिलने वाले को क्वारैंटाइन कर रही है। ऐसे में ये कश्मीरी अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाकर चुपचाप अपने घर पहुंच रहे हैं।
शाहिद अपने लगातार ट्वीट में ऐसे कई लोगों का जिक्र करते हैं। वे एक ट्वीट में लिखते हैं, “चार शख्स मारिशस, दुबई और कजाकिस्तान की यात्रा कर लौटे हैं, लेकिन वे अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताना नहीं चाहते। हालांकि, हमारी आईटी टीम इसका पता लगा लेती है।” तंज के लिहाज से वे आगे लिखते हैं,”हे मेरे स्वास्थ्य संगठन के गाइडलाइन्स वाले दोस्त, क्या आप मुझे प्रवचन जैसा कुछ भेज सकते हैं ताकि मैं ऐसे लोगों को समझा पाऊं?”
ट्विटर पर शाहिद इस तरह के लोगों से यही निवेदन करते पाए गए कि इस महामारी की गंभीरता को समझें। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन को सही जानकारी दें। वे लिखते हैं, “यकीन कीजिए अगर मैं रोज इस तरह के लोगों की जानकारी साझा करूंगा तो कश्मीर में कोई सो भी नहीं पाएगा। अपने अहंकार को एकतरफ रखें, समस्या को बढ़ाने की बजाय मिलजुल कर काम करें और एकदूसरे की मदद करें। जो अभी चल रहा है वो तीसरे विश्वयुद्ध से कम नहीं है। यह खत्म हो जाए तो हम अपनी बाकी समस्याओं को आपस में निपटाते रहेंगे।”
पिछले हफ्ते हजारों की संख्या में लोग कश्मीर लौटे हैं। ज्यादातर को क्वारैंटाइन किया गया है। इनकी भी दो तरह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आ रही हैं। कुछ लोग व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिख रहे हैं तो कुछ क्वारैंटाइन रूम्स को जर्जर बता रहे हैं और यह भी लिख रहे हैं कि उन्हें कई लोगों के साथ रखा जा रहा है।
श्रीनगर प्रशासन ने इस तरह की आलोचनाओं को खारिज करते हुए 65 बेहद अच्छे होटलों और सरकारी आवासों को अपने नियंत्रण में लिया है। इनमें बाहरी देशों से श्रीनगर में वापस आने वाले नागरिकों के लिए और कोरोना संक्रमित किसी मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को क्वारैंटाइन किया जा रहा है। सभी होटल लगभग तीन सितारा हैं। सरकारी आवासों में भी सभी सुविधाएं बेहतर हैं।
अपने एक ट्वीट में शाहिद चौधरी होटल मालिकों को धन्यवाद भी देते हैं। वे शहंशाह होटल के मालिक सुहैल बुखारी और जोस्टल होटल के मालिक इनर्शाद को शुक्रिया कहते हुए लिखते हैं, “सुहैल बुखारी ने अपनी 48 कमरों वाले आलीशन होटल की चाबियां हमें सौंपी हैं।” “इनर्शाद जी के लिए तालियां बजाइये, उन्होंने मदद के लिए पूरा होटल हमें सौंप दिया है।”
गुरुवार से शनिवार तक श्रीनगर लौटने वाले कुल 1166 लोगों को इस तरह ही 20 होटलों में क्वारैंटाइन किया गया है। कश्मीर में सुरक्षा बल हमेशा आतंकी खतरों से निपटने के लिए सतर्क रहते हैं। लोगों की आवाजाही का पता लगाने के लिए यहां इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम हैं। यह नेटवर्क उन लोगों से निपटने के लिए भी काम आ रहा है जो इन आइसोलेशन सेंटर से भाग रहे हैं। पिछले शनिवार को ही ऐसे 3 पीएचडी स्कॉलर्स जो बिना बताए क्वारैंटाइन सेंटर से गायब हो गए थे, उन्हें पकड़ लिया गया और एग्जामिनेशन के लिए हेल्थ सेंटर में डाल दिया गया। ये तीनों अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र थे, जो 18 मार्च को ही यूएई से लौटे थे। इन्हें यूनिवर्सिटी में ही क्वारैंटाइन किया गया था, लेकिन ये भागकर कश्मीर आ गए।