लखनऊ : फिल्म और थियेटर में अपना कॉरियर बनाने वाले युवाओं के लिए बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विवि (बीबीएयू) पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराने जा रहा है।
इसके लिए पत्रकारिता विभाग एक कोर्स चलाएगा। विभाग ने कोर्स के लिए तैयारी कर ली है। यह कोर्स स्नातकोत्तर स्तर को होगा। विश्वविद्यालय के जर्नलिज्म एण्ड मॉस कम्युनिकेशन विभाग में अभी तक पत्रकारिता से सम्बन्धित कोर्स चलाए जा रहे हैं। इसमें स्नातकोत्तर कोर्स, एमफिल और पीएचडी शामिल हैं।
अब विभाग ने अन्य क्षेत्रों में भी रोजगारपरक कोर्स चलाने की योजना बनाई है। इसी कड़ी में फिल्म थियेटर से जुड़ा कोर्स शुरू होगा। विभागाध्यक्ष प्रो. गोबिन्द पांडे ने बताया कि अगले शैक्षिक सत्र से ‘मास्टर ऑफ आर्ट (फिल्म एण्ड थिएटर स्टडीज)’ के नाम से नया कोर्स शुरू किए जाएगा। प्रो. पांडे ने बताया कि लखनऊ में फिल्म और थियेटर से सम्बन्धित रोजगार की संभावनाए बढ़ रही हैं। यहां पर फिल्मों की शूटिंग चलती रहती है।
इसको ध्यान में रखते हुए इससे सम्बन्धित कोर्स चलाने जा रहे हैं। बोर्ड ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज और स्कूल बोर्ड ने कोर्स पर मुहर लगा दी है।
पाठ्यक्रम का विवरण: नए कोर्स मास्टर ऑफ आर्ट (फिल्म एण्ड थिएटर स्टडीज) में दाखिला लेने की न्यूनतम योग्यता स्नातक है। किसी भी वर्ग में 50फीसदी अंक के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसमें 30 सीटों का प्रावधान किया जाएगा। चार सेमेस्टर का कोर्स होगा। लगभग 20 हजार रुपए प्रति सेमेस्टर फीस होगी।
बीबीएयू : फिल्म और थिएटर का कोर्स शुरू होगा
औषधि का खजाना है नीम
लगभग 4000 वर्षों से आयुर्वेद में नीम का औषधीय उपयोग किया जा रहा है और आयुर्वेद में इसे ‘सर्वरोग निवारिणी’ भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है- सभी तरह के रोगों का निवारण करने वाला। आयुर्वेद में ‘नीम’ बेमिसाल औषधि मानी जाती है, क्योंकि नीम से हर तरह के रोगों का इलाज संभव है।
नीम में एंटीबायोटिक तत्व भरपूर मात्रा में होता है, जो रोगों को दूर रखने का काम करता है। नीम स्वाद में कितना भी कड़वा हो लेकिन बीमारियों के लिए उतना ही लाभकारी होता है। नीम का पेड़ त्वचा संक्रमण, घाव और फंगल इंफेक्शन जैसी कई बीमारियों का इलाज है।
औषधियों का खजाना है नीम
नीम के पेड़ का हर एक भाग महत्वपूर्ण होता है नीम के फल, बीज और पत्ते, इन सभी से तेल निकाला जाता है और इसी तेल का उपयोग त्वचा से संबंधित बीमारियों और अन्य कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए किया जाता है। ज्यादातर नीम का इस्तेमाल त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए किया जाता है जैसे- एक्जिमा और सोरायसिस जैसी बीमारियां इससे जल्दी ठीक हो सकती हैं, लेकिन एंटीबायोटिक गुणों के कारण नीम से हर तरह के रोगों का इलाज हो सकता है। आइए जानते हैं वह कौन से रोग हैं, जिनका इलाज नीम के उपयोग से संभव है –
रोज सेवन करें तो साफ होता है खून- नीम के सेवन से शरीर का रक्त साफ होता है और रक्त में शर्करा का स्तर भी संतुलित होता है। नियमित एक गिलास पानी में दो-तीन नीम के पत्ते और थोड़ा सा शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से हार्मोन का स्तर भी ठीक होता है।
