Thursday, April 23, 2026
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पीवी सिंधु होंगी ‘सुसाइड प्रिवेंशन मिशन’ की ब्रांड एंबेसडर

अहमदाबाद : विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी और यूथ आइकॉन पुसरला वेंकट सिंधु अब गुजरात सुसाइड प्रिवेंशन की ब्रांड एंबेसडर होंगी। उन्होंने ब्रांड एंबेसडर के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आगामी 10 सितम्बर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन दिवस पर जीवीके 108 और गुजरात सरकार के संयुक्त उपक्रम में सुसाइड प्रिवेंशन प्रोग्राम के तहत 104 हेल्पलाइन नम्बर शुरू होगा

सोशल मीडिया पर युवाओं से जुड़ेगा आरबीआई

मुम्बई : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही फेसबुक और ट्विटर के जरिए देश की जनता से जुड़ेगा। आरबीआई द्वारा जारी हुई वित्त वर्ष 2019 की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक अब तक लोगों से जुड़ने के लिए ऑडियो-विजुअल और टेक्स्ट मैसेज माध्यम का इस्तेमाल करता था। 2019 में आरबीआई की तरफ से करीब 241 करोड़ मैसेज लोगों को भेजे गए। लेकिन युवाओं से जुड़ने के लिए अब आरबीआई सोशल मीडिया माध्यमों का भी इस्तेमाल करेगा। आरबीआई 360 डिग्री मास मीडिया अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत अपनी पहुँच बढ़ाना चाहती है। इसके तहत बैंक फेसबुक और ट्विटर से अपनी नीतियों और योजनाओं को लोगों तक पहुँचाएगा। इसका मकसद टू-वे कम्युनिकेशन (दोतरफा संचार) को बढ़ावा देना और युवाओं के साथ जुड़ना है, जिससे लोगों को बैंक की पारदर्शिता, सामयिकता और विश्वसनीयता के बारे में जानकारी मिले। इसके अलावा आरबीआई का संचार विभाग देशभर के अपने क्षेत्रीय केंद्रों में मीडिया वर्कशॉप का भी आयोजन करेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पत्रकार उससे जुड़ पाएं। दरअसल, आरबीआई के मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास बैंक की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों से बैंक को जोड़ने के पक्षधर रहे हैं। जबकि इससे पहले गवर्नर रहे उर्जित पटेल की कई बार संचार में खुलापन न रखने के लिए आलोचना भी हो चुकी थी।
बाजार में जल्द आएंगे वार्निश की कोटिंग वाले 100 रुपये के नोट
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अब 100 रुपये के नोट की उम्र बढ़ाने के लिए इस पर वार्निश की कोटिंग करेगा। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में इसका भी जिक्र है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में सभी 100 रुपये के नोटों को वार्निश कोटिंग वाले नोटों से बदल दिया जाएगा। इसके अलावा आरबीआई दृष्टिबाधित लोगों के लिए करंसी नोटों को और ज्यादा आसान पहचान वाला बनाना चाहता है। इन सब बदलावों और बैंक नोट की क्वालिटी को परखने के लिए आरबीआई ने मुम्बई में क्वालिटी एश्योरेंस लैबोरेट्री भी स्थापित की है। यह लैब करंसी नोटों के बदलाव और मानदंड बनाने का काम करेगी।

नौ नेत्रहीनों ने किन्नरों और छात्रों की मदद से बनाया सबसे बड़ा जूट बैग

मुख्य बातें – 

बैग सरदार वल्लभाई पटेल इंटरनेशनल स्कूल ऑफ टेक्सटाइल्स एंड मैनेजमेंट में सिला गया
65 फीट ऊंचा और 33 फीट चौड़ा यह बैग गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया

कोयम्बटूर : तमिलनाडु के 9 नेत्रहीन दिव्यांगों ने 18 छात्रों और किन्नर समुदाय की मदद से दुनिया का सबसे बड़ा जूट बैग बनाया है। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है। इसका मकसद पर्यावरण की सुरक्षा और प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है। जूट बैग 65 फीट ऊँचा और 33 फीट चौड़ा है। बिना हैंडल वाले इस बैग पर सिलाई करने में ही 5 घंटे लगे। इस काम को अंजाम कोयंबटूर के सरदार वल्लभाई पटेल इंटरनेशनल स्कूल ऑफ टेक्सटाइल्स एंड मैनेजमेंट में दिया गया।
छात्रों ने की नेत्रहीनों की मदद
बैग पर सिलाई करने में ट्रांसजेंडर और तमिलनाडु टेक्निकल इंस्टीट्यूट के छात्रों ने नेत्रहीनों की मदद की। बैग को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिलने पर 34 साल के संतोष चंद्रन ने कहा, “यह कभी न भूलने वाला पल था। सबसे बड़े जूट बैग बनाने वालों में उनका भी शामिल हुआ। यह देखकर माता-पिता काफी खुश हुए हैं। युवा फाउंडेशन की अध्यक्ष शशिकला ने मीडिया को बताया, ‘‘नेत्रहीनों ने जूट बैग को सिलकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाया। इसमें हैंडल नहीं लगाया गया। इसका मकसद हानिकारक प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल रोकना है। लोगों को जागरूक करना है कि वे प्लास्टिक बैग की जगह जूट बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं।’दिव्यांगों की इस उपलब्धि पर शशिकला कहती है, ‘‘अलग-अलग लोगों की अपनी-अपनी क्षमता होती है। दिव्यांगों को विश्वास और प्रोत्साहन देना हमारी जिम्मेदारी है।’’

संवादधर्मिता की पहल है ‘जान-पहचान’

कोलकाता :  कलकत्ता के सुप्रसिद्ध कॉलेज खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज के हिंदी विभाग में हाल ही में ‘जान -पहचान’ नामक एक संवाद श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों में परस्पर संवाद और परिचय का माहौल बने। वे एक दूसरे को महज प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं बल्कि साथी के रूप में जाने और पहचाने। इस कार्यक्रम में विभाग के तीनों वर्षों के छात्रों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में बच्चों के लिए एक गेम बनाया गया। एक चिट के जरिए दो विद्यार्थियों की जोड़ी बनाकर उन्हें दस मिनट आपस में एक दूसरे से बात करने का अवसर दिया गया। उन्हें एक दूसरे के बारे में 5 बातें जाननी थी और फिर उन बातों को निर्णायकों के सामने रखना था। जिन विद्यार्थियों ने प्रभावी तरीके से इसे प्रस्तुत किया ,उनको पुरस्कृत किया गया। इस संवाद -श्रृंखला में प्रथम स्थान पर खुशबू खातून और खुशबू कुमारी साव,द्वितीय स्थान पर पूजा साव और सुमन साव, तृतीय स्थान पर बिंदी चौधरी और लक्ष्मी पाठक को मिला। विशेष पुरस्कार रोहित गुप्ता व सीमा प्रजापति, नंदनी साव व सौरभ केशरी और पिंकी व अभिनव को मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ शुभ्रा उपाध्याय ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट है कि हम विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक सोच और परस्पर सहभागिता का संस्कार विकसित करना चाहते हैं। इस आयोजन में विभाग की शिक्षिका डॉ रूद्राक्षा पांडेय और प्रो.मधु सिंह एवं प्रो. राहुल गौड़ ने विशेष सहयोग दिया।

