अब अगली बार जब भी आप कोक की प्लास्टिक बोतल खरीदेंगे, तो आपको पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की चिंता नहीं करनी होगी। जी हां क्योंकि 133 साल पुरानी सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका-कोला अब अपने ब्रांड के फैशनेबल कपड़े भी बना रही है, जो स्टाइलिश होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। कोका-कोला की वह बोतल आखिरकार आपके कपड़ों का हिस्सा बन जाएगी क्योंकि प्लास्टिक का उपयोग आपके कपड़े बनाने में किया जाएगा।
कोका-कोला ने फैशन ब्रांड डीजल के साथ मिलकर पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक की बोतलों से आंशिक रूप से बनाए गए कपड़ों के संग्रह का निर्माण किया है। इस संग्रह को (री) कलेक्शन का नाम दिया गया है, जिसमें प्लास्टिक की बोतलों से निकाली गई पुनर्नवीनीकरण पीईटी और पुनर्नवीनीकरण कॉटन से खूबसूरती से तैयार किए गए कपड़े शामिल हैं। इसमें डीजल के फ्रेश और आधुनिक डिजाइन के कैजुअल वियर शामिल हैं। संग्रह में 12 प्रमुख पीस ऐसे हैं जो किसी भी मौसम के लिए नहीं बनाए गए हैं, जिसे सीजनलेस कह सकते हैं। जिसमें लाल सिलाई डीटेलिंग के साथ यूनिसेक्स डेनिम जैकेट और कोका कोला लोगो, एक डेनिम वर्कवियर पैंट, कढ़ाई की गई महिलाओं की एक जोड़ी कोका कोला स्पेनसेरियन स्क्रिप्ट के साथ और काले जिप जर्सी ट्रैक सूट के साथ शामिल हैं।
अब कपड़े बनाने के लिए कोकाकोला करेगा प्लास्टिक का इस्तेमाल
‘रेड’ फिल्म की अम्मा पुष्पा जोशी का निधन, 85 की उम्र में की थी पहली फिल्म
मुम्बई : अजय देवगन की फिल्म ‘रेड’ में अम्मा का किरदार निभाने वाली पुष्पा जोशी का 85 साल की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक पुष्पा जोशी पिछले हफ्ते घर में फिसल गयी थीं जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिसलने की वजह से उनके फ्रैक्चर भी हो गया था। ‘रेड’ फिल्म से ही पुष्षा जोशी ने बॉलीवुड में अपने कॅरियर की शुरुआत की थी। पुष्पा जोशी के निधन की खबर से सिनेमाजगत में सन्नाटा पसर गया है। निधन की खबर मिलते ही ‘रेड’ फिल्म के निर्देशक राज कुमार गुप्ता ने भी ट्वीट कर शोक व्यक्त किया। राज कुमार गुप्ता ने पुष्पा जोशी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा- ‘पुष्पा जोशी जी के निधन की खबर से बहुत दुखी हूं। ‘रेड’ फिल्म में आपका अभिनय देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा था। आप सेट की शान थीं। दादी दी आप जहां भी होंगी वहां पर खुशियां बिखेर रही होंगी। हम आपको बहुत याद करेंगे। नम आंखों से श्रद्धांजलि।’ पुष्पा जोशी ने ‘रेड’ में सौरभ शुक्ला की मां का किरदार निभाया था जिसे न केवल दर्शकों बल्कि फिल्म समीक्षकों ने भी सराहा था। फिल्म में पुष्पा जोशी का किरदार भले ही कम था लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रही थीं। पुष्पा जोशी के डायलॉग से लेकर हाव भाव ऐसे थे जिससे आप अपनी नानी या फिर दादी से जोड़कर देख सकते हैं। यहां तक कि ‘रेड’ देखने के बाद काजोल ने अम्मा को अपने घर ले जाने की बात भी कही थी।एक इंटरव्यू के दौरान पुष्पा जोशी ने काजोल के घर जाने वाली बात पर सहमति भी जताई थी। फिल्म में अपने रोल के बारे में पुष्पा जोशी ने कहा था – ‘मेरी उम्र के भी फिल्मों में बहुत सारे रोल होते हैं। जिनमें कहानी के साथ -साथ किरदार भी दमदार हैं।’ पुष्पा जोशी ने भले ही 85 साल की उम्र में पहली बार फिल्म में नजर आई थीं लेकिन जबरदस्त अभिनय से वह रातोंरात ही सनसेशन बन गई थीं। पुष्पा जोशी थियेटर से जुड़ी थीं हालांकि ‘रेड’ से पहले शॉर्ट फिल्म ‘जायका’ में अभिनय किया था। पुष्पा जोशी का एक बेटा है जिसका नाम रवीन्द्र है। वहीं पोता आभास कई सारे रियलिटी शो का हिस्सा बन चुका है। जिसमें ‘वॉइस ऑफ इंडिया’ और ‘म्यूजिक का महामुकाबला’ शामिल हैं। पुष्पा जोशी मुख्य रूप से जबलपुर की रहने वाली हैं लेकिन बीते कुछ वक्त से मुंबई में परिवार के साथ रह रही थीं। पुष्पा जोशी आखिरी बार एक विज्ञापन में नजर आई थीं। इस विज्ञापन के बाद लोग उन्हें ‘स्वैग वाली दादी’ कहने लगे थे।
