Tuesday, October 6, 2026
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फेसबुक ने रूस-ईरान से जुड़े 652 अकाउंट हटाये, ट्विटर ने 284 अकाउंट बंद किये

सैन फ्रांसिस्को : सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक ने भ्रामक राजनीतिक गतिविधियों में लिप्त सैकड़ों अकाउंट, समूहों और पेजों की पहचान करके उन्हें प्रतिबंधित कर दिया है। ये अकाउंट और पेज ईरान और रूस से जुड़े हैं। फेसबुक ने कहा कि उसने रूस और ईरान से जुड़े 652 पेजों, समूहों और अकाउंट को “अनुचित गतिविधियों” के लिये अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। इसमें राजनीतिक सामग्री साझा करना भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि फेसबुक 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिये रूसी एजेंटों द्वारा अपने प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाने की बात सामने आने के बाद अपनी नीतियों को मजबूत करने में जुटा है। इसी प्रकार, अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क भी भ्रामक राजनीतिक अभियानों के खिलाफ सक्रिय कदम उठा रहे हैं। फेसबुक के बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने भी गड़बड़ी में लिप्त रहने पर 284 अकाउंट बंद करने की जानकारी दी है। इनमें से कई अकाउंट ईरान में बनाये गये हैं। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने कहा कि सामग्री की समीक्षा अभी पूरी नहीं हुयी है और ये भी बताने से मना किया इन अकाउंट से किस तरह का काम किया गया है। हालांकि, उसने इसकी सूचना अमेरिका और ब्रिटेन सरकार को दे दी है। साथ ही ईरान पर प्रतिबंध के मद्देनजर इसकी जानकारी अमेरिका के वित्त और विदेश विभाग को भी दी गयी है। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा, “बहुत कुछ है, जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं। लोगों के साथ-साथ देश भी हर संभव तरीके से सेवाओं का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।”

चन्द्रयान-1 से प्राप्त आँकडों से चंद्रमा पर बर्फ की उपस्थिति की पुष्टि

वाशिंगटन : वैज्ञानिकों ने चन्द्रयान-1 अंतरिक्षयान के आँकड़ों के आधार पर चन्द्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों के सबसे अंधेरे और ठंडे स्थानों पर जल के जमे हुए स्वरूप में उपस्थित होने की पुष्टि की है। नासा ने आज यह कहा। भारत ने दस साल पहले इस अंतरिक्षयान का प्रक्षेपण किया था।
सतह पर पर्याप्त मात्रा में बर्फ के मौजूद होने से इस बात के संकेत मिलते हैं कि आगे के अभियानों या यहां तक कि चन्द्रमा पर रहने के लिए भी जल की उपलब्धता की सम्भावना है। ‘पीएनएएस’ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि बर्फ इधर-उधर बिखरे हुए हैं।
दक्षिणी ध्रुव पर अधिकतर बर्फ लूनार क्रेटर्स के पास जमी हुई हैं। उत्तरी ध्रुव के बर्फ अधिक व्यापक तौर पर फैले हुए हैं लेकिन अधिक बिखरे हुए हैं। वैज्ञानिकों ने नासा के मून मिनरेलॉजी मैपर (एम3) से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल कर यह दिखाया है कि चंद्रमा की सतह पर जल हिम मौजूद हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) द्वारा 2008 में प्रक्षेपित किये गए चंद्रयान-1 अंतरिक्षयान के साथ एम3 को भेजा गया था।। ये जल हिम ऐसे स्थान पर पाये गए हैं, जहां चंद्रमा के घूर्णन अक्ष के थोड़ा झुके होने के कारण सूरज की रोशनी कभी नहीं पहुंच पाती।

सिरेमिक पर प्रिंटिंग के लिए विश्व की पहली 4डी प्रिंटिंग प्रणाली खेाजी गई

बीजिंग : वैज्ञानिकों ने सिरेमिक पर प्रिंटिंग के लिए विश्व की पहली 4डी प्रिंटिंग तकनीक विकसित करने में सफलता हासिल की है जिसका इस्तेमाल जटिल और आकार बदलने वाली वस्तुओं को बनाने में किया जा सकता है।
4डी प्रिंटिंग पारंपरिक 3डी प्रिंटिंग के ही समान है जिसमें चौथे आयाम के तौर पर वक्त को जोड़ा गया है जहां सिरेमिक को किसी बाह्य उद्दीपक जैसे कि तकनीक अथवा चुंबकीय क्षेत्र अथवा यांत्रिक बल के जरिए समय के साथ किसी दूसरे आकार में ढ़ाला जा सकता है। सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के शोधकर्ताओं ने इसके लिए इलास्टिक एनर्जी का इस्तेमाल किया।
सिरेमिक का गलनांक उच्च होता है । इस कारण से सिरेमिक बनाने के लिए लेजर प्रिंटिंग का इश्तेमाल मुश्किल है।

