Sunday, April 26, 2026
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अपने साथ दूसरों की भी जिन्दगी बदल रहे हैं मालदा के ये युवा

मालदा : ‘लड़कियों के मामले में पहले मैं भी दूसरे लड़कों की तरह था…अब मुझे महसूस हुआ है कि वे भी हमारी तरह हैं।’ तलाश में युवा प्रशिक्षक बनकर अपनी उम्र के दूसरे लड़कों को सन्देश देते असीम अकरम से हम मिलते हैं तो एक उम्मीद सी बँधती है। हम चाहते हैं कि ऐसे और भी असीम हों जो लड़कियों को मनुष्य समझें और उनके साथ मिलकर बगैर हिचक के काम करें। बेहद पिछड़ा जिला माने जाने वाले मालदा में जब इन युवाओं की सोच और मजूबती से भरे आत्मविश्वास से हमारी मुलाकात हुई तो यह एक अद्भुत अनुभव बन गया और स्मरणीय भी। जागरुकता की मुहिम एक गैर सरकारी संगठन तलाश ने छेड़ी है और मजबूती के साथ इस मुहिम को सफल बना रहा है यूनिसेफ। देखिए…क्या कहता है असीम

जिला प्रशासन के सहयोग से इनमें से कई बच्चों ने तस्करी जैसी समस्या का न सिर्फ सामना किया बल्कि अपने गाँव के अन्य बच्चों और युवाओं को लेकर तस्करी के खिलाफ इन सबने अभियान छेड़ रखा है। कई लड़कियाँ ऐसी हैं जिन्होंने न सिर्फ कम उम्र में अपनी शादी रोकी बल्कि अन्य लड़कियों को भी बचा रही हैं। परिवार और समाज के तमाम विरोधों को सहती हुई वे मजबूती से चट्टान की तरह अपने इरादों को लेकर अडिग हैं और मशाल लेकर चल रही हैं।

इनमें से एक हैं मरियम बानो..। मरियम 2012 से ही तलाश में हैं, आत्म सुरक्षा और कानूनी जागरुकता लाने के लिए काम कर रही हैं। इनकी बहनों के विवाह कम उम्र में ही हो गये थे। 16 साल की उम्र में मरियम का भी विवाह तय कर दिय़ा गया था मगर मरियम के आगे बढ़ने की जिद ने उनको हौसला दिया। मरियम कहती हैं कि मेरा विवाह मेरे चयन का अधिकार है, जब भी होगा..मेरी इच्छा से होगा। मरियम ने 2015 में चाइल्ड लाइन में फोनकर दो बहनों की तस्करी होने से रोका था। असीम बताते हैं कि तस्करी को लेकर कहला, मानिकचक जैसे इलाकों सामाजिक कल्याण विभाग ने भी इन बच्चों की सहायता ली है और उनको नजर रखने को भी कहा गया है। मरियम कहती हैं कि 2012 और 2020 की मरियम में जमीन -आसमान का अन्तर है। तब शादी ही सब कुछ लगती थी और अब आत्मनिर्भर रहकर समाज के लिए, दूसरी लड़कियों के लिए कुछ करने की ख्वाहिश है। अणिमा मण्डल को तो घर से निकलने ही नहीं दिया जाता था। तलाश में आने से पहले बाल विवाह उनकी नजर में गलत नहीं था मगर इस संस्था से जुड़ने के बाद बाल विवाह के नुकसान पता चले। अणिमा के मुताबिक उन्होंने खुद को अभिव्यक्त करना सीखा और आत्मरक्षा भी। अब ये दूसरी लड़कियों को ये सब सिखा रही हैं। सुनिए क्या कहती हैं मरियम और अणिमा।

सागरिका कहती हैं कि पहले उनके परिवार में उनको दायित्व नहीं मिलता था मगर अब सब बदल रहा है। मुस्कुराकर वह कहती हैं – ‘अब मुझे भी महत्व मिलता है और जिम्मेदारी भी।’ समूचे मालदा में ऐसे 800 से अधिक युवा समूह हैं और इनकी सोच हमारी उम्मीद ही नहीं बढ़ा रही बल्कि हौसला भी बढ़ा रही है।

