तिरुअनन्तपुरम :केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवियित्री बी सुजाता देवी का निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 साल की थीं। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं। सुजाता देवी के परिवार में दो बेटे हैं। वह प्रसिद्ध कवियित्री सुगाता कुमारी और दिवंगत हृदया कुमारी की छोटी बहन थीं। सुजाता देवी के पति पी गोपालकृष्णन का पहले ही निधन हो चुका है। सुजाता देवी कवियित्री होने के साथ ही यात्रा वृतांत भी लिखती थीं और वह राज्य के कॉलेजों में अंग्रेजी प्रोफेसर के रूप में पढ़ाती थीं। केरल के मुख्यंत्री पिनाराई विजयन ने कवियित्री की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि वह अपने कविता संग्रहों और यात्रा वृतांतों के लिए जानी जाती थीं।
तंग आ चुकी औरतों ने तलाक-ए-तफ़वीज़ के जरिये पाया शौहरों से छुटकारा
बरेली : बरेली जिले में दो महिलाओं ने अपने शौहरों को तलाक-ए-तफ़वीज़ देकर उनसे निजात हासिल कर ली। बरेली के महेशपुरा अटरिया की रहने वाली निशा हामिद नामक महिला ने कचहरी पहुंचकर दो गवाहों की मौजूदगी में अपने शौहर जावेद को उसके सामने तलाक दे दी। निशा का कहना है कि वर्ष 2005 में उसका निकाह बरेली जिले के फरीदपुर कस्बे के निवासी जावेद अंसारी से हुआ था। यह तलाक कराने वाले वकील काजी जुबेर अहमद के मुताबिक निशा का आरोप है कि ससुराल में उसके साथ खराब रवैया अपनाया जाता था। इससे तंग आकर उसने मुकदमा भी कर रखा है। उसका कहना है कि जावेद न तो उसे तलाक दे रहा था और न ही सुलह करना चाहता था, बल्कि उसे जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दे रहा था। इसी वजह से उसने कल कचहरी परिसर में अपने शरई हक का इस्तेमाल किया।
अहमद ने बताया कि ऐसी ही तलाक का दूसरा मामला बरेली जिले के देवरनिया थाने के एक गांव का है, जहां जनवरी 2014 को अरबाज नामक व्यक्ति को ब्याही यासमीन नामक महिला ने भी कल तलाक-ए-तफ़वीज़ का इस्तेमाल करके अपने अपने शौहर से रिश्ता खत्म कर लिया। यासमीन का कहना है कि अरबाज ने वर्ष 2014 में उसे अग़वा कर लिया था। बाद में पंचायत के निर्णय पर परिवारों के बीच सुलह-समझौता हुआ और उसी साल दोनों की शादी कर दी गयी। महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसे ससुराल में दहेज के लिये प्रताड़ित किया जाता था। इस बीच, ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि तलाक-ए-तफवीज एक शरई व्यवस्था है। तफवीज के मायने अपना अख्तियार दूसरे को देना है। इस प्रावधान के तहत शौहर अपनी बीवी को एक साथ तीन तलाक नहीं दे सकता। अगर वह तीन तलाक दे भी देगा तो वह मान्य नहीं होगी। साथ ही अगर मर्द ने दूसरी शादी कर ली तो भी पहली शादी टूट जाएगी।
उन्होंने कहा कि तलाक-ए-तफ़वीज़ में व्यवस्था है कि अगर मियां-बीवी के बीच किसी बात को लेकर अलग होने की नौबत आ जाए तो औरत खुद भी शौहर को तलाक दे सकती है। इसमें यह प्रतिबंध नहीं होता है कि मर्द ही तलाक दे। हालांकि ऐसा नहीं है कि तलाक-ए-तफवीज में शौहर को तलाक देने का हक नहीं रह जाता। मर्द चाहे तो थोड़े-थोड़े वक्त पर एक-एक करके तलाक दे सकता है।
मौलाना खालिद ने बताया कि पर्सनल लॉ बोर्ड के मॉडल निकाहनामे में तलाक-ए-तफ़वीज़ की व्यवस्था पहले से ही शामिल है। मगर दोनों पक्षों की रजामंदी पर ही इस कॉलम को मुकम्मल किया जाता है। उन्होंने कहा कि जहां तक बरेली के इन दो मामलों का सवाल है तो हो सकता है कि उनमें निकाह के वक्त तलाक-ए-तफ़वीज़ का प्रावधान किया गया हो।