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से यह जानकारी जम्मू-कश्मीर प्रशासन को मिली और फिर प्रशासन ने फटाफट एक्शन लेते हुए इन तीनों को अनंतनाग और बारामुला जिले के इनके गांवों से पकड़ लिया। अनंतनाग एसएसपी संदीप चौधरी कहते हैं, “अलीगढ़ से कश्मीर में हुए इनके मूवमेंट पर पुलिस सतर्क थी। अनंतनाग के गांव में एक स्कॉलर 3 बजे पहुंचा और हमने एक घंटे के अंदर उसे पकड़ लिया। बाकी बारामुला जिले के 2 स्कॉलर भी तुरंत पकड़ लिए गए।” इसके बाद तीनों को मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए हेल्थ सेंटर में भेज दिया गया।
रविवार को ही प्रशासन ने सर्विलांस टीम और लोगों की मदद से ऐसे 29 लोगों को ट्रेस किया था। शाहिद चौधरी ने एक ट्वीट में ऐसे लोगों की जानकारी देने वाले लोगों को धन्यवाद कहते हुए लिखा था, “कंट्रोल रूम में कॉल करने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मेडिकल, आईटी और सर्विलांस टीम ने आज 29 लोगों को ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की। ये लोग बैंकाक, यूके, दुबई, बांग्लादेश, कजाकिस्तान जैसे देशों से आए थे और ट्रैवल हिस्ट्री छिपाकर और रूट बदल कर मेडिकल टीम से बच निकले थे।”
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है। हाल ही में श्रीनगर एयरपोर्ट पर बांग्लादेश से आए कुछ मेडिकल स्टूडेंट्स ने क्वारैंटाइन किए जाने का विरोध किया था और फर्जी आईडी दिखाकर इस प्रक्रिया से बचने की कोशिश की थी। कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पीके पोल ने इस पर कहा था कि प्रक्रिया का उल्लंघन करने वालों को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। जो भी शख्स नियमों का पालन नहीं करेगा, उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दक्षिण भारत में रामनवमी पर होता है भगवान राम और सीता का विवाह
चैत्र माह के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को रामनवमी यानी श्रीराम जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व पूरे देश में मनाया जाता है। इस बार ये त्योहार 2 अप्रैल गुरुवार यानी आज है। जहां एक ओर उत्तर भारत में इस दिन को भगवान राम के जन्मोत्सव पर्व के रूप में मनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में ये उत्सव श्रीराम और सीता के विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यहां ऐसी मान्यता है कि चैत्र माह की नवमी को भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था।
कल्याणम महोत्सव
दक्षिण भारत के मंदिरों में इस दिन राम और सीता की शादी का आयेाजन किया जाता है, इसे सीताराम कल्यानम कहा जाता है। दक्षिण भारत में इस पर्व पर आंध्रप्रदेश के भद्राचलम स्थित श्रीराम मंदिर में कल्याण महोत्सवम होता है। जिसमें भगवान राम और माता सीता का विवाह करवाया जाता है।
कल्यानम पर बनता है विशेष प्रसाद
- दक्षिण भारत में इस दिन भगवान राम को प्रसाद चढ़ाया जाता है। इस पारंपरिक प्रसाद को इस विशेष दिन पर विनम्रता से तैयार कि या जाता है। इस प्रसाद को नैवेद्यम कहते हैं, जो एक प्रकार का लड्डू होता है।
- इसके अलावा भी दक्षिण भारत में कई अन्य प्रकार के प्रसाद जैसे पानकम् (इलायची और अरदक से बना एक शीतल पेय), नीर मोर (एक प्रकार का पतला तिल) और वदई पररूपु (मूंग की भीगी दाल में नारियल और मसाले डालकर बनाया गया सलाद ) का भोग भी भगवान राम को लगाया जाता है।
(साभार – दैनिक भास्कर)
बच्चे ने पॉकेट मनी से इकट्ठा किए हुए 3 हजार रुपए क्वारेंटाइन सेंटर को दिए
