Friday, June 19, 2026
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राज्य सरकार को शालबनी का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल सौंपने की प्रक्रिया शुरू

कोलकाता/ शालबनी  : जेएसडब्ल्यू  ग्रुप की सामाजिक विकास शाखा, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन  ने फिलहाल शालबनी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (SSH) तथा इसकी परिसंपत्ति को राज्य सरकार को सौंपने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। वर्ष 2018 में बंगाल सरकार ने चिकित्सा परिसर के कामकाज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, एक अद्वितीय सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (PPP) के तहत इस अस्पताल के संचालन एवं प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन को सौंप दी थी।

शालबनी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पश्चिम बंगाल में सरकार की पहल के तहत स्थापित अस्पतालों में से एक है, जिसका उद्देश्य आम जनता को कम खर्च पर प्रभावी चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराना है। पश्चिम बंगाल सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना के साथ-साथ, यह अस्पताल शायद देश की किसी भी राज्य सरकार द्वारा किया गया एक अभूतपूर्व प्रयास था, जिसके लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी अत्यंत आवश्यक थी। पीपीपी समझौते के तहत,  जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन पिछले 2 सालों से इस अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को एक ऐसे स्तर पर संचालित कर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर आम जनता, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को मुफ्त में इलाज की सुविधा प्रदान की जा सके। यहां आने वाले मरीजों को बेहतरीन परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए,जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन ने ब्रिटने के प्रसिद्ध विशेषज्ञों को भी सालबोनी अस्पताल से जोड़ने का प्रयास किया।

शालबोनी में सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के संचालन कार्यों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन, संगीता जिंदल ने कहा, “सालबोनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की चिकित्सा सुविधाएं, दरअसल हमारे देश में लोगों को किफायती दरों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिकनिजीभागीदारी की जरूरत को दर्शाती है। जेएसडब्ल्यूफाउंडेशन ने अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए वर्तमान में सकारात्मक बदलाव लाने तथा इस अस्पताल को उपलब्ध कराए गए संसाधनों को अच्छी तरह संचालित करने का प्रयास किया है। पिछले 2 सालों में हमने इस सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र में निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इस अवसर पर जेएसडब्ल्यू  फाउंडेशन के सीईओ अश्विनी सक्सेना भी उपस्थित थे। कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित उपयुक्त स्वास्थ्य केंद्रों की अहमियत को देखते हुए, राज्य सरकार ने शालबनी के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का दायित्व संभालने का फैसला किया ताकि इसे कोविड-19 के लिए समर्पित लेवल-IV हॉस्पिटल बनाया जा सके। एक बार फिर यह अस्पताल इस इलाके में मौजूद उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्रों में से एक होगा, जो इस तरह की सेवाओं के लिए अस्पताल की अहमियत के साथ-साथ जनता की भलाई के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

