नयी दिल्ली : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज की जिंदगी पर बायोपिक बनने जा रही है। पिछले साल वायकॉम 18 ने मिताली से उनकी बायोपिक बनाने की इच्छा जाहिर की थी। उस वक्त मिताली ने इस बात को हरी झंडी तो दिखाई थी तभी से बायोपिक की कास्टिंग पर काम शुरू हो गया था।
अब मिताली ने अपनी बायोपिक के लिए एक बड़ी इच्छा जाहिर की है। वह चाहती हैं कि उनका रोल एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा निभाए। मिताली ने कहा कि, ‘मैं चाहती हूं कि प्रियंका इस रोल को निभाएं। क्योंकि मुझे लगता है कि हमारी पर्सनैलिटी लगभग मिलती जुलती है।’ मिताली ने यह भी जोड़ा कि आखिरी फैसला तो मेकर्स का होगा।फिलहाल, मिताली मेकर्स को प्री प्रोडक्शन में पूरी मदद कर रही हैं। अपनी जिंदगी की कहानी सुनाने के साथ-साथ अपने नाम पर किताबों को भी खंगालने कहेंगी। मिताली से पहले क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, बॉक्सर मैरीकॉम, धावक मिल्खा सिंह जैसे खिलाड़ियों पर भी बायोपिक आ चुकी हैं। कपिल देव की बायोपिक का काम भी जारी है। जिसमें रणवीर सिंह नजर आएंगे।बता दें कि प्रियंका के पास इन दिनों पहले से ही एक फिल्म है ‘भारत’ जिसमें वह सलमान खान के साथ नजर आएंगी। इस फिल्म की शूटिंग भी शुरू होने वाली है।
प्रियंका चोपड़ा को अपने किरदार में देखना चाहती हैं मिताली
मेडिकल टूरिज्म हब बन रहा भारत, पाँच लाख विदेशी मरीज आ रहे हर साल
बेंगलुरु ; भारत की चिकित्सा सुविधा दुनिया के देशों से सस्ती और बेहतर है। यहां के उपकरण आधुनिक हैं और डॉक्टर अनुभवी हैं। भारत में तकनीकी रूप से उन्नत अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टर, कम लागत वाले उपचार और ई-मेडिकल वीजा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन सब खासियतों की वजह से एशिया में भारत सबसे तेजी से मेडिकल हब बनने की दिशा में बढ़ रहा है। पर्यटन के बाद अब बाहर से आने-वाले मरीजों की बढ़ती संख्या इसकी तस्दीक करती है। यह कहना सही होगा कि आने वाले समय में भारत मेडिकल टूरिज्म का हब बन सकता है। भारत सरकार इस दिशा में काफी कदम उठा रही है। कैमरून का 58 वर्षीय नागरिक नगुफैक जिसके शरीर के आधे हिस्से को लकवा मार गया था। अपने दोस्त के कहने पर वह इलाज के लिए भारत आया। नगुफैक की पत्नी का कहना है कि पहली बार हम इलाज के लिए अपने देश से बाहर आए हैं। यहाँ इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं हैं। यहाँ के उपकरण आधुनिक हैं और डॉक्टर अनुभवी हैं।
फिक्की-आईएमएस की रिपोर्ट के अनुसार, पांच लाख से अधिक विदेशी मरीज हर साल भारत में इलाज के लिए आते हैं। मरीज ज्यादातर दिल की सर्जरी, घुटनों का प्रत्यारोपण, कॉस्मेटिक सर्जरी और दंत चिकित्सा के लिए यहां आते हैं क्योंकि एशिया में उपचार की लागत सबसे कम भारत में आती है।
शंकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल के सेल्स एंड मार्केटिंग विभाग के जनरल मैनेजर संदीप केएम का कहना है कि पश्चिमी देश से आने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। ब्रिटेन जैसे देशों में एनएचए प्रकार का मॉडल है, जहां इलाज के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जो लोग वहां लंबा इंतजार कर चुके हैं या जिनके पास कम समय है, वह भारत का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका दूसरा कारण यह भी है कि दूसरे देशों में ऐसी सेवाएं नहीं हैं, जिन्हें हम प्रदान कर सकते हैं क्योंकि उनके पास बुनियादी ढांचा नहीं है। वर्तमान में वैश्विक चिकित्सा पर्यटन बाजार में भारत का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा है। एक अनुमान के अनुसार, 2020 तक यह हिस्सेदारी 20 प्रतिशत यानी 9 अरब डॉलर तक हो सकती है। भारत में बड़ी संख्या में मरीज दक्षिण एशिया, अफ्रीकी देशों से आते हैं।
