Wednesday, April 1, 2026
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मैक्स ने पेश किया पूजा कलेक्शन

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मैक्स फ़ैशन ने कोलकाता और सिलीगुड़ी में अपने फेस्टिव कलेक्शन कोलॉन्च करके दुर्गा पूजा के आगमन का जश्न मनाया।कोलकाता में फेस्टिवकलेक्शन को लॉन्च करने के लिए अभिनेत्री नुसरत जहान और अभिनेताअंकुश हाज़रा उपस्थित थे। मैक्स ने सिलीगुड़ी में भी फेस्टिव कलेक्शन कोलॉन्च किया है।

आज महिलाओं द्वारा हस्तलिखित पत्रिका का प्रकाशन प्रशंसनीय

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साहित्यिकी द्वारा आयोजित संगोष्ठी में संस्था द्वारा प्रकाशित हस्तलिखित पत्रिका के ताजा अंक “साझा करते हुए” पर चर्चा हुई। अतिथियों का स्वागत करते हुए गीता दूबे ने संस्था की  गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

प्रमुख वक्ता बाबूलाल शर्मा ने कहा कि आज का दौर हस्तलिखित पत्रिकाओं का नहीं है, इसके बावजूद संस्था का यह साहस और प्रयास प्रशंसनीय है। रचनाओं के मूल में एक आदर्शवादी दृष्टि काम कर रही है जो अंक को विशेष सांस्कृतिक पहचान देती है। स्त्री विमर्श का स्वर इन रचनाओं में मुखरित होता है और पत्रिका में तकरीबन सभी विधाओं का समावेश है। उन्होंने सुझाव दिया कि संस्था को  साहित्यिक कार्यशालाओं का आयोजन करना चाहिए ताकि रचनाओं में और परिपक्वता आए। अपने  संपादकीय वक्तव्य में सुषमा हंस ने अपने संपादकीय अनुभवों को साझा किया। अध्यक्षीय वक्तव्य में किरण सिपानी ने कहा कि साहित्यिकी संस्था अपनी सीमाओं में अपने दायित्वों का निर्वाह करने की कोशिश कर रही है ताकि  प्रतिरोध का स्वर मुखरित हो और समाज में बदलाव आ सके। स्त्रियों को जागरूक करना और उनकी रचनात्मकता को उभारना हमारा मुख्य उद्देश्य है। संगोष्ठी का संचालन गीता दूबे और धन्यवाद ज्ञापन आशा जायसवाल ने किया।

कलकत्ता विश्वविद्यालय में हिन्दी दिवस समारोह

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हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में कलकत्ता विश्वविद्यालय, हिन्दी विभाग द्वारा हाल ही में विभिन्न साहित्यिक व् सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया | मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी ने समारोह का उद्घाटन कर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया|

अपने सारगर्भित भाषण से विभागाध्यक्ष प्रो. राजश्री शुक्ला ने कहा कि “हिन्दी से प्रेम करना हिन्दी में बड़ी डिग्रीयाँ हासिल करना नहीं, बल्कि हिन्दी शब्दों का अधिक प्रयोग करना है।” विशिष्ठ अतिथि के रूप में कलकत्ता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. स्वागत सेन ने हिन्दी के संवैधानिक महत्व को उजागर किया | विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. राजगोपाल धर चक्रवर्ती ने वर्तमान परिपेक्ष्य में हिन्दी के महत्व को रेखांकित किया | प्रो. राम अह्लाद चौधरी ने हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए गांधी जी के योगदान तथा हिन्दी के विकास के लिए देशी, प्रादेशिक एवं अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के योगदान की बात कही | कार्यक्रम में काव्य आवृति, वाद विवाद, लोक गीत, आशु अभिनय, रचनात्मक लेखन तथा कविता पोस्टर प्रतियोगिताएं हुईं जिनमे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया | विविध प्रतियोगिताओं के निर्णायकों के रूप में डॉ विवेक सिंह , डॉ आशुतोष कुमार, डॉ मनीषा त्रिपाठी , डॉ रेशमी पंडा मुख़र्जी, डॉ ममता त्रिवेदी, डॉ वीरेंद्र सिंह, डॉ सुनीता साव, डॉ अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश मिश्र , काजू कुमारी साव, रणजीत सिंह, प्रतीक सिंह, इबरार खान इत्यादि उपस्थित रहे |

