Tuesday, June 30, 2026
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पढ़ने की संस्कृति : एक प्रस्ताव

यदि आप अपने विद्यालय में पुस्तकों का कोना आरंभ करना चाहते हैं तो यह प्रस्ताव आपके लिए है। जब बच्चों के आस-पास किताबें तथा पत्रिकायें होती हैं तो वे उन्हें पलटते और टटोलते हुए एक दिन पढ़ने के शौकीन बन जाते हैं। शैक्षिक दख़ल पुस्तकालय में हमारे पास साहित्य अकादमी की पत्रिका ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ के अलावा हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं हंस, कथादेश, लमही, परिकथा, पाखी, कथाक्रम, वागर्थ, वसुधा, आधारशिला, इंद्रप्रस्थ भारती, लोकगंगा आदि के दो दशकों के चुनिंदा दुर्लभ अंक हैं, जिनमें हिंदी के श्रेष्ठ साहित्य सहित दुनिया की भाषाओं से अनुदित साहित्य उपलब्ध है। हमने 25 से 30 पत्रिकाओं के कुछ बंडल बनाये हैं, जिन्हें हम निशुल्क इंटर कॉलेजों की 11-12 वीं कक्षाओं में ‘पुस्तक कोने’ के लिए देना चाहते हैं।

हमारी अपेक्षाएं-

01. पत्रिकाओं के बंडल सीमित हैं। अतः पहले आओ-पहले पाओ की शर्त पर उपलब्ध रहेंगे।

02. योजना सिर्फ इंटर कॉलेजों की 11 व 12 वीं कक्षाओं हेतु है, जहां आप एक मेज पर इन पत्रिकाओं को रख देंगे तथा मॉनिटर को उनके रख-रखाव तथा आदान-प्रदान का दायित्व दे देंगे। यदि आपके विद्यालय में जीवंत (कार्यशील) पुस्तकालय है तो आप इन पत्रिकाओं को वहां भी रख सकते हैं।

03. पत्रिकाओं के बंडल शैक्षिक दख़ल पुस्तकालय, निकट कामाख्या मंदिर, रानीबाग (नैनीताल) से आपको खुद ही ले जाने होंगे।

अपनी सहमति देकर साहित्य की इन दुर्लभ पत्रिकाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में योगदान दीजिए।

(प्रारूप)

सम्पर्क – दिनेश कर्नाटक 9411793190

क्या आप क्लास 5 से बेहतर हिन्दी जानते हैं?

कोलकाता :  भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज की लाइब्रेरी में अनौपचारिक हिन्दी गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय था” क्या आप क्लास 5 से बेहतर हिन्दी जानते हैं?” प्रो दिलीप शाह ने हिन्दी भाषा के विकास पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है उसे अधिक से अधिक बोलना और सीखना चाहिए। सीखो, जानो और परखो के आधार पर इस कार्यक्रम में डॉ वसुंधरा मिश्र ने सबसे पहले उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिन्दी की विशेषता पर प्रकाश डाला। हिन्दी में सभी भाषाओं के शब्द मिलते हैं। भारत के एक बड़े हिस्से में बोली जाने वाली हिन्दी विदेश में 175 विश्वविद्यालयों में पढाई जा रही है। चीनी भाषा के बाद पूरे विश्व में हिन्दी द्वितीय भाषा है। हिन्दी दिवस के अवसर पर भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों ने हिन्दी क्विज जिसमें समास, वाक्य प्रयोग, पर्यायवाची, शुद्ध शब्द, मुहावरों के प्रयोग करवाये गए। अंजलि दूबे, रक्षा मिश्रा, निधि, वसुंधरा, हर्षिता मुदित, श्रेयांश मिश्रा आदि विद्यार्थियों ने स्वरचित हिंदी में कविताओं का पाठ किया एवं गीत गायन किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकगणों और विद्यार्थियों ने अपने नाम और मोबाइल नंबर हिंदी में लिखे। डॉ वसुंधरा मिश्र ने “हिन्दी की रेल चली हिन्दी की रेल चली” कविता सुनाई। शिक्षिकाओं में रिचा कोठारी, समरीन आलम, नेहा मूंधड़ा ने हिन्दी क्विज में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन धर्मेश दुधेरिया और संयोजन मंदिरा गुप्ता, रक्षा मिश्रा ने किया। डॉ वसुंधरा मिश्र ने धन्यवाद दिया

