Sunday, July 5, 2026
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मधु सिंह की पाँच कविताएँ

मधु सिंह

तुम ले चलो मुझे

तुम ले चलोगे न मुझे
दुनिया की भीड़ से छिपाकर
वहां,
जहां पत्तियों के बीच से
सूरज की किरणें झांकती हो
दुनिया को छूकर महसूस करने के लिए

तुम ले चलोगे न मुझे
वहां
जहां बारिश की बूंद पड़ते ही
मिट्टी की सौंधी खुशबू से
खिल जाता हो
किसानों का रोम- रोम

तुम ले चलोगे न मुझे
वहां
जहां सांझ के ढलते ही
सब लौटते हैं
जिंदगी की दौड़ से थककर
चांद को तकिया बना
एक शिशु सी मुस्कान लिए
सपनों से लिपटने

तुम ले चलोगे न मुझे
वहां
जहां नक्षत्रों और सौर मंडल से
दिखती है एक तैरती पृथ्वी
जहां बसता है
लोगों के बीच
प्रेम का गुरुत्वाकर्षण

तुम ले चलोगे न मुझे
वहां
जहां हवा की सरसराहट
कानों को छू
कह जाती हो एक प्रेम कथा

तुम ले चलो न मुझे
भौरों की दुनिया में
जहां तितलियों के स्पर्श से
खिल जाती हो
कलियां

मुझे ऐसी लोककथाओं की
यात्रा पर ले चलो
जहां संवाद के बाद
एक गहरी चुप्पी हो
और सिर्फ तुम रहो
और मैं रहूं….

 

स्त्री का आदिम इतिहास

इन दिनों
कुछ अजीब स्थिति है मेरी
जीवन की कड़ी परीक्षा की तैयारी
मैं करती हूं स्टडी रूम में नहीं

बल्कि रसोईघर में

हिंदी साहित्य का इतिहास लेकर
घुसती हूं मैं रसोईघर में
सबसे पहले गैस जला
चढ़ाती हूं कढ़ाई में आदिकाल को

फिर भक्तिकाल को
धीरे-धीरे पकाते हुए

मैं पहुंच जाती हूं
सुंगधित रीतिकाल में
और
मसालों को भांजते भांजते
तैयार हो जाता है
पूरा आधुनिक काल

और फिर चारों को
डाइनिंग टेबल पर सजाकर
परोसती हूं सबके सामने
साहित्य का पाकशास्त्र

जिसे चखकर सब करते हैं बहस
मसलन आलोचना की चीरफाड़
और
मैं घिर जाती हूं
कहानी, कविता,उपन्यास
निबंध,
संस्मरणों और आत्मकथाओं के जाल में

और
इस तरह मेरे जीवन की इतिहास गाथा में
रोज जुड़ने लगते हैं ऐसे नये अनुभव
और तैयार हो जाता है

मेरे जीवन के साहित्य का सबसे आदिम इतिहास

3.

 

 

चुप्पी

वो चुप थी
खुद के विरुद्ध
होने वाली साजिशों के खिलाफ

वह सह रही थी सब
चुपचाप
ताकि बचा सके
अपने सुनहरे सपनों को
जिसे वह हर पल जीती थी

उसे नहीं पता था
यह सपना सिर्फ उसका था
साथ रह रहे पुरुष का नहीं
पति वो जरूर है
पर सिर्फ नाम का

वह पुरुष
बार-बार उसकी चमड़ी से
उधेड़ लेना चाहता है
उसके पंख को
ताकि वो उड़ न सके
सपनों की ऊंची उड़ान

वह पुरुष चाहता है
सदा बनी रहे वह दासी
और वह उस पर करे वार
पल-प्रतिपल

वह पुरुष
एक स्त्री के दर्द को भी
कहता है बहाना
और खुद के
दर्द का
पीटता है ढोल

ऐसे ही होते हैं कुछ मर्द
जो अक्सर भरी सभाओं में
उठाते हैं आवाज
महिला सशक्तिकरण का
और फिर
शाम ढलते
करते हैं महिला पर
अपनी शक्ति का प्रयोग

जब कुछ स्त्रियां
उठाना चाहती हैं आवाज
अन्याय के खिलाफ
और उन अपनों के खिलाफ
जिन्होंने बिछा रखा है जाल
लेकिन अक्सर ये स्त्रियां
झूठे आश्वासनों में
उलझ
भूल जाती हैं
परिवार के अपमान के डर से उठाना आवाज

और वे फिर सहने लगती हैं
रोज नया ताना
स्री होने का ताना ….

