Friday, October 16, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 541

श्रीरामरक्षा स्तोत्र का संस्कृत पाठ

ॐ अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः। श्री सीतारामचंद्रो देवता । अनुष्टुप्‌ छंदः। सीता शक्तिः। श्रीमान हनुमान्‌ कीलकम्‌ । श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः।

अथ ध्यानम्‌:
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्‌ । वामांकारूढसीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालंकार दीप्तं दधतमुरुजटामंडलं रामचंद्रम ।
चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्‌ ।
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्‌ ॥1॥
ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्‌ ।
जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमंडितम्‌ ॥2॥
सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तंचरांतकम्‌ ।
स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम्‌ ॥3॥
रामरक्षां पठेत्प्राज्ञः पापघ्नीं सर्वकामदाम्‌ ।
शिरो मे राघवः पातु भालं दशरथात्मजः ॥4॥
कौसल्येयो दृशौ पातु विश्वामित्रप्रियः श्रुती ।
घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सलः ॥5॥
जिह्वां विद्यानिधिः पातु कण्ठं भरतवंदितः ।
स्कंधौ दिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः ॥6॥
करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित्‌ ।
मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रयः ॥7॥
सुग्रीवेशः कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभुः ।
उरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्‌ ॥8॥
जानुनी सेतुकृत्पातु जंघे दशमुखान्तकः ।
पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः ॥9॥
एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्‌ ।
स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्‌ ॥10॥
पातालभूतलव्योमचारिणश्छद्मचारिणः ।
न दृष्टुमति शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः ॥11॥
रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्‌ ।
नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति ॥12॥
जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाऽभिरक्षितम्‌ ।
यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः ॥13॥
वज्रपंजरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्‌ ।
अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमंगलम्‌ ॥14॥
आदिष्टवान्यथा स्वप्ने रामरक्षामिमां हरः ।
तथा लिखितवान्प्रातः प्रबुद्धो बुधकौशिकः ॥15॥
आरामः कल्पवृक्षाणां विरामः सकलापदाम्‌ ।
अभिरामस्रिलोकानां रामः श्रीमान्स नः प्रभुः ॥16॥
तरुणौ रूप सम्पन्नौ सुकुमारौ महाबलौ ।
पुण्डरीकविशालाक्षौ चीरकृष्णाजिनाम्बरौ ॥17॥
फलमूलाशिनौ दान्तौ तापसौ ब्रह्मचारिणौ ।
पुत्रौ दशरथस्यैतौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ ॥18॥
शरण्यौ सर्र्र्वसत्त्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम्‌ ।
रक्षःकुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघूत्तमौ ॥19॥
आत्तसज्जधनुषाविषुस्पृशावक्षयाशुगनिषंगसंगिनौ ।
रक्षणाय मम रामलक्ष्मणावग्रतः पथि सदैव गच्छताम्‌ ॥20॥
सन्नद्धः कवची खड्गी चापबाणधरो युवा ।
गच्छन्मनोरथान्नश्च रामः पातु सलक्ष्मणः ॥21॥
रामो दाशरथिः शूरो लक्ष्मणानुचरो बली ।
काकुत्स्थः पुरुषः पूर्णः कौसल्येयो रघूत्तमः ॥22॥
वेदान्तवेद्यो यज्ञेशः पुराणपुरुषोत्तमः ।
जानकीवल्लभः श्रीमानप्रमेयपराक्रमः ॥23॥
इत्येतानि जपन्नित्यं मद्भक्तः श्रद्धयाऽन्वितः ।
अश्वमेधाधिकं पुण्यं सम्प्राप्नोति न संशयः ॥24॥
रामं दूवार्दलश्यामं पद्माक्षं पीतवाससम्‌ ।
स्तुवन्ति नामभिर्दिव्यैर्न ते संसारिणो नराः ॥25॥
रामं लक्ष्मणपूर्वजं रघुवरं सीतापतिं सुन्दरं
काकुत्स्थं करुणार्णवं गुणनिधिं विप्रप्रियं धार्मिकम्‌ ।
राजेन्द्रं सत्यसंधं दशरथतनयं श्यामलं शान्तमूर्तिं
वन्दे लोकाभिरामं रघुकुलतिलकं राघवं रावणारिम्‌ ॥26॥
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे ।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥27॥
श्रीराम राम रघुनन्दनराम राम
श्रीराम राम भरताग्रज राम राम ।
श्रीराम राम रणकर्कश राम राम
श्रीराम राम शरणं भव राम राम ॥28॥
श्रीरामचन्द्रचरणौ मनसा स्मरामि
श्रीरामचन्द्रचरणौ वचंसा गृणामि ।
श्रीरामचन्द्रचरणौ शिरसा नमामि
श्रीरामचन्द्रचरणौ शरणं प्रपद्ये ॥29॥
माता रामो मत्पिता रामचन्द्रः
स्वामी रामो मत्सखा रामचन्द्रः ।
सर्वस्वं मे रामचन्द्रो दयलुर्नान्यं
जाने नैव जाने न जाने ॥30॥
दक्षिणे लक्ष्मणो यस्य वामे तु जनकात्मजा ।
पुरतो मारुतिर्यस्य तं वंदे रघुनन्दनम्‌ ॥31॥
लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम ।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचंद्रं शरणं प्रपद्ये ॥32॥
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्‌ ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥33॥
कूजन्तं राम रामेति मधुरं मधुराक्षरम्‌ ।
आरुह्य कविताशाखां वन्दे वाल्मीकिकोकिलम्‌ ॥34॥
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्‌ ।
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्‌ ॥35॥
भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्‌ ।
तर्जनं यमदूतानां राम रामेति गर्जनम्‌ ॥36॥
रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रामेशं भजे
रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः ।
रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहं
रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥37॥
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥38॥
॥ श्री बुधकौशिकविरचितं श्रीरामरक्षास्तोत्रं सम्पूर्ण ॥
(साभार – वेबदुनिया)

