Saturday, June 20, 2026
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गुरु पूर्णिमा पर मेरी कलम से

निखिता पांडेय

आज गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर सभी गुरुजनों को धन्यवाद ज्ञापित करती हूं कि मुझे इस काबिल बनाया कि हर काम को सही ढ़ंग से प्रस्तुत कर पाऊं। ‘गुरु’ शब्द अपने आप में सम्पूर्ण जगत है,इसे किसी विशेष सम्मान या पद की आवश्यकता नहीं,बल्कि इन्हें शिष्यों की चाह होती है। ये अपना सर्वस्व ज्ञान,मेहनत,सीख सब कुछ एकनिष्ठ भाव से अपने शिष्यों को समर्पित कर देते हैं। उनके लिये सदैव तत्पर रहते हैं। जिस प्रकार एक पेड़ को सींचने में पूरा जीवन न्योंछावर हो जाता है,उसी प्रकार हमारे गुरु हमारा पोषण करते हैं।

मेरी पहली गुरु मेरी ‘मां’ है,जब संतान उनकी गर्भ में रहता है,तभी से वह सीखना प्रारंभ कर देता है और पैदा होने के बाद सबसे पहला शब्द ‘मां’ ही निकलता है। एक मां के लिये इससे बड़ा सुखदायी पल और कुछ नहीं हो सकता और एक गुरु की यह सबसे मीठी दक्षिणा होती है। पिता रूपी गुरु के बारे में कहने पर शब्द कम पड़ जायेंगे,वे कष्टों का घूंट पीकर हमें बड़ा करते हैं। मेरे जीवन को बढ़ाने में इनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिका है। भावी जीवन की शिक्षा-दीक्षा शिक्षक करते हैं और यही हमारे जीवन की नैया पार लगाते हैं। मेरे जीवन में खिचड़ी,आंगनबाड़ी स्कूल से लेकर काॅलेज समय तक के सभी गुरुजनों का विशेष महत्व है। चाहे वह छोटे में ड्रेस पर पानी गिरा देने से लेकर गणित की फटकार काॅलेज में पानी पूछकर पीने तक की यात्रा में इन्हीं की छाया रही है। यही है जिनके कारण कहीं भी समय से पहले पहुंचना और अनुशासन में रहना सीख पायी हूं। अपने गुरु के कारण ही सबकी दुलारी,बकबकिया और परेशान करने वाली बनी हूं। आज मैं जो भी हूं,जितना भी जानती हूं सब कुछ मेरे माता-पिता और मेरे गुरुजनों के आशीष के कारण संभव है। सिर्फ आज ही इनका गुणगान करूं यह मैं नहीं…किसी भी चीज़ को मनाने का एक दिन नहीं होना चाहिये….बल्कि हर पल खुद को खुशनसीब मानना चाहिये कि जो भी है इनकी बदौलत है,ये न हो तो सब असंभव है। मेरा अनुभव और मेरी धारणा यही है। संत कबीर की भक्त हूं,तो चंद पद उनका यह रहा –

“यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान।

शीश दियो जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान।।”

गुरू की महिमा बताना तो सूरज को दीपक दिखाने के समान है। गुरु की कृपा हम सब को प्राप्त हो।ये रही गुरु के प्रति मेरे मन की बात।

 

