लाबुआन बाजो : सुपर मॉम एमसी मैरीकॉम ने एक और स्वर्णिम पंच जड़ डाला। तीन बच्चों की मां 36 वर्षीय मैरीकॉम (51 किग्रा) इंडोनेशिया के लाबुआन बाजो में प्रेजिडेंट कप मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए चैंपियन बनीं।
मैरीकॉम के साथ ही फाइनल में पहुंचीं तीन अन्य महिला मुक्केबाजों मोनिका (48 किग्रा), जमुना बोरो (54 किग्रा) और सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) ने भी स्वर्ण पदक जीते। छह बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम ने फाइनल में एकतरफा मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की एप्रिल फ्रैंकस को 5-0 से पराजित किया। राज्यसभा की सदस्य मैरीकॉम का यह दो महीने में दूसरा स्वर्ण पदक है। उन्होंने मई में इंडिया ओपन में भी पीला तमगा जीता था। ओलंपिक क्वालिफिकेशन की अपनी उम्मीदों को गति देने के लिए उन्होंने मई में ही हुई एशियन चैंपियनशिप में भाग नहीं लिया था। सिमरनजीत ने हसनह हुसुतन को 5-0 से, जमुना ने इटली की गुलिया को 5-0 से और मोनिका ने इंडोनेशिया की इंडाग को पराजित किया।
निगाह ओलंपिक टिकट पर: पिछले साल रिकॉर्ड छठा विश्व खिताब जीतने वालीं मैरीकॉम की निगाह टोक्यो ओलंपिक के टिकट पर है। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता की हसरत ओलंपिक चैंपियन बनने की है। इसके लिए उनका अगला लक्ष्य रूस में सात से 21 सितंबर तक होने वाली विश्व चैंपियनशिप है।
36 वर्षीय मैरी कॉम का गोल्डन पंच, प्रेसिडेंट्स कप के फाइनल में जीता स्वर्ण
दो वर्षों तक चंद्रमा की परिक्रमा लगा सकता है चंद्रयान-2
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए चंद्रयान-2 को लेकर अच्छी खबर है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के लिए 22 जुलाई को रवाना हुए चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के जीवनकाल को एक साल और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इससे पहले इसरो ने अनुमान लगाया था कि इस यान का ऑर्बिटर एक साल तक ही काम करेगा। लेकिन अब इसके दो साल तक काम करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इस मिशन से जुड़े कम से कम पांच अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ऑर्बिटर के जीवनकाल को एक साल और बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले इसरो चेयरमैन के सिवान ने कहा था कि ऑर्बिटर का जीवनकाल एक साल का है।
लॉन्च के वक्त 1697 किग्रा ईंधन
चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि, चंद्रयान-1 को ज्यादा समय तक काम करने के लिए बनाया गया था लेकिन पावर कन्वर्टर में समस्या आ गई। जिसके कारण उसका जीवनकाल कम हो गया। इसे चंद्रयान-2 में सही किया गया है। चंद्रयान-2 के पास एक साल से ज्यादा समय तक काम करने के लिए ईंधन है। बता दें लॉन्च के वक्त ऑर्बिटर में 1697 किग्रा ईंधन था। मिशन से जुड़े एक अन्य अधिकारी का कहना है कि अधिक अच्छे तरीके से लॉन्च होने के कारण 40 किलो ईंधन बच गया है।
कितना ईंधन जरूरी?
टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में एक अन्य वैज्ञानिक का कहना है, “अतिरिक्त ईंधन आपातकालीन स्थितियों के लिए दिया गया था। अब वर्तमान अनुमान के अनुसार हमारे पास आर्बिट में एक साल से ज्यादा समय तक काम करने के लिए ईंधन है।” ऑर्बिटर के पास कक्षा में सारे बदलाव के बाद अंत में 290.2 किग्रा ईंधन होना चाहिए। ताकि वह चंद्रमा के चक्कर लगा सके।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का हैदराबाद में निधन
हैदराबाद : कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी का हैदराबाद में निधन हो गया। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी के निधन की खबर सुनकर हम दुखी हैं। उन्होंने 5 बार लोकसभा सांसद, 2 बार राज्यसभा सांसद और 4 बार विधायक के रूप में कार्य किया। हमें उम्मीद है कि उनके परिवार और दोस्तों को उनके दुःख के समय में ताकत मिलेगी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे समय से बीमार थे और शनिवार को उनकी तबीयत खराब होने पर एउआईजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
जयपाल रेड्डी 77 वर्ष के थे और यूपीए सरकार के दौरान वे कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का कार्यभार संभाला था। जयपाल रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हैदराबाद के मदगुल में हुआ था। वह वर्ष 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल की सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। जयपाल रेड्डी 1969 से 1984 के बीच आंध्र प्रदेश के कलवाकुर्ती से चार बार विधायक भी रह चुके हैं।
भारतीय वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा में खोजे 28 नए तारे
नैनीताल : आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वैज्ञानिकों ने यहां आकाशगंगा गैलेक्सी में 28 नए परिवर्तनशील तारे खोजे हैं। संस्थान के निदेशक वहाबउद्दीन ने नए परिवर्तनशील तारों के निष्कर्षों को दुर्लभ उपलब्धि बताया। इन तारों की चमक बदलती रहती है।
संस्थान के पूर्व निदेशक और अब यहां वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत अनिल पांडेय ने कहा कि यह पहली बार है कि ‘कोमा बेरेनाइसीस’ तारामंडल के गोल तारागुच्छ ‘एनजीसी 4147’ में इन तारों की पहचान हुई है। पांडेय ने कहा, संस्थान के वैज्ञानिकों की खोज गोल तारागुच्छ की संरचना के बारे में जानकारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि नए परिवर्तनशील तारों की खोज के अलावा, अध्ययन से ‘एनजीसी 4147’ की आंतरिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं। यह तारागुच्छ पृथ्वी से पहले जितना सोचा गया था, उससे ज्यादा पास स्थित है। पांडेय ने कहा कि डॉक्टर स्नेहलता और डॉक्टर एके पांडेय नीत संस्थान की अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने नैनीताल के पास 2016 में स्थापित 3.6 मीटर लंबी देवस्थल ऑप्टीकल दूरबीन की मदद से तारागुच्छ ‘एनजीसी 4147’ का फोटोमेट्रिक अवलोकन किया।
असम में सेना ने बचाई बाढ़ में फंसे 150 लोगों की जान, बिहार अब तक बेहाल
गुवाहाटी/पटना : सेना ने असम के नलबाड़ी जिले के एक गांव में अचानक आई बाढ़ में फंसे बच्चों और महिलाओं समेत करीब 150 लागों को मंगलवार रात सुरक्षित बाहर निकाला।
क्षेत्र में लगातार बारिश होने से पगलादिया नदी में जल का स्तर बढ़ गया जिसके बाद मंगलवार को नलबाड़ी के बलीतारा गांव में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ आने के बाद भारतीय सेना के एक उच्च प्रशिक्षित बाढ़ राहत दल ने गांव पहुंचकर मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान चलाया। सेना ने भारी बारिश के बीच बाढ़ में फंसे 60 महिलाओं और बच्चों समेत 150 लोगों को कड़ी मशक्कत कर क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने सेना के जवानों के इस प्रयास की बहुत सराहना की है। राज्य में बाढ़ से अब तक 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