भवानीपुर कॉलेज में एन एन एस की ओर से बच्चों को मिलीं उम्मीद की किरणें

कोलकाता :  भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज की एन एस एस ने अनाथ बच्चों के लिए “रे ऑफ होप” कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें 200 से अधिक बच्चों को आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर तीन एनजीओ के सहयोग से बच्चों को बुलाया गया। यहाँ उन्होंने कॉलेज में शॉपिंग, मनोरंजन, खाना पीना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह और प्रबन्धन के प्रमुख सदस्यों की ने और विद्यार्थियों ने इसमें शामिल हो अपना सहयोग दिया। बच्चों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आनंद लिया। आशा और उम्मीद की रोशनी ऐसे बच्चों के जीवन में भी उजियारा लाए इस आशय से बच्चों को कुछ खुशियां मनाने के लिए कार्यक्रम किया गया। इस पहल को एन एस एस के अधिकारी डॉ दिव्येष शाह ने लिया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

रोहित गुप्ता बने एएससीआई के नये अध्यक्ष

मुम्बई : एडवर्टाइज़िंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) की 33वीं वार्षिक आम बैठक के बाद आज, बोर्ड की बैठक में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स के अध्यक्ष रोहित गुप्ता को सर्वसम्मति से एएससीआई के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स का अध्यक्ष चुन लिया गया। रोहित गुप्ता ने उपभोक्ता, मीडिया और मनोरंजन के उद्योगों में प्रमुख नेतृत्व के पदों पर 30 वर्षों से अधिक का समय बिताया है। बीबीएच कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबन्धक सहयोगी, सुभाष कामथ को उपाध्यक्ष चुना गया और शशि सिन्हा, मीडिया ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक बार फिर मानद कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों में शामिल हैं; गिरीश अग्रवाल (निदेशक, दैनिक भास्कर समूह), विकास अग्निहोत्री (निदेशक बिक्री, गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड), प्रसून बासु (अध्यक्ष – दक्षिण एशिया, नीलसन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड),  हरीश भट्ट (निदेशक, टाटा ग्लोबल बेवरेजेज़ लिमिटेड), मधुसूदन गोपालन (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड), संदीप कोहली (कार्यकारी निदेशक और उपाध्यक्ष, पर्सनल केयर हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड), प्रो. एस.के. पालेकर (अनुबंधक प्रोफेसर एवं सलाहकार, एक्सिक्यूटिव एजुकेशन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी),  एन.एस. राजन (प्रबंध निदेशक, केचम सम्पर्क प्राइवेट लिमिटेड),   अंबति शंकरनारायणन (पूर्व उपाध्यक्ष, सीआईएबीसी),   डी शिवकुमार (समूह कार्यकारी अध्यक्ष, आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड),    उमेश श्रीखंडे (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टैपरुट इंडिया कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड),  के.वी. श्रीधर (संस्थापक और मुख्य क्रिएटिव ऑफिसर (निदेशक), हाइपर कलेक्टिव क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड),  शिवकुमार सुंदरम (अध्यक्ष आय, बेनेट कोलमन एंड कंपनी लिमिटेड)।

साहित्यकी द्वारा पत्रिका ” उदीयमान रश्मियाँ” पर परिचर्चा

कोलकाता: सुप्रसिद्ध साहित्यिकी संस्था द्वारा हाल ही में भारतीय भाषा परिषद् के सभाकक्ष में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया| प्रथम सत्र में प्रमुख अतिथि वक्ता माननीय विश्वम्भर नेवर ने कहा कि साहित्यिकी की संस्थापिका डॉ. सुकीर्ति गुप्ता जुझारू और धुन की पक्की थी इसलिए जब हम चन्द्रमा पर पहुँच रहे है तब जड़ से जुड़े रहने की तमन्ना के कारण हस्तलिखित पत्रिका का प्रकाशन संभव हो पाया| उन्होंने कोलकाता को साहित्यिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बताया|
सुश्री विद्या भंडारी ने कार्यक्रम का कुशल सञ्चालन किया, मंजू रानी गुप्ता ने साहित्यिकी को अनूठी और डॉक्टर सुकीर्ति के प्रयत्नों द्वारा प्रेरित पत्रिका बताया जो महिलाओं के ह्रदय के मंथन को प्रकाशित करती हैं|
पत्रिका के बारे में सुषमा हंस ने समय के संग रचनाओं में निखार आने की बात कही| उमा झुनझुनवाला ने हस्तलिखित रचना को स्त्री की मानसिक दशा को उजागर करने का माध्यम बताया|
कार्यक्रम में उपस्थित वाणीश्री बाजोरिया,प्रमिला धूपिया, गीता दूबे,वसुंधरा मिश्र ,बबीता माँधणा, पूनम पाठक,उषा श्रॉफ, रेणु गौरीसरिया ,सुषमा हंस, मीना चतुर्वेदी, पुष्पा लोढ़ा आदि सदस्यों के कविता पाठ ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए| अध्यक्ष रेणु गौरीसरिया ने बच्चों के लिए रचनाओं के अभाव का उल्लेख किया और अंत में सरोजिनी शाह ने सभी का आभार व्यक्त किया |