अब किराये पर लीजिए मारुति सुजुकी की कार

नयी दिल्ली :  अगर आप कोरोना काल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर नहीं करना चाहते हैं और अभी आपकी नई कार खरीदने की कोई योजना नहीं है तो मारुति सुजुकी ने एक नयी योजना शुरू की है। कंपनी कार को लीज पर दे रही है। कंपनी ने इसे मारुति सुजुकी सबस्क्राइब ब्रांड नाम से पेश किया है।
लीज की ऑटो योजना में कोई कंपनी थोड़े समय के लिए ग्राहक को उसके निजी इस्तेमाल के लिए सशर्त वाहन देगी। इसके लिए ग्राहक को कार की पूरी कीमत देकर खरीदना नहीं होता और कार पर अंतिम मालिकाना हक भी कंपनी का बना रहता है। ग्राहक जब तक कार अपने पास रखेगा तभी तक किराया चुकाना होता है।
कम्पनी ने गुरुग्राम और बेंगलुरू में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस सेवा को शुरू किया है। इसके तहत वह स्विफ्टस डिजायर, वितारा ब्रिजा औऱ इरिटिगा को मारुति सुजुकी अरिना के जरिए बालेनो,  Ciaz और एक्सएल को नेक्सा से किराए पर देगी।
इस सेवा के लिए उसने ओरिक्स ऑटो इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। यह जापान की ओरिक्स कॉरपोरेशन की सिस्‍टर कंपनी है जो भारत में इस सेवा का परिचालन करेगी। गौरतलब है कि हुंडई इंडिया ने भी इस तरह की सेवा की शुरुआत की थी। इसे शुरुआत में 6 शहरों में खुद के इस्तेमाल के लिए किराए पर वाहन उपलब्ध कराने वाली कंपनी रेव के साथ साझेदारी में शुरू किया गया।

साइकिल गर्ल ज्योति कुमारी पर बनेगी ‘आत्मनिर्भर’ फिल्म, खुद निभाएंगी मुख्य किरदार

पटना :  लॉकडाउन के चलते कई प्रवासी मजदूरों ने अपने घरों तक पहुंचने के लिए लंबे सफर तय किए हैं। इन्हीं में से एक हैं ज्योति कुमारी जिन्होंने अपने जख्मी पिता को घर पहुंचाने के लिए 1200 किलोमीटर साइकिल चलाई थी। ज्योति के इस कारनामे को अब एक फिल्म के जरिए दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा जिसमें खुद ज्योति ही लीड रोल निभा रही हैं।

शाइन शर्मा जल्द ही ज्योति की कहानी को दिखाने के लिए आत्मनिर्भर फिल्म डायरेक्टर करने जा रहे हैं। फिल्म की कहानी ज्योति के गुरुग्राम से बिहार तक के सफर में आई दिक्कतों पर बनाई जाएगी। इसे हिंदी, इंग्लिश और मैथिली भाषा में बनाया जाएगा। फिल्म को डायरेक्ट करने के साथ शाइन ने अपने दोस्तों मिराज, फैरोज और सजित नाम्बियर के साथ इसे प्रोड्यूस भी किया है। इसे वीमेकफिल्म के बैनर तले बनाया जाएगा।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक आत्मनिर्भर फिल्म को असल लोकेशन पर ही फिल्माया जाएगा हालांकि ये डॉक्यूमेंट्री नहीं होगी। इस सफर के बारे में ज्योति कुमारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, अगर मैं इस सफर पर नहीं निकलती तो मेरे पिता भूख से मर जाते। लॉकडाउन के बाद परेशानियां बढ़ गई थीं। मकान मालिक हमें घर से भगाना चाहते थे। हमारे किराया ना देने पर उन्होंने दो बार पॉवर भी काट दिया था। मेरे पिता के पास कोई इनकम नहीं थी हमें किसी तरह घर पहुंचना था।

पुरानी साइकिल खरीदकर किया 1200 किमी सफर

इस बारे में आगे ज्योति ने बताया, मैंने अपने पिता से कहा कि मैं उन्हें साइकिल से लेकर जाउंगी मगर वो नहीं माने। वो मुझसे बार-बार कह रहे थे कि मैं नहीं कर सकती। मैंने बैंक से हजार रुपए निकाले और 500 रु और जमा करके पुरानी साइकिल खरीदी। मैं हर दिन 50-60 किमी साइकिल चलाती थी। बड़े ब्रिज में साइकिल चलाना मुश्किल था। हम पेट्रोल पंप में रात गुजारते थे रास्ते में लोगों से खाना पीना मिल जाता था।