हड्डियों व जोड़ों के दर्द के लिए लाभकारी- नीम में इंफ्लामेटरी तत्व पाया जाता है, जो दर्द को दूर करता है। नीम की पत्तियां और फूल जोड़ों के दर्द में लाभ पहुंचाते हैं। लगातार दो महीनों तक एक गिलास पानी में नीम के फूल और पत्ते उबालकर इसका पानी पीने से गठिया का रोग ठीक हो जाता है। इसके साथ ही नीम के तेल की मालिश से जोड़ों के दर्द में भी राहत मिलती है और यह तेल मांसपेशियों को भी मजबूत करता है।
मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण इलाज- एक अध्ययन में पाया गया है कि नीम में हाईपोग्लासेमिक गुण मौजूद होते हैं, जो रक्त में शक्कर के कणों को कम करते हैं। यदि मधुमेह के रोगी रोज सुबह एक नीम की पत्ती खाते हैं तो इससे रोगी की शुगर संतुलित होती है।
चेहरे में निखार लाता है नीम- नीम का टेस्ट करते ही भले ही लोगों का चेहरा बिगड़ जाता हो, लेकिन नीम चेहरे के लिए एक शानदार औषधि है। नीम फेस पैक, नीम का पानी, नीम शहद, नीम का साबुन और नीम का तेल आदि चेहरे पर निखार लाने के लिए काम में लाए जाते हैं।
चोट के निशान भी हो जाते हैं दूर- यदि चोट के किसी भी निशान पर नीम के पेस्ट का इस्तेमाल किया जाए तो किसी भी प्रकार के निशान कम जाते हैं। इसके लिए नीम के पेस्ट में थोड़ी सी हल्दी डालकर इस्तेमाल करें। इसके अलावा नीम के पत्ते में तुलसी, गुलाब जल के साथ पीसकर चेहरे पर लगाने से निखार आता है और त्वचा बेदाग हो जाती है। नीम में गर्भनिरोधक गुण होते हैं जो गर्भपात का कारण होता है। इसके उपयोग से किसी तरह का नकारात्मक असर नजर आए तो आयुर्वेदाचार्य से सम्पर्क करना चाहिए।
(साभार – लाइव हिन्दुस्तान)
एजीआर बकाया: भारती एयरटेल ने किया अतिरिक्त 8,004 करोड़ रुपये का भुगतान
नयी दिल्ली : दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने कहा कि उसने दूरसंचार विभाग (डीओटी) को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के तहत 8,004 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया है। उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए कंपनी 17 फरवरी 2020 को 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर चुकी है और शनिवार को 8,004 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
कंपनी ने कहा कि उसने स्व-मूल्यांकन के आधार पर 31 दिसंबर 2019 तक देनदारियों की गणना की है और इस भुगतान में 29 फरवरी 2020 तक का ब्याज शामिल है।भारती एयरटेल ने कहा कि समायोजित सकल राजस्व फैसले के तहत कंपनी ने वित्त वर्ष 2006-07 से 31 दिसंबर 2019 तक का स्व-मूल्यांकन किया और उस पर 29 फरवरी 2020 तक के ब्याज की गणना की गई। कंपनी ने बताया कि इसके अनुसार भारती समूह की कंपनियों की ओर से 17 फरवरी 2020 को अदा किए गए 10,000 करोड़ रुपये के बाद बची राशि पर 3004 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि चुकाई गयी।
इस भुगतान में भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और टेलीनॉर इंडिया की देनदारियां शामिल हैं। दूरसंचार विभाग के अनुमानों के अनुसार एयरटेल पर करीब 35,586 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसमें लाइसेंस शुल्क, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क, बकाया राशि पर ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज शामिल हैं।
पूर्व हाकी खिलाड़ी बलबीर सिंह खुल्लर का निधन