विभाग के शोधार्थी विकास साव की पुस्तक “आधुनिक हिन्दी साहित्य के विविध स्तम्भ” का लोकार्पण भी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी एवं विभागाध्यक्ष प्रो. राजश्री शुक्ल के द्वारा किया गया| कार्यक्रम का सफल संचालन विभाग के विद्यार्थी राहुल गौड और सुजाता शर्मा ने किया | कार्यक्रम को सफल बनाने में कलकत्ता विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा |

बीसीसीआई ने पद्म भूषण के लिये धोनी का नाम भेजा

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नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का नाम देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण पुरस्कार के लिये भेजा है।

बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुये कहा कि बीसीसीआई ने पद्म सम्मान के लिये सर्वसम्मति से एक नाम भेजा है जोकि भारत के सबसे सफल कप्तान का नाम है ।

बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने पीटीआई से कहा, ‘‘ बोर्ड ने महेन्द्र सिंह धोनी का नाम पद्म भूषण सम्मान के लिये भेजा है। यह फैसला सदस्यों की सर्वसम्मति से हुआ। वह मौजूदा क्रिकेट के महानतम नामों में से एक है और बोर्ड के लिये सबसे उपयुक्त विकल्प।’’ धोनी भारत के इकलौते खिलाड़ी है जिनकी कप्तानी में टीम ने दो विश्व कप जीते हैं जिसमें 2007 में टी-20 विश्व कप और 2011 का एकदिवसीय विश्व कप शामिल है।

खन्ना ने कहा, ‘‘ वह एकदिवसीय में 10,000 रन के करीब है और हमारे सबसे महानतम एक दिवसीय खिलाड़ियों में से एक हैं। इस पुरस्कार के लिये उनसे अच्छा कोई नाम नहीं हो सकता था।’’ अगर धोनी को यह खिताब मिलता है तो यह सम्मान पाने वाले वह देश के 11वें क्रिकेटर होंगे। इससे पहले सचिन तेंदुलकर, कपिल देव, सुनील गवास्कर, राहुल द्रविड़, चंदू बोर्डें, प्रो. डी.बी. देवधर, कर्नल सी.के. नायडू और लाला अमरनाथ के साथ साथ पटियाला के राजा भलिंद्रा सिंह और विजयनगर के महाराज विजय आनंद को यह सम्मान मिला है।

 

पत्रकारिता की हकीकत फिल्म में दिखाएँगे फोटो पत्रकार से फिल्मकार बने शैलेंद्र

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दुनिया को सच दिखाने वाले मीडियावालों की निजी जिन्दगी और राजनीतिक दबाव में प्रेस की हालत कैसी होती जा रही है इसी विषय पर ‘जर्नलिज्म डिफाइन (जेडी)’ फिल्म बनाकर फोटो जर्नलिस्ट शैलेंद्र पांडेय बॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। अपनी फिल्म से ‘वर्तमान पत्रकारिता का सच’ उजागर करने की बात करते हुए शैलेंद्र ने सेंसर बोर्ड पर उंगली उठाई है।

शैलेंद्र इन दिनों दिल्ली में एक शीर्ष मीडिया हाउस में बतौर नेशनल फोटो एडिटर काम कर रहे हैं। कई राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके शैलेंद्र ने दो साल पहले जेडी फिल्म की कहानी लिखी थी। इस फिल्म को पहले वह कम बजट में ही बनाना चाहते थे लेकिन फिर कुछ ऐसे मददगार मिल गए जिन्होंने फिल्म को मल्टीप्लेक्स तक पहुंचा दिया। जेडी फिल्म रिलीज हो चुकी है। कानपुर और आसपास जिलों के सिनेमाघरों में ये फिल्म जल्द ही लग जाएगी। शैलेंद्र ने बताया कि फिल्म में दिखाया गया है कि जो पत्रकार शोषण, अत्याचार और घोटालों की खबरें छापकर जनता के सामने सच उजागर करते हैं दरअसल उनका क्या हाल है, वे किन परेशानियों से गुजरते हैं, उन पर कैसे-कैसे राजनीतिक दबाव होते हैं यही सच्चाई जेडी फिल्म में देखने को मिलेगी।

डायरेक्टर-प्रोड्यूसर शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘जर्नलिज्म डिफाइन (जेडी)’ को ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया है। जबकि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो परिवार के साथ देखने लायक न हो। फिल्म को सर्टिफिकेट तो पहलाज निहलानी के कार्यकाल में ही मिल गया था लेकिन प्रोमो का सेंसर रिलीज के दिन मिला। प्रोमो  का सेंसर रिलीज देर से करने के पीछे सेंसर बोर्ड की क्या मंशा रही इस पर शैलेंद ने सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के अध्यक्ष प्रसून जोशी को ओपन लेटर लिखा है। प्रोमो का सेंसर सर्टिफिकेट देरी से मिलने के कारण फिल्म का प्रोमा और ट्रेलर टीवी या सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं किया जा सका