नहीं रहे कैंसर का इलाज करने वाले विश्व विख्यात डॉक्टर यशी ढोंडेन
मैक्लोडगंज : तिब्बतियन पद्धति से कैंसर का इलाज करने वाले पद्मश्री डॉ. येशी ढोंडेन की मंगलवार सुबह मैक्लोडगंज स्थित उनके आवास अशोका होटल में मौत हो गई। तिब्बतियन डॉक्टर ढोंडेन बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के निजी चिकित्सक भी रह चुके है। उनकी मौत से जहां तिब्बती समुदाय गम में डूबा है, वहीं जिन कैंसर के मरीजों को उन्होंने नई जिंदगी दी, उनकी आंखें भी नम हैं।
डा. येशी की मृत्यु की खबर सुनते ही सुबह उनके निवास स्थान के बाहर सैकड़ों तिब्बती और स्थानीय लोग जमा हो गए। डॉ. ढोंडेन के पारिवारिक सदस्य लोबसांग त्सेरिंग ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनका संस्कार मैक्लोडगंज में किया जाएगा। दो दिन तक उनकी देह की तिब्बतियन पद्धति के अनुसार पूजा होगी। डॉ. येशी कैंसर के अलावा ट्यूमर, एड्स, सुराइसिस, हेपेटाइटिस ल्यूकेमिया आदि गंभीर रोगों का भी इलाज करते थे। तिब्बती चिकित्सा पद्धति में बेहतरीन कार्य के लिए उन्हें 20 मार्च, 2018 को पद्मश्री अवार्ड से राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये ने डॉ. येशी ढोंडेन के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। तिब्बती चिकित्सा एवं ज्योतिष संस्थान ‘मेन ट्सी खंग’ धर्मशाला के महासचिव त्सेरिंग फुंत्सोक ने बताया कि तिब्बती चिकित्सा पद्धति को दुनिया भर में प्रचारित करने वाले बहुत बड़ा नाम चला गया।
डा. येशी के शिष्य रहे डॉक्टर केलसंग ढोंडेन, डॉक्टर नामग्याल कुसर, डॉक्टर पसांग ग्याल्मो खंगकर ने कहा कि गुरुजी ने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में लगा दिया।
कर्म समागम- व्यक्ति विकास से राष्ट्र विकास का आयोजन
श्री श्री रविशंकर ने की कर्मयोग समागम की घोषणा
कोलकाता : आर्ट ऑफ लीविंग फाउंडेशन के व्यक्ति विकास केन्द्र, भारत ने कर्म समागम- व्यक्ति विकास से राष्ट्र विकास आयोजित किया। इस कार्यक्रम में 12 हजार से अधिक ग्रामीण प्रतिनिधियों, अतिथियों, व गैर सरकारी संगठनों ने भाग लिया। यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है जिसमें बंगाल के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि एक साथ आए और बदलाव और सकारात्मक परिवर्तन की आभा देखी। इस पहल की परिकल्पना सामाजिक – आर्थिक, पर्यावरण और स्थायी रूपान्तरण को ध्यान में रखकर की गयी है जो सामुदायिक समिल्लन के माध्यम से होगी। इसके लिए स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए सामुदायिक नेताओं को साथ लाकर आध्यात्मिक स्तर पर लोगों को सशक्त बनाया जाएगा। स्व विकास, सामुदायिक विकास के माध्यम से एक बेहतर भारत बनाने की दिशा में यह पहल आर्ट ऑफ लीविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर के नेतृत्व में की गयी है। वे कहते हैं, व्यक्ति विकास से ग्राम विकास, ग्राम विकास से राष्ट्र विकास। मानवीय मूल्यों को समृद्ध करने और सामुदायिक एकता स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
महाराष्ट्र टूरिज्म ने कोलकाता में किया रोड शो