इवांका ट्रम्प ने की थी सराहना

बिहार गर्ल ज्योति कुमारी महज 15 साल की हैं। उन्होंने तेज गर्मी में अपने पिता को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से दरभंगा तक का सफर तय किया। इनके इस हौंसले को देश के अलावा विदेश से भी सराहना मिली थी। डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ने भी ज्योति की जमकर तारीफ की थी। आत्मनिर्भर फिल्म को 20 भाषाओं के सबटाइटल के साथ भी दिखाया जाएगा साथ ही विदेशी लोगों के लिए इसका टाइटल ए जर्नी ऑफ माइग्रेंट है। फिलहाल उनके पिता का किरदार निभाने वाले एक्टर की तलाश जारी है।

प्रख्यात नृत्य निर्देशक सरोज खान का निधन

मुम्बई : बॉलीवुड में ‘मास्टरजी’ के नाम से मशहूर और ‘‘धक धक’’, ‘‘हवा हवाई’’ तथा ‘‘एक दो तीन’’ जैसी कई गानों की नृत्य निर्देशक रहीं मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का दिल का दौरा पड़ने से गत 3 जुलाई को निधन हो गया। वह 71 वर्ष की थीं। तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी खान पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं।

सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें पिछले शनिवार को बांद्रा के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनकी कोविड-19 की जांच भी की गई, जिसकी रिपोर्ट में उनके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई। उनके रिश्तेदार मनीष जगवानी ने से कहा, ‘‘ देर रात करीब ढाई बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका अस्पताल में निधन हो गया।’’
उपनगरीय मलाड में एक कब्रिस्तान में शुक्रवार सुबह ही उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया।
खान के साथ कई हिट गीतों में काम कर चुकी अदाकारा माधुरी दीक्षित ने कहा, ‘‘ मैं अपनी दोस्त तथा गुरु सरोज खान के निधन से बेहद दुखी हूं। नृत्य में मुझे मेरी क्षमताओं की पहचान कराने के लिए हमेशा उनकी आभारी रहूंगी। दुनिया ने आज एक बेहतरीन प्रतिभा को खो दिया। आपकी याद आएगी।’’खान ने अपने चार दशक के करियर में उन्होंने 2000 से अधिक गीतों की कोरियोग्राफी की।

खान ने 80 से 90 के दशक में अपना सर्वश्रेष्ठ काम अदाकारा श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित के साथ किया। खान का परिवार बंटवारे के बाद भारत आ गया था। उन्होंने बतौर बाल कलाकार अपने फिल्मी कॅरियर की शुरुआत की थी लेकिन बाद में वह ‘बैकग्राउंड डांसर’ के तौर पर काम करने लगीं।

सरोज खान का नाम पहले निर्मला था लेकिन इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया। उन्होंने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया था। कोरियोग्राफर बी. सोहनलाल से नृत्य सीखते हुए 13 साल की उम्र में ही खान ने उनसे शादी कर ली। उस समय सोहनलाल की उम्र 41 वर्ष थी। बाद में सरोज खान ने दूसरी शादी भी की थी।
खान ने 1974 में फिल्म ‘गीता मेरा नाम’ से अपने कोरियोग्राफी करियर की शुरुआत की लेकिन उन्हें पहचान 1987 में श्रीदेवी के गीत ‘हवा हवाई’ से मिली। इसके बाद खान ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्होंने एक से एक हिट गानों पर कोरियोग्राफी की। अदाकारा श्रीदेवी के लिए फिल्म ‘नगीना’ और ‘चांदनी’ के गीतों के लिए की गई उनकी कोरियोग्राफी ने काफी सराहना हासिल की। लेकिन उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के लिए कोरियोग्राफ किए गीतों से मिली।