वेबसाइट पर उपलब्ध सभी जानकारियाँ
भारत सरकार के पर्यटन विभाग की सचिव रश्मि वर्मा का कहना है कि सभी एनएबीएच ने अस्पतालों को मंजूरी दे दी है। अब अस्पताल अपनी वेबसाइट पर इलाज से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। भारत में आने वाले मरीज अस्पताल की वेबसाइट पर जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं कि कितने खर्च पर किस तरह की सुविधा मिल सकती है। रश्मि वर्मा ने आगे कहा कि हमारे पास मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे हवाई अड्डे पर स्थापित काउंटर जैसे कुछ सुविधाएं भी हैं।
मेडिकल क्षेत्र में हो रही है प्रगति
डॉक्टर नरेश त्रेहन एक विश्व प्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर और कार्डियोथोरेसिक सर्जन हैं। वह अभी तक 48,000 से ज्यादा दिल की सर्जरी कर चुके हैं। न्यूयॉर्क में 20 वर्षों तक अभ्यास करने के बाद वह वापस भारत लौट आए। डॉक्टर का कहना है कि प्रगतिशील भारत ने मेडिकल के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। कुछ संस्थानों में तो वह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बन गया है।
मुस्लिम बहुल देश में पहली बार कोई हिन्दू महिला चुनाव लड़कर रचेगी इतिहास
कराची : पाकिस्तान में पहली बार एक हिन्दू महिला 25 जुलाई को होने वाले प्रांतीय असेंबली चुनाव में किस्मत आजमाएंगी। मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में पहली बार अल्पसंख्यक समुदाय की कोई महिला चुनाव लड़कर इतिहास रचेगी। 31 वर्षीय सुनीता परमार ने थारपरकर जिले में सिंध असेंबली निर्वाचन क्षेत्र पीएस -56 के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है। पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू इसी जिले में रहते हैं। परमार मेघवार समुदाय की हैं। पाक की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आत्मविश्वास से भरी परमार का कहना है कि उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पूर्व की सरकारें उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से किए गए वायदों को पूरा करने और उनका जीवन स्तर सुधारने में असफल रहीं हैं। परमार ने कहा, पिछली सरकारों ने इस इलाके के लिए कुछ भी नहीं किया। 21वीं शताब्दी में रहने के बावजूद महिलाओं के लिए मूल स्वास्थ्य सुविधाएं और शैक्षणिक संस्थान नहीं हैं।
कुमाउंनी गायिका कबूतरी देवी का निधन
पिथौरागढ़ : मशहूर कुमाउंनी लोक गायिका कबूतरी देवी का दिल का दौरा पड़ने से आज यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह 70 वर्ष की थीं। अपने पति दीवानी राम के निधन के बाद वह अपनी बेटियों के साथ रह रही थीं। लखनऊ में 1980 के दशक में ऑल इंडिया रेडियो में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद ही वह लोकप्रिय हो गईं। उनके गीतों में पहाड़ी महिलाओं के जीवन में संघर्षों को अक्स मिलता है। देवी की मृत्यु के समय उनके साथ मौजूद उनकी बेटी हेमांती देवी ने कहा कि ‘ हालांकि मेरी मां को संगीत की शिक्षा उनके पिता से मिली थी , यह मेरे पिता थे जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें रेडियो स्टेशनों पर प्रस्तुति के लिए ले गये। ’लोक गायिका को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए कई सम्मानों से नवाजा गया। लोक इतिहासकार उन्हें पहाड़ की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाली मूल आवाज के रूप में याद करते हैं। लोक इतिहासकार पीडी पंत ने कहा कि ‘ उनकी मृत्यु से , हमने विशेष रूप से कुमाऊं के पूर्वी हिस्से में स्थापित समाजों की पहाड़ी संस्कृति की एक प्रतिनिधि को खो दिया है। ’
