Saturday, October 3, 2026
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अंडर 19 विश्व कप : टीम इंडिया बनी विश्व विजेता, चौथी बार लहराया तिरंगा

मनजोत कालरा (101 रन, 102 गेंद, 8 चौकों और 3 छक्कों) के नाबाद पारी की बदौलत टीम इंडिया ने शनिवार को टौरंगा के बे ओवल स्टेडियम में खेले गए आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से मात देकर अंडर-19  वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया ने चाैथी बार यह खिताब अपने नाम दर्ज किया।
आॅस्ट्रेलिया ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया के सामने 217 रन का लक्ष्य रखा। जिसके जवाब में उतरी टीम इंडिया ने 38.5 ओवर में ही मैच जीतकर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया टीम को भारतीय तेज गेंदबाजों के घातक स्पेल का सामना करना पड़ा। इशान पॉरेल (2/30) और कमलेश नागरकोटी (2/41) ने टीम इंडिया को शुरूआती विकेट दिलाए। जिसके बाद अनुकूल रॉय (2/32) और शिवम मावी (46/1) ने मिलकर पारी को 216 पर समेट दिया।

टीम इंडिया के लिए यह लक्ष्य कुछ खास बड़ा नहीं था। टीम इंडिया की तरफ से ओपनिंग करने आए कप्तान शॉ और मनजोत कालरा ने पहले विकेट के लिए 71 रनों की मजबूत साझेदारी बनाई। शॉ ने 41 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 29 रन बनाए।  इस बीच बारिश की वजह से मैच को रोकना भी पड़ा लेकिन कुछ ही देर में वापस खेल शुरू हो गया। शॉ को विल सदरलैंड ने आउट कर पवेलियन भेज दिया। जिसके बाद बल्लेबाजी करने आए टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज शुभमन गिल ने 30 गेंदों में 4 चौकौं की मदद से 31 रन की पारी खेली। गिल को परम उप्पल ने बोल्ड कर दिया।

इससे पहले पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 47.2 ओवर में 216 रन पर ऑलआउट हो गई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को शुरुआत में ही तीन झटके लगे। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ओपनिंग करने आए जैक एडवर्ड्स (28) और मैक्स ब्रायंट (14) दोनों ईशांत पोरेल के शिकार हुए। छठे ओवर की पहली ही गेंद पर ईशान पोरेल ने मैक्‍स ब्रायंट को अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराकर पेवेलियन लौटा दिया। वहीं, ऑस्ट्रेलिया को 9.6 ओवर में दूसरा झटका लगा। इसके बाद 59 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया को कप्तान सांघा के रूप तीसरा झटका लगा। 17.1 ओवरों में कमलेश नागरकोटी ने अपनी पहली गेंद पर ही सांघा को हार्विक देसाई के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन पहुंचाया। उन्होंने 24 गेदों का सामना कर मात्र 13 रन ही बना पाए।

आस्ट्रेलिया की तरफ से मेरलो और परम उप्पल (34) ने चौथे विकेट के लिए 75 रन की साझेदारी की । इसके बाद मेरलो ने नाथन मैकस्वीनी (23) के साथ 49 रन जोड़े। चौथे विकेट के लिए मेलरो और उप्‍पल के बीच अच्छी साझेदारी होने लगी थी तभी अनूकुल रॉय ने ऑस्ट्रेलिया को चौथा झटका देकर परम उप्पल को अपना शिकार बनाया। 28.5 ओवरों में ऑस्ट्रेलिया को चौथा झटका लगा। परम उप्पल ने 58 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 34 रन बनाकर पवेलियन लौटे। विल सदरलैंड (5) को विकेट के पीछे हार्विक देसाई ने शिवा सिंह की गेंद पर लपका। शिवा ने ही 183 के स्कोर पर नाथन मैक्स्वीनी (23) को कॉट एंड बोल्ड किया। सदरलैंड मात्र 5 रन बनाकर आउट हो गए।