नयी दिल्ली : पूर्व हाकी खिलाड़ी बलबीर सिंह खुल्लर का पंजाब में उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। वह 1968 में ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनका बेटा कमलबीर सिंह अमेरिका में बसा है, उन्होंने गत रविवार को पीटीआई से कहा, ‘‘मेरे पिता को मेरे साथ अमेरिका जाना था लेकिन अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और शुक्रवार दोपहर को जालंधर जिले में संसारपुर में हमारे पैतृक निवास पर उनका निधन हो गया। ’’ पंजाब के जालंधर जिले के संसारपुर में जन्में बलबीर ने 1963 में फ्रांस के लियोन में भारत की ओर से पदार्पण किया। उन्होंने भारतीय टीम में ‘इनसाइड फारवर्ड’ के रूप में प्रतिष्ठा हासिल की और बेल्जियम, इंग्लैंड, नीदरलैंड और पश्चिम जर्मनी जैसे देशों का दौरा किया। बलबीर 1966 में बैंकाक एशियाई खेलों में स्वर्ण और 1968 में मैक्सिको में हुए ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे।
मुफ्त कॉल के बदले खराब सेवा का बहाना नहीं चलेगा : ट्राई प्रमुख
पुणे : दूरसंचार कंपनियां के कॉल कटने (कॉल ड्रॉप) या खराब सेवाओं के बदले में मुफ्त वॉयस कॉल की बात पर दूरसंचार नियामक ट्राई के चेयरमैन आर. एस.शर्मा ने गत रविवार को कहा कि कॉलड्रॉप का मुद्दा ट्राई के एजेंडे पर बना रहेगा।
वह एशिया आर्थिक संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉल ड्रॉप को लेकर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के कंपनियों पर जुर्माने के प्रावधान को उच्चतम न्यायालय में सफलतापूर्वक चुनौती दी गयी। लेकिन वह सेवा गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में काम करता रहेगा।
शर्मा ने कहा, ‘‘अधिकतर कंपनियां मुफ्त वॉयस कॉल की सुविधा दे रही है। ऐसे में एक बड़ी बहस है कि यदि कुछ मूफ्त है तो ट्राई उस पर कितना दंड लगा सकता है क्योंकि कंपनियों को उससे कुछ मिल नहीं रहा। लेकिन यह सही नहीं है क्योंकि वह अनिवार्य रूप से उसकी लागत अन्य सेवाओं से निकाल रही हैं।’’
शर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में दूरसंचार उपभोक्ता कॉल ड्रॉप से परेशान हैं। वर्ष 2016 में रिलायंस जियो के बाजार में उतरने के बाद अधिकतर कंपनियों को डेटा सेवाओं के साथ मुफ्त वॉयस कॉल की सेवा देना शुरू करना पड़ा। इससे कंपनियों की आय प्रभावित हुई क्योंकि उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा कॉल शुल्क से आता था।
शर्मा ने कहा कि वह कॉल ड्रॉप की समस्या से अवगत हैं और उम्मीद करते हैं कि समय से साथ सेवा गुणवत्ता बेहतर हो जाएगी। ट्राई के अधिकारी सड़कों, रेलगाड़ियों और अन्य व्यस्त स्थानों पर मानक परीक्षण करते हैं। यदि किसी सेवाप्रदाता की सेवा गुणवत्ता खराब पायी जाती है तो उसे दंडित किया जाता है।इस सम्मेलन का आयोजन विदेश मंत्रालय और पुणे अंतरराष्ट्रीय केंद्र के सहयोग से किया गया।
शर्मा ने इस दौरान लोगों से आग्रह किया कि वह दूरसंचार टावर लगवाने के लिए आगे आएं क्योंकि इससे स्वास्थ्य को कोई हानि नहीं होती। उन्होंने कहा कि सूदूरतम इलाकों में दूरसंचार सेवाएं पहुंचान के लिए टावर खड़े किये जाना जरूरी है। इससे लोगों को अपनी ऊंची-ऊंची मंजिलों की सोसायटी में बेहतर नेटवर्क भी सुनिश्चित होगा।
आगामी प्रौद्योगिकी 5जी के बारे में शर्मा ने कहा कि इसका बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए निवेश की जरूरत है और ऑप्टिकल फाइबर को बिछाना एक दुष्कर काम है। देश में मोबाइल इंटरनेट पर बहुत निर्भरता है और हमें वायर के माध्यम से इंटरनेट और पहुंचाने की जरूरत है।
