Monday, July 6, 2026
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पिता हैं किसान और मां आंगनबाड़ी सेविका, अरवल के आलोक को 1.75 करोड़ की फेलोशिप

अरवल । कहते हैं अगर मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आ सकती। बिहार के अरवल में एक होनहार ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अरवल के 23 वर्षीय आलोक को 1.75 करोड़ की फेलोशिप मिली है। यही नहीं अब वो अमेरिका से पीएचडी करेंगे। आलोक के पिता किसान हैं और मां आंगनवाड़ी सेविका हैं। गरीब परिवार से आने के बावजूद भी आलोक ने हार नहीं मानी अब वो अमेरिका में पीएचडी करके अपने परिवार ही गांव और सूबे का भी नाम रौशन करेंगे। आलोक का घर अरवल जिले के कुर्था थाना क्षेत्र में है। जिले के मानिकपुर ओपी स्थित बिथरा गांव में उनका परिवार रहता है। अमेरिका में पीएचडी की तैयारी कर रहे आलोक के पिता रणधीर शर्मा खेतीबाड़ी करते हैं। इनकी माता संजू कुमारी आंगनवाड़ी में सेविका के पद पर कार्यरत हैं। बेटे आलोक कुमार को 1.75 करोड़ की फेलोशिप मिलने की खबर से वो बेहद खुश हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब अमेरिका में पीएचडी करेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ हयूस्टन में करेंगे पीएचडी
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हयूस्टन में चयनित होकर बिहार के रहने वाले 23 वर्षीय अलोक कुमार ने साबित कर दिया कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। आलोक की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें अपनी पीएचडी की पढ़ाई दौरान लगभग ढाई लाख रुपये महीना छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके साथ प्रेसिडेंशियल फेलोशिप और फ्री ट्यूशन इत्यादि का फायदा भी मिलेगा। आलोक ने कैसे ये मुकाम हासिल किया इस पर उन्होंने बताया कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा जहानाबाद के संत कोलंबस पब्लिक स्कूल में हुई। दसवीं की पढ़ाई शिव मुद्रिका हाई स्कूल संडा और 12वीं की पढ़ाई एसबीएएन कॉलेज दरहेटा लारी से किया। इसके बाद मगध सुपर थर्टी आईआईटी जेईई में पढ़ाई की। एक साल पटना रहकर सेल्फ स्टडी भी किया। हालांकि किसान परिवार में जन्मे आलोक कुमार के सामने आर्थिक तंगी भी मुंह बाएं खड़ी रही।
गरीबी-आर्थिक तंगी पर पीछे मुड़कर नहीं देखा
आलोक कुमार ने बताया कि इन सब बातों की चिंता न करते हुए भी उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ते रहे आलोक ने बताया कि 2021-2022 में न्यू जेनरेशन आइडिया कॉन्फिडेंस एचपीसीएल इंडिया आरएंडी रिसर्च सेंटर बेंगलुरु में भी रहकर पढ़ाई की। इसके बाद वहां हमें कई बार सम्मानित भी किया गया। पढ़ाई के दरम्यान ही हमें अमेरिका के ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई के लिए चयनित किया गया ।
माता-पिता को दिया कामयाबी का श्रेय
आलोक ने बताया कि अमेरिका में पीएचडी पढ़ाई के दौरान मेरा शोध का विषय रहेगा कैंसर बीमारी के प्रारंभिक लक्षण का पता लगाना। इसी विषय के तहत मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर कैंसर जैसे गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए अहम भूमिका निभाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे सफलता के पीछे मेरे माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिन्होंने खेती किसानी का कार्य करते हुए भी मेरी लक्ष्य प्राप्ति में बाधा नहीं बने। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया।

