Thursday, July 9, 2026
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तारा शाहदेव को रकीबुल से मिला तलाक, फैमिली कोर्ट दायर याचिका पर सुनाया फैसला

रांची : राष्ट्रीय राइफल शूटर तारा शाहदेव के तलाक वाले याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तलाक दिलवा दिया है। तारा ने पूर्व पति रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल पर जबरन धर्म परिवर्तन, प्रताड़ना सहित कई आरोप लगाए थे। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए फैसले के लिए आज की तारीख निर्धारित की थी। फैमिली कोर्ट के जज बीके गौतम की कोर्ट में तारा शाहदेव ने तलाक लेने और शादी रद्द करने को लेकर याचिका दाखिल की थी। सात जुलाई 2014 को रांची के एक बड़े होटल में रंजीत सिंह कोहली के साथ उनकी शादी हुई थी। तारा ने हिंदू विवाह एक्ट की दो धाराओं के तहत याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि शादी के बाद से ही आरोपी रंजीत उर्फ रकीबुल उसे प्रताड़ित करने लगा था। उसने मारपीट के साथ ही धमकी भी दी। साथ ही उसने धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। आवेदन में तारा शाहदेव ने कहा है कि हिंदू मैरेज एक्ट की धारा 2 और 5 के अनुसार यह शादी अवैध है, क्योंकि हिंदू मैरेज एक्ट के तहत शादी में दोनों का हिंदू सदस्य होना जरूरी होता है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी तरह के एक मामले में वर्ष 2009 में सुनाए गए एक फैसले का भी हवाला दिया था। तलाक की अर्जी हिंदू मैरेज एक्ट की धारा 12 (1) (सी) के तहत अवैध विवाह को शून्य घोषित करने और धारा 13 (1) (1-ए) तलाक (विवाह विच्छेद) का अनुरोध करते हुए दायर की गई थी। अगर राष्ट्रीय शूटर तारा शाहदेव को रमजान के महीने में होने वाली रोजा इफ्तार पार्टी का आमन्त्रण नहीं मिलता तो शायद उसके पति रंजीत के मुसलमान होने का राज इतनी जल्दी नहीं खुलता। दरअसल, झारखंड सरकार के तत्कालीन मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के यहां से आए रोजा इफ्तार के इस इनविटेशन कार्ड पर रकीबुल हसन लिखा हुआ था। घर का एड्रेस वही था जहां तारा और रकीबुल रहते थे। तारा की रकीबुल हसन से 7 जुलाई 2014 को शादी हुई थी। बाद में अत्याचार की हदें पार कर उसका धर्म बदलवाया। अदालत में रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद पर तारा रकीबुल हसन से शादी करने का दबाव बनाने का आरोप था। इस मामले की जांच सीबीआई ने 2015 में शुरू की थी। रकीबुल 27 अगस्त 2014 से जेल में है। जबकि उसकी मां जमानत पर हैं। उस दौरान तारा ने कहा था कि ससुराल में एक दिन मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के यहां से इफ्तार पार्टी का निमंत्रण मिला, जिसमें जनाब रकीबुल हसन खान के नाम का संबोधन था। यह कार्ड भी तारा ने कोर्ट के हवाले किया था। तारा ने बताया था कि उनके बीच दरार तब पैदा हुई, जब नौ जुलाई को रंजीत 20-25 मौलवी लेकर घर पहुंच गया और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव देने लगा। मना करने पर उसे मारा गया। तारा के अनुसार रकीबुल हसन घर से रातभर गायब रहता था। वह अल सुबह चार बजे आता था। वह क्या काम करता है, आज तक पता नहीं चल पाया। तारा ने राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष महुआ मांझी और भाजपा नेता अजय नाथ शाहदेव के समक्ष अपनी आपबीती कुछ यूं सुनाई थी… मैडम, रकीबुल हसन ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं। करीब डेढ़ महीने अपने कब्जे में रखते हुए उसने न तो खाना-पीना दिया और न ही किसी से मिलने देता था। मैं उसकी पत्नी बनी थी। इसके बाद भी उसके कमरे में जाने के लिए दरवाजा खटखटाना पड़ता था। वह बार-बार कहता था कि तुम्हें इस्लाम धर्म कबूल करना होगा। ऐसा नहीं करने पर तुम्हारा चेहरा सलामत नहीं रहेगा। इस दौरान विरोध करने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। रकीबुल तो जानवर था, लेकिन उसका पामेलियन कुत्ता जानवर होते हुए भी आदमी से अधिक संवेदनशील था। जब मेरी पिटाई होती थी और मैं बेसुध होकर पड़ी रहती थी तो छोटा-सा कुत्ता मेरी निगरानी करता था कि मैं जिंदा हूं या नहीं। मेरी सांसें चल रही हैं या नहीं। तारा ने बताया कहा कि उसके मोबाइल पर धमकी मिल रही थी। धमकी देनेवाले ने तारा की मौसी के मोबाइल पर फोन कर कहा था कि कब तक लोग तुम्हें बचाएंगे।