रामायण के वे तथ्य जो जो बहुत कम जानते हैं आप

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्रभावशाली चरित्र पर कई भाषाओं में ग्रंथ लिखे गए हैं। लेकिन मुख्यतः दो ग्रंथ प्रमुख हैं। जिनमें पहला ग्रंथ महर्षि वाल्मीकि द्वारा ‘रामायण’ इस पवित्र ग्रंथ में 24 हजार श्लोक, 500 उपखंड, तथा 7 कांड है। दूसरा ग्रंथ गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है जिसका नाम ‘श्री रामचरित मानस’ है। इनमें महर्षि वाल्मीकि की रामायण को सबसे सटीक और प्रामाणिक माना जाता है। लेकिन श्रीराम के बारे में कुछ ऐसी बातें हैं जिनका विवरण श्रीरामचरितमानस या अन्य रामायण में नहीं है। इनका विस्तृत विवरण केवल वाल्मीकि कृत रामायण में है।
रामकथा का पहला उपलब्ध आख्यान वाल्मीकि रामायण को माना जाता है। यद्यपि रामकथा का सर्व-स्वीकार्य काल निर्धारण नहीं किया जा सका है तथापि माना जाता है कि राम-सीता का विवाह 7307 ईस्वी-पूर्व (अर्थात् आज से 9324 वर्ष पूर्व) हुआ। यूरोपीय इतिहासकारों के अनुसार वाल्मीकि रामायण की रचना का काल ईसा से 5वीं शताब्दी पूर्व से लेकर ईसा से पहली शताब्दी तक माना जाता है (अर्थात् वर्तमान समय से 2500 वर्ष पूर्व से लेकर 2100 वर्ष पूर्व के बीच)।
1. रामायण के अनुसार राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए पुत्रेष्ठि यज्ञ करवाया था। इस यज्ञ को मुख्य रूप ऋषि ऋष्यश्रृंग ने संपन्न किया था। ऋष्यश्रृंग के पिता का नाम महर्षि विभाण्डक था। एक दिन जब वे नदी में स्नान कर रहे थे तब नदी में उनका वीर्यपात हो गया। उस जल को एक हिरणी ने पी लिया था, जिसके फलस्वरूप ऋषि ऋष्यश्रृंग का जन्म हुआ था।
2. हिंदू धर्म में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं की मान्यता है, जबकि रामायण के अरण्यकांड के चौदहवे सर्ग के चौदहवे श्लोक में सिर्फ तैंतीस देवता ही बताए गए हैं। ग्रंथ के अनुसार बारह आदित्य, आठ वसु, ग्यारह रुद्र और दो अश्विनी कुमार, ये ही कुल तैंतीस देवता हैं।
3. महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित ‘रामायण’ में सीता स्वयंवर का वर्णन नहीं है। रामायण के अनुसार भगवान राम व लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुंचे, तब विश्वामित्र ने ही राजा जनक से श्रीराम को वह शिवधनुष दिखाने के लिए कहा। तब भगवान श्रीराम ने उस धनुष को उठा लिया और प्रत्यंचा चढ़ाते समय वह टूट गया। राजा जनक ने यह प्रण किया था कि जो भी इस शिव धनुष को उठा लेगा, उसी से वे अपनी पुत्री सीता का विवाह कर देंगे।
4. विश्वविजय के दरम्यान जब रावण स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे रंभा नाम की अप्सरा दिखाई दी। रावण ने उसे पकड़ लिया। तब रंभा ने कहा कि आप मुझे इस तरह से स्पर्श न करें, मैं आपके बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर के लिए हूं। इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू हूं, लेकिन रावण नहीं माना और उसने रंभा से दुराचार किया। यह बात जब नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को श्राप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसे स्पर्श करेगा तो उसके सिर के सौ टुकड़े हो जाएंगे।
5. जिस समय भगवान श्रीराम वनवास गए, उस समय उनकी आयु लगभग 27 वर्ष थी। राजा दशरथ श्रीराम को वनवास नहीं भेजना चाहते थे, लेकिन वे वचनबद्ध थे। जब श्रीराम को रोकने का कोई उपाय नहीं सूझा तो उन्होंने श्रीराम से यह तक कह दिया था कि हे राम तुम मुझे बंदी बनाकर स्वयं राजा बन जाओ।