ओडिशा के अबिनास ने जीता मास्टरशेफ -6
मुम्बई : स्टार प्लस के कूकिंग रिएलिटी शो मास्टर शेफ इंडिया सीजन 6 को नया विजेता मिल गया है। ओडिशा के रहने वाले अबिनास नायक इस शो के सीजन 6 के विनर बन कर उभरे हैं। शो को जीतने के बाद उन्हें मास्टर शेफ इंडिया सीजन 6 की ट्रॉफी दी गयी। इतना ही नहीं शो को जीतने पर उन्हें 25 लाख रुपए का ईनाम भी दिया गया. अबिनास पेशे से एक इंजीनियर हैं और मास्टरशेफ में आने से पहले इंफोसिस कंपनी में काम किया करते थे। इस पूरे सीजन में तीन सेलिब्रिटी शेफ — विकास खन्ना, विनीत भाटिया और रणवीर सिंह बरार ने जज की कुर्सी संभाली थी, और शो में आए प्रतियोगियों के व्यंजनों पर निर्णय देते दिखे। शो के फिनाले में जाने वाले कंटेस्टेंट्स में अबिनास, आकांक्षा खत्री, ऑन्द्रेला बाला और स्मृतिश्री सिंह शामिल थी. हालांकि, शो रनरअप ऑन्द्रेला बाला रही हैं. ऑन्द्रेला पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखती हैं।
अबिनास नायक के इंस्टाग्राम हैंडल फाइनल के दौरान परोसे गए खानों की तस्वीरें शेयर की गयी हैं। चॉकलेट रसगुल्ला उनके सोशल मीडिया हैंडल पर सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है जबकि चिकन ड्रमस्टिक ने भी लोकप्रियता हासिल की है. अविनास अपने व्यंजनों को रचनात्मक और शानदार तरीके से परोसना करना पसंद करते हैं।
एडमास यूनिवर्सिटी में महिला दिवस को लेकर परिचर्चा आयोजित
कोलकाता : महिला दिवस के पूर्व ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिशन के सहयोग से एडमास यूनिवर्सिटी में ‘विमेन एंड क्लाइमेट एक्शन’ विषयक एक परिचर्चा आयोजित की गयी। यह कार्यक्रम साउथ एशियन विमेन इन मीडिया (एसडब्ल्य़ूएम) तथा एडमास यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया था। लैंगिक समानता को लेकर ब्रिटेन और भारत साथ काम कर रहे हैं। इस साल ब्रिटेन ग्लासगो में कॉप 26 संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन आगामी 9 -19 नवम्बर को आयोजित कर रहै है। ‘विमेन एंड क्लाइमेट एक्शन’ परिचर्चा ब्रिटेन द्वारा समर्थित है। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर निक लॉ ने कहा कि ब्रिटेन में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में 30 हजार से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। साउथ एशियन विमेन इन मीडिया (एसडब्ल्य़ूएम) की महासचिव स्वाति भट्टाचार्य ने भी इस अवसर पर विचार रखे। एडमास यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. समित राय ने सम्मिलित प्रयासों पर जोर दिया। बीज वक्तव्य पर्यावरणविद् टी विजयेन्द्र ने दिया। इस अवसर पर कवि जया मित्र, प्रो. वीसी तथा डीन ज्योत्सना याग्यनिक, जेयू के इंटननेशनल विभाग की एसोसिएट प्रो. काकुली सेनगुप्ता, पत्रकार सहाना घोष ने भी विषय पर विचार रखें। सत्र का संचालन पत्रकार चन्द्रिमा भट्टाचार्य ने किया।
स्नेह देसाई ने भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज के विद्यार्थियों को दिए जीवन के मूलमंत्र
