कोलकाता । पश्चिम बंगाल के विद्यार्थियों के लिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के साल्ट लेक सेक्टर 3 में स्थित क्षेत्रीय केंद्र में इस वर्ष से विश्व स्तर पर संचालित अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम, गांधी और शांति अध्ययन में एम.ए. स्तर का अध्ययन अध्यापन आरंभ हो रहा है। गांधी एवं शांति अध्ययन सामाजिक विज्ञानों के अध्ययन के क्षेत्र में एक प्रभावशाली कदम है। यह विषय गांधी की अवधारणा और शांति से इसकी संबद्धता को व्यापक दायरे में समझने की एक दृष्टि देता है। अंतरानुशासनिक चरित्र का यह पाठ्यक्रम नैतिक-दष्टि, सुशासन, विकेन्द्रीकरण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं इसकी राजनीति के साथ-साथ भू-राजनीति एवं सतत विकास की शिक्षा को अपने में शामिल करता है। यह विषय विद्यार्थी को सतत विकास एवं शांति के साथ उसकी संबद्धता को शिक्षण, शोध एवं विस्तार के व्यापक कार्यक्रमों तक पहुँचाता है। गांधी एवं शांति के विभिन्न पहलुओं को व्यापक -दृष्टि से व्याख्यायित करने वाला यह पाठ्यक्रम न सिर्फ विद्यार्थियों के कौशल एवं क्षमता निर्माण में वृध्दि करता है, बल्कि उन्हें विकास एवं शांति के क्षेत्र में आनेवाली समस्याओं और चुनौतियों को समाधान के लिये प्रेरित भी करता है। गांधी के मूल्यों एवं सिध्दांतों के प्रति गंभीर अध्ययन व शोध के साथ-साथ मानवता के लिए प्रतिबध्दता पैदा करने के उद्देश्य से यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के मुख्यालय वर्धा में सन् 2002 से संचालित किया जा रहा है। जिसमें स्नातक,परास्नातक और समसामयिक विषयों में पीएचडी शोध कराए जा रहे हैं। अंतरानुशासनिक पध्दति से तैयार यह पाठ्यक्रम संपूर्ण मानविकी एवं समाज वैज्ञानिक अध्ययन का ऐसा सम्मिलित अध्ययन प्रस्तुत करता है, जो विभिन्न ज्ञानानुशासनों को देखने व समझने की नई दृष्टि देता है। इस पाठ्यक्रम के अध्ययन के बाद विद्यार्थी जीवन के सभी क्षेत्रों जैसे मीडिया,शोध,गैर सरकारी क्षेत्रों,मानव अधिकार संस्थानों,जैन बौद्ध गांधी और शांति अध्ययन के क्षेत्र में पारंगत होकर रोजगार के अवसर पा सकता है और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान कर सकता है। इस विभाग के अंतर्गत अध्ययन करने वाले अब तक अधिकतम विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हो चुका है और सभी अपने अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। इस विषय में प्रवेश लेने के लिए किसी भी विषय में स्नातक होना अनिवार्य है। उत्तर आधुनिक विषय में नई नई संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गांधी और शांति अध्ययन पाठ्यक्रम को आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस पाठ्यक्रम में अधिकतम 40 सीटों पर दाखिला होना है। संबंधित विभाग द्वारा काउंसलिंग के बाद दस्तावेजों की जांच करने के पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश शुल्क जमा करके प्रवेश लेने अनुमति दी जायेगी। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2023 है।अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.hindivishwa.org पर क्लिक करें और प्रवेश लेने के लिए पंजीकरण लिंक – https://mgahvadm2023.samarth.edu.in/index.php/site/index पर क्लिक करें। प्रवेश संबंधी अन्य जानकारी के लिए 033-46039985 और +91 80906 13455 नंबर पर भी सीधे संपर्क किया जा सकता है।
जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन
कोलकाता । हिन्दी दिवस के अवसर पर जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘बदलते परिदृश्य में हिन्दी के समक्ष चुनौतियाँ एवं संभावनाएं’ विषय पर हुए इस आयोजन में कॉलेज के उप-प्राचार्य डॉ जयंत नाथ कुंडू, विद्यासागर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ संजय जायसवाल, इण्डियन आयल कॉरपोरेशन में कार्यरत वरिष्ठ हिन्दी अधिकारी नागेंद्र पंडित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना से की गयी । कॉलेज के उप-प्रधानाचार्य सर ने विदेशों में हिन्दी के प्रचार प्रसार पर विस्तृत जानकारी दी । इस अवसर पर विभाग के छात्रों द्वारा स्वरचित नुक्कड़ नाटक ‘हिंदी की मनोव्यथा’ का सफल मंचन किया गया । बतौर मुख्य वक्ता के रूप में विद्यासागर विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक संजय जायसवाल ने पारिभाषिक शब्दावली के सहजीकरण पर बल दिया । वरिष्ठ हिन्दी अधिकारी नागेंद्र पंडित ने राजभाषा के रूप में हिन्दी का संक्षिप्त परिचय देते हुए सृजित होने वाले रोज़गार के विभिन्न क्षेत्रों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन विभाग की छात्रा सिमरन ख़ातून एवं धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एकता ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग की अध्यापक प्रो. ममता त्रिवेदी, पिंकी मिश्रा, प्रियंका ठाकुर ने विशेष सहयोग किया। इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के अध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे। जिनके सामूहिक प्रयास से यह हिन्दी दिवस का कार्यक्रम सफल रहा ।