भूतों का डर भगाने के लिए श्मशान में चादर तानकर सोए विधायक, डिनर भी वहीं किया

पालाकोल : आंध्रप्रदेश की पालाकोल विधानसभा सीट से टीडीपी विधायक निम्माला रामानायडु ने गत शुक्रवार को न केवल पूरी रात श्मशान घाट में गुजारी, बल्कि डिनर भी वहीं किया। सुबह उठने के बाद श्मशान घाट पर ही नहाए और चाय भी वहीं पी। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि लोगों के दिमाग से भूत-प्रेत का डर निकाल सकें। भूत-प्रेत के डर से यहां कोई भी ठेकेदार और मजदूर निर्माण कार्य करने को तैयार नहीं हो रहे थे। दरअसल पालाकोल शहर का श्मशान घाट काफी सालों से बुरी हालत में है। अंतिम क्रिया-कर्म के लिए यहां कोई भी सुविधा नहीं है। खासकर बरसात के दिनों में ये जगह एक दलदल में तब्दील हो जाती है। इस जगह पर निर्माण कार्य और मूलभूत सुविधाएं देने के लिए सरकार की ओर से कई बार धनराशि मंजूर की गई, लेकिन भूत-प्रेत के डर कह वजह से यहां कभी भी काम शुरू नहीं हो सका। रामानायडु ने बताया कि श्मशान घाट में विकास कार्य के लिए दो बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन यहां काम शुरू नहीं हो सका। किसी तरह एक ठेकेदार को काम के लिए तैयार किया, लेकिन उसके काम करने वाले मजदूरों ने यहां कुछ अनहोनी सी बातें देखकर भूत प्रेत के डर से काम करना बंद कर दिया। इस डर को उनके मन से निकालने के लिए मैंने ये सब किया। रामानायडु के इस उपाय का असर भी हो गया। सुबह मजदूर काम पर लौट आए और कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो गया। विधायक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बाकी के लोग भी यहां आकर जल्द काम शुरू कर देंगे।

एसबीआई बंद करेगा 9 विदेशी ब्रांच, 6 पहले ही हो चुकी हैं बंद

नई दिल्‍ली : भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) विदेशों में स्थित अपनी 9 ब्रांच बंद करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे पहले भी बैंक अपनी 6 विदेशी शाखाएं बंद कर चुका है। बैंक के प्रबंध निदेशक प्रवीण के गुप्‍ता ने बताया कि विदेशी कारोबार के पुनर्गठन की योजना के तहत काम किया जा रहा है। बैंक इस वक्‍त इस 36 देशों में कारोबार कर रहा है, जहां उसकी कुल मिलाकर 190 शाखाएं हैं। उन्‍होंने बताया कि बैंकों के पास पूँजी की दिक्‍कत है, ऐसे में इसका उसी जगह पर इस्‍तेमाल अच्‍छा है जहां सबसे अच्‍छा इस्‍तेमाल किया जा सके। इसी रणनीति के तहत बैंक पिछले दो साल में अपनी 6 विदेशी शाखाएं बंद कर चुका है। इसके अलावा 9 और विदेशी शाखाओं को बंद करने की योजना पर काम चल रहा है। उन्‍होंने बताया कि विदेशों में सभी जगहों पर कार्यालय नहीं है, जैसे बंगलादेश और दक्षिण अफ्रीका में काफी छोटी शाखाएं हैं। ऐसी ही शाखाएं कई जगहों पर हैं, जिनका पुनर्गठन करने की जरूरत है। उन्‍होंने बताया कि वित्त विभाग का एक आदेश भी है कि विदेशों में जो शाखाएं व्‍यवहारिक न हों उनको बंद किया जाए। उनके अनुसार एसबीआई ने सरकार के इस आदेश के पहले ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया था।