फिल्म ‘सुई धागा’ के लिए अनुष्का ने सीखी कढ़ाई

मुम्बई : बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने आगामी फिल्म “सुई धागा- मेड इन इंडिया” में अपने किरदार ममता के लिए कशीदाकारी की कला सीखी है। शरत कटारिया के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में अनुष्का, अभिनेता वरुण धवन के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का सामना करना उन्हें पसंद है।

फिल्म के एक दृश्य में अनुष्का शर्मा और वरुण धवन

अनुष्का ने एक बयान में कहा, “मैं अपनी फिल्मों के जरिए किसी भी चुनौती, नए सफर और अनुभव के लिए हमेशा तैयार रहती हूं। मुझे मालूम था कि मुझे किरदार के हिसाब से ढलना है और ‘सुई धागा’ की कला में खुद को आत्मविश्वास से पूर्ण दिखाना है।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि एक वास्तविक कशीदाकार दिखने के लिए मुझे काफी समय देने के साथ ही प्रयास भी करना होगा और मैं इस कौशल को सीखने के लिए वाकई बहुत उत्साहित थी। मैं तैयारी सत्रों में पूरी तरह डूब गई थी और मैंने इसका खूब आनंद उठाया।” यह पहली बार है जब अनुष्का और वरुण एक साथ किसी फिल्म में नजर आएंगे। यह फिल्म 28 सितंबर को रिलीज होगी।

अमरनाथ यात्रा सम्पन्न, 2.85 लाख श्रद्धालुओं ने किए हिम शिवलिंग के दर्शन

श्रीनगर : अमरनाथ यात्रा सम्पन्न हो गई। इस बार 2.85 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हिम शिवलिंग के दर्शन किए। अधिकारियों के अनुसार बालटाल और पहलगाम मार्गों के जरिए गत 28 जून से शुरू हुई इस तीर्थयात्रा के दौरान 2,85,006 श्रद्धालुओं ने अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान मौसम संबंधी घटनाओं या प्राकृतिक कारणों की वजह से 38 तीर्थयात्रियों, सेवा प्रदाताओं और टट्टूवालों की मृत्यु हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या पिछले साल के मुकाबले अधिक रही। गत वर्ष 2.60 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा की थी। यात्रा को निर्बाध सुनिश्चित कराने के लिए इस बार विभिन्न सुरक्षा कदम उठाए गए। इस बार पहली बार रेडियो फ्रीक्वेंसी (आर एफ) टैग लगाए गए जिससे कि अमरनाथ जाने वाले वाहनों पर हर समय नजर रखी जा सके। सीआरपीएफ ने इस बार कैमरों और विभिन्न जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मोटरसाइकिल दस्ते भी तैनात किए। पिछले साल तीर्थयात्रियों की एक बस पर आतंकी हमले के चलते इस बार बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गत वर्ष हुए आतंकी हमले में आठ लोग मारे गए थे और 18 अन्य घायल हुए थे। अधिकारियों ने बातया कि इस बार यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना से करीब चार हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अधिकारियों ने बताया कि महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधुओं और श्रद्धालुओं के समूह द्वारा ले जाया गया भगवान शिव का पवित्र दंड (छड़ी मुबारक) आज तड़के पवित्र गुफा पहुँचा और दिनभर चली पूजा अर्चना के साथ ही अमरनाथ यात्रा संपन्न हो गई।
साधुओं और श्रद्धालुओं के समूह ने पहलगाम से लेकर अमरनाथ गुफा तक 42 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान समूह रात्रि पड़ाव के लिए चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी में रुका।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी भूपेंद्र कुमार और गंदरबल के उपायुक्त पीयूष सिंगला आज सुबह अमरनाथ गुफा पहुंचे और राज्य में शांति, सौहार्द, प्रगति तथा समृद्धि की कामना की।

इंग्लिश विंग्लिश की अभिनेत्री सुजाता कुमार का कैंसर से निधन

मुम्बई : इंग्लिश विंग्लिश’ फिल्म में श्रीदेवी की बहन का किरदार निभाने वाली कलाकार सुजाता कुमार का कल रात निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सुजाता चौथे चरण के मैटास्टैटिक कैंसर से जूझ रही थीं और लीलावती अस्पताल में भर्ती थीं। सुजाता की छोटी बहन सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने भी ट्विटर पर उनके निधन की जानकारी दी। कृष्णमूर्ति ने ट्वीट किया, ‘‘हमारी प्रिय सुजाता कुमार का निधन हो गया और वह हमें एक अकल्पनीय रिक्तता में छोड़कर एक बेहतर स्थान के लिए प्रस्थान कर गईं। वह हमें 19 अगस्त 2018 को रात 11.26 बजे छोड़ कर चली गईं….जीवन फिर पहले जैसा कभी नहीं हो सकता….।’’ सुजाता ने ‘गोरी तेरे प्यार में’ और ‘रांझणा’ जैसी फिल्मों के अलावा अनेक टीवी शो में अभिनय किया था।