भारतीय भाषाओं के बीच सेतु है हिंदी
मिदनापुर । भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्रा. लिमिटेड की ओर से हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया ।इस अवसर पर इस संस्थान के कर्मचारियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । अंतरविभागीय नाट्यमंचन किया गया । हिंदी में अधिक से अधिक कामकाज पर बल देने की बात कही गई। मुख्य प्रबंधक शिवकुमार पवनि,महाप्रबंधक श्री के.एस.पी.मारन पांडियन, श्री के.आर .गुप्ता, पी.के. बिस्वाल, सहायक महाप्रबंधक एन.वी. राजगोपाल ने हिंदी दिवस के अवसर पर संबोधित किया । हिंदी को भेद की नहीं सदभाव की भाषा मानते हुए सांप्रदायिक सौहार्द पर आधारित प्रेमचंद की कहानी पर ‘हिंसा परमो धर्म:’का मंचन किया गया । इसमें इबरार खान,मधु सिंह, राहुल गौड़,विशाल साव,कोमल साव,सूर्य देव राय,राजेश सिंह, चंदन भगत,राज घोष,सुशील सिंह, सपना खरवार, आदित्य तिवारी, आदित्य साव,आशुतोष झा ने अभिनय किया । सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के संयुक्त महासचिव प्रो.संजय जायसवाल ने कहा कि नफरत और विभाजन के दौर में गंगा जमुनी तहजीब को बचाने के संस्कार का वृत्तांत है यह नाटक।हम सभी को धर्म,भाषा, जाति से ऊपर उठकर मानवधर्म का निर्वाह करना चाहिए । हिंदी हमें भारतीय भाषाओं से जोड़ती है।कला समीक्षक मृत्युंजय जी ने बताया कि धर्मयुद्ध नाटक बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर करारा व्यंग्य है।इस नाटक की मुख्य भूमिका में राजेश सिंह,सूरज,विकास मिश्रा, अभिषेक यादव,चंदन भगत,सपना खरवार, प्रज्ञा झा,संजना जायसवाल, राज घोष, जीतू राय,सायन दास,रोहित राम,सुशील सिंह, हाशिम थे।मेकअप और सहायक की भूमिका में लिली शाह और विकास कुमार थे।कार्यक्रम का सफल संचालन उप प्रबंधक, राजभाषा संजय कुमार चौधरी एवं धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा सहायक रविकांत प्रसाद ने दिया।
हृदय स्वास्थ्य को लेकर डिसान हॉस्पिटल में खुला “द हार्ट क्लब
कोलकाता । 750 बिस्तरों की क्षमता वाले कोलकाता के डिसान हॉस्पिटल में द हार्ट क्लब खुला है । द हार्ट क्लब” परिवार के किन्हीं तीन सदस्यों के लिए दस निःशुल्क हृदय संबंधी परामर्श और परिवार के किन्हीं दो सदस्यों के लिए ₹10,000/- मूल्य की वार्षिक हृदय स्वास्थ्य परीक्षण आरम्भ हुआ । इसके अतिरिक्त, डिसान हॉस्पिटल, कोलकाता को पूर्वी भारत में आपातकालीन स्थिति में 192 स्लाइस कार्डियक सीटी से सुसज्जित एकमात्र अस्पताल भी बन गया है । डिसान हॉस्पिटल्स ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सजल दत्ता ने “द हार्ट क्लब” को लेकर कहा कि हमारा लक्ष्य परिवारों को उनके हृदय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सशक्त बनाना है, जिससे अंततः जीवन बचाया जा सके।”
डिसान हॉस्पिटल्स ग्रुप की निदेशक शाओली दत्ता ने कहा कि हम बेहतर हृदय स्वास्थ्य की दिशा में इस यात्रा को शुरू करने के लिए उत्साहित हैं। डॉ. संजीब पात्रा, निदेशक – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, डिसान हॉस्पिटल, कोलकाता ने नियमित जांच के महत्व पर प्रकाश डाला । डॉ.सौम्या गुहा, कंसल्टेंट – कार्डिएक सर्जरी, डिसान हॉस्पिटल, कोलकाता, ने रोकथाम की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया ।
भवानीपुर कॉलेज ने आयोजित की मिट्टी के बर्तन बनाने की कार्यशाला