जेडी फिल्म लखनऊ  के एक ईमानदार पत्रकार जय द्विवेदी की कहानी है जो एक विवाद में फंस जाता है। जय के पिता लखनऊ के जाने-माने डेंटिस्ट होते हैं। जय ने पत्रकारिता की पढ़ाई अमेरिका से की है। डॉक्टर पिता को पसंद नहीं होता कि उसका बेटा पत्रकारिता अपनाये। फिल्म की कहानी कहीं न कहीं तहलका पत्रिका के संपादक तरुण तेजपाल के जीवन से प्रेरित होती नजर आती है। फिल्म के निर्माता और निर्देशक शैलेंद्र पांडेय तहलका पत्रिका में फोटो एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं। हालांकि अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में शैलेंद्र पाण्डेय ने फिल्म के तरुण तेजपाल के जीवन से प्रेरित होने से इनकार किया है। फिल्म में वास्तविक जीवन के कई चर्चित नाम भी नजर आएंगे। गोविंद नामदेव, अमन वर्मा, वेदिता प्रताप सिंह, अरविंद गौड़ मुख्य भूमिका में हैं। अमिताभ बच्चन और मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाने वाले राजनेता अमर सिंह फिल्म में ईमानदार नेता की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म में न्यूज चैनल की पूर्व एंकर तनु शर्मा भी अहम भूमिका में होंगी। फिल्म की पटकथा कुमार विजय और शैलेंद्र पाण्डेय ने लिखी है। लोकप्रिय टीवी सीरियल हिटलर दीदी से चर्चा में आई जसवीर कौर ने फिल्म में आइटम डॉन्स किया जो कनपुरिया नौटंकी पर आधारित है। फिल्म में छह गाने हैं। गीत कुमार विजय और साहिल फतेहपुरी ने लिखे हैं। फिल्म के दो गानों की कोरियोग्राफी संदीप सोपारकर ने की है। फिल्म में एक नौटंकी गीत है जो मूल कनपुरिया नौटंकी से ही लिया गया है।

शैलेंद्र इन दिनों नोएडा मे अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने अपनी पहले बॉलीवुड फिल्म जेडी की शूटिंग नोएडा-मुंबई के अलावा गोआ, कानपुर, लखनऊ और उन्नाव में भी की है। ‘जेडी’ में उन्होंने अपने पैतृक गांव बीघापुर का मशहूर संदोही माता का मंदिर भी दिखाया है। पत्रकारिता में करियर शुरू करने से पहले उन्हें रक्षा क्षेत्र में जाने की बहुत तमन्ना थी इसी की तैयारी करने वह दिल्ली गए थे। लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था। साल 2004 दिसंबर में नीदरलैंड में हुए आरएनजी प्रेस फोटो एग्जिबिशन में शैलेंद्र की तस्वीरें खूब सराही गईं जिसके लिए उन्हें रामनाथ गोयनका अवॉर्ड दिया गया। इस आरएनजी अवॉर्ड में वर्ल्ड प्रेस की विजिट शामिल थी। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शैलेंद्र लेमोन्ड इंटरनेशनल फ्रेन्च मैगजीन में टॉप-12 वर्ल्ड फोटोग्राफर्स में चुने गये थे।

ये हैं यू एन में पाक को ‘टेररिस्तान’ कहने वाली एनम गम्भीर

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भारत ने संयुक्त राष्ट्र परिषद में  पाकिस्तान को नया नाम दिया है “टेररिस्तान”, जो आतंकियों को जन्म देता है और दुनिया में एक्सपोर्ट करता है। पाकिस्तान को टेररिस्तान कहने वाली भारत की यूएन में विशेषदूत का नाम एनम गंभीर है। गंभीर ने जब-जब पाकिस्तान के खिलाफ भारत की बात रखी है तालियां बटोरी हैं।