वहीं, ऑस्ट्रेलिया को 39.2 ओवरों में पांचवा झटका लगा। शिवा सिंह ने नेथन मैक्स्वीनी को खुद के हाथों कैच कराया। मैक्स्वीनी ने 29 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 23 रन बनाए। वहीं, टीम इंडिया के खिलाफ खेले जा रहे वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में मेरलो ने शानदार अर्धशतक जमाया। इसके साथ ही मेलरो का यह पहला वन-डे इंटरनेशनल अर्धशतक है। इसके बाद रयान हेडली (1) को आखिरी झटका शिवम मावी ने दिया। विकेट के पीछे हार्विक देसाई ने वह कैच लपका। इसी स्कोर पर बैक्टर होल्ट (13) रन आउट हुए। 214 के स्कोर पर जैक इवांस (1) कमलेश नागरकोटी ने बोल्ड किया।

गौरतलब है की अभी तक मौजूदा टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने कोई मैच नहीं गंवाया था। इसलिए फैन्स की टीम इंडिया से उम्मीदें और ज्यादा थी। हालांकि, दोनों टीमें फाइनल को लेकर काफी उत्साहित और आत्मविश्ववास से परिपूर्ण थी। एक तरफ सेमीफाइनल में जहां ऑस्ट्रिलिया ने अफगानिस्तान को 6 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, वहीं दूसरी तरफ टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 203 रन से करारी मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था।

फाइनल में सभी की निगाहें टीम इंडिया की मजबूत बल्लेबाजी पर टिकी हुई थीं। फैन्स का कहना था कि कप्तान पृथ्वी और शुभमन गिल के रूप में टीम इंडिया के पास दो शानदार बल्लेबाज हैं जिन्होंने अभी तक अपने बल्ले से सभी को प्रभावित किया है। गिल ने अभी तक इस टूर्नामेंट में 170 की औसत से रन बनाए हैं। गिल ने पाकिस्तान के खिलाफ 94 गेंदों में 102 रनों की पारी खेली थी। वहीं, फैन्स का ये भी मानना था कि गेंदबाजी में टीम इंडिया का दारोमदार शिवम मावी, अनूकुल रॉय, कमलेश नागरकोटी और ईशान पोरेल पर होगा, जो की सच साबित हुआ।

बता दें कि टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया दोनों की कोशिश अपने चौथे खिताब पर कब्जा जमाने की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को निराशा हाथ लगी। मालूम हो कि दोनों टीमें अभी तक इस वर्ल्ड कप को तीन-तीन बार घर ले जा चुकी थी, लेकिन टीम इंडिया ने चौथी बार खिताब पर कब्जा जमाने में सफल रही। ऑस्ट्रेलिया ने 1988, 2002 और 2010 में अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीते थे तो वहीं टीम इंडिया ने 2000, 2008, 2012 में वर्ल्ड कप का खिताब जीते थे लेकिन अब 2018 भी इस खाते में शामिल हो गया। इसी के साथ टीम इंडिया चौथी बार इतिहास रचने ंमें कामयाब रही।

 

अब केन्द्रीय महिला कर्मी ‘शी-बॉक्स’ में कर सकेंगी ऑफिस में यौन उत्पीड़न की शिकायत

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केंद्र सरकार में काम कर रही महिला कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्लैटफॉर्म शी-बॉक्स लॉन्च किया है। अब केंद्रीय महिला कर्मचारी ऑफिसों में यौन उत्पीड़न की शिकायत शी-बॉक्स के जरिए कर सकेंगी।

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि शी-बॉक्स फिलहाल केंद्र सरकार की कर्मचारियों के लिए है। बाद में इसका विस्तार किया जाएगा और इसमें प्राइवेट सेक्टर को भी शामिल किया जाएगा।  ऑफिस और कामकाज की जगह पर होने वाले उत्पीड़न की प्रकृति के लिए राष्ट्रीय स्तर का सर्वे कराने की बात भी मेनका गांधी ने कही है।

