Thursday, October 1, 2026
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इस दिवाली पर भारतीय परिवार का खर्च है इतना

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इस दिवाली पर ज्यादातर भारतीय परिवार करीब 5-10 हजार रुपए के बीच खर्च करेंगे। यह औसत खर्च पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम है। भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (एसोचैम) के मुताबिक इस बार दिवाली पर कम खर्च का एक बड़ा कारण कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा इस दिवाली पर बोनस नहीं दिया जाना है। एसोचैम-सोशल डिवेलपमेंट फाउंडेशन की ओर से जारी सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई है। एसोचैम के सेक्रटरी जनरल  डीएस रावत ने कहा, कि आर्थिक सुस्ती ने उसी जगह हिट किया है जहां दर्द होता है। कन्ज्यूमर सेंटिमेंट नकरात्मक होने की वजह से लोगों के खर्च की आदत में बदलाव हुआ है।

क्या कहता है सर्वे

एसोचैम के हालिया सर्वे के मुताबिक, उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है. इसका पता इससे लगाया जा सकता है कि खर्च हर आयु वर्ग तथा आय की सीमा पर कम हुआ है।  अधिकतर परिवार इस दिवाली 5 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये के बीच में खर्च करेंगे।  देश के 61 फीसदी लोगों ने माना कि वह दिवाली पर खर्च पुरानी बचत या बोनस से कर रहे हैं।
इस बार लोन और ईएमआई के जरिए हो रही खरीदारी
लोन या ईएमआई पर सामान खरीदने का चलन इस दिवाली बढ़ा है। बैंकों और क्रेडिट कार्ड्स द्वारा उपलब्ध कराई गई ईएमआई स्कीम्स के जरिए 33 फीसदी लोगों खरीददारी कर रहे हैं।
कहां और किन लोग के बीच हुआ सर्वे
सर्वे में 24 से 34 और 35 से 45 उम्र के दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, लुधियाना, लखनऊ और इंदौर के लोगों को शामिल किया गया।
 

जब दफ्तर में हो दिवाली पार्टी तो आप मचाएँ धूम

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हर तरफ दिवाली की धूम है। आपके दफ्तर में भी दिवाली पार्टी की तैयारियां चल रही होंगी लेकिन अगर आप ऑफिस के लिए अब तक दिवाली परिधान तय नहीं कर पाई हैं क्योंकि आप ज़्यादा ब्लींगी या ज़्यादा प्लेन नहीं दिखना चाहती हैं. तो संतुलित फैशन के लिए हम बताते हैं जो आपको दफ्तर में परफेक्ट दिवाली लुक देंगे –

क्रॉप टॉप और स्कर्ट – ज़्यादा सीक्विन नहीं, आप ये फ्लोरल क्रॉप टॉप और स्कर्ट दफ्तर  की दिवाली पार्टी के लिए पहन सकती हैं। अगर आप दफ्तर में क्रॉप टॉप में कमर दिखने से परहेज रखना चाहती हैं हैं तो स्कर्ट को हाईवेस्ट पहनें।

प्लेन मैक्सी के साथ दुप्पटा – अगर आप ज़्यादा ताम-झाम नहीं चाहती हैं तो अपनी एक प्लेन मैक्सी ड्रेस के साथ स्टाइलिश दुपट्टा भी कैरी कर सकती हैं. इसके साथ एथनिक फुटवेयर्स पहनें।

पलाजो पहनें – ऑफिस में आप कुर्ता-लैगिंग्स तो कैरी करती ही होंगी, दिवाली के लिए आप हल्के वर्क वाले कुर्ते के साथ पलाज़ो पहनें। ये आपको रोज़ से थोड़ा अलग और पार्टी लुक देगा।

एथनिक जैकेट – आप अपने सिंपल आउटफिट से भी परफेक्ट एथनिक लुक पा सकती हैं। इसके लिए बस अपने आउटफिट को एक लॉन्ग एथनिक जैकेट से लेयर कर लें। आप ये एथनिक जैकेट जींस-टॉप, कुर्ता-लैगिंग्स, स्कर्ट-टॉप, किसी के भी साथ पहन सकती हैं। शर्ट तो आपके वॉर्डरोब में होगी ही, आप अपनी शर्ट के साथ एथनिक स्कर्ट भी कैरी कर सकती हैं. इसके साथ स्टेटमेंट ईयररिंग्स या नेकलेस पहनें।

