Sunday, March 29, 2026
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भारत में फेसबुक यूजर्स की संख्या सबसे ज्यादा, अमेरिका को छोड़ा पीछे

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फेसबुक इस्तेमाल करने भारत ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। फेसबुक की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में फेसबुक के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं। भारत ने इस मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ा है। 13 जुलई को फेसबुक द्वारा जारी पोटेंशियल ऑडियंस (potential audience) में इसका खुलासा हुआ है।

फेसबुक की इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत 241 मिलियन (24.1 करोड़) फेसबुक यूजर्स के साथ दुनिया में पहले पायदान पर है, वहीं 240 मिलियन यूजर्स (24 करोड़) के साथ अमेरिका दूसरे नंबर है। बता दें कि फेसबुक ने हाल ही में बताया था कि पूरी दुनिया में उसके यूजर्स की संख्या 2 बिलियन से ज्यादा हो गई है।
फेसबुक की रिपोर्ट के मुताबिक भारत और अमेरिका में फेसबुक के यूजर्स की संख्या में साल 2017 में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। इस दौरान एक्टिव यूजर्स की संख्या भारत में दोगुनी से भी ज्यादा रही। पिछले 6 महीनों में भारत में फेसबुक के एक्टिव यूजर्स की संख्या में 27 फीसदी का इजाफा हुआ है। अगर भारत में शहर के हिसाब से यूजर्स की बात करें तो नई दिल्ली में यूजर्स की संख्या 15,000,000 है।
इस दौरान फेसबुक से भारत में 5 करोड़ यूजर्स जुड़े हैं, जबकि अमेरिका में 2.6 करोड़ यूजर्स फेसबुक से पिछले 6 महीनों में जुड़े हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि भारत में फेसबुक के 50 फीसदी से ज्यादा यूजर्स की उम्र 25 साल से कम है।

 

रंगभेदी विज्ञापनों का विरोध : अभय देओल को मिला पुरस्कार

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कुछ महीनों पहले अभय देओल ने फेयरनेस क्रीम के एड करने वाले एक्टर्स के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने ऐसे विज्ञापनों पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति आपको यह नहीं बताएगा कि ये सब विज्ञापन बिल्कुल झूठे और रंगभेद को बढ़वा देने वाले हैं।

इस बयान के बाद अभय काफी फेमस हुए जिसके बाद ‘वेलेरियन’ और ‘द सिटी ऑफ थाउसेंड प्लानेट’ जैसी बेहतरीन फिल्मों के मेकर्स ने उन्हें ‘वेलेरियन ऑफ रेसिज्म’ के अवॉर्ड से नवाजा। ये लोग भारत के उन सेलेब्रिटीज को चुन रहे हैं जो देश को तरह तरह के सामाजिक खतरों से अवगत कराते हैं।

 

जीएसटी का असर : गोदरेज ने कम की तालों की कीमत

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कोलकाता : वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने से लागत में आयी कमी का फायदा ग्राहकों को पहुंचाने के लिए गोदरेज ने अपने तालों की कीमत कम कर दी है। जीएसटी के बाद से लागत में 5-7% तक की कमी आयी है।

गोदरेज लॉकिंग सॉल्युशंस एंड सिस्टम्स के उपाध्यक्ष एवं कारोबार प्रमुख श्याम मोटवानी ने कहा, ‘‘जीएसटी के बाद हमारे अधिकतर तालों पर 18% की दर से कर लग रहा है। हमने इस फायदे को ग्राहकों को हस्तांतरित करने का निर्णय किया है और इसके लिए देशभर में इनकी थोक एवं खुदरा कीमतों को संशोधित किया है।’’ उल्लेखनीय है कि जीएसटी से पहले ताला उद्योग पर 22-25% तक कर लगता था।

मशहूर कार्टूनिस्ट मंगेश तेंदुलकर का निधन

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पुणे : मशहूर कार्टूनिस्ट एवं लेखक मंगेश तेंदुलकर का  एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

तेंदुलकर के पारिवारिक सूत्रों ने आज बताया कि उनका कल रात निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि तेंदुलकर को रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह मूत्राशय संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उनका ऑपरेशन हुआ था।
उनका अंतिम संस्कार आज यहां होगा। तेंदुलकर अपने अंतिम दिनों तक सक्रिय रहे। उनके चयनित कार्टूनों की एक प्रदर्शनी यहां पिछले महीने आयोजित की गई थी। वह दिवंगत नाटककार विजय तेंदुलकर के छोटे भाई थे।

तेंदुलकर ने अपने कार्टूनों के माध्यम से दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया। वह पिछले कई वर्षों से सामाजिक रूप से काफी सक्रिय थे और उन्होंने अपने कार्टूनों के माध्यम से यातायात संबंधी मामलों पर जागरूकता पैदा की थी। उनके कुछ कार्टूनों का प्रयोग यहां यातायात विभाग ने भी किया था।