एनम ने संयुक्त राष्ट्र में दूसरी बार पाकिस्तान को घेरा है। राइट टू रिप्लाई का उपयोग करते हुए शुक्रवार को युवा भारतीय डिप्लोमैट एनम ने पाकिस्तान प्रधानमंत्री के जम्मू और कश्मीर मामले के लिए विशेष दूत नियुक्त करने की मांग पर टेररिस्तान कह कर करारा जवाब दिया।
वैसे यह पहली बार नहीं है जब एनम ने अपनी छोटी सी बात कह कर सबकी बोलती बंद कर दी हो, एनम अपनी बातों और करारे जवाब का जादू यूएन में इससे पहले भी चला चुकी हैं।
ठीक एक साल पहले गंभीर ने पाकिस्तान की बोलती तब बंद कर दी थी जब पाकिस्तान ने यूएन में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और कहा था कि पाकिस्तान के लिए कश्मीर अब “मिशन कश्मीर” बन गया है।  तब एनम ने  पाकिस्तान को “टेररिस्ट स्टेट” कहा था।
एनम गंभीर 2005 बैच की आईएफएस हैं। गंभीर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से गणित में ग्रेजुएशन किया है। साथ ही एनम ने यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा से भी पढ़ाई की है। पाकिस्तान मुद्दों पर जबरदस्त समझ रखने वाली गंभीर विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान डेस्क पर भी काम कर चुकी हैं। एनम को अफगानिस्तान और इरान मामलों की भी अच्छी समझ है।

 

नवरात्रि में दिखें बस आप ही आप

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इस नवरात्रि को अपने स्टाइलिश अन्दाज से खास बनाना है तो सिर्फ परिधान  पर ध्यान देना काफी नहीं है। हालाँकि डाँडिया में लहँगा आपकी पहली पसन्द है मगर आप अपने परिधानों के साथ प्रयोग कर सकती हैं। एक मुक्कमल लुक के लिए हल्के जेवर और फ्लैट चप्पलें या फुटवेयर बेहतर हैं।

नवरात्रि में चटकीले रंगों के परिधान पहनकर आप दिखेंगी सबसे स्टाइलिश और अलग। लेमन, हरे रंग के अलग –अलग शेड्स, पिच, गाजरी और नीले रंग के शेड्स के साथ प्रयोग करें।

 

नवरात्रि सेलिब्रेशन में डांडिया नाइट जा रही हैं तो भारी और कीमती जेवर न पहनें। पहली बात तो ये इस उत्सव के हिसाब से भारी लगेंगे और साथ ही कई बार भीड़ की वजह से इनके खोने का डर भी लगा रहता है। बेहतर होगा कि इस मौके पर लहंगे के साथ फंकी, फैशनेबल और ऑक्सीडाइज्ड गहने पहनें।

 

इस मौके पर जितने आरामदायक कपड़े पहनेंगी, उतना ही आनन्द उठा सकेंगी। खादी, कॉटन, सिल्क और शिफॉन फैब्रिक वाले परिधान सबसे अच्छी पसन्द हैं जिनको आप लहंगे, साड़ी और चोली हर एक में इस्तेमाल कर सकती हैं।

वैसे तो डांडिया नाइट में आपको ज्यादातर महिलाएँ लहंगा-चोली में ही नज़र आएंगी लेकिन आप इस मौके पर अपने स्टाइल को बनाये रखने के लिए आजमाएँ करें कुछ इंडो-वेस्टर्न। धोती पैंट्स और सलवार के साथ क्रॉप-टॉप और केप पहन सकती हैं।

वैसे तो बाजार में आपको कई तरह के ट्रेंडी और स्टाइलिश गहने मिल जाएंगे तो आप ऐसे गहने चुनें जो दिखने में भारी लगती हों लेकिन पहनने में बहुत ही हल्की हो। माथापट्टी, ईयररिंग्स और नेकलेस में आपको ऐसी बहुत सारी वैराइटी मिल जाएगी।

वैसे तो लहंगे के हिसाब से ओपन हेयरस्टाइल बहुत ही खूबसूरत लगता है लेकिन अगर आप नवरात्रि में जमकर आनन्द उठाना चाहती हैं चोटी या जूड़ा करें। यह आपको पसीने से बचाए रखने के साथ ही अच्छे भी लगते हैं. इसके अलावा फ्रेंच और फिशटेल चोटी भी अच्छी लगेगी।

कुछ खास बातें –

झुमकी  – परंपरागत लुक के लिए झुमकी या चांदबाली से बेहतर कुछ भी नहीं। जींस-कुर्ती और चप्पल के साथ एक प्यारी सी बाली आपको एथनिक लुक देने के लिए काफी है। दोस्तों के साथ बाहर घुमने निकलने की तैयारी है तो भारी गहनों की जगह आप केवल बढ़िया सी इयरिंग पहन लें, आपको किसी और एक्सेसरीज़ की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।


