दिसपुर : सोनितपुर जिले के मिस्सामारी गांव में एक 11 साल के लड़के ने बहादुरी की मिशाल पेश की। उत्तम ताटि नाम के लड़के ने नदी में डूब रही एक महिला और उसके बच्चे को बचा लिया। यह घटना 7 जुलाई की है, जो अब सामने आई। जिला कलेक्टर लाख्या ज्योति दास ने कहा, हमने डिप्टी कमिश्नर से बात की है। उत्तम का नाम राष्ट्रीय स्तर के बहादुरी पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। कलेक्टर लाख्या ने कहा कि एक महिला अपने दो बच्चों के साथ 7 जुलाई को नदी पार करने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान नदी में पानी बढ़ने लगा। महिला खुदको और बच्चों को संभाल नहीं सकी। तभी उत्तम ने नदी में कूदकर महिला और उसके बच्चे को बचा लिया।
3580 बुजुर्गों कीआँखों की सर्जरी के लिए 110 बच्चों ने 10 दिन में जुटाए 35 लाख रुपये
बेंगलुरु : शहर के विद्याशिल्प अकादमी के 110 छात्रों ने पिछले दिनों 3580 ग्रामीण बुजुर्गों की कैटरैक्ट (मोतियाबिंद) सर्जरी के लिए 10 दिनों में 35 लाख रुपये का फंड जुटाया। इस फंड से होसकोटे-कोलार-चिंतामणि बेल्ट के बुजुर्गों के ऑपरेशन हो सकेंगे। पहले 2400 बुजुर्गों की सर्जरी के लिए 22.4 लाख रुपये का लक्ष्य रखा था। बाद में संख्या बढ़ा कर 3580 कर दी गई। पैसा क्राउडफंडिंग के जरिए एकत्रित किया गया।
4 छात्रों ने पौने पांच लाख से ज्यादा जोड़े
अभियान की शुरुआत में चार छात्रों को एक-एक लाख से अधिक का दान मिला। इनमें खुशी कर्मकार (135611 रुपए), गायत्री दिनेश थम्पी, (132000 रुपये), मिहिका (115500 रुपये) और करण ददलानी (103000 रुपये) ने पौने पांच लाख रुपये जुटाए। इनकी पहल पर कक्षा 9वीं, 10 वीं और 11वीं के छात्रों ने 18 जून से और कक्षा 12 के छात्रों 25 जून को अभियान शुरू किया। प्रत्येक छात्र को 20 हजार रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा। फंड पूरा होने के चार दिन के बाद अभियान को बंद कर दिया गया। सबसे ज्यादा 36 दानदाताओं से राशि जुटाने वाली खुशी ने बताया, “ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले इन ऑपरेशन के लिए शहर के एनजीओ द रोटरी बैंग ने 1 हजार से लेकर 4200 रुपये तक की सब्सिडी भी दी थी। इसके बाद तो मेरा उत्साह चरम पर था। मैंने घर जाने का इंतजार किए बिना अभियान शुरू किया।” खुशी ने कहा, “जब आप विनम्र होकर बातचीत करते हैं इसका असर होता है। मुझे पहले यकीन नहीं हुआ कि इतनी जल्दी इतना रुपया मिल गया।”
मिहिका ने कहा, “अभियान के दौरान हमने अपनी संचार शक्ति को जाना। इसे वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी भी समझा। हमे सबसे ज्यादा दान गुप्त दान के रूप में मिला। इससे हमने जाना, लोग एक-दूसरे से अब भी प्यार करते हैं और मदद को आगे आते है।”
विद्याशिल्प अकादमी स्कूल की प्राचार्या कलाई सेल्वी ने कहा, “मेरे स्कूल के छात्र पहले भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कई बार अनाथ और जरूरतमंदों की मदद की है। एक बैच ने 65 हजार रुपए में ठंडे पानी के लिए वॉटर कूलर और सोलर पावर वॉटर हीटर का इंतजाम किया था।”छात्रों को मिले फंड पर फ्यूलड्रीम के संस्थापक रंगनाथ थोटा ने कहा, यह अविश्वनीय है। छात्रों के इस सराहनीय प्रयास से अनेक जरूरतमंद जिंदगियों पर असर होगा। एक तरह से 3580 बुजुर्गों के लिए यह तोहफा है। सभी 110 छात्रों को धन्यवाद।
मिताली राज पर बनेगी बायोपिक, तापसी पन्नू निभाएंगी किरदार
