बस्तर : दिवाली आने में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं।आजकल एक ऐसे दीये की चर्चा हो रही है जो पूरा दिन जल सकता है। छत्तीसगढ़ के एक कुम्हार ने मिट्टी का एक ऐसा दीपक डिज़ाइन किया है, जो पूरे दिन जल सकता है। द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बस्तर ज़िले के कोंडागांव नाम के एक छोटे से गाँव में रहने वाले अशोक चक्रधारी के पास दीयों के ऑर्डर्स की भरमार है।
चक्रधारी के दीयों में में तेल का प्रवाह अपने आप होता है. इन दीयों का नाम ‘मैजिक लैंप’ यानी जादुई दीया है। यू ट्यूब पर एक वीडियो देखने के बाद एक दीये को घंटों तक जलाए रखने के बारे में चक्रधारी ने सोचा. उन्होंने कहा, “मैं हमेशा नए विचारों की तलाश में रहता हूं, जो मेरे हुनर को चुनौती दे और मेरे आसपास के लोगों के लिए एक उपयोगी आविष्कार हो।” 62 वर्षीय चक्रधारी ने कहा, “2019 में, दिवाली से पहले मैं दीयों को तराशने के लिए एक नए डिज़ाइन की तलाश में था। तभी मैंने एक दीया देखा, जिस पर तेल भरा रहता है ताकि दीया जलना बंद न हो। मुझे ये अच्छा लगा और मैंने इसे बनाने का फ़ैसला किया।”
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि मिट्टी के दीपक बनाने की तकनीक कई ऑनलाइन वीडियो के बाद बनाया. वह कहते हैं, “मैंने ऑनलाइन कई तकनीक सीख कर इस दीए को बनाना सीख लिया है मुझे ऐसे और अधिक दीए बनाने के लिए अच्छी संख्या में ऑर्डर मिले हैं।”
छत्तीसगढ़ के कुम्हार ने बनाया 24 घंटे तक लगातार जलने वाला दीया
नयी प्रतिभाओं को मौका देगा मोजोप्लेक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म
कोलकाता : मनोरंजन की दुनिया में ओटीटी की बढ़ती माँग को देखते हुए कोलकाता में मोजोप्लेक्स नामक ओटीटी इन्टरटेन्मेंट ऐप उतारा गया है। इस ऐप के सह संस्थापक अभिषेक मिश्रा और तूफान मुखर्जी का उद्देश्य मनोरंजन प्रदान करने के साथ नयी औऱ उभरती प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना है। मोजोप्लेक्स गूगल प्ले पर उपलब्ध होगा और वेब ब्राउजर ( www.mojoplex.in) 15 नवम्बर 2020 से उपलब्ध होगा। मोजोप्लेक्स से अरिजीत दत्ता. जॉय सेनगुप्ता, सायनी घोष, सिधू, सुदर्शन चक्रवर्ती, ओम साहनी, चन्द्रेयी घोष, जोजो. कौशानी, लग्नजीता समेत कई अन्य हस्तियाँ जुड़ी हैं। मोजोप्लेक्स के सह संस्थापक तूफान मुखर्जी ने कहा कि वह अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ सभी सुविधाएं देना चाहते हैं। मोजोप्लेक्स के सह संस्थापक अभिषेक मिश्रा ने कहा कि महामारी के दौरान दर्शकों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। मोजोप्लेक्स पर राष्ट्रीय स्तर के साथ बांग्ला में भी कार्यक्रम उपलब्ध होंगे। नयी प्रतिभाओं को भी यह माध्यम मौका देगा।
सोदपुर का मर्लिन मैक्सिमम्स बना ‘मर्लिनेर शेरा पूजो अवार्ड’ का विजेता
पर्णश्री का मर्लिन सफायर, हावड़ा के मर्लिन वाटरफ्रंट क्रमानुसार प्रथम थम रनर अप, तथा द्वितीय रनर अप
बांग्ला बैंड भूमि के संस्थापक सदस्य व प्रख्यात गायक सौमित्र राय रहे मुख्य अतिथि