6. प्रभु राम के भाई लक्ष्मण ने रावण की बहन शूर्पणखा के नाक-कान काटे जाने से क्रोधित होकर ही रावण ने सीता का हरण किया था, लेकिन स्वयं शूर्पणखा ने भी रावण का सर्वनाश होने का शाप दिया था। दरअसल शूर्पणखा के पति का नाम विद्युतजिव्ह था। वो कालकेय नाम के राजा का सेनापति था। रावण जब विश्वयुद्ध पर निकला तो कालकेय से उसका युद्ध हुआ। उस युद्ध में रावण ने विद्युतजिव्ह का वध कर दिया। तब शूर्पणखा ने मन ही मन रावण को शाप दिया कि मेरे ही कारण तेरा सर्वनाश होगा।
7. जिस दिन रावण सीता का हरण कर अपनी अशोक वाटिका में लाया। उसी रात को भगवान ब्रह्मा के कहने पर देवराज इंद्र माता सीता के लिए खीर लेकर आए, पहले देवराज ने अशोक वाटिका में उपस्थित सभी राक्षसों को मोहित कर सुला दिया। उसके बाद माता सीता को खीर अर्पित की, जिसके खाने से सीता की भूख-प्यास शांत हो गई।
8. सीताहरण करते समय जटायु नामक गिद्ध ने रावण को रोकने का प्रयास किया था। रामायण के अनुसार जटायु के पिता अरुण हैं। ये अरुण ही भगवान सूर्यदेव के रथ के सारथी हैं।
9. जब भगवान राम और लक्ष्मण वन में सीता की खोज कर रहे थे। उस समय कबंध नामक राक्षस का प्रभु राम-लक्ष्मण ने वध कर दिया। वास्तव में कबंध एक शाप के कारण राक्षस बन गया था। जब श्रीराम ने उसके शरीर को अग्नि में समर्पित किया तो वह शाप से मुक्त हो गया। कबंध ने ही श्रीराम को सुग्रीव से मित्रता करने के लिए कहा था।
10. जब काफी समय तक राम-रावण का युद्ध चलता रहा तब अगस्त्य मुनि ने श्रीराम से आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करने को कहा, जिसके प्रभाव से भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया।
लक्ष्मण रेखा का सत्य 
वाल्मीकि रामायण में कहीं भी लक्ष्मण रेखा का जिक्र नहीं हुआ है । राम के रूप में मारीच द्वारा बचाओ बचाओ की आवाज लगाने पर सीता माता लक्ष्मण को भेजती है और लक्ष्मण परिणाम स्वरूप रावण झोंपड़ी को ही उठाकर ले गया। इस संभावना को तब बल मिलता है जब आप कंब रामायण के कुछ प्रसंगों को देखेंगे। कंब रामायण में रावण के सीता की झोंपड़ी को उठाकर ले जाने का विस्तृत प्रसंग है।
 वाल्मीकि लिखते हैं –
”रक्षन्तु त्वाम…पुनरागतः ” [श्लोक-३४,अरण्य काण्ड , पञ्च चत्वाविंशः ]
 लक्ष्मण कहते हैं कि ‘वन के संपूर्ण देवता आपकी रक्षा करें क्योंकि इस समय मेरे सामने भयंकर अपशकुन प्रकट हो रहे हैं। क्या मैं श्रीराम चंद्र के साथ लौटकर आपको सकुशल देख पाउंगा। यहाँ कहीं नही लिखा कि राम की रक्षा हेतू जाते वक्त लक्ष्मण ने सीता के लिए कोई रेखा खींची।
रामचरित मानस में क्या लिखा है?
तुलसीदास रचित राम चरित मानस में भी कहीं नहीं कहा गया है कि लक्ष्मण ने कोई रेखा खींची।
”मरम वचन जब सीता बोला , हरी प्रेरित लछिमन मन डोला !
बन दिसि देव सौपी सब काहू ,चले जहाँ रावण ससि राहु !” [पृष्ठ-५८७ अरण्य काण्ड ]
अर्थात सीता द्वारा मर्म वचन बोले जाने के बाद लखन सीता माता को वनदेवियों और दिशाओं आदि की निगरानी में छोड़कर चले गए।
किसने की लक्ष्मण रेखा की बात
जब वाल्मीकि रामायण और राम चरित मानस में लक्ष्मण रेखा का जिक्र नहीं है तो इस बात को बल कहां से मिला कि लक्ष्मण ने सीता को मर्यादा में रखने और बाहरी लोगों से सुरक्षित रखने के लिए कोई रेखा खींची थी। दरअसरल राम रावण युद्ध के समय मंदोदरी जरूर इस बात की तरफ इशारा करती है कि जो स्त्री मर्यादा के लिए खींची गई रेखा को पार करती है, वो इस तरह युद्ध का कारण बनती हैं। कृतिवास रामायण में इस बात का उल्लेख मिला है कि लक्ष्मण ने अपने बल के प्रयोग से झोपड़ी को अभिमंत्रित किया और जब रावण झोपड़ी में घुसने में नाकाम रहा तो गुस्से में पूरी झोंपड़ी ही उठाकर ले गया।
(साभार – वेबदुनिया, दैनिक भास्कर, प्रभासाक्षी)