मुम्बई : तापसी पन्नू इन दिनों बॉलीवुड में हर जोनर की फिल्में कर रही हैं। अब वे क्रिकेटर मिताली राज की बायोपिक में उनका किरदार निभा सकती हैं। वीमन टीम इंडिया की प्लेयर और वनडे क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज पर जल्द ही बायोपिक बनने जा रही। इससे पहले तापसी दिलजीत दोसांझ के साथ सूरमा में हॉकी प्लेयर के रोल में नजर आईं थी। मिताली राज के रोल के लिए भी तापसी को शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार तापसी से पहले भी इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने फिल्म करने की इच्छा जताई थी। तापसी ने कहा था अगर उन्हें फिल्म ऑफर की जाती है तो यह उनके लिए गर्व की बात होगी। हालांकि तापसी की अगली फिल्म शूटर दादी चंद्रो तोमर पर बनी सांड की आंख है, जो इसी साल दीवाली पर रिलीज होनी है। 36 वर्षीय मिताली भारत की सबसे सफल महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं। उन्होंने 10 टेस्ट में 663 रन, 203 वनडे मैचेस में 6720 रन और 89 टी-20 मैचेस में 2364 रन बनाए हैं। मिताली पहली महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैचों में लगातार सात बार हाफ सेंचुरी बनाई। महिला एवं पुरुष, दोनों वर्गों के क्रिकेट में सिर्फ जावेद मियांदाद ही उनसे आगे हैं जिनके नाम लगातार नौ हाफ सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड है।
5 अरब डालर की अर्थव्यवस्था हासिल करना सम्भव: नीति आयोग उपाध्यक्ष
कोलकाता : नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि 2024- 25 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवसथा के लक्ष्य को पक्के तौर पर हासिल किया जा सकता है और इस काम में निजी क्षेत्र को अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुये राजीव कुमार ने कहा कि सरकार अकेले ही 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अकेले ही इसे नहीं कर सकती है, निजी क्षेत्र के निवेशकों को इस मामले में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।’’ नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि बजट में ऐसी कई पहलों के बारे में प्रस्ताव किया गया है जो कि सरकार की निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने की इच्छा की तरफ इशारा करती हैं।
उन्होंने बताया कि इन पहलों में विनिवेश लक्ष्य को बढ़ाना, सरकार की तरफ से एनबीएफसी को समर्थन दिया जाना और कारपोरेट बॉंड बाजार को और गहरा बनाने के लिये दीर्घकालिक योजना का खाका पेश करना शामिल है।
कुमार ने कहा कि भारत कोई निरंकुश देश नहीं है, यहां जो कुछ भी किया जायेगा वह सब लोकतांत्रिक प्रणाली के भीतर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव किये जाने की आवश्यकता है। ‘‘5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिये यह जरूरी है। कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की जरूरत है।’’
प्रख्यात लेखक शंकर कोलकाता के शेरिफ बने
कोलकाता : प्रख्यात बंगाली लेखक मणि शंकर मुखर्जी के कलकत्ता उच्च न्यायालय में ‘‘शेरिफ’’ पद की शपथ लेते ही सोमवार को शहर को उसका 245वां शेरिफ मिल गया।
निवर्तमान शेरिफ डॉ. संजय चटर्जी ने शंकर के नाम से लोकप्रिय 80 वर्षीय लेखक को पद की शपथ दिलायी। कोलकाता के किसी विशिष्ट नागरिक को एक साल के लिये इस पद पर नियुक्त किया जाता है। शेरिफ का कार्यालय कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में होता है।
1775 में शहर के लिये ‘‘शेरिफ’’ पद का निर्माण किया गया था और जेम्स मैक्रेबी पहले शेरिफ थे। ‘‘कलकत्ता के शेरिफ’’ पद पर नियुक्त किये गये पहले भारतीय मनकजी रूस्तमजी थे जो 1874 में इस पद पर नियुक्त किये गये थे जबकि 1875 में इस पद पर पहली बार राजा दिगंबर मित्तर के तौर पर किसी बंगाली को नियुक्त किया गया था। अपने स्वीकृति भाषण में मुखर्जी ने कहा कि उनके जीवन का यह यादगार दिन है।
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान ने भाषा सिखाने के लिए पांच गांवों को लिया गोद
नयी दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (आरकेएस) ने यह सुनिश्चित करने के लिए देशभर से पांच गांवों को गोद लिया है कि इन गांवों के लोग संस्कृत में बात कर पाएं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आरकेएस, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, दिल्ली और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, तिरुपति को दो गांवों को गोद लेने और संस्कृत सिखाने का निर्देश दिया है। यह तीनों केंद्रीय संस्थान हैं और 3,500 साल से भी अधिक पुरानी भाषा संस्कृत को आगे बढ़ाते हैं।