कोलकाता : रियल इस्टेट समूह मर्लिन ग्रुप ने दुर्गा पूजा अवार्ड का दूसरा संस्करण प्रदान किये हैं। गत 7 नवम्बर को प्रिसेन्टन क्लब में आयोजित ‘मर्लिन शेरा पूजो’ नामक यह पुरस्कार विभिन्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के निवासियों को यह पुरस्कार दुर्गापूजा उत्सव को पूरे धूमधाम और उत्साह के साथ मनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया गया। एक समारोह में मर्लिन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक साकेत मोहता ने विजेताओं को यह पुरस्कार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बांग्ला बैंड भूमि के संस्थापक सदस्य गायक सौमित्र राय की उपस्थिति में प्रदान किये। सोदपुर में स्थित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ‘मर्लिन मैक्सिमम्स’ ने प्रथम पुरस्कार ‘मर्लिनेर शेरा पूजो अवार्ड’ जीता। वहीं बेहला के पर्णश्री में स्थित ‘मर्लिन सफायर’ हाउसिंग कॉम्प्लेक्स प्रथम रनर अप बना और इसे ट्रॉफी. प्रमाणपत्र और प्लाक प्रदान किये गये। हावड़ा में स्थित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ‘मर्लिन वाटर फ्रंट’ को द्वितीय रनर अप चुना गया और इसे ट्रॉफी, प्लाक और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। मर्लिन ने विभिन्न श्रेणियों में हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों को सम्मानित किया। सर्वश्रेष्ठ सज्जा के लिए ‘मर्लिन ग्रोव’ और ‘मर्लिन वार्डन लेक व्यू’ को पुरस्कृत किया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा की श्रेणी में ‘मर्लिन एमेरल्ड’ और ‘मर्लिन अल्ट्रा’ को पुरस्कार दिया गया।। सर्वश्रेष्ठ विचार व परिकल्पना के लिए ‘मर्लिन लेगेसी’ को पुरस्कृत किया गया। सुरक्षा व सावधानी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रबन्ध के साथ किये गये प्रबन्धों के लिए ‘मर्लिन जबाकुसुम’ को पुरस्कृत किया गया।
सम्मान प्रदान करते हुए मर्लिन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक साकेत मोहता ने कहा, ‘हमने पिछले साल ‘मर्लिन शेरा पूजो’ पुरस्कार बंगाल में स्थित मर्लिन के सभी हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के निवासियों को दुर्गा पूजा आयोजित करने के लिए उत्साहित करने के लिए आरम्भ किया था। हमारा उद्देश्य था कि लोग बंगाल के सबसे बड़े उत्सव दुर्गापूजा को इसकी सही भावना के साथ आयोजित करें। इस साल कोविड -19 के माहौल में सभी नियमों औऱ सावधानियों का पालन करते हुए मर्लिन के सभी हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के निवासियों ने जिस तरह खुशी और उत्साह के साथ दुर्गापूजा का आयोजन किया, उसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। सबसे अधिक प्रेरक हमारे सभी महत्वपूर्ण निवासियों के बीच बन्धन और सौहार्द है, जिसके साथ यह उत्सव मनाया गया। हम प्रण करते है कि हम अगले साल भी पूरी तैयारी और सर्वश्रेष्ठ भाव के साथ सालों तक यह उत्सव आयोजित करते रहेंगे।
कोविड के दौरान कोलकाता में दुर्गा पूजा धूमधाम और उत्साह के साथ मनायी गयी। मर्लिन ग्रुप ने मर्लिनेर शेरा पूजा के दूसरे संस्करण की घोषणा कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार सभी सुरक्षा मानकों और स्वच्छता के नियमों का पालन करके की थी।
प्रख्यात बांग्ला बैंड ‘भूमि’ के संस्थापक सदस्य तथा गायक सौमित्र राय महासप्तमी और महा अष्टमी के दिन पूजा प्रतिमाओं का परिदर्शन करते हुए कोलकाता, हुगली, हावड़ा के सभी मर्लिन हाउसिंग अपार्टमेंट्स में सभी निवासियों से जुड़े थे। निवासियों के अनुरोध पर वे पारम्परिक ढाक वादक बने। अभिनेत्री अलेविया सरकार ने महा नवमी को मर्लिन हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का परिदर्शन किया।