4.

 

एनीमिया

बूंद बूंद
कतरा कतरा
कुछ रक्त जैसा
बहता हुआ
वह द्रव पदार्थ
पाइप के जरिए
जा रहा था
मांस हाड़ की बनी
उस देह में
जिसमें बसती है
एक बेटी
एक बहन
एक पत्नी
एक मां
और एक औरत
उस देह में
बसता है दर्द भी
जिसे वह सबसे छुपाए
करती है दिनभर का काम

उस औरत के दर्द में छिपा है
एनीमिया
थाइराइड
कैल्शियम की कमी
और न जाने क्या क्या

खामोशी से वह सहती है सब
इसलिए
दुनिया कहती है
ये तो आम बात है
औरतों में
दर्द और शर्म तो
औरत का गहना होता है
जिसे जिदंगी भर
ऐसे ही
पहने रखना है

खोखले रिश्तों को
दिल से निभा रही है वह
सब के होते हुए भी
वह नहीं है
किसी की
वह बस है
उस दर्द की
और दर्द उसका
जो रहते है साथ-साथ
वैसे ही जैसे स्लाइन की चढ़ती
आखिरी बोतल
और अस्पताल में लेटी हर एक औरत
जो ग्रस्त है
एनीमिया से और
अपनों से
जो उनकी नहीं
उनके काम का डंका बजाते हैं..

 

5.
नाखून
उस शख्स के पास बैठते ही
खुद को समेट लिया
 उसने अपनी सीमाओं में
लगातार टकटकी लगाए वह देख रही थी
उसकी ओर बढ़ते पैने नाखूनों को
और हाथों को
जो बार-बार उसके शरीर को छू लेने की कोशिश में
बढाए जा रहे थे
खुद को वो और कितना सिमटती खुद में ही
अंदर से आ रही आवाजों को
वो कर देना चाहती थी शब्दों में बयां
लेकिन ये शब्द औरों के लिए
बस रोजाना उनके साथ
गुजरने वाले शब्द ही तो थे
 काश वो उस आवाज को
बना लेती हथियार
अपने संकोच के खोल से निकल
काट देती
उसकी ओर बढ़ने वाले नाखूनों को
ताकि खुद को दे सके निर्भय विस्तार…

जल्द नए स्वरूप में दिखेगा जलियांवाला बाग का शहीदी कुआं

अमृतसर : जलियांवाला बाग को सैलानियों के लिए आकर्षक बनाने का काम जोरों पर है। अतीत से जुड़ी विरासत को भविष्य के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी गुजरात की कंपनी को सौंपी गई है। जल्द बाग को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। हीदी कुआं को नया रूप दिया जा रहा है।
यह बदलाव होगा
शहीदी कुएं में नीचे तक देखने के लिए लाइटिंग और लैंड स्कैपिंग होगी।
नई शहीदी गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन बनाया जाएगा।
13 अप्रैल 1919 का नरसंहार दिखाया जाएगा।
7-डी थिएटर,पर्यटकों के लिए एसी गैलरी
एलईडी स्क्रीन से इतिहास दिखाया जाएगा
बाग रात 9 बजे तक खुला रहेगा

