Saturday, October 3, 2026
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बदल गये आयकर के यह नियम, सेस में हो जाएगी बढ़ोतरी

1 अप्रैल से इनकम टैक्स के नियमों में कई तरह के बदलाव हो गये जिनका असर आप पर सीधे-सीधे पड़ने वाला है। हालांकि इन नियमों का लाभ आपको अगले साल 2019 में आईटीआर भरने पर मिलेगा। इन नियमों के लागू हो जाने के बाद आपके वेतन पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा। इसलिए आपको इन बड़े बदलावों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

वरिष्ठ नारिकों के लिए बढ़ेगा हेल्थ इन्श्योरेंस का कवर
धारा 80डी के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या चिकित्सा व्यय हेतु कटौती सीमा को 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है। अब सभी वरिष्ठ नागरिक किसी स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या किसी चिकित्सा के संदर्भ में 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक कटौती के लाभ का दावा कर सकेंगे।

गंभीर बीमारी के लिए 1 लाख रुपये का कवर
80डीडीबी के अंतर्गत गंभीर बीमारी से संदर्भ में चिकित्सा खर्च के लिए कटौती सीमा को वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 60 हजार रुपये से और अति वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 80 हजार रुपये से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक लाख रुपए का प्रस्ताव किया। इन रियायतों से वरिष्ठ नागरिकों को 4 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर लाभ प्राप्त होगा।

स्टैंडर्ड डिडक्शन में मिलेगी 40 हजार की छूट
प्रत्येक करदाता को रिटर्न फाइल करते वक्त 40 हजार रुपये की छूट मिलेगी। हालांकि इसका सबसे ज्यादा फायदा कम टैक्स देने वालों को मिलेगा। इससे प्रत्येक व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम में कम से कम 5800 रुपये की बचत होगी।

सेस का लगेगा झटका
व्यक्तिगत एवं कॉरपोरेट टैक्स पर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेस को 3 से बढ़ाकर चार फीसदी कर दिया गया है। जबकि 50 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर 10 फीसदी और एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आय पर 15 फीसदी का सरचार्ज जारी रहेगा।

 15 लाख का निवेश कर सकेंगे सीनियर सिटीजंस
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना को मार्च 2020 तक बढ़ाया गया है। इस योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 8 प्रतिशत निश्चित प्रतिलाभ प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत प्रति वरिष्ठ नागरिक 7.5 लाख रुपए की मौजूदा निवेश सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपए किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा- रजामंदी से हुई बालिगों की शादी में दखलअंदाजी गैरकानूनी

नयी दिल्ली :   अगर दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करते हैं तो इसमें किसी को दखलअंदाजी करने का कोई हक नहीं है। खाप पंचायत की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शादी को लेकर खाप पंचायतों का कोई भी फरमान गैरकानूनी है।  सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जब तक केंद्र सरकार इस मसले पर कानून नहीं लाती, तब तक कोर्ट का आदेश प्रभावी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट में गैर सरकारी संस्था शक्ति वाहिनी ने खाप पंचायतों के खिलाफ याचिका दायर की थी।

शक्ति वाहिनी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मांग की थी कि केंद्र और राज्य सरकारों को ऑनर किलिंग रोकने के मामलों पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी करे। खाप पंचायत मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों वाली बेंच कर रही है और इस बेंच की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों वाली बेंच की अध्यक्षता खुद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा कर रहे थे। इस बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च को भी कहा था कि जब दो बालिग लड़का-लड़की अपनी मर्जी से शादी करते हैं तो रिश्तेदार या तीसरा पक्ष इसमें दखल नहीं दे सकता और न ही उनके खिलाफ हिंसा कर सकता। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लड़का या लड़की की पृष्ठभूमि क्या है या वे किसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा था कि मैं किसी जाति या ग्राम पंचायत को खाप कहना पसंद नहीं करूंगा बल्कि लोगों का समूह कहना उचित होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा-वृंदावन के मंदिरों को दिये निर्देश- चढ़ावे के फूलों को ‘विधवाओं’ को दें