 

दीयों के त्योहार में मिल जाए तीखा – मीठा स्वाद

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सूजी की कचौड़ी

 सामग्री  : 1 कप सूजी, 1 छोटी चम्मच अजवाइन, नमक स्वादानुसार, दो कप पानी

भरावन के लिए : 6 उबले आलू, 1 छोटी कटोरी हरी मटर, 2 बड़ी चम्मच हरी शिमला मिर्च, 2 बड़ी चम्मच लाल शिमला मिर्च, 2 बड़ी चम्मच पीली शिमला मिर्च, 1 बारीक कटा हुआ प्याज
1 कद्दूकस किया हुआ छोटा टुकड़ा अदरक, 4-5 बारीक कटी हुई हरी मिर्च,1 छोटा चम्मच जीरा ,1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर,1 छोटा चम्मच चाट मसाला, 1 छोटा चम्मच गरम मसाला, नमक स्वादानुसार, तलने के लिए तेल, 1 प्याज गोलाकार में कटा हुआ, 2 बड़ी चम्मच बारीक कटी धनिया पत्ती

विधि : धीमी आंच में एक पैन में पानी में नमक, अजवाइन और तेल डालकर गर्म करने के लिए रखें। पानी के गर्म होते ही सूजी डाले और लगातार कड़छी से चलाते रहें। सूजी के पूरी तरह से सूखने के बाद आंच बंद कर दें और इसे एक प्लेट में निकालकर ठंडा कर लें।
अब एक बरतन में आलू लें और इसे हल्का-हल्का मसल लें।  मध्यम आंच में एक पैन में जीरा, अदरक और हरी मिर्च डालकर भूनें। जीरे के भुनते ही सभी सब्जियां और मसाले डालकर भून लें। सूजी का मिश्रण अब तक ठंडा हो चुका होगा. हाथों पर तेल लगाकर सूजी को एक बार अच्छे से नर्म गूँथ लें। सूजी की लोई लेकर हथेलियों के बीच दबाते हुए थोड़ा फैलाएं और बीच में भरावन भरकर इसे कचौड़ी की शेप में बंद कर दें। इसी तरह सभी कचौडियां बना लें।  तेज आंच में एक कड़ाही में तेल गर्म करने के लिए रखें। तेल के गर्म होते ही कचौडियों को सुनहरा होने तक तल लें।  सूजी की कचौड़ी तैयार है। टोमैटो सॉस, प्याज और हरे धनिये के साथ गार्निश कर परोसें।

ब्रेड मालपुआ

सामग्री : 4 ब्रेड स्लाइस, एक कटोरी चीनी, पानी चाशनी बनाने के लिए, सात से आठ पिस्ता, सात से आठ बादाम, चुटकी भर केसरिया खाने का रंग, एक छोटी कटोरी रबड़ी, घी तलने के लिए

विधि : सबसे पहले सभी ब्रेड्स को बीच में से गोलाकार शेप में काट लें। मध्यम आंच में एक पैन में चीनी और पानी डालकर लगभग दस मिनट तक उबालने के लिए रखें और चाशनी तैयार कर लें। चाशनी में ही पिस्ता, बादाम और खाने का डाल दें।  दूसरी ओर तेज आंच में एक पैन में घी गरम करने के लिए रखें। घी के गरम होते ही ब्रेड के कटे हुए पीस डालकर सुनहरा तल लें और एक प्लेट में निकालकर रख लें। अब ब्रेड के फ्राइड स्लाइस को दो से तीन मिनट के लिए चाशनी में डालकर निकाल लें।  तैयार है ब्रेड मालपुए। ऊपर से चाशनी और रबड़ी डालकर गर्मागर्म परोसें।

नोट: 
आप चाहें तो केसर भी डाल सकती हैं।
ब्रेड को तेज आंच में ही तलें ताकि क्योंकि ब्रेड धीमी आंच में ब्रेड बहुत घी सोंखता है।

