परिवार से ली इजाजत
मुम्बई : जब वी मेट, रॉकस्टार, हाईवे और लव आज कल जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके फिल्ममेकर इम्तियाज अली जल्द ही बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला की जिन्दगी को पर्दे पर लेकर आने वाले हैं।हालांकि अभी तक यह तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वे मधुबाला पर फिल्म बना रहे हैं या वेबसीरीज। एशियन एज की एक खबर के मुताबिक, इम्तियाज ने मधुबाला पर बायोपिक बनाने के लिए अधिकार भी प्राप्त कर लिए हैं। फिल्म ‘बसंत’ से 14 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार से डेब्यू करने से लेकर फिल्म ‘नील कमल’ में राज कपूर के साथ काम करने तक मधुबाला की जिन्दगी को दर्शाया जाएगा। ऐसी थी मधुबाला की लाइफ : मधुबाला ने अपने 22 साल तक चले फिल्मी करियर में कुल 73 फिल्में कीं। जिनमें से किसी के लिए भी उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं मिला था। मुगल-ए-आजम के लिए भी उन्हें केवल नॉमिनेशन ही दिया गया था। फिल्म में उनके दिलीप कुमार से रिश्ते, किशोर कुमार से शादी और आखिरी वक्त के अकेलेपन को भी दिखाया जा सकता है। दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजियम में अगस्त 2017 में मधुबाला का वैक्स स्टेच्यू लगाया गया था। तभी से मधुबाला के जीवन पर बायोपिक बनाने की बातें चल रही थीं। बॉलीवुड के कई लोग बहन की लाइफ पर फिल्म के राइट्स पाने मधुर से अप्रोच कर रहे थे। मधुर का कहना था कि फिल्म में उनकी बहन की कहानी के साथ पूरा न्याय होना चाहिए, इसलिए वे इसे खूबसूरत अंदाज में बनाएंगी। मधुर ने कहा था कि मधुबाला के चाहने वाले और बॉलीवुड में काम करने वाले या फिर कोई और सिनेमा से जुड़े व्यक्ति मेरी बहन की बायोपिक या कोई और फिल्म, टीवी शो न बनाएं। खास तौर पर मेरी इजाजत के बिना तो बिलकुल नहीं। मधुर ने यह भी बताया था कि वे फिल्म को डायरेक्ट नहीं करेंगी। हालांकि वे चाहती हैं कि मधुबाला की बायोपिक उनका किरदार बॉलीवुड करीना कपूर खान निभाएं। खूबसूरती का दूसरा नाम मधुबाला की लाइफ के किस्से भी बेहद अजब-गजब हैं। मधुबाला ने दिलीप कुमार से ब्रेकअप के बाद किशोर कुमार से शादी की थी। लेकिन इस लव स्टोरी को पूरा करने किशोर कुमार ने इस्लाम अपनाया और वे अब्दुल करीम बन गए थे। मधुबाला बिमल रॉय की फिल्म ‘बिराज बहू’ में काम करना चाहती थीं, जिसमें रोल पाने उन्होंने बिमल दा के ऑफिस के कई चक्कर लगाए थे। लेकिन बिमल ने उन्हें कास्ट नहीं किया। 1954 में आई फिल्म बिराज बहू शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के बांग्ला उपन्यास पर बनी थीं।
अमेरिकन डायरेक्टर प्रैंक कैपरा मधुबाला को अपनी फिल्म् में कास्ट करना चाहते थे, लेकिन मधुबाला के पिता अताउल्ला खान ने इसके लिए मना कर दिया। पिता के कारण ही दिलीप कुमार और मधुबाला की प्रेमकहानी अधूरी रह गई।
मधुबाला का आखिरी वक्त बेहद तकलीफों भरा था, मधुबाला के शरीर में जरूरत से ज्यादा खून बनता था, जो उनके नाक और मुंह से बाहर आ जाता था। वहीं दिल में छेद के कारण मौत से पहले हडि्डयों की ढांचा रह गयी थीं।
इम्तियाज अली बनाएंगे मधुबाला की जिन्दगी पर फिल्म
केरल के स्कूलों में बजती है वॉटर बेल
ताकि बच्चों को पानी पीने की याद दिलाने के लिए घंटी
तिरुअनंतपुरम : केरल के सरकारी स्कूलों ने बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत बच्चों को पानी पिलाने के लिए वॉटर ब्रेक दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, इसके लिए दिन में तीन बार घंटी भी बजाई जा रही है। इसे वॉटर बेल का नाम दिया गया है। घंटी बजने पर स्कूल में सभी बच्चों को पानी पीना होता है। पहली घंटी सुबह 10.35 बजे बजती है। दूसरी घंटी दोपहर 12 बजे और तीसरी घंटी 2 बजे बजाई जाती है। यह वॉटर ब्रेक 15 से 20 मिनट का होता है। अब तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार केरल के इस तरीके को अपनाने लगी हैं। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने इस संबंध में प्रशासन को निर्देश भी दे दिए हैं।
