सर्दी के मौसम में चेहरे की चमक खोने लगती है। ऐसा मौसम में बदलाव के कारण होता है. इस दौरान अगर आप अपने चेहरे की चमक बढ़ाना चाहते हैं तो इन 3 तरीकों को अपना सकते हैं। सर्दी के मौसम में अक्सर त्वचा संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। इस मौसम में त्वचा रूखी, पीली और बेजान दिखने लगती है। ऐसा ठंडी हवाओं के संपर्क में आने से होता है। सर्दियों में त्वचा धूप, ठंडी हवा और प्रदूषण के संपर्क में आती है जिससे त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। जिसके कारण सर्दियों में त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है। सर्दियों में अपने चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं –
होममेड फेस पैक लगाएं- त्वचा की चमक बढ़ाने के लिए आप होममेड फेस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस फेस पैक को बनाने के लिए पपीते को मैश कर लें और फिर इसमें नींबू का रस मिलाएं। इसे अच्छे से मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इसे कम से कम 15 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें.
तेल लगाएं- सर्दियों में अपनी त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए अपने चेहरे पर तेल लगाएं। आप रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर तेल लगा सकते हैं। इसके लिए अपनी पसंद का तेल इस्तेमाल करें. इसे अपने चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। इसे रात भर लगा रहने दें, फिर सुबह अपना चेहरा धो लें।
स्क्रबिंग है फायदेमंद- सर्दियों में अपने चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए आप चावल के स्क्रब का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए चावल और तिल को एक बर्तन में भिगो दें. जब यह अच्छे से भीग जाए तो इसे पीस लें। इसमें शहद मिलाएं और फिर इसे चेहरे और शरीर पर अच्छे से लगाएं। फिर 2 से 3 मिनट के लिए छोड़ दें और स्क्रब करें। फिर त्वचा को अच्छी तरह साफ कर लें।
सर्दियों में रखें त्वचा का खास ख्याल
निःस्वार्थ प्रेम की खामोश आवाज अमृता के इमरोज

सर्दियों में पराठा और चीला का आनंद
पुदीना पराठा
सामग्री – 1 कप गेहूं का आटा, 1/2 कप कटी हुई पुदीना पत्तियां, 1/2 छोटा चम्मच कसा हुआ अदरक, 1/4 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर , 2 बड़े चम्मच सूखा पुदीना, 1/2 छोटा चम्मच मक्खन, 2 बड़े चम्मच चाट मसाला, 3 बड़े चम्मच देसी घी, नमक स्वादानुसार
विधि – पुदीना पराठा बनाने के लिए सबसे पहले आटे को छान कर एक मिक्सिंग बाउल में डाल लें। इसके बाद आटे में कटी हुई पुदीने की पत्तियां डालकर मिलाएं। अब आटे में कसा हुआ अदरक, 2 चम्मच तेल और स्वादानुसार नमक डालें और आटे को अच्छे से छान लें. ताकि आटे में पुदीना और अन्य सामग्री अच्छे से मिल जाए। अब थोड़ा पानी डालकर आटा गूंथ लें । इसके बाद आटे को ढककर 15 मिनट के लिए अलग रख दीजिए। तय समय के बाद आटा लें और इसे एक बार फिर से गूंथ लें। इसके बाद आटे की मध्यम आकार की लोइयां बना लीजिए। सबसे पहले एक बाउल लें और उसमें सूखा पुदीना, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा नमक डालकर तीनों को मिला लें। अब आटे की एक लोई लें और उसे बेल लें। इसके ऊपर सूखा पुदीना मिश्रण डालें और चारों तरफ फैला दें। अब परांठे को बेल लें और लच्छा परांठे की तरह बेल लें, इसके बाद परांठे को बीच में दबाकर बेल लें। अब एक नॉनस्टिक पैन लें और उसे मध्यम आंच पर गर्म करें। तवा गर्म होने पर उस पर परांठे डालकर तल लें। इसी बीच पराठों के दोनों तरफ घी लगाकर इन्हें क्रिस्पी होने तक तल लीजिए। जब परांठे का रंग सुनहरा भूरा हो जाए तो इसे पैन से उतार लें। सारे पुदीना परांठे इसी तरह तैयार कर लीजिये। अब परांठे को दही या चटनी के साथ परोसें।