मिथक और इतिहास के बीच श्रीराम को तलाशती पुस्तक

स्वर्णिमा स्वस्तिका तिवारी

‘द बुक ऑफ राम’ रामायण के नायक श्रीराम पर केन्द्रित और उनके चरित्र को ध्यान में रखकर नये सन्दर्भं में लिखी गयी पुस्तक है। पुस्तक देवदत्त पट्टनायक ने लिखी है जो मिथकीय खोजपरक दृष्टि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने महाभारत के उपेक्षित पात्र शिखंडी पर भी लिखा है और इस बार वे रामायण के प्रमुख पात्र श्रीराम पर बात करते हैं।

राम को विभिन्न रूपों में इस पुस्तक में देखा गया है। पति, पुत्र, प्रेरणा समेत अन्य सम्बन्धों के आलोक में लेखक ने श्रीराम को देखा है। उनकी यह किताब हिन्दूत्व की मूल अवधारणा से छेड़छाड़ करने वालों पर करारा प्रहार करती है। यह राम राज्य की वास्तविक अवधारणा पर बात करती है जो किसी काल, खंड और स्थान तक सीमित नहीं है बल्कि शान्ति और एकता का सन्देश देती है।

लेखक के मुताबिक राम राज्य की अवधारणा हृदय में प्राप्त की जा सकती है। पट्टनायक को उद्धत करते हुए कहा जा सकता है कि ‘वह (श्रीराम) हमारी आत्मा हैं।’ लेखक अनुभवजन्य सत्य को एकमात्र सत्य मानने वाली शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हैं। पुस्तक धर्म और विज्ञान के बीच की लम्बी बहस को एक बार फिर नया स्वर देती है। वह उस एकरेखीय और चक्रीय समीक्षा दृष्टि का अन्तर भी सामने रखते हैं। हालाँकि पुस्तक एक आदर्शवादी दृष्टिकोण को अपनाती है जिसे तथाकथित भौतिकवाद की दृष्टि से समझना कठिन हो सकता है। हालाँकि मिथक और इतिहास में एक अन्तर अपेक्षित है मगर इसकी विभाजक रेखा स्पष्ट नहीं हो सकती। अँग्रेजी में लिखी गयी इस पुस्तक की भाषा सरल है। पुस्तक का आवरण चित्र अरुन्धती बसु ने बनाया है।

पुस्तक का नाम – द बुक ऑफ राम
लेखक – देवदत्त पट्टनायक
प्रकाशन वर्ष – 2009
प्रकाशक – पेंग्विन बुक्स इंडिया
कीमत – 299 रुपये

(स्वर्णिमा को पौराणिक चरित्रों में रुचि है। वे इस पर पढ़ती हैं और यह कहीं भी प्रकाशित उनकी पहली समीक्षा है। )

 

रक्षाबन्धन मनाइए स्वाद के बन्धन के साथ

मलाई बर्फी

सामग्री :  4 कप चूरा किया हुआ मावा, 2 बड़ा चम्मच घी, 1/2 कप दूध, 1/4 फिटकरी का पाउडर, 1 कप शक्कर, पिस्ता और कटे हुए बादाम

 विधि : मलाई बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दूध और मावा डालकर धीमी आंच पर 5 मिनट तक पकाएं। ध्यान रखें पकाते समय इस मिश्रण को लगातार हिलाते रहें। अब इसमें फिटकरी पाउडर मिलाएं और अच्छे से मिला लें। अब इसमें शक्कर डालें और कुछ देर तक पकाएं। अब एक  एल्युमिनियम के बॉक्स को ग्रीस करें और उस पर पिस्ता और कटे हुए बादाम को डालें। अब इस मिश्रण को बॉक्स से निकालें और पूरे दिन के लिए सेट होने के लिए छोड दें। अब इसके जमने के बाद छोटे- छोटे पीस में चाकू की मदद से काट लें। आपकी मलाई बर्फी बनकर तैयार है।