एचआरडी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आरकेएस ने त्रिपुरा में जुबार्ता, हिमाचल प्रदेश में मसोत, कर्नाटक के चित्तेबैल, केरल में अदात और मध्य प्रदेश में बराई गांव को गोद लिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इन गांवों में हर कोई संस्कृत भाषा में बात कर सके।’’ अधिकारी ने बताया कि दो अन्य संस्थाओं ने अभी गांवों को गोद नहीं लिया है। पिछले माह मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में निर्देश दिया गया था कि संस्कृत को आगे बढ़ाने और इस भाषा के संरक्षण के लिए कम से कम दो संस्कृत भाषी गांव विकसित करने की जरूरत है।
आम बजट : गांव, गरीब, किसान के साथ साथ अर्थव्यस्था को गति देने पर जोर
नयी दिल्ली : ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ‘‘अधिक सरल’’ बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है।
बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपने पहले कार्यकाल में ‘न्यू इंडिया’ के लिए काम शुरू कर दिया था। अब इन कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी और आगे चलकर लालफीताशाही को और कम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में काम को पूरा कर के दिखाया। आम चुनाव में मतदाताओं ने काम करने वाली सरकार के पक्ष में मत दिया। उन्होंने कहा कि हमने अंतिम छोर तक कार्यक्रमों को पहुंचाया। अब कार्यक्रमों की रफ्तार तेज की जाएगी और लालफीताशाही को कम किया जाएगा।
बजट में देश के तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों और दुकानदारों को पेंशन सुविधा के तहत लाने की भी घोषणा की गयी है।
उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ रूपये से कम के सालाना कारोबार वाले तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों एवं दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिये शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना को अब तक 30 लाख कामगारों ने अपनाया। इस योजना को अपनाने वाले कामगारों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना की शुरुआत पिछले साल प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद में की थी।
सीतारमण ने कि कहा कि बीते वित्त वर्ष में देश में 64.37 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 से छह प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं इस लाभ को और बेहतर करने का प्रस्ताव करती हूं जिससे भारत को विदेशी निवेश के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार विमानन, मीडिया, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) तथा बीमा क्षेत्रों को एफडीआई के लिए और खोलने को अंशधारकों के साथ विचार विमर्श करेगी।’’
वित्त मंत्री ने कहा कि बीमा क्षेत्र की मध्यस्थ इकाइयों के लिए 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दी जाएगी। साथ ही एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में स्थानीय खरीद के नियमों में ढील दी जाएगी। अभी एफडीआई नीति के तहत बीमा क्षेत्र में 49 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। इसमें बीमा ब्रोकिंग, बीमा कंपनियां, तीसरा पक्ष प्रशासक (टीपीए), सर्वेयर और नुकसान आकलनकर्ता शामिल हैं।
देश की पहली पूर्ण कालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना प्रथम बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार का मकसद ‘‘हमारे नागरिकों के जीवन को अधिक सरल बनाना है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान पर दिये जाने वाले जोर की प्रतिध्वनि वित्त मंत्री के बजट भाषण में भी सुनाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘यह सूचना देते हुए प्रसन्न एवं संतुष्ट हूं कि भारत को दो अक्तूबर 2019 को खुले में शौच करने से मुक्त घोषित किया जाएगा।’’
