इलाहाबाद : पूर्व पेट्रोलियम मंत्री सत्यप्रकाश मालवीय का शनिवार देर रात दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। मालवीय (84) प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित थे। सत्यप्रकाश मालवीय के पीआरओ डाक्टर वीके दीक्षित ने पीटीआई भाषा को बताया कि सत्यप्रकाश मालवीय का कल रात एक बजे निधन हो गया। उनके परिवार में एक बेटी है। उनकी पत्नी का निधन चार साल पहले हो गया था। इलाहाबाद के मालवीय नगर में जन्मे सत्यप्रकाश मालवीय आपातकाल के दौरान 18 महीने नैनी जेल में बंद रहे। उन्होंने बताया कि मालवीय इलाहाबाद के नगर प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे। उन्होंने अपनी राजनीति, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से शुरू की और बाद में सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हुए थे।
इन्होंने 89 साल की उम्र में शुरू किया नया व्यवसाय
गुवाहाटी : वैसे तो अक्सर लोग 60 की उम्र के बाद अपने काम से थककर अवकाश ग्रहण कर लेते हैं। लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जो उम्र को मात देकर अवकाश ग्रहण करने के बाद ही अपनी दूसरी पारी शुरू करते हैं। इन लोगों के लिए उम्र महज़ एक आँकड़ा है। लतिका जी ने ऐसा ही किया और ऐसी ही कहानी है 89 साल की लतिका चक्रवर्ती की। असम के धुबरी में पैदा हुई लतिका की शादी कृष्ण लाल चक्रवर्ती से हुई, जो सर्वे ऑफ़ इंडिया में एक सर्वेक्षक थे। और उनका बेटा कप्तान राज चक्रवर्ती भारतीय नेवी में अफ़सर हैं।
अपने पति की मृत्यु के बाद लतिका अपने बेटे के साथ रह रहीं हैं। उनके पति व बेटे, दोनों की ही नौकरी ऐसी रही कि उन्हें देश के ज्यादातर शहरों को देखने का मौका मिला। भारत के अधिकतर कोनों को जानने-समझने की यात्रा उनके जीवन का हिस्सा रही। अपने जीवन की इसी यात्रा में उन्होंने हर जगह से खूबसूरत साड़ियाँ, कुर्ते, और अलग-अलग तरह के कपड़ों के रूप में यादें संजोयी हैं। और हर एक याद की बहुत ही अलग सी कहानियां हैं उनके पास।
उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने अपनी इन यादों को कला के जरिये बांटने की सोची। लतिका को हमेशा से ही सिलाई करने का शौक रहा। वे हमेशा पुरानी चीज़ों पर क्रियात्मक डिज़ाइन करके उन्हें नया रूप दे देतीं। और आज उन्होंने अपनी इसी प्रतिभा को फिर से सहेजने की सोची।
अपनी 64 साल पुरानी सिलाई मशीन से लतिका पुरानी साड़ियों और कपड़ों से हैंडबैग या पोटली बनाकर नई कहानियां गढ़ रही हैं। ये वो कपड़े हैं जिनमें सालों की विरासत है।
इतना ही नहीं उन्होंने अपनी एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट भी शुरू की है जहाँ कोई भी उनके द्वारा बनाये गए बैग देख व खरीद सकता है। आज देश के अलग-अलग भागों से लोग उनके काम को सराह रहे हैं और उनके बनाये पोटली बैग खरीद रहे हैं। आप इस लिंक पर जाकर इनके बैग्स देख सकते हैं और खरीद सकते हैं। लतिका जी को हमारा सलाम….ये सचमुच प्रेरणा हैं।
(साभार – द बेटर इंडिया)
भारतीय सबसे अधिक मेहनती, पांच दिन के कार्य सप्ताह से खुश : अध्ययन
मुम्बई : भारत में 69 प्रतिशत पूर्णकालिक कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन काम करके खुश हैं और एक सर्वेक्षण के मुताबिक भारत दुनिया का सबसे अधिक मेहनती देश है। देश के करीब 70 प्रतिशत कर्मियों का मानना है कि उन्हें समान वेतन में कुछ दिन कम काम करने का विकल्प दिया जाए तो भी वह पांच दिन के कार्य सप्ताह को ही चुनेंगे। कार्यबल प्रबंधन से जुड़ी अमेरिका की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी क्रोनोस इन्कॉर्पोरेटेड के सर्वेक्षण के मुताबिक इस सूची में 43 प्रतिशत कर्मियों के समान मत के साथ मैक्सिको दूसरे और 27 फीसदी के