शी-बॉक्स का मतलब है ‘सेक्सुअल हैरसमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स’. इसमें आई कोई भी शिकायत सीधे संबंधित मंत्रालय, विभाग की इंटरनल कंप्लेन कमेटी के पास भेज दिया जाएगा, जिसके पास इसकी जांच का अधिकार होगा। इंटरनल कंप्लेन कमेटी नियमों के मुताबिक कार्रवाई करेगी और शिकायत की स्थिति भी पीड़ित को बताती रहेगी।

अभी केंद्र सरकार में करीब 30.87 लाख कर्मचारी हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की कर्मचारियों के लिए है जिसमें करीब 10.93 प्रतिशत महिलाएँ हैं। मेनका गांधी के मुताबिक पोर्टल में कैसी हरकतें यौन उत्पीड़न मानी जाएंगी यह भी बताया गया है। फर्जी शिकायतें ना आएं इस पर भी ध्यान दिया जाएग।

 

रेलवे के लिए 1.48 लाख रुपये का आवंटन, 600 स्टेशन अाधुनिक बनेंगे

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में रेलवे को लेकर भी बड़े ऐलान किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा ऐलान रेलवे पर करीब 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार पटरी बदलने से लेकर स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर खर्च किया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि स्टेशनों पर वाईफाई और सीसीटीवी की सुविधा पर जोर दिया जाएगा। इतना ही नहीं 600 स्टेशनों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। 3600 किमी रेल पटरियों का नवीनीकरण होगा और इस साल 700 नए रेल इंजन तैयार किए जाएंगे।
सुरक्षा वॉर्निंग सिस्टम पर भी जोर दिया जाएगा और मुंबई में लोकल ट्रेन सर्विस के लिए खास योजना तैयार की गई है।

 

फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाने वालों से बचें इस तरह

दोस्तों, आप युवा हैं और फेसबुक पर बहुत से आपके दोस्त भी हैं पर क्या हर अनजान व्यक्ति दोस्ती करने के लायक होता है? आज जब साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है और खुद फेसबुक मान रहा है कि करोड़ों अकाउंट फर्जी हैं तो आपको भी जरा सी सावधानी बरतने की जरूरत है।  हर काम तकनीक की सहायता से होता है और तकनीक का इस्तेमाल सभी आसानी से कर लेते है। ऊपर से सोशल मीडिया साइट्स जो व्यक्ति की इनफार्मेशन, नंबर, फोटोज इत्यादि को पुरे संसार में इन्टरनेट के जरिये प्रसारित करते है। इससे पूरा संसार एक सूत्र में बंध गया है किन्तु इसी का फायदा कुछ गलत लोग भी उठाते है। कुछ गलत लोग जैसे आतंकवादी, चोर, लुटेरे इत्यादि भी इनका इस्तेमाल करते है और फेक अकाउंट बनाकर लोगों को फंसाते है। खासतौर से ये फर्जी  अकाउंट किसी खुबसूरत लड़की की आईडी पर बनते है ताकि सभी उनकी तरफ आसानी से आकर्षित हो सके।

सोशल मीडिया पर दिन प्रतिदिन बढती इस धोखाधड़ी के जरिये लोग आपको अपना मित्र बनाते है और आपको कहीं आने के लिए बोल देते है जहाँ आपसे आपके पैसे छीन लिए जाते है, अगर किसी लड़की के साथ दोस्ती की जाए तो उन्हें बुलाकर उनके साथ बदतमीजी की जाती है। ऐसी ख़बरें आप रोजाना अखबारों में भी पढ़ सकते हो। आतंकवादी तो इसका अधिक गलत तरीके से लाभ उठाते है तो जरूरी है कि आप ये जांच कर ही किसी की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट ( Friend Request Accept ) करें या किसी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजें कि उसका अकाउंट फर्जी तो नहीं है। अब आप ये सोच रहे होगे कि आपको कैसे पता चलेगा कि किसका अकाउंट फर्जी है? तो चिंता ना करें आज हम अपनी इस पोस्ट में कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे है जिसकी मदद से आप जान सकते है कि आपको किसके साथ मित्रता करनी चाहियें और किसके साथ नहीं।