वित्त मंत्री ने किराये वाले मकानों के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि किराये वाले मकानों को प्रोत्साहन देने के लिए कई सुधार किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून काफी पुराने हैं क्योंकि वे पट्टा देने वाले और पट्टा लेने वालों के संबंधों की समस्याओं का ढंग से निदान नहीं कर पाते।
उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रम कानूनों को सरल कर चार कानून संहिताएं तय की जाएंगी। इसका मकसद रिटर्न दाखिले और पंजीकरण का मानकीकरण करना और विवादों को घटना है।
महिला उद्मियों की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्येक स्वयं सेवी समूह की प्रमाणित महिला सदस्य का जन धन खाता होगा और उन्हें पांच हजार रूपये के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी।
सरकार के प्रत्येक कार्य एवं योजना के केन्द्र में ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ होने का दावा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो भी करते हैं, सरकार के प्रत्येक कार्य एवं प्रत्येक योजना के केन्द्र में गांव, गरीब और किसान होता है।’’
उन्होंने कहा कि जो लोग कनेक्शन नहीं लेना चाहते, उन्हें छोड़कर 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 80,250 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1,25000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2019-20 से 2021-22 तक पात्रता रखने वाले लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान मुहैया कराये जाएंगे। इनमें रसोई गैस, बिजली एवं शौचालयों जैसी सुविधा होगी।
पाकिस्तानी अदाकारा जहीन ताहिरा का निधन
इस्लामाबाद : पाकिस्तानी अदाकारा जहीन ताहिरा का निधन हो गया। वह 79 वर्ष की थीं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, हृदय संबंधी बीमारी के कारण उन्हें एक महीने पहले शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया और फिर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। अभिनेत्री के पोते दानियाल शाहजाद खान ने फेसबुक पर उनके निधन की जानकारी दी। खान ने लिखा है कि उनकी दादी जहीन ताहिरा की मृत्यु हो गयी। पाकिस्तानी टेलीविजन की दुनिया की सबसे पुरानी अदाकरा में शामिल ताहिरा ने 700 से ज्यादा कार्यक्रमों में काम किया है। उन्हें मनोरंजन की दुनिया में योगदान के लिए 2013 में तमगा-ए-इम्तियाज से नवाजा गया।
देश के आठ शहरों में बढ़ गई मकानों की बिक्री, चार फीसदी का हुआ इजाफाः रिपोर्ट
देश के आठ शहरों में मकानों की बिक्री बढ़ गयी है और रियल इस्टेेट कारोबार में 4 फीसदी का उछाल आया है। दिल्ली-एनसीआर में इस साल अब तक घर खरीदी में सर्वाधिक 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, यहां लोगों ने 19852 घर खरीदे। वहीं देश के आठ प्रमुख शहरों के रियल इस्टेट सेक्टर में घरों की बिक्री पहली छमाही में चार फीसदी बढ़ी है। पिछले साल जहां इस दौरान 1.24 लाख घर खरीदे गए, वहीं इस साल इनकी संख्या 1.29 लाख रही।
घर खरीदने के मामले में दूसरे स्थान पर बंगलुरू रहा, यहां नौ फीसदी वृद्धि के साथ 28225 घर खरीदे गए। नाइट फ्रैंक ने ‘इंडिया रियल इस्टेट’ नाम से जारी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक डेवलपर्स के पास खाली पड़े घरों की संख्या 9 फीसदी घटी है, इस साल डेवलपर्स के पास 4,50,263 घर खाली पड़े हैं।
नए घरों की बिक्री 21 फीसदी बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पहले छह महीनों में नए घरों की बिक्री में भी 21 फीसदी का इजाफा हुआ। पिछली बार जहां इस अवधि में 91739 घर नए घर बिके इस बार 1,11,175 लाख नए घरों की बिक्री हुई।