15 अगस्त से नए जियो फोन पर व्हाट्सएप और फेसबुक भी चलेगा
मुम्बई : मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्री की 41वीं एजीएम को संबोधित किया। इस मौके पर नीता, अनंत के अलावा बेटी ईशा अंबानी भी मौजूद रहीं। मुकेश अंबानी ने इस मौके पर शेयरधारकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ‘हमारा नेट प्रॉफिट 20.6 फीसद के हिसाब से बढ़कर 36,075 करोड़ हो गया है।’ वहीं मुकेश अंबानी ने खुलासा किया कि,” जीएसटी के लागू होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्री ने 42,553 करोड़ का कर जमा किया है। वहीं एक साल के भीतर जियो के ग्राहक भी दोगुने हो गए हैं। उन्होंने बताया कि रिलायंस जियो के पास आज 22 करोड़ ग्राहक हैं और हर महीने 240 करोड़ जीबी से ज्यादा डेटा का इस्तेमाल हो रहा है।’
जियो और रिटेल से कंपनी का लाभ 2 फीसदी से बढ़कर 13 फीसदी हुआ। एजीएम में ईशा अंबानी और आकाश अंबानी ने जियो 2 फोन लॉन्च किया। यह फोन 15 अगस्त से उपलब्ध होगा। जियो 2 फोन के अलावा गीगा टीवी, सेटअप बॉक्स और गीगा राउटर भी लॉन्च किया गया।
वहीं जियो के पुराने ग्राहकों के पास अपना पुराना फीचर फोन बदलने का मौका होगा। मॉनसून एक्सचेंज ऑफर के तहत ग्राहक पुराना फोन देकर 501 रुपए में नया फीचर फोन ले सकेंगे। वहीं 15 अगस्त से जियो फोन-2 बाजार में मिलने लगेगा। इस फोन पर फेसबुक, व्हाट्सएप और यू-ट्यूब भी बड़ी आसानी से चलेंगे। इसके अलावा जियो फोन पर वायस कमांड के जरिए ऐप भी खोले जा सकेंगे।15 अगस्त से गीगा टीवी सेट टॉप बॉक्स मिलने लगेंगे। एक बॉक्स से ही लोगों को तीन सेवाएं- टीवी, ब्रॉडबैंड और फोन मिलेंगी। इसका किराया प्रति महीना 1 हजार रुपये से भी कम होगा।
अपनों का सहारा नहीं, हर चौथा बुजुर्ग है अकेला
आपाधापी की इस दौड़ में देश के बुजुर्ग अकेले पड़ते जा रहे हैं। उन्हें न तो अपनों का सहारा मिल पा रहा है और न ही पर्याप्त देखभाल। समय पर डॉक्टर नहीं मिलता तो दूसरी ओर बुढ़ापे में उन्हें अपने खर्च के लिए बच्चों पर निर्भर रहना पड़ता है। यही बात उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर तोड़ देती है। एजवेल फाउंडेशन द्वारा किए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे में कहा गया है कि देश में हर चौथा बुजुर्ग अकेला है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष हिमांशु रथ का कहना है कि मई जून में तीन सौ कार्यकर्ताओं ने देश के बीस राज्यों में यह सर्वे किया है। इसमें दस हजार बुजुर्गों से बात की गई है। सर्वे में सामने आया है कि हर चौथा बुजुर्ग आज अकेला है। इनका प्रतिशत 23 है। हर दूसरा बुजुर्ग, जिनका प्रतिशत करीब 48 है, वह अपनी पति या पत्नी के साथ रहता है। 26 फीसदी बुजुर्ग ऐसे हैं जो अपने परिवार के साथ रहते हैं। शहर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की संख्या 25 प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत 21 है।
सर्वेक्षण के दौरान एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग अकेले या फिर अपने जीवन साथी के साथ रहना पसंद करते हैं। करीब 36 फीसदी बुजुर्ग मानते हैं कि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं। इसके अलावा 68 प्रतिशत बुजुर्गों का कहना है कि वे वैचारिक तौर पर आजाद हैं। इनमें 60 फीसदी ने मनोवैज्ञानिक आजादी, 69 प्रतिशत ने सामाजिक आजादी और 61 फीसदी बुजुर्गों ने शारीरिक तौर पर आत्मनिर्भर होने की बात कबूली है।
अधिकांश बुजुर्गों को चिकित्सा देखभाल से वंचित रहना पड़ता है