स्वच्छ शौचालयों की कमी से लड़कियां पानी नहीं पीतीं
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पानी की कमी और डिहाइड्रेशन से कई बच्चे बीमार पड़ते हैं। इसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि खास तौर पर लड़कियां समय पर जरूरी मात्रा में पानी नहीं पीती हैं। हालांकि, लड़कियों के पानी नहीं पीने की दूसरी वजह स्कूलों में स्वच्छ शौचालयों की कमी भी है।
भारत में 700% बढ़कर 466 करोड़ रुपये हुआ नेटफ्लिक्स का राजस्व
मुनाफा भी 5.1 करोड़ रुपए तक पहुँचा
मुम्बई : दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स की भारतीय इकाई ने 2018-19 में 700% की विकास दर दर्ज की। कंपनी को यह सफलता भारतीय दर्शकों को ध्यान में रख कर बनाए गए देसी कंटेंट की वजह से मिली। नेटफ्लिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2018-2019 में 466.7 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया। साथ ही कंपनी को भारत में 5.1 करोड़ रुपए का लाभ भी हुआ। यह जानकारी कंपनी द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को दी गई सूचना से सामने आई। 2017-18 में कंपनी ने भारत में 58 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया था। तब उसे सिर्फ 20 लाख रुपये का फायदा हुआ था। इसमें उस वित्त वर्ष के सात महीनों के आंकड़े शामिल हैं।
2012 में भारत में 12 कंपनियां इस बिजनेस में थी, अब इनकी संख्या 39 हुई
कैलिफॉर्निया बेस्ड ओटीटी कंपनी नेटफ्लिक्स ने 2016 में भारतीय बाजार में एंट्री की थी। तब यह कदम इसके ग्लोबल रोलआउट का हिस्सा था। 2017 में कंपनी ने लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) के तहत रजिस्ट्रेशन कराया और भारतीय कंटेंट निर्माण की शुरुआत की। कंपनी क्षेत्रवार तरीके से कंटेंट निर्माण की लागत साझा नहीं करती है लिहाजा इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट पता कर पाना मुश्किल है।
देश में ऑनलाइन वीडियो देखने वाले 30 करोड़ दर्शक, 2023 तक 55 करोड़ हो जाएंगे
नेटफ्लिक्स की सफलता भारत डिजिटल वीडियो देखने वाले दर्शकों की तेजी से बढ़ती संख्या का भी योगदान है। अभी करीब 30 करोड़ लोग ऑनलाइन वीडियो कंटेंट देखते हैं। वित्त वर्ष 2023 तक यह आंकड़ा 55 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में अभी 39 कंपनियां वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस दे रही है। 2012 में इनकी संख्या महज 12 थी। भारत में नेटफ्लिक्स के पास कई प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की तुलना में अभी कम दर्शक हैं। सब्सक्रिप्शन चार्ज ज्यादा होने और स्थानीय कंटेंट कम होने के कारण ऐसा है।
अमेजन प्राइम का मासिक प्लान 129 रुपये में और सालाना प्लान 999 रुपये में उपलब्ध है। एपल टीवी प्लस का मासिक प्लान 99 रुपए में उपलब्ध है।
नेटफ्लिक्स का ऑल डिवाइस सब्सक्रिप्शन 500 रुपए से शुरू होता है। इसके तहत एक साथ अलग-अलग डिवाइस पर कंटेंट देखने की सुविधा नहीं मिलती है।
650 और 800 रुपये वाले प्लान में अलग-अलग डिवाइसों पर कंटेंट देखने का विकल्प मिलता है। कम्पनी ने 200 रुपए में मोबाइल ऑनली प्लान भी लॉन्च किया है।
प्रतिद्वंद्वी कंपनी हॉटस्टार का करीब तीन चौथाई मार्केट पर कब्जा है। इसका वीआईपी प्लान 365 रुपये सालाना और प्रीमियम प्लान 999 रुपए सालाना की दर पर उपलब्ध है। नेटफ्लिक्स क्षेत्रवार सब्सक्राइबर की संख्या जारी नहीं करती है। अनुमान के मुताबिक मार्च 2019 तक भारत में कंपनी के 10-12 लाख सब्सक्राइबर थे।