साथ अमेरिका तीसरे स्थान पर है। सर्वेक्षण के मुताबिक ब्रिटेन (16 फीसदी), फ्रांस (17 फीसदी) और ऑस्ट्रेलिया (19 प्रतिशत) 5 दिन के मानक कार्य सप्ताह से बहुत अधिक खुश नहीं हैं। उसके मुताबिक वेतन समान रहने पर दुनिया भर के एक तिहाई से अधिक (34 प्रतिशत) कर्मी सप्ताह में चार दिन और 20 फीसदी कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन काम करने की इच्छा रखते हैं। वहीं दुनिया भर के करीब एक चौथाई से अधिक (28 प्रतिशत) कर्मचारी पांच दिन के कार्य सप्ताह से संतुष्ट हैं। इस साल 31 जुलाई से नौ अगस्त के बीच 2,772 कर्मियों में किये गए सर्वेक्षण से पता चलता है कि एक तिहाई से अधिक (35 प्रतिशत) कर्मी हर सप्ताह एक दिन कम करने बदले 20 प्रतिशत कम वेतन लेने को तैयार हैं।
भारत की तीन मुक्केबाजों को स्वर्ण पदक
नयी दिल्ली : भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा) और भाग्वती कचारी (81 किग्रा) ने तुर्की के इस्तांबुल में अहमत कोमर्ट टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रीय चैंपियनशिप की पूर्व पदक विजेता सिमरनजीत ने तुर्की की सेमा कालिस्कन को हराकर खिताब जीता। लाइट फ्लाइवेट वर्ग में चुनौती पेश कर रही मोनिका ने तुर्की की आयसे केगिरर को हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि भाग्यवती ने मेजबान देश की सलमा काराकोयुन को लाइट हैवीवेट वर्ग में हराया।
राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व कांस्य पदक विजेता पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा) को हालांकि स्थानीय दावेदार बुसेनाज साकिरोग्लु के खिलाफ हार के साथ रजत पदक मिला। विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सोनिया लाठेर (57 किग्रा) को भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही। भारत की भाग्यवती को टूर्नामेंट की ‘मोस्ट साइंटिफिक बाक्सर’ चुना गया।
‘जब जब फूल खिले’ के लेखक बृज कात्याल का निधन
मुम्बई : दिग्गज फिल्म लेखक बृज कात्याल का उपनगर बांद्रा में स्थित एक आश्रम में निधन हो गया। कात्याल ने शशि कपूर और नंदा अभिनीत हिट फिल्म ‘‘जब जब फूल खिले’’ की कहानी लिखी थी। लेखिका-निर्देशक और करीबी सहयोगी अनुषा श्रीनिवासन अय्यर के मुताबिक, कात्याल कैंसर से जूझ रहे थे। अय्यर ने पीटीआई को बताया, ‘वह रेक्टल कैंसर से पीड़ित थे और उन्हें शांति अवेदना आश्रम में भर्ती कराया गया था, जहां आज दोपहर बाद उनकी मौत हो गयी। वह 85-86 साल के थे।’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे ही लिखने की कला सीखी है। यह बहुत बड़ी क्षति है।’ फिल्म उद्योग के सबसे सफल लेखकों में से एक कात्याल को ‘‘दिल्लगी’’, ‘सांस’ और ‘पल छिन’जैसे कई टीवी धारावाहिकों के लेखक भी रहे। उन्होंने ‘अजूबा’ और ‘ये रात फिर ना आयेगी’ समेत कई फिल्मों का लेखन किया। कत्याल के परिवार में एक दत्तक पुत्र है।
लोकसभा चुनाव से पूर्व जदयू में शामिल हुए प्रशांत किशोर
पटना : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में रविवार को शामिल हो गए । इससे पहले, किशोर ने ट्वीट कर कहा था कि वे बिहार से अपनी नयी यात्रा शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं। 41 वर्षीय प्रशांत किशोर बिहार के बक्सर जिले के निवासी हैं। प्रशांत किशोर को जदयू में पार्टी स्तर पर क्या जिम्मवारी सौंपी जाएगी, इस बारे में तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन लोकसभा चुनाव से पूर्व उनके पार्टी में शामिल होने पर उनके 2019 के लोकसभा चुनाव में उतरने को लेकर अटकलें शुरू हो गयी हैं। वर्ष 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर को नरेंद्र मोदी के चुनावी रणनीतिकार के तौर पर जाना गया था। प्रशांत ने बाद में भाजपा के धुर विरोधियों से हाथ मिला लिया और 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभाते हुए महागठबन्धन को भारी जीत दिलायी थी । साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सलाहकार के रूप में नियुक्त करके उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया था । हालांकि, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को प्रशांत किशोर जीत दिलाने में असफल रहे थे पर पंजाब में वे उसे जीत दिलाने में सफल रहे थे।
