Monday, April 6, 2026
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अभिनेता नरेंद्र झा का निधन

मुम्बई :  हैदर, रईस, काबिल और मोहेंजोदाड़ो जैसी फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेता नरेंद्र झा का निधन बुधवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से हो गया. वह 55 साल के थे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, वह महाराष्ट्र के नानेगांव स्थित अपने फार्म हाउस में थे जब उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां सुबह तकरीबन चार बजे उनकी मौत हो गई। बिहार के मधुबनी ज़िले के कोइलख गांव में जन्मे नरेंद्र फिल्मों में महत्वपूर्ण सहयोगी भूमिकाएं निभाने के लिए जाने जाते थे।  झा ने टीवी पर अपने कॅरिअर की शुरुआत दूरदर्शन पर आने वाले धारावाहिक ‘शांति’, ‘इतिहास’ और ‘कैप्टन हाउस’ जैसे शो से की थी।

अभिनेता भले ही फिल्मों की दुनिया की तरफ रूख कर गए हों लेकिन उन्होने छोटे पर्दे पर भी अपना पांव जमाए हुए रखा। उन्होंने श्याम बेनेगल के ‘संविधान’ में काम करने के साथ ही ‘बेगूसराय’ और ‘छूना है आसमान’ जैसे धारावाहिकों में काम किया।

शाहरुख ख़ान की फिल्म रईस  में उन्होंने गैंगस्टर मूसा भाई का किरदार निभाया था। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी फिल्म हैदर  में उन्होंने श्रीनगर के डॉ. हिलाल मीर की भूमिका में नज़र आए थे. इस फिल्म में नरेंद्र अभिनेता शाहिद कपूर के किरदार के पिता बने हैं।

इसके अलावा हृतिक रोशन की थ्रिलर फिल्म काबिल  में उन्होंने इंस्पेक्टर का रोल निभाया था. साल 2016 में आई फिल्म फादर: टेल आफ लव उनकी आख़िरी फिल्म थी। सनी देओल की फिल्म घायल वंस अगेन में वह विलेन के किरदार में नज़र आए थे।

इसके अलावा फिल्म फोर्स 2, हमारी अधूरी कहानी, शोरगुल, फंटूश में भी वह काम कर चुके हैं।

फिल्मों के साथ वह छोटे पर्दे पर भी सक्रिय थे. साल 2015 में धारावाहिक तू कौन-मैं कौन में वह आख़िरी बार नज़र आए. इसके अलावा एक घर बनाऊंगा, सुपरकॉप्स वर्सेस सुपरविलेंस, रावण  जैसे धारावाहिकों में भी वह नज़र आ चुके हैं.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक हाल ही में उन्होंने सलमान ख़ान की फिल्म रेस 3 साइन की थी. इसके अलावा वह बाहुबली फेम अभिनेता प्रभास की फिल्म ‘साहो’ में भी आने वाले थे. नरेंद्र झा ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष पंकजा ठाकुर से विवाह किया था.

अभिनेता की अचानक हुई इस मौत पर उनके साथ काम करने वाले और प्रशंसक अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं. रईस फिल्म का निर्देशन करने वाले राहुल ढोलकिया ने ट्विटर पर लिखा, ‘दुखद, मुसा भाई नहीं रहे? नरेंद्र झा की आत्मा को शांति मिले.’

अभिनेता सोनू सूद ने ट्वीट किया, ‘यह बहुत दुखद है. वह एक प्यारे इंसान थे. उनकी आत्मा को शांति मिले.’ निर्देशक हंसल मेहता ने भी ट्वीट करके दुख जताया. प्रोड्यूसर एकता कपूर ने भी अभिनेता की मौत पर दुख प्रकट किया है.

