Sunday, March 22, 2026
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होली की बहार

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नज़ीर अकबराबादी

हिन्द के गुलशन में जब आती है होली की बहार।
जांफिशानी चाही कर जाती है होली की बहार।।

एक तरफ से रंग पड़ता, इक तरफ उड़ता गुलाल।
जिन्दगी की लज्जतें लाती हैं, होली की बहार।।

जाफरानी सजके चीरा आ मेरे शाकी शिताब।
मुझको तुम बिन यार तरसाती है होली की बहार।।

तू बगल में हो जो प्यारे, रंग में भीगा हुआ।
तब तो मुझको यार खुश आती है होली की बहार।।

और हो जो दूर या कुछ खफा हो हमसे मियां।
तो काफिर हो जिसे भाती है होली की बहार।।

नौ बहारों से तू होली खेलले इस दम नजीर।
फिर बरस दिन के उपर है होली की बहार।।

 

 

मोहन हो-हो, हो-हो होरी

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रसखान

(राग सारंग)

मोहन हो-हो, हो-हो होरी ।
काल्ह हमारे आँगन गारी दै आयौ, सो को री ॥
अब क्यों दुर बैठे जसुदा ढिंग, निकसो कुंजबिहारी ।
उमँगि-उमँगि आई गोकुल की , वे सब भई धन बारी ॥
तबहिं लला ललकारि निकारे, रूप सुधा की प्यासी ।
लपट गईं घनस्याम लाल सों, चमकि-चमकि चपला सी ॥
काजर दै भजि भार भरु वाके, हँसि-हँसि ब्रज की नारी ।
कहै ’रसखान’ एक गारी पर, सौ आदर बलिहारी ॥

 

 

होली पर लें इन स्वादिष्ट व्यंजनों का आनन्द

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दही भल्ला

सामग्री – भल्ला बनाने के लिए : बिना छिलके वाली 500 ग्राम मूंग दाल,  2 कप बिना छिलके वाली उड़द दाल, 3 छोटे चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच चिरौंजी, तेल

दही के लिए : 4 कप दही, 3 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी

परोसने के लिए : 2 बड़े चम्मच चाट मसाला, 3 कप सेव नमकीन, 2 बड़ी चम्मच खट्टी-मीठी चटनी, एक बड़ी चम्मच हरी चटनी, अनार दाने

विधि – भल्ला बनाने की विधि : सबसे पहले मूंग और उड़द की दाल को धोकर 4 घंटे के लिए पानी में भिगोएं। इसके बाद दाल को पानी से निकालकर मिक्सर में डालें और बारीक पीस लें। अब दाल के पेस्ट को अच्छी तरह फेंट लें। जब दाल का पेस्ट फूल जाए तो इसमें जीरा और चिरौंजी डालकर मिलाएं। अब भल्ले तलने के लिए गैस पर कड़ाही में तेल गर्म करें। इसके बाद हथेली को पानी से गीला करके हाथ में दाल का थोड़ा मिश्रण लेकर लोई की तरह बना लें। फिर इसे तेल में डालकर हल्का ब्राउन होने तक मध्यम आंच पर फ्राई करके प्लेट में निकाल लें। इसी तरह पूरे मिश्रण से भल्ले बना लें। एक साथ 3 से 4 भल्ले फ्राई कर लें। भल्ले पर दही डालने के लिए बर्तन में दही और चीनी डालकर फेंट लें। इसे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें।

दही-भल्ले परोसने की विधि : प्लेट में 2 भल्ले रखें इन्हें बीच से थोड़ा काट लें ताकि भल्ले दही को अच्छी तरह सोख लें। अब भल्ले के ऊपर मीठा दही, खट्टी-मीठी चटनी और हरी चटनी डालकर फेलाएं। फिर ऊपर से चाट मसाला और सेव नमकीन डालें. तैयार हैं स्वादिष्ट दही भल्ले. इन्हें अनार दाने से गार्निश करके सर्व करें। इसी तरह बचे हुए दही भल्ले परोसें।

 

ठंडाई

सामग्री – 1.5 लीटर फुल क्रीम दूध  , 1.5 कटोरी चीनी20-25 भिगोकर छिलका उतारे बादाम, 20-25 पानी में भिगोए हुए काजू, 20-25 छिलका उतरे हुए पिस्ता, 3 बड़े चम्मच मगज (खरबूजे के बीज, छिलका उतारे हुए), 3 बड़े चम्मच खसखस (पॉपी के बीज), 7-8 धागे केसर , 8-10 छोटी इलायची, एक बड़ा टुकड़ा दालचीनी, 7-8 काली मिर्च के दाने, गुलाब की करीब 20 सूखी पत्त‍ियां