आर एस एस के 80 से ज्यादा सरस्वती शिशु मंदिर में आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी

लखनऊ : कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ देश और प्रदेश की सरकारों के साथ कई स्वयंसेवी संगठन अपने स्तर से लोगों तक सहायता पहुंचा रहे हैं वहीं, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) भी आगे आया है. संघ की तरफ से लखनऊ के माधव सभागार में 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में 80 से ज्यादा सरस्वती शिशु मंदिर (Saraswati Shishu Mandir) और अन्य स्कूल-कॉलेजों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील करने की तैयारी है। यही नहीं, आरएसएस कम्युनिटी किचन भी स्थापित कर रहा है।

दरअसल, देश कोरोना के कारण एक बुरे दौर से गुजर रहा है। समाज के सारे लोग अपने-अपने तरीके से इसमें देश सेवा में लगे हुए हैं। इसी में देश के सबसे बड़े संगठन में से एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी कोरोना की महामारी से लड़ने के लिए सामने आ गया है। संघ के स्कूलों को क्वॉरेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील किया जा रहा है। प्रदेश के 80 से ज़्यादा सरस्वती शिशु मंदिर और अन्य चल रहे संगठनों के स्कूल-कॉलेजों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील करने की मंज़ूरी दी गयी है। यही नहीं संघ की तरफ़ से 2 कम्यूनिटी किचन भी तैयार करवाया गया हैं, जिसके ज़रिए हर रोज़ हज़ारों बेसहारा लोगों का पेट भरा जाएगा।

केजीएमयू और लोहिया के 40 डॉक्टर देंगे सेवा
लखनऊ के माधव सभागार पर एंबुलेंस की गाड़ियां और कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गयी है, जिससे जो भी लोग कोरोना से प्रभावित हैं, उन्हें जल्द से जल्द आइसोलेट किया जा सके। इन सेंटर पर मात्र सैनिटाइजर बेड कम्युनिटी किचन के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन की भी व्यवस्था है। इन आइसालेशन सेंटरों पर डॉक्टरों की भी टीम चौबीसों घंटे काम करेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज और लोहिया के क़रीब 40 डाॅक्टर समय-समय पर यहां आइसोलेट होने वाले मरीज़ों का इलाज करेंगे।

लोगों को महामारी से बचा रहे टीम को टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले जोगिंदर 