 

इस दिवाली पर दमके आपकी खूबसूरती

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इन दिनों दिवाली की तैयारियों में व्यस्त हैं और अगर आप अपने लिए वक्त नहीं निकाल पाई हैं तो परेशान होने की बात नहीं। बस मेकअप के कुछ स्मार्ट तरीके अपनाएं और बनें दीवाली की शान।

क्लीजिंग मेकअप – मेकअप करने से पहले फेस को किसी अच्छे फेसवॉश से धो लें और फिर क्लींजिंग मिल्क से साफ कर लें।

हेयर स्टाइल –  जुल्फ तभी लहराती अच्छी लगेगी, जब आप इसे अच्छे से संवारें, इसलिए अपने चेहरे के मुताबिक कोई भी हेयर स्टाइल बनाएं। अगर चेहरा लम्बा है तो पफी हेयर सटाइल ना बनाएं, अगर चेहरा चौडा है तो सामने की तरफ थोडा-सा पफ बना सकती हैं। बालों को और भी आकर्षक बनाने के लिए आप बालों को स्ट्रेट भी कर सकती हैं और गि्लटर डस्ट करें ताकि बाल शाइन करें।

बेस मेकअप – बेस मेकअप करते समय इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि मेकअप परिधान के मुताबिक हो, क्योंकि परिधान के रंग और स्टाइल के अनुरूप किया हुआ मेकअप आकर्षक लगता है। अगर त्वचा पर कोई कमी मतलब दाग-धब्बे हैं जैसे-आंखों के नीचे डार्क सर्कल या एक्नेतो उन्हें कंसीलर द्वारा छुपाएं।

आई मेकअप – आंखों का मेकअप करने से पहले भवों को सही आकार दें, ताकि मेकअप और भी खूबसूरत नजर आए। अगर भवें यानि आई ब्रो हल्की है तो ब्राउन और ब्लैक आई-ब्रो पैंसिल से उन्हें आकार दें। अगर माथा ज्यादा ऊंचा है तो आच्र्ड आईब्रोज बनवाएं। अगर चेहरा गोल हैतो आर्च भी दें। माथा छोटा है तो आईब्रो को थोडा स्ट्रेट या हल्की सी गोलाई में बनवाएं। आंखों का मेकअप करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि अगर आप दिन में मेकअप कर रही हैं तो आई शैडो हल्का पिंक या लाइट ग्रीन लगाएं। आईब्रो के नीचे सिल्वर गोल्डन या कॉपर से हाईलाइट करें। अब आंखों के नीचे लाईनर के बदले उसी रंग के आई शैडो से लाइन बनाएं। फिर आई-लाइनर अपनी आंखों के मुताबिक लगाएं मतलब जैसे आंख छोटी है तो कोशिश करें कि मोटा आईलाइनर लगाएं।

लिपस्टिक – लिपस्टिक अधिक देर तक टिकी रहे, इसके लिए पहले होठों को साफ करके, उन पर फाउंडेशन की एक परत लगाएं और फिर उन पर पाउडर का हल्का हाथ फेरें। अब लिप ब्रश से होंठों की आउट लाइन बनाएं। लिपस्टिक ज्यादा देर तक टिकी रहे इसके लिए लिपस्टिक लगाने के बाद एक टिश्यू पेपर को होंठों पर दबाएं, फिर पाउडर लगाएं, इसके बाद लिपस्टिक की दूसरी परत लगाएं और अन्त में लिप ग्लॉस लगाएं।

ब्लशर – गालों को गुलाबी करने के लिए ब्लशर लगाएं। ब्लशर गाल से लेकर कनपटी तक लगाएं। ब्लश ऑन लगाते टाइम इस बात का खास ध्यान रखें कि अगर चेहरा चौड़ा है तो ब्लशर किनारे पर ज्यादा न लगाएं। अगर चेहरा गोल है तो चिक बोंस के ऊपर ब्लशर लगाएं, चेहरा लम्बा है तो चिक बोंस पर ही ब्लशर लगाएं।

बिंदी – बिंदी बिना श्रृंगार अधूरा लगता है। बाजार में कुंदन नग वाली बिंदिया खूब फैशन में है। आप परिधान के मुताबिक इनका चयन कर सकती हैं।

