Thursday, July 16, 2026
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दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- रेप से पैदा हुआ बच्चा भी मुआवजे का हकदार

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला करते हुए कहा है कि बलात्कार के कारण जन्म लेने वाला बच्चा उसकी मां को मिले किसी भी तरह के मुआवजे से अलग मुआवजे का हकदार है। अदालत ने यह फैसला उस मामले में सुनाया जिसमें अपनी नाबालिग सौतेली बेटी का बलात्कार करने के जुर्म में दोषी को स्वाभाविक मृत्यु तक की अवधि के लिए जेल भेज जा चुका है।

हालांकि अदालत ने कहा कि बाल यौन अपराध संरक्षण कानून या दिल्ली सरकार की पीड़ित मुआवजा योजना में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि इस संबंध में कानून तय कर चुके उच्च न्यायालय ने बलात्कार पीड़ित को मुआवजे की राशि निचली अदालत द्वारा निर्धारित 15 लाख रूपये से घटाकर साढे सात लाख रूपये कर दी।

निचली अदालत के फैसले में खामी

अदालत ने कहा कि उच्च राशि दिल्ली सरकार द्वारा तय 2011 मुआवजा योजना के खिलाफ है, उच्च न्यायालय ने बलात्कार की पीड़ित की गोपनीयता कायम रखने के दिशानिर्देशों को नजरअंदाज करने के मामले में निचली अदालत के आदेश में खामी पाई। हालांकि न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति आरके गौबा की पीठ ने कहा कि नाबालिग या बालिग महिला के बलात्कार से जन्म लेने वाली संतान निश्चित रूप से अपराधी के कृत्य की पीड़ित है और वह उसकी मां को मिले मुआवजे की राशि से इतर मुआवजे का हकदार है।

 

डोमेस्टिक फ्लाइट चेक इन में वोटर कार्ड, पासपोर्ट, डीएल की जरूरत नहीं, बस आधार रखें साथ

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डोमेस्टिक फ्लाइट में सफर करने के लिए अब आपको अपने साथ आईडेंटिटी प्रूफ रखने की जरूरत नहीं होगी। आपका आधार नंबर (यूआईडी) ही इसके लिए काफी होगा। एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी के पैरामीटर तय करने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) और एविएशन मिनिस्ट्री इसपर काम कर रही है। इसके तहत आधार कार्ड दिखाकर चेकइन और चेकआउट की सुविधा मिलेगी. इस योजना की सफलता को देखते हुए दूसरे ऑप्शन भी तलाशे जाएंगे।

इस प्रोजेक्ट के तहत आपको डोमेस्टिक फ्लाइट में सफर करने के लिए आईकार्ड के तौर पर वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या अपने साथ ले जाने की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल हैदराबाद एयरपोर्ट पर ये प्रोजेक्ट चल रहा है। जल्द ही इसे मुंबई और बंगलुरु में भी शुरू किए जाने की तैयारी है।

हैदराबाद पायलट प्रोजेक्ट
हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पिछले साल ये प्रोजेक्ट शुरू किया था. इसके तहत एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अपने यात्रियों को आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा दी थी। आधार कार्ड दिखाकर यात्री किसी एक गेट से चेकइन कर सकते थे लेकिन, अब बाकी गेटों में भी आधार कार्ड दिखाकर चेकइन किया जा सकता है। हालांकि, ऐसा करना अनिवार्य नहीं है। अगर किसी यात्री के पास आधार नहीं है, तो वह अन्य पहचान पत्र दिखाकर चेकइन कर सकता है।

पेपरलेस के अन्य ऑप्शन भी तलाशेंगे
हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ एसजीके किशोर ने बताया, ‘एक गेट पर इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद हम अब हैदराबाद एयरपोर्ट के बाकी गेटों पर भी आधार कार्ड से एंट्री शुरू करने जा रहे हैं। ये यात्रियों के लिए काफी आसान और सुविधाजनक होगा. आपका बस अपना आधार कार्ड दिखाना है और सिक्योरिटी स्टाफ आपकी जरूरी डिटेल ले लेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि एयरपोर्ट पेपरलेस होने की दिशा में आगे अन्य ऑप्शन के बारे में भी सोच रही है।

 

जल्द अपना चैनल लांच करेंगे अर्नब, ‘रिपब्लिक’ होगा नाम

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टाइम्स नाऊ के पूर्व एडिटर इन चीफ और न्यूज एंकर अर्नब गोस्वामी जल्द ही अपना नया चैनल लॉन्च कर सकते हैं। उनके टाइम्स नाऊ छोड़ने के बाद से ही ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह खुद का चैनल लांच करेंगे। अर्नब के नए चैनल का नाम ‘रिपब्लिक’ होगा, टाइम्स नाऊ पर अपने आखिरी शो होस्ट करने के ठीक एक महीने बाद अर्नब ने अपने नए वेंचर की घोषणा की।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक अर्नब अपने नए चैनल को 2017 में उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले लांच करेंगे, अभी वह अपनी टीम के साथ इसकी तैयारियों में जुटें है। गौरतलब है कि अर्नब गोस्वामी ने 1 नवंबर को टाइम्स नाऊ के एडिटर-इन-चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उन्होंने मीडिया के स्वंतत्र होने की बात की थी।