कोलकाता । कलात्मक अभिव्यक्ति के क्षेत्र में, भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने, ‘आर्ट इन मी’ कलेक्टिव के प्रतिनिधि, अलेफियाह हाजी के माध्यम से गत 14, 15, 18 और 19 सितंबर 2023 को चार दिवसीय मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए कार्यशाला की मेजबानी की। कॉलेज के नॉलेज अड्डा में मिट्टी के बर्तन बनाने की प्राचीन कला में 25 उत्साही प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह कलात्मक कार्यशाला ओडिसी स्कूल ऑफ क्ले के सहयोग से, कलाकार उत्तम घरामी के कुशल हाथों और विशेषज्ञता द्वारा निर्देशित रही । चार दिनों के दौरान, छात्र केवल दर्शक नहीं थे बल्कि शिल्प के जटिल कला में सक्रिय भागीदार रहे । यह कला मिट्टी का एक मिश्रण से बनाया जाता है । छात्रों को बिजली के पहिये पर मिट्टी को ढालने और सुखाने की प्रक्रिया के बारे में सीखने का व्यावहारिक अनुभव मिला, जो कुल मिलाकर 4 दिनों का रहा । पहले दिन प्रतिभागियों को मिट्टी के बर्तनों के मूलभूत पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। हाथ में मिट्टी लेकर, वे तैयारी का सार, हाथ की स्थिति और मिट्टी पर सही मात्रा में दबाव सीखने को मिला जिससे यह काम बनता है। दूसरे दिन कुम्हार के चाक के बारे में सीखने के साथ शुरू हुआ, जो एक इलेक्ट्रिक पहिया है, जो कच्ची मिट्टी को अद्भुत चीनी मिट्टी के टुकड़ों में बदल देता है। तीसरे दिन श्री घरामी के सतर्क मार्गदर्शन में फायरिंग प्रक्रिया के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
छात्र मिट्टी के एक टुकड़े से उत्कृष्ट कृतियाँ बनाने की पूरी प्रक्रिया में लगे हुए रहे जो समय की कसौटी पर खरी उतरेंगी। अंततः, चौथे दिन, हवा में उपलब्धि और गर्व की भावना भर गई, जब प्रतिभागी अपने मनमोहक बर्तन, फूलदान, कटोरे और कप और अंगूठियां घर ले गए, जो उनके नए कौशल और रचनात्मकता का एक अनूठेपन के प्रमाण थे। कार्यशाला ने न केवल मिट्टी के बर्तन बनाने का पाठ पढ़ाया, बल्कि यादों का ताना-बाना भी बुना, जो हमेशा उनके दिलों को संवारेगा।
जैसे ही कार्यशाला समाप्त हुई, इन नवोदित कारीगरों के चेहरों पर मुस्कुराहट बहुत कुछ बयां कर रही थी। उनके दिल उत्साह से भरे हुए थे, उनके दिमाग विचारों से घूम रहे थे, और उनके हाथ एक प्राचीन कला की विरासत को भविष्य में ले गए। भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज की पॉटरी वर्कशॉप ने न केवल रचनात्मकता को उजागर किया, बल्कि आजीवन जुनून के बीज भी बोए, हमें याद दिलाया कि कला, अपने असंख्य रूपों में, एक यात्रा है, और मंजिल अक्सर रास्ते जितनी ही सुंदर होती है। रिपोर्ट की रुचिका सचदेव ने और फोटोग्राफी अंकित माजी ने की। जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
भवानीपुर कॉलेज में डिजिटल कौशल द्वारा बीईएससी बैटलग्राउंड शोडाउन आयोजित
कोलकाता । भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज द्वारा आयोजित बीजीएमआई, बैटलग्राउंड शोडाउन नामक कार्यक्रम में कॉन्सेप्ट हॉल में शारीरिक कौशल द्वारा नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच, टीम वर्क और डिजिटल कौशल के माध्यम से युद्ध के मैदान में बदल दिया गया था जो आगामी उद्योग के रूप में गेमिंग के बढ़ते महत्व को दर्शाने वाला था।भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने 18 और 19 सितंबर, 2023 को सुबह 10:30 बजे से इस उल्लेखनीय कार्यक्रम की मेजबानी की।
शुरुआती दौर में, 96 टीमों ने 16-16 टीमों के 6 समूहों में प्रतिस्पर्धा की। प्रत्येक समूह से केवल शीर्ष 8 ही आगे बढ़े। राउंड 2 में शीर्ष 48 टीमों को 3 समूहों में विभाजित किया गया, जहां वे एकल-उन्मूलन मैचों में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे, जिससे दांव बढ़ गए। प्रत्येक समूह से शीर्ष 5 प्रतिभागी और एक वाइल्ड कार्ड प्रविष्टि फाइनल में पहुंची। फ़ाइनल में, शीर्ष 16 टीमें बेस्ट ऑफ़ 5 मैचों के प्रारूप में लड़ीं। पॉइंट्स टेबल में टॉप 3 चैंपियन बने।
विजेता टीमों में प्रथम ‘टीम इन्सेन’ जिसमें एम.डी. अरशद वारसी, मो.अयान अली मोल्स, ऋषभ कुमार शाह और सहीदुर रहमान शामिल रहे। दूसरी ‘टीम वारलॉर्ड्स’ जिसमें सक्षम सिंह, अनिकेत गुप्ता, सिद्धार्थ अग्रवाल और सागर कोठारी शामिल रहे। तीसरी ‘एक्सपोनेंशियल’ जिसमें आदर्श शॉ, अक्षत जयसवाल, अभिषेक हकीम और यशव रोहन मोहत्ता शामिल रहे ।
प्रत्येक प्रतिभागी हेडफ़ोन की एक जोड़ी से लैस था, जो वास्तविकता को समझने और डिजिटल युद्ध के मैदान में उतरने के लिए तैयार था। हेडफोन एक रोमांचक साहसिक कार्य के लिए उनका माध्यम बना। लड़ाई को उत्साही दर्शकों द्वारा प्रोत्साहित किया गया, जिन्हें स्क्रीन पर खेल देखने का सौभाग्य मिला। बीजीएमआई ने गहन, प्रतिस्पर्धी परिदृश्यों का अनुकरण किया। इसने प्रतिभागियों को रणनीतिक रूप से सोचने, उभरती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और एक टीम के भीतर एकजुट होकर काम करने की चुनौती दी।