लद्दाख के सांसद बोले- सलाम है
कोरोनावायरस से खौफ की खबरों के लिए लद्दाख के मोहम्मद कुमैल ने मिसाल पेश की है। मोहम्मद सोहेल ने अपनी पॉकेट मनी से बचाए तीन हजार रुपए क्वारेंटाइन सेंटर को दिए हैं। यह जानकारी लद्दाख के भाजपा सांसद जांयांग सेरिंग नामग्याल ने ट्विटर पर साझा की है। सोशल मीडिया पर लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं।
भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने इसे दिल को छू लेने वाला काम बताया। उन्होंने लिखा, मैं इन्हें सलाम करता हूं। ट्वीट करने के लिए 4 घंटे के अंदर पोस्ट को ढाई हजार लोगों ने लाइक किया। 426 यूजर ने री-ट्वीट किया और 54 लोगों ने कमेंट किया है।
इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने बॉलीवुड की हस्तियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने सोनम कपूर और स्वरा भास्कर को टैग करते हुए लिखा, इस रकम की ओर एक बार देखिए जो लोग अपने देश को दे रहे हैं और आप लोग छुटि्टयां मनाइए।
आईआईटी दिल्ली ने बनाया 99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया मारने वाला कपड़ा
आईआईटी दिल्ली ने ऐसा कपड़ा तैयार किया है, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खुद खत्म कर देगा। इस कपड़े को कोरोना जैसे जानलेवा वारयस को मारने के लिए तैयार किया है, जो छूने से ही एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलते हैं। कपड़े पर बैक्टीरिया मारने के सभी टेस्ट सफल हो चुके हैं। हालांकि, फाइनल टेस्ट के लिए कपड़े का सैंपल एंटी वायरल लैब में भेजा जाएगा। जहां कोरोनावायरस से कपड़े के सैंपल का टेस्ट किया जाएगा।
अस्पताल में इंफेक्शन से बचाएगा
ये कपड़ा अस्पताल में होने वाले इंफेक्शन से बचाएगा। बैक्टीरिया मारने वाला कपड़े का फॉर्मूला ईजाद करने वाले टीम में वैज्ञानिक प्रोफेसर सम्राट मुखोपाध्याय, आईआईटी दिल्ली के पूर्व बीटेक छात्र यति गुप्ता, दिल्ली एम्स के कुछ डॉक्टर भी शामिल हैं। प्रोफेसर सम्राट मुखोपाध्याय ने बताया कि इसे फेबियोसिस इनोवेशन स्टार्टअप ने तैयार किया है।
कपड़े पर की गयी है केमिकल की कोटिंग
बैक्टीरिया से टेस्टिंग में पाया गया कि यह कपड़ा 99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया को मार देता है। इसकी खूबी यह है कि 30 बार धोने पर भी बैक्टीरिया इंफेक्शन प्रूफ फेब्रिक काम रहता है।
कपड़े पर कोटिंग पैडिंग मैंगल इंन्स्ट्रूमेंट से केमिकल की कोटिंग की गई है। इस प्रक्रिया में दो रोलर से कपड़ा जाता है। फिर कैमिकल में डुबाया जाता है। इसके बाद यह कपड़ा फिर दो रोलर से गुजरता है। यहां कपड़े पर जरूरत से ज्यादा लगा कैमिकल प्रेशर से निकाल दिया जाता है।
टीम के मुताबिक हमने टेस्टिंग में दो प्रकार के कपड़े इस्तेमाल किए हैं। वह है- काटन और कॉटन पॉलिएस्टर ब्लैंड। इस पर हम लोग साढ़े तीन साल से काम कर रहे हैं। इस इनोवेशन का पेटेंट हो चुका है।
निर्माण का ट्रायल जारी
यति गुप्ता के मुताबिक, हम इसे दिल्ली एनसीआर रीजन में बड़े स्केल पर मैन्युफैक्चरिंग कराने का ट्रायल कर रहे हैं। एम्स के साथ मिलकर यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके अलावा कुछ बड़े हॉस्पिटल के साथ मिलकर ट्रायल कराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रोजेक्ट की फंडिंग एचआरडी मिनिस्ट्री और साइंस-टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने की है।