टमाटर ने बदली किस्मत, पुणे के किसान ने कमाए 3 करोड़ रुपये

2 रुपये किलो कीमत पर 2 महीने पहले नष्ट कर दी थी फसल

पुणे: टमाटर की बढ़ती कीमतों ने जहां आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाला है, वहीं महाराष्ट्र के पुणे के एक किसान के लिए यह बड़े लाभ का सौदा साबित हुआ है। पुणे के इस किसान ने तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए पिछले एक माह में टमाटर की फसल बेचकर तीन करोड़ रुपये की कमाई की है।
पुणे जिले की जुन्नार तहसील के पचघर गांव के किसान ईश्वर गायकर (36) को इस साल मई में कम दाम की वजह से बड़ी मात्रा में टमाटर की फसल को फेंकना पड़ा था। इस झटके के बावजूद इस किसान ने अटूट दृढ़ संकल्प दिखाते हुए अपने 12 एकड़ के खेत पर टमाटर की खेती की। अब टमाटर की आसमान छूती कीमतों के बीच गायकर की कड़ी मेहनत ने शानदार नतीजे दिए हैं और वह करोड़पति बन गया है। गायकर का दावा है कि उन्होंने 11 जून से 18 जुलाई के बीच अपनी टमाटर की उपज बेचकर तीन करोड़ रुपये की कमाई की है। गायकर ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान उन्होंने जुन्नार तहसील के नारायणगांव में कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) में तीन करोड़ रुपये में टमाटर के 18,000 क्रेट (प्रत्येक क्रेट में 20 किलोग्राम टमाटर) बेचे हैं।’ उनका इरादा टमाटर के 4,000 शेष क्रेट बेचकर करीब 50 लाख रुपये की कमाई करने का है।

12 एकड़ पर उगाए टमाटर

गायकर ने बताया कि उन्होंने टमाटर की खेती और परिवहन पर कुल 40 लाख रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास 18 एकड़ के खेत हैं। इनमें से 12 एकड़ में मैंने टमाटर की खेती की। 11 जून से टमाटर के 18,000 क्रेट बेचकर मैं तीन करोड़ रुपये कमा चुका हूं।’ गायकर ने 11 जून को 770 रुपये प्रति क्रेट (37 से 38 रुपये प्रति किलोग्राम) के भाव पर टमाटर बेचा। 18 जुलाई को उन्हें प्रति क्रेट 2,200 रुपये (110 रुपये प्रति किलोग्राम) का भाव मिला। गायकर ने याद करते हुए कहा कि कैसे दो माह पहले कम भाव की वजह से उन्हें अपनी टमाटर की कटी फसल को फेंकना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘यह टमाटर उत्पादकों के लिए सबसे अच्छा समय है, लेकिन हमने सबसे खराब समय भी देखा है। मई के महीने में मैंने एक एकड़ जमीन पर टमाटर उगाए, लेकिन कीमतें बहुत कम होने के कारण बड़ी मात्रा में उपज को फेंकना पड़ा। मैंने उपज फेंक दी थी क्योंकि प्रति क्रेट दर सिर्फ 50 रुपये थी, यानी 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम।’ गायकर ने बताया कि 2021 में उन्हें 15 लाख से 16 लाख रुपये का घाटा हुआ था और पिछले साल भी उन्होंने मामूली लाभ ही कमाया था। एक अन्य किसान राजू महाले ने भी चालू सीजन में टमाटर के ढाई हजार क्रेट बेचकर 20 लाख रुपये कमाये हैं। नारायणगांव कृषि उपज मंडी समिति के व्यापारी अक्षय सोलात ने गायकर की उपज खरीदी है। सोलात ने कहा कि इस समय टमाटर बाजार उछाल पर है। उन्होंने टमाटर 2,400 रुपये प्रति क्रेट के भाव पर खरीदा है। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 15 साल से इस कारोबार में हूं। लेकिन टमाटर में इस तरह की तेजी पहले कभी देखने को नहीं मिली है।’

भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विक ने बना डाला गिनीज बुक विश्व रिकॉर्ड

भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने सबसे तेज शॉट लगाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उनके शॉट से शटल की 565 किमी/घंटा की हैरान करने वाली गति दर्ज की गई जो कई दिग्गज खिलाड़ियों से आगे थी । आंध्र प्रदेश के अमलापुरम शहर के रहने वाले 22 वर्षीय ने 493 किमी/घंटा का एक दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। मलेशियाई शटलर टैन पर्ली ने 438 किमी/घंटा की गति से शॉट लगाया था, जो रिकॉर्ड था। रंकीरेड्डी ने यह रिकॉर्ड 14 अप्रैल, 2023 को बनाया, जिसे अब मान्यता मिली है। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने जून में जकार्ता में इंडोनेशिया ओपन जीता। वे सुपर 1000 प्रतियोगिता जीतने वाली पहली युगल जोड़ी हैं। स्टार भारतीय शटलर वर्तमान में चल रहे कोरिया ओपन में एक्शन में हैं। उन्होंने राउंड 32 में थाइलैंड के किटिनुपोंग केड्रेन और सुपाक जोमकोह को 21-16, 21-14 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया है।
सात्विकसाईराज के पिता रहे हैं राज्य स्तर के खिलाड़ी
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का जन्म 13 अगस्त 2000 को हुआ था। वह आंध्र प्रदेश के अमलापुरम जिले के रहने वाले हैं। वह युगल और मिश्रित युगल में खेलते हैं। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के पिता का नाम काशी विश्वनाथ और मां का नाम रंगमणि है। उनके पिता राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी और रिटायर फिजिकल टीचर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई रामचरण रंकीरेड्डी भी उनकी तरह बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
सात्विकसाईराज ने 6 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया, पिता पहले कोच
सात्विकसाईराज 6 साल की छोटी उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था। शुरुआत में उनके पिता उनके कोच थे और वह अमलापुरम में ऑफिसर्स क्लब में खेलते थे। 2014 में वह गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में शामिल हुए, जहां उन्होंने पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में खेलना शुरू किया। वह अंडर-13 लेवल पर सब-जूनियर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप के रूप में करियर का पहला खिताब जीता।
उन्होंने 2014 में अंडर-17 वर्ग में सब-जूनियर नेशनल बैडमिंटन में कृष्णा प्रसाद गारगा के साथ अपना पहला राष्ट्रीय युगल खिताब जीता। 2015 में इस जोड़ी ने एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में अंडर-17 पहला इंटरनेशनल गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उस वर्ष उन्होंने टाटा ओपन इंडिया इंटरनेशनल में मिश्रित युगल साथी कुल्लपल्ली मनीषा के साथ अपना पहला इंटरनेशनल खिताब (सीनियर लेवल का) जीता। इसके बाद तो खिताबों की झड़ी लग गई।
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की उपलब्धियां
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि 2018 में आई जब उन्होंने डबल्स स्पर्धा में चिराग शेट्टी के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उस वर्ष उन्होंने जकार्ता एशियाई खेलों में चिराग शेट्टी के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन दूसरे दौर में दक्षिण कोरिया के चोई सोलग्यू और मिन ह्युक कांग से हार गए। सात्विकसाईराज 2019 में तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने और चिराग शेट्टी ने चीन के ली जुनहुई और लियू युचेन को हराकर थाइलैंड ओपन डबल्स खिताब अपने नाम किया। यह सुपर 500 सीरीज खिताब जीतने वाली पहली भारतीय युगल जोड़ी बनी थी। उस वर्ष वह डबल्स फाइनल में पहुंचे। हालांकि, फ्रेंच ओपन में इंडोनेशिया के मार्कस फेरलैंडी गिदोन और केविन संजय सुकामुल्जो से हार गए। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग ने 2021 तोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ किया था। हालांकि, यह जोड़ी 9वें स्थान पर रही थी।

एचएचटीडीएन के हिमालय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन

कोलकाता । हिमालयन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म डेवलपमेंट नेटवर्क (एचएचटीडीएन) हिमालयन टूरिज्म मार्ट (एचटीएम) का आयोजन करने जा रहा है । द्वारा आयोजित, यह तीन दिवसीय मार्ट पर्यटन उद्योग में व्यवसायों और पेशेवरों को जोड़ने वाले एक गतिशील मंच के रूप में काम करेगा, जो हिमालय की अद्वितीय सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का पता लगाने के लिए उत्सुक हैं।

दुनिया की सबसे लुभावनी पर्वत श्रृंखला के मध्य में स्थित, हिमालय क्षेत्र अवकाश और साहसिक पर्यटन दोनों के लिए प्रचुर अवसर प्रदान करता है। शांत हिल स्टेशनों से लेकर विस्मयकारी परिदृश्यों तक, प्राचीन नदियों और घाटियों से लेकर विविध राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य जीवन तक, हिमालय अपने अद्वितीय आकर्षण और रहस्य से यात्रियों को आकर्षित करता है। हिमालयन टूरिज्म मार्ट की कल्पना इस क्षमता को सामने लाने और इस मनोरम गंतव्य में व्यवसायों को फलने-फूलने के लिए प्रवेश द्वार प्रदान करने के प्राथमिक लक्ष्य के साथ की गई है।