नयी दिल्ली  : सुप्रीम कोर्ट ने विधवा और निराश्रित महिलाओं के लिए मथुरा और वृंदावन के मंदिरों को निर्देश दिये हैं। SC ने कहा कि मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में जो फूल आते हैं उन्हें यूपी सरकार द्वारा चलाये जा रहे आश्रय घरों में दे दिया जाये।
सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश इसलिए दिये हैं जिससे विधवा और निराश्रित महिलाएं फूलों से इत्र और धूप बना सकें और उनका जीवन आसानी से चल सके। आपको बता दें कि मथुरा और वृंदावन में सैकड़ों मंदिर हैं जिनमें भारी मात्रा फूल आते हैं जोकि प्रयोग के बाद बर्बाद हो जाते हैं। इन फूलों का प्रयोग इत्र और धूप बनाने में किया जा सकता है इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश मथुरा और वृदांवन के मंदिरों को दिये हैं।

6 जून को भारतीय छात्र कर सकेंगे अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन

नयी दिल्ली : अमेरिका जाकर उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए छह जून की तिथि अहम है। भारत में अमेरिकी दूतावास के काउंसल जनरल एच हॉगमैन ने बृहस्पतिवार को वीजा दिवस की घोषणा कर दी। इस दौरान उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे वीजा इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवालों को ध्यान से सुनें और सही उत्तर के साथ जवाब दें।
वीजा दिवस यानी छह जून को दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास और इसके चार वाणिज्य दूतावास – चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई भारतीय छात्रों के लिए आवेदन के लिए खुले रहेंगे। इंटरव्यू प्रक्रिया करीब 30 मिनट की होगी। इस दौरान छात्रों से पूछा जा सकता है कि वह अमेरिका जाकर उच्च शिक्षा हासिल क्यों करना चाहते हैं। साथ ही छात्रों से कोर्स के लिए वित्तीय योजना के बारे में भी पूछा जा सकता है।

हॉगमैन ने कहा कि अमेरिका में छह अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से एक भारतीय हैं। उन्होंने पिछले साल की एक रिपोर्ट का हवाला दिया कि वर्तमान में 1.86 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में हैं।

वह बोले, छात्रों के लिए वीजा हासिल करने का रहस्य यह है कि ऐसा कोई रहस्य नहीं है। आप हमारे अधिकारियों के पूछे प्रश्नों को ध्यान से सुनें और उनका ईमानदारी से जवाब दें। हॉगमैन ने आगे कहा, हम जानते हैं छात्र घबराए हैं। लेकिन बता दें कि घबराए हुए छात्रों को भी हमने वीजा दिया है

सिंगापुर के लिए भारतीय क्रूज पर्यटकों में 25 प्रतिशत वृद्धि : रिपोर्ट

सिंगापुर : लग्जरी क्रूज के जरिये सिंगापुर आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या पिछले साल1,27,000 रही है जो2016 के मुकाबले25 प्रतिशत अधिक है। सिंगापुर स्थित क्रूज कंपनियों ने इसकी रिपोर्ट दी है। स्ट्रेट्स टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक, भारत से आने वाले फ्लाई- क्रूज पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। फ्लाई- क्रूज पर्यटक वैसे पर्यटक होते हैं जो क्रूज पर सवार होने की जगह तक सीधे उड़ान से पहुंचते हैं। नॉर्वेजियन क्रूज लाइन होल्डिंग्स के एक प्रवक्ता ने कहा, कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार में दहाई अंकों से वृद्धि की क्षमता है।