डेयरी कारोबार में उतरा पतंजलि
नयी दिल्ली : बाबा रामदेव का पतंजलि आयुर्वेद अब डेयरी कारोबार में भी उतर गया है। गुरुवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से रामदेव ने कुछ नई कैटेगरी में उत्पादों को बाजार में लाने का ऐलान किया। इसमें दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद मुख्य हैं। पतंजलि जल्द ही उपभोक्ताओं के लिए फ्लेवर्ड आयुर्वेदिक दूध भी मुहैया करा सकता है।
बताया गया है कि कंपनी ने इसके लिए दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पुणे और मुम्बई के करीब 56 हजार दूध विक्रेताओं के साथ करार किया है और इसकी बदौलत संस्थान 2019-20 में 10 लाख लीटर दूध उत्पादन करना चाहता है।
हर्बल पानी में लाएंगे रामदेव: पतंजलि ने पैकेज्ड मिनरल वॉटर भी लॉन्च किया। इसे दिव्य जल के नाम से बाजार में उतारा जाएगा। रामदेव जल्द ही आयुर्वेदिक हर्बल पानी भी बाजार में ला सकते हैं। विदेशी कंपियों को टक्कर देने के लिए रामदेव ने फ्रोजन सब्जियों (मटर, मिक्स वेज, स्वीट कॉर्न और फिंगर चिप्स) को भी लॉन्च किया। रामदेव ने सोलर पैनल और गाय का चारा जैसे उत्पादों को भी बाजार में उतारने का ऐलान किया।
गहरी नींद लाने में करेगा मदद, पसीना भी सोखेगा नासा का तकिया
वॉशिंगटन : नासा ने एक खास तकिया बनाया है, जो गहरी नींद लाने में मदद करता है। साथ ही, पसीना भी सोखता है। नासा ने यह तकिया खास तौर पर अंतरिक्ष यात्रियों को अलग-अलग तापमान में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बनाया है। इसकी कीमत 99 डॉलर (7100 रुपए) से शुरू होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तकिया दो तरह का है। पहली कैटेगरी में हिब्र नाम का तकिया है, जिसकी कीमत 99 डॉलर (7100 रुपए) रखी गई है। इस तकिए में पसीना सोखने वाली फोम का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, दूसरी कैटेगरी में जीक नाम का तकिया आता है। 200 डॉलर (करीब 14 हजार रुपए) वाले इस तकिए में स्लीप सेंसर, स्पीकर और वाइब्रेटर दिया गया है, जो तेज खर्राटे लेने पर यूजर को धीरे से जगा देता है। नासा के मुताबिक, यह तकिया न तो ज्यादा मोटा बनाया गया है और न ही ज्यादा पतला। ऐसे में यूजर को इस तकिए से किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती।
जब गौतम गम्भीर ने लगाई बिंदी और दुपट्टा ओढ़ा
नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेटर गौतम गम्भीर क्रिकेट के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी जिम्मेदारी गम्भीरता से निभाते हैं। और ये बात पिछले कुछ समय से उनके द्वारा किये गए कामों ने साबित भी कर दी है। जी हाँ, छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना हो या फिर कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए एएसआई अब्दुल रशीद की बेटी जोहरा की मदद, गंभीर ने देश में सबका दिल जीता है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा डाले गौतम गंभीर की तस्वीरें जब इंटरनेट पर वायरल हुई तो सब हैरानी में पड़ गये कि क्या चल रहा है। लेकिन इसके पीछे की बात जब लोगों को पता चली तो उनकी हर किसी ने सराहना की। दरअसल, गौतम गम्भीर दिल्ली में हिजड़ा हब्बा के सातवें संस्करण के उद्घाटन में पहुंचे थे। किन्नर समाज के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए उन्होंने बिंदी भी लगाई और दुपट्टा भी ओढ़ा। कार्यक्रम में किन्नरों ने गौतम गम्भीर को उनकी तरह तैयार होने में मदद की थी।