क्रॉप टॉप-लॉन्ग स्कर्ट – अगर आप ट्रेंडी और पारंपरिक परिधान के बीच का कोई लुक कैरी करना चाहती हैं तो प्रिंटेड या हेवी क्रॉप टॉप के साथ प्लेन लॉन्ग स्कर्ट पहनें। ख्याल रखें आपके टॉप या स्कर्ट में से कोई एक ही भड़कीला हो। अगर आपको अपना वज़न छुपाना है, तो प्लेन क्रॉप टॉप के साथ गहरे रंग की हेवी डिजाइन वाली स्ट्रेट-कट लॉन्ग स्कर्ट पहनें।

दुपट्टा/ बंधेज़ स्टोल – ऑफिस में ज्यादा भड़काऊ और चमकदार कपड़ों से परहेज़ करते हुए अगर परिधान को एथनिक टच देना हो तो आप प्लेन सलवार-कमीज़ के साथ हेवी वर्क वाला दुपट्टा लें या फिर जींस-टॉप के साथ बंधेज़ जयपुरी दुपट्टा भी पहन सकती हैं।

कोटी, जैकेट, श्रग  – अगर दुपट्टा पहनने का दिल न करे तो उसकी जगह आप अच्छी सी श्रग या हैंडलूम वर्क वाली कोटी पहन सकती हैं। खास बात ये कि इन चीज़ों को आप किसी भी मौके पर कैरी कर सकती हैं. इन्हें ‘मोनोटोनी ब्रेकर’ भी कहा जाता है क्योंकि ये बड़ी आसानी से आपके मोनोटोन या बोरिंग लुक को स्टाइलिश बना सकते हैं।


साड़ी – हर लड़की के वॉर्डरोब में कम से कम एक साड़ी तो होनी ही चाहिए। आजकल रॉ सिल्क और शिफॉन ट्रेंड में है। त्योहारों में गहरे रंग की साड़ी पहनें। अगर हेवी वर्क वाली साड़ी नहीं पसंद तो डिजाइनर ब्लाउज़ के साथ प्लेन साड़ी भी खूब चलेगी।

अनारकली कुर्ती/ट्यूनिक – वैसे तो लगभग हर महिला के पास अनारकली कट की कुर्ती होती है लेकिन अगर आप इस बार कुछ और पहनना चाहती हैं तो प्रिंटेड और ट्रेंडी कट्स वाली ट्यूनिक पहनें। इन्हें जींस या जेगिंग्स के साथ पहनें और हाई-हील्स या कोल्हापुरी चप्पल पहनें।

लहंगा – आप फ्यूज़न लहंगा पहनें. ऐसा भी नहीं है कि ये महंगे होते हैं। आप सामान लेकर खुद डिजाइन तैयार करें और अच्छे से दर्जी से सिलवा लें। कम पैसे में डिजाइनर लुक पा सकती हैं।

अँग्रेजी के साथ अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद कीजिए एेप के साथ

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हाल के कुछ सालों में देखें तो इंटरनेट की दुनिया में हिन्दी का दबदबा बढ़ा है। इसी साल मई में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक 88 प्रतिशत भारतीय अंग्रेजी के बजाय क्षेत्रीय भाषा वाले विज्ञापन पर क्लिक करते हैं। वहीं 39 प्रतिशत यूजर्स इंटरनेट का इस्तेमाल हिन्दी में करते हैं तो 5 ऐसे एंड्रॉयड ऐप के बारे में जानते हैं जो अंग्रेजी के साथ कई भाषाओं का हिन्दी में आसानी से अनुवाद कर सकते हैं।

Google Translate
अनुवाद की चर्चा हो तो गूगल ट्रांसलेशन का नाम सबसे पहले आता है। हाल ही में इस ऐप में ऑफलाइन अनुवाद का भी फीचर जोड़ा गया है। इस ऐप की मदद से अंग्रेजी सहित 103 भाषाओं की अनुवाद आप हिन्दी में कर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन 59 भाषाओं का अनुवाद कर सकते हैं। इसके अलावा फोटो से 38 भाषाओं में ट्रांसलेशन का ऑप्शन मिलेगा।