सर्वाधिक कमाई करने वाली खिलाड़ियों की फोर्ब्स सूची में कोहली एकमात्र भारतीय

नयी दिल्ली : स्टार क्रिकेटर विराट कोहली विश्व में सर्वाधिक कमाई करने वाले खिलाड़ियों की फोर्ब्स की सूची में शामिल एकमात्र भारतीय है और उनकी कुल वार्षिक कमाई दो करोड़ 50 लाख डॉलर है। भारतीय कप्तान हालांकि इस सूची में 17 पायदान नीचे 100वें स्थान पर खिसक गये हैं। इस सूची में बार्सिलोना और अर्जेंटीना के फुटबाल स्टार लियोनेल मेस्सी शीर्ष पर हैं। फोर्ब्स की मंगलवार को जारी सूची के अनुसार कोहली को विज्ञापनों से 2.1 करोड़ डॉलर जबकि वेतन और जीत से मिलने वाली राशि से 40 लाख डॉलर की कमाई होती है। पिछले 12 महीने में उनकी कुल कमाई 2.5 करोड़ डॉलर की रही है। पिछले साल कोहली इस सूची में 83वें स्थान पर थे, लेकिन इस साल वह फिसल कर 100वें स्थान पर आ गए हैं। हालांकि विज्ञापन से उनकी कमाई में 10 लाख डॉलर का इजाफा हुआ है। मेस्सी ने खेलों की दुनिया में सर्वाधिक कमाई करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संन्यास ले चुके मुक्केबाज फ्लायड मेवेदर को शीर्ष से हटाया। अर्जेंटीनी स्टार की वेतन और विज्ञापन से कुल कमाई 12.7 करोड़ डॉलर है। मेस्सी के बाद पुर्तगाल के फुटबालर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नंबर आता है जिनकी कुल कमाई 10.9 करोड़ डॉलर है।

सीतारमण और जयशंकर को सम्मानित करेगा जेएनयू

नयी दिल्ली  :  जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और सुब्रहमण्यम जयशंकर को अपने प्रतिष्ठित पूर्व छात्र (डिस्टिंग्विश्ड अलम्नाई) पुरस्कार से सम्मानित करेगा। जेएनयू की कार्यकारी परिषद ने वित्त मंत्री सीतारमण और विदेश मंत्री जयशंकर को सम्मानित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने बताया कि इस साल अगस्त में होने वाले दीक्षांत समारोह में उन्हें सम्मानित किया जायेगा। सीतारमण ने जेएनयू से एमए और एमफिल की डिग्री हासिल की है, वहीं जयशंकर ने यहां से एम फिल और पीएचडी की पढ़ाई की है।

भारतीय लेखिका को इटली ने दिया नाइटहुड सम्मान

नयी दिल्ली : इतालवी भाषा विशेषज्ञ प्रतिष्ठा सिंह को इटली ने नाइटहुड सम्मान प्रदान किया है। यह सम्मान भारत-इतालवी संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक और राजनीतिक अध्ययन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यहां इटली के भारत में राजदूत लोरेंजो एंगेलोनी द्वारा ‘नाइट ऑफ आर्डर ऑफ द स्टार ऑफ इटली’ के सम्मान से सिंह को नवाजा गया। सिंह एक लेखिका हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय में इतालवी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक इतिहास पढ़ाती हैं। सिंह ने सांस्कृतिक और राजनीतिक अध्ययन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर योगदान दिया है और वह इस सम्मान को हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के लोगों में से एक हैं। सिंह ने बताया कि कैसे इतालवी सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास के अध्ययन ने उन्हें अधिक संवेदनशील बनाया और अपने ही देश के बारे में जागरूक किया ।

जेईई-एडवांस्ड के परिणाम घोषित, चन्द्रेश शीर्ष पर

नयी दिल्ली : जेईई (एडवांस्ड),2019 के परिणाम की शुक्रवार को घोषणा की गई जिसमें महाराष्ट्र के गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। परीक्षा के प्रथम और द्वितीय दोनों पेपर देने वाले कुल 1,61,319 परीक्षार्थियों में से 38,705 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। सफल परीक्षार्थियों में 5,356 लड़कियां हैं। महाराष्ट्र के बल्लारपुर के गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में प्रथम रहे। उन्हें 372 में से 346 अंक मिले हैं। शबनम सहाय लड़कियों में शीर्ष पर रहीं। उन्हें 372 में से 308 अंक मिले हैं।