राजकुमार पद्मनाभ ने अन्तरराष्ट्रीय ब्रांड के लिए की रैंप वॉक

जयपुर : ऐसा माना जाता है कि शाही परिवार फैशनेबल होते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पिंक सिटी के राजकुमार और राजकुमारी दिया कुमारी और नरेंद्र सिंह के बेटे पद्मनाभ सिंह ने इटली के मिलान में डॉल्चे एंड गब्बाना के लिए रैंप वाक की है। वह पहले ऐसे प्रिंस है जिन्होंने 19 साल की उम्र में अन्तरराष्ट्रीय रनवे पर मॉडलिंग की है। 19 साल के जयपुर के प्रिंस पद्मनाभ सिंह ने मिलान के इंटरनेशनल रनवे पर मॉडलिंग की है। पद्मनाभ पोलो प्लेयर हैं और वह 13 साल की उम्र से पोलो खेल रहे हैं। वह भारतीय पोलो टीम के कप्तान रह चुके हैं। इंग्लैंड के प्रिंस विलियम और हैरी के साथ पोलो खेल चुके हैं।

रहिए युवा और दीजिए उम्र को मात

पुरुष भी अपने लुक को लेकर काफी सजग हो गए हैं। वे जवां दिखाई देने के लिए हर सम्‍भव कोशिश करने को तैयार हैं। हालांकि, उम्र के असर की निशानियां जैसे लकीरें और झुर्रियां आजकल के पुरुषों को परेशान करती रहती हैं। लेकिन, कुछ पुरुष सर्जरी करवाकर इन्‍हें हटाना नहीं चाहते। ऐसे लोगों के लिए ही कुछ उपाय हैं जो बेहद असरदार हैं। जानिए ऐसे ही कुछ तरीके –
धूम्रपान से आपके शरीर पर उम्र का असर जल्‍द दिखायी देने लगता है। धूम्रपान का आपके शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। और यही लक्षण आपकी त्‍वचा पर भी परिलक्षित होने लगते हैं। जब आपकी त्‍वचा सिगरेट से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आती है,तो उसे काफी नुकसान होता है। यह प्राकृतिक रूप से स्‍वस्‍थ त्‍वचा को नुकसान पहुंचाकर उसकी ऊपरी परत को नष्‍ट कर देती है। इससे त्‍वचा को जवां बनाए रखने वाला एलस्टिन प्रोटीन भी खत्‍म हो जाता है।
धूम्रपान करने से आपके चेहरे पर झुर्रियों का असर जल्‍द नजर आने लगता है। सिगरेट में मौजूद निकोटिन रक्‍त कोशिकाओं को सिकोड़ देता है। इससे शरीर में ऑक्‍सीजन और जरूरी पोषण सही मात्रा में नहीं पहुंच पाते। अगर आप एक स्‍वस्‍थ और जवां त्‍वचा चाहते हैं तो सबसे पहले आपको धूम्रपान से तौबा करनी चाहिए।
नियमित व्‍यायाम करना आपके शरीर की शक्ति और कार्यक्षमता बढ़ाता है। इससे आपकी त्‍वचा भी अधिक कसी हुई रहती है। नियमित व्‍यायाम न करने और असंतुलित जीवनशैली अपनाने से आपके शरीर की कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है और इसका असर उम्र अधिक दिखने के तौर पर सामने आने लगता है। व्‍यायाम से आपके शरीर में रक्‍त-संचार सुचारू रूप से होता है। और शरीर के हर अंग को पर्याप्‍त मात्रा में रक्‍त मिलता है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है तो कई बार टांगों और हाथों को पूरी पोषण नहीं मिल पाता।
व्‍यायाम के दौरान आपके शरीर से पर्याप्‍त मात्रा में पसीना निकलता है। इस पसीने के जरिये आपके शरीर से विषाक्‍त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इससे शरीर का प्राकृतिक माश्‍चराइजर सीबम ऑयल भी बाहर निकलता है।
अगर आप भरपूर नींद लेते हैं तो आपको उम्र के असर को दूर रखने में काफी मदद मिल सकती है। अगर आप अच्‍छी नींद सोते हैं तो आपकी सेहत भी अच्‍छी रहती है। कोशिश करें कि आपके सोने और उठने का समय एक जैसा हो।
योग और ध्‍यान के जरिये भी आप उम्र के असर को दूर रख सकते हैं। योग और ध्‍यान आपको केवल मानसिक रूप से ही शांत नहीं रखते बल्कि आपको शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। इनसे आपको तनावमुक्‍त रहने में मदद मिलती है। इससे आपके शरीर में रक्‍त संचार सुचारू रूप से होता है। इसके साथ ही दिल की बीमारियां, मोटापा और त्‍वचा की जलन से भी राहत मिलती है। इससे हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती और आप बीमारियों से दूर रहते हैं।

