कोलकाता : चेयर पोएट्री ट्रस्ट और नीलांबर कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में हाल ही में हिन्दी, बांग्ला, अंग्रेजी और हंगेरियन कवियों के कविता पाठ का आयोजन गोर्की सदन स्थित मिली दुर्ज कैफे में किया गया। सर्वप्रथम नीलांबर के अध्यक्ष यतीश कुमार ने स्वागत वक्तव्य देते हुए इस आयोजन को सेतु बताया। चेयर पोएट्री ट्रस्ट से सोनेट मण्डल ने कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर ने अपने जीवन के कुछ महत्वपूर्ण दिन हंगरी में बिताए थे। वहाँ आज भी टैगोर के साहित्य को बहुत सम्मान से देखा जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत हंगरियन कलाकार क्रिस्टीना के बांसुरी वादन से हुई। इसके पश्चात हंगरियन कवियों में लंकोर गबोर और अर्पड़ कोलार ने कविता पाठ किया। इन कवियों की कविताओं के अनुवाद का पाठ स्मिता गोयल ने किया। अंग्रेजी कवियों में साइमा आफरीन और रेशमा रमेश ने अपनी कविताओं का पाठ किया। हिन्दी कवियों में राजेश कमल,पलाश चतुर्वेदी और विजय शर्मा ने अपनी कविताओं से सबका ध्यान आकर्षित किया। बांग्ला कवियों में विनायक बंदोपाध्याय, कौशिक चक्रवर्ती और जयती रॉय कविता पाठ करने वालों में शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन ऋतेश पांडेय और रूथ ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए तुषार धवल ने कहा कि यह एक साझा शुरुआत है जो जारी रहेगी।
साहित्यिकी द्वारा ‘एक सच्ची झूठी गाथा’ उपन्यास पर परिचर्चा
कोलकाता : साहित्यिकी द्वारा हाल ही में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित लेखिका अलका सरावगी के चर्चित उपन्यास ‘एक सच्ची झूठी गाथा’ पर परिचर्चा आयोजित की गयी। कार्यक्रम की संचालक सविता पोद्दार ने लेखिका का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि उनका यह उपन्यास रूढ़ियों को तोड़कर एक जादुई दुनिया के दरवाज़े खोलने वाला एक बड़े फलक का उपन्यास है। साहित्यिकी परिवार की वरिष्ठ सदस्या, प्राध्यापिका वाणी बाजोरिया ने उपन्यास को सृजित सत्य, भोगे हुए सच और कलमबद्ध यथार्थ की तस्वीर सामने रखने वाला दस्तावेज बताया। बंगवासी कॉलेज की हिन्दी विभागाध्यक्षा रेवा जाजोदिया ने कहा कि विशद आयाम वाले इस उपन्यास के तीन भाग है जिसमे संर क्षित जीवन वाली गाथा (लेखिका) में पहचान के संकट से भ्रमित प्रमित की दास्तान का ताना-बाना बुना गया है जो गुफाओं की दीवारों पर खूनी नाख़ून से कहानी लिखना चाहता है। लेखिका अलका सरावगी संस्था का आभार प्रकट करते हुए कहा कि लेखक की यात्रा में कई सवाल होते है, यह उपन्यास उन्ही सवालों की परिणति है। अध्यक्षा राजश्री शुक्ला ने प्रमित और गाथा के सच को समाज से निकला हुआ सच बतलाया। सामान्य पाठक रचनात्मकता से लैस होकर इस उपन्यास का लुत्फ़ उठा सकता है। स्त्री लेखन की जो परिभाषा आलोचकों ने गढ़ दी है, यह उपन्यास उसे तोड़ता है। शोध छात्रा पूजा प्रसाद ने कहा कि यह उपन्यास सोशल मीडिया की भाँति सम्मोहित करता है, तभी तो गाथा फिर से प्रमित से जुड़ना चाहती है। अंत में साहित्यिकी की वरिष्ठ सदस्या रेणु गौरीसरिया ने उपस्थित सदस्यगणों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
भवानीपुर कॉलेज में कई चरणों में ओरिएंटेशन कार्यक्रम
भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज में जुलाई महीना नया दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए समर्पित है। कॉलेज के के सुबह दोपहर और सांध्य सेशन के सभी विद्यार्थियों के लिए बारह चरणों में ओरियंटेशन कार्यक्रम किए जा रहे हैं। ये एक जुलाई से बारह जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बीए, बीबीए, बीएससी, बी.कॉम के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की उपस्थिति रही । सभी कार्यक्रम रोचक ढंग से कोर्सेज की पूरी जानकारी और अन्य वोकेशनल कोर्स के विषय में जानकारी दी गई। सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर, एसीसीए, डिजिटल मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, डायनामिक अॉफ केपिटल मार्केट, जीएसटी, साइबर सिक्युरिटी, कॉमर्स प्लस आदि विभिन्न विषयों पर कॉलेज के ही विद्यार्थियों ने डिजिटल तकनीक से युक्त प्रोजेक्टर से जानकारी दी।मृगांक और स्वप्निल ठाकुर ने संचालन किया। एनसीसी एन एस एस के फायदे और कॉलेज में होने वाले उत्सव, सेतु और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक वार्ता के विषय में जानकारी दी गई। इंडस्ट्रीज टूर का आयोजन कॉलेज द्वारा करने का उद्देश्य बताया गया ।
कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारा कॉलेज एक परिवार की तरह कार्य करता है। कॉलेज में आए विद्यार्थी स्वयं अपनी राह चुनते हैं। प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने कोर्सेज के विषय में बताया। प्रो दिव्येष शाह ने विद्यार्थियों को एन एस एस की जानकारी दी। प्रो सुस्पो चक्रवर्ती ने सांध्य के विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित थे। डॉ वसुंधरा मिश्र ने इस कार्यक्रम की जानकारी दी।
लम्बी कविता ‘एक अदद सपने के लिए’ का मंचन
कोलकाता ः लिटिल थेस्पियन तथा भारतीय भाषा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नरेन्द्र मोहन की लंबी कविता ‘एक अदद सपने के लिए’ का काव्य मंचन कोलकाता की सुप्रसिद्ध रंगकर्मी उमा झुनझुनवाला के निर्देशन में भारतीय भाषा परिषद के सभागार में प्रस्तुत किया गया। इसकी प्रस्तु ति ’कहानी और कविता की अभिनयात्मक पाठ की कक्षा के 16 शिक्षार्थियों द्वारा की गयी। इन शिक्षार्थियों में शामिल हैं – राहुल कुमार भट्टाचार्य, विनोद यादव, पार्वती साव, कुसुम वर्मा, पूजा गोंड, आतिफ अंसारी, कृतार्थ पांडेय, निलांजन चटर्जी, गौरव गांगुली, सूर्यदेव राय, जैनुल आबदिन अंसारी, मारूफ खान, मुन्ना प्रसाद साव, विनय जायसवाल, शाइस्ता परवीन, सुमित गोस्वामी। सभी शिक्षार्थियों ने बेहतरीन प्रस्तुति द्वारा दर्शकों का मन मोह लिया। सभागार दर्शकों से खचाखच भरा था।
जापान : 28% महिलाओं ने बच्चों के लिए नौकरी छोड़ी, दादी – नानी करेंगी फूड डिलिवरी
टोक्यो : जापान में हर महीने 25 से 30 दंपती डे केयर सुविधा न मिलने से परेशान होते हैं। करीब 28% महिलाओं को बच्चों की देखभाल करने के लिए नौकरी छोड़नी पड़ी। अभी भी करीब 50 हजार बच्चे डे केयर की वेटिंग लिस्ट में हैं। इस समस्या से निपटने के लिए महिलाएं ही खड़ी हुई हैं।अपने हक के लिए मुहिम चला रही हैं। बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाएं इन मुहिम से जुड़ रही हैं। दरअसल, जापान में डे केयर सरकार द्वारा ही संचालित किए जाते हैं। इसलिए सभी को सुविधा नहीं मिल पाती। 43 साल की ताओ अमानो ने ऐसे माता-पिता की मदद करने के लिए मिराओ संस्था शुरू की है। ताओ भी कामकाजी हैं, जब उनके बच्चे को तीन सेंटरों ने रखने से मना कर दिया, तो उन्होंने यह संस्था शुरू की।
साल में बड़े नेता को बुलाकर समस्या बताई जाती है
ताओ की संस्था ने हैशटेग आई वॉन्ट डे केयर अभियान चलाया है। इसमें माता-पिता से डे केयर द्वारा दिए गए रिजेक्शन लेटर साझा करने को कहा जाता है। ताकि सरकार पर दबाव बना सकें। साल में एक बार देश के बड़े नेताओं को बुलाकर समस्या के बारे में बताया जाता है। ऐसा ही अभियान स्थानीय नेता युका ओगाता चला रही हैं। उन्हें बच्चे के साथ कुमामोतो काउंसिल में आने से रोक दिया गया था। उन्होंने अभियान चलाकर काउंसिल के नियम बदलवाए। अब वो घर से ही काम करने लगी हैं।
जापान के 10 बड़े शहरों में दादी और नानी फूड डिलेवरी करेंगी