उषा गांगुली एवं डॉ. स्कन्द शुक्ल को सम्मानित करेगा नीलाबंर कोलकाता

उषा गांगुली को मिलेगा ‘रवि दवे स्मृति सम्मान

डॉ. स्कन्द शुक्ल को ‘निनाद सम्मान’ देगी संस्था

कोलकाता : देश की जानीमानी साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था नीलांबर द्वारा नाटक के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिवर्ष दिया जाने वाला रवि दवे समृति सम्मान इस साल देश की सुप्रतिष्ठित नाट्य निर्देशक, अभिनेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता उषा गांगुली को दिया जाएगा। उषा गांगुली ने 1976 में कोलकाता में रंगकर्मी नामक नाट्य संस्था की स्थापना की। इस संस्था के बैनर तले उन्होंने अपने निर्देशन में ‘महाभोज’, ‘रुदाली’, ‘कोर्ट मार्शल’,’अंतर्यात्रा’ एवं अन्य कई चर्चित नाटकों का देश-विदेश में मंचन किया। उन्हें केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार एवं ‘गुड़िया घर’ नामक नाटक में अभिनय के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान दिया गया है। सामाजिक योगदान के लिए संस्था द्वारा दिया जाने वाला निनाद सम्मान डॉ स्कंद शुक्ल को देने की घोषणा हुई है। लखनऊ के रहने वाले युवा लेखक स्कन्द शुक्ल पेशे से डॉक्टर हैं। स्कन्द शुक्ल की रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। इनके दो उपन्यास ‘परमारथ के कारने’ और ‘अधूरी औरत’ भी छप चुके हैं। ये सोशल मीडिया पर अनेकानेक वैज्ञानिक और स्वास्थ्य-समाज सम्बन्धी लेखों-जानकारियों के माध्यम से काफ़ी सक्रिय हैं एवं लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इन्हें यह पुरस्कार नीलांबर द्वारा आयोजित साहित्य उत्सव लिटरेरिया 2019 के दौरान 15 दिसंबर को दिया जाएगा। ध्यातव्य है कि इस वर्ष नीलांबर द्वारा राष्ट्रीय स्तर का यह कार्यक्रम 13 से 15 दिसंबर के दौरान कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन की विशिष्टता यह है कि इसमें एक साथ कई विधाओं को समेटा गया है। इस आयोजन में संगोष्ठी, कविता, कहानी, नाटक, नृत्य, संगीत जैसी विधाओं की प्रस्तुति की जा रही है जिसमें देश भर से कई युवा और वरिष्ठ साहित्यकार एवं कलाकार शामिल हो रहें हैं । कोलकाता के साहित्यिक परिवेश में लगातार तीसरे वर्ष नीलांबर का यह आयोजन एक अनूठा प्रयास होगा।

प्रेषक –
आनंद गुप्ता
उपसचिव एवं मीडिया प्रभारी
नीलांबर कोलकाता

दुर्गा पूजा परिक्रमा : यंग ब्वायज क्लब में दिखेगी बालाकोट एयर सर्जिकल स्ट्राइक की झलक

स्वर्ण जयन्ती मना रहा है क्लब

कोलकाता : मध्य कोलकाता के यंग ब्वायज क्लब की दुर्गापूजा में इस बार वायु सेना द्वारा की गयी बालाकोट एयर सर्जिकल स्ट्राइक की झलक दिखेगी। क्लब इस साल 50 वर्ष पूरे करते हुए स्वर्ण जयन्ती मना रहा है। इस मण्डप में पाकिस्तान में घुसकर निर्भिकता का प्रदर्शन करने वाले विंग कमाण्डर अभिनन्दन वर्द्धमान के साथ लड़ाकू विमान की प्रतिकृति भी दिखेगी। यह पूजा मण्डप महानगर के तारा चन्द दत्त स्ट्रीट में स्थित है।