कॉन्सेप्ट हॉल के भीतर धीमी बातचीत और स्पष्ट उत्साह के बीच, हवा में बचपन के दिनों की एक अनकही पुरानी याद थी। बैटलग्राउंड शोडाउन ने न केवल वर्तमान का प्रतिनिधित्व किया बल्कि महामारी कोविड – 19 की एक कष्टदायक स्मृति के रूप में भी काम किया। जब दुनिया अपने घरों की चहारदीवारी तक ही सीमित थी, तब इन्हीं प्रतिभागियों को आभासी युद्ध के मैदान का साथ भी मिला था। थी। उनके हेडफ़ोन, जो कभी वास्तविकता से दूर भागते थे, उन्हें उन दोस्तों से जोड़ने वाली जीवन रेखा बन गए थे जिनके साथ उन्होंने गठबंधन बनाया, महाकाव्य लड़ाइयाँ लड़ीं और अनगिनत जीत और हार साझा कीं। जब वे भौतिक दुनिया में एक-दूसरे का सामना कर रहे थे, देर रात के उन आभासी द्वंद्वों की यादें अभी भी कहीं न कहीं उनके आसपास घूम रही थीं। लगभग 500 प्रतिभागी – 96 टीमें – दो दिन – एक विजेता। आभासी दुनिया आज हमारे जीवन की आवश्यकता बन गई है और उसने कई संभावनाओं और उद्योगों के बहुत से द्वार भी खोल दिए हैं । रिपोर्ट तनीषा हीरावत की और फोटोग्राफी साग्निक बनर्जी और अंकित माजी ने मिलकर की। जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
भवानीपुर कॉलेज में नए दाखिल विद्यार्थियों का स्वागत और सामूहिक सत्र 2023
कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने नए दाखिल विद्यार्थियों के लिए एक शानदार ओरिएंटेशन-वीज़ा का आयोजन किया गया। कॉलेज के 18 से अधिक कलेक्टिव ने अपने-अपने संचालन किए।
संपर्कों को बढ़ावा देने और नए छात्रों को विभिन्न कॉलेज समुदायों से परिचित कराने के लिए 17 अगस्त से 26 अगस्त, 2023 तक कॉलेज में नए छात्रों को शामिल करने का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन आयोजनों ने बातचीत के लिए एक जीवंत मंच प्रदान किया, जिससे छात्रों को एक-दूसरे के साथ जुड़ने और स्थायी संबंध बनाने में मदद मिली। प्रत्येक सामूहिक का प्रेरण इस प्रकार था:
एनसीसी – राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने 17 अगस्त, 2023 को कॉन्सेप्ट हॉल में छात्रों के नए बैच के लिए एक प्रेरण समारोह आयोजित किया। पूर्व कैडेट सुभादीप साहा चौधरी ने कार्यक्रम का संचालन किया और प्रत्येक विंग के बारे में विस्तार से बताया, जिससे छात्रों को किस शाखा में शामिल होना है, इसके बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद मिली। इंडक्शन में भाग लेने वाले 100 छात्रों को यह प्रश्न पूछने का अवसर भी मिला कि एनसीसी गतिविधियाँ उनकी पढ़ाई और कक्षा कार्यक्रम को कैसे प्रभावित करेंगी।
बीईएससी एओएन- 17 अगस्त को दोपहर 2:00 बजे से मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन) के जटिल पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कॉन्सेप्ट हॉल में एओएन इंडक्शन आयोजित किया गया था। प्रतिभागियों को एमयूएन के सार, प्रतिभागियों के लिए उनकी जिम्मेदारियों और विशेष रूप से व्यक्तिगत विकास पर गहरा प्रभाव पड़े। लगभग 80 प्रतिभागियों की उपस्थिति के साथ इस कार्यक्रम ने काफी रुचि पैदा की। प्रेरण कार्यक्रम में एमयूएन के सार को सावधानीपूर्वक स्पष्ट करते हुए, राजनयिक अनुकरण और अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए मंच के रूप में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
बेस्ट- यह कार्यक्रम 18 अगस्त को आयोजित किया गया था. कार्यक्रम की शुरुआत छात्र मामलों के डीन, प्रो. दिलीप शाह द्वारा एक परिचयात्मक भाषण हुआ जिसमें व्यवसाय संचालन, स्टार्टअप और आय उत्पन्न करने की रणनीतियों जैसे विषयों को शामिल किया गया। इसके बाद एक आकर्षक नीलामी प्रदर्शन हुआ, जहां उन्होंने 100 रुपये को 200 रुपये में बदलने का चित्रण किया। इसके बाद उन्होंने इससे जुड़े जोखिमों के बारे में विस्तार से बताया। समूह के छात्रों ने बाद में अपने वास्तविक दुनिया के व्यावसायिक अनुभव और अपने स्टार्टअप में अंतर्दृष्टि साझा की। इस कार्यक्रम में 350+ की उपस्थिति देखी गई। नीलामी अवधारणा से जुड़ी एक इंटरैक्टिव गतिविधि ने प्रेरण में एक आकर्षक स्पर्श जोड़ा, जिसके बाद श्री जयंत पालन द्वारा जोखिम प्रबंधन पर एक सत्र आयोजित किया गया।
एनएसएस- 21 अगस्त को एनएसएस (राष्ट्रीय समाज सेवा) इकाई ने कॉन्सेप्ट हॉल में दोपहर 12:00 बजे से एक प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रेरण का उद्देश्य आने वाले प्रथम वर्ष के छात्रों को गर्मजोशी से गले लगाना और उन्हें साल भर की गतिविधियों का अवलोकन प्रदान करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन एनएसएस समन्वयक प्रोफेसर गार्गी के भाषण के साथ हुआ, जिन्होंने कार्यवाही के लिए स्वर निर्धारित किया। इसके बाद, छात्र मामलों के डीन प्रो. दिलीप शाह ने मंच संभाला और छात्रों को इसके महत्व और संबंधित जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। प्रेरण के एक भाग के रूप में टीच फॉर इंडिया द्वारा आयोजित एक व्यावहारिक सेमिनार ने इस आयोजन को और समृद्ध बनाया। विशेष रूप से इस कार्यक्रम में 350 से अधिक छात्रों की प्रभावशाली उपस्थिति रही, जो उनकी गहरी रुचि और उत्साह को दर्शाता है।