एचएचटीडीएन के मुख्य सलाहकार  सुप्रतिम (राज) बसु ने कहा, “बी2बी प्लेटफॉर्म के रूप में, हिमालयन टूरिज्म मार्ट सहयोग को बढ़ावा देने, साझेदारी बनाने और हिमालयी क्षेत्र में संचालित पर्यटन उद्यमों के विकास को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है। चाहे आप एडवेंचर टूर ऑपरेटर हों, होटल व्यवसायी हों, होमस्टे के मालिक हों या परिवहन सेवा प्रदाता हों, हमारा मार्ट आपको इस उल्लेखनीय सेटिंग में फलने-फूलने के लिए सही साझेदारों, संसाधनों और अवसरों से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एचएचटीडीएन के महासचिव सम्राट सान्याल ने कहा, “एचटीएम के उद्घाटन संस्करण में नेटवर्किंग और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए विविध प्रकार की गतिविधियाँ और अवसर शामिल होंगे। उपस्थित लोगों को एक यात्रा व्यापार शो तक पहुंच प्राप्त होगी जहां पूरे हिमालय क्षेत्र के पर्यटन हितधारक अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे, जबकि देश और विदेश के खरीदार हिमालय की सर्वोत्तम पर्यटन पेशकशों का पता लगा सकते हैं और उन तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, मार्ट पर्यटन उद्योग में नवीनतम रुझानों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर मुख्य वक्ताओं, आकर्षक पैनल चर्चाओं और व्यावहारिक कार्यशालाओं की मेजबानी करेगा।

मुख्य कार्यक्रम से पहले, तीन दिवसीय प्री-मार्ट गतिविधि प्रतिनिधियों को क्षेत्र में उपलब्ध पर्यटन के अवसरों और उत्पादों की समृद्ध टेपेस्ट्री का प्रदर्शन करते हुए एक परिचित दौरे की पेशकश करेगी। यह गहन अनुभव प्रतिभागियों को विविध परिदृश्यों, सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय आतिथ्य को प्रत्यक्ष रूप से देखने की अनुमति देगा जो हिमालय को वास्तव में अद्वितीय और मांग वाला गंतव्य बनाते हैं। हिमालयन टूरिज्म मार्ट में भाग लेने से, उपस्थित लोगों को टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंसियों, आवास प्रदाताओं, साहसिक उत्साही और क्षेत्र के विशेषज्ञों सहित उद्योग के पेशेवरों के व्यापक नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त होगी। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य हिमालय की प्राचीन सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए जिम्मेदार और प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देना है। इंटरैक्टिव सत्रों, कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं के माध्यम से, उपस्थित लोग नवीनतम रुझानों, उभरते बाजारों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में सीखते हुए उद्योग में सबसे आगे रहेंगे।
हिमालयन टूरिज्म मार्ट सिर्फ एक बाज़ार से कहीं अधिक है; यह हिमालयी पर्यटन के भविष्य को फिर से परिभाषित करने के लिए समर्पित उत्साही व्यक्तियों और संगठनों का एक समुदाय है।

माईएमडी पॉलीक्लिनिक ने शुरू किया आरोग्य बंधु और मधुमेह मुक्त बंगाल अभियान

कोलकाता । माईएमडी पॉलीक्लिनिक ने बंगाल के उपनगरीय इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ाने के लिए आरोग्य बंधु और मधुमेह मुक्त बंगाल अभियान शुरू किया है। माईएमडी की मुख्य संचार अधिकारी लतिका सिन्हा ने कहा कि आरोग्य बंधु योजना के तहत व्यक्ति केवल 499 रुपये के एकमुश्त शुल्क पर पंजीकरण कर सकते हैं। यह पंजीकरण उन्हें बिना उनकी अगली यात्राओं के लिए किसी अतिरिक्त परामर्श शुल्क के पूरे वर्ष सामान्य चिकित्सक परामर्श के लिए माईएमडी पॉलीक्लिनिक की किसी भी शाखा में असीमित दौरे की अनुमति देता है। इसके अलावा पंजीकृत व्यक्ति डायग्नोस्टिक्स पर 10 प्रतिशत की छूट और सभी दवाओं पर 20 प्रतिशत की छूट के हकदार हैं। अतिरिक्त लाभ के रूप में परिवार के तत्काल सदस्य भी केवल 400 रुपये की विशेष पेशकश पर आरोग्य बंधु पंजीकरण का लाभ उठा सकते हैं। यह व्यापक योजना सुनिश्चित करती है कि बंगाल के लोगों को सस्ती और न्यायसंगत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त हो, जिससे उनके आसपास के क्षेत्र में उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान हो सके।