वह ट्रैफिक सिग्नलों पर अक्सर खड़े होकर पर्चे बांटा करते थे जिनमें वे यात्रियों को यातायात नियमों के पालन का संदेश देते थे। तेंदुलकर ने ‘भुईचक्र’, ‘संडे मूड’ और ‘कुणी पंपतो अजून कालोख’ समेत कई पुस्तकें लिखीं। वह विभिन्न पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में नियमित रूप से लिखा करते थे।

 

एसबीआई से एनईएफटी और आरटीजीएस ट्रांजेक्शन हुआ सस्ता

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देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग द्वारा किये गए एनईएफटी और आरटीजीएस ट्रांजेक्शन पर शुल्कों में 75 फीसदी तक की कटौती की घोषणा की है। यह फैसला शनिवार से लागू हो रहा है। एसबीआई की तरफ से गुरुवार को यहां जारी एक बयान में बैंक के प्रबंध निदेशक (एनबीजी) रजनीश कुमार ने बताया कि सरकार का फोकस डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने पर है।

इसी दिशा में एक और कदम उठाते हुए एसबीआई ने इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के जरिये किये जाने वाले एनईएफटी और आरटीजीएस पर शुल्क में कटौती का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बैंक ने आईएमपीएस के जरिये एक हजार रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर लगने वाले शुल्क को खत्म करने की घोषणा की थी।

किस मद में कितना लगेगा ट्रांजेक्शन शुल्क

एनईएफटी
एनईएफटी में अब 10,000 रुपये तक के लेन-देन के लिए ब्रांच चैनल पर 2.50 रुपये देने होंगे वहीं इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से ट्रांजेक्शन पर एक रुपया देना होगा। इसके लिए पहले दो रुपए का शुल्क लगता था। 10,000 रुपये से एक लाख रुपये तक की राशि के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले जहां चार रुपये देने होते थे वहीं अब दो रुपये देने होंगे।

ब्रांच चैनल से ट्रांजेक्शन पर इसके लिए पांच रुपये देना होगा। एक लाख रुपये से दो लाख रुपये तक के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले 12 रुपये लगते थे जो कि अब तीन रुपये हो गया है। ब्रांच चैनल के लिए इस राशि पर 15 रुपये का शुल्क लगेगा। दो लाख रुपये से ऊपर के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले 20 रुपये देने होते थे लेकिन अब पांच रुपये ही देने होंगे। ब्रांच चैनल में इसके लिए 25 रुपये का शुल्क है।

आरटीजीएस
आरटीजीएस में दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले जहां 20 रुपये देने होते थे वहीं अब इसके लिए पांच रुपये ही देने होंगे। ब्रांच चैनल में इस सेवा के लिए 25 रुपये देना होगा। पांच लाख रुपये से ऊपर के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले 40 रुपये देने होते थे लेकिन अब सिर्फ 10 रुपये देने होंगे। ब्रांच चैनल से यह ट्रांजेेेक्शन करने पर 50 रुपये का शुल्क देना होगा। हालांकि ऊपर दिए दरों में जीएसटी शामिल नहीं है।

एसबीआई ने जीएसटी से भी राहत दी

जीएसटी लागू होने के बाद जहां सब ओर हाहाकार मचा है। वहीं एसबीआई ने अपने ग्राहकों को जीएसटी से राहत दी है। 1 हजार से 1 लाख रुपये तक का फंड ट्रांसफर करने पर 5 रुपये सर्विस चार्ज और 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। बैंक ने कहा है कि यह नए सर्विस चार्ज केवल आईएसपीएस करने पर लागू होंगे। एनईएफटी, आरटीजीएस पर पहले घोषित किए गए सर्विस चार्ज लागू रहेगा।

 

नह‌ीं रही स्वतंत्रता सेनानी डा. सत्यवती सिन्हा

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91 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. सत्यवती सिन्हा का निधन हो गया है। करीब एक वर्ष से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. सत्यवती सिन्हा अस्वस्थ चल रही थीं। वह अपनी बड़ी बेटी किरण कौशिक के साथ उनके चंद्रपुरी स्थित निवास में रहती थी। एक सप्ताह से वह राम नाम का जाप कर रही थी। डा. सत्यवती सिन्हा का जन्म 23 जून 1926 को पथरा, जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।

इनके पति स्व. डा. जगदीश नारायण सिन्हा भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। आठ मार्च 1942 में उनकी शादी हुई थी। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने पति के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। आजादी के लिए महात्मा गांधी की ओर से चलाए गए आंदोलन में उन्होंने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

डा. सत्यवती सिन्हा को कई बार जेल जाना पड़ा और अंग्रेजों की यातनाएं सहनी पड़ी, लेकिन देश आजाद होने तक उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा।