द न्यू नॉर्मल : भारत में आॉनलाइन शिक्षा का अभ्युदय

लॉकडाउन के कारण हमारी जिन्दगी बदली है और शिक्षा पद्धति भी। अब तेजी से ऑनलाइन कक्षाओं का बाजार बढ़ रहा है और केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार तेजी से उभरता हुआ यह क्षेत्र 15 हजार करोड़ रुपये का है।
एडुटेक संस्थानों ने लॉकडाउन के दौरान इस अवसर का पूरा लाभ उठाया। बार्क इंडिया तथा निएलसन की रिपोर्ट बताती है कि एडुकेशन ऐप पर बिताया जाने वाला समय लॉकडाउन के दौरान 30 प्रतिशत बढ़ गया। बाई जूस और अन अकादमी के अतिरिक्त अन्य एडुटेक कम्पनियाँ भी उत्साहित होकर आगे आ रहाी हैं और शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों औऱ पेशेवर वर्ग की सहायता कर रही हैं। ऑनलाइन शिक्षा के कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों पर एक नजर –
एडु ब्रिस्क
स्कूलों और छात्रों के लिए एक मस्तिष्क-अनुकूल शैक्षणिक समाधान माध्यम है जिसने ‘क्लासरूम टू वर्चुअल क्लासरूम’ कार्यक्रम शुरू किया है। यह स्कूलों को महज 24 घंटे में लाइव होने में मदद करता है। एडुब्रिस्क ने भारत में इस शिक्षा कार्यक्रम को शुरू करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मानव संसाधन में निवेश किया है और लॉकडाउन शुरू होने के बाद से 30 स्कूलों को अपनी सेवाएँ दी हैं। अगले 2 महीनों में 150 -200 स्कूलों से जुड़ने की योजना है।
क्लासरूम डॉट लाइव
अनथिंकेबल सॉल्यूशन्स एलएलपी ने शिक्षा प्रदाता मंच क्लासरूम डॉट लाइव शुरू किया। यह शिक्षकों और विद्यार्थियों को उनकी सुविधा के अनुसार उनके घरों में से ही जुड़ने की अनुमति देता है। यह माध्यम अप्रैल 2020 के मध्य में लाइव हो गया और कुछ ही हफ्तों में, 75 से अधिक स्कूलों और संस्थानों के 40000 विद्यार्थियों ने इसका सफलतापूर्वक उपयोग करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, Classroom.live प्रति दिन 1 लाख सत्र स्क्रीनिंग करता है।
इन्टेलीपाट
इन्टेलीपाट ऑनलाइन प्रशिक्षण उद्योग में अग्रणी है जो पेशेवरों और कॉर्पोरेटों के लिए पैन इंडिया के प्रसाद के साथ ऑनलाइन व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और प्रमाणन प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है। मंच 1000+ प्रशिक्षकों के साथ विश्व स्तर पर पेशेवरों के लिए 150 से अधिक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। वर्तमान में, वे 50 से अधिक देशों में काम कर रहे हैं और 6 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को उनकी प्रतिभा को विकसित करने में मदद कर रहे हैं।
सुरासा
सुरासा सेवारत और सेवा देने जा रहे शिक्षकों की शिक्षा के लिए वन-स्टॉप समाधान है। अपनी पहली नौकरी पाने से पहले शिक्षकों को रोजगार योग्य बनाने के लिए, सुरासा एक स्नातक स्तर का शिक्षण योग्यता कार्यक्रम यामनी ग्रेजुएट लेबल टीचिंग क्वालिफिकेशन उभरते हुए शिक्षकों को प्रदान करती है। इच्छुक शिक्षक इसे ऑनलाइन या केन्द्र से प्राप्त कर सकते हैं। आज, 8,000 शिक्षक मंच इससे जुड़े हैं औऱ 300 ने सुरसा की स्नातक स्तर की योग्यता हासिल की है। कंपनी अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के लिए उच्च विकास के अवसर भी प्रदान करती है।
टेलरैंग कॅरियर ट्रेनिंग
टेलरैंग कॅरियर ट्रेनिंग एक अग्रणी संस्थान है जो विद्यार्थियों औऱ पेशेवरों को उनकी आवश्यकतानुसार काम के लिए कुशल बनाता है। तलरंग भारत की 350 से अधिक कम्पनियों के साथ काम करता है। कम्पनी का दावा है कि उसके 90 प्रतिशत नियोक्ताओं के अनुसार काम के लिए तैयार बताये गये। पिछले 4 सालों में कम्पनी ने 99 प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड बनाया है।

कोरोना काल में हावड़ा नवज्योति का सेवा कार्य

कोलकाता :  हावड़ा नवज्योति को बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ काम करने का अवसर मिला है । हावड़ा नवज्योति और बैंक ऑफ बड़ौदा ने 100 जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन प्रदान करने के लिए सहयोग किया । ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र के इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा, श्री चंदन दत्ता, उप । क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सुमित गुप्ता, प्रबंधक और श्री कुणाल जोशुआ एक्का, प्रबंधक उपस्थित रहे और सक्रिय रूप से इसमें भाग लिया ।

