Wednesday, April 1, 2026
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नहीं रहे वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह

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पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की जंग के नायक मार्शल ऑफ एयर चीफ अर्जन सिंह का शनिवार को निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। दिल का दौरा पड़ने से शनिवार की सुबह भारतीय वायुसेना के इस जांबाज सेनानायक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम साढ़े सात बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। अर्जन सिंह भारतीय वायुसेना के एक मात्र अफसर थे जिन्हें फील्ड मार्शल के बराबर ओहदा दिया गया था। उन्हें फाइव स्टार रैंक दिया गया था।
2016 में पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयरबेस का नाम अर्जन सिंह एयरबेस कर दिया गया था। उनके 97वें जन्मदिन पर पानागढ़ को उनका नाम दिया गया। वह पहले जीवित सेनानायक थे, जिनके नाम पर किसी एयरबेस का नाम रखा गया है।
भारतीय सेना के लिए मिसाल माने जाने वाले सिंह ने 1965 में सबसे युवा वायुसेना प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय उनकी आयु महज 44 वर्ष थी।
अर्जन सिंह के अंदर फाइटर पायलट का जज्बा आखिरी तक बरकरार रहा। 1969 में रिटायरमेंट तक वह सेना के 60 तरह के विमान उड़ा चुके थे।
इससे पहले सुबह आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में अर्जन सिंह के भर्ती होने की खबर सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने अस्पताल पहुंच कर उनका हालचाल जाना था।

पीएम मोदी ने मार्शल अर्जन सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि मार्शल ऑफ एयरफोर्स अर्जन सिंह के दुखद निधन से पूरा भारत दुखी है। हम उनके सर्वश्रेष्ठ कार्यों को हमेशा याद रखेंगे।

अर्जन सिंह ने वायुसेना की क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान रखा, इससे हमारी रक्षा तैयारियों को बड़ी ताकत मिली। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रतिष्ठित हवाई योद्धा एवं शानदार शख्स के निधन से दुखी लोगों के साथ हैं। अर्जन सिंह… आपकी आत्मा को शांति मिले…। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी वायुसेना के महान योद्धा अर्जन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हवाई योद्धा मार्शल अर्जन सिंह के निधन  का बेहद दुख है। राष्ट्रपति कोविंद ने उनके परिवार और वायुसेना के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामण ने वायुसेना के एयर मार्शल अर्जन सिंह के निधन को बड़ी क्षति बताया। सीतारमण ने कहा अर्जन सिंह ने अनुकरणीय जीवन का नेतृत्व किया। उन्होंने कई युद्ध लड़े।

 

टि्वटर को देसी ‘मूषक’ से मिलेगी चुनौती

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भोपाल : अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया नेटवर्किग साइट टि्वटर के भारतीय विकल्प के तौर पर हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में काम करने वाली सोशल मीडिया नेटवर्किग साइट ‘मूषक’ पेश की गयी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल इसका औपचारिक तौर पर लोकर्पण करेंगे।
मूषक के संस्थापक अनुराग गौड़ ने आज यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘मूषक स्वभाषा में तैयार किया गया देश का पहला स्वदेशी सोशल नेटवर्क है। मूषक एंड्राइड एप और वेब साइट दोनों ही रूपों में इंटरनेट पर मौजूद है। यह सम्पूर्ण रूप से भारतीय और भारतीय युवाओं द्वारा तैयार किया गया यह पहला स्वदेशी नेटवर्क है।’’ उन्होंने बताया कि फिलहाल मूषक हिन्दी के अलावा मराठी और गुजराती में उपलब्ध है और क्रमश: भारत की सभी भाषाओं में लाया जायेगा। अंग्रेजी में यह उपलब्ध नहीं है।

गौड़ ने कहा कि देश में अभी 2.5 लाख लोग मूषक का उपयोग कर रहे हैं तथा रोज हजारों लोग इससे जुड़ रहे हैं। इनमें प्रसिद्ध योगगुरू बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, गायक अभिजीत भट्टाचार्य, वरिष्ठ पत्रकार प्रताप सोमवंशी इसका नियमित तौर पर उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने टि्वटर की तूलना में मूषक को अधिक सक्षम होने के दावा करते हुए कहा कि मूषक में अक्षर सीमा 500 है, जो संक्षिप्त में अपनी बात रखने के लिये पर्याप्त है। इसके साथ ही इसमें आप छाया चित्र, चलचित्र, ध्वनि फाइल तो डाल ही सकते हैं। साथ ही डूडल बनाने, छायाचित्र के ऊपर लिखने और मेम बनाने की सुविधा भी इसमें है।

