Sunday, October 11, 2026
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शादी करने का इरादा है तो जिम्मेदारी उठानी भी जरूरी है

शादी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। होता यह है कि लड़कियों को तो बचपन से ही तैयार किया जाता है कि उनको ससुराल जाना है मगर लड़कों को लेकर इस तरह से किसी प्रकार की तैयारी नहीं होती। नतीजा यह होता है कि वे शादी के बन्धन से जुड़ी जिम्मेदारियों को नहीं समझते और इससे खड़ी होती है परेशानी। कई बार इस वजह से रिश्ते टूट भी जाते हैं मगर आज के लड़के बहुत समझदार भी हैं और संवेदनशील भी, इसलिए वे घर की जिम्मेदारियों को निभाने में भी कोई कोताही नहीं बरतते और आज महिलाओं के आगे बढ़ने में उनकी बड़ी भूमिका है। तो आप भी बंधने जा रहे हैं विवाह के बन्धन में तो अपनी तैयारी कुछ ऐसी रखिए कि आपकी पार्टनर कहें….बस तुम्हारी ही तो जरूरत थी –
खाना बनाना सीख लें
शादी से पहले खाना बनाना जरूर सीख लें। इसके दो फायदे हैं। पहला आपकी होने वाली पत्नी इस आदत से बेहद प्रभावित होगी। दूसरा कि अगर आपकी पत्नी कहीं चली जाए तो आपको खाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आप भी वक्त-वक्त पर खुद से खाना बनाकर अपनी पत्नी को खुश रख सकते हैं। यह आपके वैवाहिक जीवन का एक अच्छा मंत्र साबित होगा।
वित्तीय स्थिति
शादी से पहले वित्तीय स्थिति को सुधार लें। क्योंकि शादी के बाद आप एक से दो हो जाते हैं। इसलिए वित्तिय स्थिति मजबूत होनी चाहिए। इसके अलावा आपके पास पैसों से संबधित बैक-अप प्लान भी होने चाहिए। अगर आप वित्तिय स्थिति को नहीं सुधारंगे तो यह आपके वैवाहिक जीवन में मुश्किल खड़ी कर सकता है।
खर्च कम करना सीखें
शादी से पहले ही आपको पैसों के मामले में व्यवस्थित होना पड़ेगा। भले ही आप पैसा खर्च करने से पहले नहीं सोचते होंगे लेकिन शादी के बाद आपको सोच-समझ कर पैसा खर्च करना पड़ेगा ऐसा इसलिए क्योंकि शादी के बाद जिम्मेदारी बढ़ जाती हैं और खर्चो में भी इजाफा हो जाता है। इसके अलावा पैसे बचाने की कला भी सीख लें क्योंकि यह आदत आपके भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।

(साभार)

जस्टिस भानुमति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में शामिल

 13 साल बाद कोई महिला बनी सदस्य
नयी दिल्ली :  जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सदस्य होंगी। वह पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई की जगह लेंगी। सुप्रीम कोर्ट के पांच सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश इसके सदस्य होते हैं। जस्टिस गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद जगह खाली थी। 13 साल बाद कोई महिला जज कॉलेजियम का हिस्सा बनी है। उनसे पहले जस्टिस रूमा पाल 2006 में रिटायर होने तक कॉलेजियम की हिस्सा रहीं थी। कॉलेजियम अलग-अलग हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करता है। अब कॉलेजियम में सीजेआई एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस भानुमति होंगी। जस्टिस भानुमति 13 अगस्त, 2014 को सुप्रीम कोर्ट में जज बनीं थीं।

डांसिंग मूव्स से ट्रैफिक कंट्रोल करती है एमबीए की छात्रा, वीडियो वायरल

इंदौर : एमबीए छात्रा शुभी जैन ट्रैफिक कंट्रोल के अपने अलग अंदाज के कारण इन दिनों चर्चा में हैं। शुभी डांस के साथ ट्रैफिक कंट्रोल करती हैं। उनके मूव्स के लोग कायल हैं। शुभी इंदौर पुलिस के साथ बतौर वॉलंटियर की तरह काम कर रही हैं। 23 साल की शुभी जैन पुणे के सिम्बायोसिस कॉलेज की छात्रा हैं और इंदौर में ट्रैफिक सुधार के लिए इंटर्नशिप पर आई हैं। रेड सिग्नल पर वाहन चालकों के रुकते ही वह उनके पास पहुंच जाती हैं। वह बड़े ही प्यार से लोगों को यातायात नियम बताती हैं। टू-व्हीलर पर हेलमेट पहनकर चलने वालों को सैल्यूट करती हैं, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना हुआ होता है, उनसे हाथ जोड़कर निवेदन करती हैं। कार चालकों से भी सीट बेल्ट लगाने का आग्रह करती हैं। सोशल मीडिया पर शुभी जैन का वीडियो वायरल होने के बाद एडीजी वरुण कपूर ने उन्हें सम्मानित किया। शुभी ने बताया कि वह यातायात जागरूकता अभियान से जुड़कर न सिर्फ लोगों को जागरूक कर रहीं हैं, बल्कि अपने साथी व परिवार के लोगों को भी इसी तरह ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए जागरूक करती हैं।

जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहनेवाले व्यक्ति बने शिंजो आबे

तोक्यो : जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे देश में अब तक सबसे ज्यादा लंबे समय तक इस पद पर बने रहने वाले व्यक्ति बन गए हैं लेकिन सेना को मजबूत करने के लिए संविधान में संशोधन का उनका महत्वाकांक्षी ल्क्ष्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। आबे का इस पद पर बने हुए 2,887 से अधिक दिन हो गए हैं। इससे पहले लंबे समय तक इस पद पर पूर्व प्रधानमंत्री तारा कतसूरा रह चुके हैं। वह 1901 से 1913 के बीच इस पद पर तीन बार प्रधानमंत्री बने थे। आबे का यह कार्यकाल कम से कम 2021 से पहले तक को नहीं ही खत्म होने जा रहा है और उसके बाद भी उनका कोई उत्तराधिकारी स्पष्ट रूप से नजर भी नहीं आ रहा। अब भी उनके कई काम अधूरे हैं, इस साल की शुरुआत में उनके मंत्रिमंडल में बदलाव हुआ था और उन्होंने उम्मीद जताई थी कि ‘‘वह नए देश के निर्माण की चुनौती पर काम करेंगे।’’ वह कई बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तैयार हुए जापान के संविधान में संशोधन की बात भी कह चुके हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पाया है।

कलाकारों के योगदान को पहचाने सरकार: ऋषि कपूर

मुम्बई : दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का कहना है कि देश में कलाकारों और सिनेमा की भूमिका को पहचानना महत्वपूर्ण है क्योंकि इन दोनों ने भी देश के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में बड़ा योगदान दिया है। कपूर (67) के अगले साल सिनेमा में 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे। अभिनेता से जब पूछा गया कि क्या वह अपने करियर को मुकम्मल मानते हैं तो उन्होंने पीटीआई भाषा से कहा, “ऐसा कुछ लोगों का कहना है। मैं नहीं कहता। लेकिन मुझे आप लोगों के यह कहने का इंतजार रहेगा कि यह आदमी 50 साल से काम कर रहा है। लेकिन कोई ऐसा (योगदान के बारे में बात) नहीं करता। सरकार ने भी नहीं किया। यह बड़े दुख की बात है। सरकारें बदल गईं, लेकिन यह निराशा अब भी बाकी है।” कपूर ने कहा, “मैं मनोरंजन कर के बारे में बता सकता हूं कि हम कितना योगदान देते हैं। अगर सिनेमा नहीं होता, तो राष्ट्रीय खजाने में पैसे का एक बड़ा हिस्सा नहीं होता। मैं यह कहते कहते थक गया हूं… देश में कलाकारों और सिनेमा की भूमिका को स्वीकार किया जाना चाहिये, लेकिन वह कान बंद किये हुए बैठे हैं, मैं क्या कर सकता हूं।” ऋषि की अगली फिल्म “द बॉडी” आने वाली है, जिसमें इमरान हाशमी और सोभिता धुलिपाला भी अभिनय करते नजर आएंगे। फिल्म 13 दिसंबर को रिलीज होनी है।

लियोनार्डो डिकैप्रियो ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर जताई चिंता