मर्लिन ग्रुप ने 12 मर्लिन हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के सभी 1700 अपार्ट्मेंट्स में ‘मर्लिन शेरा पूजो’ के दूसरे संस्करण के आयोजन की घोषणा की थी। यह इन कॉम्प्लेक्सों के 7 हजार निवासियों और उनके मेहमानों तक पहुँची जिन्होंने कोविड -19 के दौरान आशा और विश्वास के साथ पूजा में भाग लिया और माँ की आराधना की।
वोकल फॉर लोकल : हिन्दुस्तान जिंक से जस्ता खरीदेगा टाटा स्टील
कोलकाता : देश के अग्रणी स्टील निर्माता टाटा स्टील ने घरेलू उद्योगों को मजबूत करने का दायित्व उठाया है। ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील ने निर्णय लिया है कि वह अपनी आवश्यकता के लिए जिंक यानी जस्ता हिन्दुस्तान जिंक से लेगा और आयात घटाएगा। दोनों कम्पनियों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसमें टाटा स्टील एक आत्मानिभर भारत के लिए आयातित उत्पादों का विकल्प तैयार करेगी। एमओयू के तहत, हिंदुस्तान जिंक ने टाटा स्टील के लिए वीएमआई समाधान लागू किया है – जो अलौह धातु उद्योग में पहला है। हिन्दुस्तान जिंक इस समझौते के तहत 45 के टी जिंक व अन्य धातु का उत्पादन करेगा जो टाटा स्टील तथा उसकी सहायक कम्पनी टाटा स्टील बीएसएल (पहले भूषण स्टील) के उपयोग के लिए होगा। इस समझौते को लेकर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाया गया साझा और अपनी तरह का पहला कदम बताया। टाटा स्टील को हिन्दुस्तान जिंक वेंडर मैनेजमेंट इन्वेन्टरी (वीएमआई) समाधान देगा प्रथम वीएमआई ग्राहक होने के नाते टाटा स्टील की इन्वेन्टरी और स्टॉक की लगातार निगरानी की जाएगी। कमी होने की स्थिति में हिन्दुस्तान जिंक के वेयरहाउस से जस्ते की आपूर्ति की जायेगी। यह निगरानी और आपूर्ति देश भर में की जाएगी।
विप्रो के प्रेमजी 2019-20 में परमार्थ कार्यों के लिये उदारता से दान देने वालों में सबसे आगे
कोलकाता : सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो के अजीम प्रेमजी परमार्थ कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्हेंने पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में परोपकार कार्यों के लिये हर दिन 22 करोड़ रुपये यानी कुल मिलाकर 7,904 करोड़ रुपये का दान दिया और इस मामले में सूची में सबसे ऊपर रहे हैं। हारून रिपोर्ट इंडिया और एडेलगिव फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार प्रेमजी ने इस मामले में पूर्व में आगे रहे एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शिव नादर को पीछे छोड़ दिया है।
नाडर ने 2019-20 में 795 करोड़ रुपये का दान दिया जबकि एक साल पहले यह राशि 826 करोड़ रुपये थी। इससे पूर्व वित्त वर्ष यानी 2018-19 में प्रेमजी ने 426 करोड़ रुपये का दान दिया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने पिछले वित्त वर्ष में 458 करोड़ रुपये का दान दिया जो एक साल पहले 402 करोड़ रुपये था। कोविड-19 महामारी फैलने के साथ इसकी रोकथाम के लिये दिग्गज उद्योगपतियों ने अपनी तरफ से पूरा योगदान दिया। इस मामले में टाटा संस ने सर्वाधिक 1,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जतायी जबकि प्रेमजी ने 1,125 करोड़ रुपये का