 प्रोफाइल फोटो ( Profile Photo ) : किसी भी अकाउंट की तरफ आकर्षित करने के लिए उसपर खूबसूरत प्रोफाइल फोटो लगाई जाती है तो आप भी सबसे पहले उसके फोटोज में जाएँ और देखें कि क्या उसने अपनी खुद की कोई फोटो डाली है या फिर वो खुबसूरत लड़कियों की ही फोटो इस्तेमाल करता है। इसके अलावा कुछ फेक अकाउंट वाले फोटोज ही नहीं डालते. तो आप इन बातों को ध्यान में रखते हुए ही सामने वाले के अकाउंट को पहचाने।

 स्टेटस ( Status ) : फर्जी अकाउंट वालों में एक और ख़ास बात ये होती है कि वे अधिक से अधिक लोगों को अपना मित्र बनाने के चक्कर में अपना स्टेटस अपडेट नहीं करते, न ही जल्दी से किसी की पोस्ट का रिप्लाई देते है बल्कि अपनी ही फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने में लगे रहते हैं। तो इस तरह भी आपको फर्जी अकाउंट को पहचानने में मदद मिलती है.

 पिछली गतिविधियाँ ( Last Activities ) : आप फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाले की पिछली गतिविधियाँ भी अवश्य जांच लें और देखें कि वो किसी ग्रुप से जुड़ा है या नहीं,वो किसी के मेसेज का रिप्लाई कर रहा है या नहीं, किसी फोटो पर कमेंट या लाईक किया है या नहीं इत्यादि चीजें देखने के बाद ही निष्कर्ष निकालें और तभी अगला कदम बढायें।

   फ्रेंड लिस्ट ( Friend List ) : इनके अलावा आप उस व्यक्ति की फ्रेंड्स लिस्ट भी देख सकते हो. अगर आपको लगता है कि उसने लड़की की प्रोफाइल फोटो लगाकर सिर्फ लड़कियों को ही अपना मित्र बना रखा है तो संदेह करें और यदि उसने लड़के की फोटो लगाकर भी अधिक से अधिक लड़कियों को मित्र बना रखा है तो भी आपको संदेह होना चाहियें। आप इन दोनों ही स्थिति में फ्रेंड रिक्वेस्ट को रिजेक्ट ( Reject ) कर दें।

 प्रोफाइल ( Profile / About ) : हर सोशल मीडिया साईट में उस व्यक्ति को अपनी प्रोफाइल में अपनी कुछ जानकारियाँ डालनी होती है जैसे कि उसने कहाँ से स्कूल की शिक्षा ली है, कौन से कॉलेज में पढ़ा है, कहाँ काम किया है, कहाँ रहता है, किसमे इंटरेस्टेड है इत्यादि. तो आप भी इन सब बातों को जांचे और देखें कि उसने कितने कॉलम खाली छोड़ें है।

 जन्म तारीख ( Birth Date ) : अधिकतर फर्जी अकाउंट में आपको कुछ ऐसी जन्म तिथि मिलती है जिसे याद रखने में बहुत आसानी हो. जैसेकि 1 – 9 –1991, 11 – 11 – 1988 इत्यादि। आप उनकी जन्म तिथि से उनकी प्रोफाइल फोटो को मिलाकर भी देख सकते है और अंदाजा लगा सकते है कि उसकी बताई जन्म तिथि में और उसकी प्रोफाइल फोटो में कितने सालों का अंतर दिख रहा है तो आप उसकी जन्म तारीख पर भी अवश्य ध्यान दें।