ईको – फॉर – बी – आइट्स – -: इस सामूहिकता का प्रेरण 21 अगस्त को आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत सामूहिक, इको-फॉर-बीइट्स की खोज के साथ हुई। छात्र मामलों के डीन, प्रो. दिलीप शाह ने अपने विचार साझा किए और प्रतिभागियों को एक नीलामी गतिविधि में शामिल किया। चर्चा शेयर बाज़ार तक विस्तारित हुई, जिसमें एक पूर्व प्रतिनिधि ने मांग और आपूर्ति की सादृश्यता का उपयोग करते हुए एक आकर्षक स्पष्टीकरण प्रदान किया जिसे एक क्रश के माध्यम से चित्रित किया गया। छात्रों द्वारा मार्केटिंग, स्टॉक, अनुसंधान और विकास के बारे में प्रश्न पूछे जाने पर आकर्षक बातचीत हुई। सत्र में कुल 80+ छात्रों ने भाग लिया।
सेल्युलाइड – सेल्युलाइड सामूहिकता का प्रेरण 21 अगस्त 2023 को आयोजित किया गया था जहाँ 150 छात्रों को शामिल किया गया था। इस कार्यक्रम में छात्र मामलों के डीन, प्रो. सुप्रोवो गांगुली के सशक्त भाषण से हुआ जो सेल्युलाइड के संरक्षक और सामूहिक प्रतिनिधि हैं । सिनेमैटोग्राफी और संवाद लेखन जैसे पहलुओं सहित सेल्युलाइड का सार, एक लघु फिल्म प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया था।
एक्सप्रेशंस- एक्सप्रेशंस का प्रेरण 22 अगस्त, 2023 को आयोजित किया गया था। रिपोर्टिंग और फोटोग्राफी के दो क्षेत्रों के साथ इस समूह ने छात्रों को विभिन्न प्लेटफार्मों के बारे में जानकारी देने के लिए एक प्रेरण आयोजित किया गया जिसमें छात्र कॉलेज के लिए योगदान दे सकते हैं। प्रशिक्षित होने के इच्छुक लगभग 50 छात्र पत्रकारों और 50 छात्र फोटोग्राफरों के साथ, समूह ने भावी पत्रकारों और फोटोग्राफरों को शामिल होते देखा। माहौल रचनात्मकता से गूंज उठा जब छात्रों ने कविताओं, उपाख्यानों और आत्म-अभिव्यक्ति के रूप में अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए मंच संभाला। कॉलेज के सभी आयोजनों के लिए एक्सप्रेशन न्यूज़लेटर, वेब ब्लॉग लेखन और फोटोग्राफी के लिए छात्रों को आगे प्रशिक्षित किया जाएगा।
क्विज़ार्ड- क्विज़र्ड सामूहिक प्रेरण 22 अगस्त को सोसाइटी हॉल में आयोजित किया गया । 20 से अधिक उपस्थित लोगों के साथ हमारे क्विज़िंग समूह के पुनरुद्धार के साथ, प्रारंभिक प्रतिक्रिया मामूली हो सकती है, लेकिन इस समूह को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का दृढ़ संकल्प अटूट है। कार्यक्रम की शुरुआत उत्साह के साथ हुई क्योंकि छात्र इस रोमांचक यात्रा पर निकल पड़े। ज्ञान और साझा शिक्षण के क्षेत्र में प्रश्नोत्तरी के महत्व पर चर्चा करके सत्र की शुरुआत की गई। प्रेरक दौरों की एक श्रृंखला शुरू हुई जिसमें आकर्षक चर्चाओं के साथ प्रतिभागियों का परीक्षण किया गया। क्विज़िंग सत्र ने न केवल प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धी भावना से भर दिया, बल्कि उत्साह भी बढ़ाया जबकि उपस्थित लोगों ने उत्तरों के लिए विचार-मंथन किया।
वोक्स पॉपुली- जुबली हॉल में वोक्स के लिए प्रेरण 22 अगस्त को दोपहर 2:00 बजे से आयोजित किया गया था। यह प्रेरण छात्र प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित एक ऊर्जावान शो था जिसने दर्शकों को मज़ेदार और रोमांचक तरीकों से बांधे रखा। छात्र हॉट पोटैटो गेम और जैम 9जस्ट ए मिनट) सत्र जैसे विभिन्न संकेतों में अपनी आवाज की ताकत का प्रदर्शन करने के लिए रोमांचित थे। छात्रों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और उसके बाद उन्हें औपचारिक/अनौपचारिक एंकरिंग, वाद-विवाद, कहानी कहने आदि जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से कॉलेज के कार्यक्रमों का हिस्सा बनने का अवसर दिया गया।
स्टूडेंट्स शेयर स्किल- 23 अगस्त को स्टूडेंट्स शेयर स्किल कलेक्टिव का इंडक्शन आयोजित किया गया। सामूहिक रूप से 100 से अधिक छात्रों को किसी भी कौशल को साझा करने के विचार में शामिल किया गया जिसे वे अन्य साथी छात्रों के साथ साझा कर सकते हैं। सामूहिक ने प्रत्येक भावी छात्र को मंच पर आकर अपने भविष्य के कौशल सेट का प्रदर्शन करने के लिए मार्गदर्शक दिया। कौशल साझा करने वाले छात्रों के अगले बैच को शतरंज, मोनो-एक्ट, नृत्य, गरबा-डांडिया इत्यादि जैसे कौशल के एक नए सेट के साथ पेश किया गया था, जिसे छात्र सलाहकारों द्वारा अपने साथी बैचमेट्स को सिखाया जाएगा।