संयुक्त राष्ट्र की मानसिक रोगी की सूची से बाहर होंगे ट्रांसजेंडर
जेनेवा : संयुक्त राष्ट्र की सूची में ट्रांसजेंडरों को मानसिक रोगी की श्रेणी से हटा दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 55,000 रोगों की सूची की जो पुस्तिका जारी की है, उसमें ट्रांसजेंडरों की अवस्था को दूसरी श्रेणी में डाला गया है। नई पुस्तिका को हालांकि अभी संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की स्वीकृति नहीं मिली है। इस तथाकथित ‘लैंगिक अयोग्यता’ को मानसिक रोग की श्रेणी से हटाकर यौन रोग की श्रेणी में डाल दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य एवं शोध विभाग के संयोजक लेल से ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि इसकी श्रेणी में बदलाव इसके ‘धब्बे’ को कुछ कम करेगा और इससे उनकी सामाजिक स्वीकार्यता में मदद मिलेगी।’
इस दस्तावेज को विश्व स्वास्थ्य संगठन की जेनेवा में अगले मई में होने वाली बैठक में सदस्य देशों से स्वीकृति देने को कहा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद नई सूची 1 जनवरी, 2022 से लागू होगी।
व्हाट्सएप ने सेवा शर्तों-गोपनीयता नीति संशोधित की
नयी दिल्ली / न्यूयॉर्क : सोशल मीडिया एप कंपनी व्हाट्सएप ने आज कहा कि वह भुगतान सेवाओं को पूरी तरह से शुरू करने से पहले सेवा शर्तों एवं गोपनीयता नीति में बदलाव कर रही है। कम्पनी का उद्देश्य सेवा शर्तों एवं गोपनीयता नीति में परस्पर भुगतान सुविधा को शामिल करना है।
व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा कि ‘ हम लोगों को भुगतान सुविधा के परिचालन की आसान शब्दों में जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप भुगतान की सेवा शर्तों एवं गोपनीयता नीति में बदलाव कर रहे हैं। इसमें बीटा संस्करण शुरू करने के बाद परस्पर भुगतान सेवा की भी झलक मिलेगी। ’
प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने इस सेवा के परिचालन की विस्तार से जानकारी के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई), बैंकों और भारत सरकार के साथ मिलकर काम किया है। बदली नीतियों में व्हाट्सऐप ने कहा है कि भुगतान सेवाओं का इस्तेमाल किये जाने पर वह अतिरिक्त जानकारियां भी संग्रह कर सकता है।
प्रवक्ता ने कहा कि ‘ हमने पारस्परिकता जैसी नयी सुविधाएं शुरू की हैं जो व्हाट्सएप भुगतान के उपयोक्ताओं और भीम – यूपीआई एप के उपयोक्ताओं से जुड़ी जानकारियां माँग सकता है। संशोधित नीतियों में कहा गया है कि व्हाट्सऐप तब सूचनाएं जमा करता है जब आप पैसे भेजते , मंगाते या अनुरोध करते हैं। इन सूचनाओं में दिन , समय और लेन – देन का रेफरेंस नंबर शामिल है। इसके अलावा जब कोई अपने किसी व्हाट्सऐप कांटैक्ट को भुगतान करता है तब कम्पनी भेजने और पाने वाले का नाम और उनका भीम – यूपीआई आईडी संग्रह करती है। व्हाट्सएप की भुगतान सेवा का देश में अभी करीब 10 लाख लोग परीक्षण कर रहे हैं।
पीसीओ की तरह खुलेंगे वाई-फाई कनेक्शन बूथ