 फ़ोन नंबर ( Phone Number ) : सोशल मीडिया साइट्स में 2 तरह से अकाउंट बनते है या तो आप अपनी ईमेल आईडी से अकाउंट बनायें या अपने फ़ोन नंबर से तो प्रोफाइल इनफार्मेशन में नंबर का मिलना सामान्य होता है किन्तु कोई भी लड़की इस बात को हमेशा याद रखती है कि उसका नंबर किसी अनजान के पास ना जाएँ. तो अगर आपको किसी ऐसे अकाउंट में फ़ोन नंबर मिलता है जिसपर किसी खूबसूरत लड़की की तस्वीर लगी है तो वो अकाउंट फर्जी होता है।

 पिछली पोस्ट ( Last Post ) : आप व्यक्ति की पिछली पोस्ट भी देख सकते है और अगर आपको वहाँ ऐसे जवाब दिख रहें है जैसे – क्या मैं आपको जानता हूँ,आप कौन है, आप मुझे कैसे जानते है, मुझे जोड़ने के लिए। धन्यवाद इत्यादि तो आपको समझ जाना चाहियें कि रिक्वेस्ट भेजने वाला ऐसा व्यक्ति है जो जबरदस्ती सभी को अपना फ्रेंड बना रहा है। तो ऐसे लोगों से तो आपको बहुत सावधान रहना चाहियें.

 इस्तेमाल की गयी एप्लिकेशन ( Used Application ) : हर वो व्यक्ति जो एंड्राइड फ़ोन इस्तेमाल करता है और जिसका किसी सोशल मीडिया साईट पर अकाउंट होता है वो गेम खेलने के दौरान कुछ स्कोर बनाता है या ऑनलाइन गेम खेलता है जैसे तीन पत्ती, कैंडी क्रश, पूल इत्यादि। इन सब एप्लीकेशन का रिकॉर्ड अपने आप उनकी सोशल मीडिया साईट पर पोस्ट हो जाता है ताकि उनके फ्रेंड देख सके कि वो कितना मजेदार व्यक्ति है. अगर आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाले व्यक्ति के अकाउंट में ऐसा कुछ नहीं दिखता है तो भी आप रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट ना करें।

 गूगल की सहायता ( Take Help from Google ) :गूगल बहुत ही शक्तिशाली सर्च इंजन है। ये हर ऐसे व्यक्ति का रिकॉर्ड भी अपने पास रखता है जिसने फेक अकाउंट बनाया है। आप भी रिक्वेस्ट भेजने वाले व्यक्ति की इमेज को गूगल में तलाश करने की कोशिश करें. अगर उसका अकाउंट फेक होगा तो गूगल आपको उस व्यक्ति का इतिहास, उसकी असली फोटो और फेक फोटो दोनों को आसानी से दिखा देता है जिससे आपको उस व्यक्ति के फर्जी अकाउंट को पहचानने में सहायता मिलती है।

फेसबुक पर दुनियाभर में 20 करोड़ से ज्यादा फर्जी या डुप्लीकेट अकाउंट

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर करीब 20 करोड़ खाते फर्जी या फिर एक ही व्यक्ति के दोहरे खाते हो सकते हैं। यही नहीं भारत उन देशों में है, जहां इस तरह के खातों की संख्या बहुत अधिक है। फेसबुक ने इसकी जानकारी दी है। फेसबुक ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘2017 की चौथी तिमाही में हमारा अनुमान है कि नकली अथवा दोहरे खातों की हिस्सेदारी हमारे मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता (एमएयू) का लगभग 10 प्रतिशत है।’

रिपोर्ट में कहा गया, ‘हमारा मानना है कि अधिक विकसित बाजारों की तुलना में भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे विकासशील बाजारों में इस तरह के नकली अथवा प्रतिरूप खातों की संख्या अधिक है।’ 31 दिसंबर 2017 तक फेसबुक पर मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 2.13 अरब थी, जो कि 31 दिसंबर 2016 से 14 प्रतिशत अधिक है। 31 दिसंबर 2016 को एमएयू की संख्या 1.86 अरब थी, जिसमें 6 प्रतिशत यानी 11.4 अरब ‘नकली खाते’ थे।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम में उपयोगकर्ताओं की वृद्धि दिसंबर 2016 के मुकाबले दिसंबर 2017 में अधिक रही। डुप्लीकेट (नकली) खाते वे खाते हैं जो कोई उपयोगकर्ता अपने मुख्य खाते के अतिरिक्त रखता है।