इस दुर्गा पूजा के मुख्य आयोजक राकेश सिंह ने बताया कि उनकी पूरी टीम इस थीम और पूरे आयोजन को लेकर उत्साहित है। यंग ब्वायज क्लब के युवा अध्यक्ष विक्रान्त सिंह ने बताया यह पूरा चित्रण सेना के दृष्टिकोण से दिखाया जायेगा।  मण्डप की इस थीम के माध्यम से लोगों को इस स्ट्राइक के बारे में पता चल सकेगा। क्लब की स्थापना 1970 में हुई थी। मिदनापुर के देव शंकर महेश पण्डाल और प्रतिमा तैयार कर रहे हैं। मण्डप की ऊँचाई 40 फीट होगी। मण्डप चितपुर क्रासिंग के पास ताराचन्द दत्त स्ट्रीट पर बनाया जा रहा है। विनोद सिंह सक्रिय आयोजकों में शामिल हैं।

लड़कियों से बात करने में हिचक हो अगर

लड़कियों से बात करना बहुत से लड़कों के लिए आसान नहीं होता। दरअसल, घर का माहौल ऐसा बनाया ही गया है कि अब भी इसे लेकर एक हिचक रहती है। आमतौर पर शर्म, लज्जा और हिचक जैसे शब्द लड़कियों के हिस्से ही आते हैं मगर सच तो यह है कि यह एक मानवीय स्वभाव है जिसका लिंग से कोई सम्बन्ध नहीं है। जाहिर है कि बहुत से लड़के भी बहुत कम बोलने वाले होते हैं जिनमें हिचक होती है और आज का युग है समानता का, साथ चलने का। ऐसी स्थिति में परेशानी तो बढ़ती है और अगर यह परेशानी आपके साथ भी है तो आपको इन बातों पर ध्यान देना चाहिए, क्या पता काम आ ही जाए –
लड़कियों से बात करने में अगर आपको थोड़ी भी शर्म महसूस होती है तो तुरंत इसे दूर करें क्योंकि किसी भी कार्यस्थल पर जब भी आप जाएंगे तो आपका सामना जरूर किसी न किसी महिला से होगा और अगर आप लड़कियों से बात करने में हिचकेंगे तो आपका प्रभाव बिगड़ सकता है तो जरूरी है कि परिचय लें और अपना परिचय दें।
हिचक दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि जिस लड़की से बात कर रहें है उससे नजरें मिलाकर बात करें। इस तरह से बात करने से आप अपनी बातों पर फोकस कर पाएंगे और आपके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
बेतरतीब होना छोड़ें। यह आपकी छवि को नष्ट कर सकता है। किसी लड़की से मिलने से पहले अच्छी तरह तैयार होकर जाएं। कपड़े भड़कीले न हों और न ही शर्ट के बटन खुले रहें। हर बात में दो – चार गालियाँ देने की आदत है तो इसे बदल डालें। कोई रोमांटिक डेट, पिकनिक हो या फिर दफ्तर की कोई बैठक, लड़कियों को शालीनता से तैयार होने वाले लड़के पसन्द आते हैं।
ऐसा करने से आपका आधा प्रभाव तो बोलने के पहले ही पड़ जाता है और हो सकता है आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर वो स्वयं ही बोलने की पहल कर दे।
इसके साथ ही अगर दोस्त बनाने की पहल करनी हो तो जब भी लड़की से मिलें तो एक बात में बात तोहफे तक न पहुँचे। पहले मुलाकात हो, फिर थोड़ी बात हो…मामला ऑल क्लीयर लगे तो भी समय लेकर इत्मिनान से विनम्रता और शालीनता से अपने दिल का हाल बताएँ। पहली ही बार में आई लव यू बोलने की गलती न करें…न भी हो तो उसे स्वीकारना सीखें और एक अच्छे दोस्त की तरह साथ रहें।
अगर चाहें तो कुछ तोहफा या सरप्राइज जरुर दें मगर बजट का बैंड बजाकर नहीं। सरप्राइज सबको बहुत पसंद होते हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ये तोहफे या सरप्राइज बहुत महंगे या फिर ऐेसे न हों कि उसे बुरा लग जाए। एक बार लड़कियों से बात करना शुरु करने पर आपको अपने अंदर की झिझक खत्म होती नजर आएगी।