सर्वेक्षण में पता चला है कि 61 प्रतिशत बुजुर्गों को दीर्घकालिक चिकित्सा नहीं मिल पा रही है। बिस्तर पर पड़े 68 फीसदी बुजुर्गों ने कहा है कि उनके लिए घर में मनोरंजन का साधन होना चाहिए। हिंमाशु रथ का कहना है कि बुजुर्गों को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए परिजनों, समुदाय एवं सरकार के स्तर पर पहल करने की जरूरत है। देश में बुजुर्गों की आबादी करीब 13 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है।
मप्र के दुबड़ी गाँव ने दी गरीबी को मात, लौटाएंगे बीपीएल कार्ड
श्योपुर : कुपोषण का गढ़ कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले का यह गांव छह साल पहले तक गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले बीपीएल कार्डधारियों का गांव था। 74 आदिवासी परिवारों के पास रोजगार का कोई साधन नहीं था। जिस दिन मजदूरी न मिलती, चूल्हा न जलता। जो भी थोड़ी बहुत जमीन और जेवर थे, गिरवी रखे हुए थे। गांव की सूरत अब बदल चुकी है। अब हर परिवार लखपति है और सरकार को बीपीएल कार्ड लौटाने जा रहा है। श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखंड कराहल का दुबड़ी गांव इस बदलाव का श्रेय गांव की महिलाओं के स्वावलंबन को देता है। आदिवासियों ने गिरवी रखी जमीन और जेवर मुक्त करा लिए हैं। यह करिश्मा गांव की महिलाओं ने स्वसहायता समूहों से जुड़कर दिखाया। पूरे जिले में सिर्फ दुबड़ी गांव ही ऐसा है, जहां शतप्रतिशत महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित स्वसहायता समूहों की सदस्य हैं। समूहों से लोन लेकर महिलाओं ने खेती-बाड़ी, पशुपालन से लेकर लघु उद्योग शुरू किए।
अब स्थिति यह है कि पूरा गांव विकास की राह पकड़ चुका है। जिन घरों में खाने के लिए अनाज जुटाना मुश्किल था, वहां जीवन स्तर सुधर चुका है। घरों में बाइक, टीवी, फ्रिज जैसे संसाधन मौजूद हैं। इस कहानी की सबसे अहम और प्रेरणाप्रद बात, जो ग्रामीण भारत के बदलाव का संकेत देती है, जो ग्राम्य विकास की राह प्रशस्त करती है, वह यह कि दुबड़ी गांव के सभी परिवार अब सरकार को अपना बीपीएल कार्ड लौटाने जा रहे हैं। सरकार का यह कार्ड खाद्य सुरक्षा योजना, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य जीवनोपयोगी सरकारी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करता है।
गरीबी को मात देने वाली तीन कहानियां
1. बिजली को बनाया आय का जरिया : सुकनी आदिवासी ने बजरंग स्वसहायता समूह की सदस्यता ली और 15 हजार रुपये का कर्ज लेकर सोलर सिस्टम लगाया। पूरा गांव बिजली विहीन था, इसलिए उसने 100 रुपये महीने में 40 घरों को एक-एक सीएफएल का कनेक्शन दिया।
2. गिरवी रखी जमीन छुड़ाई : कालीबाई आदिवासी के पास 12 बीघा जमीन थी, जो 10 रुपये सैकड़ा के ब्याज पर गिरवी रखी थी। 11 साल से जो भी कमाते, साहूकार को दे देते। केवल ब्याज चुकता होता, मूल राशि जस की तस रहती। इसके बाद कालीबाई बैरागी स्वसहायता समूह से जुड़ी। समूह से 20 हजार का कर्ज लेकर साहूकार से जमीन मुक्त कराई।
3. गांव की सबसे उन्नत किसान बनीं : बेस्सी बाई की 15 बीघा जमीन खाद-बीज के लिए भी पैसे न होने के कारण सालों से बंजर पड़ी थी। कई बार गांव से आटा मांगकर रोटियां बनाती थी। बेस्सी भी समूह से जुड़ी। 15 हजार रुपये का लोन लिया। कृषि विभाग ने खेत में बोर कराया। आज बेस्सी गांव की सबसे उन्नत किसान है। खेती में नए प्रयोग करती है।
(साभार – नयी दुनिया में प्रकाशित हरिओम गौड़ की खबर)
60 की उम्र में बाइक से भारत भ्रमण पर निकल पड़े शरत