सेतु – सेतु का इंडक्शन 23 अगस्त को आयोजित किया गया था। समूह में लगभग 100 छात्रों की प्रभावशाली उपस्थिति देखी गई। पूरे सत्र में भीड़ सक्रिय रूप से शामिल रही और बातचीत की। प्रो बी.कॉम, (मॉर्निंग) की समन्वयक मीनाक्षी चतुर्वेदी ने छात्रों से जर्मन और जापानी में सामान्य वाक्यांशों के अर्थ पूछकर विदेशी भाषाओं में अपनी दक्षता प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्र मामलों के डीन, प्रोदिलीप शाह ने पिछले सफल कार्यक्रमों, जैसे कोरियाई से जुड़े छात्र विनिमय कार्यक्रम, पर चर्चा की । भवानीपुर का दौरा करने वाले छात्र और स्विट्जरलैंड में एक समृद्ध अनुभव को साझा किया गया । ग्लोबल विलेज, एक और कार्यक्रम जिसने दुनिया भर की संस्कृतियों की एक श्रृंखला प्रदर्शित की। फिर छात्रों को 26 और 27 अगस्त 2023 को होने वाले अगले कार्यक्रम, कैरियर कैफे के बारे में सूचित किया गया।
फ्लेम्स- 24 अगस्त को कॉलेज के चारों ओर एक रोमांचक गूंज सुनाई दी, जिसमें छात्र जुबली हॉल में फ्लेम्स इंडक्शन के लिए कतारों में खड़े थे। फ्लेम्स के तीन जीवंत विंग – बॉलीवुड, ईस्टर्न और वेस्टर्न ने मंच संभाला और अपनी गतिविधियों, गुरुओं और नियमित कक्षाओं के बारे में जानकारी साझा की। जैसे ही विंग्स ने अपनी अनूठी प्रदर्शन शैली का प्रदर्शन किया तो उत्साह बढ़ गया। एक रोमांचक इंटरैक्टिव गतिविधि शुरू हुई, जिसने विद्यार्थियों को वर्तमान बॉलीवुड हिट, ‘झुमका गिरा रे’ पर झूमने के लिए आमंत्रित किया। जब भीड़ ने गरबा के उत्साहपूर्ण दौर में सक्रिय रूप से भाग लिया तो नवरात्रि की भावना जीवंत हो उठी। मंच पर दर्शकों और उभरते फ्लेम्स सदस्यों दोनों को एक प्रदर्शन के लिए एकजुट होते देखा, जो नृत्य के प्रति उनके साझा जुनून को खूबसूरती से दर्शाता है। 400 से अधिक उपस्थित लोगों के साथ, प्रतिक्रिया अत्यधिक सकारात्मक थी।
फैशनिस्टा– 24 अगस्त को कॉलेज के फैशन कलेक्टिव ने अपना इंडक्शन आयोजित किया। प्रेरक परिचय के साथ, मंत्रमुग्ध कर देने वाले जेराल्डिन रसेल रे (फैशनिस्टा के मेंटर) ने शानदार तरीके से प्रेरण प्रस्तुत किया । 120 से अधिक छात्रों के मंच पर आते ही पूरा हॉल ऊर्जा से स्पंदित हो गया । रनवे एक मनोरम एवेन्यू में तब्दील हो गया जहां वरिष्ठ और नए दोनों विद्यार्थी मौजूद थे । अपने हैरतअंगेज रैंप वॉक से सबको चकित कर दिया। फिर छात्रों को उनके सामूहिक प्रशिक्षण के आधार पर कॉलेज के कार्यक्रमों के लिए आगे प्रशिक्षित किया जाएगा।
आर्ट-इन-मी – 25 अगस्त को आर्ट इन मी कलेक्टिव का इंडक्शन आयोजित किया गया। सत्र की शुरुआत उनके रचनात्मक समूह का परिचय देकर किया गया जिसके बाद खजाने की खोज का खेल खेला गया, जिसमें प्रतिभागियों ने कला सामग्री और रचनात्मक संकेतों से भरे बैगों को खोजने के लिए पहेलियों को समझा। 90-100 की भीड़ के बीच चार-चार के समूह में विभाजित आकर्षक और उत्साही विद्यार्थियों ने अपनी भविष्य की घटनाओं की रचनात्मकता और उत्साह को प्रदर्शित किया
इन एक्ट – – 26 अगस्त को एक्ट कलेक्टिव का प्रेरण आयोजित किया गया। इन एक्ट की दुनिया में कदम रखना, थिएटर कलेक्टिव एक ऐसा अनुभव था जिसने रचनात्मकता और बातचीत को परिभाषित किया। 150 से अधिक प्रतिभागियों की प्रभावशाली उपस्थिति के साथ, वातावरण ऊर्जा से भर गया क्योंकि उन्होंने गतिविधियों और आकर्षक नाटकीय खेलों की एक श्रृंखला में भाग लिया। मनमोहक प्रदर्शन से लेकर बेहतरीन नाटकों के प्रदर्शन तक, यह कार्यक्रम गूंज उठा, जिससे सभी के लिए एक यादगार समय सुनिश्चित हो गया।
क्रैसेन्डो- 26 अगस्त को सामूहिक क्रैसेन्डो में 200 से अधिक उपस्थित लोगों ने भाग लिया था। जूनियर और सीनियर दोनों छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे सभी को बांसुरी और हारमोनियम बजाने जैसे अपने गायन और वाद्य कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच मिला। यह कार्यक्रम आनंद से गूंज उठा क्योंकि हर कोई इसमें शामिल हुआ, धुनों में सामंजस्य बिठाया और आपसी सहयोग की पेशकश की। प्रतिनिधियों और पूर्व प्रतिनिधियों को दर्शकों के बीच से छात्रों को मंच पर लाने के लिए चुनते समय उनका मनोबल बढ़ाते देखा गया।