नयी दिल्ली : देश में जल्द ही टेलीफोन पीसीओ की तर्ज पर दुकान और घरों से वाई-फाई कनेक्शन शेयर करके लोग पैसा कमा सकेंगे। इंटरनेट सुविधा के विस्तार के मद्देनजर दूरसंचार विभाग पब्लिक डाटा ऑफिस (पीडीओ) के व्यावसायिक इस्तेमाल को मंजूरी देने जा रहा है। जुलाई से इस व्यवस्था को समूचे देश में लागू किया जा सकता है। दूरसंचार विभाग ने टेलीफोन को बढ़ावा देने के लिए तीन दशक पहले एसटीडी पीसीओ का प्रयोग किया था। उस दौरान हर गली-मोहल्ले में ऐसे टेलीफोन बूथ नजर आते थे। लेकिन मोबाइल के आने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई, जिसे अब नए रूप में सामने लाने की रूपरेखा विभाग ने तैयार कर ली है। दूरसंचार मंत्रालय पीसीओ के स्थान पर पब्लिक डाटा ऑफिस लाने जा रहा है, इसके जरिये लोग वाई-फाई डाटा कूपन की बिक्री कर सकेंगे। घर या दुकान से लोग पीडीओ चला सकेंगे, जिसमें कम दर के कूपन होंगे। लोग 2 रुपये से लेकर 20 रुपये की कीमत पर कूपन लेकर इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
दूरसंचार मंत्रालय ने इस योजना को देश में इंटरनेट और डाटा के विस्तार के मद्देनजर किया है। माना जा रहा है कि इस्तेमाल करने वालों की तादाद बढ़ने पर डाटा की दरों में कमी आएगी। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, जुलाई में इस व्यवस्था को लागू किया जाना है। इसके बाद पीसीओ की तर्ज पर पीडीओ आपको हर गली-मोहल्ले में देखने को मिलेंगे। अधिकारी के मुताबिक, इससे डिजिटल इंडिया, डिजिटल भुगतान सहित अन्य सरकारी योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि कूपन के इस्तेमाल की अवधि 30 मिनट से पूरे दिन के इस्तेमाल की रखी गई है और इसका भुगतान पेटीएम मोबाइल वॉलेट, भीम समेत अन्य के जरिये किया जा सकेगा। मौजूदा समय में 11 कंपनियां 415 स्थानों पर इसकी पायलट परियोजना शुरू करेंगी।
ट्राई की पायलट परियोजना रही सफल
मंत्रालय के मुताबिक, दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा किए गए पायलट परियोजना को पूरी सफलता मिली है। साथ ही दूरसंचार आयोग की ओर से इसके मद्देनजर की गई ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। सीओएआई के डीजी राजन मैथ्यूज का कहना है कि दूरसंचार विभाग पीडीओ के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जल्द दिशा-निर्देश जारी करेगा। इनके आने के बाद कोई भी पब्लिक वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट बना सकेगा।
लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
गौरतलब है कि ट्राई के मुताबिक, ऐेसे वाई-फाई हॉट स्पॉट लगने से दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क पर से बेवजह की बाधा हटेगी और लाखों लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइंस के बाद गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां भी ग्राहकों को ये सेवाएं दे सकेंगी, जिसका टेलीकॉम कंपनियां विरोध कर रही हैं। जानकारों के मुताबिक गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां अगर यह सेवाएं देती हैं, तो नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों का उल्लंघन होगा। विशेषज्ञ निखिल पाहवा के अनुसार, पीडीओ से न सिर्फ नई डाटा क्रांति आएगी, बल्कि लाखों लोगों को नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
विश्व को भारत की अनमोल देन है योग
योग निश्चित रूप से विश्व को भारत की अमूल्य देन है। भारत के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मान्यता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान विश्व समुदाय से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है।
यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। हमारी बदलती जीवनशैली में योग चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। इस पहल के बाद 11 दिसम्बर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