शशिकला के जेल का सच लाने वाली सुपरकॉप रूपा

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एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला की जेल में ऐशभरी जिंदगी की सच्चाई को चहारदिवारी से बाहर लाकर तमिलनाडु में राजनीतिक भूचाल मचाने वाली आईपीएस अधिकारी डी रूपा की हर तरफ चर्चा हो रही है। रूपा ने खुलासा किया था कि शशिकला ने शानदार किचेन के लिए बैग्लुरू की परप्पाना अग्रहारा जेल प्रशासन को दो करोड़ की रिश्वत दी। यह कोई उनका पहला खुलासा नहीं है। इससे पहले भी डी रूपा अपने साहसिक फैसलों की बदौलत सुर्खियों में रह चुकी हैं। आखिर कौन हैं डी रूपा आइये जानते हैं।

2000 में यूपीएससी में रूपा ने 43वीं रैंक हासिल की। प्रशिक्षण के दौरान रूपा ने अपने बैच में पांचवां स्थान हासिल किया और उन्हें कर्नाटक कैडर दिया गया। सुपरकॉप के नाम से मशहूर रूपा को एक बेहतरीन शूटर के तौर पर जाना जाता है और उन्होंने इसमें कई पुरस्कार भी अपने नाम किए हैं। 2016 में इन्हें मेधावी सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी नवाजा जा चुका है।

इसके साथ ही रूपा भरतनाट्यम की बेहतरीन नृत्यांगना है और शास्त्रीय संगीत की अच्छी समझ रखती हैं। बता दें कि डी रूपा ने मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को धार्मिक दंगों के मामले गिरफ्तार किया था। एक और बोल्ड फैसला लेते हुए रूपा ने बेंगलुरु में सभी पुलिस वालों को VVIP लोगों की सेवा से हटा लिया था। यहां तक कि कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के काफिलों में गैर सरकारी ढंग से शामिल होने वाली पुलिस की गाड़ियों को बाहर कर दिया था।

बीजेपी सांसद प्रताप सिन्हा को भी रूपा करारा जवाब दे चुकी हैं। सिन्हा ने एक आर्टिकल को ट्विटर पर टैग किया कि ऐसे कई अफसर हैं, जिन्होंने अपनी मनचाही जगह पर ट्रांसफर न मिलने पर अपना राज्य बदल लिया। इन अफसरों में एक नाम रुपा का भी था। इस पर रूपा ने पलटवार करते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी को राजनीति से मुक्त रहने दीजिए जनाब। अफसरों को राजनीति में मत घसीटिए, क्योंकि आने वाले समय में इससे सिस्टम और समाज, दोनों को ही कोई फायदा नहीं होगा।

 

पीरियड्स के पहले दिन अपनी कर्मचारियों को देगी अवकाश

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पीरियड्स को लेकर समाज में आज भी जिस तरह की सोच है उसे बदलने और महिलाओं को इससे बाहर निकालने के लिए भारत की एक डिजिटल मीडिया कंपनी ने एक बड़ा कदम उठाया है।

भारत की यह डिजिटल मीडिया कंपनी ने अपने यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को पीरियड्स के पहले दिन छु‌ट्टी देने का फैसला लिया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी ऑफिस की नीतियों में भी शामिल कर लिया है।

भारत की यह डिजिटल मीडिया कंपनी ने अपने यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को पीरियड्स के पहले दिन छु‌ट्टी देने का फैसला लिया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी ऑफिस की नीतियों में भी शामिल कर लिया है।

बता दें कि इस मीडिया कंपनी में 75 महिला कर्मचारी काम करती हैं और इनके लिए इसी महीने कंपनी ने यूट्यूब पर वीडियो जारी कर मेंस्ट्रल लीव देने की घोषणा की है।

कल्चर मशीन की एचआर प्रेसीडेंट देवलीना एस. मजूमदार के अनुसार निश्चित ही पीरियड का पहला दिन बेहद तकलीफ भरा होता है। इसलिए यह समय है कि हम सच्चाई का सामना करें क्योंकि इसमें कोई शर्मिंदगी की बात नहीं है बल्कि यह जिंदगी का हिस्सा है।

इस कंपनी द्वारा 3 जुलाई को जारी वीडियो को अब तक 1.5 लाख से भी ज्यादा बार देखा गया है। इस वीडियो में कंपनी की महिला कर्मियों ने अपने पीरियड के पहले दिन के अनुभव साझा किए हैं।

भारत में माना जाता है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं और लड़कियां अशुद्ध हो जाती हैं। इस दौरान उनका मंदिरों में घुसना मना हो जाता है साथ ही कुछ खानों को छूना भी मना कर दिया जाता है।