इंडियन ऑयल के पूर्वी क्षेत्र पाइपलाइन्स में नुक्कड़ नाटक आयोजित

स्वच्छता जागरूकता अभियान का माध्यम बना
कोलकाता। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 01 से 15 जुलाई 2023 तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है जिसके तहत आम जनता, विद्यार्थियों, ठेका श्रमिक, कार्मिकगण आदि सभी के लिए प्रतिदिन स्वच्छता, पर्यावरण, प्लास्टिक प्रदूषण संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं । इसी क्रम में गत 14 जुलाई को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पूर्वी क्षेत्र पाइपलाइन्स कार्यालय द्वारा स्वच्छ्ता रथ, नुक्कड़ नाटक, आम जनता में पौधा वितरण आदि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री एन के पंडा, मुख्य महाप्रबंधक (प्रचालन) महोदय ने बताया कि इंडियन ऑयल प्रतिवर्ष स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहा है । संदीप सरकार, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) ने बताया कि इंडियन ऑयल आम जनता को अपना स्टेकहोल्डर मानती है और उनके लिए विविध कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। कुछ दिन पहले विश्व पर्यावरण दिवस के दौरान भी इंडियन ऑयल द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण को दूर करने के लिए सड़क से प्लास्टिक बोतल इकट्ठा कर उसे उचित तरीके से रिसाइकिल करवाने की व्यवस्था की गई थी। सौरभ दे, मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं.) महोदय ने बताया कि हम प्रतिवर्ष स्वच्छ्ता पखवाड़ा का आयोजन करते आ रहे हैं और आगे भी इसे जारी रखा जाएगा जिससे की आम जनता में स्वच्छता की प्रवृत्ति पनप सके । इस अवसर पर कलकत्ता के प्रसिद्ध संस्था ‘संस्कृति नाट्य मंच’ के कलाकारों द्वारा स्वच्छ भारत नाटक की प्रस्तुति की गई जिसका निर्देशन मो. इबरार खान एवं डॉ संजय कुमार जायसवाल तथा टीम प्रबंधन विकास कुमार एवं मधु सिंह द्वारा किया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन, प्रबंधन एवं धन्यवाद ज्ञापन नागेंद्र पंडित, वरिष्ठ हिंदी अधिकारी, इंडियन ऑयल द्वारा किया गया।

 