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चुकंदर चीला

सामग्री –2 मध्यम आकार के चुकंदर (बीट), 2 मध्यम आकार के आलू , 1 (कटी हुई) हरी मिर्च , 2 बड़े चम्मच धनिया पत्ती, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 2 लहसुन, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर., नमक – स्वादानुसार, 2 बड़े चम्मच तेल ।
विधि – चुकंदर चीला बनाने के लिए सबसे पहले चुकंदर और आलू को अच्छे से धोकर उबाल लें। इन्हें उबलते पानी में रखें और 15-20 मिनट तक पकाएं। चुकंदर और आलू को ठंडा होने दें। फिर छीलकर कद्दूकस कर लें।अब एक बड़े कटोरे में कद्दूकस किया हुआ चुकंदर और आलू, हरी मिर्च, धनिया के बीज, अदरक, लहसुन, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और नमक मिलाएं। सभी चीजों को अच्छे से मिला लीजिए। – अब एक नॉन स्टिक पैन में तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर चुकंदर के मिश्रण को पैन में डालें और मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक पकाएं, ताकि चीला कुरकुरा हो जाए।. इसमें लगभग 10-12 मिनट का समय लग सकता है। जब चीला सुनहरा हो जाए तो उसे पलट दें और दूसरी तरफ से भी पकाएं, ताकि वह समय पर पक जाए।
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हावड़ा राइटर्स एसोसिएशन की ओर से सम्मानित किये गये साहित्यकार
हावड़ा । हावड़ा राइटर्स एसोसिएशन के वार्षिक साहित्यिक सम्मान शिवपुर में इदारा इमदादुल गुर्बा में प्रदान किये गये। हिन्दी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान डॉ.अभिज्ञात, बांग्ला के लिए अमित मुखोपाध्याय और उर्दू के लिए शब्बीर जुल मनान को दिया गया। संस्था के संस्थापक और विख्यात साहित्यकार स्वर्गीय कैसर शमीम की स्मृति में किसी उर्दू साहित्यकार को दिया जाने वाला कैसर शमीम अवार्ड हलीम साबिर को मिला। एसोसिएशन के सदस्य लेखक का सम्मान डॉ.सुल्तान साहिर को और विशेष
सम्मान से शहनाज रहमत को नवाजा गया। समारोह को संस्था के अध्यक्ष डॉ.मुहम्मद शमसुल हसन अंसारी, सचिव जावेद मजीदी ने सम्बोधित किया। समारोह की अध्यक्षता डॉ.शाहिद अख्तर ने की।
महिला सशक्तीकरण की गतिविधियों में तेजी लायेंगी वीरांगनाएं
कोलकाता । अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फाउंडेशन, पश्चिम बंगाल ने नववरष में महिला सशक्तीकरण की गतिविधियों को और तेज करने का संकल्प लिया। विक्टोरिया मेमोरियल परिसर में संस्था की वार्षिक गतिविधियों की समीक्षा की गयी और अगले वर्ष की योजनाओं की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। प्रतिभा सिंह ने कहा कि महिलाओं ने अपनी साहिस और उद्यम के जरिए यह संकेत दिया है कि वे बहुत कुछ कर सकती हैं। विश्वास है कि यह सदी महिलाओं की होगी।
बैठक की अध्यक्षता वीरांगना की प्रदेश अध्यक्ष और विख्यात गायिका-अभिनेत्री प्रतिभा सिंह ने किया। कार्यक्रम में वीरांगना की प्रदेश महासचिव प्रतिमा सिंह, उपाध्यक्ष रीता सिंह, कोलकाता इकाई की अध्यक्ष मीनू सिंह, महासचिव इंदु संजय सिंह, कोषाध्यक्ष संचिता सिंह, उपाध्यक्ष ललिता सिंह, पदाधिकारी मीरा सिंह, गीता सिंह, प्रेमशीला सिंह, मीनाक्षी तिवारी, सोदपुर इकाई की अध्यक्ष सुनिता सिंह, पदाधिकारी जयश्री सिंह, मंजू सिंह उपस्थित थीं।