 हिन्दी की गरिमा का सांस्कृतिक उद्घोष है हिन्दी साहित्य ज्ञानकोश

कोलकाता  : कोई भी ज्ञानकोश ऐसे ज्ञान का द्वार खोलता है जो पाठकों में जिज्ञासा, खुलापन और रचनात्मकता पैदा करे।  हिन्दी साहित्य ज्ञानकोश भारत में निर्मित कोशों की परंपरा में 7 खंडों का एक अद्वितीय ग्रंथ है। भारतीय भाषा परिषद में इसके प्रकाशन के अवसर पर आयोजित गोष्ठी में देश के विभिन्न कोनों से आए विद्वानों ने इसका स्वागत किया और बताया कि हिन्दी में पचास साल के बाद एक ऐसा कोश आया है जिसमें हिंदी साहित्य से संबंधित सभी विषयों के अलावा मीडिया, पर्यावरण, समाज विज्ञान, इतिहास, मानवाधिकार, धर्म और संस्कृति जैसे विषयों से संबंधित 2,660 प्रविष्टियाँ हैं। यह ज्ञानकोश कोलकाता में बना है जो एक गौरव का विषय है।
बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ.अवधेश प्रधान ने कहा कि नए समय की चुनौतियों के संदर्भ में इस कोश का निर्माण हुआ है। यह  हिन्दी शिक्षा जगत के एक बड़े अभाव को पूरा करेगा। यह कोश बहुत सरल भाषा में तैयार हुआ है। यह  हिन्दी की महान परंपरा की ही एक विकसित कड़ी है। सम्पादक मंडल के सदस्य डॉ.अवधेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस ज्ञानकोश की तरह ही एक मानक  हिन्दी व्याकरण की आवश्यकता है। इग्नू से जुड़े प्रो.जवरीमल्ल पारख ने कहा कि आज साहित्य के अध्ययन के लिए ज्ञान के व्यापक क्षेत्रों का अध्ययन भी जरूरी है। यह ज्ञानकोश इसी कमी को पूरा करता है। यह देश के 275 लेखकों के सहयोग से बना है। यह महज सूचनाओं का भंडार नहीं है बल्कि ज्ञान का भंडार है।
ज्ञानकोश के प्रधान सम्पादक डॉ.शंभुनाथ ने कहा, ‘यह महज कुछ व्यक्तियों का निर्माण नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति और हिन्दीभाषी समाज की रचनात्मक शक्ति की अभिव्यक्ति है। यह ज्ञानकोश परम्परा और नवोन्मेष का संगम है। मुझे खुशी है कि देश भर में इसका व्यापक स्वागत हो रहा है। फिर भी मैं यही कहूँगा कि हमने एक विकसनशील ज्ञानकोश की नींव डाली है जिस पर आने वाली पीढ़ियाँ इमारत ऊंची करती जाएंगी।’
ज्ञानकोश समारोह की अध्यक्षता संस्कृत के प्रसिद्ध विद्वान और राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के पूर्व कुलपति डॉ.राधावल्लभ त्रिपाठी ने की। उन्होंने कहा कि यह ज्ञानकोश  हिन्दी की एक ऐसी उपलब्धि है जो दशकों तक हिन्दी पाठकों को आलोकित करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय बहुलता में अखंडता की एक दीर्घ परंपरा है जो इस ज्ञानकोश में भी प्रतिबिंबित होती है। यह देश की संस्कृति को बचाने की ही एक कोशिश है। आज सोशल मीडिया पर जिस तरह भ्रामक सूचनाओं को प्रचार हो रहा है, यह ज्ञानकोश उस साम्राज्य से टक्कर लेता है।
भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ.कुसुम खेमानी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि हम इस ज्ञानकोश का प्रकाशन करके गौरवान्वित महसूस करते हैं। यह हम सब की एक सामूहिक उपलब्धि है।
इस ज्ञान समारोह में शोध सहायक के रूप में काम करने वाले शोधार्थियों – दिनेश कुमार शर्मा, श्रद्धांजलि सिंह, पूजा गुप्ता, पीयूषकांत और उपेंद्र शाह का अभिनंदन किया गया। समारोह में बड़े पैमाने पर लेखक, शिक्षक और विद्यार्थीगण उपस्थित थे। सभा का संचालन परिषद की मंत्री बिमला पोद्दार ने किया।

 

भवानीपुर कॉलेज में सड़क सुरक्षा अभियान 

कोलकाता : भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज और कोलकाता पुलिस एचआर ग्रुप के सहयोग से कॉलेज के सभागार में हाल ही में सड़क सुरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। एनजीओ ट्रैक्स से जुड़े ईरशाद अलि ने विद्यार्थियों को दुर्घटनाओं से बचने के लिए विभिन्न पक्षों को रखा। 150 से अधिक विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने रोड पर कोलकाता पुलिस के विभिन्न नियमों को जाना। बाइक चलाने वालों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है और पीछे बैठने वाले सवार को भी हेलमेट पहनना जरूरी है। सड़क पर हर मोड़ पर ट्रेफिक पुलिस सभी बाइक चलाने वालों की जाँच-पड़ताल करती है।


भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज में 100 से अधिक हेलमेट वितरण किए गए। प्रो दिलीप शाह ने वर्तमान समय में बाइक एक्सीडेंट बढ़ने के कारणों पर प्रकाश डाला। सिग्नल तोडना, लाइसेंस न दिखाना, शराब पीकर बाइक चलाना, रोड नियमों का उल्लंघन करना और लापरवाही से चलाना, बाइक चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना, गाने सुनना आदि विभिन्न नियमों को नहीं मानने से एक्सीडेंट होते हैं। दुर्घटनाएं न हो इसके लिए कॉलेज ने निशुल्क सौ से अधिक हेलमेट वितरित करके युवा पीढ़ी के छात्र और छात्राओं को सावधान रहने के लिए निर्देश दिए। एनसीसी के प्रमुख केडेट आदित्यराज ने कार्यक्रम का संयोजन किया और जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