सेवानिवृत्त हुए सीजेआई रंजन गोगोई, अयोध्या समेत कई बड़े फैसलों के लिए याद किए जाएंगे
नयी दिल्ली : अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई अपने 13 महीने का कार्यकाल पूरा कर गत रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। बतौर जज और प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) उनका कार्यकाल कई बार विवादों में रहा लेकिन, उन्होंने इसे अपने न्यायिक काम के बीच आने नहीं दिया। चीफ जस्टिस गोगोई ने रविवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। इस दौरान उनकी पत्नी रूपांजलि गोगोई भी मौजूद थीं। रविवार सुबह मंदिर पहुंचने पर पुजारियों ने चीफ जस्टिस और उनकी पत्नी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पूजा अर्चना के बाद चीफ जस्टिस दिल्ली रवाना हो गए। सेवानिवृत्ति से करीब एक सप्ताह पहले सीजेआई गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने अयोध्या में दशकों पुराने भूमि विवाद का सफलतापूर्वक निपटारा किया। इसके साथ ही उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। पिछले साल जनवरी में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के कार्यकाल के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले चार जजों में जस्टिस गोगोई भी शामिल थे। इसके बाद एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि स्वतंत्र न्यायाधीश और शोरगुल वाले पत्रकार लोकतंत्र की रक्षा की पहली पंक्ति हैं।
सबरीमाला पर महिलाओं को दिया हक
चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने पिछले साल केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। पांच सदस्यीय पीठ के तीन जजों ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के हक में फैसला दिया था। इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है, जिसे अब संविधान पीठ के पास सुनवाई के लिए भेजा गया है।
केंद्र की मोदी सरकार को दी बड़ी राहत
चीफ जस्टिस गोगोई को लड़ाकू विमान राफेल की खरीद को लेकर मोदी सरकार को क्लीन चिट देने के लिए भी याद रखा जाएगा। विपक्ष ने इस रक्षा सौदे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की थी, जिसे गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने खारिज कर दिया था। असम से ताल्लुक रखने वाले गोगोई ने 3 अक्तूबर, 2018 को देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 13 महीने का था।
कम मेहनताने के विरोध में महिला फुटबॉल टीम ने 20 फीसदी कम लिखा गोल स्कोर
ब्राजील में महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने पुरुष खिलाड़ियों की तुलना में कम मेहनताना मिलने का अनोखे अंदाज में विरोध किया। इन खिलाड़ियों ने एक मैच के दौरान गोल स्कोर को 20 फीसदी कम करके दिखाया। जानकारी के अनुसार महिला खिलाड़ियों को पुरुष खिलाड़ियों की तुलना में 20 फीसदी कम मेहनताना मिलता है।
यह वाकया शनिवार को हुए पाओलिस्टा वूमेन्स चैंपियनशिप के फाइनल मैच में हुआ। इस मैच में साओ पाओलोस को कोरिंथियंस ने 3-0 के अंतर से हराया था। इस मैच का पहला गोल शुरू के पांचवें मिनट में विक्टोरिया अल्बुकर्क ने दागा था, जिसे 20 फीसदी कम करके स्कोर बोर्ड पर 0.8 दिखाया गया था।
मैच में मौजूद रहे 28 हजार से ज्यादा दर्शक
इसके बाद जूलियट ने दूसरा गोल किया, जिसके बाद स्कोर 1.6 दिखाया गया, वहीं तीसरे गोल के बाद स्कोर 2.4 दिखाया गया। इस मैच की दूसरी खास बात यह रही कि यहां 28,863 दर्शक मौजूद थे। ब्राजील में अब तक किसी भी महिला फुटबॉल मैच में इतने दर्शक नहीं आए थे।
उत्तपम खाकर बेहतर होगा नौनिहालों का स्वास्थ्य, यूनिसेफ का खास डायट प्लान