कोलकाता : पर्यटन उद्योग में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की रणनीति के तहत महाराष्ट्र टूरिज्म ने हाल ही में कोलकाता में रोड शो किया। महाराष्ट्र सरकार में पर्यटन निदेशालय के निदेशक दिलीप गवाडे ने महाराष्ट्र को गेटवे टू द हार्ट ऑफ इंडिया यानी भारत के हृदय का द्वार बताया तथा इस राज्य के आकर्षक पर्यटन स्थलों तथा योजनाओं की जानकारी दी। पयर्टन निदेशालय, औरंगाबाद के उप निदेशक श्रीमन्त हरकर इस रोड शो को मिलने वाली प्रतिक्रिया से उत्साहित दिखे। इस अवसर पर एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म, वेस्ट बंगाल, बंगाल ट्रैवल एजेन्ट्स एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न हिमालय ट्रैवल्स, एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया तथा इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। राज्य में घरेलू पर्यटन को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस रोड शो में 100 ट्रैवल एंड टूर कम्पनियों ने भाग लिया। रोडशो के माध्यम से ग्राहकों तथा उद्योग जगत को उत्पादों और सेवाओं की जानकारी भी दी गयी। महाराष्ट्र टूरिज्म ने पर्यटकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लचीले पैकेज तैयार किये हैं। महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा तैयार इस पैकेज में उनके रिसॉर्ट के साथ दर्शनीय स्थलों की भी जानकारी दी गयी है। महाराष्ट्र टूरिज्म ने राज्य के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, बीच टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़ी जानकारियाँ तथा ऑफर प्रदर्शित किया।
फेसबुक के ‘वी द विमेन’ के तीसरे संस्करण में महिलाओं के मुद्दे पर चर्चा
बरखा दत्त बनीं ‘वी द विमेन’ की संचालक का मंच बना महत्वपूर्ण चर्चा का माध्यम
मुम्बई : फेसबुक के ‘वी द विमेन’ के तीसरे संस्करण में विभिन्न क्षेत्र की हस्तियों ने शिरकत की। मशहूर पत्रकार बरखा दत्त द्वारा संचालित इस शो की थीम ‘ओपेनिंग डोर’ था। इस स्टेज शो में टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा, फिल्म निर्देशक करण जौहर, अभिनेत्री कटरीना कैफ, फैशन डिजाइनर सन्दीप खोसला, कैंसर सर्वाइवर अभिनेत्री लीजा रे, सोनाली बेन्द्रे एवं ताहिरा कश्यप, अभिनेत्री आलिया भट्ट और उनकी बहन शाहीन भट्ट, शाइना एन सी ने विचार रखे। सानिया अपने सफर की यादों को साझा करते हुए कहा, ‘मुझे विद्रोही का टैग दे दिया गया मगर मैं नहीं थी और यह इसलिए था कि मैंने आवाज उठायी। मुझे लगता है कि हर क्षेत्र की तरह बॉलीवुड में भी समानता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।महिलाओं के लिए यह रोजमर्रा की लड़ाई है। अगर आप सुन्दर दिखती हैं तो लोग आपको गम्भीरता से नहीं लेते।’ थिएटर अभिनेत्री डॉली ठाकुर ने शिवसेना नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी और शाइना एन से ‘राजनीति क्या अब भी पुरुषों की दुनिया है’, विषय पर चर्चा की। शाइना एन सी ने कहा कि अनुभवी राजनेताओं के लिए भी भारतीय राजनीति जटिल है और इस क्षेत्र में स्थापित होने की कोशिश कर रही महिलाओं को भी विशेषकर उनकी ही पार्टी से काफी विरोध झेलना पड़ता है। अधिवक्ता मृणालिनी देशमुख ने निर्भया की माँ आशा देवी तथा सीता प्रजापत से बलात्कार और उसके बाद के आतंक पर चर्चा की। सीता प्रजापत ने अपने साथ हुए दुष्कर्म की यातनाओं को साझा किया जबकि आशा देवी ने कहा कि रोने से कुछ नहीं होगा, न्याय पाने के लिए और भी कठिन लड़ाई लड़नी होगी। इस कार्यक्रम में हैदराबाद कांड की पीड़िता की बहन द्वारा भेजा गया वीडियो सन्देश भी दिखाया गया। निर्देशक करण जौहर ने उन 10 बातों की चर्चा की जिनको बॉलीवुड में पुरुषों को बदलने की जरूरत है। फेसबुक में भारत, दक्षिण एशिया और मध्य एशिया की नीतिगत कार्यक्रमों की प्रभारी शेली ठकराल ने डीआईजी नीतू भट्टाचार्य से बातचीत की। भट्टाचार्य ने सीआरपीएफ माँ की भावनाओं और बेटी के प्रति अपनी चिन्ता साझा की। बरखा दत्त भी कार्यक्रम को लेकर उत्साहित दिखीं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र के लोगों को सम्मानित भी किया गया।