सृजन प्रतिष्ठान में सर्वश्रेष्ठ जीन कॉक्ट्यू के जन्म उत्सव पर कविता पाठ

कोलकाता ।  सृजन प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित पोएट्री अड्डा में गत शनिवार गत आठ जुलाई को फ्रैंच के महान कवि जीन कॉक्ट्यू की कविता उत्सव पर विशद रूप से चर्चा की। जीन कोक्ट्यू का जन्म 5 जुलाई 1889 को फ्रांस में हुआ था और उनकी मृत्यु 74 वर्ष की आयु में मिलि- ए – फोरट फ्रांस में हुई थी।वे 20 वीं सदी के कवि, नाटककार, उपन्यासकार, कलाकार, फिल्म निर्माता, विजुअल आर्टिस्ट और आलोचक के रूप में असाधारण व्यक्तित्व के धनी रहे। सृजन द्वारा आयोजित इस कविता अड्डे में 35 से अधिक संख्या में विभिन्न साहित्य भाषा और संस्कृति के लोगों ने कविताओं का आनंद लिया। इस अवसर पर
सृजन की उपाध्यक्ष, प्रोफ़ेसर कृष्णा सेन और अंग्रेजी समन्वयक अंजना बसु दोनों की उपस्थिति रही। प्रो कृष्णा ने कविता अड्डे के सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और समापन पर धन्यवाद दिया। पलाश भद्र ने अपनी विकलांग बीमारी से जूझने के बावज़ूद जीन कोक्ट्यू के अपने दो उत्कृष्ट बांग्ला अनुवाद भेजे जिन्हें बांग्ला समन्वयक दीपक लाहिड़ी ने बहुत ही शानदार ढंग से पढ़ा।
अड्डे की प्रमुख साहित्य चर्चा डॉ. मोहर दास चौधरी ने की जो कलकत्ता विश्वविद्यालय के फ्रेंच विभाग की विभागाध्यक्ष हैं उन्होंने बहुत ही विस्तार से कविताओं की जानकारी दी और जीन कोक्ट्यू की कविताओं का पाठ अंग्रेजी और फ्रैंच दोनों ही भाषाओं में किया जिसे चिन्मय गुहा द्वारा दिया गया था। फ्रैंच और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में कॉक्ट्यू की कविताओं को उनके चित्रों के जरिए भी बताया। प्रो मोहर की कोमल और संवेदनशील आवाज़ में उत्कृष्ट प्रस्तुति सुनी गई। साथ ही वाणिज्य दूतावास की सुंदर फ्रांसीसी महिला, डॉ. सॉल्विग ओबेरसीथर भी देर से आईं, हालांकि वे अपनी कविताओं द्वारा कॉक्ट्यू को सृजन अड्डे में फ्रांसीसी स्वाद के साथ जोड़ने में कामयाब रहीं।
अंग्रेजी प्रोफेसर डॉ. अन्नपूर्णा पालित, जो भाषाओं की प्रेमी हैं, कविता अड्डे का सफल संचालन किया प। प्रत्येक कवि द्वारा सुंदर कविताएँ पढ़ी गईं जिनमें – फहद पाशा (उर्दू) , श्रीपर्णा गंगोपाध्याय ( बांग्ला) , अरुणांशु भट्टाचार्य और अंत में 50 वर्षों से लिख रहे कवि सुजीत सरकार…अमनिता सेन और अमित शंकर साहा द्वारा अंग्रेजी में कविताएं पढी़ गईं – ये दोनों वर्षों से सृजनवादी हैं।और अंत में, हमारी स्थापना के बाद से ही सृजन की प्रशंसक, डॉ वसुंधरा मिश्र द्वारा हिंदी कविताओं का पाठ किया गया । सृजन टीम के सदस्य पवन मस्कारा द्वारा याद की गई, विद्या भंडारी ने संपर्क किया और आमंत्रित किया , जो शुरुआत से ही सृजन में नियमित रूप से भाग ले रही थीं ।
सृजन की काव्य टीम के अन्य सदस्यों को भी अद्भुत कवियों को चुनने और उन्हें स्वीकार करने के लिए बधाई दी गई जिनमें सैयद कवसर जमाल और बांग्ला प्रमुख दीपक लाहिड़ी और उर्दू समन्वयक ज़रीना ज़रीन रहीं।
मंच से पढ़ने वाले कवि भी, जिसकी शुरुआत प्रिय नए कवि सुभाष सरकार और निलीन पुतातुंडा, सुमित लाई रॉय और यहां तक ​​कि जरीना ने भी अपने बहुमूल्य दो शेर सुनाए। इसके अलावा कॉलेजों के दो युवा रचनाकारों दीपांजन छेत्री और अनन्या साहा ने अपनी रचनाएं सुनाई। इस अवसर पर डॉ वसुंधरा मिश्र ने साहित्यकार और भाषा प्रेमी वसंत रूंगटा से बातचीत की। सृजन प्रतिष्ठान सन् 2000 से पोएट्री अड्डे के लिए प्रसिद्ध है । सृजन प्रतिष्ठान के संस्थापक वसंत रूंगटा ने सृजन का परिचय दिया और बताया कि अब तक सृजन प्रतिष्ठान अड्डे में विश्व के सर्वश्रेष्ठ 100 कवियों की श्रृंखला पर महत्वपूर्ण चर्चा हो चुकी है जिसे पुस्तक रूप में भी करने का विचार है। सृजन अड्डे से हम विश्व के विभिन्न प्रसिद्ध साहित्य, संस्कृति, कला, फिल्म थियेटर आदि को सामने लाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा अड्डा है, जहां हमें इन तस्वीरों को पोस्ट करने में सबसे अधिक खुशी मिलती है, डॉ सुजाता दास द्वारा की गई फोटोग्राफी अड्डे का फ्रेम-दर-फ्रेम विवरण देती हैं। हमारे परिवार में हाल ही में शामिल हुई, अनुपमा मैत्रा जो एसोसिएटप्रोफेसर और अंग्रेजी की एचओडी हैं जिन्होंने पिछले महीने विक्रम सेठ पर अड्डा का कुशलतापूर्वक संचालन किया था। जैसा कि आप सृजन सभागार में इन तस्वीरों में देख सकते हैं। पंचायत चुनाव मतदान के बावजूद, हमारे पास यह सृजन अड्डा है जहां हम अपने को साहित्यिक माध्यम से समृद्ध कर सकते हैं । कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों ने किया सीएमआरआई अस्पताल का शैक्षणिक दौरा

कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक दौरे के तहत सीएमआरआई (कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) अस्पताल ले जाया गया। दो संकाय सदस्यों, श्री सुभाशीष दासगुप्ता और श्री सौविक मजूमदार के साथ लगभग तीस विद्यार्थियों ने अस्पताल का दौरा किया। गत 6 जुलाई को सभी विद्यार्थी कॉलेज से सुबह लगभग 9:30 बजे बस द्वारा 10:30 बजे तक अस्पताल पहुँच गए ।
अस्पताल के सदस्यों ने सभी का स्वागत किया और सभागार में प्रवेश करने से पहले अपना पंजीकरण करवाया । सभागार में प्रवेश करते ही उन्हें एक मैनुअल सौंपा गया। डॉ. देबाराती एवं डॉ. सुमोना द्वारा एक संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिखाया गया। डॉ। देबारती ने सभी आगंतुकों का अभिवादन किया और छात्रों से कुछ प्रश्न पूछकर प्रस्तुति शुरू की। उन्होंने उनसे पूछा कि क्या वे पहले कभी किसी कारण से अस्पताल गए थे और छात्रों ने अपने पिछले अनुभव साझा किए। डॉ. सुमोना ने सीएमआरआई अस्पताल के बारे में संक्षिप्त परिचय दिया और बताया कि कैसे इसने खुद को शहर के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में से एक के रूप में स्थापित किया। प्रेजेंटेशन में अस्पताल की विभिन्न शाखाओं को दिखाया गया और इस बात पर जोर दिया गया कि सीएमआरआई अस्पताल आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए जाना जाता है।
प्रेजेंटेशन समाप्त होने के बाद, डॉ देबाराती छात्र छात्राओं के साथ अस्पताल का दौरा करने के लिए समय और पहल करने के लिए हमारे संकाय, श्री सुभाशीष दासगुप्ता और श्री सौविक मजूमदार को धन्यवाद दिया। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद, छात्रों को पंद्रह के समूहों में विभाजित किया गया और उन्हें चौथी मंजिल पर ले जाया गया जहां उन्हें डॉ. राजा ढोर ने संबोधित किया जो कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में पल्मोनोलॉजी विभाग के निदेशक और एचओडी हैं। उन्होंने छात्रों से अस्पताल से उनकी अपेक्षाओं के बारे में पूछा और चार से पांच छात्रों ने सवाल पूछे और बड़े पैमाने पर अस्पतालों में स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के कम वेतन के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की। इसके बाद डॉ. राजा धर ने स्वास्थ्य देखभाल के महत्व के बारे में बात की और धूम्रपान के हानिकारक प्रभावों के बारे में सभी को आगाह किया। उन्होंने फिट रहने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए सभी को संतुलित आहार लेने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी। संक्षिप्त चर्चा के बाद छात्रों के दो समूहों को अस्पताल के चारों ओर भ्रमण के लिए ले जाया गया।स्टाफ सदस्यों में से एक ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्हें अस्पताल के विभिन्न विभागों जैसे गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, ईएनटी विभाग, प्लास्टिक, हाथ और त्वचाविज्ञान, हड्डी रोग, जीआई और एचपीबी सर्जरी विभाग, रेडियोलॉजी और इमेजिंग विभाग, मैमोग्राफी और एक्स-रे विभाग दिखाया। ,वृक्क विज्ञान विभाग और डायलिसिस इकाई।छात्रों को एक खाली रोगी शौचालय में भी ले जाया गया जिससे उन्हें उपचार के दौरान रोगियों को उपलब्ध सुविधाओं को समझने में मदद मिली। अस्पताल के स्टाफ द्वारा विद्यार्थियों को सामान्य वार्ड और आईसीयू वार्ड के बीच का अंतर समझाया गया।
छात्रों को भर्ती मरीजों के परिवारों के लिए नर्सिंग स्टेशन और वेटिंग रूम भी दिखाया गया। छात्र अस्पताल के अंदर एक फूड वेंडिंग मशीन देखकर मंत्रमुग्ध हो गए जो अस्पताल के सभी कामकाजी कर्मचारियों के लिए स्थापित की गई थी। अस्पताल के आसपास के क्षेत्र और पार्किंग स्थल सूची में आखिरी स्थान पर थे। पूरे अस्पताल का रख-रखाव बहुत अच्छे से किया गया था और छात्रों को अस्पताल का माहौल बहुत पसंद आया। दौरा पूरा होने के बाद, आगंतुकों को एक भोजन पैकेज दिया गया जो अस्पताल द्वारा प्रदान किया गया था। सीएमआरआई अस्पताल का यह शैक्षणिक दौरा भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के छात्रों के लिए एक समृद्ध अनुभव था।रिपोर्टर कासिस शॉ रहीं और जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