भारतीय टीम को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा अब लोगों को कोरोनावायरस से बचाने के लिए सड़क पर उतर आए हैं। वे हरियाणा पुलिस में हिसार में डीएसपी हैं। इस समय जोगिंदर लॉकडाउन का पालन कराने और कोरोना से बचाने के लिए लोगों को घर में रहने के लिए कह रहे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने उनके इस काम की तारीफ की और ट्विटर पर जोगिंदर की फोटो शेयर कर उन्हें असली हीरो बताया।
आईसीसी ने ट्वीट किया, ‘‘2007 में टी-20 वर्ल्ड कप के हीरो, 2020 में दुनिया के असली हीरो। क्रिकेट करियर के बाद एक पुलिसकर्मी के रूप में भारत के जोगिंदर शर्मा वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच अपना काम कर रहे हैं।’’ इससे पहले जोगिंदर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वे लोगों से घर में ही रहने का आग्रह कर रहे हैं। तेज गेंदबाज जोगिंदर ने देश के लिए 4 वनडे और इतने ही टी-20 खेले हैं।
वर्ल्ड कप फाइनल में जोगिंदर ने आखिरी ओवर में जिताया
2007 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी ओवर जोगिंदर ने ही डाला था। इस ओवर में पाकिस्तान को मैच जीतने के लिए 13 रन चाहिए थे और उसके 9 खिलाड़ी आउट हो चुके थे। जोगिंदर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 7 रन देकर आखिरी विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी। मैच में जोगिंदर ने 3.3 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट हासिल किए थे। इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 157 रन बनाए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान टीम 19.3 ओवर में 152 रन ही बना सकी।
फुटबॉलर टोनी डोवाली फार्मासिस्ट का काम संभाल रहे
कोरोना के वॉरियर्स में स्पेन के फुटबॉल खिलाड़ी टोनी डोवाली भी शामिल हैं। वे कुछ दिन के लिए खेल से दूर हो गए हैं। 29 साल के टोनी थाई क्लब से खेलते हैं। देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामले के बाद वे अब फार्मासिस्ट का काम संभाल रहे हैं। उन्होंने चार साल पहले फार्मासिस्ट का कोर्स पूरा किया था। उन्होंने कहा कि यह काम मेरे लिए अभी महत्वपूर्ण है।
इंग्लैंड टीम की कप्तान हीदर नाइट एनएचएस में वॉलेंटियर बनीं
इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हीदर नाइट ने लोगों को कोरोना से बचाने के लिए बतौर वॉलेंटियर नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) में शामिल हुई हैं। हीदर ने टीम के लिए 7 टेस्ट, 101 वनडे और 74 टी-20 खेले हैं। पिछली बार इंग्लैंड टीम हीदर की कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

अमेरिका में निशुल्क ऑनलाइन योग कक्षाएं शुरू करेगा भारतीय दूतावास

वाशिंगटन : वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के कारण घरों में रहने को मजबूर लाखों अमेरिकियों को ‘‘स्वस्थ’’ और ‘‘खुश’’ रखने के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन योग कक्षाएं देने की घोषणा की है। देश में कोरोना वायरस से 1,100 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।
नि: शुल्क येाग कक्षा सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना शाम पांच बजे दी जाएगी। इसे भारतीय दूतावास के फेसबुक पेज के जरिए सीधे प्रसारित किया जाएगा।
दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘हमें 30 मार्च 2020 सोमवार से शाम पांच बजे के दौरान ऑनलाइन योग कक्षाएं देने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।
अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने ट्वीट किया, ‘‘घर से काम करते हुए लोगों को स्वस्थ और खुश रखने के लिए दूतावास की ओर से अच्छी पहल।’’
भारतीय दूतावास में भारतीय संस्कृति के शिक्षक मोक्षराज ऑनलाइन योग सिखाएंगे। भारतीय दूतावास ने यह घोषणा तब की है जब कुछ दिन पहले हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने कोरोना वायरस संबंधित घबराहट की दिक्कत दूर करने के लिए योग और ध्यान लगाने की सिफारिश की थी।

मशहूर अभिनेत्री निम्मी का निधन

मुम्बई : ‘‘आन’’,‘‘ बरसात’’और ‘‘दीदार’’ जैसी हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी 1950 और 60 के दशक की मशहूर अभिनेत्री निम्मी का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थी। उनके परिवार के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अभिनेत्री को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद उपनगरीय जुहू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी शाम को मृत्यु हुई।
निम्मी का बृहस्पतिवार को मुंबई में अंतिम संस्कार किया जायेगा।
उनका असली नाम नवाब बानो था और निम्मी नाम फिल्म निर्माता राज कपूर ने दिया था जिन्होंने एक अंदाज फिल्म के सेट पर एक शर्मीली किशोरी के रूप में निम्मी को पहली बार देखा।