विधि –  भारी पैन में दूध उबलने के लिए रख दें। बादाम, काजू, पिस्ता, मगज और खसखस को एक साथ ग्राइंडर में पीस लें। अच्छा पेस्ट बनाने के लिए जरूरत के हिसाब से थोड़ा दूध भी डाल सकते हैं। दूसरी ओर जब दूध में उबाल आने लगे तो इसमें केसर और चीनी डाल दें. एक से दो मिनट तक चम्मच चलाते हुए दूध को पकाएं। अब इलायची, गुलाब की पत्त‍ियां, दालचीनी और काली मिर्च को साफ व सूखे ग्राइंडर में पीस लें. इसका महीन पाउडर बनाएं। अब तैयार पेस्ट को दूध में मिला दें और 5 मिनट तक धीमी आंच पर गैस पर पकने दें. बीच-बीच में चम्मच चलाते रहें ताकि दूध पैन से चिपके नहीं। जब यह पक जाए तो इसमें पाउडर मिलाकर ठंडा होने के लिए रख दें और जब मेहमान आएं तो गुलाब की पत्तियां डालकर ठंडी-ठंडी ठंडाई सर्व करें।

 

होली में रहेगा आपका फैशनिस्ता मिजाज सदाबहार

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होली पर जब भी परिधान का जिक्र चले तो हम चाहते हैं कि कुछ ऐसा पहनें जिसे लेकर हम परेशानी में न पड़ें मगर यह कॉरपोरेट दुनिया है।

चाहें भी तो घर में रहकर होली नहीं मना सकते, कभी दफ्तर तो कभी रिश्तेदारों के घर जाना ही पड़ता है तो समझ में नहीं आता कि पहना क्या जाए। अगर आपकी भी यही दिक्कत है तो ये टिप्स आपके लिए ही हैं –

 अनारकली का क्रेज – होली पर चिकन वर्क की नफासत देखते ही बनती है। लखनवी प्रिंट और लखनवी वर्क के कुर्तो की। लखनवी प्रिंट वाले अनारकली सूट को पहनकर होली पर नए लुक को आजमाएं। इस खास मौके पर सफेद व पीले रंग का अनारकली कुर्ता खूब जमेगा। चाहें तो अनारकली कुर्ते को वनपिस के रूप में भी पहन सकती हैं। इस अनारकली के साथ ट्रेडिशनल झुमके या फ्यूजन स्टाइल के झुमके बहुत अच्छे लगेंगे।


जैकेट जमाएगी रंग –  ज्यादा ताम – झाम पसन्द नहीं करतीं तो लेंगिग्स और कुरता अच्छा आइडिया हैै। लेंगिंग के साथ सामान्य-सा शॉर्ट लखनवी कुर्ता या टॉप पहना जा सकता है। इसके साथ कलरफुल फुल स्लीव्स वाले जैकेट डालें। ये जैकेट अनारकली अंदाज के होने चाहिए। अनारकली सूट के ऊपर से भी सामान्य जैकेट डाल सकती हैं. साथ में कानों में झुमके पहनें।

जींस के साथ कुर्ता – होली पर पारंपरिक सफेद कुर्ती के साथ जींस पहनना अच्छा विकल्प है। सफेद कुर्ती पर होली के सारे रंग नजर आएंगे।

साड़ी है सदाबहार – साड़ी होली पर पहनने वाला सबसे बेहतरीन परिधान है। साड़ी में आप ऐसा महसूस कर सकती हैं, जैसे रंगों से सराबोर कोई फिल्मी नायिका। लेकिन ध्यान रहे कि आपको साड़ी ठीक से और आत्मविश्वास से कैरी करनी होगी क्योंकि एक बार भींगने के बाद यह शरीर से चिपकने लगती है।

 

पिंकाथन में मिलिन्द सोमेन के साथ खूब दौड़ीं महिलाएं

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महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए जरूरी है साझेदारी और मातृत्व उसकी विशेषता है। हाल ही में जब महानगर में पहला बेबी वेयरिंग वॉक आयोजित किया गया तो रवीन्द्र सरोवर के पास महिलाएं खूब दौड़ीं।