जी20 के सदस्य देश समुद्र में प्लास्टिक कम करने के समझौता पर सहमत

तोक्यो :दुनिया की 20 बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों (जी 20) ने समुद्र में प्लास्टिक के कचरे की मात्रा में कमी लाने के लिए एक समझौता को लेकर सहमति जताई है। उन्होंने ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति पर भी इस बैठक में चर्चा की। पर्यावरण मंत्री योशियाकी हरादा ने संवाददाताओं को शनिवार देर रात जी20 पर्यावरण एवं ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के बारे में बताया कि जापान ने समुद्री प्लास्टिक कचरा के लिए एक व्यावहारिक संरचना तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इस कदम का सदस्य देशों ने स्वागत किया है। प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। खासतौर पर चीन और अन्य देशों द्वारा प्लास्टिक कचरे के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद यह चिंता और बढ़ गई है। इस प्रतिबंध के बाद जापान सहिक कई देशों में प्लास्टिक कचरा जमा हो रहा है। कारूईजावा के सेंट्रल माउंटेन रिजॉर्ट में हुई यह दो दिवसीय बैठक पहली ऐसी बैठक है जिसमें समुद्र में प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई है। उम्मीद है कि जी 20 के मंत्रियों द्वारा जारी संयुक्त बयान में इसे शामिल किया जाएगा।

राजस्थान की सुमन राव बनीं मिस इंडिया वर्ल्ड 2019

मुम्बई : राजस्थानकी सुमन राव ने मिस इंडिया वर्ल्ड 2019 का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह सीए की छात्रा हैं। विजेताओं की ताजपोशी का कार्यक्रम सरदार वल्लभ भाई पटेल इंडोर स्टेडियम में गत शनिवार को आयोजित किया गया था। राव ने कहा कि वह यह खिताब जीत कर प्रसन्न एवं सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा। मुझे लगता है कि मैं उस समाज के लिए उम्मीद की किरण बन गई हूं जहां से मैं आती हूं और अब मेरी जैसी लड़कियां अपने सपनों को पूरा करने में कभी भी डरेंगी नहीं। मेरा परिवार एवं दोस्त रोमांचित हैं और मैं उनके साथ इस खुशी को मनाने के लिए बेसब्र हूं।”
छत्तीसगढ़ की शिवानी जाधव जो कि इंजीनियरिंग की छात्रा हैं उन्हें मिस ग्रांड इंडिया 2019 का खिताब दिया गया है वहीं बिहार की श्रेया शंकर जो कि मैनेजमेंट की छात्रा हैं उन्हें मिस इंडिया यूनाइटेड कॉन्टिनेंट्स 2019 के खिताब से नवाजा गया। तेलंगाना की संजना विज मिस इंडिया रनर अप 2019 रहीं। प्रख्यात डिजाइनर फाल्गुनी शेन पीकॉक, मिस वर्ल्ड 2018 वेनेसा पोनका डी लियोन, अभिनेत्री हुमा कुरैशी, चित्रांगदा सिंह, आयुष शर्मा, कोरियोग्राफर-फिल्मकार रेमो डी सूजा, धावक दुती चंद और फुटबॉल कप्तान सुनिल छेत्री के पैनल ने विजेताओं का चयन किया।

हाई वोल्टेज करन्ट ने छीने युवती के हाथ -पैर, मंगेतर करने जा रहा है शादी

अहमदाबाद ­: कहा जाता है कि शादी के सात फेरे यानी युगल को सात जन्मों तक बांध देते हैं। फिर चाहे जीवन में कितने भी धूप-छांव, सुख-दु:ख आए, एक-दूसरे का साथ देना ही होता है परन्तु यहाँ बात कुछ अलग है। जो भी इसे सुनेगा, यही कहेगा कि ऐसा तो फिल्मों में होता है। आम जीवन में ऐसा होना सम्भव ही नहीं है। पर, हीरल (लड़की) के चिराग (लड़का) ने यह बता दिया कि प्यार इन्सान को कितना खूबसूरत दिल बख्श देता है। करंट ने हीरल के हाथ-पैर छीन लिए, फिर भी मंगेतर ने कहा कि मैं तुम्हारा साथ निभाऊँगा।