अभ्यांग स्नान….दिवाली पर तेल से स्नान की परम्परा

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हर साल दीपावली के दिन सुबह उठकर ऑयल बाथ यानि तेल से स्‍नान करने का रिवाज़ है। चेन्‍नई में लोग दीपावली के दिन अभ्‍यांग स्‍नान की पंरपरा का पूरी तरह से पालन करते हैं। इस स्‍नान के कई लाभ हैं जैसे कि इससे शरीर की गर्मी दूर होती है और ये त्‍वचा और आंखों के लिए भी फायदेमंद रहता है एवं इससे बाल बढ़ते हैं और रक्‍तचाप नियमित रहता है।

दीपावली के दिन स्‍नान से पूर्व चेन्‍नई में लोग नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाते हैं। प्राचीन मान्‍यता है कि इस पानी से स्‍नान करने से मन और मस्‍तिष्‍क दोनों ही शुद्ध हो जाते हैं।

कहते हैं कि इस पवित्र जल से बुरी शक्‍तियों का नाश होता है। सूर्योदय से पूर्व अभ्‍यांग स्‍नान करने से गंगा नदी में डुबकी लगाने जितना पुण्‍य मिलता है। दीवाली के मौके पर विशेष प्रकार के लेहिग्‍यम का प्रयोग कर ‘दीपावली मरूंधु’ बनाया जाता है।

दीपावली मरूंधु को बड़ी आसानी से घर में ही उपलब्‍ध सामग्री से बनाया जा सकता है। पेट की परेशानियां दूर होती हैं अपच को दूर करने वाला ये व्यंजन प्राकृतिक चीज़ों और हर्बल मसालों से बना होता है। ज्यादा खा लेने पर ये हमारे पाचन तंत्र का ख्‍याल रखते हैं।

अभ्‍यांग स्‍नान के बाद महिलाएं अपने घर के बरामदे में रंगोली बनाती हैं और दीपक जलाती हैं। बच्‍चे पटाखे जलाते हैं। परिवार के सभी सदस्‍य एकसाथ बैठकर मिठाई और स्‍नैक्‍स खाते हैं। बच्‍चे, बूढ़े और जवान सभी मंदिर जाकर भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं। दीवाली के अवसर पर हर दिल खुशियों से भर जाता है।

सऊदी में महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत मिली

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सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने मंगलवार को एक शाही फरमान जारी करते हुए महिलाओं को देश में वाहन चलाने की इजाजत दे दी है।

‘न्यूयार्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले ने लंबे समय से चली आ रही उस दीर्घकालिक नीति को उलट दिया है जो अत्यंत रूढ़िवादी देश में महिलाओं के दमन का वैश्विक प्रतीक बन गई थी।

यह निर्णय हालांकि, तत्काल लागू नहीं किया जाएगा क्योंकि देश में महिलाओं के लिए ड्राइविंग सीखने या ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कोई बुनियादी ढांचा नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को महिलाओं के साथ उस तरीके से बातचीत करने के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत होगी जिस तरीके से शायद ही इस समाज में अनजान पुरुषों और महिलाओं के बीच बातचीत होती है।

कई वर्षों से सऊदी मौलवी महिलाओं के ड्राइविंग करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कई कारण गिनाते रहे हैं, जिनमें से एक में दावा किया जाता रहा है कि ड्राइविंग से महिलाओं के अंडाशय को नुकसान पहुंचता है।

इस प्रतिबंध को रद्द करने के लिए विभिन्न अधिकार संगठनों द्वारा लंबे समय तक अभियान चलाया गया, जिस दौरान ड्राइविंग करने को लेकर कई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया।

इस हालिया आदेश से पता चलता है कि सऊदी अपनी छवि सुधारने का किस प्रकार प्रयास कर रहा है जो महिलाओं को सार्वजनिक रूप से गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं देने से खराब हुई थी।

ऐसा माना जा रहा है कि विदेशों में सऊदी अरब की छवि पर होने वाले प्रभावों के अलावा महिलाओं को ड्राइविंग करने देने के पीछे का मकसद सऊदी अर्थव्यवस्था में सुधार करना है, जिसमें महिला चालक मददगार हो सकती हैं।