जियोफोन यूजर्स को मिलेंगे गूगल के शानदार ऐप्स

मुम्बई :   जियो फीचर फोन करने वाले यूजर्स को जल्द ही गूगल के कई बेहतरीन फीचर्स मिल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो फोन में जल्द ही गूगल असिस्टेंट, गूगल मैप्स, यूट्यूब और गूगल सर्च की ऐप्स आ सकती हैं। दरअसल, जियो फोन में KaiOS का इस्तेमाल किया है और ये ओएस आमतौर पर फीचर फोन में इस्तेमाल किया जाता है। गूगल ने KaiOS बनाने वाली फर्म में 22 मिलियन डॉलर का निवेश किया है और इसी के तहत जियो फोन यूजर्स को गूगल की सर्विस मिल सकती है। KaiOS टेक्नोलॉजी के सीईओ सैबेस्टियन कोडविल ने कहा कि ‘गूगल की फंडिंग की मदद से हमें तेजी फास्ट-ट्रैक डेवलपमेंट करने में मदद मिलेगी और KaiOS वाले फीचर फोन में भी स्मार्ट फीचर दिए जा सकेंगे। अभी भी बहुत बड़ी आबादी इंटरनेट से नहीं जुड़ी है और ये हमारे लिए एक तेजी से उभरता हुआ मार्केट है।’ उन्होंने बताया कि ‘गूगल और KaiOS साथ में काम करने के लिए भी राजी हुए हैं और हम KaiOS यूजर्स के लिए गूगल असिस्टेंट, गूगल मैप्स, यूट्यूब और गूगल सर्च जैसी ऐप्स बनाएंगे।’ पिछले साल लॉन्च हुए रिलायंस जियो फोन की वजह से पिछले एक साल के अंदर KaiOS वाले फीचर फोन की बिक्री में 11,400% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं 2018 की पहली तिमाही में ही करीब 23 मिलियन KaiOS फोन बेचे गए।

जापान की राजकुमारी सामान्य नागरिक से शादी करेंगी, शाही दर्जा छिनेगा

टोक्यो: जापान की राजकुमारी अयाको (27) एक सामान्य नागरिक केई मोरिया (32) से इस साल शादी कर रही हैं। केई एक शिपिंग फर्म में काम करते हैं। जापान के कानून के मुताबिक, अगर राजकुमारी सामान्य आदमी से शादी करे तो उनका शाही दर्जा छिन जाता है। वहीं, राजकुमारों के सामान्य लड़की से शादी करने पर उनके शाही दर्जे पर कोई फर्क नहीं पड़ता। जापान में ये दूसरा मौका है जब किसी राजकुमारी का शाही दर्जा छीना जाने वाला है। पिछले साल सितंबर में अयाको की चचेरी बहन राजकुमारी माको ने एक सामान्य शख्स और अपने कॉलेज के दोस्त केई कोमुरो से सगाई की थी। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, राजकुमारी अयाको टोक्यो के मेइजी जिंगु मंदिर में 29 अक्टूबर को शादी करेंगी। इसके साथ ही वे राजपरिवार छोड़ देंगी। हालांकि, राजपरिवार उन्हें 10 लाख डॉलर (करीब 6 करोड़ 85 लाख रुपए) का बोनस देगा। अयाको ने सामाजिक कल्याण में मास्टर की डिग्री ली है। शाही परिवार के एक कर्मचारी के मुताबिक, केई मोरिया से अयाको को उनकी मां राजकुमारी ताकामोदो ने पिछले साल दिसंबर में मिलवाया था। ताकामोदो, केई के माता-पिता को जानती थीं। केई और अयाको दोनों को ही ग्लोबल वेलफेयर, स्कीइंग, किताबों और ट्रेवल का शौक है। राजपरिवार में 40 साल बाद पहला पुरुष उत्तराधिकारी: जापान के कानून के मुताबिक, शाही परिवार की महिलाओं को राजगद्दी पर बैठने का अधिकार नहीं है। राजपरिवार में पुरुष उत्तराधिकारी की कमी के चलते महिलाओं को राजगद्दी सौंपने की चर्चा शुरू हुई। 2006 में राजपरिवार में प्रिंस हिसाहितो पैदा हुए। इसके साथ ही महिलाओं को राजगद्दी दिए जाने पर बहस भी खत्म हो गई। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों के चलते जापान के राजा अकीहितो (84) अगले साल सेवानिवृत होने की योजना बना रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो मई 2019 में राजकुमार नारुहितो जापान के अगले राजा होंगे। जापान में भगवान के बाद दूसरे क्रम पर राजा का दर्जा माना जाता है, लेकिन अकीहितो ने राजा के पद को आधुनिक रूप दे दिया। राजकुमारी माको और उनके मंगेतर केई कोमुरो की इसी साल नवंबर में शादी करने की योजना थी, लेकिन अब वे राजा अकीहितो के राजगद्दी छोड़ने के बाद 2020 में शादी करेंगी।