 

केवल 51 रुपये की ईएमआई पर खरीदें ब्रांडेड कपड़े

ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट मिन्त्रा ने एक शानदार ऑफर पेश किया है। मिन्त्रा के ऑफर के तहत ग्राहक महज 51 रुपये की ईएमआई भरकर ब्रांडेड कपड़े खरीद सकते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, ईएमआई पर कपड़े खरीदने के लिए ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, मिन्त्रा पहले महंगे कपड़ों पर ही क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने की सुविधा देता था लेकिन अब 1300 या फिर उससे कम की खरीद पर भी ग्राहक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे।

फ्लिपकार्ट के स्वामित्व की कंपनी मिंत्रा ने एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, सिटी, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचएसबीसी आदि से साझेदारी की है। ये बैंक यूजर्स से 13% और 15% तक का इंटरेस्ट ले रहे हैं। इसके साथ ही ग्राहक 3 से लेकर 24 माह की ईएमआई पर कपड़े खरीद सकेंगे।

 

गप्पें लगाने में महिलाओं से पीछे नहीं पुरुष

लंदन : अब गप्पें लगाने के आरोप से महिलाओं को छुटकारा मिल सकता है। इजरायली शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में कहा है कि गप्पें लगाने में पुरुष महिलाओं से पीछे नहीं होते हैं। ऑफिस में गॉसिप करने में पुरुष भी महिलाओं से कम नहीं होते हैं।

एरियल यूनिवर्सिटी में हुए शोध में विशेषज्ञों ने कहा कि ऑफिस में किसी के बारे में गैर-जरूरी निजी बातें मजे लेकर बताने में पुरुष भी पीछे नहीं होते हैं। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने 2200 लोगों का साक्षात्कार लिया। शोधकर्ताओं ने देखा कि पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक गप्पबाज होते हैं।

महिलाएं सामान्य तौर पर किसी के बारे में बात करते समय अधिक सकारात्मक थीं। इनके विपरीत अपने प्रतिद्वंद्वी के लिए पुरुषों में नकारात्मकता का भाव अधिक था।

प्रमुख शोधकर्ता लिबी पर्व्स का कहना है कि कई बार पुरुषों की चर्चाओं में किसी के प्रति नकारात्मकता का भाव नहीं था। लिबी कहती हैं कि उनके अनुभव के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाएं स्कूल जाने वाली बच्ची की आयु से काफी आगे निकल आती हैं। यही वजह है कि वे इस तरह ही बहसों का हिस्सा नहीं बनना चाहती हैं।

एक अन्य शोध में पांच हजार लोगों के तथ्यों के अध्ययन के बाद देखा गया है कि पुरुष पूरे दिन में 76 मिनट का समय गप्पें लगाने में बरबाद करते हैं।

 

चिट फंड संशोधन विधेयक पेश, 36 साल पुराने कानून में बदलाव

नयी दिल्ली :   लोकसभा में चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2018 पेश किया गया जिसके माध्यम से 1982 के चिट फंड अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव किया गया। इसमें चिटों के लिए मैत्री फंड का भी उपयोग करने का प्रावधान है। निचले सदन में वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने विधेयक पेश किया। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर तेदेपा, वाईएसआर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्नाद्रमुक के सदस्यों के भारी हंगामे के बीच ही विधेयक पेश किया जो अपने अपने मुद्दों को लेकर आसन के समीप आकर नारेबाजी कर रहे थे।

विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि चिट कारोबार का विकास करने तथा निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से संस्थागत और विधिक ढांचे में सुधार की सलाहकार समूह की सिफारिशों और पंजीकृत चिट फंड क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा सरल और कारगर बनाने के लिए विधायी और प्रशासनिक प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की वित्त (सोलहवीं लोकसभा) पर संसदीय स्थाई समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए चिट फंड संशोधन विधेयक, 2018 पेश किया गया है जिसमें चिटों के लिए मैत्री फंड के उपयोग का भी प्रावधान है।

विधेयक में नई जोड़ी गई धारा में कहा गया है, ‘कोई भी व्यक्ति चिट कारोबार तब तक नहीं करेगा, जब तक कि वह अपने नाम के भाग के रूप में चिट, चिट फंड, चिट्टी, कुरी या मैत्री फंड शब्दों में से किसी शब्द का प्रयोग नहीं करता है और चिट कारोबार करने वाले व्यक्ति से भिन्न कोई भी व्यक्ति अपने नाम के भाग के रूप में ऐसे किसी शब्द का प्रयोग नहीं करेगा।    इसमें प्रधान के कमीशन की सीमा को पांच प्रतिशत से सात प्रतिशत करने का प्रावधान है।
चिट फंड अधिनियम, 1982 को चिट फंडों का विनियमन करने का उपबंध करने के लिए लागू किया गया था जो भारत में देशी कारोबार है और जिसने निम्न आय वाले परिवारों की वित्तीय आवश्यकताओं की परंपरागत रूप से पूर्ति की है।’
 