तेल की कम कीमतों ने सरकारी नौकरियों को सीमित कर दिया है जिस पर कई सऊदी लंबे समय से निर्भर रहे हैं और अब देश महिलाओं सहित ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लाभकारी रोजगार देने की कोशिश कर रहा है।

 

महेंद्र सिंह धोनी की कामयाबी ने दिये इनके सपनों को नये पंख

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रांची  : राम रोशन शरण दसवीं कक्षा के छात्र हैं और रोज स्कूल के बाद तीन घंटा क्रिकेट के मैदान पर पसीना बहाते हैं । इसी तरह बक्सर के रहने वाले हर्ष प्रधान को 2011 विश्व कप देखने के बाद क्रिकेटर बनने की धुन सवार हो गई ।

ये बच्चे हैं रांची के श्यामली स्थित जवाहर विद्या मंदिर के जहां से महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट का ककहरा सीखा था । धोनी ने अपने स्कूल के ऐसे कई बच्चों को सपने देखने का हौसला और उन्हें पूरा करने का जुनून दिया । स्कूल में जगह जगह लगी धोनी की उपलब्धियों की तस्वीरें और कोच केशव रंजन बनर्जी के मार्गदर्शन ने इनके सपनों को नये पर दिये हैं और उसे ताबीर में बदलने के लिये स्कूल के उसी मैदान पर ये घंटो मेहनत करते हैं जहां से धोनी ने अपने सुनहरे सफर की शुरूआत की थी ।

धोनी के गुरू रहे कोच बनर्जी ने बताया ​कि पहले उनके पास सिर्फ बडी क्लास के चुनिंदा बच्चे आते थे लेकिन अब कक्षा छह से ही बच्चे क्रिकेट सीखने लगे हैं । धोनी के इस स्कूल में अब 30 से 35 बच्चे नियमित क्रिकेट का अभ्यास कर रहे हैं ।

दसवीं के छात्र रामरोशन शरण ने भाषा से कहा ,‘‘मैं डेढ साल पहले जेएससीए इंडोर स्टेडियम में माही से मिला था । उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसे ही मेहनत करते रहो तो सपने जरूर पूरे होंगे । मैने उनकी बात गांठ बांध ली और मुझे यकीन है कि एक दिन सफलता जरूर मिलेगी ।’’ धोनी की ही तरह ये विकेटकीपिंग करते हैं और आक्रामक बल्लेबाज भी हैं । वहीं बक्सर के रहने वाले हर्ष को 2011 विश्व कप की टाफी देखने के बाद क्रिकेट खेलने का चस्का लगा ।

उन्होंने कहा ,‘‘ 2011 विश्व कप की टाफी हमारे स्कूल भी आई थी । मैने जब उसे देखा और छुआ तो बडा गर्व महसूस हुआ । मुझे प्रेरणा मिली कि अगर हम भी मेहनत करें तो माही के बाद स्कूल का नाम रोशन कर सकते हैं ।

इस बार धनतेरस में इन धातुओं में करें निवेश

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निवेश की बात होती है तो सोना पहली पसंद होता है खासतौर पर धनतेरस के दौरान। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस सीजन में चांदी की चमक सोने से ज्यादा होगी। अनुमानों के अनुसार, एक साल में गोल्ड की कीमतों में 6 प्रतिशत उछाल आएगा वहीं, सिल्वर के रेट्स में 20 प्रतिशत उछाल आ सकता है।

भारत के लोगों को गोल्ड से कितना प्यार है यह बताने की जरूरत नहीं। इसलिए अधिकतर लोग धनतेरस पर गोल्ड में निवेश करने पर ज्यादा विश्वास करते हैं। सिल्वर पर निवेश करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

फिर भी अगर आपका दिल सोने पर ही आता है तो आपके के पास ये विकल्प हैं। आप फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ETF, गोल्ड सेविंग्स फंड और सॉवरन गोल्ड बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं।