गुजरात का एक अनूठा ‘कैशलेस’ मंदिर

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माधव चतुर्वेदी (पीटीआई)

भरूच : भगवान के पास सब चिंताओं से खाली होकर जाने की बात तो आपने शास्त्रों में पढ़ी होगी किन्तु अब आप भगवान के मंदिर में खाली जेब भी जा सकते हैं। वास्तविकता में एक ऐसा मंदिर है जहां कोई नकद भेंट नहीं चढ़ाई जाती और यह पूरी तरह से कैशलेस है।

यह अनूठा मंदिर है भरूच शहर स्थित गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेट :जीएनएफसी: की टाउनशिप में। मंदिर का नाम है जन विकास मंदिर और इसका प्रबंधन कम्युनिटी डेवलपमेंट चैरिटी टस्ट करता है।

जीएनएफसी के अतिरिक्त महाप्रबंधक आर सी जोशी ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले यह मंदिर कैशलेस हुआ। यह काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के अभियान के तहत हुआ। जीएनएफसी की पूरी टाउनशिप ही कैशलेस है।

उन्होंने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी यदि भेंट चढ़ाना चाहते हैं तो वे पुजारी के पास मौजूद पीएसओ मशीन की मदद से क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिये भेंट की राशि को मंदिर के बैंक खातें में डलवा देते हैं।


मंदिर के पुजारी महेशभाई जोशी ने बताया कि मंदिर में पेटीएम, भीम एप के जरिये भी भेंट चढ़ाई जाती है। इस मंदिर प्रांगढ़ में शिवजी, राधा—कृष्ण, दुर्गा माता और राम—जानकी दरबार के चार अलग अलग मंदिर हैं। चारों मंदिरों के लिए अलग अलग पेटीएम नंबर हैं। इनमें भक्त अपने इष्ट को भेंट चढ़ा सकता है।

जोशी ने बताया कि मंदिर में टाउनशिप के अलावा बाहर के लोग भी दर्शन के लिए आते हैं। विशेषकर नवरात्र एवं अन्य पर्व—त्योहारों पर। वे सब भी यहां कैशलेस भेंट ही चढ़ाते हैं। मंदिर के एक हिस्से में लगायी गयी दान पेटी को अब बंद कर दिया गया है। किन्तु उसे हटाया नहीं गया। उस पर लिखित सूचना टांग दी गयी है कि नकद भेंट के बजाय मंदिर में कैशलेस भेंट चढ़ाई जाये। इसमें मंदिर के बैंक खाता संख्या एवं अन्य आवश्यक विवरण का उल्लेख किया गया है।

जीएनएफसी के अतिरिक्त महाप्रबंधक आर सी जोशी ने बताया कि इस टाउनशिप के मार्केट परिसर में दूध, पान, बेकरी, हज्जाम, ज्वेलरी सहित विभिन्न दुकानें हैं। पर किसी भी दुकान में नकद लेनदेन का चलन नहीं है। सभी दुकानों में कैशलेस आदान प्रदान होता है।

उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इसे पूरी तरह से कैशलेस टाउनशिप घोषित किया था।

 

क्रोम नेल पॉलिश का है ट्रेंड

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आपने अपने दोस्‍तों से क्रोम नेल्‍’ यानि नाखूनों के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन क्‍या आपने कभी इस नेल आर्ट पर ध्‍यान दिया है। ब्‍यूटी इंडस्‍ट्री के इस हॉट ट्रेंड के बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। तो चलिए जानते हैं क्रोम नेल्‍स के बारे में। अगर आपको हमेशा फैशन के साथ चलना और अपडेट रहना पसंद है तो आपको इस क्रोम ट्रेंड के बारे में जरूर पता होना चाहिए। इन्‍हें चमकदार, मटैलिक नेल पेंट और इसे बाहरी प्रकृति से सुरक्षित रखने का इंतजाम भी किया गया है।