30 महिलाएं अपने बच्चों के साथ 1.5 किमी तक खूब दौड़ीं और इनका उत्साह बढ़ाया अभिनेता मिलिंद सोमेन ने। सबसे छोटा शिशु सिर्फ 7 माह का था। मिलिंद ने महिलाओं को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ अपना ध्यान भी रखें और साथ ही उन्होंने फिटनेस का संदेश भी दिया…वाकई लाजवाब।

क्योंकि स्वच्छता और सेनेटरी नैपकिन के प्रति जागरुकता जरूरी है

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हमारे देश में बात जब अपना ख्याल रखने की आती है तो अक्सर हम नजरअन्दाज करते हैं और महिलाओं के स्वास्थ्य और शरीर की स्वच्छता या उसकी शारीरिक प्रक्रिया पर बात करने की जहमत भी नहीं उठायी जाती। शहरों में भी खुद महिलाएं भी इस पर बात नहीं करतीं तो गाँवों में तो इसकी कल्पना करना ही बेमानी है। एक आँकड़े के अनुसार 335 मिलियन महिलाओं में से सिर्फ 12 प्रतिशत महिलाएं ही सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करती हैं और ग्रामीण इलाकों में तो महँगा होने के कारण महिलाएं चाहें सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल नहीं कर पातीं। ऐसे में यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस दिशा में कदम आगे बढ़ाएं।

जुनैद एडुकेशन फाउंडेशन और बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी ने यह दायित्व उठाया और ग्रामीण इलाकों में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध करवाने की शुरुआत की। अपराजिता को इस अभियान का हिस्सा बनने पर गर्व है क्योंकि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य चलाए जा रहे इस अभियान में पीरियड्स के प्रति जागरुकता ही नहीं फैलायी जा रही बल्कि इसके तहत ग्रामीण महिलाओं और अनाथाश्रम में रह रही लड़कियों में भी सेनेटरी नैपकिन वितरित किए जा रहे हैं। हाल ही में हावड़ा के उलूबेड़िया इलाके में यह अभियान चलाया गया। जुनैद एडुकेशन फाउंडेशन की सह संस्थापक रक्षंदा जुबीन ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से महिला दिवस अलग अंदाज से मनाने का प्रयास किया गया। जेईएफ आम लोगों में स्वच्छता, शौचालय के इस्तेमाल, पीरियड्स को लेकर स्वच्छता व स्वास्थ्य का ध्यान, शिक्षा के प्रति जागरुकता लाने के लिए प्रयासरत है।

ग्रामीण इलाकों, शहरों की बस्तियों, शरणार्थियों के घरों और अनाथाश्रमों तक पहुँचना हमारा प्रयास है। उलूबेड़िया मस्जिदतला में 150 ग्रामीण महिलाएं इस अभियान में शामिल हुईं। इस अवसर पर परिचर्चा भी रखी गयी थी। इस मिशन के माध्यम से युवा लड़कियाँ अपने इलाके में स्वच्छता अभियान का चेहरा बन सकेंगी। बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी की सचिव तथा जुनैद एडुकेशन फाउंडेशन की सह संस्थापक शगुफ्ता हनाफी ने कहा कि हमारा प्रयास लड़कियों को सेनेटरी नैपकिन्स के इस्तेमाल के प्रति जागरुक करना है। अभियान में कोई सेलिब्रिटी नहीं बल्कि ये लड़कियाँ ही चेहरा होंगी। नैपकिन्स के अतिरिक्त तौलिए, दुप्पटे और अन्य जरूरी चीजें भी वितरित की गयीं।

गंदे विचारों को ‘शेव’ कर डालेंगी ये लड़कियां

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छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियों पर लोगों के गलीच विचारों को शेव करने का बीड़ा अब टीवी हीरोइनों ने उठा लिया है। ये रेजर हाथ में लेकर धमका रही हैं, सुधर जाओ और अपने गंदे विचारों को शेव कर लो…वरना अच्छा नहीं होगा। ठहरिए इससे पहले कि आप कुछ और समझें, हम बता दें कि  सोशल मीडिया पर यह कैंपेन #ShaveTheOpinion नाम से हिट हो रहा है

बेहद सीरियल से अपनी अलग पहचान बना रही है जेनिफर विंगेट ने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ जब तुम लड़की को उसके कपड़ों पर जज करते हो तो वह उसकी नहीं, तुम्हारी सोच बताता है। जो हमें जज करते हैं, वो जाएं और अपने विचार शेव कर लें। #ShaveYourOpinion’

ये है मोहब्बतें की शगुन यानि अनीता हसनंदानी ने लिखा, ‘जो हमारे कपड़ों को जज करते हैं, वो जाकर पहले अपना विचार शेव करें। #ShaveYourOpinion’

मंदिरा बेदी ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट कर के लिखा, ‘यह उन सभी के लिए है जिन्हें मेरे कपड़ों से तकलीफ है। तुम जाकर अपने विचार क्यों नहीं शेव कर लेते। #ShaveYourOpinion!’