बुल्स आई – 26 अगस्त को बुल्स आई कलेक्टिव की शुरुआत शेयर बाजार और इसकी पेचीदगियों के बारे में एक संक्षिप्त भाषण के साथ हुई, जिसमें मूल्यवान विचारों का आदान-प्रदान किया गया। इसके बाद सामूहिक भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा हुई, जिससे प्रतिभागियों के बीच उत्सुकता पैदा हुई। छात्र मामलों के डीन, प्रो दिलीप शाह के भाषण ने डायनामिक्स ऑफ कैपिटल मार्केट्स पाठ्यक्रम विवरण के परिचय के साथ चर्चा को समृद्ध किया जिससे उपस्थित लोगों की समझ गहरी हुई। कार्यक्रम का समापन प्रश्न और उत्तर सत्र के साथ हुआ, जिससे जुड़ाव और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। इस प्रकार बुल्स आई एक इंटरैक्टिव प्रेरण और सार्थक चर्चा देने में सफल रहा, जिससे प्रतिभागियों को एक व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।रिपोर्ट तनीषा हीरावत और फोटोग्राफर -में विद्यार्थियों पारस गुप्ता, आदित्य सराफ, निश्चय आलोकित लाकड़ा और प्रियांशु चटर्जी का योगदान रहा। जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
लिटिल थैस्पियन का स्थापना दिवस समारोह
कोलकाता । गत 20 सितंबर, बुधवार कोलकाता के एकेडमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स सभागार में लिटिल थेस्पिन का स्थापना दिवस समारोह संपन्न हुआ l इस विशेष दिन को लिटिल थेस्पिन अपने पूरे 29 वर्षों का सफ़र पूरा कर तीसवें वर्ष में प्रदार्पण कर रहा है l बंगाल में हिंदी रंगमंच का नाम जब भी लिया जाएगा उसमें लिटिल थिस्पियन का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा l लिटिल थेस्पिन कों बनाने में स्वर्गीय अजहर आलम तथा उमा झुनझुनवाला की महत्वपूर्ण भूमिका रही है l लिटिल थेस्पिन भारतवर्ष के कई प्रांतों में अपने नाटक की प्रस्तुति देता रहा है l जिसमें से कुछ नाटक अजहर आलम तथा कुछ उमा झुनझुनवाला द्वारा निर्देशित रहे हैं l लिटिल थेस्पिन समय-समय पर कार्यशाला का भी आयोजन करता रहा है l जिसमें वह छात्रों को माँजने का काम करता है l यहां पर केवल कलाकारों को नाटक की बारीकियां ही नहीं बताई जाती हैं बल्कि नाटक से जुड़े छोटी-छोटी बातों छोटी-छोटी चीजों के बारे में भी बताया जाता रहा है l कलाकार इससे जुड़कर अपने व्यक्तित्व का विकास करते हैं नाटक के साथ वह नाटक में अभिनय करने के साथ ही वह नाटक कारों से भी परिचित होते हैं उनके नाटकों को पढ़ते हैं तथा उन पर समीक्षाएं लिखते हैंl जिससे वह दुनिया के कई नाटककारों के साथ अपना जुड़ाव महसूस कर पाते हैं कुछ ऐसे भी नाटककार हैं जिन्हें सभी लोग नहीं जानते हैं l लिटिल थेस्पिन उन सभी नाटककारों से मिलवाने का कार्य अपने रंग अड्डा के दौरान करता है l जिससे विद्यार्थी वर्ग में पढ़ने की ललक उत्पन्न हो रही है तथा नाटक की समीक्षा करने वाले भी आनें वाले समय में हमें दिखाई देंगे l लिटिल थेस्पिन का कार्य हमेशा से ही विद्यार्थी वर्ग तथा नाटक से जुड़े कलाकरों को उत्साहित करना तथा उन्हें प्रोत्साहित करना रहा है वह छात्रों के साथ जुड़कर नाटक को आम हिंदी वर्ग के लोगों तक पहुंचाने का कार्य भी करना चाहता है l लिटिल थेस्पिन को बनाने में उसके दर्शन वर्ग, शुभचिंतक, सलाहकार, तकनीकी विशेषज्ञ, कलाकार, मार्गदर्शक आदि की विशेष भूमिका रही है l लिटिल थेस्पियन की सेक्रेटरी गुंजन अज़हर ने लिटिल थेस्पियन संस्था के कार्यों की चर्चा करते हुऐ इस संस्था की संपूर्ण जानकारी दर्शको को दी तथा इस संस्था की वरिष्ठ सदस्य सीमा शर्मा ने नाटककार प्रताप सहगल की ख्याति से दर्शकों का परिचय करवाया। इसी कड़ी में नाटक “कोई और रास्ता” प्रस्तुत किया गया । इस नाटक के लेखक प्रताप सहगल और म्यूजिक डिज़ाइनर मुरारी रायचौधुरी दोनों ही संगीत नाटक अकादेमी अवार्ड से पुरस्कृत हैं एवं निर्देशक निलय राय हैं इस नाटक की मुख्य भूमिका में लिटिल थिस्पियन के निर्देशक एवं अभिनेत्री उमा झुनझुनवाला थी | लिटिल थेस्पिन के मुख्य अतिथि के रूप में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब के ट्रस्टी श्री ज़मील मंजर, नाट्य समीक्षक प्रोफ़ेसर आनंद लाल और प्रेम कपूर, उर्दू के प्रसिद्ध नाटककर और निदेशक कमालुद्दीन अहमद और ज़हिर अनवर, साहित्य टाइम के एम. डी. श्री केयूर मजूमदार, हाई कोर्ट के एडवोकेट प्रदीप जोराजका और पूर्व रंग नाट्यदल के निर्देशक श्री मोलॉय रॉय मौजूद थे ।
इस संस्थापना दिवस के अंत में लिटिल थेस्पियन की निर्देशक एवं अभिनेत्री उमा झुनझुनवाला ने 13वां नाट्य उत्सव जश्न -ए- अज़हर की घोषणा की जो 19 जनवरी से 24 जनवरी कलकत्ता के ज्ञान मंच में आयोजित होगी इसी के साथ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जायेगा।
‘वैदेही का अंतर्द्वंद्व’ पर साहित्यिकी द्वारा परिचर्चा आयोजित