लॉस एंजिलिस : हॉलीवुड स्टार लियोनार्डो डिकैप्रियो ने इंस्टाग्राम में एक एक पोस्ट के माध्यम से भारत की राजधानी में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता जताई है। पर्यावरण को लेकर मुखर 45 वर्षीय अभिनेता ने दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की तस्वीरें साझा करते हुए सोमवार को इंस्टाग्राम पर इस संबंध में चिंता जाहिर की।
तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘‘नयी दिल्ली में इंडिया गेट पर 1,500 से अधिक नागरिक इकट्ठे हुए और शहर में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के खिलाफ तत्काल कदम उठाने की माँग की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में हर साल वायु प्रदूषण में लगभग 15 लाख लोगों की जान जाती है। इन आंकड़ों के अनुसार भारत में वायु प्रदूषण लोगों की मृत्यु के पांच बड़े कारकों में से एक है।’’ पोस्ट के अनुसार प्रदर्शन में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हुए।उन्होंने लिखा, ‘‘ तमाम वादों के बावजूद वायु अब भी असुरक्षित है और वायु प्रदूषण के सुरक्षित स्तर तक पहुंचने तक कार्यकर्ता दबाव बनाना जारी रखेंगे।’’ डिकैप्रियो पहले भी भारत संबंधी पर्यावरण के मुद्दों पर चिंता जाहिर कर चुके हैं।उन्होंने जून में तमिलनाडु में जल संकट और दिल्ली के गाजीपुर में 65 मीटर ऊंचे कूड़े के ढेर से संबंधित भी पोस्ट किए थे।

छोटे छोटे विचारों ने महिलाओं को बनाया सफल उद्यमी

नयी दिल्ली : रुचि गुप्ता को अचार बनाने का बहुत शौक था और पास पड़ोस तथा रिश्तेदारों के बीच उसके हाथ के बने अचार की बहुत माँग रहती थी । रुचि को इससे थोड़ी बहुत आमदनी भी हो जाती थी लेकिन उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका यह शौक उन्हें एक सफल महिला उद्यमी बना देगा।‘घर जैसा अचार’ बनाने वाली उनकी कम्पनी ‘डिवाइन बाइट्स एंड पिकल्स’ आज एक छोटे उद्योग का रूप ले चुकी है और रुचि गुप्ता ने अपनी इस कंपनी में अधिकतर कामों के लिए महिलाओं को ही रोजगार दिया हुआ है। वह अपने अध्यापन के पेशे को छोड़कर इस क्षेत्र में आयी थीं लेकिन उन्हें आज अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं बल्कि खुशी है।
रुचि के महिला उद्यमी बनने की कहानी किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग में फल एवं सब्जी प्रसंस्करण एवं संरक्षण कोर्स में दाखिला लेकर बिना एसिड और खतरनाक रसायनों के फल सब्जियों के संरक्षण की विधि सीखी।

यहीं से रूचि के सपनों के साकार होने की शुरूआत हुई । सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा आयोजित एक मेले में उनकी मुलाकात वालमार्ट इंडिया के अधिकारियों से हुयी और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। बाद में वह वालमार्ट के ‘‘वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम’’ (डब्ल्यूईडीपी) से जुड़ गयीं । डब्ल्यूईडीपी कार्यक्रम के बारे में रूचि कहती हैं, ‘‘ कारोबारी सहयोगियों और संरक्षकों के साथ काम करने से मेरे अंदर एक नया विश्वास पैदा हुआ । जहां पहले मैं अपने समुदाय के लोगों को अपना बनाया आचार बेचती थी वहीं अब मेरे उत्पाद प्रगति मैदान के ट्रेड फेयर तक जा पहुंचे । ’’ रुचि इस समय फ्लिपकार्ट को अपना बनाया अचार बेच रही हैं । एक सवाल के जवाब में वह कहती हैं, ‘‘बाजार में महिला उद्यमियों के लिए काफी संभावनाएं हैं।’’
ऐसी ही कहानी प्रियंका मेहता की है। अपने छोटे घर में सामान को सहेज कर रखने की जद्दोजहद के चलते उन्हें अचानक एक दिन आइडिया आया कि क्यों न होम स्टोरेज उत्पाद बाजार में उतारे जाएं । एक छोटा सा विचार आज एक बड़ी कम्पनी का रूप ले चुका है और उन्होंने अपने ब्रांड का नाम ‘होम स्ट्रैप’’ रखा है। इंदौर शहर के समीप झलारिया गांव में उनकी वर्कशॉप है जहां काम करने वाली अधिकतर महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर तबके की हैं।
प्रियंका मेहता के कारोबार के विस्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगले वित्त वर्ष के लिए उन्होंने करीब 12 करोड़ रूपये के कुल कारोबार का लक्ष्य पेश किया है। वह अपनी सफलता के सफर में डब्ल्यूईडीपी कार्यक्रम को बहुत बड़े सहायक के तौर पर देखती हैं जिसके चलते उनके सपनों को उड़ान मिली और साथ ही उन्हें मिला एक अनोखा आत्मविश्वास । वह उद्योग जगत को महिलाओं के लिए संभावनाओं से भरपूर देखती हैं।