Translate: text & voice translator
इस ऐप की मदद से आप आप हिन्दी सहित 100 अलग-अलग भाषाओं का अनुवाद कर सकते हैं। इसके अलावा फोन में मौजूद किसी दूसरे ऐप के टेक्स्ट को भी अनुवाद किया जा सकेगा। यदि आप किसी देश की यात्रा पर हैं तो यह ऐप काफी मददगार है। इसमें आप बोलकर भी अनुवाद कर सकते हैं या फिर आपका दोस्त अंग्रेजी में बोल रहा है तो आप ऐप वॉयस रिकॉग्निशन को ऑन करके हिन्दी में उसकी बातों को समझ सकते हैं।

Hindi English Translator
इस ऐप की मदद से आप अंग्रेजी से हिन्दी और हिन्दी से अंग्रेजी आसानी से सीख सकते हैं। इसके अलावा इस ऐप में कई भाषाओं से अनुवाद का भी ऑप्शन है। इसे आप गूगल प्ले-स्टोर से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।

English to Hindi Translator
यह पूरी तरह से ऑफलाइन काम करता है। इसे आप फ्री में प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप में हिन्दी की-बोर्ड भी दिया गया है। इस ऐप में शब्दकोष भी दिया गया है।

English Hindi Dictionary
यह ऐप डिक्शनरी के साथ-साथ अनुवादक का भी काम करता है। इस ऐप में ऑफलाइन फीचर भी है। इसमें हिन्दी-अंग्रेजी सीखने के लिए गेम भी दिए गए हैं। इस ऐप को आप गूगल प्ले-स्टोर से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।

असम में मुस्लिम बना रहे हैं सबसे ऊंची दुर्गा प्रतिमा, गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में होगी दर्ज

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असम के गुवाहाटी में बांस से बनने वाली सौ फुट ऊंची दुर्गा की प्रतिमा दुनिया में अपने किस्म की सबसे ऊंची प्रतिमा के तौर पर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होगी। विष्णुपुर दुर्गा पूजा समिति के लिए कला निदेशक नुरुद्दीन अहमद की देखरेख में बीते एक अगस्त से ही 40 मजदूर दिन-रात इस पर काम कर रहे हैं।

इससे पहले वर्ष 2015 में कोलकाता में फाइबर से बनी 83 फुट की एक प्रतिमा ने ऊंचाई का रिकॉर्ड बनाया था। नुरुद्दीन कहते हैं कि उनसे अक्सर सवाल किया जाता है कि मुसलमान होने के बावजूद वे हिंदू देवताओं की ऐसी प्रतिमा क्यों बनाते हैं। लेकिन वर्ष 1975 से ही यह काम करने वाले अहमद कहते हैं कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता। मानवता की सेवा करना ही उसकी ड्यूटी है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा को बनाने में पांच हजार बांसों का इस्तेमाल किया गया है।
इस परियोजना के सुपरवाइजर दीप अहमद बताते हैं कि पहले इस प्रतिमा की ऊंचाई 110 फुट रखने का विचार था। लेकिन इस बीच 17 सितंबर को आए एक भयावह तूफान की वजह से ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। उसके बाद बचे-खुचे समय में दोबारा इसे तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी।

लेकिन सबके सहयोग से यह काम लगभग 70 फीसदी पूरा हो चुका है। अहमद बताते हैं कि इस प्रतिमा की खास बात यह है कि सब कुछ बांस से ही बनाया गया है। इसमें किसी धातु या प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

 

फेसबुक का नया फीचर, करेगा परेशान करने वालों की बोलती बंद

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फेसबुक एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है जिसकी मदद से आप अपने किसी ऐसे दोस्त को कुछ समय के लिए म्यूट कर सकेंगे जो आपको परेशान करते हैं या फिर जिनके पोस्ट आपको पसंद नहीं आते हैं।

एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूज फीड पर ज्यादा कंट्रोल देने के लिए फेसबुक यह कदम उठा रहा है। नए फीचर के बाद आप किसी दोस्त, पेज या ग्रुप के फीड को बिना अनफ्रेंड/अनफॉलो किए कुछ समय के लिए म्यूट कर सकेंगे। इस फीचर का नाम स्नूज दिया गया है। फीड को 30 दिन, 7 दिन या 24 घंटे के लिए म्यूट किया जा सकेगा।

ऐसे करना होगा म्यूट
अगर आप किसी पेज या दोस्त के पोस्ट को म्यूट करना चाहते हैं तो इसके लिए उसकी टाइमलाइन पर जाना होगा और फिर उसके नाम के दाहिनी ओर दिख रहे 3 डॉट्स पर क्लिक करना होगा। उसके बाद एक ड्रॉप डाउन मीनू खुलेगा जिसमें आपको स्नूज का विकल्प मिलेगा।