माधुरी के लिए उन्होंने ‘एक दो तीन’, ‘तम्मा तम्मा लोगे’, ‘धक धक करने लगा’, ‘डोला रे डोला’ जैसे कई हिट गीतों की कोरियोग्राफी की। खान ने आखिरी बार 2019 में आई फिल्म ‘कलंक’ में माधुरी दीक्षित के लिए ही गीत ‘तबाह हो गए’ की कोरियोग्राफी की थी। उन्होंने ‘‘ताल’’, ‘‘हम दिल दे चुके सनम’’ और ‘‘रावण’’ सहित कई फिल्मों में ऐश्वर्या राय के साथ काम किया।

सुशांत की फिल्म ‘दिल बेचारा’ के ट्रेलर ने तोड़ा ‘एवेंजर्स’ इंफिनिटी वॉर का रिकार्ड

24 घंटे में यूट्यूब पर 4.5 मिलियन लाइक्स
मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। इस फिल्म में संजना सांघी मुख्य अभिनेत्री हैं। इस फिल्म के ट्रेलर को यूट्यूब पर रिलीज किया गया। रिलीज के साथ ही फिल्म के ट्रेलर को 3.7 मिलियन लाइक्स मिले। हालांकि 24 घंटे के अंदर इस फिल्म के ट्रेलर को यूट्यूब पर 4.5 मिलियन लाइक्स मिले हैं, जो कि हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म एवेंजर्स: इंफिनिटी वॉर एंडगेम के ट्रेलर से भी ज्यादा है। डीएन रिपोर्ट की मानें तो मेगा बजट फिल्म एवेंजर्स: इंफिनिटी वॉर ने 3.6 मिलियन लाइक्स हासिल किया था। इसी के साथ भारतीय स‍िनेमा के इतिहास में यह सर्वाधिक पसंद क‍िया गया ट्रेलर बन गया है।
फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर जैसे ही सामने आया लोगों ने इसे काफी पसंद किया। बॉलीवुड के भी कई सितारों ने भी इसकी तारीफ की। ट्रेलर के रिकॉर्ड को देखकर लग रहा है कि जिस तरह से दर्शक प्यार दिखा रहे हैं उससे आने वाले समय ये फिल्म आगे और भी कई ऐसे रिकॉर्ड बनाएगी जो सभी को हैरान करने वाला रिकॉर्ड हो सकता है। फैंस इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने की मांग कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन को देखते मेकर्स ने ओटीटी पर रिलीज करना सही समझा। फिल्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर 24 जुलाई, 2020 को रिलीज होगी। हालांकि प्रशंसक इस फिल्म को बिना किसी सब्सक्रिप्शन के भी देख सकते हैं।

जयपुर की कम्पनी ने बनाया वीडियो कॉल ऐप , एकसाथ 2,000 लोग हो सकते हैं शामिल

नयी दिल्ली : जयपुर की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी डेटा इंजेनियस ग्लोबल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग ऐप ‘वीडियोमीट’ विकसित किया है। कम्पनी का दावा है कि इसके जरिए एक साथ 2,000 लोग ऑनलाइन बैठक कर सकते हैं। कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय दत्ता ने कहा कि इस ऐप के जरिए एक सत्र में लोगों के ऑलाइन भाग लेने को लेकर कोई सीमा नहीं है, क्योंकि यह उपयोगकर्ता के पास ‘बैंडविड्थ’ और ‘होस्टिंग’ की उपलब्ध सुविधा पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया और हमने यह ऐप बनाया। इस ऐप के जरिए राजनीतिक रैली भी की जा सकती है। हालांकि बड़ी क्षमता में लोगों की भागीदारी को लेकर उच्च क्षमता के सर्वर जैसे आईटी संसाधन की जरूरत होगी।