त्वचा की रंगत के हिसाब से लगाऐं नेल पॉलिश – अब क्रोम सिर्फ मटैलिक सिल्‍वर तक ही सीमित नहीं रहा है। कॉपर, बीज, गोल्‍ड और शैंपेन लुक मटैलिक शेड आते हैं। सिल्‍वर और ब्‍लैक सबसे ज्‍यादा क्‍लासिक क्रोम कलर हैं।

होलोग्राफिक रंग – चमक, रंग और स्‍टाइलिश होने कारण होलोग्राफिक क्रोम को सबसे ज्‍यादा पसंद किया जाता है। होलोग्राफिक नेल्‍स पाने के लिए बाजार में कई सारे उपकरण मौजूद हैं जैसे कि होलोग्राफिक सैलोफेन और फॉइल।

पिंक क्रोम नेल्‍स – ये रंग तो लड़कियों का पसंदीदा रंग है साथ ही ये रंग किसी भी तरह के आटफिट के साथ जंच जाता है। अपने रेग्‍युलर पिंक नेल पेंट को क्रोम ग्लिटी के साथ अपडेट जरूर करें।

 रोज़ गोल्‍ड रोज़-  गोल्‍ड क्रोम नेल्‍स काफी क्‍लासी लुक देते हैं और इन्‍हें आप किसी भी मौके पर करवा सकती हैं। इसमें कुठ स्‍टोंस का 3डी इफेक्‍ट भी बहुत बढिया लुक देगा।

ऑम्‍ब्रे क्रोम – अगर आप गोल्‍ड और सिल्‍वर में से किसी एक को नहीं चुन पा रहीं हैं तो आपको ऑम्‍ब्रे ट्राई करना चाहिए। गोल्‍ड के साथ शुरु होकर नाखूनों के टॉप पर सिल्‍वर रंग किया जाता है। किसी भी मौके पर आप ये स्‍टाइल करवा सकती हैं। कॉपर क्रोम – सभी क्रोम कलर्स में ये रंग सबसे ज्‍यादा पसंद किया जाता है। कॉपर क्रोम पर बहुत ज्‍यादा मेहनत लगती है लेकिन से बनने के बाद बहुत खूबसूरत लगता है। शीशे की तरह चमकता हुआ ये रंग आपके आसपास की हर चीज़ को फीका कर देगा। साथ ही आप इसे हर आउटफिट के साथ ले सकती हैं।

 मटैलिक रैड विद राइनस्‍टोंस – अगर आप ग्‍लैमरस दिखना चाहती हैं तो आपको मटैलिक रैड विद राइनस्‍टोंस अपनाना चाहिए। इसमें रैड क्रोम में सिल्‍वर और सजावट के लिए कुछ राइनस्‍टोंस का प्रयोग किया जाता है। लाल रंग तो वैसे ही आकर्षित करता है। उस पर राइनस्‍टोंस का होना उनकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है।

मटैलिक ब्‍लू –  ब्‍लू नेल पेंट के बेसर पर छोटे समुद्री जीवों के स्टिकर्स चिकपाएं जाते हैं। ये वाकई काफी खूबसूरत और आकर्षित लगता है। इसे आप किसी भी पार्टी या थीम के साथ मैच कर सकती हैं और जब आप नीले रंग की ड्रेस पहनें तो इसे जरूर ट्राई करें।

 होलोग्राफिक टिप –  अगर आप बिना कोई ज्‍यादा मेहनत किए क्रोम नेल्‍स लुक पाना चाहती हैं तो आपको होलोग्राफिक टिप करवाना चाहिए। इस प्रक्रिया में आपके नाखूनों को ट्रांसपेरेंट बेस से ढका जाता है और नाखूनों के टिप पर V आकार में 3डी ग्लिटर लगाई जाती है। कम मेहनत में परफैक्‍ट लुक पाने का ये सबसे आसान और बढिया तरीका है। इसे बनवाते समय अपने हाथों को बिलकुल सीधा रखें तभी ये परफैक्‍ट बन पाएगा।