यूएन ने प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को सबसे कम दिन 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित कर दिया था। यह भारत की बड़ी उपलब्धि थी। 21 जून को इसलिए चुना गया कि यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार विश्व योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया।
विश्व के लगभग सभी देश 21 जून को योग दिवस मनाने लगे हैं। इस बार भी मना रहे हैं। यूएन विशेष आयोजन कर रहा है। भारत ने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में योग दिवस मनाया था। उसके बाद 2016 में चंडीगढ़ में, 2017 में लखनऊ में योग दिवस मनाया गया। इस बार पीएम मोदी के ही नेतृत्व में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है।
इसमें करीब 60 हजार लोग पीएम के साथ योग करेंगे। योग के वैश्विक प्रचार से जहां भारतीय प्राचीन जीवनशैली और खान-पान के प्रति रुझान बढ़ा है, वहीं विश्व में आयुर्वेदिक उत्पाद और योग शिक्षक की मांग भी बढ़ी है। योग को जन जन तक पहुंचाने में स्वामी रामदेव का अहम योगदान है। इस बार वे राजस्थान के कोटा में करीब ढाई लाख लोगों के साथ योग कर रहे हैं। यह एक विश्व रिकार्ड होगा।
योग को लेकर भारत में विवाद भी होता रहा है। मुस्लिम समुदाय का एक वर्ग इसे धर्म से जोड़ कर देखता रहा है तो विपक्ष इसे सत्तासीन भाजपा का राजनीतिक स्टंट मानता रहा है। जबकि योग आरोग्य प्राप्त करने की विद्या है। हालांकि इस बार मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि योग को मजहब से जोड़कर देखना गलत है।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बाजस और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ताग मौलाना सज्जा द नोमानी ने कहा कि योग हिंदुस्ताबन का कीमती सरमाया (पूंजी) है, मगर इसे मजहब से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। इस तरह के बयान दिखाते हैं कि अब भारत में योग को लेकर मजहबी दीवार टूट रहे हैं।
सभी धर्म के लोग इसे अपना रहे हैं। योग की शक्ति से मानव शतायु बन सकता है। हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ को मात्र तीन योगासनों- सर्वांगासन, भुजंगासन और पश्चिमोत्तासन के जरिए संतुलित रखा जा सकता है। इसे त्रिकुटासन कहते हैं और यदि ये त्रिदोष (वात, पित्त कफ) संतुलित अवस्था में रहें तो हमें कोई बीमारी होगी ही नहीं।
छठी इंद्रीय को जागृत कारने वाली योग मुद्राएं- खेचरी मुद्रा, वज्रोली मुद्रा व्यक्ति को अमरत्व के करीब ले जाती हैं। योग निद्रासन में व्यक्ति 15 मिनट में 8 घंटे की नींद ले सकता है। योग में अनेक बीमारियों से बचाने व शरीर को हमेशा स्वस्थ रखने की क्षमता है। उममीद है चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के बाद दुनिया में योग की स्वीकार्यता और बढ़ेगी।
(साभार – हरिभूमि)
नीलांबर द्वारा कविता पर संवाद का आयोजन
कोलकाता : एक साँझ कविता की -4 में नीलांबर ने कुछ नये प्रयोग किए हैं ।इसी कड़ी में अलग से 11 जून की शाम को कविता पर एक बातचीत आयोजित की गई। इस टॉक शो का विषय था -‘इक्कीसवीं सदी का संकट और समकालीन हिंदी कविता’। आमंत्रित कवि राजेश जोशी और अनामिका ने इस विषय पर अपनी-अपनी बात रखी। राजेश जोशी ने कहा कि कठिन से कठिन समय में याद आने वाली चीज कविता है। विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नब्बे के बाद की कविता में बिम्ब कम हुए और कविता आख्यानात्मक हुई । अनामिका ने कहा कि कविता मनुष्यता की भाषा है और इसका स्वभाव स्त्री की तरह है।विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले की कविता में काल बोध था पर वर्तमान की कविता में स्थानीयता का बोध अधिक है।दोनों वक्ताओं ने इस विषय पर सारगर्भित वक्तव्य दिया।कविता के इस संवाद में एक प्रश्नोत्तरी सत्र भी रखा गया था, जिसमें मृत्युंजय कुमार सिंह, एकांत श्रीवास्तव,डॉ. वेदरमण, डॉ. इतु सिंह, राज्यवर्द्धन,डॉ. गीता दुबे, अल्पना नायक,आनंद गुप्ता,ऋतु तिवारी ने वक्ताओं से अपने प्रश्न पूछे।कार्यक्रम का संचालन विमलेश त्रिपाठी ने किया।कार्यक्रम में डॉ. मीरा सिन्हा,प्रो. राजश्री शुक्ला, डॉ. सत्या उपाध्याय,डॉ. शुभ्रा उपाध्याय, निर्मला तोदी,दिनेश साव जैसे गणमान्य लोगों के अलावा संस्था के सदस्यगण एवं कई विद्यार्थियों तथा साहित्य प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
लॉन्चर्ज ने 15 वें वर्ष पूरे किए, दिए बंगाल – एन इस्पिरेशनल लीडरशिप अवार्ड
कोलकाता : प्रख्यात पी आर एजेन्सी लॉन्चर्ज ने हाल ही में अपने 15 साल पूरे किये और अपनी सालगिरह को कुछ खास अन्दाज में मनाया। लॉन्चर्ज की बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी व बच्चों के लिए काम कर रहे संगठन प्रेमश्री की सेवामूलक गतिविधियों को औऱ मजबूती देने के लिए लॉन्चर्ज ने हाल ही में एक महानगर की कई विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया तथा उभरती प्रतिभाओं को सामने लाते हुए पुरस्कृत किया।

बंगाल एन इन्सपिरेशनल लीडरशिप फेलिसिटेशन एंड अवार्ड सेरोमनी में बाउल कलाकार पूर्ण दास बाउल, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी गुरुबक्श सिंह, नृत्यांगना अलोकानंदा राय, अभिनेता अबीर चटर्जी, चित्रकार वसीम कपूर, अभिनेत्री तनिमा सेन तथा पापिया अधिकारी समेत कई अन्य हस्तियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अतुल डालमिया, मॉडल माधवीलता मित्रा, मेकअप कलाकार विभाष जाना, देवाँशी रुँगटा, जीत चक्रवर्ती, समाजसेवी शबाना अहमद समेत अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। लॉन्चर्ज द्वारा प्रेमश्री को सहायता भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम को सफल तरीके से आयोजित करने के लिए लॉन्चर्ज के सह संस्थापक राजीव लोढ़ा व शगुफ्ता हनाफी के साथ संस्था की पूरी टीम सक्रिय रही।
भारतीय मूल की दिव्या सूर्यदेवरा बनीं जनरल मोटर्स की नई सीएफओ
नयी दिल्ली : भारतीय मूल की अमेरिकी महिला दिव्या सूर्यदेवरा अमेरिका की सबसे बड़ी वाहन कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) की मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) पद पर नियुक्त पहली महिला बन गई हैं। वे इस वर्ष पहली सितंबर से अपना कार्यभार संभालेंगी और जनरल मोटर्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मैरी बर्रा को रिपोर्ट करेंगी। दिव्या सूर्यदेवरा इसके साथ ही जनरल मोटर्स दुनिया की पहली ऑटो कंपनी बन गई है, जिसके सीईओ और सीएफओ पदों की कमान महिलाओं के हाथ में है। भारत में जन्मी और पली-बढ़ी 39 वर्षीय सूर्यदेवरा ने मद्रास विश्विद्यालय से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री ली है। वह 22 साल की उम्र में वे आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चली गईं। वहां से उन्होंने एमबीए की डिग्री ली और इंवेस्टमेंट बैंक यूबीएस में पहली नौकरी की। इसके एक साल बाद 25 साल की उम्र में वे जनरल मोटर्स से जुड़ीं।