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि नकली या फर्जी खातों का अनुमान खातों के सीमित नमूने की आंतरिक समीक्षा पर आधारित है। कंपनी ने कहा कि फर्जी या नकली खातों का अनुमान वास्तविक संख्या से अलग हो सकता है। इस तरह के खातों को पैमाने पर मापना बहुत मुश्किल है।

 

सपने उम्र के मोहताज नहीं होते

निशा सिंह फैशन की दुनिया में धमाके से कदम रखने वाली अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर हैं जिनके लिए फैशन मानवाधिकार सेवा का एक माध्यम है। दूसरों को रोजगार देने के लिए खुद फैशन डिजाइनिंग सीखी और लंदन जाकर लंदन फैशन वीक के फैशन स्काउट में अपना कलेक्शन दिखाने वाली और तारीफें बटोरने वाली महानगर की सबसे कम उम्र की और बंगाल की पहली डिजाइनर बनीं। अपराजिता ने निशा सिंह से खास मुलाकात की, पेश हैं प्रमुख अंश –

मैं डिजाइनर बनूँगी, ये कभी नहीं सोचा था

मैं हमेशा से सृजनात्मक थी मगर मैं डिजाइनर बनूँगी, ये कभी नहीं सोचा था। फाइन आर्ट्स करती थी और डिजाइनिंग करती थी। आई एन एफ डी में दाखिला लिया तो अपनी क्षमता का पता चला कि मैं कितना कुछ कर सकती थी। मुझे ये पता था कि कारीगरों से कपड़े बनवाकर बाजार में बिकवा सकती हूँ मगर इसके पहले तकनीकी जानकारी नहीं थी। पहली बार 4 सैम्पल बनवाये औरर 500 कुरते बनवाये थे जो हाथों हाथ बिक गये। मुझे जो भी लाभ मिलता है, वो सीधा कारीगरों तक जायेगा। फिर मुझे लगा कि इनके साथ काम करूँ तो अच्छा होगा।

दूसरों की मदद करने के लिए फैशन डिजाइनिंग सीखी

मानव अधिकारों के लिए काम करती हूँ और मेरा काम मेरे उद्देश्य में सहायक है। खासकर उपनगरीय इलाकों में फैली बेरोजगारी को कम करने के लिए मैं प्रशिक्षण देती हूँ और महिलाओं पर ध्यान अधिक रहता है। मैं फैशन की दुनिया में आई ही इसलिए ताकि मैं इन महिलाओं की मदद कर सकूँ जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। हावड़ा और उलूबेड़िया में काम करते समय मैंने देखा कि वहाँ के लोग काफी अच्छा काम कर रहे हैं मगर उनके पास रोजगार नहीं था। इनमें से कुछ बांग्लाभाषी थे और कुछ मुस्लिम थे। मैं मानवाधिकारों के लिए काम करती थी मगर कोई रास्ता समझ नहीं आ रहा था। मुझे काम करना अच्छा लगता था तो मैंने इन लोगों के लिए यूनिट खोलीं मगर मशीनें चोरी हो जाती थीं। चाहकर भी कुछ नहीं कर पाती थी क्योंकि इन इलाकों में गरीबी बहुत थी। मैं रोजगार चाहती थी और इसके लिए जरूरी था कि खुद मुझे फैशन की समझ हो। तब तक फैशन की एबीसीडी भी मुझे नहीं आती थी मगर मुझे कुछ करना था इसलिए आई एन एफ डी से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया।