संवेदनशील पुलिस ने रुपये जमा करवाया अंतिम संस्कार

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आमतौर पर पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने और अपराधियों से सांठगांठ की खबरें खाकी वर्दी की छवि और आमजन में विश्वास—अपराधियों में भय के स्लोगन को ज्यादातर कटघरे में खड़े करती रहती है। लेकिन इसी पुलिस की मानवीय संवेदनाओं की कहानी भी कई बार सामने आती है, जो कि सेवार्थ कटिबद्धता के राजस्थान पुलिस के स्लोगन को चरितार्थ करती है।

यह खबर है कि एक निर्धन परिवार से जुड़ी महिला पांचू देवी की। जिसकी जिंदगी को आधी रात को कोई रईसजादा अपनी तेज रफ्तार लक्जरी कार के कहर में छीनकर ले गया। राजधानी जयपुर में अजमेर रोड पर सुशीलपुरा पुलिया के पास करीब आठ सौ मीटर तक कार की चपेट में आकर घिसटती महिला 28 साल की पांचू देवी की लाश क्षत—विक्षत हो गई। काफी देर तक शव सड़क पर लावारिस हालत में पड़ा रहा। आंख खुलने पर पांचू देवी का पति हरिचंद और बच्चे रोते बिलखते पहुंचे। लेकिन आर्थिक तंगी ऐसी की……

मदद के लिए पुलिस को भी नहीं ​बुला सके। तब आसपास के लोगों ने फोन कर पुलिस को बुलाया। आज सुबह दुर्घटना अनुसंधान ईकाई साउथ पुलिस ने शव का एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाया। पांचू देवी के पति हरिचंद और परिजनों के पास इतने रुपए भी नहीं थे कि वे लाश को अपने जालौर जिले में स्थित पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर सकें।

हेडकांस्टेबल नेकीराम और कांस्टेबल प्रीतम के मुताबिक यह देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का मन पसीज गया। संवेदनाएं जागी और पुलिसकर्मियों ने अपनी जेब से रुपयों का इंतजाम करने का फैसला किया। चंद सैंकड में ही दुर्घटना थाने के स्टॉफ ने मिलकर 7200 रुपए इकट्ठा कर लिए।

तब भी रुपए पूरे नहीं हुए तो जनसहयोग लिया और स्थानीय पार्षद धर्मसिंह सिंघानिया, कुछ सामाजिक संस्थाओं और मोर्चरी पर मौजूद लोगों ने भी आर्थिक मदद कर करीब 25 हजार रुपए इकट्ठा कर लिए और फिर मृतका पांचू देवी के पति को देकर एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई।

 

इन ऐप के साथ खुद कीजिए अपनी सुरक्षा

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औरतों की सुरक्षा आज के समय में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। रोजाना बढ़ती वारदातों ने महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। कामकाजी महिलाओं के लिए तो स्थिति और भी बदतर है। ऐसे में अपनी सुरक्षा का जिम्मा सबको खुद उठाना पड़ेगा। इसी तकलीफ को खत्म करने के लिए कंपनियों ने कुछ ऐसे स्मार्टफोन ऐप्स निकाले हैं जो उनकी सुरक्षा में काफी मददगार साबित हुए हैं।

बी सेफ  ( bSafe)

इस ऐप में आप अपने परिवार व दोस्तों का एक नेटवर्क बना सकते हैं। जब भी आप किसी मुसीबत में होंगी, इस ऐप के अलार्म को दबाने से आपके ग्रुप पर एक अलर्ट पहुंच जाएगा कि आप सुरक्षित नहीं हैं। इसी ऐप के जरिए वे लोग आपको ट्रैक भी कर सकते हैं। साथ ही ये ऐप आपको वीडियो और ऑडियो रिकार्ड करने का भी विकल्प देता है।

  हिम्मत  (Himmat)

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए इस ऐप को खास तौर पर देर रात तक काम करने वाली महिलाओं के लिए बनाया गया है। इसके SOS अलर्ट को दबाने के बाद ना ही सिर्फ आपके परिवार और दोस्तों को खतरे की जानकारी मिलेगी बल्कि पुलिस कंट्रोल रूम को भी इसकी जानकारी हो जाएगी।

सेफ्टीपिन    (Safetipin)