सूर्यदेवरा को 2016 में ऑटोमोटिव क्षेत्र की ‘राइजिंग स्टार’ का खिताब मिला। पिछले साल 40 वर्ष से कम उम्र की कैटेगरी में सूर्यदेवरा को डेट्रॉयट बिजनेस-40 में नामित किया गया। जनरल मोटर्स ने अपने एक बयान में कहा कि कंपनी की मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट फाइनेंस) सूर्यदेवरा पहली सितंबर को चक स्टीवंस की जगह लेंगी। बर्रा और सूर्यदेवरा वाहन उद्योग में शीर्ष पदों पर पहुंचने वाली पहली महिलाओं में शामिल हैं।
क्रूज के अधिग्रहण में भूमिका: सूर्यदेवरा ने इस महीने की शुरआत में जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प द्वारा जनरल मोटर्स क्रूज में 2.25 अरब डॉलर के निवेश को सुरक्षित रखने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उन्होंने सेल्फ ड्राइविंग वाहन स्टार्टअप क्रूज के अधिग्रहण समेत कई महत्वपूर्ण सौदों में बड़ी भूमिका निभाई।
काम की तारीफ: जनरल मोटर्स की सीईओ मैरी बर्रा ने कहा, ‘हमारे वित्तीय परिचालन में सूर्यदेवरा ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व ने पिछले कई वर्षो से हमें मजबूत व्यापारिक नतीजे दिए हैं।
तगड़ी शुरुआत के बावजूद बिहार में निरुहुआ के बॉर्डर से पिछड़ी रेस – 3
मुम्बई/पटना : सलमान खान की फिल्म ‘रेस-3’ की शुरुआत काफी धमाकेदार रही है। फिल्म ने पहले दिन जबरदस्त कारोबार किया है। फिल्म की पहले दिन की कमाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि दर्शकों के बीच सलमान की दावेदारी आज भी मजबूत है। इसके अलावा रेस-3 पने हले दिन 29.17 करोड़ रुपये की कमाई करके शानदार रिकॉर्ड कायम किया और टाइगर श्रॉफ की बागी 2 से आगे निकल गई है। यह पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली साल की पहली फिल्म बन गई है लेकिन बिहार में सलमान की रेस-3, भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव (निरहुआ) की फिल्म ‘बॉर्डर’ से पिछड़ गई है। राज्य में लोग बॉर्डर को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हालांकि ‘रेस-3’ को फिल्म समीक्षकों की अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। इसके बावजूद फिल्म ने पहले दिन अच्छी कमाई कर ली है। फिल्म ट्रेंड एनालिस्ट रमेश बाला के अनुसार रेस-3 ने यूएसए से 2.1 करोड़, ऑस्ट्रेलिया से 70 लाख और न्यूजीलैंड से 47 लाख रुपये की कमाई की है। बाला के अनुसार सलमान की इस फिल्म के लिए मिला-जुला रिएक्शन देखने को मिला था। यह फिल्म सलमान के प्रशंसकों के लिए ब्लॉकबस्टर रही जबकि समीक्षकों के अनुसार फिल्म ने बहुत निराश किया है।वहीं निरहुआ एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की बहुचर्चित फिल्म बॉर्डर का जादू लोगों पर ताबड़तोड़ चल रहा है। बिहार के जिन सिनेमाघरों में ‘बॉर्डर’ और ‘रेस 3’ एक साथ चल रही हैं, वहां भी बॉर्डर ने अपना कब्जा कर रखा है। बॉक्स आफिस रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के सिंगल स्क्रीन वाले थियेटर में ‘बॉर्डर’ का कारोबार उम्मीद से ज्यादा बेहतर रहा है। ये सिनेमाघर बिहार में बिजनेस के मामले में काफी अहम माने जाते हैं। ईद के मौके पर भोजपुरी के सुपरस्टार एक्टर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ की फिल्म ‘बॉर्डर’ यूपी-बिहार में ‘रेस 3’ को टक्कर देती नजर आ रही है। ‘बॉर्डर’ देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों के बाहर टिकट लेने के लिए लंबी लाइनों में दिखे। यही नहीं कई जगह तो स्थिति संभालनी मुश्किल हो गई और फैंस सिनेमाघरों के गेट तोड़कर अंदर घुस गए।