करन्ट ने छीने हाथ-पैर

जामनगर जिले के डबासण गांव की 18 वर्षीय युवती हीरल तनसुख भाइ्र वड़गामा में रहती हैं। उसकी सगाई 28 मार्च को जामनगर के चिराग भाड़ेशिया गज्जर से हुई थी। गर्मी की छुट्टियों में शादी होनी तय हुई थी लेकिन, भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। 11 मई की दोपहर हीरल कपड़े धोकर उसे सुखाने खिड़की के पास पहुँची। हाथ बाहर निकाला, इसी दौरान ईटेंशन तार हाथ पर गिर गया। उसका हाथ वहीं जल गया। पैर में भी करंट लगा, जिससे वह गम्भीर रूप से झुलस गयी।

4 दिन बाद डॉक्टरोंने हाथ खड़े कर दिए

हीरल को तुरन्त जामनगर के जीजी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहाँ उसका इलाज तो शुरू हुआ, पर उसके परिवार वालों को लगा कि अस्पताल वाले उन्हें अंधेरे में रख रहे हैं। पूछने पर यही कहा जाता कि रिपोर्ट अच्छी आ रही है, सब कुछ ठीक हो जाएगा। चार दिनों के बाद डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने हीरल को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भेज दिया जहाँ डॉक्टरों ने कहा कि हीरल का दायाँ हाथ और दोनों पैर घुटने तक काटने होंगे। यदि दुर्घटना के 48 घंटे बाद ही यहाँ ले आए होते, तो स्थिति कुछ दूसरी ही होती।

माता-पिता पर टूटा दु:ख का पहाड़

जब हीरल के माता-पिता को पता चला कि हीरल का एक हाथ और दोनों पैर काटने होंगे, तो उन पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। अब बेटी का जिंदगीभर का बोझ कौन उठाएगा? क्या उसका मंगेतर अब उससे शादी करेगा? हीरल की जिंदगी कैसे कटेगी? इन सभी सवालों से वे काफी परेशान थे। पर इसका समाधान कर दिखाया, उसके मंगेतर चिराग ने। उसने कह दिया कि हीरल का साथ मैं जीवन भर निभाऊँगा? यदि यह हादसा शादी के बाद हुआ होता, तो क्या मैं उसे छोड़ देता। इलाज के दौरान चिराग हीरल के पास ही खड़ा रहा। उसने पल भर के लिए भी हीरल को नहीं छोड़ा। चिराग के इस फैसले को उसके माता-पिता ने पूरा समर्थन दिया।

हीरल ने कहा- चिराग पर गर्व है

हीरल ने  कहा कि मुझे 3-4 दिनों तक कुछ भी होश नहीं था। होश में आने के बाद जब मुझे पता चला कि मेरे हाथ-पांव काटे जाएंगे, तो मैं निराश हो गयी पर चिराग के विचार जानने के बाद मुझे लगा कि सचमुच इस संसार में अच्छे लोग भी रहते हैं। मुझे चिराग पर गर्व है। अस्पताल में चिराग पूरे समय मेरे साथ रहा। उसने अस्पताल के सामने ही एक कमरा किराए पर लिया और मेरी सेवा की। उसके माता-पिता भी मुझे इस स्थिति में स्वीकार करते हैं, तो यह मेरा सौभाग्य है।

लोग मदद के लिए आगे आए
हीरल के साथ हुई यह घटना सोशल मीडिया पर छा गयी है। इससे अहमदाबाद में रहने वाले विरल गज्जर अपने बड़े भाई के साथ हॉस्पिटल पहुँचे और हीरल और चिराग को हर तरह की मदद की।
(दैनिक भास्कर में प्रकाशित अनिरुद्ध सिंह, मकवाणा की खबर)