कोलकाता : भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज के प्लेसमेंट सभागार में देश – विदेश में प्रसिद्धी प्राप्त मोटिवशनल गुरु स्नेह देसाई ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने कॉलेज का स्मृति चिह्न देकर देसाई को सम्मानित किया। तीन सौ से अधिक विद्यार्थियों ने प्रेरक भाषण से लाभ उठाया। जन्म से लेकर मृत्यु तक चलने वाले जीवन में सभी को अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। देसाई ने कहा कि जीवन में कुछ पाने के लिए अपने आरामदायक दायरे से निकल कर ही कुछ हासिल किया जा सकता है।बिना किसी लक्ष्य के जीवन दिशा हीन हो जाता है इसलिए अपने लक्ष्य बनाएं और उनको हमेशा अपने सामने रखें। यह बात कोई मायने नहीं रखती कि आप क्या चाहते हैं बल्कि उसको पूरा करने के लिए आप कितने सजग और समर्पित हैं। अपने लक्ष्य पर केंद्रित होना होगा। अपने व्यक्तित्व को निखारने में आपकी बॉडी लैंग्वेज बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक आर्मी अॉफिसर को तन कर ही खड़ा होना होता है। अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है तभी सपनों को पूरा कर सकते हैं। अच्छे रिश्ते, स्वास्थ्य, धन और सफलता के उच्चतम शिखर पर पहुंचने के लिए अपने जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करना चाहिए। देसाई ने कहा कि जब जागो तभी सवेरा है। देसाई को शब्दों का जादूगर कहा गया है। जीवन में आई निराशा, अहंकार, भय, नकारात्मक सोच, घृणा, अज्ञानता जैसे विचारों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं देसाई।
भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में कई प्रश्नों के द्वारा अपनी जिज्ञासाओं के उत्तर प्राप्त किये । परेश रावल, रामदेव बाबा, शाहरूख खान, दीपक जालान, स्मृति इरानी आदि बड़ी-बड़ी हस्तियों ने मोटिवेशनल और माइंड पावर को महत्वपूर्ण माना है। देश विदेश में हर क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ने वालों ने लोगों को प्रेरित किया है।प्रो दिलीप शाह ने इस प्रेरक स्पीच को महत्वपूर्ण माना और कहा कि सभी इस प्रकार की बातें करते हैं और जानते हैं लेकिन किसी का कहा हुआ हमें प्रभावित कर जाता है। वहीं प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने कहा कि जीवन में समस्याओं को नजरअंदाज कर हमें लक्ष्य पर केंद्रित होना चाहिए। गरीबी के कारण लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकती, यह अपवाद है। देसाई ने चार्ली चेपलीन की प्रसिद्धि को रेखांकित किया कि मौन भाषा की फिल्म आज भी लोकप्रिय है। इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षकगणों की उपस्थिति रही।शिक्षक डॉ दिव्येष शाह, प्रो चंदन, रिबैका, डॉ वसुंधरा मिश्र और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।
‘निराला के साहित्य में प्रगतिशील चेतना ‘विषय पर संगोष्ठी
मिदनापुर : विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से ‘निराला के साहित्य में प्रगतिशील चेतना ‘विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।हिंदी के महाकवि निराला की जन्मस्थली मिदनापुर में अवस्थित इस विश्वविद्यालय में हर साल निराला की स्मृति में कवि पर्व का आयोजन किया जाता है।इस अवसर पर परिचर्चा के साथ स्वरचित कविताओं का पाठ किया गया ।कार्यक्रम की शुरूआत निराला की कविता वर दे वीणा वादिनी पर गीत के साथ हुई ।संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो दामोदर मिश्र ने कहा कि निराला ने हिंदी कविता को समृद्ध करते हुए साहित्य की प्रगतिशील परंपरा क अर्थपूर्ण निर्वाह किया है ।वे हिंदी के रवींद्रनाथ थे ।निराला का यह मानना था कि मौलिक चिंतन और सृजन से ही मानव मुक्ति का संकल्प पूरा हो सकता है।