घर में सबसे सहयोग मिला

घर में तो मुझे सबसे सहयोग मिला। पति और मेरे परिवार ने भी बहुत साथ दिया। समय प्रबंधन एक दिक्कत गहै मगर हमें इन हालातों में रहकर ही काम करना है तो सबके सहयोग से हो जाता है।

भारतीय कला को लोकप्रिय बनाना चाहती हूँ

मैं भारतीय कारीगरी और पाश्चात्य कला का संगम लाना चाहती हूँ और भारतीय कला को लोकप्रिय बनाने का इरादा है। अपने पहले कलेक्शन में जिसे लंदन फैशन वीक में प्रदर्शित किया गया, मैंने बहुत कम कढ़ाई इस्तेमाल की थी। स्क्रीन और हैंड पेंटिंग के साथ काँथा और लेदर का इस्तेमाल किया जो आमतौर पर सर्दियों में हम इस्तेमाल करते हैं। भारतीय कला को सामने लाने के लिए क्यूरोसिटी नामक इस कलेक्शन में मैने रॉ सिल्क, ब्रोकेड भी इस्तेमाल किया और यह लोगों को पसन्द आय़ा। मैं लकड़ी को फैब्रिक की तरह इस्तेमाल करना चाहती हूँ। फैशन के माध्यम से लोगों की मदद करनी है इसलिए प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित करती हूँ। निःशुल्क सिखाना चाहती हूँ।

सपने उम्र के मोहताज नहीं होते

मेरा मानना है कि सपने उम्र के मोहताज नहीं होते, बस आपको इनके लिए मेहनत करनी होंगे। अगर आप सपने देखतीं हैं तो उसे पूरा करने के लिए डटकर  मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी।

लड़कर नहीं, साथ रचकर ही हम आगे बढ़ सकते हैं

अपराजिता समानता की सोच को सृजनात्मकता के साथ सामने रखने की कोशिश है। हमारी कोशिश है कि सकारात्मकता पर हमारा विश्वास बढ़े और इसके लिए हम आपके लिए अलग – अलग माध्यमों से ऐसी खबरें सामने लाते हैं जिनमें थोड़ी उम्मीद हो, थोड़ा हौसला हो और आगे बढ़ने का जज्बा हो। इसके साथ हम जहाँ से इन खबरों को लाते हैं, उस संबंधित वेबसाइट्स अथवा मीडिया का नाम भी बताते हैं और सीधी सी वजह यह है कि मीडिया के प्रति जनता का भरोसा बढ़े क्योंकि अंडमान हो या कन्याकुमारी, प्रिंट हो या चैनल या कोई वेबसाइट, पत्रकार अंततः पत्रकार ही होता है और साभार खबरें साझा करने का उद्देश्य इस मकसद का विस्तार है। अपराजिता कोई बागीचा भले न हो मगर यह गुलदस्ता जरूर है…सृजनात्मक और रचनात्मक। अब जब कि दो साल हो चुके हैं और इस सफर में अत्यप्रत्याशित रूप से हमें आप सबका सहयोग मिला है। एक दूसरे से लड़कर नहीं, साथ रचकर ही हम आगे बढ़ सकते हैं। यह वेबपत्रिका नयी सज – धज और नये कलेवर में आपके सामने है। अपराजिता में वीडियो गैलरी, जनमत और महत्वपूर्ण लिंक के साथ नींव की ईंट नामक स्तम्भ जोड़ा गया है जो उन लोगों, घटनाओं, संस्थानों और समूहों को सामने लाने की कोशिश है जिनका योगदान सामने लाये जाने की जरूरत है। किसी भी प्रकार के रचनात्मक सहयोग और आपके सुझावों का स्वागत है। उम्मीद है कि आपका स्नेह और सहयोग हमें यूं ही मिलता रहेगा।