जापान में जल्दी ही दादी-नानियां फूड डिलेवरी करती नजर आएंगी। राइड शेयरिंग दिग्गज उबर ने इस पर योजना तैयार की है। पिछले हफ्ते ही उबर सीईओ दारा कोस्रोवशाही ने कहा कि कंपनी के ईट्स डिविजन में बुजुर्ग महिलाओं को रखा जा रहा है। जापान के 10 बड़े शहरों के करीब 10 हजार रेस्रां में फूड डिलेवरी क्षेत्र में मौके हैं। ये बुजुर्ग महिलाएं पैदल ही यह काम करेंगी। दारा के मुताबिक, योजना सफल रही, तो अन्य देशों में भी लागू करेंगे।
कम्पनी ने अंदर छिपने वाला बेड बनाया, यह प्राकृतिक आपदाओं से बचाएगा
न्यूयॉर्क : अमेरिका के ओक्लाहोमा शहर स्थित वोर्टेक्स वॉल्ट नामक कंपनी ने एक ऐसा इनोवेटिव बेड तैयार किया है, जो कई तरह की आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। यह प्राकृतिक आपदाओं के समय जान बचाने में मददगार साबित होगा। इसमें छिपने की जगह बनाई गई है। वोर्टेक्स वॉल्ट की ओर से तैयार इस खास बेड को सॉलिड स्टील से बनाया गया है और यह क्रश रेसिस्टेंट है। बेड के साइड में लगे लगे तीन छोटे दरवाजों को खोल यूजर इसके अंदर जा सकता है। खुद को इसमें लॉक कर सकता है। शेल्टर बेड को लगभग 80 सेकंड के भीतर रिमोट कंट्रोल के माध्यम से शुरू किया जा सकता है।
बिजली न होने पर बैटरी बैकअप
बेड में 4 मोटर सीजर लिफ्ट मेकैनिज्म लगी है, जो 110 वॉल्ट के एसी से चलेगी। बिजली न होने पर बैटरी बैकअप खुद ही चलने लगेगा। अगर यूजर आपदा आने से पहले बेड को न खोल पाए हों तो भी वह रेंगकर बेड के भीतर जा सकते हैं।
जयपुर तीसरी बार यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में
जयपुर : गुलाबी शहर के नाम से मशहूर जयपुर की चहारदीवारी (परकोटा) को यूनेस्को ने विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। शनिवार को अजरबैजान की राजधानी बाकू में हुई विश्व धरोहर समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर यूनेस्को के फैसले पर खुशी जताई। इससे पहले जयपुर स्थित आमेर किले और जंतर-मंतर को इस सूची में स्थान मिल चुका है। नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ”जयपुर का संबंध संस्कृति और वीरता से रहा है। उत्साह से भरपूर जयपुर की मेहमाननवाजी लोगों को अपनी ओर खींचती है। खुशी है कि इसे यूनेस्को ने विश्व विरासत स्थल घोषित किया है।” केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया है।
किराए के मकान को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा किराया कानूनों में होगा संशोधन
नयी दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत 5 जुलाई को लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहला बजट पेश किया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार किराए के मकान को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त कदम उठाएगी। इसके लिए सरकार मौजूदा किराया कानूनों में संशोधन करेगी। वर्तमान किराया कानून पुरातन है। इनकी वजह से मकान मालिक और किराएदार के बीच अच्छे संबंध स्थापित नहीं हो पाते। नए नियमों को राज्यों के साथ साझा किया जाएगा।” आम चुनाव के मद्देनजर फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया गया था। सरकार बनने के बाद साल 2019-20 के लिए यह पूर्ण बजट पेश किया गया।
सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में लगभग 1.5 करोड़ घर बनाए गए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दूसरे चरण में लगभग 1.95 करोड़ मकान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। यह 2022 तक नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सभी के लिए घर नीति को पूरा करने के प्रयासों का हिस्सा होगा। वित्त मंत्री ने बताया, “पहले एक घर बनाने में 314 दिन लगते थे, लेकिन अब ये घटकर 114 दिन लगते हैं। हमारा जोर अब इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर है। 2022 तक हर एक ग्रामीण परिवार के पास बिजली और खाना पकाने की सुविधा होगी।” “प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत 1.5 करोड़ से कम वार्षिक कारोबार वाले लगभग 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों और दुकानदारों को पेंशन का लाभ दिया जाएगा।”