बिहार में बाढ़ से 123 लोगों की मौत : बिहार के 12 जिलों में आई बाढ़ से अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 81 लाख 57 हजार 700 आबादी प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने बुधवार को बताया कि बिहार के 12 जिलों शिवहर, सीतामढी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार में बाढ़ से अब तक 123 लोगों की मौत हुई है जबकि 81 लाख 57 हजार 700 लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार में बाढ़ से मरने वाले 123 लोगों में सीतामढी के 37, मधुबनी के 30, अररिया के 12, शिवहर एवं दरभंगा के 10—10, पूर्णिया के 9, किशनगंज के 5, मुजफ्फरपुर के 4, सुपौल के 3, पूर्वी चंपारण के 2 और सहरसा का एक व्यक्ति शामिल है।
नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिकी विज्ञानी श्रिफर का देहांत
टालाहसी : सुपरकंडिक्टिविटी की महत्वपूर्ण थ्योरी देने के लिए साल 1972 में भौतिकी विज्ञान के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जॉन रॉबर्ट श्रिफर का निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि श्रिफर का फ्लोरिडा के टालाहसी में शनिवार को एक नर्सिंग केंद्र में नींद में ही निधन हो गया। उनके परिवार में तीन बच्चे हैं।
श्रिफर को जॉन बार्डीन और लियोन कूपर के साथ बीसीएस थ्योरी विकसित करने के लिए भौतिकी विज्ञान में संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला था। यह सुपरकंडिक्टिविटी की पहली सफल माइक्रोस्कोपिक थ्योरी मानी जाती है। साल 2005 में उन्हें 161 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाकर एक व्यक्ति की हत्या करने और सात अन्य लोगों को घायल करने के जुर्म में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
एपल एक अरब डॉलर में खरीदेगा इंटेल का स्मार्टफोन मोडेम कारोबार
नयी दिल्ली : महंगे स्मार्टफोन एवं अन्य उपकरण बनाने वाली कंपनी एपल ने एक अरब डॉलर में इंटेल का स्मार्टफोन मोडेम कारोबार खरीदने की घोषणा की है। दोनों कंपनियों ने इसको लेकर समझौता किया है। यह सौदा इस साल की अंतिम तिमाही में पूरा होने का अनुमान है। एपल ने कहा कि इस सौदे से इंटेल की बौद्धिक संपदा, उपकरण और पट्टे भी शामिल हैं। सौदे के तहत इंटेल के करीब 2,200 कर्मचारी एपल से जुड़ेंगे। एपल ने कहा कि इस सौदे के बाद उसके पास वायरलेस प्रौद्योगिकी के पेटेंट की संख्या बढ़कर 17 हजार से अधिक हो जाएगी। इसके बाद इंटेल स्मार्टफोन के अलावा अन्य उपकरणों के लिये ही मोडेम बनाएगी।
इंटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बॉब स्वान ने कहा, ‘‘इस सौदे से हमें 5जी नेटवर्क के लिये प्रौद्योगिकी विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। हमें इस बात का भरोसा है कि एपल मोबाइल मोडेम टीम को उपयुक्त माहौल प्रदान करने में सक्षम रहेगी।’’ एपल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (हार्डवेयर प्रौद्योगिकी) जॉनी स्रोउजी ने कहा, ‘‘हमने इंटेल के साथ वर्षों से काम किया है। हमें मालूम है कि इंटेल की इस टीम के पास उपभोक्ताओं को विश्वस्तरीय अनुभव देने वाली प्रौद्योगिकी डिजायन करने का जज्बा है। हम इस बात से उत्साहित हैं कि इतने सारे शानदार अभियंता हमारी कंपनी से जुड़ रहे हैं।’’ उल्लेखनीय है कि स्मार्टफोन मोडेम/चिप बनाने में शीर्ष कंपनी फॉक्सकॉन और एपल के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। एपल अभी तक चिप के मामले में फॉक्सकॉन पर निर्भर रहते आयी है। हालांकि कंपनी ने हालिया समय में इस बात के संकेत दिये थे कि वह चिप के मामले में आत्मनिर्भर होने को इच्छुक है। इंटेल ने भी स्मार्टफोन मोडेम कारोबार के बजाय 5जी से जुड़ी प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा जाहिर की थी।
कम्पनी संशोधन विधेयक 2019 को लोकसभा की मंजूरी
नयी दिल्ली : लोकसभा ने कम्पनी (संशोधन) विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान की जो कम्पनी संशोधन दूसरा अध्यादेश 2019 का स्थान लेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विधेयक में प्रस्तावित संशोधन व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए है।