सेफ्टीपिन ऐप में जीपीएस ट्रैकिंग के साथ-साथ एमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर और सुरक्षित रास्तों की दिशा सेव होती है। जो रास्ते सुरक्षित नहीं हैं उनके लिए भी ये ऐप आपको अलर्ट कर देगा।

 रक्षा   (Raksha)

रक्षा ऐप की खासियत यह है कि यह बिना खोले भी काम करता है। अपने फोन के वॉल्यूम वाले बटन को तीन सेकेंड तक दबाने से ही यह आपके परिवार व दोस्तों को बता देगा कि आप मुसीबत में हैं। इस ऐप में SOS भी है जो आपके इंटरनेट बंद होने पर आपके परिवार को एसएमएस भेज देगा।

स्मार्ट 24 X7  (Smart 24X7)

तुरंत मदद पाने के लिए इस ऐप से बेहतर कुछ नहीं है। किसी भी एमरजेंसी की स्थिति में पैनिक बटन दबाने से आपके परिवार को आपकी जानकारी तुरंत मिल जाएगी। साथ ही आपको आसपास के अस्पताल, पुलिस स्टेशन या फायर स्टेशन से तुरंत मदद मिलेगी।

कैब के सुरक्षा फीचर

लगभग सभी कामकाजी महिलाएं रेडियो टेक्सी (कैब) का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन कैब्स में बढ़ती छेड़खानी की वजह से वह अकेले सफर करने से डरती हैं।
वहीं कुछ कैब कंपनियों ने इस समस्या को समझते हुए अपने ऐप में ट्रैकिंग का फीचर शामिल किया हैं। कैब में बैठते ही आप जब ये ऐप खोलेंगे तो वह आपके रूट की जानकारी आपके परिवार के एक सदस्य को स्वत: मिल जाएगी और वो शख्स आपका रास्ता और कैब को ट्रैक कर पाएगा।

 

उर्दू की लोकप्रिय कहानियां अब अंग्रेजी में

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नयी दिल्ली  :  उर्दू साहित्य के दीवानों के लिये खुशी की खबर है कि अब वह उर्दू की 25 बेहतरीन कहानियों को अंग्रेजी भाषा मे भी पढ़ सकते हैं।

‘‘उर्दू की कालजयी कहानियां’’ नाम से इन कहानियों का संकलन एवं अनुवाद मुहम्मद उमर मेमन ने किया है। वह विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय में उर्दू साहित्य और इस्लामिक अध्ययन के प्रोफेसर हैं। उन्होंने इस संकलन में इस्मत चुगतई, राजिंदर सिंह बेदी, मुन्शी प्रेमचंद और सआदत हसन मंटो जैसे लेखकों की कहानियां शामिल की हैं।

मेनन ने इस किताब के परिचय में उर्दू कहानियों के विकास का उल्लेख किया है। इसमें 1930 के उत्तरार्ध में प्रगतिशील विचारधारा के उद्भव और अंतत: आधुनिकतावादी दौर में उर्दू भाषा में इस विधा की शुरूआत करने वाले प्रेमचंद से लेकर मौजूदा दौर तक की अग्रणी एवं प्रयोगवादी उर्दू कहानियों को शामिल किया है। संकलन की हर कहानी अपने समय के समाज का चित्रण करती है। इसमें प्रेमचंद की उत्कृष्ट कृति ‘कफन’ और विभाजन की भयावहता दर्शाने वाली मंटो की कहानी ‘टोबा टेक सिंह’ भी शामिल हैं।

 

अंटार्कटिका की गर्म गुफाओं में हो सकती है जीव जन्तुओं की अनदेखी दुनिया : अध्ययन

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मेल्बर्न : वैज्ञानिकों का मनना है कि अंटार्कटिका ग्लेशियरों के भीतर गर्म गुफाओं में जीव जन्तुओं और वनस्पतिओं की रहस्मयी दुनिया हो सकती है।

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) की ओर से किए गए अध्ययन में पाया गया कि अंटार्कटिका के रोस द्वीप में सक्रिय ज्वालामुखी माउंट इरेबस के इर्द गिर्द के क्षेत्र में झरनों के बहाव ने बड़ी गुफा का जाल बना दिया है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इन गुफाओं से मिले मृदा के नमूनों के अध्ययन से इसमें शैवाल , मॉस और छोटे जन्तुओं के अंश पाए गए।