राज्य के ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण

वे मार्क और लक्ष्य जीवन जागृति ने मिलाया हाथ

कोलकाता : आईआईएम कलकत्ता के पूर्व छात्र जयन्त घोष द्वारा स्थापित वे मार्क इन्विन्सिबल फाउंडेशन बंगाल के ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देगी। इसके तहत रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए वे मार्क ने लक्ष्य जीवन जागृति से हाथ मिलाया है। युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर जीवन कौशल प्रशिक्षण एवं विकास के नाम से योजना तैयार की गयी है। इसका उद्देश्य रोजगार व कौशल प्रबन्धन के प्रति जागरुकता उत्पन्न करना है जिसके माध्यम से रोजगार बढ़ाया जा सके। इसके पाठ्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को रचनात्मकता, नेतृत्वक्षमता, संवेदनात्मक कौशल, सामाजिक व नागरिक प्रबन्धन सिखाया जायेगा। इस प्रशिक्षण के बाद युवा विक्रय (सेल्स), खुदरा क्षेत्र (रिटेल), निर्माण, हॉस्पिटैलिटी (अतिथि सत्कार परिसेवा) के क्षेत्र में काम कर सकेंगे। अनुमान है कि 2025 तक भारत का आधे से अधिक श्रम संसाधन ग्रामीण क्षेत्रों से ही आएगा। वे मार्क इन्विन्सिबल फाउंडेशन के संस्थापक तथा सीईओ जयन्त बसु ने उम्मीद जाहिर की कि इस समझौते से युवाओं को कौशल विकास सम्बन्धित रोजगारपरक प्रशिक्षण देने में सहायता मिलेगी। लक्ष्य जीवन जागृति के सह संस्थापक तथा सीईओ राहुल गोस्वामी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

वीरांगना की नयी कार्यकारिणी घोषित

अन्तरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव और सम्मान समारोह 9 नवम्बर को

कोलकाता : अन्तर्राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउंडेशन, पश्चिम बंगाल की प्रदेश अध्यक्ष व प्रख्यात गायिका प्रतिभा सिंह ने संगठन की नयी कार्यकारिणी की घोषणा बालीगंज में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में की। प्रदेश कार्यकारिणी की उपाध्यक्ष रीता राजेश सिंह, महासचिव प्रतिमा सिंह, कोषाध्यक्ष पूजा सिंह, संयुक्त सचिव ममता सिंह, संगठन सचिव किरण सिंह, सुमन सिंह, अनुकृति सिंह और जनसम्पर्क सचिव पूनम सिंह बनायी गयीं। कोलकाता महानगर इकाई की सरंक्षक गिरिजा दारोगा सिंह, गिरिजा दुर्गादत्त सिंह, अध्यक्ष मीनू सिंह, उपाध्यक्ष विद्या सिंह, महासचिव इंदु सिंह, संयुक्त सचिव सुनीता सिंह, संगठन सचिव संगीता सिंह, जनसम्पर्क सचिव रेखा सिंह बनायी गयीं। सोदपुर इकाई की संरक्षक ज्योति सिंह, अध्य़क्ष सुनीता सिंह, उपाध्यक्ष रीना सिंह और सुलेखा सिंह, महासचिव आशा सिंह, कोषाध्यक्ष रीता सिंह बनायी गयीं। बालीगंज इकाई की अध्यक्ष रीता सिंह, उपाध्यक्ष मीरा देवी सिंह तथा महासचिव दीपामाला सिंह बनायी गयीं। प्रतिभा सिंह ने बताया कि वीरांगना की पश्चिम बंगाल इकाई की ओर से 9 नवम्बर को अन्तरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव व सम्मान समारोह का आयोजन हावड़ा के शरत सदन में किया गया है। इसमें विभिन्न देशों तथा देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय वीरांगना संगठन से जुड़ी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली वीरांगनाएं शामिल होंगी। बैठक में आभा सिंह, जयश्री सिंह, ललिता सिंह, शैला सिंह, मीरा सिंह, गीता सिंह भी विशेष तौर पर उपस्थित थीं।