उन्होंने कहा कि 2013 में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार ने कम्पनी अधिनियम पारित किया था जिसमें लगातार संशोधन की मांगें उठती रहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के संशोधनों को सरकार अपनी इच्छा से नहीं लाती बल्कि सभी हितधारकों की माँगों के अनुरूप लाया जाता है। सीतारमण ने इस संबंध में लाये गये अध्यादेश को लेकर कुछ विपक्षी सदस्यों के सवाल पर कहा कि तात्कालिक जरूरत के लिए अध्यादेश दोबारा लाना पड़ा था और यह जल्द समाप्त होने वाला है, इसलिए सरकार विधेयक लेकर आई है ताकि फिर से अध्यादेश का रास्ता नहीं अपनाना पड़े।
कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के प्रावधान पर विभिन्न सदस्यों के प्रश्नों के उत्तर में वित्त मंत्री ने कहा कि सीएसआर के लिए कम्पनियों को तीन साल की अवधि दी गयी है और पहले साल में उन्हें इस बारे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी करनी है। उन्होंने साफ किया कि पांच करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने वाली, एक हजार करोड़ रुपये के कारोबार वाली कंपनियों को सीएसआर की गतिविधियों को दिखाना होगा और इस बारे में केवल स्पष्टीकरण से काम नहीं चलेगा। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को पारित किया। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों के अनुसार इसके माध्यम से कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 2 के खंड 41 का संशोधन करने की बात कही गई है जिससे केंद्र सरकार को कुछ कंपनियों को भिन्न भिन्न वित्तीय वर्ष रखने देने का अधिकार दिया गया है।
इसमें कम्पनियों के रजिस्टर से कंपनी का नाम हटाने के लिये कार्रवाई आरंभ करने के लिये पंजीयक को सशक्त करने वाले अधिनियम की धारा 12 का संशोधन करने की बात कही गयी है, यदि कम्पनी इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार कोई कारोबार नहीं कर रही है ।
‘उरी…’, ‘विलेज रॉकस्टार’ एएससीटीए की ‘सर्वश्रेष्ठ एशियन फिल्म’ पुरस्कार के लिये नामित
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलियन एकेडमी ऑफ सिनेमा एंड टेलीविजन आर्ट्स (एएसीटीए) ने आदित्य धर की पहली फिल्म ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’, रीमा दास की ‘विलेज रॉकस्टार’ और वासन बाला निर्देशित एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ को ‘सर्वश्रेष्ठ एशियन फिल्म पुरस्कार, 2019’ के लिये नामित फिल्मों की अंतिम सूची के लिए चयनित किया है।
इन नामों की घोषणा हाल में शंघाई में एक कार्यक्रम के दौरान की गयी, जहां एएसीटीए अपने ‘एशिया इंटरनेशनल इंगेजमेंट प्रोग्राम’ के तहत ‘चाइना ऑस्ट्रेलिया फिल्म फोरम’ और पैनल चर्चा का आयोजन कर रहा था। 19 एशियाई क्षेत्रों की पिछले साल की बेहतरीन फिल्मों को सम्मानित करने के उद्देश्य से ‘एएसीटीए सर्वश्रेष्ठ एशियन फिल्म पुरस्कार’ का गठन किया गया है जो ऑस्ट्रेलिया में एशियाई फिल्मों बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। धर ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े फिल्म पुरस्कार ‘एएसीटीए अवार्ड्स’ के लिये चुना जाना मेरे लिये बहुत रोमांचकारी है। यह पुरस्कार ऑस्ट्रेलिया में ऑस्कर के समान है। मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं और इस प्रतिस्पर्धा में अपनी फिल्म को देखकर मुझे बहुत हर्ष महसूस हो रहा है।’’
पाकिस्तान ने पिछले 16 महीनों में भारत से किया 250 करोड़ रुपये के टीकों का आयात
इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने पिछले 16 महीनों के दौरान भारत से 250 करोड़ रुपये से अधिक के रेबीज रोधी तथा विष रोधी टीकों की खरीदारी की है। एक स्थानीय अखबार ने यह खबर दी है। पाकिस्तान के अखबार ‘द नेशन’ के अनुसार पाकिस्तान में पर्याप्त मात्रा में टीके नहीं बनने के कारण उसने पिछले 16 महीनों में भारत से 3.6 करोड़ डॉलर यानी 250 करोड़ रुपये से अधिक के टीकों का आयात किया है।
पाकिस्तान के सांसद रहमान मलिक ने भारत से खरीदी जा रही दवाओं की मात्रा और इनके मूल्य के बारे में सवाल किया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को इस बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि रेबीजरोधी और विषरोधी दोनों तरह के टीके देश में बनाए जाते हैं। हालांकि इससे मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण भारत से इन्हें आयात किया जा रहा है।