उसने कहा, ‘‘ हम सिंगापुर के लिए फ्लाई- क्रूज की बुकिंग कराने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देख रहे हैं। सिंगापुर से वे कई अन्य देशों की भी सैर कर सकते हैं और यह उनके द्वारा चुने गये क्रूज पैकेज पर निर्भर करता है।’’ रॉयल कैरेबियन के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसकी कंपनी से बुकिंग कराने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में सालाना10 से20 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है।
प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय पर्यटक एक ही ट्रिप का पैकेज लेना पसंद करते हैं लेकिन वे एक ही बार में कई देशों की सैर करने में भी सक्षम हैं। रीजेंट सिंगापुर होटल के प्रवक्ता ने कहा कि उनके यहां ठहरने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में सालाना एक से दो प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। उसने कहा, ‘‘ हम समझते हैं कि उनमें से कुछ लोगों के खान- पान की आदतें काफी कठिन हैं और हम उसी हिसाब से मेन्यू रखते हैं।’’
सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, भारत एवं चीन के10 में से करीब सात पर्यटक छुट्टियां मनाने आते हैं और सामान्यत: सिंगापुर के शानदार जगहों से आकर्षित होते हैं। बोर्ड के अनुसार, जनवरी2017 से जून2017 के बीच भारतीय पर्यटकों की संख्या15 प्रतिशत बढ़कर करीब6.60 लाख रही है।

सेबी के मंच से जल्दी ही सीधे कंपनियों से ही शिकायत कर सकेंगे निवेशक

नयी दिल्ली : बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड( सेबी) ने कहा है कि अब निवेशक उसके स्कोर्स प्रणाली के जरिये सूचीबद्ध कंपनियों को अपनी शिकायतें सीधे भेज सकेंगे।

सेबी ने कंपनियोंव ब्रोकरों के खिलाफशि कायत के लिए वेब आधारित केंद्रीकृत प्रणाली‘ सेबी कंप्लेंस रिड्रेस सिस्टम( स्कोर्स)’ जून2011 में शुरू की थी।

सेबी ने कल जारी एक परिपत्र में कहा, ‘‘ सेबी को सूचीबद्ध कंपनियों एवं पंजीकृत दलालों से यह सूचना मिली है कि यदि निवेशकों की शिकायतें सीधे तौर पर उन्हें ही मिले तो इनका निराकरण और कम समय में संभव हो सकेगा।’’

परिपत्र के अनुसार, निवेशक एक अगस्त से स्कोर्स पर शिकायत दर्ज करने के लिए प्रणाली की वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें पंजीयन पत्र भरना होगा तथा नाम, स्थायी खाता संख्या, संपर्क आदि समेत अन्य जानकारियां देनी होगी।