बच्चों को सुनना और समझना जरूरी है

यह परीक्षाओं का मौसम है और अब तो प्रदर्शनों का मौसम भी चल रहा है। ये जरूरी है कि हम अपनी महत्वाकाँक्षाओं का बोझ बच्चों पर न लादें मगर ये भी जरूरी है कि बच्चों को तैयार करें कि वे अपनी पढ़ाई को गम्भीरता से लें। हमारे यहाँ उल्टा होता है..खासकर बंगाल में परीक्षाओं के दौरान बच्चों का इतना अधिक ख्याल रखा जाता है कि वे अभिभावकों पर पूरी तरह निर्भर हो जाता हैं तो दूसरी तरफ ऐसे अभिभावक भी हैं जिनको पता ही नहीं है कि उनके बच्चे पढ़ते किस कक्षा में हैं…यह दोनों ही परिस्थितियाँ सही नहीं हैं। जरूरी है कि बच्चों को मुखर बनाया जाए मगर ये भी जरूरी है कि मुखरता को उदंडता में न बदलने दिया जाये..सवाल यह है कि क्या हम इन बातों का ख्याल रखते हैं। हममें से कितने हैं जो बच्चों को सुनते हैं और सुन भी लेते हैं तो क्या उनको समझते भी हैं..दरअसल, सुनना और समझना तो जरूरी है मगर उससे भी ज्यादा जरूरी है कि उनको सही और गलत का फर्क समझाया जाए। अधिकतर अभिभावक वक्त के अभाव में अपना फोन बच्चों को थमाकर समझ लेते हैं कि उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गयी..क्या तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भर होना सही है? सच तो यह है कि मानवीय स्पर्श की जगह कोई मशीन नहीं ले सकती…फोन से होमवर्क हो भी जाए मगर परिवार और दोस्तों का जो सहयोग है..उसकी जगह कोई नहीं ले सकता…खासकर एक साथ होमवर्क करना…परीक्षाओं को जश्न की तरह देखना…हमें एक बार फिर पीछे मुड़कर देखने की जरूरत है…बच्चों को समझने की जरूरत है…।

बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो प्रतिभाशाली हैं मगर उनके पास कोई ऐसा शिक्षक नहीं जो उनको राह दिखा सके..इस समस्या को ध्यान में रखकर शुभजिता लायी है…क्लासरूम। क्लासरूम की परिकल्पना स्कूलों में शिक्षकों की कमी और आर्थिक आधार पर वंचित बच्चों को ध्यान में रखकर की गयी है जो प्रतिभाशाली हैं मगर शिक्षा से वंचित हैं,,,बहुत से लोग ऐसे होंगे जो शिक्षक बनने की ख्वाहिश रखते हैं मगर बन नहीं सके। शिक्षा असीम है और अपार है…वह सिर्फ किताबों में ही नहीं है..वह कला में, साहित्य में, इतिहास में…कौशल में..खेल में और न जाने कितनी चीजों में शामिल है।
क्लासरूम में 15 से 30 मिनट की रिकॉर्डेड कक्षा होगी जिसका प्रसारण शुभजिता यूट्यूब पर होगा… और वेबसाइट पर भी होगा…लिखित सामग्री हो तो भी स्वागत। इसके बाद .बच्चों के पास आपके विषय से सम्बन्धित प्रश्न हों तो आप उनके उत्तर देंगे…यानी बच्चों की ही नहीं बल्कि आपकी दुनिया भी बडी हो सकती है. विषय का बन्धन नहीं है…वह गणित से लेकर विज्ञान…या कुछ भी हो सकता है..बोर्ड भी कोई भी हो सकता है। आप हमें अपना वीडियो किसी एक पाठ पर बनाकर भेज सकते हैं और शुभजिता के साथ उसे रिकॉर्ड भी कर सकते हैं….आप शिक्षक हैं,,,,पढ़ा रहे हैं तो अच्छी बात है मगर आप शिक्षक नहीं हैं और आपको विषय औऱ क्षेत्र का ज्ञान है तो आप इस अभियान से जुड़ सकते हैं…युवा शिक्षकों और शोधार्थियों का भी स्वागत है

किताबों को पलटने की जरूरत है…कोलकाता में पुस्तक मेला लगा है…जाइए और बच्चों को लेकर जाइए…बहुत से सवालों के जवाब किताबों से ही मिल जाते हैं और मिल सकते हैं।