यह समारोह भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को खत्म करने वाले सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के जश्न में आयोजित किया गया था, जिसके तहत समलैंगिक यौन सम्बन्ध को अपराध माना जाता था। यह फैसला 6 सितम्बर, 2018 को किया गया था।
एचआईवी/एड्स अलायन्स इंडिया द्वारा हाल ही में दिल्ली मॉल में वार्षिक हिजड़ा हब्बा का आयोजन किया गया। जहां ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग एक साथ आए। इस साल के लिए थीम ‘बोर्न दिस वे’ थी। इसका उद्देश्य ट्रांस समुदाय की स्वीकृति का संदेश फैलाना और उन्हें सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए सशक्त बनाना था। इसके पीछे की मंशा समुदाय को उनकी प्रतिभा और विभिन्न क्षेत्रों में देश में योगदान करने की उनकी क्षमता के बारे में शिक्षित करना था। यह कोई पहली बार नहीं है कि गौतम गम्भीर ने समाज की उपेक्षा का शिकार इस खास वर्ग के प्रति अपना समर्थन जताया है। इसी साल उन्होंने दो ट्रांसजेंडर्स को अपनी बहन बनाते हुए उनसे राखी बंधवाई थी। गम्भीर ने इसका फोटो भी अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था। एक बार फिर गौतम को उनकी इस पहल के लिए लोगों की प्रशंसा मिली है। ट्विटर पर उनके लिए लोगों ने कुछ ऐसी प्रतिक्रियाएं दीं,
किसी ने कहा, “ऐसा करने के लिए बहुत साहस की जरूरत होती है,” तो एक दूसरे यूजर ने लिखा, “वह मुझे हर बार हैरान कर देता है इस आदमी के लिए बहुत सम्मान”! ‘बहुत बढ़िया। यह आदमी बड़े सम्मान का हकदार है। एक सेलिब्रिटी के लिए यह करना आसान नहीं है। सर से सलाम!” एक और ने प्रशंसा की।
अमेजन के बेजोस बेघर लोगों और स्कूली बच्चों के लिए 14400 करोड़ रुपए दान देंगे
सैन फ्रांसिस्को : अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस बेघर लोगों और स्कूली बच्चों की मदद के लिए 14400 करोड़ रुपये (2 अरब डॉलर) दान करेंगे। उन्होंने इसे डे वन फंड नाम दिया है। यह राशि जरूरतमंद छात्रों को स्कॉलरशिप और दूसरे खर्चों के लिए दी जाएगी।
बेजोस अप्रवासी बच्चों, कैंसर रिसर्च और शिक्षा के लिए पहले चैरिटी कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने ट्विटर पर सुझाव भी मांगे थे कि वो अपनी निजी संपत्ति का इस्तेमाल कैसे करें? सामाजिक कार्यों पर कम राशि खर्च करने के लिए हाल ही में उनकी निंदा हुई थी। अमेरिकी सांसद बर्नी सेन्डर्स ने अमेजन के वेयरहाउसों में काम करने वाले कर्मचारियों की हालत पर चिन्ता जताई थी।
जकरबर्ग ने फेसबुक में अपने 99% शेयर डोनेट किए: दो अरब डॉलर दान देने के बाद भी बेजोस बिल गेट्स और मार्क जकरबर्ग से काफी पीछे हैं। जकरबर्ग फेसबुक में उनके 99% शेयर दान करने का ऐलान कर चुके हैं। बेजोस दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी हैं। उनकी सम्पत्ति 164 अरब डॉलर है। यह मार्क जकरबर्ग की नेटवर्थ 63.9 अरब डॉलर से करीब 100 अरब डॉलर ज्यादा है।
बेजोस की संपत्ति 9 महीने में 64.5 अरब डॉलर बढ़ी: अमेजन के शेयर में तेजी से बेजोस की संपत्ति 9 महीने में 64.5 अरब डॉलर बढ़ी है। वे लंबे समय से दुनिया के अमीर कारोबारियों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। अमेजन 4 सितंबर को 1 ट्रिलियन डॉलर (71 लाख करोड़ रुपए) मार्केट कैप वाली अमेरिका की दूसरी और दुनिया की तीसरी कम्पनी बन गई। शेयर बाजार बंद होने पर इससे नीचे आ गया। अमेजन के शेयर ने पिछले एक साल में 99% रिटर्न दिया।