योगदान दिया। वहीं अंबानी का योगदान 510 करोड़ रुपये का रहा। कंपनियों का कोरोना महामारी की रोकथाम के लिये योगदान में ज्यादातर हिस्सा पीएम-केयर्स फंड (प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन राहत कोष) में गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसमें 500 करोड़ रुपये का योगदान दिया जबकि बिडला समूह ने 400 करोड़ रुपये दिये। टाटा के कुल योगदान में 500 करोड़ रुपये का पीम केयर्स फंड में योगदान शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि जिन लोगों ने 10 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया, उनकी संख्या मामूली रूप से बढ़कर 2019-20 में 78 रही जो एक साल पहले 72 थी। सूची में इन्फोसिस के नंदन निलेकणि (159 करोड़ रुपये), एस गोपाल कृष्णन (50 करोड़ रुपये) और एस डी शिबूलाल (32 करोड़ रुपये) भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार दानदाताओं की संख्या के लिहाज से मुम्बई अव्वल रहा। यहां के 36 लोगों ने परमार्थ कार्यों के लिये दान दिये। उसके बाद क्रमश: नयी दिल्ली (20) और बेंगलुरू का स्थान रहा। ई-वाणिज्य कंपनी फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल सबसे कम उम्र 37 साल के दानदाता रहे। उन्होंने 5.3 करोड़ रुपये का योगदान दिया। सूची में दानदाताओं की औसत उम्र 66 साल रही।
ओरिएंटेशन 2020 में भाग लिया भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों ने
कोलकाता : विद्यार्थियों की प्रतिभा को केवल डिग्री से नहीं तौला जा सकता, उसे मंच मिलना भी जरूरी है , यदि मंच कॉलेज में मिल जाय तो छात्र या छात्रा को बाहर से कुछ सीखने की जरूरत ही नहीं है। भवानीपुर कॉलेज में फर्स्ट सेमेस्टर के विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन 2020 कार्यक्रम को ऑन-लाइन प्रस्तुत किया गया जो यू-ट्यूब के दो भाग में विभक्त है। तीन वर्षों की शिक्षा के दौरान ग्रेजुएट होकर निकलने वाले छात्रों के व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए डिग्री के पाठ्यक्रम के साथ साथ में कई अन्य कैरियर संबंधित विषयों को सिखाया जाता है। सन् 1966 में स्थापित भवानीपुर कॉलेज कोलकाता महानगर के महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और अपने कैरियर को विकसित करने के लिए अपना एक विशेष स्थान रखता है। कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह ने फर्स्ट सेमेस्टर के नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का कॉलेज में स्वागत किया और कॉलेज में अकादमिक शिक्षा से इतर चलने वाले लगभग 17 से अधिक कलेक्टिव विषयों की चर्चा की। प्रो. शाह ने बताया कि इंटरप्रिनरशिप किसी डिग्री से सरोकार नहीं रखती, इसे किसी भी स्ट्रीम के विद्यार्थी सीख सकते हैं। ये डिग्री के साथ भविष्य के लिए कैरियर ओरिएंटेड कोर्सेज हैं। इसे बीए बीएससी बीकॉम बीबीए के सभी विद्यार्थी प्राप्त कर सकते हैं। ओरिएंटेशन सेशन अकादमिक सत्र नहीं है, यह मूल्यों और व्यक्तित्व विकास के साथ साथ कैरियर ओरिएंटेड है।यू-ट्यूब में इसको दो दिनों में पंद्रह हजार लोगों द्वारा देखा गया जो कॉलेज के लिए गौरव की बात है।