एसबीआई ने दी बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने पर राहत, 75 फीसदी तक घटाया चार्ज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने 25 करोड़ से अधिक बचत खाताधारकों को राहत देते हुए न्यूनतम बैलेंस  न रखने पर लगने वाले चार्ज में 75 फीसदी की कटौती कर दी है। ये नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। एसबीआई ने कहा कि उसने यह फैसला तमाम हितधारकों की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर लिया है।

एसबीआई सहित देश भर के अन्य बैंक अब खाते में पर्याप्त राशि न होने पर पेनाल्टी लगाने लगे हैं। अब मेट्रो शहरों में रहने वालों के लिए 3 हजार रुपये, छोटे शहरों के कस्टमर्स के लिए 2 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह एक हजार रुपये तय की गई थी।

1 अक्टूबर से तय की गई थी नई दरें
एसबीआई ने 1 अक्टूबर से अपनी मिनिमम ऐवरेज बैलेंस की दरें तय कर दी थी। हालांकि अन्य बैंकों में यह दर एक हजार रुपये से लेकर के 25 हजार के बीच में है। सरकारी बैंकों में जहां मिनिमम बैलेंस रखने की दर काफी कम है, वहीं प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में यह काफी ज्यादा है।
मेट्रो और बड़े शहरों में लगेगा यह चार्ज
बैंक ने मेट्रो और बड़े शहरों के खाताधारकों पर लगने वाले चार्ज में भारी कटौती की है। अब अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने वाले ग्राहकों से बैंक 50 रुपये के बजाय 15 रुपये काटेगा। इसमें 18 फीसदी जीएसटी अतिरिक्त लगेगा। बैंक के इस कदम से करोड़ों ग्राहकों को लाभ मिलेगा, जो किसी वजह से खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रख पाते हैं।

छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में 10 रुपये
छोटे शहरों और गांव-कस्बों में रहने वाले लोगों को भी बैंक ने राहत दी है। जहां पहले दोनों जगह 40 रुपये बैंक काटता था, वहीं अब यह छोटे शहरों में 12 रुपये और गांव-कस्बों के लिए 10 रुपये कर दिया है।

 

चौथी बार जर्मनी की चांसलर बनीं मर्केल

जर्मनी की संसद ने चौथी बार एंजेला मर्केल को चांसलर पद के लिए चुन लिया है। यह देश में संभवत: उनका आखिरी कार्यकाल होगा। जर्मनी की संसद में 364 में से 315 सांसदों ने मर्केल के पक्ष में वोट देकर यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में करीब छह माह से चला आ रहा राजनीतिक गतिरोध खत्म कर दिया है। वोटिंग के दौरान 9 सांसद अनुपस्थित रहे।

संसद में यह संसदीय मतदान चुनाव के 171 दिनों बाद हुआ जिसमें 35 सांसदों ने मर्केल का समर्थन नहीं किया। चांसलर पद के लिए शपथ से पहले राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर द्वारा औपचारिक रूप से  क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) की नेता मर्केल को नियुक्त करेंगे।

64 वर्षीय एंजेला मर्केल अब एक बदली हुई कैबिनेट की अध्यक्षता करेंगी। जर्मनी की कैबिनेट में नतीजे के बाद नाटकीय तौर पर बदलाव हुआ है, जिसमें कई नए चेहरों को अहम पद दिए गए। इनमें विदेश, वित्त और आंतरिक मंत्रालय जैसे विभाग शामिल हैं।

सीडीयू पार्टी के ट्विटर एकाउंट पर मर्केल ने लिखा कि मैं स्पष्ट नतीजों के लिए एसपीडी को मुबारकबाद देती हूं और जर्मनी के विकास के लिए और भी सहयोग की उम्मीद करती हूं।

नए गठबंधन के मसौदे में इस बात पर भी सहमति बनी है कि 2015 की तरह शरणार्थियों की भीड़ को जर्मनी में घुसने नहीं दिया जाएगा और नए शरणार्थियों की तादाद हर साल 180,000 से 220,000 के बीच में ही रखी जाएगी। मर्केल ने सार्वजनिक रूप से चार साल का कार्यकाल पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