कोरोना वॉरियर का काम कर रहा आतंकियों का पता लगाने वाला सिस्टम

आइसोलेशन से भागने वाले आधे घंटे में हो रहे ट्रेस
श्रीनगर : इटली से आने वाला एक शख्स किसी दूसरी जगह से होते हुए पहले नई दिल्ली पहुंचता है फिर वह दिल्ली से जम्मू आने के लिए ट्रेन पकड़ता है। इसके बाद रेलवे स्टेशन से घर आने के लिए कैब का सहारा लेता है। वह यह सब अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने के लिए करता है ताकि वह 14 दिन के क्वारैंटाइन पीरियड से बच सके। लेकिन, वह पकड़ा जाता है। एक और केस है। दो भाई हैं। दोनों बांग्लादेश के एक ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हैं। एक फ्लाइट से आता है। वह चेकिंग स्टॉफ को अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताता है और क्वारैंटाइन कर दिया जाता है। दूसरा भाई सड़क का रास्ता पकड़कर सीधे घर पहुंच जाता है और घर की बनी मिठाईयों का स्वाद ले रहा होता है। कोई समझदार पड़ोसी कंट्रोल रूम में कॉल करता है। टीम पहुंचती है और उस शख्स में कोरोनावायरस के लक्षणों की पहचान होती है। आखिर में उसे आइसोलेट कर ही दिया जाता है।
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर शाहिद चौधरी ट्वीट के जरिए विदेश यात्रा कर वापस अपने घर लौटने वाले और ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले कश्मीरियों को चेतावनी दे रहे हैं। रविवार को एक के बाद एक कई ट्वीट के जरिए शहीद ये बताना चाह रहे थे कि लोग चाहे ट्रैवल हिस्ट्री छिपा लें, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और लोगों की समझदारी से वे बच नहीं सकते। दरअसल, इन दिनों विदेशों में पढ़ाई या नौकरी कर रहे कश्मीरी कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण घर लौट रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो यूं ही विदेश घूम कर आए हैं। ये लोग क्वारैंटाइन होने से बचने के लिए अपनी विदेश यात्रा की पूरी जानकारी साझा नहीं करते, क्योंकि सरकार विदेश यात्रा करने वाले हर शख्स की गहन जांच और इसके बाद थोड़े भी लक्षण मिलने वाले को क्वारैंटाइन कर रही है। ऐसे में ये कश्मीरी अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाकर चुपचाप अपने घर पहुंच रहे हैं।
शाहिद अपने लगातार ट्वीट में ऐसे कई लोगों का जिक्र करते हैं। वे एक ट्वीट में लिखते हैं, “चार शख्स मारिशस, दुबई और कजाकिस्तान की यात्रा कर लौटे हैं, लेकिन वे अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताना नहीं चाहते। हालांकि, हमारी आईटी टीम इसका पता लगा लेती है।” तंज के लिहाज से वे आगे लिखते हैं,”हे मेरे स्वास्थ्य संगठन के गाइडलाइन्स वाले दोस्त, क्या आप मुझे प्रवचन जैसा कुछ भेज सकते हैं ताकि मैं ऐसे लोगों को समझा पाऊं?”
ट्विटर पर शाहिद इस तरह के लोगों से यही निवेदन करते पाए गए कि इस महामारी की गंभीरता को समझें। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन को सही जानकारी दें। वे लिखते हैं, “यकीन कीजिए अगर मैं रोज इस तरह के लोगों की जानकारी साझा करूंगा तो कश्मीर में कोई सो भी नहीं पाएगा। अपने अहंकार को एकतरफ रखें, समस्या को बढ़ाने की बजाय मिलजुल कर काम करें और एकदूसरे की मदद करें। जो अभी चल रहा है वो तीसरे विश्वयुद्ध से कम नहीं है। यह खत्म हो जाए तो हम अपनी बाकी समस्याओं को आपस में निपटाते रहेंगे।”

पिछले हफ्ते हजारों की संख्या में लोग कश्मीर लौटे हैं। ज्यादातर को क्वारैंटाइन किया गया है। इनकी भी दो तरह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आ रही हैं। कुछ लोग व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिख रहे हैं तो कुछ क्वारैंटाइन रूम्स को जर्जर बता रहे हैं और यह भी लिख रहे हैं कि उन्हें कई लोगों के साथ रखा जा रहा है।

श्रीनगर प्रशासन ने इस तरह की आलोचनाओं को खारिज करते हुए 65 बेहद अच्छे होटलों और सरकारी आवासों को अपने नियंत्रण में लिया है। इनमें बाहरी देशों से श्रीनगर में वापस आने वाले नागरिकों के लिए और कोरोना संक्रमित किसी मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को क्वारैंटाइन किया जा रहा है। सभी होटल लगभग तीन सितारा हैं। सरकारी आवासों में भी सभी सुविधाएं बेहतर हैं।