नयी दिल्ली : बच्चों की अच्छी सेहत के लिए यूनिसेफ (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) ने एक विशेष कदम उठाया है, इससे उनके स्वास्थ्य का स्तर बेहतर हो सकता है। दरअसल, यूनिसेफ ने व्यंजनों की एक किताब प्रस्तुत की है जिसका नाम ‘उत्तपम से लेकर अंकुरित दाल के पराठे’ है। यह किताब बताती है कि 20 रुपये से कम कीमत में तैयार हो जाने वाले पौष्टिक भोजन से बच्चों में कम वजन, मोटापा और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटा जा सकेगा।
पुस्तक में दिए गए सभी व्यंजनों की कैलोरी मात्रा के अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, विटामिन सी और कैल्शियम की मात्रा की विस्तृत जानकारी दी गई है। 28 पन्नों की इस किताब में ताजे भोजन और उसे बनाने में कुल खर्च को भी बेहतरीन तरीके से बताया गया है। यह पुस्तक समग्र राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण 2016-18 के निष्कर्षों पर आधारित है, इनके अनुसार पांच साल से कम उम्र के 35 फीसदी बच्चे कमजोर, 17 फीसदी बच्चे मोटापा से ग्रस्त और 33 फीसदी बच्चे सामान्य से कम वजन वाले होते जा रहे हैं। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 40 प्रतिशत किशोरियां और 18 प्रतिशत किशोर एनीमिया के शिकार हैं।
आलू के भरवां पराठे जैसे व्यंजनों की विधियां
इस किताब में बच्चों में कम वजन की समस्या से निपटने के लिए आलू के भरवां पराठे, पनीर काठी रोल और साबूदाना कटलेट जैसे व्यंजनों की विधियां दी गई हैं। वहीं मोटापा दूर करने के लिए अंकुरित दाल के पराठे, पोहा और सब्जियों वाले उपमा के सुझाव दिए गए हैं।
‘स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो किताब’
यूनिसेफ की प्रमुख हेनरीटा एच फोर ने कहा कि इस किताब का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि कौन सा खाद्य पदार्थ कितना पौष्टिक है। साथ ही इसे स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए और यदि क्षेत्रीय भाषाओं में इसका अनुवाद किया जाए तो इसे लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा।
छह महीने तक खराब नहीं होगा रसगुल्ला!
कोलकाता : रसगुल्लों के शौकीनों को अक्सर शिकायत रहती है कि उनकी प्रिय मिठाई जल्दी खराब हो जाती है। अब जादवपुर विश्वविद्यालय का फूड टेक्नोलॉजी विभाग इस समस्या को दूर करेगा। विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों की कोशिश है कि ऐसे खाद्य संरक्षक यानी फूड प्रिजर्वेटिव विकसित किए जाएं जिससे रसगुल्ला छह महीने तक खराब न हो। इसके लिए विभाग राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।
विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने बताया कि इस प्रकार के रसगुल्ले को मशीन से बनाया जाएगा। सरकार बताएगी कि ऐसे रसगुल्ले कब तक बाजार में आएंगे। उन्होंने बताया कि विभाग डायबिटिक रसगुल्ला बनाने की तकनीक विकसित करने का प्रयास कर रहा है। जिससे शुगर के मरीज भी इसका लुत्फ उठा सकें। गौरतलब है कि 14 नवंबर, 2017 को रसगुल्ले के लिए पश्चिम बंगाल को जीई टैग मिला था। इसके बाद राज्य सरकार ने 14 नवंबर, 2019 को रसगुल्ला दिवस मनाया था।
ऑटोमैटिक मशीन से बनेगा, शोध के बाद ही बिकेगा
राज्य के पशुधन विकास मंत्री स्वपन देबनाथ ने बताया कि तकनीक हस्तांतरण होने के बाद ऑटोमैटिक मशीनों से रसगुल्ला बनाने का प्लांट शुरू होगा। इसे विश्वविद्यालय के मानकों के अनुसार बनाया जाएगा और मदर डेयरी ब्रांड के तहत बेचा जाएगा। पहले चरण में जो रसगुल्ला बनेगा उसे बाजार में नहीं उतारा जाएगा बल्कि विशेषज्ञ शोध करेंगे। स्वाद एवं गुणवत्ता परखने के बाद रसगुल्ला ग्राहकों को पेश किया जाएगा।
2000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-2 का पहली बार रात में सफल परीक्षण