17 से अधिक कलेक्टिव हैं जिसका उद्देश्य है सीखना, पढ़ना, नेतृत्व और स्वावलंबन की सीख देना । कॉमर्स में कैरियर के लिए कौन-सा विषय लेना है, कब और कैसे लेना है, विदेश में कैरियर के क्या अॉब्शन हैं आदि विषयों को बताने के लिए विशेषज्ञों की फैकल्टी टीम है। वर्किंग विथ जीएसटी, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, फाइनेंशियल प्लानिंग, कॉमर्स प्लस, डेटा एनालिटिक, गूगल ट्रेनर, स्टार्ट अप ट्रेनिंग आदि के विषय में विद्यार्थियों को कॉलेज में ही शिक्षा देने का प्रावधान है।इन सभी की जानकारी फैकल्टी सदस्यों ने अपने वीडियो द्वारा दी।
सभी कलेक्टिव के एक वर्ष में लगभग 200 से अधिक इवेंट्स होते हैं जिसमें क्रिसेंडो (संगीत), फ्लेम (नृत्य), एसेम्बली आॉफ नेशन, इन एक्ट (थियेटर), बुलीस आइज (स्टॉक मार्केट) आर्ट इन मी (क्राफ्ट वर्क) आदि विभिन्न कलेक्टिव के विद्यार्थियों द्वारा संयोजन किया जाता हैं। प्रो. शाह ने विद्यार्थियों को अपनी सहज और प्रभावशाली भाषा में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साथ कैरियर बनाने से संबंधित जानकारी दी जो वर्तमान समय की मांग है। ये विद्यार्थी के एटीट्यूड पर निर्भर करता है कि वे कौन से रंग का चुनाव करते हैं किस दिशा और क्षेत्र का चयन करते हैं।
यू- ट्यूब के एक भाग में बीए बीबीए और बीएससी के विद्यार्थियों के लिए है वहीं दूसरे भाग में बीकॉम के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया गया।
सबसे अधिक महत्वपूर्ण है भवानीपुर कॉलेज का प्लेसमेंट सेल जो पांच सालों से बड़ी कंपनियों द्वारा विद्यार्थियों का प्लेसमेंट करवा रहा है जिसमें देश की प्रमुख कंपनियां आटीसी, टाटा इंडिगो आदि अनेक कंपनियां आती हैं। इस सेल की संयोजक प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी हैं। डीन आफिस में इसका रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
आर्ट एंड मी , एआन, बुल्स आइज, क्रीसेंडो, ईको इन एक्ट, एक्सप्रेशन, फैशन, फ्लेम, एनसीसी, एन एस एस, फिनोमिनन, क्विजार्ड, सेतु, उत्सव, वॉक्स पोप्यूली, नैक्सस, टीडेक्स आदि अनेक ग्रुपों में से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के आधार पर मंच प्रदान किए जाते हैं जो प्रतिभाशाली छात्रों को निखारने का अवसर देते हैं।
डीन प्रो. शाह ने प्रश्नोत्तर सेशन में चैट बॉक्स में आए प्रश्नों के उत्तर दिए। फैकल्टी विवेक पटवारी ने विद्यार्थियों के प्रश्न जैसे क्या इन कलेक्टिव के लिए किसी प्रकार की फीस है?प्रो शाह ने कहा कि कॉलेज सभी खर्च वहन करता है बशर्ते कोई क्लास लेते हैं तो उसके वाजिब शुल्क लगते हैं। वहीं एक कलेक्टिव वाले दूसरे कलेक्टिव में भी जा सकते हैं। लिंक ऑन-लाइन दी गई है जिसमें वे अपने विषय का चुनाव भर सकते हैं।
एनसीसी(जल थल और वायुसेना), एन एस एस और स्पोर्ट्स के अलावा पारंपरिक त्योहार जैसे धमाल, फागुन, सरस्वती पूजा, पंद्रह अगस्त, 26 जनवरी, शिक्षक दिवस, प्रेमचंद जयंती, पुस्तकों पर चर्चा आदि अनेक कार्यक्रम किए जाते हैं।
इंडस्ट्रीयल विजिट के साथ साथ विद्यार्थियों का मनोरंजन भी होता है। ओरिएंटेशन 2020 कार्यक्रम में सभी नये विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।
वीरांगना मिलनोत्सव सम्पन्न
शीघ्र घोषित की जाएंगी भावी योजनाएं