अपने एक ट्वीट में शाहिद चौधरी होटल मालिकों को धन्यवाद भी देते हैं। वे शहंशाह होटल के मालिक सुहैल बुखारी और जोस्टल होटल के मालिक इनर्शाद को शुक्रिया कहते हुए लिखते हैं, “सुहैल बुखारी ने अपनी 48 कमरों वाले आलीशन होटल की चाबियां हमें सौंपी हैं।” “इनर्शाद जी के लिए तालियां बजाइये, उन्होंने मदद के लिए पूरा होटल हमें सौंप दिया है।”
गुरुवार से शनिवार तक श्रीनगर लौटने वाले कुल 1166 लोगों को इस तरह ही 20 होटलों में क्वारैंटाइन किया गया है। कश्मीर में सुरक्षा बल हमेशा आतंकी खतरों से निपटने के लिए सतर्क रहते हैं। लोगों की आवाजाही का पता लगाने के लिए यहां इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम हैं। यह नेटवर्क उन लोगों से निपटने के लिए भी काम आ रहा है जो इन आइसोलेशन सेंटर से भाग रहे हैं। पिछले शनिवार को ही ऐसे 3 पीएचडी स्कॉलर्स जो बिना बताए क्वारैंटाइन सेंटर से गायब हो गए थे, उन्हें पकड़ लिया गया और एग्जामिनेशन के लिए हेल्थ सेंटर में डाल दिया गया। ये तीनों अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र थे, जो 18 मार्च को ही यूएई से लौटे थे। इन्हें यूनिवर्सिटी में ही क्वारैंटाइन किया गया था, लेकिन ये भागकर कश्मीर आ गए।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से यह जानकारी जम्मू-कश्मीर प्रशासन को मिली और फिर प्रशासन ने फटाफट एक्शन लेते हुए इन तीनों को अनंतनाग और बारामुला जिले के इनके गांवों से पकड़ लिया। अनंतनाग एसएसपी संदीप चौधरी कहते हैं, “अलीगढ़ से कश्मीर में हुए इनके मूवमेंट पर पुलिस सतर्क थी। अनंतनाग के गांव में एक स्कॉलर 3 बजे पहुंचा और हमने एक घंटे के अंदर उसे पकड़ लिया। बाकी बारामुला जिले के 2 स्कॉलर भी तुरंत पकड़ लिए गए।” इसके बाद तीनों को मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए हेल्थ सेंटर में भेज दिया गया।

रविवार को ही प्रशासन ने सर्विलांस टीम और लोगों की मदद से ऐसे 29 लोगों को ट्रेस किया था। शाहिद चौधरी ने एक ट्वीट में ऐसे लोगों की जानकारी देने वाले लोगों को धन्यवाद कहते हुए लिखा था, “कंट्रोल रूम में कॉल करने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मेडिकल, आईटी और सर्विलांस टीम ने आज 29 लोगों को ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की। ये लोग बैंकाक, यूके, दुबई, बांग्लादेश, कजाकिस्तान जैसे देशों से आए थे और ट्रैवल हिस्ट्री छिपाकर और रूट बदल कर मेडिकल टीम से बच निकले थे।”
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है। हाल ही में श्रीनगर एयरपोर्ट पर बांग्लादेश से आए कुछ मेडिकल स्टूडेंट्स ने क्वारैंटाइन किए जाने का विरोध किया था और फर्जी आईडी दिखाकर इस प्रक्रिया से बचने की कोशिश की थी। कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पीके पोल ने इस पर कहा था कि प्रक्रिया का उल्लंघन करने वालों को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। जो भी शख्स नियमों का पालन नहीं करेगा, उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दक्षिण भारत में रामनवमी पर होता है भगवान राम और सीता का विवाह

चैत्र माह के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को रामनवमी यानी श्रीराम जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व पूरे देश में मनाया जाता है। इस बार ये त्योहार 2 अप्रैल गुरुवार यानी आज है। जहां एक ओर उत्तर भारत में इस दिन को भगवान राम के जन्मोत्सव पर्व के रूप में मनाया जाता  है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में ये उत्सव श्रीराम और सीता के विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यहां ऐसी मान्यता है कि चैत्र माह की नवमी को भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था।

कल्याणम महोत्सव
दक्षिण भारत के मंदिरों में इस दिन राम और सीता की शादी का आयेाजन किया जाता है, इसे सीताराम कल्यानम कहा जाता है। दक्षिण भारत में इस पर्व पर आंध्रप्रदेश के भद्राचलम स्थित श्रीराम मंदिर में कल्याण महोत्सवम होता है। जिसमें भगवान राम और माता सीता का विवाह करवाया जाता है।

कल्यानम पर बनता है विशेष प्रसाद

  • दक्षिण भारत में इस दिन भगवान राम को प्रसाद चढ़ाया जाता है। इस पारंपरिक प्रसाद को इस विशेष दिन पर विनम्रता से तैयार कि या जाता है। इस प्रसाद को नैवेद्यम कहते हैं, जो एक प्रकार का लड्डू होता है।
  • इसके अलावा भी दक्षिण भारत में कई अन्य प्रकार के प्रसाद जैसे पानकम् (इलायची और अरदक से बना एक शीतल पेय), नीर मोर (एक प्रकार का पतला तिल) और वदई पररूपु (मूंग की भीगी दाल में नारियल और मसाले डालकर बनाया गया सलाद ) का भोग भी भगवान राम को लगाया जाता है।