डॉ श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि निराला पूंजीवादी व्यवस्था को मानव विरोधी मानते हुए बराबरी के समाज की स्थापना की बात करते हैं।संजय जायसवाल ने कहा कि निराला अपनी रचनाओं में हिंदू -मुसलमान के बीच साहित्य और सृजन को पारस्परिक संवाद का माध्यम मानते हैं ।उनका मानना है कि औपनिवेशिक शासन, सामंतवाद, पूंजीवाद, सामाजिक जड़ता से लड़ने के लिए हमें सांस्कृतिक पुनर्निर्माण और मनुष्यता के संस्कार के साथ आगे बढ़ना होगा ।इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा में ओम कुमार चौरसिया, रूपेश यादव, पुष्पा यादव, अन्नू तिवारी, नेहा चौबे,प्रतिमा त्रिपाठी, उजाला सामल, सलोनी शर्मा, श्रद्धा उपाध्याय, विनीता गुप्ता, रेणु सिन्हा, मदन शाह, विशाल साव, पंकज सिंह, सोनी साव, रुखसार परवीन ने अपना विचार रखा ।कवि पर्व में सलोनी शर्मा, शारदा महतो, मधु सिंह, पंकज सिंह, प्रतिमा त्रिपाठी ने अपनी कविताएं सुनाई ।इस अवसर पर निराला की कविताओं पर रेशमी वर्मा,गायत्री वाल्मीकि और नेहा चौबे ने काव्य नृत्य प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए शोधार्थी मधु सिंह ने कहा कि निराला ने जीवन के संग्राम में ज्ञान ,कर्म, प्रतिरोध और विवेकपरकता के सार्थक समन्वय को जरूरी मानते हैं ।धन्यवाद ज्ञापन डॉ प्रमोद कुमार प्रसाद ने दिया ।
नीलांबर कोलकाता का कविता जंक्शन सम्पन्न
कोलकाता : साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था नीलांबर कोलकाता ने सागर रेलवे ऑफिसर्स क्लब में कविता जंक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष की साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों के क्रम में संस्था का यह आयोजन था। संस्था के अध्यक्ष यतीश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के शुरुआत में नीलांबर द्वारा मंगलेश डबराल की कविता ‘तानाशाह'(आवृत्ति- ऋतेश पांडेय),नरेश सक्सेना की कविता ‘गिरना'(आवृत्ति- स्मिता गोयल), सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता ‘आत्म साझात्कार’ (आवृत्ति- नीलू पांडेय)सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता ‘कभी मत करो माफ’ (आवृत्ति- ममता पांडेय )पर तैयार वीडियो मोंताज दिखाया गया। इसके बाद उगना समूह द्वारा साहिर लुधियानवी द्वारा रचित गीत ‘ये किसका लहू है कौन मरा’ की प्रस्तुति ऋतेश पांडेय के साथ दीपक ठाकुर एवं विजय शर्मा द्वारा की गई। इस अवसर पर झारखंड के लोक गायक बासु बिहारी द्वारा झारखंड के लोक गीत ‘झुमइर’ की प्रस्तुति की गई।इस कविता जंक्शन में नवल, प्रियंकर पालीवाल, राज्यवर्द्धन,शिरोमणि महतो, दिनेश कुमार,शैलेश गुप्ता, रौनक अफरोज, आशा पांडेय, अनिला राखेचा, ऋतु तिवारी, रेवा टिबरेवाल, पूनम सोनछात्रा, विजय शर्मा, मधु सिंह और अजय सिंह ने अपनी कविताओं का पाठ किया। कवि-आलोचक प्रियंकर पालीवाल ने कविता पर अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि कठिन समय में कविता आपको थोड़ा और ज्यादा मनुष्य बनाती है। यही कविता का धर्म है। कार्यक्रम का संचालन सीमा शर्मा और रचना सरन ने किया और धन्यवाद ज्ञापन किया संस्था के उपसचिव आनंद गुप्ता ने। इस अवसर पर कपिल आर्य, आशुतोष,निर्मला तोदी, जितेंद्र सिंह,नील कमल सहित कोलकाता के अनेक लेखक एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
प्रेषक – आनंद गुप्ता
मीडिया प्रभारी एवं उपसचिव – नीलांबर