शुभ सृजन युवा प्रतिभा सम्मान – चित्रांकन

प्रतिभागी – उत्कर्ष जायसवाल
कक्षा – 5
शिक्षण संस्थान- पूर्वांचल विद्या मंदिर


मोबाइल फोन या कम्प्यूटर इस्तेमाल नहीं करते रस्किन बॉन्ड

नयी कृति ‘हैप्पी बर्थडे वर्ल्ड’ के लोर्कापण के सिलसिले में द हेरिटेज स्कूल पहुँचे
कोलकाता : मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड अपनी नयी कृति ‘हैप्पी बर्थडे वर्ल्ड’ के लोर्कापण के सिलसिले में द हेरिटेज स्कूल पहुँचे। यह एक नन्हे पाठकों के लिए लिखी गयी पिक्चर बुक है जिसे वेस्टलैंड पब्लिकेशन ने अपने बाल प्रकाशन रेड पांडा के तहत प्रकाशित किया है। बॉन्ड ने अपना लेखकीय सफर अपने युवा प्रशंसकों तथा इस शिक्षण संस्थान के शिक्षकों के साथ साझा किया। अपने अनोखे अन्दाज में बच्चों को उन्होंने पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करना चाहिए। बॉन्ड ने कहा कि वे मोबाइल फोन या कम्प्यूटर इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस अवसर पर उपस्थित द हेरिटेज स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू और हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रदीप अग्रवाल ने रस्किन बॉन्ड को नववर्ष का कैलेंडर और केबीटी का न्यूज लेटर प्रदान किया।

‘ब्रेक ए लेग’ सीजन -2 में दिखेंगे आयुष्मान – ताहिरा

मुम्बई : ‘ब्रेक ए लेग’ सीजन -2 की शूटिंग हाल ही में आयुष्मान खुराना और ताहिरा कश्यप के साथ शुरू हुई। इसमें शो की संचालक डांस डीवा शक्ति मोहन भी हैं। इस एपिसोड का प्रसारण 27 फरवरी को नृत्य शक्ति यू ट्यूब चैनल पर किया जायेगा। ‘ब्रेक ए लेग’ सीजन -2 का निर्माण नृत्य शक्ति तथा आईटीडब्ल्यू प्लेवर्क्स द्वारा किया जा रहा है। शो में नृत्य नहीं करने वाली शख्सियतों को शामिल किया जा गया है और उनका नृत्य कौशल दिखायी देगा। कठिन नृत्य शैलियों को भी आजमाते हुए दिखेंगे। शो 13 फरवरी को लॉन्च होगा।

सर्वोच्च न्यायालय पहुँचे हेरिटेज लॉ कॉलेज के विद्यार्थी

कोलकाता : हाल ही में हेरिटेज लॉ कॉलेज के विद्यार्थी अपने शिक्षकों के साथ सर्वोच्च न्यायालय पहुँचे। यह एक शैक्षणिक भ्रमण का हिस्सा है। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों सर्वोच्च न्यायालय की बुनियादी प्रक्रिया के बारे में जाना और व्यावहारिक तौर पर जानकारी ली। विद्यार्थी कलकत्ता हाई कोर्ट का भ्रमण भी कर चुके हैं और यह उनके पाठ्यक्रम का अंग था।

सामने आया ‘मैदान’ का टीजर

 मुम्बई : जी स्टूडियो द्वारा निर्मित ‘मैदान’ का टीजर सामने आ गया है। अजय देवगन की इस फिल्म का निर्माण जी स्टूडियो के साथ बोनी कपूर, आकाश चावला और अरुणाव जय सेनगुप्ता कर रहे हैं। फिल्म का निर्देशन अमित रवीन्द्रनाथ शर्मा कर रहे हैं। पटकथा साईवाँ कुन्द्रा की है और संवाद रितेश शाह ने लिखे हैं। फिल्म इसी साल 27 नवम्बर को प्रदर्शित होगी।

महानगर में खुला जिम एक्सट्रीम

कोलकाता : फिटनेस की चाहत रखने वालों के लिए महानगर में जिम एक्सट्रीम आ गया है। हाल ही में मिस्टर वर्ल्ड यतिन्दर सिंह ने इस जिम का उद्घाटन किया। यह जिम 5 हजार वर्ग फीट इलाके में फैला है। जिम एक्सट्रीम में अन्तरराष्ट्रीय मापदंडों का ख्याल रखा गया है। इसमें योग, मिक्स्ड, डांस, बच्चों की गतिविधियों, फ्री जुम्बा मिक्स मार्शल आर्ट्स, इन्डोर क्रिकेट, स्टेम समेत अन्य सुविधाएँ शामिल हैं। जिम प्रबन्धन के मुताबिक जिम में वेट ट्रेनिंग के साथ शरीर के हर अंग के लिए मशीन हैं। ट्रेडमिल तथा रोइंग मशाीन हैं। जिम सोमवार से शनिवार तक खुला रहेगा जबकि महिलाओं के लिए सुबह 10.30 से दोपहर 2 बजे तक का समय रखा गया है।