एएनयू फेनर स्कूल ऑफ इंन्वॉयरमेंट एंड सोसाइटी के सी फ्रासर ने कहा, ‘‘गुफाएं अंदर बेहद गर्म हो सकती हैं। कुछ गुफाओं में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक भी हो सकता है। आप वहां टी शर्ट भी पहन कर आराम से रह सकते हैं।’’ पोलर बायलोजी जनरल में प्रकाशित अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता फ्रेसर ने कहा, ‘‘गुफा के मुहाने में रोशनी है और कुछ गुफाओं में जहां बर्फ की पर्त पतली है वहां अंदर की ओर रोशनी के फिल्टर्स हैं।’’ उन्होंने कहा कि माउंट इरेबस की अधिकतक गुफाओं से मिले डीएनए अंटार्कटिका में अन्य स्थानों पर पाए जाने वाले मॉस, शैवाल और अकशेरुकी जीवों सहित पेड़ों और जानवरों के डीएनए से मिलते जुलते हैं।

उन्होंने कहा कि इस अध्ययन से एक झलक मिलती है कि अंटार्कटिका की बर्फ के अंदर क्या हो सकता है। वहां वनस्पतियों और जंतुओं की नई प्रजातियां भी मौजूद हो सकती हैं। ’’ वैज्ञानिक ने कहा, ‘‘ अगला कदम गुफाओं को अधिक नजदीकी से देखना और किसी जीवित जीव जन्तु की तलाश करना है। अगर वहां वे मौजूद हैं तो एक नई दुनिया का पता लग पाएगा।’’

 

आसुरी प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करने  का त्योहार है नवरात्रि

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वैदिक ऋषियों ने प्रकृति को मातृ-शक्ति की संज्ञा दी और प्रकृति और पुरुष के रूप में सृजन शक्ति को पूजनीय बनाया है। पुरुष स्वरूप शिव है और प्रकृति स्वरूप शक्ति। शिव और शक्ति के सम्मिलन से ही जीवन का सृजन होता है। नवरात्र मां दुर्गा की आराधना का पर्व है।

मां दुर्गा के 9 स्वरूप हैं : पहला शैलपुत्री, दूसरा ब्रह्मचारिणी, तीसरी चंद्रघंटा, चौथा कुष्मांडा, पांचवां स्कंदमाता, छटा कात्यायनी, सातवां कालरात्रि, आठवां महागौरी और नौवां सिद्धिदात्री।

शिव के अलावा केवल दुर्गा ही एक ऐसी देवी हैं, जो त्रिनेत्र धारिणी हैं। उनका बायां नेत्र चंद्रमा का प्रतीक है, जो हमारे भीतर स्थित लालसा, मोह और कामना को व्यक्त करता है। उनका दायां नेत्र सूर्य का प्रतीक है, जो हमारे भीतर स्थित तेज, कर्म क्षमता और शक्ति का सूचक है और उनके मध्य भाग में स्थित उनका तीसरा नेत्र अग्नि का प्रतीक है, जो ज्ञान, विवेक और बुद्धि का सूचक है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, असुरों के राजा महिषासुर को यह वरदान प्राप्त था कि कोई भी मानव, देव या असुर उसको पराजित नहीं कर सकता। यह वरदान देते समय सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने उससे पूछा कि क्या मानव, देव या असुर की इस सूची में स्त्री को भी शामिल कर लिया जाए, ताकि कोई स्त्री भी उसे पराजित नहीं कर पाए? क्षह सुनकर उसका अहंकार जाग उटा, उसे लगा कि किसी स्त्री को पराजित करना भला कौन-सा कठिन काम होगा, इसलिए उसने इस वर को ठुकरा दिया।

दुर्गा का शाब्दिक अर्थ है, दुर्ग या किला। एक ऐसी सुरक्षित जगह, जिसे जीतना या काबू में करना बेहद मुश्किल हो, इसे हमारी रक्षा के लिए घर की स्त्री निर्मित करती है। दुर्गा इस विशाल सृष्टि की जननी हैं और सभी जीवों का पालन-पोषण करती हैं, घर की देवी यही भूमिका अपने परिवार के लिए निभाती है।