हीरो ने चीन से 900 करोड़ की डील कर दी रद्द

लद्दाख में सीमा पर तनाव के बाद भारत ने चीन की आर्थिक मोर्चे पर नाकेबंदी शुरू कर दी है। चीनी कंपनियों के कई टेंडर रद्द कर दिए। चीन पर डिजिटल स्ट्राइक करते हुए उसके 59 ऐप्स पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया। अब भारत की साइकल निर्माता कंपनी हीरो ने भी चीन को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। हीरो साइकल ने पहले भारत सरकार को 100 करोड़ की सहायता दी थी और अब चीन के साथ की गई 900 करोड़ की डील को रद्द करके उसे बड़ा झटका दिया है। खबरों के मुताबिक हीरो अब चीन से कलपुर्जों का आयात नहीं करेगी। कंपनी ने लद्दाख में सीमा पर चल रहे तनाव के बाद यह फैसला लिया है।खबरों के अनुसार 70 देशों में हीरो का कारोबार फैला हुआ है। खबरों के अनुसार हीरो कम्पनी के साइकल के कलपुर्जे बनाने वाली छोटी कम्पनियां उसकी मदद के लिए आगे आई हैं, इसके साथ ही इन कंपनियों को हीरो कंपनियों में शामिल होने का ऑफर भी दिया जा रहा है।

जूम को टक्कर देने आया रिलायंस का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जियो मीट

छोटी नहीं करनी होंगी ऑनलाइन कक्षाएँ

नयी दिल्ली :  फेसबुक और इन्टेल जैसी कंपनियों को अपने डिजिटल कारोबार में हिस्सेदारी बेचकर अरबों डॉलर जुटाने के बाद अब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जूम को टक्कर देने की तैयारी की है। मुकेश अंबानी की कंपनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप ‘जियोमीट’ पेश की है जिसमें असीमित मुफ्त कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। रिलायंस के इस कदम को प्रतिद्वंद्वी जूम के साथ ‘कीमत युद्ध’ के रूप में देखा जा रहा है।

बीटा परीक्षण के बाद जियोमीट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप एंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज, मैकओएस और वेब उपलब्ध है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार जियोमीट पर एचडी ऑडियो और वीडियो कॉल की गुणवत्ता मिलेगी। इसमें एकसाथ 100 लोगों को जोड़ा जा सकता है। इसमें स्क्रीन साझा करने, पहले से बैठक का समय तय करने और अन्य फीचर्स हैं। खास बात यह है कि इसमें जूम की तरह 40 मिनट की समयसीमा नहीं है। कम्पनी ने दावा किया कि इसमें कॉल्स 24 घंटे तक जारी रखी जा सकती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक ‘कूटलेखन’ और पासवर्ड से संरक्षित रहेगी। कंपनी के सूत्रों ने कहा कि जूम पर 40 मिनट से अधिक की बैठक के लिए मासिक शुल्क 15 डॉलर है। सालाना आधार पर यह 180 डॉलर बैठेगा, वहीं जियोमीट इससे अधिक सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। इससे जूम बैठक आयोजित करने वाले को जियोमीट का इस्तेमाल करने पर सालाना 13,500 रुपए की बचत होगी।
गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप के कई फीचर्स की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार जियोमीट के लिए मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी के जरिए आसानी से ‘साइनअप’ किया जा सकता है। इसमें तुरंत बैठक आयोजित की जा सकती है। एचडी ऑडियो और वीडियो गुणवत्ता वाली बैठक का समय पहले से तय किया जा सकता और बैठक में भाग लेने वाले लोगों को इसकी जानकारी दी जा सकती है।

 जियोमीट के जरिए 1 दिन में कितनी भी बैठकें आयोजित की जा सकती हैं और कोई भी बैठक बिना किसी बाधा के 24 घंटे चल सकती है। प्रत्येक बैठक पासवर्ड से संरक्षित है। बैठक आयोजित करने वाला व्यक्ति ‘वेटिंग रूम’ की सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है। इससे कोई भी भागीदार बैठक में बिना अनुमति शामिल नहीं हो सकता। इसमें ग्रुप बनाने की अनुमति है। सिर्फ एक क्लिक पर कॉलिंग या चैटिंग की जा सकती है।

गूगल प्ले स्टोर और आईओएस पर इस ऐप के 5 लाख डाउनलोड पहले ही हो चुके हैं। यह ऐप ऐसे समय पेश की गई है जबकि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता पर खतरे के मद्देनजर चीन से संबंधित 59 ऐप पर रोक लगाई है। इनमें टिकटॉक भी शामिल है।