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गणगौर : जींस में आए गवर-ईसर

बीकानेर :  अब तक राजस्थानी वेशभूषा में नजर आने वाले गवर-ईसर (गणगौर व ईसर) का लुक बदल गया है। ये भी अब मॉर्डन लुक में नजर आ रहे हैं। गवर-ईसर ने जींस पहन ली है। नए लुक में गवर-ईसर ही नहीं भाइया (उनका पुत्र) भी आ गया है। गवर-ईसर ने जींस पहनने के अलावा बेल्ट भी लगाई है। इतना ही नहीं ये सामाजिक सरोकारों के संदेश भी दे रहे हैं।

मॉर्डन ड्रेस में आए गवर-ईसर अपने भाइये के साथ बेटी बचाने का संदेश भी दे रहे हैं। लकड़ी से बने ये गवर-ईसर इन दिनों शहर के लोगों की पसंद बने हुए हैं। ये गवर-ईसर तैयार किए हैं कलाकार राम भादाणी ने। लकड़ी के बने गवर-ईसर को राम गोल्डन आर्ट से तैयार करते हैं। गवर-ईसर और भाइये पर गोल्डन आर्ट के अलावा बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का संदेश भी लिखा है। वे बताते हैं 16 दिनों तक किए जाने वाले इस पूजन में गवर-ईसर पर सबकी नजर होती है। ऐसे में गवर-ईसर के माध्यम से बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का संदेश का संदेश देने का प्रयास कर रहा हूं। कुंंवारी कन्याएं और युवतियां धुलंडी के दिन से चैत्र शुक्ला तृतीया तक चलने वाले गणगौर पूजन करती है। शीतला अष्टमी से अगले सात दिन तक गणगौर पूजन सुबह और शाम दोनों समय किया जाता है। इसके बाद कन्याएं, युवतियां और महिलाएं गणगौर व ईसर को पानी पिलाने की रस्म के दौरान गीत गाए जाते हैं।

 

बिद्या देवी भंडारी दूसरी बार बनीं नेपाल की राष्ट्रपति

काठमांडू : नेपाल की पहली महिला राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी मंगलवार को दूसरी बार राष्ट्रपति चुनी गईं। मौजूदा राष्ट्रपति भंडारी वाम दलों के गठबंधन की उम्मीदवार थीं।

56 वर्षीय बिद्या ने दो तिहाई से ज्यादा के प्रचंड बहुत से जीत दर्ज करते हुए नेपाली कांग्रेस की प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार कुमारी लक्ष्मी राय को शिकस्त दी। नेपाल के चुनाव आयोग के प्रवक्ता नवराज ढकाल ने बताया, भंडारी को 39,275 और एनसी की लक्ष्मी राय को 11,730 वोट मिले। भंडारी को सीपीएन-यूएमएल और सीपीएन (माओवादी केंद्र), संघीय समाजवादी फोरम नेपाल और अन्य छोटे दलों का समर्थन हासिल है। वह 2015 में नेपाल की पहली राष्ट्रपति बनी थीं।

इससे पहले 1994 और 1999 में संसदीय चुनाव भी जीत चुकी हैं। नेपाल की संघीय संसद के 339 सदस्य और प्रांतीय विधानसभा के 550 सदस्य इन चुनाव में मतदान करते हैं।

 

भारत में 6.25 लाख बच्चे रोजाना करते हैं धूम्रपान

नयी दिल्ली : भारत में 6.25 लाख से ज्यादा बच्चे रोजाना धूम्रपान करते हैं जो जन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एक वैश्विक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। अध्ययन’ ग्लोबल टोबैको एटलस के मुताबिक तंबाकू के सेवन से देश में हर हफ्ते 17,887 जानें जाती हैं। हालांकि यह आंकड़े मध्यम मानव विकास सूचकांक( एचडीआई) वाले देशों में होने वाली औसत मौतों से कम है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी और वाइटल स्ट्रैटजीज द्वारा तैयार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में धूम्रपान की आर्थिक लागत 18,18,691 मिलियन रुपये है।