लेकिन ऐसी ही एक उद्यमी बबीता कहती हैं कि महिला उद्यमियों के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं । अभी भी लोगों की मानसिकता है कि महिला उद्यमी वित्तीय मामलों, मार्केटिंग, आदि विषयों को संभालने में परिपक्व नहीं है। ‘निर्मल डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड’ की डायरेक्टर बबीता गुप्ता डब्ल्यूईडीपी के तहत प्रशिक्षण हासिल करने के बाद अब अपने उत्पाद मिन्तरा जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ ही विभिन्न ई कामर्स कंपनियों को सप्लाई कर रही हैं और वह अपने ब्रांड को ग्लोबल स्वरूप देना चाहती हैं। वह प्लास्टिक फ्री पैकेजिंग उपलब्ध करा रही हैं जिसका बाजार काफी उभरता हुआ और संभावनाओं से भरपूर है।
वालमार्ट इंडिया के अध्यक्ष और सीईओ : मुख्य कार्यकारी अधिकारी : क्रिश अय्यर ने ‘भाषा’ को बताया कि डब्ल्यूईडीपी कार्यक्रम इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि महिला उद्यमियों को बाजार से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने कारोबार को मजबूती से खड़ा करने में मदद की जा सके ताकि वे अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें ।अय्यर कहते हैं, ‘‘ वालमार्ट महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और डब्ल्यूईडीपी कार्यक्रम सही मायने में हमारी इस प्रतिबद्धता को दिखाता है । ’’ डब्ल्यूईडीपी कार्यक्रम के तहत तीन बैच में 150 महिला उद्यमियों को प्रशिक्षित किया गया ।

दो साल में दोगुनी हुई हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वाली महिलाओं की संख्या

वित्त वर्ष 2018-19 में हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वालों में महिलाओं की संख्या 19% हो गयी है
वित्त वर्ष 2016-17 तक यह आँकड़ा सिर्फ 9% ही था
भारत में महिलाएं भी पहले की तुलना इंश्योरेंस के प्रति अधिक जागरूक हुई हैं। पॉलिसी बाजार की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में भारत में हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वालों में महिलाओं की संख्या 19% हो गई है। 2016-17 तक यह आंकड़ा सिर्फ 9% ही था। रिपोर्ट के मुताबिक जो महिलाएं हेल्थ इंश्योरेंस ले रही हैं, उनमें हर 10 में से 6 महिलाएं 5 लाख रुपये से ज्यादा का सम इंश्योर्ड चुनती हैं। भारत के 15 राज्यों की 10 हजार महिलाओं से बातचीत के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है। 2018-19 में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्रस्तावक के रूप में महिलाओं की संख्या 2017-18 की तुलना में 57% बढ़ी है। पांच से 10 रुपये सम इंश्योर्ड वाले हेल्थ प्लान की बिक्री 2018-19 में 80% बढ़ी है। वहीं, 10 लाख रुपए से अधिक सम इंश्योर्ड वाली पॉलिसी की बुकिंग 61% बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पॉलिसी खरीदने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ने का साफ मतलब है कि वे अब वित्तीय फैसला लेने में ज्यादा सक्षम हो रही हैं।
सबसे ज्यादा 25 से 45 वर्ष की उम्र की महिलाएं खरीदती है हेल्थ प्लान
महिला पॉलिसीधारकों की उम्र की बात करें तो सर्वे में यह देखने मिलता है कि हेल्थ प्लान खरीदने वाली महिलाओं की एक बड़ी संख्या (सर्वे में शामिल महिलाओं का दो तिहाई हिस्सा) 25 से 45 वर्ष की उम्र के बीच आती हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि महिलाएं अब अपने करियर के शुरुआती वर्षों में ही बीमारियों के लिए सुरक्षा हासिल करने को प्राथमिकता देने लगी हैं।

मीनाक्षी मंदिर / 3500 साल पुराना है यहां का गर्भगृह, भगवान शिव-पार्वती को समर्पित है ये मंदिर