कंपनी पीरियड्स में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को लेकर चेंज डॉट ऑर्ग पर ऑनलाइन पीटिशन भी डाली है जिसमें उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी व मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर किसी भी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए यही नीति अपनाने की अपील की है।

एलआईसी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी हुआ आधार, पैन नंबर देना

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देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की वेबसाइट पर अब से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आधार या फिर पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। एलआईसी ने अपनी वेबसाइट में काफी बदलाव किया है।

ऑनलाइन पॉलिसी देखने के लिए देनी होगी ये डिटेल्स
अगर कोई व्यक्ति अपनी पॉलिसी की डिटेल्स वेबसाइट पर देखना चाहता है तो उसको रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अपना पैन, आधार, पासपोर्ट, पॉलिसी की डिटेल्स और जन्म तिथि देनी होगी।

परिवार के सदस्यों के लिए भी अलग से कराना होगा रजिस्ट्रेशन
अगर किसी व्यक्ति ने अपने अलावा परिवार के सदस्यों के लिए भी पॉलिसी ले रखी है जैसे बच्चे आदि तो उनके लिए भी अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप प्रीमियम का पेमेंट कार्ड या फिर नेटबैंकिंग से कर सकेंगे। इसके अलावा बोनस के बारे में भी पता चल सकेगा।

 

शाहिद और आलिया ने आइफा में जीते पुुरस्कार

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न्यूयॉर्क में हो रहे आइफा अवॉर्ड समारोह 2017 में बॉलीवुड की सभी बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। सलमान खान से लेकर कैटरीना, आलिया तक, सभी का जलवा देखने को मिला। आलिया भट्ट ‘उड़ता पंजाब’ में अपनी शानदार परफॉर्मेंस के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुनी गईं जबकि शाहिद सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बने।
उन्हें ‘उड़ता पंजाब’ के लिए ये पुरस्कार मिला ।
सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी फिल्म ‘नीरजा’ को दिया गया। सामाजिक मुद्दे पर आई फिल्म ‘पिंक’ के लिए अनिरुद्ध रॉय चौधरी को बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार मिला।
शबाना आजमी को नीरजा फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला। संगीतकार एरआर रहमान को इंडस्ट्री में 25 साल का सफर तय करने के लिए आइफा अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
फिल्म ‘एमएस धोनी: द अन्टोल्ड स्टोरी’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का अवॉर्ड मिला। दिशा पाटनी को फिल्म ‘एमएस धोनी: द अन्टोल्ड स्टोरी’ के लिए बेस्ट डेब्यू (महिला) का पुरस्कार मिला।  दिलजीत सिंह दोसांझ ‘उड़ता पंजाब’ के लिए बेस्ट डेब्यू (पुरुष ) के अवॉर्ड से नवाजे गए।
तापसी पन्नू को आइफा विमेन ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला। पिछले साल आई उनकी फिल्म ‘पिंक’ को खूब तारीफें मिलीं थीं।  फिल्म ‘कपूर एंड सन्स’ के लिए शकुन बत्रा और आएशा देवित्रे ढिल्लों को सर्वश्रेष्ठ पटकथा का अवॉर्ड मिला।

‘नीरजा’ के लिए जिम सार्भ को बेस्ट नेगेटिव रोल का अवॉर्ड दिया गया है। ये जिम की पहली ही फिल्म थी।  फिल्म ‘ढिशूम’ में शानदार कॉमेडी करने के लिए वरुण धवन को बेस्ट कॉमिक रोल का अवॉर्ड मिला है।  समारोह में करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ का जलवा भी देखने को मिला। इस फिल्म में म्यूजिक देने के लिए प्रीतम सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के पुरस्कार से नवाजे गए हैं। वहीं सर्वश्रेष्ठ गीतकार का अवॉर्ड अमिताभ भट्टाचार्य ने अपने नाम किया। अमिताभ को ये अवॉर्ड ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के गाने ‘चन्ना मेरेया’ के लिए मिला। प्लेबैक सिंगर (मेल) का पुरस्कार अमित मिश्रा ने जीता। वहीं बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल) के अवॉर्ड से कनिका कपूर और तुलसी कुमार नवाजी गईं। अमित मिश्रा को ये पुरस्कार रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा अभिनीत फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के गाने ‘बुलेया’ के लिए मिला। कनिका ने ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म के लिए ये अवॉर्ड जीता वहीं तुलसी को ‘एयरलिफ्ट’ फिल्म में उनके गाने ‘सोच न सके’ के लिए पुरस्कार मिला।
इसके अलवा मिंत्रा का स्टाइल आइकन अवॉर्ड आलिया भट्ट ने अपने नाम किया। शबाना आजमी और सतिंदर सरताज की फिल्म ‘द ब्लैक प्रिंस’ का प्रीमियर भी हुआ।