कोलकाता/टीटागढ़ः अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउंडेशन पश्चिम बंगाल का गत शनिवार की शाम वीरांगना मिलनोत्सव टीटागढ़ में सम्पन्न हुआ। इसमें प्रदेश इकाई की वीरांगनाओं में भाग लिया व संगठन की भावी योजनाओं की रूपरेखा तैयारी की गयी। संगठन की प्रदेश अध्य़क्ष एवं विख्यात गायिका प्रतिभा सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी संकट के कारण पिछले कुछ महीनों से संगठन की गतिविधियों ठप पड़ गयी थीं। इस बीच कुछ बैठकों व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए मगर वे वर्चुअल थे। अब कोरोना संकट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कुछ कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
मिलनोत्सव में विभिन्न सदस्यों ने अपने अपने सुझाव रखे कि कैसे सामाजिक दूरी का अधिकाधिक पालन करते हुए भी समाज सेवा के भावी कार्यक्रमों को अंजाम दिया जाये। इस अवसर पर सुनीता सिंह, आशा सिंह, इंदु सिंह, ललिता सिंह, विद्या सिंह, जयश्री सिंह, सुलेखा सिंह, शकुंतला साव, सुजाता गुप्ता, अनिता साव के प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया गया। भावी कार्यक्रमों की घोषणा जल्द की जायेगी।
थियेटरों और ओटीटी पर आ रही है ‘स्मेल’
कोलकाता : फिल्म ‘स्मेल’ थियेटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित होगी। कहानी एक तस्वीर और उसके चित्रकार की हत्या और उससे जुड़े रहस्यों के आस – पास घूमती है। यह एक थ्रिलर फिल्म होगी जिसमें गन्ध की भूमिका महत्वपूर्ण है। फिल्म में अमित चन्दा और सायरी साहा नामक नये कलाकारों को प्रमुख भूमिका में लिया गया है। महत्वपूर्ण भूमिकाओं में राजेश शर्मा, जॉय सेनगुप्ता, इन्द्रनील सेनगुप्ता, सुब्रत दत्ता समेत कई अन्य कलाकार हैं। फिल्म के प्रस्तुतकर्ता महक इन्टरटेन्मेंट हैं और निर्माता राज मलिक हैं। फिल्म के जनवरी में प्रदर्शित होने की उम्मीद है।
कोरोना के बीच धनतेरस के स्वागत को तैयार आभूषणों का संसार
आभूषणों का जिक्र हो तो बऊबाजार का जिक्र चल ही पड़ता है। बऊबाजार ज्वेलरी हब है और आज बी.बी. गांगुली स्ट्रीट के नाम से जाना जाता है। यह बेहद पुराना औऱ ऐतिहासिक बाजार है जो इतिहास का महत्वपूर्ण पन्ना है। पड़ताल में आज शुभजिता बऊबाजार ज्वेलरी हब की ओर हम चलते हैं। शुद्ध सोने के आभूषणों की कारीगरी के लिए यह बाजार प्रसिद्ध है और हल्के आभूषण बनाये जाते हैं। कोरोना की मार इस बाजार पर पड़ी है मगर सामने धनतेरस है तो आभूषणों का यह संसार उदास कैसे रह सकता है..तो बऊबाजार एक बार फिर तैयार हो रहा है। सुषमा कनुप्रिया की पड़ताल आपके सामने है –
बिंग बेफिकर ने उतारे चीनी रहित उत्पाद
कोलकाता : दिवाली आ रही है और मिठाइयों को लेकर लोगों की माँग भी बढ़ रही है मगर सेहत का ध्यान रखने वाले मिठाइयों को लेकर असमंजस में हैं। अब बिंग बेफिकर यह अड़चन दूर कर रहा है और इसने चीन रहित स्वादिष्ट डेयरी उत्पाद बाजार में उतारे हैं। इनमें से कुछ वेगान और ग्लूटेन रहित हैं और इनमें ओट्स और सूखे मेवे भी हैं। बिंग बेफिकर के मेन्यू में है – 9 अलग फ्लेवर वाला रम बॉल्स, लोडेड चॉको- चिप ब्राउनी, बॉम्बबोलूनी जैसे उत्पाद। बिंगे के पास उपहार बॉक्स भी हैं जिसमें चॉको ब्लिस बॉक्स, ड्राई फ्रूट गुडी बॉक्स, (चीनी रहित ओट्स और सूखे मेवों से भरे लड्डू) रम बॉल्स के साथ, चॉकलेट्स टार्ट, ओट्स। ये सभी उत्पाद स्वीगी और जोमेटो पर उपलब्ध होंगे। बिंग बेफिकर की संस्थापक अनीषा मोहता ने कहा कि दिवाली के मौके को देखते हुए ब्रांड स्वाद और सेहत को साथ रख रहा है।