कोलकाता में डिजाइनिंग कॉलेज खोलने की तैयारी में एचआईटीके
कोलकाता : एचआईटीके कोलकाता में डिजाइनिंग कॉलेज खोलने की तैयारी में है। द हेरिटेज स्कूल ने नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, विजयवाड़ा तथा कोलकाता सेन्टर फॉर क्रिएटिविटी के सहयोग से इन्टरनेशनल डिजाइन फेस्टिवल ऑफ डिजाइन स्टोरीज आयोजित किया। इस मौके पर हेरिटेज ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूटंस, कोलकाता के चेयरमैन एच. के. चौधरी ने कोलकाता में डिजाइनिंग संस्थान की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि एचआईटीके कोलकाता में स्थापित होने जा रहे भावी डिजाइनिंग कॉलेज की जानकारी दी। द हेरिटेज स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू ने विद्यार्थियों के लिए डिजाइनिंग को एक अच्छा कॅरियर बताया और कहा कि इसे केजी से बारहवीं कक्षा तक में भी पढ़ाया जा सकता है जिससे विद्यार्थी इससे परिचित हो सकें। कार्यक्रम में कोलकाता सेन्टर फॉर क्रिएटिविटी की उपाध्यक्ष रीना धवन, नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के निदेशक प्रो. शेखर मुखर्जी, हेरिटेज ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूटंस, कोलकाता के सीईओ पी.के. अग्रवाल मौजूद थे।
बच्चों में जीतने की ललक पैदा करना जरूरी है : लक्ष्मी रतन शुक्ला
कोलकाता : शिक्षा बेहद आवश्यक है और वह किताबों से आगे जाकर निजी अनुभवों से मिलती है। राज्य के युवा एवं क्रीड़ा राज्य मंत्री तथा पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला 7वें ओसवाल बुक्स राउंड टेबल का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि समर्पण और संघर्ष से परिवर्तन लाया जा सकता है और बच्चों में जीतने की ललक उत्पन्न करना हमारा काम है और यह करने का सही समय स्कूल के दौरान ही है। उन्होंने कहा कि हम सब परिवर्तन की बात करते हैं मगर सही मायनों में बदलाव तभी होगा जब हम खुद आगे बढ़ेंगे। नवोन्मेषी शिक्षण को लेकर आयोजित यह परिचर्चा स्कूली शिक्षा पर केन्द्रित थी। परिचर्चा को सम्बोधित करते हुए पूर्व सांसद व पत्रकार चन्दन मित्रा ने पाठ्यक्रम में पर्यावरण जागरुकता को शामिल करने पर विशेष जोर दिया और कहा कि बच्चों को इस योग्य बनाने की जरूरत है कि चुनौतियों का सामना करना सीख सकें। राज्य के स्कूल शिक्षा आयुक्त डॉ. सौमित्र मोहन ने कहा गुणवत्ता की समस्या सरकारी स्कूलों में ही नहीं बल्कि निजी शिक्षण संस्थानों में भी है। देश के विभिन्न क्षेत्रों के 95 प्रतिशत सफल लोग सरकारी स्कूलों से ही निकले हैं। समस्या यह है कि सरकारी और निजी स्कूलों की संरचना में अन्तर है। बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किया जा रहा है। इस समय राज्य में 5 लाख शिक्षक और 64 हजार स्कूल हैं। स्कूली शिक्षा को आनन्ददायक बनाने की जरूरत है और इस प्रक्रिया में बच्चों को शामिल करना जरूरी है।
इस मौके पर ओसवाल बुक्स के मार्केटिंग निदेशक प्रशान्त जैन ने कहा कि बंगाल में बच्चे काफी प्रतिभाशाली हैं। शिक्षण प्रणाली में थोड़ा सा बदलाव लाकर परिवर्तन किया जा सकता है। इसके लिए बहुआयामी अनुशासनात्मक दृष्टिकोण, प्रतिभा की पहचान, कक्षा में योजनाबद्ध पाठ, विद्यार्थी केन्द्रित पाठ्य पुस्तकें सहायक साबित हो सकती हैं।
ओसवाल बुक्स राउंडटेबल का यह सातवाँ संस्करण था। इस मौके पर फोरम फॉर इंडियन जर्नलिस्ट्स ऑन एजुकेशन, एन्वायरन्मेंट, हेल्थ एंड एग्रीकल्चर (फिजिहा) के अक्ष्यक्ष डॉ. नवनीत आनन्द तथा ओसवाल बुक्स की एडिटोरियल डायरेक्टर स्वाति जैन ने भी विचार रखे। इस अवसर कई शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