टेनिस खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने भी समाज की इस सोच पर नाराजगी जताते हुए तस्वीर डाली। उन्होंने लिखा, ‘वो सब लोग अपनी सोच को शेव कर लें जो जिन्हें हमारे कपड़ों से तकलीफ है। #ShaveYourOpinion’

श्रुति सेठ, जो अपनी सोच को व्यक्त करने से कभी नहीं डरतीं, उन्होंने लिखा, ‘जाओ, जाकर उस सोच को पहले खत्म करो जो हमारे कपड़े जज करती है। #ShaveYourOpinion’

 

 

 

 

ट्विटर पर गाली देंगे तो अकाउंट होगा हमेशा के लिए ब्लॉक

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सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गाली-गलौज और अभद्र ट्वीट करने वाले यूजर्स का अकाउंट लॉक करना शुरू कर दिया है। वहीं यह भी रिपोर्ट है कि ट्विटर कुछ अकाउंट को हमेशा के लिए भी लॉक कर सकता है।

अंग्रेजी वेबसाइट The Verge में छपी खबर के मुताबिक ट्विटर ने मशहूर लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा और गलत टिप्पणी करने वाले लोगों का अकाउंट लॉक और ट्वीट डिलिट करना शुरू कर दिया है। हाल ही में ट्विटर ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस को ट्विटर पर गाली देने वाली महिला का अकाउंट लॉक किया है।

ट्विटर की ओर से जारी बयान के अनुसार यदि कोई यूजर ऐसा करता है तो ट्वीट डिलीट हो जाएगा, हालांकि यूजर्स को वह ट्वीट दिखेगा लेकिन उस अकाउंट के फॉलोअर्स को ट्वीट की जगह पर ऐरर का मैसेज मिलेगा। ये पॉलिसी किसी प्रोडक्ट्स, सर्विस, कंपनी या ब्रांड पर ट्वीट करने पर लागू नहीं होगी।

 

कहीं आप भी तो नहीं छुपाते यें बातें

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आप भले ही अपने साथी को कितना भी प्यार करें मगर हर बात आप उनके साथ शायद हर एक राज साझा नहीं करते होंगे। कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जिनको आप जाहिर नहीं करना चाहते होंगे। ऐसा आप करते होंगे, ये तो आप ही जानते हैं –

अधिकतर पुरुष महिला ड्राइवर से डरते हैं। उन्हें लगता है कि महिलाएं ड्राइविंग के मामले में जीरो होती हैं। आप चाहें कितना भी कहे कि आपको अपने साथी पर भरोसा है लेकिन इस डर से आप खुद को दूर नहीं कर पाते। उसका साथ दें और आगे बढ़ने दें। महिलाएं सहारा चाहती हैं, साथ चाहती हैं मगर बैसाखी नहीं। उसे इतना सक्षम बनाइए कि वह जब सफल हो तो आपकी याद अनायास आ जाए…प्यार यही है।

किसी भी मर्द को अपनी साथी या महिला मित्र का उसके सेलेब्रिटी क्रश के साथ समय बिताना बिलकुल भी पसंद नहीं होता। हो सकता है कि आपको अपनी पार्टनर के इस व्यवहार से जलन होती है मगर आप ये बात उसे नहीं बताना चाहते होंगे।  छुपाकर रखिए इस बात को। प्यार को प्यार ही रहने दीजिए, उसे बंधन मत बनाइए। हर रिश्ते में स्पेस होना जरूरी है, तभी वह साँस ले सकेगा। एक – दूसरे की पसन्द को सम्मान देकर भी रिश्ता निभाया जा सकता है।