कहाँ कितनी बढ़ोतरी
शहर बढ़ोतरी कितने घर बिके (जनवरी-जून 2019 तक)
दिल्ली/एनसीआर 10 19852
बेंगलुरू 9 28225
पुणे 6 17364
चेन्नई 5 8979
मुंबई 4 33731
अहमदाबाद 2 8212
हैदराबाद 0 8334 (पिछले साल जितने ही घर बिके)
कोलकाता में आई गिरावट
घर खरीदने के मामले में पिछली साल के मुकाबले इस साल पहली छमाही में कोलकाता फिसड्डी रहा, यहां मार्केट में 30 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इस साल कोलकाता में सिर्फ 4588 घर ही खरीदे गए। इसका मुख्य कारण पश्चिम बंगाल आवास उद्योग नियामक प्राधिकरण की जटिल प्रक्रिया और संकटग्रस्त गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) क्षेत्र पर डेवलपर्स की स्पष्ट निर्भरता रही।
लगातार तीसरी तिमाही में घरों की बिक्री बढ़ी
नाईट फ्रैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक (उत्तर) मुदासिर जैदी के मुताबिक घरों की बिक्री में आई इस तेजी के कारण रियल इस्टेट में घरों की खरीदारी लगातार तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
मुम्बई, पुणे में सस्ते हुए घर
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई, पुणे और चेन्नई में घरों की औसत कीमत में गिरावट आई है। साल दर साल यह गिरावट क्रमश: 3 फीसदी, 4 फीसदी, 3 फीसदी रही। हैदराबाद इकलौता ऐसा शहर है जहां घरों की कीमतों में साल दर साल 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल के मुताबिक सरकार की हर व्यक्ति को घर योजना के तहत उठाए गए कदमों के कारण हाउसिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिली है जिसके कारण घरों की बिक्री में बढृोतरी हुई।
बेटियों में भरें आत्मविश्वास
हर माँ चाहती है कि उसकी बेटी में आत्मविश्वास कूट-कूटकर भरा हो ताकि जीवन के हर मोड़ पर वह परिस्थितियों का बहादुरी से सामना कर सके। वहीं यह भी सच है कि पारिवारिक एवं सामाजिक दबाव के कारण वे बेटियों को लेकर न सिर्फ ओवर प्रोटेक्टिव हो जाती हैं बल्कि परिवार की शांति बनाये रखने के लिए वे सही होने पर भी अपनी बेटियों के साथ खड़ी नहीं होती। इसका सीधा असर बेटियों के आत्मविश्वास पर पड़ता है और अपने जीवन की पहली लड़ाई में ही कमजोर पड़ जाती हैं।
आप चाहती हैं कि आपकी बेटी को आपसे बेहतर जीवन मिले तो जरूरी है कि आप उसे समझें। जब वह सही हो तो मजबूती से उसका पक्ष लें और समस्या होने पर उसका पक्ष सुनें और इसके बाद फैसला लें।
बेटियों में आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है कि बचपन से ही उनकी परवरिश के वक्त उनको चुनौतियों का सामना करने दें, उन्हें किसी चीज को लेकर रोके-टोके नहीं बल्कि उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए हर संभव कोशिश करें।
कुछ वक्त पहले 8 से 14 साल की 14,00 लड़कियों पर एक सर्वे हुआ था। इसमें इन लड़कियों के आत्मविश्वास में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट बताई गई थी। सर्वे में कहा गया था कि चार में से तीन लड़कियां असफलता को लेकर डरती हैं और ये ही वजह है कि उनके भीतर आत्मविश्वास मजबूती से नहीं आ पाता।
अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी बेटी में आत्मविश्वास मजबूत हो तो सबसे पहले उसका कंफर्ट जोन तोड़े और उसे जोखिम उठाने दें। अक्सर घरों में लड़कियों पर कई तरह की रोक टोक लगा दी जाती है।
घर से अकेले बाहर निकलने से लेकर रात के वक्त अकेले आने तक उनके मन में कई तरह का डर भर दिया जाता है। ऐसे में वे हर वक्त एक कंफर्ट जोन में रहती हैं और चुनौतियां का सामना करना नहीं सीख पाती हैं।
आत्मविश्वास के लिए जरूरी है, बेटियों की सराहना करना। अपनी बेटी की सराहना करें। भविष्य के खतरों को लेकर सूची बनाकर बेटियों को बताएं कि उनका सामना कैसे करें और इन चुनौतियों से कैसे निपटे।
उसे अपने काम खुद करने दें, फैसले खुद लेने दीजिए तभी उनमें आत्मविश्वास पनपेगा।