रायपुर : अधिकांश लोग बचपन और जवानी बड़ी शान से जीते हैं, लेकिन बुढ़ापा आने से पहले ही जिंदगी से निराश और हताश हो जाते हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि अब जिंदगी में कुछ नहीं बचा। यह निराशा उन्हें तमाम रोगों से घेर लेती है और वे परिवार पर भी बोझ बनने लगते हैं। यदि लोग बचपन और जवानी की तरह बुढ़ापे को भी शान से जिएं तो वे समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं । यह महत्वपूर्ण संदेश देने के लिए दिल्ली निवाशी शरत शर्मा आजकल मोटरसाइकिल से भारत भ्रमण पर निकले हैं। उनका मानना है कि यदि वे मुट्ठीभर लोगों को भी आनंदमयी जीवन जीने और कुछ नियमों का पालन करना सिखा दें तो उनका जीवन सफल हो जाएगा। जज्बे वाले इंसान के लिए उम्र की सीमा कोई मायने नहीं रखती, इस बात को 60 वर्ष के शरत बखूबी चरितार्थ कर रहे हैं। दिल्ली से 18 मार्च 2018 को मोटरसाइकिल से उनकी यात्रा शुरू हुई थी और इसके अगले पड़ाव में अब वह रायपुर पहुंचे हैं। भारत भ्रमण करने के पिछे इनका मकसद उन लोगों को जागरूक करना है जो सड़क पर वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते। इसके साथ ही लोगों को समझाना चाहते हैं कि जिंदगी बेहद खूबसूरत है, ये दुनिया बहुत हसीन है और निराशा कभी हावी न होने दें। देश-दुनिया को देखें और अंदर से खुश रहें। शरत का मानना है कि अगर सही तरीक से सड़क पर ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाय तो दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। इसके साथ ही जो लोग बुढ़ापा आते ही अपने आप को असहाय मानने लगते हैं, वे अगर अपनी दिनचर्या को थोड़ा परिवर्तन ले आएं तो बुढ़ापे को भी तंदुरुस्ती और खुशी के साथ जिया जा कसता है।
शरत अभी तक कुल 16 राज्य जिसमें हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, भूटान, अरुणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालया, असम, पश्चिम बंगाल का भ्रमण कर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इसके बाद उनका अगला पड़ाव तेलंगाना और आंध्र प्रदेश होगा। वे अभी तक 16 हजार 3 सौ किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। हर दिन 12 से 13 घंटे मोटरसाइकिल चला हे हैं । इस बीच नियमित रुप से नींद लेते हैं। अपने खानपान का विशेष ध्यान रखते हैं।
भगवद्गीता के श्लोकों से सीखिए मैनेजमेंट , वैज्ञानिक ने बनाया ऑडियो एलबम
भोपाल : श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया है। इस ‘भगवद्गीता” में हर एक समस्या का समाधान छिपा है, जरूरत है तो बस से समझ कर आत्मसात करने की। गीता के इसी ज्ञान को युवाओं के लिए सरल भाषा में ऑडियो एलबम में उपलब्ध कराया है डॉ. मुरली कृष्ण ने। उन्होंने ‘संभवामि युगे-युगे” शीर्षक से ऑडियो एलबम और पुस्तक लिखी है। श्रीमद्भगवद्गीता के चुनिंदा श्लोकों के जरिए युवाओं को मैनेजमेंट के टिप्स दिए है। डॉ. मुरली मंडीदीप स्थित ल्युपिन लिमिटेड में वैज्ञानिक है।
99 मिनट का है ऑडियो
एलबम शास्त्रीय कर्नाटक रागों के आधार पर तैयार किया है। हिन्दी में वर्णन के साथ 108 श्लोक गायन के साथ बनाया है। उन्होंने बताया कि यूट्यूब पर हिन्दी और तेलुगू संस्करणों के दोनों ऑडियो अपलोड किए गए है। ऑडियो लगभग 99 मिनट है। वोकल रिकॉर्डिंग भोपाल के केबी स्टूडियो में हुई। संगीत हैदराबाद में फिल्म उद्योग के संगीत निर्देशकों में से एक ‘बांसुरी वादक नागाराजू” ने दिया है। इसके अलावा यशराज फिल्म्स स्टूडियो, मुंबई द्वारा संगीत मिश्रण और मास्टरिंग का काम हुआ।
एक करोड़ की राशि खर्च