रास बिहारी बोस को स्मरण किया गया भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज में 

कोलकाता :  गणतंत्र दिवस के इकहत्रवें राष्ट्रीय पर्व पर स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। नाट्य कला के विद्यार्थी आदित्य ने रास बिहारी बोस बन कर अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई की कहानी सुनायी।रासबिहारी बोस का जन्म वर्धमान जिले में हुआ था और बंगाल के साथ साथ देश के लिए जीवन पर्यंत कार्य करते रहे।युगांतर, आजाद हिंद और इंडियन इंडिपेंनडेस लीग आदि संगठनों से जुड़े रहे। इस अवसर पर मार्च पास्ट कर तिरंगे को सलामी दी भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज की एनसीसी केडेट्स और आईसीएसई और आईसीएस के विद्यार्थियों ने। मैनेजमेंट के अध्यक्ष श्री चंपक लाल ए दोशी और सभी प्रमुख पदाधिकारी ने ध्वजारोहण में भाग लिया।आयुष पांडेय ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कॉलेज के डायरेक्टर डॉ सुमन मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में गणतंत्र दिवस के महत्वपूर्ण आयामों पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष श्री चंपक लाल ए दोशी ने अपने भाषण में बच्चों और शिक्षक शिक्षिकाओं को अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय पर्व मनाने के लिए प्रोत्साहित किया और शुभकामनाएं दीं। कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने उपाध्यक्ष मिराज डी शाह को रासबिहारी बोस का मोमेंटम प्रदान किया।प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी के संयोजन में एनसीसी के विद्यार्थियों ने स्वयं सुरक्षा की कलाओं का प्रदर्शन किया। डॉ दिव्येष शाह, डॉ वसुंधरा मिश्र, दिव्या ऊडीसी, नलिनी पारेख, रेणुका शाह, पंकज सेठ, अमर सेठ, सोहिला एवं कॉलेज और स्कूल के अभिभावकों और बच्चों की उपस्थिति रही। डॉ वसुंधरा मिश्र ने कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

ब्रेथवेट एण्ड कम्पनी लिमिटेड में 71 वां गणतंत्र दिवस समारोह

कोलकाता :  गत  26 जनवरी को ब्रेथवेट एण्ड कम्पनी लिमिटेड में गणतंत्र दिवस भव्यता के साथ मनाया गया। अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक यतीश कुमार ने कॉर्पोरेट कार्यालय / क्लाइव वर्क्स और विक्टोरिया वर्क्स में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राम प्यारे राम, सदस्य- मेयर इन कौंसिल, झंडोत्तोलन समारोह के दौरान उपस्थित थे। समारोह में सलीम जी. पुरुषोत्तमन, निदेशक (उत्पादन), सभी वरिष्ठ अधिकारी, ट्रेड यूनियन के  नेता और सभी वर्गों के कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और इस उत्सव को सफल बनाया।  अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक यतीश कुमार की पत्नी  स्मिता गोयल भी इस अवसर पर उपस्थित थीं और उन्होंने संगठन के विकास के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं। सलीम जी. पुरुषोत्तमन, निदेशक (उत्पादन) ने भी इस अवसर पर कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ  दीं I उन्होंने कर्मचारियों को उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने और सफलता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रेथवेट की प्रबंधन टीम लगातार विकास और संगठन की सफलता के लिए प्रयास कर रही है। ट्रेड यूनियनों के नेताओं श्रीकांत यादव, मोहम्मद फारूक आजम, सी. के. सिंह और बिजय कुमार राय ने भी इस अवसर पर अपनी बातें  रखीं और हमारे प्यारे अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक यतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में आगे भी विकास की कामना की। उपस्थित सभी कर्मचारियों  को संबोधित करते हुए यतीश कुमार, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने गणतंत्र दिवस के महत्व को समझाया और टिप्पणी की कि भारत में,  ‘स्व’(स्वतंत्रता) से  ‘गण’(गणतंत्र) में बदलाव के लिए तीन वर्ष लग गए और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि ब्रेथवेट  की सफलता सभी कर्मचारियों और उनके बीच एकता के ठोस प्रयास के कारण संभव हुई है। उन्होंने कामना की कि एकता की विरासत बनी रहे जो ब्रेथवेट को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और इसकी उपस्थिति पूरे देश में फैलेगी। एंगस वर्क्स में, श्री पी.के.सिन्हा, उप महाप्रबंधक (फाउंड्री) ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कर्मचारियों को संबोधित किया।