कोरोना के खिलाफ हमारी दवा ‘कोविफॉर’ को मंजूरी, जल्द मिलेगी भारत में

कोलकाता : अग्रणी जेनरिक फार्मास्यूटिकल कम्पनी हेट्रो द्वारा कोरोना के उपचार हेतु निर्मित कोविफॉर (रेमडेसिविर) को मंजूरी मिल गयी है। अब यह भारतीय बाजार में उपलब्ध होगी। यह एक एंटीवायरल मेडिसिन दवा है और इसे ड्रग कन्ट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से मंजूरी मिल गयी है। हेट्रो ग्रुप ऑफ कम्पनीज के चेयरमैन डॉ. बी. पार्थसारथी रेड्डी ने कहा ‘कोविफॉर (रेमडेसिविर) भारत में गेम चेंजर साबित हो सकती है। दवा का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और हम सरकार के साथ काम करते रहेंगे। यह भारत में ही निर्मित दवा है।’ दवा को डीसीजीआई द्वारा प्रयोगशाला द्वारा सत्यापित तथा संदिग्ध कोरोना के मामलों में बच्चों, गम्भीर लक्षणों के साथ अस्पताल में गये मरीजों को देने की अनुमति मिली है। यह दवा 100 एम जी वायल (इन्जेक्टेबल) के तौर पर उपलब्ध होगी और इसे कुशल चिकित्सक के परामर्श पर बच्चों तथा वयस्कों को दिया जा सकेगा। कोविफॉर (रेमडेसिवीर) 100 मिली ग्राम की शीशी (इंजेक्टेबल) में उपलब्ध रहेगी जिसे अस्पताल में डॉक्टर की निगरानी में इंट्रावीनसली दिया जाएगा। इस उत्पाद को गिलीड साइंसेस इंक के लाइसेंसिंग अग्रीमेंट के तहत लॉन्च किया गया है ताकि निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में कोविड-19 के इलाज का विस्तार किया जा सके।

सौरव गांगुली, सुनील छेत्री जेएसडब्ल्यू सीमेंट के ब्रांड अम्बासडर

कोलकाता : बीसीसीआई के वर्तमान अध्यक्ष सौरभ गांगुली और भारतीय फुटबॉल टीम के और बंगलुरू एफ सी के कप्तान सुनील छेत्री जेएसडब्ल्यू सीमेंट के ब्रांड अम्बास्डर होंगे। ये दोनों कम्पनी के ‘लीडर्स च्वॉइस’ विपणन अभियान का चेहरा होंगे। विज्ञप्ति के अनुसार जेएसडब्ल्यू समूह ने पहली बार किसी विपणन अभियान में शीर्ष खिलाड़ियों को शामिल किया है। जेएसडब्ल्यू सीमेन्ट के प्रबन्ध निदेशक पार्थ जिन्दल ने कहा कि इन दोनों ने ही कप्तान के रूप में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को क्रिकेट और फुटबॉल की दुनिया में नयी ऊँचाई दी है। सौरभ गांगुली तथा सुनील छेत्री, दोनों ने ही अपनी इस नयी भूमिका को लेकर खुशी जतायी। गांगुली ने कहा, ‘‘ मुझे जेएसडब्ल्यू सीमेंट से जुड़कर खुशी हुई है। कम्पनी को अपने ब्रांड की विरासत, उत्पाद की गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।” छेत्री ने कहा, ‘‘ एक एथलीट के रूप में मैं उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने में विश्वास करता हूँ। इसके साथ ही मैं समाज की भलाई और विकास में योगदान देता हूँ। जेएसडब्ल्यू सीमेंट 14 अरब डॉलर के जेएसडब्ल्यू समूह की कम्पनी है। कम्पनी ने गत 20 जून से पश्चिम बंगाल, बिहार और ओड़िशा में नया मार्केटिंग अभियान लीडर्स चॉइस शुरू किया है।

कोरोना के खिलाफ सामाजिक दूरी के पालन में मदद करेगी ‘रेखा’

कोलकाता : कोरोना जैसी संक्रामक महामारी के खिलाफ हेरिटेज इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एचआईटीके) के छात्र ने एक अनोखा गजट बनाया है। बी. टेक अन्तिम वर्ष के विद्यार्थी अमित सिंह मौर्य इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग का विद्यार्थी है। यह गजट किसी की भी बेल्ट से जोड़ा जा सकता है और सामाजिक दूरी नियमों का उल्लंघन करने की स्थिति में यह गजट 2 मीटर की दूरी से ही उपयोगकर्ता को सजग कर देगा। अमित के अनुसार गजट का नाम ‘रेखा’ है और इसकी कीमत मात्र 400 रुपये है। अमित इस समय एक अन्य ऐप ‘दृष्टि’ पर काम कर रहा है जो कोविड -19 पॉजिटिव मरीजों को डॉक्टर से ऑनलाइन जोड़ सकेगा।