बीईएससी में स्केटबोर्डिंग आयोजित

कोलकाता । गत 16 जून को स्केटबोर्डिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया था । यहां सभी छात्रों को सुबह 10 बजे से कॉलेज परिसर के कॉलेज मैदान में स्केटबोर्डिंग का प्रयास करने का अवसर मिला। छात्र मामलों के डीन, प्रोदिलीप शाह ने न केवल कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई बल्कि स्केटबोर्डिंग का प्रयास भी किया, जो कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों के लिए काफी प्रेरणादायक था।
छात्रों ने स्केटबोर्डिंग की संस्कृति विकसित करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया। हालाँकि प्रतिभागी कम थे, लेकिन प्रतिभागियों द्वारा सीखने का इरादा सराहनीय था। आयोजक छात्रों में खेल भावना चरम पर थी। उन्होंने पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें वह सब कुछ बताया जो उन्हें साझा करना था। फिर आयोजक छात्रों ने अपनी स्केटबोर्डिंग प्रतिभा का प्रदर्शन किया जो देखने लायक था।
आयोजक छात्रों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया गया जिन्होंने जून की चिलचिलाती गर्मी में भी इस कार्यक्रम को संभव बनाया!रिपोर्ट किया अक्षत कोठारी ने और जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

भवानीपुर कॉलेज की एनएसएस ईकाई ने आरम्भ किया कनेक्टिंग डॉट्स 2.0

कोलकाता । शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं। नेल्सन मंडेला के कथन पर अमल करते हुए भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज की एनएसएस टीम ने केओरातला बसनबाला गर्ल्स हाई स्कूल में अपने 3 महीने से चल रहे प्रोजेक्ट ‘कनेक्टिंग डॉट्स 2.0’ की शुरुआत की।
शिक्षा एक बच्चे के जीवन में एक आवश्यक घटक है क्योंकि यह उनके कौशल, व्यक्तित्व और दृष्टिकोण को बढ़ाती है। यह वह नींव है जिस पर उनका भविष्य निर्मित होता है क्योंकि बच्चे हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं। इस विश्वास के साथ भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा 4 जुलाई 2023 को केओरातला बसनबाला गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
इस परियोजना का लक्ष्य संवादी अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान विषयों को बेहतर बनाना है जो उन्हें स्पोकन इंग्लिश सीखने में मदद करेगा और उनके सामान्य ज्ञान में सुधार करेगा और उन्हें आत्मविश्वासी बनाएगा साथ ही उन्हें बाहरी दुनिया के लोगों से जुड़ने के लिए मंच प्रदान करेगा। उनके पास स्पोकन इंग्लिश और सामान्य ज्ञान दोनों के लिए सप्ताह में एक कक्षा होगी जिसे रिकॉर्ड किया जाएगा। अंत में, एक मूल्यांकन परीक्षा ली जाएगी और उसके आधार पर छात्रों को एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
एन एस एस की प्रमुख प्रो गार्गी, स्वप्ना बेन पटेल (स्कूल की ट्रस्टी) कॉलेज के 3 छात्रों के साथ ऑनलाइन कक्षाओं के सुचारू प्रवाह के लिए उपकरण स्थापित करने में स्कूल प्रबंधन की मदद करने के लिए 4 घंटे की ड्राइव करके स्कूल गईं। एनएसएस के अन्य 2 स्वयंसेवकों ने पहले सप्ताह के लिए ऑनलाइन कक्षाएं ली। कुल मिलाकर 14 स्वयंसेवक इन 3 महीने की परियोजना में भाग ले रहे हैं।एन एस एस की पूरी टीम ने इसके लिए छात्र मामलों के डीन प्रोफेसर दिलीप शाह, छात्र , प्रोफेसर मीनाक्षी चतुर्वेदी और कॉलेज के पूरे प्रबंधन को पूरे आयोजन में उनके अपार समर्थन के लिए धन्यवाद दिया ।कृपा सहल द्वारा इस कार्यक्रम की रिपोर्ट दी गई और जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।