अम्पाई  के लिए कॉमन इंट्रेंस परीक्षा ‘‘सीईई-अम्पाई-2019-डब्ल्यूबी’’ 23 जून को

कोलकाता :  ‘अम्पाई’ने आम प्रवेश परीक्षा “सीईई-अम्पाई -2019-डब्ल्यूबी .” 23 जून, 2019 को होने की घोषणा की है। यह प्रवेश परीक्षा उच्च शिक्षा विभाग, प.बंगाल सरकार की देखरेख में लगातार 6ठे वर्ष आयोजित की जायेगी।  यह प्रवेश परीक्षा प. बंगाल सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 4-वर्षीय बी.टेक और बी.फार्मा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होगी। इस प्रवेश परीक्षा की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए अम्पाई के सचिव सरदार सोहन सिंह ने कहा “2010 में अंपाई की स्थापना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को इंजीनियरिंग और फार्मेसी के क्षेत्रों में देशभर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों की सुविधा प्रदान करना है। मैं इस वर्ष सीईई-अंपाई-2019- डब्लूबी. परीक्षा में शामिल होनेवाले सभी उम्मीदवारों को इसके लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूँ।  इस वर्ष सीईई-अम्पाई परीक्षा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश जैसे देशभर के कई प्रमुख शहरों के केंद्रों में आयोजित की जाएगी।

सीईई-अंपाई-2019- डब्ल्यूबी के किसी भी श्रेणी से पढ़ाई करनेवाले छात्र पश्चिम बंगाल के निम्नलिखित शीर्ष रैंकिंग इंजीनियरिंग बी.टेक और बी.फर्म कॉलेजों में दाखिला ले सकते हैं.

1. जेआइएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कल्याणी, प.बं. (www.jiscollege.ac.in)

2. नरूला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता (www.nit.ac.in)

3. गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता (www.gnit.ac.in)

4. गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोलकाता (www.gnipst.ac.in)

5. डॉ. सुधीर चंद्र सूर डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेज, कोलकाता (www.dsec.ac.in)

सीईई-अंपाई-2019-डब्ल्यूबी के संयोजक बिद्युत मजूमदार ने कहा कि अम्पाई का उद्देश्य वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित पाठ्यक्रमों में कुशल उम्मीदवारों के चयन के लिए एक पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया तैयार करना है। यह सभी वर्गों के उम्मीदवार जो सूचना विवरण में दिये गये निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं, सीईई-अंपाई-2019-डब्लूबी परीक्षा उन सभी के लिए है। यह परीक्षा डब्लूबीजेईई-18 के पाठ्यक्रम पर निर्धारित होगी और इसके लिए कोई निगेटिव अंक नहीं होगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस वर्ष इस परीक्षा के 6वें संस्करण के में 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। हालांकि प्रवेश के दौरान सिख अल्पसंख्यक छात्रों को वरीयता दी जाएगी, अन्य अल्पसंख्यक और गैर-अल्पसंख्यक छात्रों को भी मेधा सूची के आधार पर प्रवेश पाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार कोई भी छात्र परीक्षा में बैठ सकता है। सीईई-अंपाई-2019-डब्लूबी में उपलब्ध सीटों की कुल संख्या 1164 है। कोई भी छात्र इससे संबंधित विस्तृत सूचना www.ampai.in पर देख सकते हैं। सभी इच्छुक छात्र इस परीक्षा में शामिल होने के लिए दिये गये कॉलेजों के वेबसाइट के माध्यम से ऑफलाइन या फिर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए websitewww.ampai.in वेबसाइट में जाकर फॉर्म डाउनलोड कर उसे ऑनलाइन भर सकते हैं। छात्र ऑनलाइन फॉर्म भरने के दौरान इसका ऑनलाइन आवेदक शुल्क जमा कर सकते हैं, जबकि ऑफ़लाइन आवेदकों को कोलकाता में देय अम्पाई  डिमांड ड्राफ्ट बनाना होगा। इस परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्र 16 जून तक अपना आवेदन पत्र ऑनलाइन व ऑफलाइन जमा कर सकते हैं।