डॉ. मुरली कृष्ण ने बताया कि तीन साल की मेहनत और एक करोड़ से अधिक की धनराशि से तैयार किया गया यह प्रयास किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका यह प्रयास गीता के सार को आमजन तक निशुल्क पहुंचाने के लिए है। माता-पिता को समर्पित यह कृति सभी के लिए निशुल्क उपलब्ध है। यह ऑडियो व्यवहार और व्यक्तित्व विकास की दृष्टि से युवा पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी है। दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, भारतीय प्रबंधन संस्थान, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, एमएचआरडी सहित विभिन्न् विश्वविद्यालयों के कई प्रोफेसरों और प्रमुखों ने इस परियोजना की सराहना की, क्योंकि यह छात्रों के लिए उपयोगी है।
ऑडियो में शामिल है प्रबन्धन के टिप्स
हिन्दी में इस प्रकार का ऑडियो एलबम पहली बार आया है। विषाद, तनाव व अवसाद को दूर करके जीवन में शांति और खुशी प्राप्त करने के लिए श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को वर्गीकृत और संकल्पित किया गया है। इस एलबम में प्रेरणा, आत्म-नियंत्रण, व्यवहार, नेतृत्व, चरित्र निर्माण, आध्यात्मिकता, कर्तव्यों और कार्यों आदि को परिभाषित करने जैसे विभिन्न् प्रबंधन विषयों को शामिल किया गया है।
शीर्ष दस में से आठ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 66,626 करोड़ रुपये बढ़ा
नयी दिल्ली : सेंसेक्स की शीर्ष दस में से आठ कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 66,625.60 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक लाभ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) रही। सप्ताह के दौरान जहां इन्फोसिस और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई वहीं टीसीएस , रिलायंस इंडस्ट्रीज , एचडीएफसी बैंक , हिंदुस्तान यूनिलीवर , आईटीसी , एचडीएफसी , मारुति सुजुकी इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक की बाजार हैसियत में इजाफा हुआ।
सप्ताह के दौरान टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 25,306.88 करोड़ रुपये बढ़कर 7,32,521.29 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। इसी तरह मारुति की बाजार हैसियत में 14,608.59 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 2,81,079.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 8,030.79 करोड़ रुपये बढ़कर 3,63,431.19 करोड़ रुपये हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 7,627.68 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 3,32,322.95 करोड़ रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक का 5,510.83 करोड़ रुपये बढ़कर 2,61,263.97 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 2,249.42 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 6,18,749.36 करोड़ रुपये और एचडीएफसी का 1,728.92 करोड़ रुपये बढ़कर 3,22,542.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,562.49 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 5,50,531.99 करोड़ रुपये रहा। वहीं दूसरी सप्ताह के दौरान इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण्सा 4,859.69 करोड़ रुपये घटकर 2,80,551.12 करोड़ रुपये पर आ गया। एसबीआई को सप्ताह के दौरान 1,651.04 करोड़ रुपये का ऩुकसान हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 2,29,763.51 करोड़ रुपये रह गया। सप्ताह के दौरान टीसीएस शीर्ष पर बनी रही। उसके बाद क्रमश : रिलायंस इंडस्ट्रीज , एचडीएफसी बैंक , हिंदुस्तान यूनिलीवर , आईटीसी , एचडीएफसी , मारुति , इन्फोसिस , कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई का स्थान रहा। गत सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 234.38 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 35,657.86 अंक पर पहुंच गया।