पनीर गार्लिक कवाब

सामग्री :  कप पनीर (कद्दूकस किया हुआ), आधा कप कॉर्न, 1 प्याज (बारीक कटा हुआ), 2-3 बड़ा चम्मच बेसन , 1 बड़ा चम्मच पोहे का चूरा , 1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, 2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई) , 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर , 1 छोटा चम्मच चाट मसाला ,नमक स्वादानुसार, तेल जरूरत के अनुसार

विधि  : पनीर गार्लिक कबाब बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में पनीर, कॉर्न और प्याज डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। अब इसमें बेसन, अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, जीरा पाउडर, चाट मसाला, नमक मिलाएं और 4 से 5 मिनट के लिए अलग रख दें।  तय समय के बाद पोहा का चूरा मिलाते हुए मिश्रण को अच्छे से गूंद लें। गूंथे हुए मिश्रण को हल्के हाथों से दबाते हुए कबाब का आकार दें। मध्यम आँच में एक पैन में तेल गर्म करने के लिए रखें। साथ ही पैन में कबाब डालकर सुनहरा होने तक फ्राई कर लें और आँच बंद कर दें। पनीर गार्लिक कबाब तैयार है।

 

गौतम गम्भीर ने ट्रांसजेंडर्स को बनाया बहन, बंधवाई राखी!

नयी दिल्ली : साल  2007 वर्ल्ड टी20 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 की जीत में भारत को जीत दिलाने वाले गौतम गम्भीर भले ही अभी टीम से बाहर चल रहे हैं, हालांकि इसके बावजूद वो भारतीय फैंस के दिलों पर राज कर रहे है। गौतम गम्भीरअकसर सैनिकों और शहीदों के परिवारों की मदद करते नजर आते हैं. वहीं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उन्होंने एक और बड़ी मिसाल पेश की है.

गौतम गम्भीर ने 2 ट्रांसजेंडर्स को अपनी बहन बनाया है और उनसे राखी भी बंधवाई। गौतम गम्भीर ने इसकी फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की. गौतम गम्भीर ने अबीना अहर और सिमरन शेख को बहन बनाते हुए एक मोटिवेशनल पोस्ट लिखा। गौतम गंभीर के इस कदम को सोशल मीडिया पर फैंस ने बहुत पसंद किया।

खास हो राखी की थाली

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने से पहले बहनें खूब प्यार से राखी की थाली को सजाती हैं। रक्षाबंधन के लिए जहाँ एक ओर बहनें अपने भाई के लिए बाजार से सबसे सुंदर राखी चुन कर ले आती हैं, वहीं रक्षाबंधन की थाली को सजाने के लिए भी बड़ी मेहनत करती हैं। दरअसल, राखी थाल में  मौजूद हर एक चीज का खास महत्व होता है। सबसे पहले यह जान लें कि राखी की थाली में किन चीजों का होना अनिवार्य है और यह भी जानें कि उन चीजों का क्या महत्व है –

1. राखी : राखी दरअसल, बहन की रक्षा और प्रेम के बंधन का प्रतीक है। साल दर साल यह भाईयों को याद दिलाता है कि उनकी एक जिम्मेदारी उनकी बहन भी है।

2. रोली: रोली को हिन्दू धर्म के रीति रिवाज और पूजा में इतना महत्वपूर्ण माना गया है। मस्तक के बीचो बीच रोली का टीका लगाने से बौद्धिक और आर्थिक विकास होता है।

3. कुमकुम या हल्दी: यह अच्छे भाग्य और संपूर्ण समृद्धि का प्रतीक है।

4. लंबे साबुत चावल (अक्षत): अक्षत के रूप चावल हमेशा साबुत ही लेते हैं। कहा ही जाता है अक्षत यानी जो टूटा ना हो। चावल अन्न में श्रेष्ठ होता है. इसलिए अक्सर देवी देवताओं की पूजा में अक्षत का इस्तेमाल किया जाता है। कच्चे चावल का तिलक में प्रयोग सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

5. पीली सरसों के बीज: पीली सरसों से नजर उतारी जाती है। भाई पर किसी बुरी नजर का साया न पड़ें इसके लिए पीली सरसों का इस्तेमाल किया जाता है।

6. दीपक:  राखी बांधने से पहले भाई की आरती उतारी जाती है।

7. मिठाई: मिठाई खिलाना इस बात का प्रतीक है कि बहन और भाई के रिश्ते में कभी कड़वाहट न आए, मिठाई की तरह यह मिठास हमेशा बनी रहे।

8. दही: हर शुभ कार्य करने से पहले दही खिलाई जाती है लेकिन राखी के दिन बहनें भाई की ललाट पर रोली और हल्दी के साथ दही का टीका भी लगाती हैं। इसे शुभता का प्रतीक माना गया है।

(साभार – इंडिया डॉट कॉम)