इस कहानी में हम दुर्गा को ज्ञान, बुद्धि और विवेक के रूप में देखते हैं, जो सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक बंधनों से परे हैं, वे सामूहिक शक्ति का प्रतीक हैं, महिषासुर अज्ञान, अहंकार और हमारी लालसाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उसके मायावी होने और निरंतर रूप बदलने का आशय है हमारा अनियमित व्यवहार और हमारी विनाशकारी भावनाएं।

जैसे हमारी बुद्धि लगातार भोग की एक लालसा से दूसरी लालसा की ओर आकर्षित होती है और उनके पीछे भागती है। असुर का अत्यधिक क्रोध हमारी वही वृत्ति है, जो बिना कुछ सोचे-समझे अपनी लालसाओं की राह में आने वाली हर चीज को ध्लस्त करना चाहती है। यह आज के समाज में व्याप्त कलुष को भी प्रदर्शित करता है।

भलानी प्रकृति हैं और शिव पुरुष हैं, यह हिंदू धर्म की आधारभूत अवधारणा है। दोनों बराबर के साझीदार हैं और इस सृष्टि को रचने और चलाने में। मगर पुरुष का अहंकार पशुपतिनाथ को पशु बनाए रखता है।

नवरात्र के नौ दिनों में हर दिन अलग स्वरूप का पूजन किया जाता है। देवी का पूजन और आराधना की पद्धति शिव की आराधना और पूजा से जरा अलग है। यह अंतर नवरात्र के देवी-पूजन में याद रखने की जरूरत है।

क्या ध्यान रखें?

– नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

– जागरण, भजन, हवन आदि भी करें।

– नौ दिनों में जमीन पर ही सोएं, ब्रह्मचर्य का पालन करें।

– कुमारी पूजन जरूर करें।

– दुर्गा की पूजा में लाल रंग के फूलों का उपयोग करें

– बेला, कनेर, केवड़ा, चमेली, पलाश, अशोक, केसर और कदंब के फूलों से भी पूजा की जा सकती है।

क्या न करें?

– फूजा में दूर्वा (यह गणेशजी को प्रिय है), तुलसी और आंवला (विष्णु को प्रिय) का प्रयोग न करें।

– आक और मंदार के पुष्पों का प्रयोग न करें।

(साभार)

सबसे प्यारी सहेली ने दी सेलेना को नयी जिन्दगी

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काफी समय से लाइमलाइट से दूर रहीं 25 वर्षीय अमेरिकन सिंगर सेलेना गोमेज ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी एक फोटो शेयर की है। यह तस्वीर आपका दोस्ती पर विश्वास बढ़ा जाती है और भावुक भी कर देती है।

दरअसल सेलेना गोमेज ने किडनी ट्रांसप्लांट करवाया है। जिसके लिए उन्हें अपनी किडनी उनकी बेस्ट फ्रेंड और टीवी स्टार फ्रेंसिया रेसा ने दी है। साल 2015 में ल्युपस नामक बीमारी से पीड़ित होने की वजह से सेलेना को किडनी ट्रांसप्लांट करवाना था।
ल्युपस नाम की बीमारी की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने लगती है। ये ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के रोग प्रतिरोधक सेल ही मुख्य सेल्स को मारने लगते हैं ।

सेलेना गोमेज ने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘मुझे पता है कि मेरे फैंस इस बात को नोटिस कर रहे हैं कि मैं इन दिनों दिखाई क्यों नहीं दे रही हूं। मैं किसी म्यूजिक एलबम का प्रमोशन क्यों नहीं कर रही? इसके लिए मैं बता दूं कि हाल ही में मैंने किडनी ट्रांसप्लांट करवाया है। मेरी बेस्ट फ्रेंड फ्रेंसिया ने मुझे नई जिंदगी दी। अब में धीरे-धीरे रिकवर कर रही हूं’ ।

सेलेना ने अपनी दोस्त फ्रेंसिया के बारे में लिखा, ‘मेरी खूबसूरत फ्रेंड ने मुझे बहुत ही अनमोल तोहफा दिया है। उसने अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना मुझे अपनी एक किडनी दे दी। इसके लिए तुम्हे बहुत-बहुत शुक्रिया दोस्त। आई लव यू सिस्टर’।