इसमें स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी प्रत्यक्ष लागत और असामयिक मौत व अस्वस्थता के कारण उत्पादकता नष्ट होने से जुड़ी अप्रत्यक्ष लागत शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि मध्य मानव विकास सूचकांक वाले देशों के मुकाबले भारत में कम बच्चे सिगरेट पीते हैं। देश में 4,29,500 से ज्यादा लड़के और 1,95,000 से ज्यादा लड़कियां हर दिन धूम्रपान करती हैं। साथ ही इसमें नीति निर्माताओं को कदम उठाने के लिए भी कहा गया।

पिछले हफ्ते प्रकाशित हुई इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में भारत में 82.12 अरब सिगरेट का उत्पादन हुआ। इसमें बताया गया कि विश्व की छह प्रमुख तंबाकू कंपनियों का संयुक्त राजस्व 346 अरब डॉलर से ज्यादा था जो भारत की कुल राष्ट्रीय आय के 15 प्रतिशत हिस्से के बराबर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह उद्योग एक ताकतवर बल है जिसे छोटे राष्ट्र- राज्यों की कार्रवाई का डर नहीं होता क्योंकि उनके पास अत्यधिक संसाधन और वैश्विक बाजार की ताकत है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और राष्ट्रों के पास मौका है कि वह छोटे सहयोगियों की इस खतरे से निपटने में मदद करें।

 

इसरो की वैज्ञानिक ने रचा कीर्तिमान, 56 साल की उम्र में अंटार्कटिका में रही 403 दिन

नयी दिल्ली : 56 साल की उम्र में इसरो की एक महिला वैज्ञानिक ने कीर्तिमान रचा है। उन्होंने इस उम्र में अंटार्कटिका जैसे सबसे ठंडे प्रदेश में जहां तापमान -90 डिग्री पर चला जाता है वहां पूरे 403 दिन बिताए हैं। इस महिला का नाम है मंगला मणि जिन्होंने इससे पहले कभी बर्फबारी का लुत्फ नहीं उठाया था। मंगला 23 सदस्यों वाले एक जांच दल के साथ नवंबर 2016 में अंटार्कटिका स्थित भारत के रिसर्च स्टेशन भारती गई थीं। इस दल में वह अकेली महिला थीं। उन्हें नारी शक्ति का प्रत्यक्ष रूप कहा जा सकता है।

मणि जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में अपने मिशन को पूरा करके वापस लौटी हैं। उन्होंने कहा- अंटार्कटिका मिशन बहुत बड़ी चुनौती थी। वहां की जलवायु काफी कठोर है। हम अपने रिसर्च स्टेशन से निकलते समय बहुत ज्यादा सतर्क रहते थे। हर किसी को पोलर कपड़े पहनने पड़ते थे। कई बार हमें गर्मी लेने के लिए वापस अपने स्टेशन आना पड़ता था। साल 2016-17 के दौरान मंगला अकेली भारतीय महिला वैज्ञानिक थीं जो स्टेशन पर गईं थीं। वहां पहले से मौजूद चीन और रूस के रिसर्च स्टेशन की टीम में भी कोई महिला शामिल नहीं थी।

मंगला ने बताया- मेरे टीम के सदस्य काफी सहयोगी थे। दोनों ही तरफ से काफी सामंजस्य बनाए गए थे। यहां तक कि मेरी टीम के सदस्यों ने अर्थ स्टेशन पर मेरा जन्मदिन तक मनाया। इस कठिन मिशन के लिए मंगला मणि और उनकी टीम को सबसे पहले मानसिक और शारीरिक तौर पर हफ्तों परखा गया था। उन्हें दिल्ली के एम्स में एक हफ्ते तक कई मेडिकल जांच से गुजरना पड़ा, जिसमें सर्दियों के दौरान रहने के लिए उनका मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी शामिल था।

मेडिकल जांच के दो हफ्ते बाद उन्हें उत्तराखंड के ऑली और बद्रीनाथ में 9,000 और 10,000 फीट पर ले जाया गया। यहां अपनी टीम के साथ उन्हें भारी-भरकम बैग्स के साथ ट्रेक करना पड़ता था। जिससे उनकी शारीरिक क्षमताओं को परखा जाता था। मंगला मणि ने कहा- यह टेस्ट हमारे शरीर को अंटार्कटिका की भीषण सर्दी के लिए तैयार करने के लिए किए गए थे। इसके अलावा इस टेस्ट के दौरान हमारे दल में कठिन समय में टीम भावना के साथ काम करने की कला भी विकसित की गई।