स्वामी सिद्धेश्वर ने पद्मश्री लेने से किया इनकार

ज्ञानयोगाश्रम विजयपुर के संत सिद्धेश्वर स्वामी ने केंद्र सरकार की ओर से प्रदान किया जाने वाला पद्मश्री पुरस्कार लेने से इनकार दिया है। स्वामी सिद्धेश्वर ने राज्य सभा सदस्य बासवराज पाटिल सेदाम को शुक्रवार को लिखे पत्र में कहा कि वह संन्यासी एवं आध्यात्मिक व्यक्ति हैं और उन्हें किसी पुरस्कार की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में महान कार्य करने वाले लोगों को दिया जाना चाहिए। वह पूरे सम्मान के साथ यह पुरस्कार लौटा रहे हैं। इसे अन्यथा न लें।’

स्वामी ने कहा कि आध्यात्मिक व्यक्ति होने के नाते मेरी किसी सम्मान या पुरस्कार में रुचि नहीं है। मैंने पूर्व में भी कोई पुरस्कार स्वीकार नहीं किया है। कनार्टक विश्वविद्यालय ने कुछ वर्ष पूर्व मुझे मानद उपाधि प्रदान की थी। उसे मैंने सम्मान के साथ लौटा दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने पद्मश्री पुरस्कार लेने से इनकार करने की अपनी इच्छा से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है, स्वामी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को एक पत्र भेज रहे हैं।

बांग्ला फिल्म अभिनेत्री सुप्रिया देवी का निधन

कोलकाता : जानीमानी बांग्ला फिल्म अभिनेत्री सुप्रिया देवी का आज दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उनके परिवार में उनकी एक बेटी है।

निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्म ‘मेघे ढाका तारा’ में नीता का किरदार अदा करने के बाद सुप्रिया चर्चा में आई थीं।

साल 1933 में पैदा हुईं सुप्रिया का अभिनय करियर करीब 50 साल का रहा, जिस दौरान उन्होंने ‘चौरंगी’ और ‘बाग बांदी खेला’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया।

पद्मश्री से सम्मानित सुप्रिया को पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंग विभूषण’ से भी नवाजा था।

सुप्रिया की पहली फिल्म उत्तम कुमार अभिनीत ‘बसु परिवार’ थी। यह 1952 में रिलीज हुई थी।

उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘बंगाल की दिग्गज अभिनेत्री सुप्रिया चौधरी (देवी) के निधन से दुखी हूं। हम उनकी फिल्मों के जरिए उन्हें याद करेंगे। उनके परिजन एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं’’ बंगाली फिल्म अभिनेता सौमित्र चटर्जी ने सुप्रिया के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया। दोंनो ने ‘जोड़ी जंतेम’ सहित कई अन्य फिल्मों में काम किया था।

मशहूर अभिनेत्री सावित्री चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘‘मैं इस खबर पर यकीन नहीं कर पा रही। हम फोन पर अक्सर बातें करते थे।’’

 

पहली बार महिला इमाम ने पढ़वाई जुमे की नमाज

कुरान सुन्नत सोसाइटी की 34 वर्षीय राज्य सचिव, जमीदा, भारत के इतिहास में जुमा नमाज की अगुवाई करने वाली पहली महिला इमाम बन गई हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह देश में पहली बार हुआ है कि किसी मुस्लिम महिला ने शुक्रवार की दोपहर विशेष प्रार्थना सत्र का नेतृत्व किया। यह वाकया केरल के मलप्पुरम जिले में एक मस्जिद में हुआ।

हालांकि, कई लोगों ने इसकी सराहना की, तो वहीं महिला इमाम को कट्टरपंथियों की ओर से धमकियां भी मिल रही है।

लोगों का एक वर्ग जो इससे नाखुश हैं, वे उन्हें फोन पर धमकी दे रहे हैं।  हालांकि इसके बाद उन्हें सुरक्षा दे दी गई है।

जमीदा, जिसे ‘जमीदा टीचर’ भी कहा जाता है, उन्होंने कहा कि जुमे की प्रार्थना भी एक महिला द्वारा भी आयोजित की जा सकती है और वे भी इमाम बन सकती हैं।