कोलकाता । भारतीय भाषा परिषद के पुस्तकालय में, साहित्यिकी संस्था की ओर से कवयित्री शांति यादव के खण्ड काव्य ‘वैदेही का अंतर्द्वंद्व’ पर गत 26 सितम्बर को परिचर्चा का आयोजन किया गया। संस्था की सचिव डॉ. मंजुरानी गुप्ता ने संस्था की गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में शांति यादव जी ने आलोच्य खण्ड काव्य के चुनिंदा अंशों का अत्यंत प्रभावशाली पाठ किया जिसे श्रोताओं ने मंत्रमुग्ध होकर सुना । वाणीश्री बाजोरिया ने कहा कि आठ सर्गों में विभाजित यह खण्डकाव्य अत्यंत रोचक बन पड़ा है । इसमें स्त्री शोषण की पराकाष्ठा से पीड़ित अत्यंत चर्चित मिथकीय पात्र सीता के मानसिक संघर्ष और तनाव का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया है। समान्य स्त्री और राजकन्या दोनों की नियति में कहीं कोई पार्थक्य नहीं है। खण्डकाव्य का एक- एक शब्द पाठकों के मन में उतर जाता है। प्रख्यात कवि एवं कहानीकार अभिज्ञात ने अपनी बात रखते हुए कहा कि महिलाओं की लड़ाई अभी बाकी है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के खिलाफ बगावत के स्वर इस खण्डकाव्य में है। तत्कालीन स्त्री किस तरह की बेड़ियों में जकड़ी हुई थी, उसके प्रतीक चरित्र के रूप में सीता का वर्णन इसमें हुआ है। युद्धकला में पारंगत स्त्री को जब अबला सिद्ध कर दिया गया तो आम स्त्री की बिसात ही क्या है। शांति यादव जी मिथकीय चरित्रों की समस्याओं से गुजरते हुए समकालीन सवालों से मुठभेड़ करती हैं।अपनी बात रखते हुए कवयित्री शांति जी ने कहा कि महिलाओं का मानस जब तक नहीं बदलेगा तब तक समाज में कोई परिवर्तन आना मुश्किल है। महिलाओं को इस तरह अनुकूलित किया जाता है कि वह पराधीनता की बेड़ियों को त्यागने से हिचकिचाती हैं। वे इस स्थिति का मुकाबला मात्र शिक्षा के माध्यम से ही कर सकती है। मिथकीय चरित्रों पर लिखना बहुत चुनौतीपूर्ण है। मैं वर्षों से इन सवालों से टकरा रही थी जो अंततः इस कृति में सीता के माध्यम से उतर आए।
अध्यक्षीय वक्तव्य में विद्या भंडारी ने कहा कि जो कवयित्री का अंतर्द्वंद्व है उसे सीता के माध्यम से सार्थक अभिव्यक्ति मिली है। सीता की व्यथा के बहाने आम स्त्री की पीड़ा को गहराई से अंकित करने में शांति जी सफल हुई हैं। इस महत्वपूर्ण खण्डकाव्य की रचयिता निस्संदेह बधाई की पात्र हैं । परिचर्चा में सुषमा हंस, वसुंधरा मिश्र, मंजुरानी गुप्ता, नीतू सिंह आदि ने भी सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. गीता दूबे ने कहा कि सीता के बहाने आम स्त्री के दर्द और नियति को शांति जी ने गहराई से रेखांकित किया है पितृसत्ता के बंधनों में जकड़ी स्त्री शिक्षा और संघर्ष के माध्यम से ही अपने अधिकारों को हासिल कर सकती है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कवयित्री कुसुम जैन ने शांति जी को इतना रोचक और विचारोत्तेजक खण्डकाव्य लिखने के लिए बधाई दी जिसे पढ़कर आम स्त्री भी अपने अधिकारों के प्रति सचेत होगी।
डॉ. प्रेम शंकर त्रिपाठी इटावा हिन्दी सेवा निधि के नए अध्यक्ष
कोलकाता । विश्व हिन्दी सम्मान से सम्मानित जानेमाने साहित्यकार, सम्मोहक वक्ता डॉ. प्रेम शंकर त्रिपाठी को सर्वसम्मति से इटावा हिन्दी सेवा निधि का अध्यक्ष बनाया गया है। यह जानकारी संस्थान की एक विज्ञप्ति से यहां मिली।
विज्ञप्ति के अनुसार अध्यक्ष पद के साथ साथ डॉ. त्रिपाठी को न्यासी के रूप में भी न्यास का सदस्य बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि डॉ. त्रिपाठी से पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी इस संस्था के अध्यक्ष थे एवं उनसे पहले कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी इसके अध्यक्ष रह चुके हैं।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में हिन्दी में 4000 से अधिक फैसले देने वाले प्रख्यात न्यायमूर्ति स्व. प्रेम शंकर गुप्त द्वारा स्थापित इटावा हिन्दी सेवा निधि के वर्तमान में संरक्षक हैं न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय एवं न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल जबकि राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ. प्र., लखनऊ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार इस संस्था के उपाध्यक्ष हैं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार तथा वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार क्रमशः महासचिव एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष हैं, आयोजन समिति के संयोजक हैं इटावा के अधिवक्ता राजकुमार गुप्त। उल्लेखनीय है कि डॉ. त्रिपाठी न सिर्फ़ कोलकाता की कई साहित्यिक -सामाजिक संस्थाओं के संरक्षक एवं मार्गदर्शक के रूप में जुड़े हैं बल्कि कई राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक संस्थाओं एवं केंद्रीय समितियों के सदस्य भी हैं।