तमिलनाडु के मदुरई शहर में मीनाक्षी मंदिर है। यह मंदिर अपनी बनावट की वजह से दुनियाभर में मशहूर है। यहां का गर्भगृह लगभग 3500 साल पुराना माना जाता है। ये मंदिर भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है। मंदिर के बारे में कहा जाता है कि भगवान शिव सुंदरेश्वर के रूप में देवी पार्वती (मीनाक्षी) से विवाह करने के लिए पृथ्वी पर यहां आए थे। मंदिर उसी जगह स्थित है।
करीब 45 एकड़ में फैला है ये मंदिर
यहां के विशाल प्रांगण में सुंदरेश्वर (शिव मंदिर समूह) तथा बाईं ओर मीनाक्षी देवी का मंदिर है। शिव मंदिर समूह में भगवान शिव की नटराज मुद्रा में आकर्षक प्रतिमा है। यह प्रतिमा एक रजत वेदी पर स्थित है। बाहर अनेक शिल्प आकृतियां हैं, जो केवल एक-एक पत्थर पर निर्मित हैं, साथ ही गणेशजी का मंदिर है। 45 एकड़ में फैले इस मंदिर के सबसे छोटे गुंबद की ऊंचाई 160 फीट है। दो मुख्य मंदिरों सुंदरेश्वर और मीनाक्षी के अलावा भी कई दूसरे मंदिर हैं, जहां भगवान गणेश, मुरूगन, लक्ष्मी, रूक्मणी, सरस्वती देवी की पूजा होती है।
बना है सोने का कमल
मंदिर में एक तालाब भी है ‘पोर्थ मराई कुलम’ जिसका मतलब होता है सोने के कमल वाला तालाब। सोने का 165 फीट लंबा और 120 फीट चौड़ा कमल बिल्कुल तालाब के बीचों-बीच बना हुआ है। भक्तों का मानना है कि इस तालाब में भगवान शिव का निवास है। मंदिर के अंदर खंभों पर भगवान शिव की पौराणिक कथाएं लिखी हुई हैं और आठ खंभों पर देवी लक्ष्मी जी की मूर्ति बनी हुई है। इसके अलावा यहां एक बहुत ही बड़ा और सुंदर हाल है, जिसमें 1000 खंभे लगे हुए हैं। इन खंभों पर शेर और हाथी बने हुए हैं।
170 फीट ऊंचा है गोपुरम
मंदिर में अंदर जाने के लिए 4 मुख्य द्वार (गोपुरम) हैं, जो आपस में जुड़े हुए हैं। मंदिर में कुल 14 गोपुरम हैं। इनमें 170 फीट का 9 मंजिला दक्षिणी गोपुरम सबसे ऊंचा है। इन सभी गोपुरम में विभिन्न देवी-देवताओं एवं गंधर्वों की सुंदर आकृतियां बनी हैं। प्रति शुक्रवार को मीनाक्षीदेवी तथा सुंदरेश्वर भगवान की स्वर्ण प्रतिमाओं को झूले में झुलाते हैं, जिसके दर्शन के लिए हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहते हैं।

8 साल की बच्ची ने दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए, 20 मिनट में 350 टाइल्स तोड़ीं

हैदराबाद : हैदराबाद की 8 साल की पीडीवी सहरुदा ने शनिवार को दो वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाए। सहरुदा के इस कारनामे को एलीट वर्ल्ड रिकॉर्ड्स एलएलसी यूएसए ने मान्यता दी है। सहरुदा ने 20 मिनट में ही 102 ऑरिगेमी मॉडल बनाए और इतने ही समय में 350 सिरेमिक टाइल्स तोड़ीं। इससे पहले यह रिकॉर्ड नॉर्थ कोरिया की एक महिला खिलाड़ी के नाम था जिसने 20 मिनट में 262 टाइल्स तोड़ी थीं। सहरुदा के मुताबिक, मैं तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन दो ही बना पाई। मैंने कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े। पिछले एक साल से कराटे सीख रही हूं और अब तक ग्रीन बेल्ट ले चुकी हूं। सिरेमिक टाइल वाले इवेंट के लिए मैं अपनी ट्रेनर के साथ 5 मिलीमीटर मोटी टाइल तोड़ने की प्रैक्टिस कर रही थी।
लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड करना मकसद
सहरुदा की ट्रेनर अश्विनी आनंद ने बताया, मैंने 2017 के डब्ल्यूकेयू वर्ल्ड चैंपियन में सेकंड डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल किया है। मेरा मकसद ज्यादा से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड करना है। सहरुदा की अभी शुरुआत है। सहरुदा विश्व चैंपियनशिप और दूसरी प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर रही है। आशा है, आने वाले समय में सेल्फ डिफेंस हर बच्चे के लिए महत्वपूर्ण हो जाएगा।