विद्यालय की तत्परता से माता – पिता तक पहुँचा किशोर

कोलकाता : शिक्षण संस्थान में सिर्फ शिक्षा ही प्रदान नहीं की जाती बल्कि उनकी सजगता से कई सामाजिक काम भी हो जाया करते हैं। महानगर के कैलाश विद्यामंदिर नामक शिक्षण संस्थान की तत्परता ने 12 साल के किशोर को उसके माता – पिता से मिलवा दिया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विश्वजीत मित्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यू अलीपुर रेलवे स्टेशन पर एक 12 साल का किशोर असहाय अवस्था में पाया गया। इसे देखकर कैलाश विद्यामंदिर के आवासीय विभाग के कर्मी उसे अपने साथ ले आए। किशोर का नाम शकीर मण्डल है और पिता का नाम लियाकत मण्डल है। वह दक्षिण 24 परगना के दक्षिण दाना ग्राम का निवासी है और 2 सितम्बर की रात से वह गुमशुदा था। कैलाश विद्यामंदिर के प्रधानाध्यापक विश्वजीत मित्र और आवासीय विभाग के कर्मियों ने चेतला थाना तथा बारुईपुर थाने के सहयोग से किशोर को उसके अभिभावक तक पहुँचा दिया।

महानगर में अब उपलब्ध हैं ‘द पिंक लेन’ ब्रांड के चाँदी के जेवर

कोलकाता : शुद्ध चाँदी के जेवरों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध ‘द पिंक लेन’ ब्रांड के आभूषण अब कोलकाता में भी उपलब्ध हो गये हैं। ब्रांड ने अपना पहला स्टोर सिटी सेन्टर 1 मॉल में खोला है। इस ब्रान्ड की खासियत कस्टमाइज्ड चार्म ब्रेसलेट के साथ ही बारीक व खूबसूरत काम वाले चाँदी के जेवर हैं। इस स्टोर का उद्घाटन सांसद व अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने किया।

नुसरत जहाँ ने किया उद्घाटन

जेवरों के इस सँग्रह यानी कलेक्शन में अँगूठी, इयरिंग्स, ब्रेसलेट, चार्म ब्रेसलेट, चेन, एंकलेट के अतिरिक्त किड्स कलेक्शन तथा बटरफ्लाई कलेक्शन भी हैं। द पिंक लेन स्टोर में खासतौर पर असली चाँदी से बने चार्म ब्रेसलेट्स शामिल हैं। इस मौके पर नुसरत जहाँ ने कहा कि दुर्गा पूजा, दिवाली जैसे त्योहारों और शादियों के सीजन में लोगों को चाँदी के सामान और उपहार देने के लिए चयन के लिहाज से स्टोर खुलने का समय अच्छा है। द पिंक लेन की प्रबन्ध निदेशक उपासना सचदेव भी इस मौके पर मौजूद थीं।

‘खुद को विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करें हिन्दी के विद्यार्थी’