ऐमजॉन पर सोने और चांदी के सिक्कों पर 10 प्रतिशत का डिस्काउंट है। सोने और हीरे की जूलरी पर ऐमजॉन 60 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दे रहा है। पेटीएम पर भी ‘दिवाली गोल्ड सेल’ चल रही है।

बीएसई के बाद एनएसई ने भी यह घोषणा कर दी है कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड्स (ETF) और सॉवरन गोल्ड बॉन्ड धनतेरस के दिन शाम 7 बजे तक टेड्रिंग करते रहेंगे। इसके अलावा एनएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन भी 19 तारीख को 6:30 से 7:30 तक चलेगा।

(साभार – नवभारत टाइम्स)

धनतेरस से ठीक पहले फीकी पड़ी चांदी की चमक, सोना स्थिर

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नई दिल्ली: कमजोर वैश्विक संकेतों और औद्योगिक इकाइयों का उठाव घटने से सोमवार को धनतेरस के ठीक एक दिन पहले दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 100 रुपये टूटकर 41,400 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। वहीं छिटपुट सौदों के बीच सोना 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। कारोबारियों का कहना है कि नकारात्मक वैश्विक रुख के बीच औद्योगिक इकाइयों का उठाव घटने से चांदी में गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में चांदी 0.03 प्रतिशत घटकर 17.40 डॉलर प्रति औंस रह गई। वहीं सोना 0.08 प्रतिशत बढ़कर 1,304.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। राष्ट्रीय राजधानी में चांदी हाजिर 100 रुपये के नुकसान से 41,400 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। साप्ताहिक डिलीवरी चांदी का भाव हालांकि 80 रुपये बढ़कर 40,480 रुपये किलो हो गया।

सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता का भाव क्रमश: 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम तथा 30,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। शनिवार के कारोबार में सोना 50 रुपये चढ़ा था।  गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहा। हालांकि, चांदी सिक्का लिवाल 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर कायम रहा।

देश के चार महानगरों के भाव
देश के चार महानगरों में सोना, चांदी के बंद भाव इस प्रकार रहे: (भाव रुपये में) दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई सोना (प्रति दस ग्राम) 30,850 29,860 30,350 28,500
चांदी (प्रति किलो) 41,400 40,110 40,500 43,500

भारत की सेलेना ने मिस्र में जूनियर एवं कैडेट टेटे में जीते तीन स्वर्ण

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शर्म अल शेख (मिस्त्र ) : भारत की युवा टेबल टेनिस खिलाड़ी सेलेना सेल्वाकुमार ने मिस्र में जूनियर एंड कैडेट टेबल टेनिस ओपन में तीन स्वर्ण पदक जीते।

चेन्नई की इस 17 वर्षीय खिलाड़ी ने एकल और युगल के स्वर्ण पदक के अलावा टीम चैंपियनशिप में भी सोने का तमगा हासिल किया। खास बात यह रही कि सेलेना इस एलीट 2017 आईटीटीएफ विश्व जूनियर सर्किट प्रतियोगिता में अजेय रही।
शीर्ष वरीयता प्राप्त सेलेना को लड़कियों के एकल में स्वर्ण पदक जीतने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। सेमीफाइनल में सेलेना ने मरियम अल्होडेवी को 4-3 (11-9, 11- 8, 10-12, 8-11, 11-8, 5-11, 11-5) से हराया।
इसके बाद फाइनल में सेलेना ने दूसरी वरीय मार्वा अल्होडेडी को 4-3 (11-5, 12-10, 8-11, 6-11, 11-3, 6-11, 11-4) से पराजित करके खिताब जीता।
सेलेना ने नाइजीरिया की इस्टर ओरीबामीस के साथ खेलते हुए युगल खिताब जीता। फाइनल में सेलेना और इस्टर ने मिस्र की फारिदा बाडावे और ग्रीस की मालामातेरिना पापादिमित्रिओयू को 3-2 (11-8, 12-10, 9-11, 8-11, 11-9) से हराया।

सेमीफाइनल में सेलेना और इस्टर ने शानदार खेल दिखाते हुए मिस्र की सारा अबोसेत्ता और ट्यूनिशिया की अबीर हज साराह को 3-2 (11-7, 4-11, 13-11, 9-11, 12-10) से हराया था।