 

आमिर की चाहत, कृष्ण भगवान का निभाएं किरदार

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पर्दे पर अलग अलग तरह के किरदार निभाने के लिए मशहूर अभिनेता आमिर खान ने आज कहा कि वह भगवान कृष्ण का किरदार निभाना चाहेंगे।

आमिर खान ने कहा कि अगर महाभारत पर कोई फिल्म बनाई जा रही है तो वह उसमें कृष्ण की भूमिका निभाना चाहेंगे। ऐसी खबरें हैं कि फिल्म ‘बाहुबली’ से चर्चाओं में आए तेलुगू निदेशक एस एस राजामौली की महाभारत पर फिल्म बनाने की योजनाएं हैं। आमिर ने इसे लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह कहा।

आमिर की आगामी फिल्म दंगल 23 दिसंबर को रिलीज हो रही है।

 

आईसीसी की वर्ष की महिला टीम में स्मृति मंदाना एकमात्र भारतीय

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भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंदाना को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद : आईसीसी : की वर्ष 2016 की महिला टीम में चुना गया है। इसकी घोषणा आज की गयी। वर्ष की महिला टीम में पिछले 12 महीनों के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को रखा गया है। वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर को इस टीम का कप्तान बनाया गया है। खिलाड़ियों का चयन 14 सितंबर 2015 से लेकर 20 सितंबर 2016 तक उनके प्रदर्शन के आधार पर टीम में लिया गया। इस दौरान महिला विश्व टी20 और आईसीसी महिला चैंपियनशिप भी खेली गयी। आईसीसी मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा, ‘‘यह पहला अवसर है जबकि आईसीसी ने वर्ष की महिला टीम का चयन किया। स्टेफनी टेलर और टीम में जगह बनाने वाली अन्य खिलाड़ियों को बधाई। ’’ मंदाना के अलावा इस टीम में न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स, राचेल प्रीस्ट और लीग कास्पेरेक, आस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग और एलिस पेरी, इंग्लैंड की हीथर नाइट और अन्य श्रुबसोले, वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर और डींड्रा डोटिन तथा दक्षिण अफ्रीका की सुने लुस को रखा गया है। आयरलैंड की किम गार्थ को 12वीं खिलाड़ी चुना गया है। इस टीम का चयन एक पैनल ने किया जिसमें क्लेरी कोनोर : अध्यक्ष :, मेल जोन्स और शुभांगी कुलकर्णी शामिल थी। इस बीच सूजी बेट्स वर्ष की आईसीसी महिला वनडे और टी20 दोनों पुरस्कार जीतने वाली पहली क्रिकेटर बन गयी। वर्ष की महिला टीम : बल्लेबाजी क्रम में : .. सूजी बेट्स : न्यूजीलैंड :, राचेल प्रीस्ट : न्यूजीलैंड :, स्मृति मंदाना : भारत :, स्टेफनी टेलर : वेस्टइंडीज, कप्तान :, मेग लैनिंग : आस्ट्रेलिया :, एलिस पेरी : आस्ट्रेलिया :, हीथर नाइट : इंग्लैंड :, डींड्रा डोटिन : वेस्टइंडीज :, सुने लुस : दक्षिण अफ्रीका :, अन्या श्रुबसोले : इंग्लैंड :, लीग कास्पेरेक : न्यूजीलैंड :। 12वीं खिलाड़ी . किम गार्थ : आयरलैंड :।

 

अपनाएं डिजिटल पेमेंट और जीतें इनाम, लकी ग्राहक योजना लॉन्च

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बजट से पहले ही सरकार ने राहतों की घोषणा  की शुरुआत कर दी है। अब फोकस नोटबंदी का नफा नुकसान गिनाने से ज्यादा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव देने पर किया जा रहा है ताकि जनता को ये भरोसा हो कि अब भी उम्मीद बाकी है। तभी तो अब तक देश में हो रहे कुल लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी ही डिजिटल है। इसे बढ़ाने के लिए तमाम उपाय सरकार कर रही है। कोशिश है कि डिजिटल भुगतान यानी लेनदेन को जनता दिल से स्वीकार कर ले और नकद मुद्रा पर निर्भरता कम हो और उसका सशक्त विकल्प जनता के पास तैयार हो सके।