बालासोर : भारत ने 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का ओडिशा के बालासोर से सफल रात्रि-परीक्षण किया है। रक्षा सूत्रों ने कहा कि सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण समन्वित परीक्षण रेंज (आईटीआर) से किया गया। अग्नि-2 मिसाइल का परीक्षण पिछले साल ही कर लिया गया था लेकिन रात के समय इसका परीक्षण पहली बार हुआ है। इसकी मारक क्षमता को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार किमी तक किया जा सकता है। अग्नि-2 मिसाइल न्यूक्लियर हथियार ले जा सकने में सक्षम है। भारत ने इससे पहले छह फरवरी को स्वदेश निर्मित अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। भारतीय सेना के सामरिक बल कमांड ने बालासोर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लॉन्च पैड-4 से 700 किलोमीटर दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण किया था। बीस मीटर लंबी अग्नि 2 बैलिस्टिक मिसाइल का वजन 17 टन है और यह अपने साथ एक हजार किलो का आयुध 2000 किलोमीटर की दूरी तक ले जा सकती है। अग्नि-2 मिसाइल को पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है
अग्नि-2 की विशेषताएं
20 मीटर लंबी अग्नि 2 बैलिस्टिक मिसाइल का वजन 17 टन है।
अग्नि-2 एक हजार किलो का आयुध 2000 किमी की दूरी तक ले जा सकती है।
सटीक निशाने पर पहुंचने के लिए हाईएक्युरेसी नेविगेशन सिस्टम।
मारक क्षमता को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार किमी तक किया जा सकता है।
गलत तरीके से पैसा काटना बैंक को पड़ा भारी, ग्राहक को देने होंगे 40.85 लाख
बंगलुरू : बिना किसी ठोस वजह के अपने एक ग्राह के खाते से पैसा काटना लक्ष्मी विलास बैंक को काफी भारी पड़ा। इस गलती के लिए बैंक को अब 40.85 लाख रुपये और मुआवजा ग्राहक को देना होगा। यह निर्देश राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने दिया।
आयोग ने बैंक को कर्नाटक निवासी गोपाल के खाते से 11 अप्रैल 2015 को काटी गई धनराशि पर भुगतान किए जाने के दिन तक का ब्याज और 25,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। आयोग के पीठासीन सदस्य दीपा शर्मा और सदस्य सी विश्वनाथ ने कहा कि प्रतिवादी (लक्ष्मी विलास बैंक) ने बिना किसी वैध कारण के अपीलकर्ता के खाते से 40,85,254 रुपये की राशि काट ली थी। शिकायतकर्ता को 40,85,254 रुपये का नुकसान हुआ है। शिकायतकर्ता को बैंक से इस राशि का दावा करने का अधिकार है।
मनाली में बनेगा देश का पहला आईस स्केटिंग हॉकी स्टेडियम
कुल्लू : कुल्लू जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली के अलेउ में देश का पहला आईस स्केटिंग हॉकी स्टेडियम बनने जा रहा है। स्टेडियम और रिंक का निर्माण अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान परिसर में होगा। प्रदेश में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के दौरान नीदरलैंड के साथ इसके लिए एमओयू साइन हुआ है।
पीपीपी मोड़ के तहत इस योजना पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्टेडियम में 12 माह बर्फ रहेगी, जिसमें हॉकी के साथ आईस स्केटिंग का पर्यटक आनंद ले सकेंगे। इससे जहां विंटर खेलों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पर्यटन को भी पंख लगेंगे। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान के निदेशक कर्नल नीरज राणा ने बताया कि यह एमओयू देश के विंटर स्पोर्ट्स के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि दोनों विंटर गेम्स ओलंपिक में खेली जाने वाली प्रतियोगिताएं हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर, पर्यटन कारोबारी रूपेश गौतम, संजय कुमार, मोहर सिंह ठाकुर ने बताया कि स्टेडियम पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
जनवरी में मनाली आएगी नीदरलैंड की टीम
प्रस्तावित हॉकी आईस स्केटिंग स्टेडियम और रिंक निर्माण के निरीक्षण के लिए नीदरलैंड की टीम जनवरी, 2020 के आखिरी हफ्ते मनाली पहुंचेगी। टीम इस दौरान जगह देखने के बाद ही स्टेडियम निर्माण का मास्टर प्लान तैयार करेगी