विरासत ए फैशन : रंगाई की खास तकनीक इक्कत

आप अपने आस-पास कहीं भी देखें, इक्कत आपको नज़र आ ही जाएगा. ये फैब्रिक उन कपड़ों में से है जो भारत में बहुत लोकप्रिय रहा है और आज भी है. ये फैब्रिक भारतीय परिधानों में ही नहीं, बल्कि पश्चिम के डिजाइनरों की भी पसन्द है।

अब इक्कत से सिर्फ साड़ी या सलवार कमीज़ नहीं बनती. उसे बैग, जम्पसूट, ड्रेस मटेरियल और ट्राउजर्स के साथ चादरों, लैम्प शेड्स और क्रॉकरी में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इक्कत डाइ यानि कपड़ों को रंगने का तरीका है जिससे अनोखे पैटर्न के साथ मोड़कर विशेष धागों की सहायता से एक फैब्रिक का रूप दिया जाता है।


इक्कत की शुरूआत दक्षिण – पूर्व एशिया में हुई। इंडोनेशिया के लोग इसे भारतीय सूती धागों पर बनाया करते थे। फैब्रिक का नाम भी इसी देश से आया है। इसके बाद इक्कत की बाँधनी यानि टाई एंड डाई हमारे देश भारत और मलेशिया जैसे देशों में आई, लेकिन अब यह फैब्रिक कई देशों जैसे दक्षिण – पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका, स्पेन, उजबेकिस्तान में भी मिलता है। भारत में आँध्र प्रदेश, गुजरात में इक्कत बनता है मगर आज ओडिशा की पहचान इस फैब्रिक के लिए की जाने लगी है।


इक्कत की बुनाई का तरीका बाकियों से अलग होता है, इसमें धागे बुनने से पहले रंगे जाते हैं। इक्कत को रंगने का तरीका बाँधनी जैसा ही है। ऐसा माना जाता है कि इसे रंगने की तकनीक पाँचवीं या छठीं शताब्दी में खोजी गयी। इक्कत को बनाने के लिए धागे डाइ करने के बाद सुखा कर अच्छे डिजाइन के लिए धागे सही स्थिति में लूम पर रखा जाता है। इसी तकनीक से इक्कत को बनाने में कोई गलती नहीं होती। इसमें ज्य़ामीतिय पैटर्न सबसे अधिक मिलते है, लेकिन फूल, जानवरों और पक्षियों के मोटिफ में भी मिलता है।