सांसद सचिन राज्यसभा से रिटायर होते वक्त दान कर दिया 6 साल का वेतन

दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने राज्यसभा सांसद के रूप में अपना पूरा वेतन और भत्ते प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिये। उनका कार्यकाल हाल में समाप्त हुआ था। पिछले छह वर्षों में तेंदुलकर को वेतन के रूप में लगभग 90 लाख रूपये और अन्य मासिक भत्ते मिले थे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी आभार पत्र जारी किया है जिसमें लिखा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस सहृदयता के लिये आभार व्यक्त किया है। यह योगदान संकटग्रस्त लोगों को सहायता पहुंचाने में बहुत मददगार होगा।’’ तेंदुलकर और मशहूर अभिनेत्री रेखा की इन वर्षों में संसद में कम उपस्थिति के लिये कई बार आलोचना झेलनी पड़ी थी। तेंदुलकर ने हालांकि सांसद निधि का अच्छा उपयोग किया था। उनके कार्यालय से जारी आंकड़ों में उन्होंने देश भर में 185 परियोजनाओं को मंजूरी देने तथा उन्हें आवंटित 30 करोड़ रूपये में से 7.4 करोड़ रूपये शिक्षा और ढांचागत विकास में खर्च करने का दावा किया है। सांसद आदर्श ग्राम योजना कार्यक्रम के तहत तेंदुलकर ने दो गांवों को भी गोद लिया जिनमें आंध्र प्रदेश का पुत्तम राजू केंद्रिगा और महाराष्ट्र का दोंजा गांव शामिल हैं। बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने MPLAD फंड से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के एक स्कूल के लिए 40 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की थी। इसके लिए सीएम महबूबा मुफ्ती ने इनका आभार जताया था। महबूबा ने ट्वीट कर कहा, “कश्मीर में एक स्कूल इमारत के निर्माण के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) कोष का इस्तेमाल करने के लिए सचिन आपका धन्यवाद।” सचिन ने इंपीरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट दृग्मुला के लिए इस राशि को मंजूरी दी है। 2007 में स्थापित यह 10वीं कक्षा तक क्षेत्र का एकमात्र स्कूल है और यहां लगभग 1000 छात्र हैं। इस धन का इस्तेमाल कक्षा के कमरों, प्रयोगशाला, शौचालयों और स्कूल के प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण में किया जाएगा। सचिन तेंदुलकर को खेल कोटे के तहत राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। हालांकि सचिन व्यस्तताओं की वजह से राज्यसभा में कम ही उपस्थित हो पाते थे। मौजूदा बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने इस बात के लिए एक बार उनकी आलोचना भी की थी।सांसद सचिन तेंदुलकर ने खोल दी झोली- राज्यसभा से रिटायर होते वक्त दान कर दी 6 साल की सैलरी
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी आभार पत्र जारी किया है जिसमें लिखा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस सहृदयता के लिये आभार व्यक्त किया है। यह योगदान संकटग्रस्त लोगों को सहायता पहुंचाने में बहुत मददगार होगा।’’
सांसद आदर्श ग्राम योजना कार्यक्रम के तहत तेंदुलकर ने दो गांवों को भी गोद लिया जिनमें आंध्र प्रदेश का पुत्तम राजू केंद्रिगा और महाराष्ट्र का दोंजा गांव शामिल हैं। बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने सांसद निधि से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के एक स्कूल के लिए 40 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की थी। इसके लिए सीएम महबूबा मुफ्ती ने इनका आभार जताया था। महबूबा ने ट्वीट कर कहा, “कश्मीर में एक स्कूल इमारत के निर्माण के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) कोष का इस्तेमाल करने के लिए सचिन आपका धन्यवाद।” सचिन ने इंपीरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट दृग्मुला के लिए इस राशि को मंजूरी दी है। 2007 में स्थापित यह 10वीं कक्षा तक क्षेत्र का एकमात्र स्कूल है और यहां लगभग 1000 छात्र हैं। इस धन का इस्तेमाल कक्षा के कमरों, प्रयोगशाला, शौचालयों और स्कूल के प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण में किया जाएगा। सचिन तेंदुलकर को खेल कोटे के तहत राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। हालांकि सचिन व्यस्तताओं की वजह से राज्यसभा में कम ही उपस्थित हो पाते थे। मौजूदा बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने इस बात के लिए एक बार उनकी आलोचना भी की थी।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश बना, वियतनाम को पछाड़ा : आईसीए

नयी दिल्ली : चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश बन गया है। इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन( आईसीए) द्वारा दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद के साथ साझा जानकारीके अनुसार भारत ने हैंडसेट उत्पादन के मामले में वियतनाम को पीछे छोड़ दिया है।

आईसीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महेंद्रू ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र में कहा, ” हमें आपको सूचित करने में प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार, आईसीए और एफटीटीएफ के कठोर औरसमन्वित प्रयासों ने भारत संख्या के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश बन गया है।

आईसीए ने बाजार अनुसंधान फर्म आईएचएस, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो और वियतनामके सामान्य सांख्यिकी कार्यालय से उपलब्ध आंकड़ों का हवाला दिया है।