(साभार – दैनिक भास्कर)

बच्चे ने पॉकेट मनी से इकट्‌ठा किए हुए 3 हजार रुपए क्वारेंटाइन सेंटर को दिए

लद्दाख के सांसद बोले- सलाम है
कोरोनावायरस से खौफ की खबरों के लिए लद्दाख के मोहम्मद कुमैल ने मिसाल पेश की है। मोहम्मद सोहेल ने अपनी पॉकेट मनी से बचाए तीन हजार रुपए क्वारेंटाइन सेंटर को दिए हैं। यह जानकारी लद्दाख के भाजपा सांसद जांयांग सेरिंग नामग्याल ने ट्विटर पर साझा की है। सोशल मीडिया पर लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं।
भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने इसे दिल को छू लेने वाला काम बताया। उन्होंने लिखा, मैं इन्हें सलाम करता हूं। ट्वीट करने के लिए 4 घंटे के अंदर पोस्ट को ढाई हजार लोगों ने लाइक किया। 426 यूजर ने री-ट्वीट किया और 54 लोगों ने कमेंट किया है।
इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने बॉलीवुड की हस्तियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने सोनम कपूर और स्वरा भास्कर को टैग करते हुए लिखा, इस रकम की ओर एक बार देखिए जो लोग अपने देश को दे रहे हैं और आप लोग छुटि्टयां मनाइए।

आईआईटी दिल्ली ने बनाया 99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया मारने वाला कपड़ा

आईआईटी दिल्ली ने ऐसा कपड़ा तैयार किया है, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खुद खत्म कर देगा। इस कपड़े को कोरोना जैसे जानलेवा वारयस को मारने के लिए तैयार किया है, जो छूने से ही एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलते हैं। कपड़े पर बैक्टीरिया मारने के सभी टेस्ट सफल हो चुके हैं। हालांकि, फाइनल टेस्ट के लिए कपड़े का सैंपल एंटी वायरल लैब में भेजा जाएगा। जहां कोरोनावायरस से कपड़े के सैंपल का टेस्ट किया जाएगा।
अस्पताल में इंफेक्शन से बचाएगा
ये कपड़ा अस्पताल में होने वाले इंफेक्शन से बचाएगा। बैक्टीरिया मारने वाला कपड़े का फॉर्मूला ईजाद करने वाले टीम में वैज्ञानिक प्रोफेसर सम्राट मुखोपाध्याय, आईआईटी दिल्ली के पूर्व बीटेक छात्र यति गुप्ता, दिल्ली एम्स के कुछ डॉक्टर भी शामिल हैं। प्रोफेसर सम्राट मुखोपाध्याय ने बताया कि इसे फेबियोसिस इनोवेशन स्टार्टअप ने तैयार किया है।
कपड़े पर की गयी है केमिकल की कोटिंग
बैक्टीरिया से टेस्टिंग में पाया गया कि यह कपड़ा 99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया को मार देता है। इसकी खूबी यह है कि 30 बार धोने पर भी बैक्टीरिया इंफेक्शन प्रूफ फेब्रिक काम रहता है।
कपड़े पर कोटिंग पैडिंग मैंगल इंन्स्ट्रूमेंट से केमिकल की कोटिंग की गई है। इस प्रक्रिया में दो रोलर से कपड़ा जाता है। फिर कैमिकल में डुबाया जाता है। इसके बाद यह कपड़ा फिर दो रोलर से गुजरता है। यहां कपड़े पर जरूरत से ज्यादा लगा कैमिकल प्रेशर से निकाल दिया जाता है।
टीम के मुताबिक हमने टेस्टिंग में दो प्रकार के कपड़े इस्तेमाल किए हैं। वह है- काटन और कॉटन पॉलिएस्टर ब्लैंड। इस पर हम लोग साढ़े तीन साल से काम कर रहे हैं। इस इनोवेशन का पेटेंट हो चुका है।
निर्माण का ट्रायल जारी
यति गुप्ता के मुताबिक, हम इसे दिल्ली एनसीआर रीजन में बड़े स्केल पर मैन्युफैक्चरिंग कराने का ट्रायल कर रहे हैं। एम्स के साथ मिलकर यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके अलावा कुछ बड़े हॉस्पिटल के साथ मिलकर ट्रायल कराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रोजेक्ट की फंडिंग एचआरडी मिनिस्ट्री और साइंस-टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने की है।