“45 लाख रुपये तक के मकान खरीद के लिए ब्याज पर आयकर छूट की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव। स्टार्टअप के लिए जुटायें गए धन की आयकर जाँच नहीं होगी।”
उद्योगपति बीके बिड़ला का 98 साल की उम्र में मुम्बई में निधन
मुम्बई : बीके बिड़ला समूह के चेयरमैन और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के दादा बसंत कुमार बिड़ला का बुधवार को मुम्बई में निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। 1921 में जन्मे बीके बिरला उद्योगपति घनश्याम बिरला के सबसे छोटे पुत्र थे। वह बिरला कृष्णार्पन चैरिटी ट्रस्ट, बीके बिरला इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थान के चेयरमैन थे। इसके अलावा कई शैक्षणिक ट्रस्टों एवं संस्थानों से भी जुड़े थे।
मात्र 15 वर्ष की आयु में ही वह कई कंपनियों के साथ सक्रिय तौर पर जुड़ गए थे और केशोराम इंडस्ट्रीज के चेयरमैन बन गए थे। उन्होंने एक कारोबारी के तौर पर अपना ध्यान कॉटन, विस्कोस, पालिएस्टर, नायलान यार्न, रिफ्रैक्टरी, कागज, जहाजरानी, टायरकॉर्ड, पारदर्शी पेपर, स्पन पाइप, सीमेंट, चाय, कॉफी, इलायची, रसायन, प्लाईवुड और एमडीएफ बोर्ड पर लगाया था। उन्होंने कतर में बिरला पब्लिक स्कूल और कल्याण मेंं काॅलेज ऑफ आर्टस, साइंस एंड क़ॉमर्स तथा राजधानी दिल्ली में बिरला विद्या निकेतन की स्थापना की थी। बीके बिरला का विवाह अप्रैल 1941 में सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक बृजलाल बियानी की पुत्री सरला से हुआ था और उनकी दो पुत्रियां जयश्री मोहता तथा मंजुश्री खेतान हैं। उनके पुत्र आदित्य बिरला का अक्टूबर 1995 में निधन हो गया था। उनके पोते कुमार मंगलम बिरला हैं। उन्होंने कईं पुस्तकों के अलावा आत्मकथा “ सवांथ सुखायः” को कलमबद्ध किया था।
वॉट्सऐप में मिलेगा क्यूआर कोड शॉर्टकट, स्कैन करने से हो जाएगा कॉन्टैक्ट सेव
इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप में जल्द ही क्यूआर कोड शार्टकट मिलेगा सकता है। इसके जरिए यूजर कोड स्कैन कर कॉन्टैक्ट सेव करस सकेंगे साथ ही यूजर अपनी प्रोफाइल भी अन्य यूजर को शेयर कर सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इसके डेवपलमेंट पर काम कर रही है जो वॉट्सऐप बीटा प्रोग्राम का ही पार्ट है। कंपनी जल्दी ही ऐप में डेडिकेटेड क्यूआर कोड बटन शामिल करेगी। सबसे पहले इस फीचर को पिछले साल नवंबर में देखा गया था हालांकि अबतक इसे जारी नहीं किया गया है। यह पहले से ही इंस्टाग्राम, लिंक्डइन जैसे ऐप में मिल रहा है, जिसमें क्यूआर कोड का एक्सपीरियंस लिया जा सकता है। वॉट्सऐप ने फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि ऑफिशियल वर्जन के लिए इस फीचर को कब तक जारी किया जाएगा।
वॉट्सऐप बीटा ट्रैकर WABetaInfo के ट्वीट के अनुसार वॉट्सऐप में यह नया फीचर एंड्रॉयड वर्जन 2.19.189 में मिलेगा जिसमें क्यूआर कोड शॉर्टकट को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी ने इसका स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। स्क्रीनशॉट देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वॉट्सऐप यूजर डेटिकेटेड शॉर्टकट के जरिए क्यूआर कोड को स्कैन और शेयर कर सकेंगे। इस क्यूआर कोड के जरिए यूजर अपनी प्रोफाइल अन्य यूजर को शेयर कर सकेगा साथ ही इसके जरिए कॉन्टैक्ट भी सेव किए जा सकेगा। यह बटन वॉट्सऐप बीटा वर्जन 2.19.515 का हिस्सा होगा लेकिन फिलहाल इसे यूजर्स के लिए जारी नहीं किया गया है।