रात गुजार लेती हूँ

पार्वती शॉ

घनघोर अँधेरी रात में
घड़ी की सुइयों की आवाज़
पंखे के चलने की आवाज़
कुत्ते का भौकना
साँसों का चलना
सब कुछ गूँज रहा है
लोग सो रहे हैं
मैं जाग रही हूँ….
मेरे सामने अन्तर्द्वन्द्व की बौछार है
इन सब बीच अचानक मन होता है
चीख़ने,चिल्लाने ,ख़ूब रोने का
लेकिन मैंने मन को
संवेदनाओं को
विचारों को दबा रखा हैं
वरना सब जाग कर डर जाएंगे…..
रात किसी तरह गुजार लेती हूँ
कभी किताबों के साथ
कभी मोबाइल में बजते गानों के साथ
कभी विचारों में खोये रहने के साथ
दिल के कोने में बसे साथी के साथ ..…
देखती हूँ सूरज निकल आया है ।।।।

बंगाल के अधिवक्ता ने साइबर अपराधियों से बचाव के लिए बनाया मोबाइल एप्लिकेशन 

कोलकाता : कोलकाता के एक अधिवक्ता ने साइबर अपराधियों से बचाव के लिए एक नया मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है। एप्लीकेशन का नाम है साइबर कानून। इस मोबाइल एप्लीकेशन को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
एप्लीकेशन तैयार करने वाले अधिवक्ता का नाम विभास चटर्जी है। विभास ने रविवार को बताया कि कोरोना वायरस के संकट काल में पूरा प्रशासन लोगों के लिए राहत और बचाव में जुटा हुआ है। स्वास्थ्य कर्मियों, अस्पतालों और संक्रमित क्षेत्रों की सुरक्षा में अधिकतर पुलिसकर्मी लगे हुए हैं। ऐसे मौके का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। बैंक फ्रॉड से लेकर व्हाट्सएप, फेसबुक, टि्वटर आदि सोशल प्लेटफार्म के जरिए से भी धड़ल्ले से ठगी हो रही है। इसमें साधारण परिवारों के लोग और गांव के किसान तक फंसते जा रहे हैं। इसलिए मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है। ताकि लोग साइबर अपराधों को समझ सके। दरअसल उन्होंने अपने मोबाइल एप्लीकेशन में साइबर अपराध से बचने, साइबर कानून और साइबर अपराधियों को पहचानने से संबंधित शानदार उपाय बताए हैं। विभास ने कहा कि वर्तमान दौर में लोगों को सबसे अधिक साइबर अपराधियों से ही बचने की जरूरत है। इसलिए उन्होंने यह मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है। साइबर लॉ इन हिंदी नाम से अंग्रेजी में सर्च कर इस मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने इसके पहले बांग्ला में भी इसी तरह का मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया है जो काफी लोकप्रिय रहा है।

मैथिली नहीं गाएंगी अब बॉलीवुड कवर गीत

पटना : अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन से सभी कलाकारों में मायूसी छा गयी है।।उनकी मौत के कारणों को लेकर तमाम चर्चाए सामने आ रही।।जिसमे नेप्टीजम भी बड़ा कारण सुनने में आ रहा।।इसी कड़ी में देश की छोटी उम्र में अपने गीतों से अलग पहचान बना चुकी मैथिली ठाकुर ने भी सुशांत सिंह राजपूत को अपना पसंदीदा अभिनेता बताते हुए निधन पर शोक जताया है।।।साथ ही उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया की अब वो बॉलीवुड के कवर सांग को नही गाएंगी।।

मैथिली ठाकुर के छोटे भाई ऋषभ ठाकुर के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल से रिलीज हुई वीडियो में मैथली ठाकुर व ऋषभ ठाकुर सुशांत सिंह राजपूत के निधन से आहत दिखे और उन्होंने वीडियो में इसका जिक्र किया।।मैथली पिछले दो दिनों से इन सब बातों को लेकर परेशान थी।।इसलिए उन्होंने ये फैसला लिया कि अब वो कोई भी बॉलीवुड कवर सांग नही गाएंगी।।

काकी जी कहिन

काकी आशा पांडेय का कलेजा हाथियों के प्रति हो रही क्रूरता से दहला है…सुनिए वह क्या कहती हैं