नौकरी जाने के 30 दिन बाद निकाल सकेंगे पीएफ का 75 फीसदी पैसा

नयी दिल्‍ली : इम्‍प्‍लॉयज प्रोविडेंड फंड ऑर्गनाइजेशन (ईपीएफओ) निर्णय लिया है कि पीएफ सदस्य नौकरी जाने के एक माह बाद अपने अकाउंट में कुल जमा राशि का 75 फीसदी हिस्‍सा निकाल सकता है, जबकि उसका अकाउंट भी चलता रहेगा। अब तक यह व्‍यवस्‍था थी कि बेरोजगार होने के दो माह बाद पीएफ मेंबर को केवल पूरा पैसा निकालने की ही इजाजत थी, जिस कारण उसका अकाउंट बंद हो जाता था। इसके अलावा सदस्यों को अपने बचे हुए 25 फीसदी पैसे को अगले दो माह के भीतर अंतिम सेटलमेंट के बाद निकालने का भी विकल्‍प दिया गया है।
ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टी की बैठक के बाद लेबर मिनिस्‍टर संतोष कुमार गंगवार ने बताया कि हमने योजना में संशोधन करते हुए पीएफ सदस्यों को बेरोजगार होने के एक माह के बाद अपने अकाउंट से 75 फीसदी पैसा निकालने की छूट देने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि 75 फीसदी पैसा निकालने के बाद ईपीएफओ में अकाउंट रहना एक बड़ी सुविधा है, जिसे रोजगार मिलने के बाद फिर से चालू किया जा सकता है। हालांकि पहले यह प्रस्‍ताव रखा गया था कि बेरोजगार होने पर एक माह बाद 60 फीसदी राशि निकालने की इजाजत दी जाए, लेकिन सीबीटी ने यह सीमा बढ़ा कर 75 फीसदी कर दी। मंत्री ने आगे कहा कि ‘हमने आज सीबीटी मीटिंग में रखे गए पूरे एजेंडे को पास कर दिया। हमने फंड मैनेजरों का कार्यकाल 31 दिसंबर 2018 तक बढ़ाने के प्रस्‍ताव को पास कर दिया। 5 फंड मैनेजरों की नियुक्ति एक अप्रैल 2015 को तीन साल के लिए हुई थी, जिसे पहले 30 जून 2018 तक विस्तार दिया गया था। इसे अगले छह माह के लिए और बढ़ा दिया गया।’ साथ ही, ईटीएफ (एक्‍सचेंज ट्रेडेट फंड) मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसबीआई और यूटीआई म्‍यचुअल फंड को एक साल का विस्तार देने का प्रस्‍ताव भी मंजूर लिया गया। मंत्री ने कहा कि ईपीएफओ का ईटीएफ निवेश जल्‍द 1 लाख करोड़ पार कर जाएगा। मई तक इसमें 47,431.24 करोड़ रुपये निवेश हो चुके हैं। जिस पर 16.07 फीसदी का रिटर्न मिला है।

दीपिका को 6 साल बाद स्वर्ण, विश्वकप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया

सॉल्टलेक सिटी : भारतीय तीरंदाज और रांची की बेटी दीपिका कुमारी ने वर्ल्ड कप स्टेज-थ्री इवेंट में महिलाओं की रिकर्व स्पर्द्धा में स्वर्ण जीता। दीपिका ने करीब छह वर्ष के बाद स्वर्ण पदक जीता है। दीपिका ने जर्मनी की मिशेल क्रोपेन को 7-3 से हराकर सर्किट फाइनल के लिए भी क्वालीफाई कर लिया जो इस वर्ष के आखिरी में होगा। इसी के साथ दीपिका ने तुर्की के सैमसन में होने वाले विश्वकप तीरंदाजी फाइनल के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। दीपिका इससे पहले 2011, 2012, 2013 और 2015 में चार बार विश्वकप फाइनल में रजत जीत चुकी हैं। अभिषेक वर्मा ने व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत जीता। मिश्रित टीम स्पर्धा में उन्होंने वी ज्योति सुरेखा के साथ कांस्य हासिल किया। भारत पदक तालिका में चौथे नंबर पर रहा जबकि उससे आगे अमेरिका, कोलंबिया और चीनी ताइपे रहे हैं।भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी शुरूआत करते हुए 30 में से 29 अंक हासिल किए। 2-0 की बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे सेट में उन्हें क्रोपेन के साथ अंक साझा करने पड़े। जर्मन खिलाड़ी ने तीसरा सेट जीतकर 3-3 से बराबरी कर ली लेकिन दीपिका ने चौथे में 29 और पांचवें सेट में 27 अंक लेकर 7-3 से स्वर्ण जीत लिया