यानी क्रिसमस से हमारे सांता बाबा ने आम जनता और कारोबारियों के लिए तोहफों का पिटारा खोलने का ऐलान कर दिया है। क्रिसमस के सौ दिन बाद तक चलने वाली इस योजना के तहत नगदी के ये तोहफे उनको मिलेंगे जिन्होंने नोटबंदी के ऐलान के बाद से डिजिटल ट्रांजेक्शन किया है। इनमें कारोबारी और आम ग्राहक जनता भी शामिल है।

नीति आयोग के सीईओ यानि मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इन तोहफों की योजना का खुलासा करते हुए बताया कि आठ नवंबर से 13 अप्रैल तक बैंकों के जरिये हुए ट्रांजेक्शन के लिए सरकार मेगा प्राइज यानी बंपर पुरस्कार देगी। ये पुरस्कार रोजाना और साप्ताहिक ड्रॉ में दिये जाएंगे। अमिताभ कांत के मुताबिक 14 अप्रैल से पहले तक यानी 13 अप्रैल तक आम डिजी ग्राहकों के लिए एक करोड़, पचास लाख और पच्चीस लाख के नकद पुरस्कार दिये जाएंगे।

इसके अलावा दुकानदारों और कारोबारियों के लिए भी इनाम का इंतजाम है यानी उनको 50 लाख, 25 लाख और पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा।

हाल ही में शुरू की गई डिजीधन योजना के तहत व्यापारियों के लिए हर सप्ताह सात हजार पुरस्कार दिये जाएंगे. अधिकतम इनाम 50 हजार रुपये नकद का होगा. आम ग्राहकों के लिए साप्ताहिक पुरस्कार योजना होगी जिसमें एक लाख दस हजार और पांच हजार रुपये के नकद इनाम होंगे.

दूसरी ओर देश में रिटेल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने के बनाये गये नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई ने भी कई लकी ड्रॉ योजनाओं का ऐलान किया है. छोटे बड़े भुगतान को डिजिटल तौर पर करने के लिए पेटीएम के जोरदार विकल्प यूपीआई जैसे एप्स को जनता तक पहुंचाने की मुहिम में लगे एनपीसीआई ने कहा है कि क्रिसमस से अगले सौ दिनों तक रोजाना 15 हजार विजेताओं को हजार हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा. इन तमाम लकी ड्रॉ परियोजनाओं का फोकस डिजीधन योजना के तहत डिजिटल लेन देन करने वाले गरीब और मध्य वर्ग के ग्राहकों के साथ साथ छोटे और मझोले कारोबारियों पर होगा. ताकि नोटबंदी की मार झेल रहे इन लोगों को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ा जा सके. यानी पारदर्शी कारोबार और फौरन आसान भुगतान… कारोबारी भी खुश और ग्राहक भी… इनाम अलग…

 

अदिति अशोक ने गोल्फ में भारत के लिए गाड़े झंडे

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युवा अदिति अशोक ने बीते वर्ष भारतीय गोल्फ में नया इतिहास रचा और अन्य पेशेवर खिलाड़ियों ने भी उम्दा प्रदर्शन किया जिससे भारतीय गोल्फ के लिए 2016 प्रभावशाली रहा जबकि इसी वर्ष इस खेल ने एक शताब्दी से अधिक समय बाद ओलंपिक में वापसी की।
भारतीय गोल्फ की स्टार 18 साल की अदिति रही जिन्हें लेडीज यूरोपीय टूर की साल की उभरती हुई खिलाड़ी भी चुना गया। इस दौरान वह टूर पर अपने पहले साल में लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली भारतीय भी बनी।
पुरूषों में अनिर्बान लाहिड़ी को मिश्रित सफलता मिली लेकिन एसएसपी चौरसिया और गगनजीत भुल्लर ने खिताबों के साथ वापसी की जिससे इस खेल में भारत का प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रहा।
लाहिड़ी इस दौरान चौरसिया के साथ रियो ओलंपिक में खेलने पहले पहले भारतीय बने।
लाहिड़ी मकाउ ओपन और सीआईएमबी क्लासिक में खिताब जीतने के करीब पहुंचे लेकिन बाद में क्रमश: दूसरे और संयुक्त तीसरे स्थान पर रहे। बेंगलुरू के इस गोल्फर ने सत्र की शुरूआत में इंडियन ओपन के अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव कर ही लिया था लेकिन अंत में चौरसिया के हाथों उन्हें दो शाट से शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे कोलकाता के गोल्फर ने ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया।

 