हर किसी के जिंदगी में दुख के पल जरूर आते हैं जिसमें उसका रोने का मन करता है। आप भी रोते हैं लेकिन वो इसे किसी के सामने भी जाहिर नहीं होने देते। इस स्थिति को आप महिलाओं से बेहतर तरीके से छिपाते हैं मगर यह सही नहीं है, आपको अपने अहसास जताने का पूरा हक है। अगर आप उसे दिल की बात बताएंगे तो यह आपके रिश्ते को मजबूत बनाएगा क्योंकि तब उसे अहसास होगा कि वह आपकी जिन्दगी में कितना महत्व रखती है।

कहा जाता है कि जो लड़का किसी लड़की को दिलोजान से चाहता है वो उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल और उसके अपडेट्स को नियमित चेक करता है। यहां तक कि जो मर्द शादीशुदा होते हैं वो भी अपने पार्टनर की प्रोफाइल चेक करते हैं। लेकिन कहीं उसकी पार्टनर को ऐसा न लगे कि वो उसके पर्सनल लाइफ में दखलंदाजी कर रहा है इसलिए ये बात भी वो किसी के सामने भी जाहिर नहीं होने देते। अब यह कितना सही है, यह तय आपको करना है।

आप चाहते हैं कि आपकी साथी आपकी तारीफ करे लेकिन आप ये बात उसे नहीं कह पाते।  आप अपने रिलेशनशिप को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं और आप  चाहते हैं कि आपकी साथी आपसे  कहे कि वो हमेशा आपकी रहेगी। आप अपने लुक्स पर भी अपनी साथी की राय चाहते हैं। अगर ऐसा हैै तो कहने में कोई बुराई नहीं है, कह डालिए….आपको समझना आपकी साथी को भी अच्छा लगेगा।

 कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी, जो आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गईं

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आपको 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए हमले का दिन याद होगा। कैसे इस घटना के बाद देश में एक गुस्सा फूट पड़ा था। इस हमले में आतंकवादी नाकाम हो गए। हमारे सुरक्षा बलों ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और उनके मकसद को कामयाब नहीं होने दिया। इस हमले में 13 जवान और 1 माली की मौत हो गई लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसने इन आतंकवादियों का सामना सबसे पहले किया वो कौन था? वो थीं कमलेश कुमारी, एक महिला कॉन्स्टेबल।

जिस वक़्त ये आतंकवादी संसद परिसर में दाखिल हुए, सबसे पहले कमलेश कुमारी ने ही उन्हें देखा। कमलेश सीआरपीएफ़ की महिला कॉन्स्टेबल थीं। उस वक़्त महिला कॉन्स्टेबल को कोई राइफल या हथियार नहीं दिया जाता था। कमलेश के पास उस समय सिर्फ़ एक वॉकी-टॉकी था। कमलेश बिना हथियार के कुछ नहीं कर सकती थीं ऐसे में उन्होंने तुरंत ही अपने साथी सिपाही सुखवीर सिंह को ज़ोर से आवाज़ लगाई और उन्हें आगाह कर दिया। लेकिन तब तक उनके पेट में गोली लग चुकी थी जिस वजह से कमलेश की मौके पर ही मौत हो गई।

इससे पहले उप राष्ट्रपति की कार ने इन आतंकवादियों का रास्ता रोका था। उस वक़्त उसमें राष्ट्रपति नहीं थे। आतंकवादियों ने उनकी कार उस कार से टकरा दी थी। इस वजह से मजबूरन उन्हें अपनी गाड़ी को छोड़कर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा।  चार में से पांच आतंकवादी ऐसे एके-47 लेकर बाहर आए और एक ने अपने शरीर पर बम लगा रखे थे। ये फिदाइन रास्ते में ही गिर गया और बम फट गया जिससे कि एक बड़ा हादसा होने से बच गया। वैसे तो संसद को 40 मिनट पहले ही स्थगित कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद अन्दर कई बड़े नेता मौजूद थे। इनमें एल. के. आडवाणी, जसवंत सिंह और कई एमपी थे। कमलेश कुमारी ने अपनी बहादुरी से कई नेताओं की जान बचाई। कमलेश अपने पीछे 2 बच्चियों को छोड़ गईं। कमलेश को उनकी बहादुरी के लिए अशोक चक्र से नवाज़ा गया। कमलेश इस अवॉर्ड को हासिल करने वाली पहली महिला पुलिसकर्मी हैं। हमें उम्मीद है कि कमलेश कुमारी सभी महिलाओं के लिए एक उदाहरण हैं।