कम्पनी सूत्रों ने कहा कि जियोमीट में समय की कोई सीमा नहीं होने की वजह से शिक्षकों को अपनी ऑनलाइन कक्षाओं को छोटा करने की जरूरत नहीं होगी। इस ऐप के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार तथा सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

अमीश त्रिपाठी ने साउथ प्वाइंट के विद्यार्थियों को दिया मजबूत बनने का सन्देश

साउथ प्वाइंट स्कूल के ऑनलाइन स्थापना दिवस समारोह में चमके विद्यार्थी
कोलकाता : कोरोना काल में साउथ प्वाइंट का स्थापना दिवस समारोह भी ऑनलाइन तरीके से मनाया गया। कार्यक्रम में लेखक और नेहरू सेंटर, लंदन के निदेशक अमिश त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। वे ब्रिटेन से साउथ प्वाइंट हाई स्कूल और साउथ प्वाइंट स्कूल के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए थे। यह समारोह स्कूल के फेसबुक पेज पर लाइव वेबकास्ट हुआ जहाँ 10,000 से अधिक उपस्थित छात्र, माता-पिता, पूर्व छात्र और अन्य शुभचिंतक इसका गवाह थे।
त्रिपाठी ने भारत के पश्चिमी तट में कोविड -19 महामारी, अम्फान चक्रवात, टिड्डी हमले, चक्रवात का उल्लेख किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चीन सबसे बड़ी बाढ़ का सामना कर रहा था और ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ सदी की सबसे बड़ी जंगल की आग थी। इतिहास से जो सबक मिला वह यह है कि केवल मजबूत और परिस्थितियों के अनुकूल रहने वाले लोग ही बचेंगे। 5 हजार से अधिक वर्षों से भारत अभी भी खड़ा है, क्योंकि यह मजबूत और परिस्थितियों के अनुकूल बना रहता है। उन्होंने पॉइंटर्स को सलाह दी कि इन गुणों को विकसित करें। उन्होंने अपने चुने हुए क्षेत्रों में पूर्व छात्रों की बहुत उच्च गुणवत्ता की सराहना की।


श्री बिरला ग्रुप के अध्यक्ष श्री एच. वी. लोढ़ा और साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष ने समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नकारात्मक पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय हमें सकारात्मकता पर ध्यान देना चाहिए और देखना चाहिए कि हम इस अनुभव से क्या सीख सकते हैं।
इस वर्चुअल वातावरण के कारण कार्यक्रम में कुछ पुराने विद्यार्थी भी जुड़े और अपने अनुभव साझा किये। इस आभासी वातावरण ने हमें दुनिया भर से हमारे कुछ विशिष्ट पूर्व छात्रों के साथ बातचीत करने का अवसर दिया। डॉ। देबजीत दास सरकार, सैन जोस के टेस्ला के मुख्य ऑटो पायलट हार्डवेयर आर्किटेक्ट, ने हमें “सेल्फ-ड्राइविंग कारों की चमत्कारिक दुनिया” के बारे में जानकारी दी; डॉ। अर्कदेव चटर्जी, कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वित्तीय अर्थशास्त्री और इस विषय पर कई मान्यता प्राप्त पाठ्य पुस्तकों के लेखक, “माइक्रो इकोनोमिक्स एंड इकोनॉमिक्स ऑफ पांडेमिक्स”, आशीष तोषनीवाल, वाई-मीडिया लैब्स के सीईओ और संस्थापक, सबसे प्रशंसित कंपनियों में से एक हैं। सिलिकॉन वैली में एसएफ, पार्थ सारथी चटर्जी, शेल एनर्जी के डेटा और एनालिटिक्स प्रमुख से अपनी सफलता की कहानी के बारे में बात की, छात्रों को कुछ सूचीबद्ध करने के लिए ह्यूस्टन, यूएस से फ्यूचर के विघटनकारी प्रौद्योगिकी पर छात्रों को प्रबुद्ध किया।
प्रियंवदा बिड़ला परिसर में लॉकडाउन के कारण स्थगित पड़ा कार्य भी शीघ्र आरम्भ होगा। स्कूल ने साउथ प्वाइंट ऐप समेत अन्य डिजिटल संरचनाओं को और बेहतर बनाया है। यद्यपि कक्षा 12 वीं के लिए बोर्ड परीक्षाएं अभी तक समाप्त नहीं हुई हैं और एम. पी. बिड़ला स्मारक कोश के तहत होने वाली गतिविधियाँ आयोजित नहीं की जा सकीं, विद्यार्थियों की उपलब्धियों से जुड़ा यह समारोह रोका नहीं जा सकता था।