मुझे ‘बिग बॉस’ पसंद नहीं है : सूरज बड़जात्या

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अपने अधिकांश फिल्मों में सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या को सुरपस्टार के विवादित रियल्टी कार्यक्रम ‘बिग बॉस’ पसंद नहीं है।’’ बड़जात्या ने यहां पर एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुझे ‘बिग बॉस’ पसंद नहीं है। मैं वह खंड :वीकेंड का वार एपिसोड जिसमें सलमान खान आते हैं: नहीं देखता।’’ उन्होंेने चुटकी ली, ‘‘वास्तव में मैं ज्यादा टेलीविजन नहीं देखता। मैं नये कार्यक्रम देखता हूं। मुझे ‘शक्ति’, ‘शनि’ :टीवी कार्यक्रम’ पसंद हैं।’’ बड़जात्या अपने नये टीवी कार्यक्रम ‘एक श्रृंगार .. स्वाभिमान’ प्रस्तुत किये जाने से इतर संवाददाताओं के साथ बातचीत में यह बात कही।

पारंपरिक मूल्यों वाले एक आधुनिक नजरिये वाले दंपति की कहानी वाली धारावाहिक ‘एक श्रृंगार.. स्वाभिमान’ का निर्माण राजश्री प्रोडक्शन ने किया है। यह धारावाहिक 19 दिसंबर से कलर्स चैनल पर प्रसारित होने जा रही है।

 

पीएम ने करवाया बैंकों की 500 शाखाओं का स्टिंग, 400 सीडी वित्त मंत्रालय पहुँची

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकों में चल रही गड़बड़ियों को जांचने के लिए देश के बैंकों की करीब 500 शाखाओं का स्टिंग करवाया है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय में स्टिंग ऑपरेशन की करीब 400 सीडी पहुंच भी चुकी हैं। इन बैंकों में निजी और सरकारी दोनों बैंक की शाखाएं शामिल हैं।

सूत्रों की मानें तो सीडी में बैंक अधिकारियों, पुलिस, दलाल और जालसाजों की मिलीभगत से नोट बदले जाने के सबूत भी मिले हैं। सीडी में साफ पता चल रहा है कि बैंकों में पुलिस, दलाल और प्रभावशाली लोगों की सांठ-गांठ से कैसे पुराने नोट बदले जा रहे हैं।

बैंकों में हुई गड़बड़ी की जांच जारी है। करेंसी संकट में थोड़ा सुधार होने के बाद भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो कार्रवाई फिलहाल फरवरी या मार्च तक के लिए टाल दी गई है जिससे अभी कामकाज पर कोई असर न पड़े।

रेवेन्यू इंटेलीजेंस के सूत्रों के अनुसार अगर बैंकों की भूमिका सही रहती तो नोटबंदी के बाद से लोगों को इतनी दिक्कत नहीं होती।

आपको बता दें कि कालेधन पर लगाम लगाने के लिए सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद बैंककर्मी भी सफेद धन को काला और कालेधन को सफेद करने में लगे हैं, जिसके चलते कई बैंककर्मियों के खिलाफ कार्यवाई भी हुई है।

गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने एक्सिस बैंक के मैनेजर विनीत गुप्ता और शोभित सिन्हा को सात दिन की रिमांड पर भेजा था। इन दोनों मैनेजरों को यूपी की राजधानी लखनऊ में काले धन को सफेद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है।

इससे पहले पटना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बिड़ला मंदिर शाखा के एक कर्मी को कालेधन को सफेद और सफेद को कालाधन करने के मामले में निलंबित किया गया था।

 

जब-जब संसद में कामकाज ठप रहा इस सांसद ने लौटा दिया वेतन

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संसद का पूरा शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। महीने भर चले सत्र में एक भी दिन अच्छी तरह से काम नहीं हो सका।  जानकारों ने इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को लताड़ा। यहां तक की राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी इस पर चिंता जाहिर की। संसद में कार्यवाही के दौरान 1 मिनट पर 2.5 लाख रुपये खर्च होते हैं। 1 घंटे का खर्च 1.5 करोड़ रुपये और पूरे 1 दिन का खर्च 9 करोड़ रुपये होता है। ऐसे में कई लोगों ने सांसदों के वेतन में कटौती करने को कहा।

इस सबके बीच बीजू जनता जल (बीजेडी) सांसद जय पांडा ने एक उदाहरण पेश किया है। लोकसभा की कार्यवाही नष्ट होने से दुखी सांसद जय पांडा ने अपनी तरफ से इसकी भरपाई करने की कोशिश की है। पांडा ने बताया कि वो अपने वेतन का उतना हिस्सा और भत्ता लौटा देते हैं, जितना लोकसभा के समय का नुकसान हुआ है। ऐसा वो 4-5 सालों से कर रहे हैं।

संसद में जारी गतिरोध पर आडवाणी ने तृणमूल सांसद इदरीस अली को अपना दर्द बताते हुए कहा था कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संसद में होते तो बहुत दुखी होते। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि ‘मेरा मन कर रहा है कि मैं इस्तीफ़ा दे दूं।’

राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा था कि संसद में गतिरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि भगवान के लिए अपना काम करें। राष्ट्रपति मुखर्जी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पास होने की वकालत भी की थी।