6 साल बाद पाकिस्तान पहुंचकर मलाला ने कहा- इतनी खुश कभी नहीं हुई

खैबर पख्तूनख्वा : नोबेल शांति पुरस्कार विजेता पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई 6 साल बाद पाकिस्तान वापस लौटी हैं। पाकिस्तान की स्वात घाटी में रहने वाली मलाला ने अपने उन दो सालों को याद किया जब वो तालिबान के डर के साए में जी रही थीं।
उनके ब्लॉग जिसमें वो लड़कियों की पढ़ाई की वकालत करती थीं उसकी वजह से तालिबान के एक बंदूकधारी ने उनके सिर में गोली मार दी थी। 20 साल की यूसुफजई को पाकिस्तान की आलोचना करने वाली और उस तरह के विचार फैलाने का आरोपी बनाया गया था जो इस्लाम के मूल्यों को मानने वाले देश के खिलाफ है।
खैबर पख्तूनख्वा पहुंचकर मलाला ने कहा कि मुझे मेरे धर्म पर गर्व है और मैं अपने देश पर गर्व करती हूं। अपने घर पहुंचकर मलाला काफी खुश थीं और वह स्वात घाटी जाना चाहती हैं। हालांकि उन्हें इसके लिए जरूरी पुलिस की सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है।

उन्होंने कहा- मैं कभी इतनी उत्साहित नहीं थी। मैं इतनी खुश कभी नहीं थी। मैं पाकिस्तान को लेकर बहुत कुछ मिस करती हूं। जिसमें नदियां, पहाड़, सड़कें और घरों के बाहर कूड़ा भी शामिल है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान जिन दोस्तों के साथ मैं बातें किया करती थीं और जिन पड़ोसियों से लड़ाई। सब चीजें काफी याद आती हैं।

मलाला ने कहा कि वह काफी पहले देश वापस आना चाहती थीं लेकिन सुरक्षा कारणों और ऑक्सफोर्ड में दाखिला लेने की वजह से नहीं आ पाईं। वह नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा शख्स हैं। तहरीक-ए-तालिबान ने लड़कियों की पढ़ाई, टीवी और म्यूजिक पर बैन लगा दिया था। जिससे महिलाओं के सार्वजनिक जीवन के हर पहलू पर पाबंदी लग गई थी।

इसके बाद साल 2012 में मलाला की स्कूल के अंदर तालिबान का एक नकाबपोश घुसा और उसने मलाला को इशारा करके बुलाया और उनके सिर में गोली मारकर फरार हो गया। इसके बाद सर्जरी के लिए वह ब्रिटेन गईं जहां वह तब से रह रही हैं।

34 साल बाद खुलेगा जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार

भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को34 साल बाद रत्न भंडार खोलने की अनुमति दी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा निरीक्षण किये जाने के लिये इसे खोलने की अनुमति दी गई है।
रत्न भंडार में देवी- देवताओं के बेशकीमती जेवर और आभूषण रखे जाते हैं। इसका पिछली बार1984 में निरीक्षण किया गया था। तब रत्न भंडार के सात में से सिर्फ तीन चैंबरों को खोला गया था। कोई नहीं जानता है कि अन्य चैंबरों में क्या रखे हुए हैं। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक पी के जेना ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार के विधि विभाग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण: एएसआई: के विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण किये जाने के लिये रत्न भंडार को खोलने की सशर्त अनुमति दी है ताकि इसकी ढांचागत स्थिरता और सुरक्षा का आकलन किया जा सके।’’
हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगाई गई शर्तों का अध्ययन करना बाकी है। जेना ने कहा‘‘ हम रत्न भंडार को खोलने से पहले निश्चित तौर पर एहतियाती कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने इससे पहले स्पष्ट किया था कि रत्न भंडार के भीतर रखे आभूषणों और अन्य बेशकीमती सामानों का आकलन नहीं किया जाएगा और उसकी दीवारों और छतों का सिर्फ दृश्य निरीक्षण किया जाएगा।