◊ श्री शिक्षायतन कॉलेज में मनाया गया हिन्दी दिवस समारोह

कोलकाता : वरिष्ठ साहित्यकार मृत्युन्जय का मानना है कि आज हिन्दी को विशेषज्ञों की आवश्यकता है। श्री शिक्षायतन कॉलेज द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस समारोह में वक्ता के रूप में उपस्थित मृत्युन्जय ने ‘भाषा का व्यवहार’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों को अपनी पर्यवेक्षण शक्ति मजबूत करनी चाहिए और खुद विशेषज्ञ के रूप में तैयार करना चाहिए। उनकी हर पँक्ति में उनका अनुभव बोलना चाहिए। इससे हिन्दी के क्षेत्र में एक बड़े अभाव की पूर्ति हो सकेगी। इस अवसर महाविद्यालय की ओर से रचनात्मक लेखन तथा आशु अभिनय प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी। स्वागत भाषण श्री शिक्षायतन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अदिति दे ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन सचिव प्रदीप कुमार शर्मा ने किया। विषय प्रवर्तन हिन्दी विभागाध्यक्ष रचना पांडेय ने किया। प्रथम सत्र का संचालन डॉ. प्रीति सिंघी ने किया जबकि दूसरे सत्र का संचालन प्रो. सिन्धु मेहता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अल्पना नायक ने किया। रचनात्मक लेखन के निर्णायक डॉ. अभिलाष कुमार गोंड थे जबकि आशु अभिनय के निर्णायक द्वय मृत्युन्जय तथा अनीता राय रहीं। रचनात्मक लेखन में जोगेश चन्द्र चौधरी कॉलेज की नीतू साव को प्रथम, बेथुन कॉलेज की ज्योति झा को द्वितीय और जयपुरिया कॉलेज की अनन्या पहाड़ी को तृतीय पुरस्कार मिला। आशु अभिनय में लेडी ब्रेबोर्न दल को प्रथम, अभिनय में बेथुन कॉलेज की वैदेही राय को प्रथम और श्रीशिक्षायतन कॉलेज की उर्वी जायसवाल को द्वितीय पुरस्कार मिला।

जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट निवेश, माँग में उल्लेखनीय कमी के संकेतः फिक्की

नयी दिल्ली : उद्योग मंडल फिक्की ने शनिवार को कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर के लुढ़ककर 6 साल से अधिक समय के निचले स्तर पाँच प्रतिशत पर आ जाना निवेश एवं उपभोक्ता मांग में ‘उल्लेखनीय कमी’ को दिखाता है। जीडीपी वृद्धि की सुस्त रफ्तार पर ‘गम्भीर’ चिंता जाहिर करते हुए फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने कहा कि ‘जीडीपी वृद्धि दर के हालिया आँकड़े उम्मीद से कमतर हैं और उपभोग एवं निवेश माँग में काफी अधिक कमी को दिखाते हैं।’ फिक्की की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक सोमानी ने उम्मीद जाहिर की है कि देश की अर्थव्यवस्था को सुस्ती के दौर से निकालने एवं उसे बेहतर स्थिति में ले जाने के लिए सरकार और केंद्रीय बैंक की ओर से उठाये जा रहे सिलसिलेवार फैसले कारगर साबित होंगे।सोमानी ने कहा, ‘बड़े स्तर पर बैंकों के विलय की योजना, एफडीआई नियमों को उदार बनाये जाने एवं प्रोत्साहन पैकेज जैसे फैसले काफी व्यापक हैं और अर्थव्यवस्था की मुख्य समस्याओं के निराकरण से जुड़े हैं।’ पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा कि सरकार और आरबीआई की ओर से हाल में किये गए आर्थिक सुधारों से देश में मजबूत एवं लचीला आर्थिक माहौल बनेगा एवं आने वाली तिमाहियों में जीडीपी वृद्धि दर को मजबूती मिलेगी। पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव तलवार ने कहा, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर बढ़ाये गए अधिभार को वापस लेने, एमएसएमई को लंबित जीएसटी रिफंड के भुगतान जैसे बड़े आर्थिक सुधार प्रेरक हैं और इनसे देश में मजबूत, स्थिर एवं समावेशी वृद्धि का माहौल तैयार होगा।’ आवास विकास क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष संगठन नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट कौंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष डा निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि बैंकों के विलय और सुदृढीकरण का यह निर्णय इस बात का सबूत है कि सरकार अर्थव्यवस्था में उत्साह जगाने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि ‘वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस कथन से उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा है कि बैंकों को दी जा रही 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी केवल कर्ज सुविधाएं बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि इससे रीयल एस्टेट सहित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को बल मिलेगा। वाहन विनिर्माताओं के मंच ‘सियाम’ के अध्यक्ष राजन वढेरा ने वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा शुक्रवार को घोषित नए उपायों पर कहा कि ‘किसी भी अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए एक मजबूत बैंकिंग क्षेत्र की जरूरत होती है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों का विलय , वृद्धि में सहायता के लिए उनको नयी पूंजी देना और संचालन में सुधार , ये सभी निर्णय बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती के लिए प्रगतिशील निर्णय हैं। इनसे भारतीय अर्थव्यवस्था को सही प्रोत्साहन मिलेगा।’ वढेरा ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं का मनोबल मजबूत होगा और इसके परिणामस्वरूप वाहन बाजार को भी लाभ होगा।