पुरस्कार वितरण समारोह

कार्यक्रम के दौरान 150 से अधिक पुरस्कारों की घोषणा की गयी। इनमें बड़ी बाधाओं से लड़ते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रियंवदा बिड़ला ब्रेवहार्ट्स पुरस्कार शामिल था। ऑल-राउंडर छात्रों के लिए प्रतिष्ठित संस्थापक पदक (सतीकांत गुहा मेमोरियल अवार्ड); एम। पी। बिड़ला स्मारक कोष (साउथ प्वाइंट) पुरस्कार और सांसद बिरला पूजा उत्कर्ष सम्मान 2019, जिसमें विद्यार्थी कोलकाता दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करते हैं और अपनी धारणा के आधार पर इन्हें रैंक करते हैं।
साउथ पॉइंट स्कूल और साउथ पॉइंट हाई स्कूल दोनों के छात्रों ने एक अनूठा सांस्कृतिक उत्पादन प्रस्तुत किया, “यादें और खोजें – एक आभासी यात्रा”। ये प्रदर्शन सभी विद्यार्थियों ने घरों में रिकॉर्ड किये थे जिसे बाद में डिजिटल रूप से मिश्रित और संपादित किया गया। प्रस्तुतियों में चालीस छात्रों ने भाग लिया।
यह समारोह महामारी के दौरान विद्यार्थियों को व्यस्त और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। विद्यार्थियों ने इस दौरान कई मंदिरों और उनसे जुड़े कला प्रारूपो को खोजा। भरतनाट्यम और ओडिशी मंदिरों से जुड़े हैं। इस खोज में विद्यार्थी भारत की धरोहरों से रूबरू हो सके।

द हेरिटेज स्कूल का दिव्यांश बना नासा का ‘साइंटिस्ट फॉर ए डे’

कोलकाता : द हेरिटेज स्कूल के सातवीं के विद्यार्थी दिव्यांश गर्ग ने नासा का साइंटिस्ट फॉर ए डे’ खिताब अपने नाम कर लिया है। इस अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के ग्रेड 7 -8 में दिव्यांश को सफलता मिली है। वहीं इस स्कूल की छठीं (6) की छात्रा सारण्या चौधरी इसी प्रतियोगिता में 5 -6 ग्रेड में फर्स्ट रनर अप बनी है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह प्रतियोगिता निबन्ध लेखन पर केन्द्रित थी जहाँ विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। प्रतियोगिता को लेकर दिव्यांश ने कहा कि इस प्रतियोगिता से उसे प्रेरणा मिली, शिक्षकों तथा परिवार ने प्रोत्साहित किया।। उसका शोध ‘कैरन, द मून ऑफ प्लूटो’ किसी भी अन्य प्रयोग जैसा था। विजेता बनकर वह उत्साहित है और उम्मीद करता है कि यह उपलब्धि उसे आगे ले जाएगी। अपनी सफलता पर उत्साहित सारण्या ने कहा कि उसे इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभागिता की जानकारी उसके शिक्षकों से मिली। उसने अंतिम सूची में अपना नाम आने की उम्मीद नहीं की थी और अपनी सफलता के लिए शिक्षकों को धन्यवाद कहना चाहेगी।