रिलायंस निप्पन लाइफ के पास पर्याप्त पूँजी है : आशीष वोहरा
कम्पनी ने उतारा नया टर्म इन्श्योरेंस प्लान
कोलकाता : रिलायंस निप्पन लाइफ इन्श्योरेंस (आरएनएलसी) के पास पर्याप्त पूँजी है और इसे नये सिरे से पूँजी उगाहने की जरूरत नहीं है। रिलायंस कैपिटल लिमिटेड तथा जापान की निप्पन लाइफ की साझा पेशकश के बाद कम्पनी अपनी शाखाओं की संख्या 727 से बढ़ाकर आसानी से 977 कर सकताी है। आरएनएलसी के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर तथा चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर आशीष वोहरा ने यह बात कही। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि रिलायंस कैपिटल (51 प्रतिशत ) और निप्पन लाइफ (49 प्रतिशत) का इक्विटी बेस है इसलिए कुछ सालों तक नये सिरे से पूँजी उगाहने की जरूरत नहीं है। वोहरा के मुताबिक रिलायंस कैपिटल का वर्तमान पूँजी आधार 2 हजार करोड़ रुपये है। कम्पनी को 75 नयी शाखाएँ खोलने की मंजूरी मिल गयी है। वर्तमान वित्त वर्ष में रिलायंस निप्पन लाइफ 1 हजार करोड़ रुपये का फर्स्ट प्रीमियम इन्कम और 3500 करोड़ रुपये रिनुअल की उम्मीद कर रही है। पिछले साल कम्पनी ने फर्स्ट प्रीमियन इन्कम से 900 करोड़ रुपये उगाहे थे और रिनुअल 3200 करोड़ रुपये का कमाया। कम्पनी ने नया टर्म इन्श्योरेंस प्लान उतारा है जो हर आयु वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आरएनएलसी के ईडी तथा सीईओ आशीष वोहरा के अनुसार देश में प्रोटेक्शन गैप लगभग 70 -80 प्रतिशत है और बीमा सुरक्षा प्राप्त आबादी में, बीमा कवरेज सिर्फ 8 प्रतिशत ही है। इस नये प्रोटेक्शन प्लान में 4 कवर प्लान हैं। इनमें युवाओं के लिए लेवल कवर प्लान है तो इन्क्रिजिंग कवर प्लान, लेवल कवर प्लस प्लान औऱ ह्लोल ऑफ लाइफ कवर प्लान शामिल हैं। कम्पनी में फिलहाल 12 हजार कर्मचारी हैं।
मनाया गया संविधान दिवस
कोलकाता : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता में ‘संविधान दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ ने वहाँ उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना पढ़कर शपथ दिलाई। इसके बाद केंद्र की विजिटिंग फैकेल्टी प्रो. चंद्रकला पांडेय ने कहा कि संविधान देश की रक्षा की बुनियाद है। सरकारें आती हैं और जाती हैं, लेकिन उनकी प्रतिबद्धता होती है कि वे देश के संविधान की रक्षा का प्रण लें। यह देश के हर नागरिक की भी ज़िम्मेदारी होती है कि यहाँ संविधान की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए ही काम किए जाएँ। केंद्र के सहायक संपादक राकेश श्रीमाल ने कहा कि देश के संविधान को पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को आरंभ से इसकी जानकारी हो सके। केंद्र प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आज यदि हमारा देश दुनिया का एक बड़ा लोकतांत्रिक देश है तो इसका कारण यह संविधान ही है। यह संविधान देश के करोड़ों शोषित-पीड़ित नागरिकों की मुक्ति का दस्तावेज़ है। यह सभी को समान अवसर व अधिकार प्रदान करता है। किसी के साथ जाति, धर्म, लिंग, क्षेत्र, संप्रदाय आदि के नाम पर कोई भेदभाव नहीं करता। संविधान को देश के हर नागरिक के लिए पढ़ना जरूरी है, ताकि वह इसके महत्व को जान-समझ सके और इसकी गरिमा को बरकरार रखना अपना नैतिक दायित्व समझे। इस कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के अतिथि अध्यापक डॉ. ललित कुमार ने किया। इस आयोजन में डॉ. आलोक कुमार सिंह, काजल शर्मा, अमित कुमार साह, सुखेन शिकारी तथा रीता बैद्य की सहभागिता प्रमुखता से रही।




