वॉशिंगटन : अमेरिका के आईटी इंजीनियर पॉल क्लिंगर ने दुनिया का सबसे छोटा लैपटॉप बनाया है। इस लैपटॉप की स्क्रीन सिर्फ एक इंच की है। इसका डिस्प्ले 0.96 सेमी का है। इसे बनाने में सात दिन लगे और इसमें 85 डॉलर (करीब 6 हजार रुपए) खर्च हुए हैं। पॉल के मुताबिक, उन्होंने इस लैपटॉप का नाम ‘थिंक टिनी’ रखा है। यह लैपटॉप आईबीएम के थिंकपैड का छोटा रूप है।
300 एमएएच की बैटरी और कर्सर कंट्रोलर भी है
इस छोटे से लैपटॉप में थिंकपैड की तरह कीपैड के बीच में लाल रंग का ट्रैक पॉइंट स्टाइल कर्सर कंट्रोलर भी दिया गया है। इसमें 300 एमएएच की बैटरी लगी है। जिसे चार्ज भी किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस मिनी लैपटॉप में यूजर गेम भी खेल सकते हैं।
7 पंक्ति का की-बोर्ड 3डी प्रिंटर से बनाया
थिंकटिनी में एक 14-पिन एटी टिनी 1614 माइक्रोकंट्रोलर (20 मेगाहर्ट्ज) है, जो एक छोटे 128 ×64 पिक्सेल ओएलईडी डिस्प्ले से जुड़ा है। इसमें 7-लाइनों वाला बोर्ड है।
सात दिन में बनाया दुनिया का सबसे छोटा लैपटॉप , इसमें गेम भी खेल सकते हैं
चन्द्रयान-2 ने पहली बार अपने कैमरे से खींचीं पृथ्वी की तस्वीरें, इसरो ने बताया खूबसूरत
नयी दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने रविवार को चन्द्रयान-2 से खींची गई पृथ्वी की कुछ तस्वीरें जारी कीं। अंतरिक्ष में पृथ्वी की बाहरी कक्षा से खींची गई इन तस्वीरों को चन्द्रयान-2 के विक्रम लैंडर में लगे एलआई-4 कैमरे से 3 अगस्त को शाम 5:28 से 5:37 बजे के बीच खींचा गया।
इसरो ने ट्वीट में इन्हें चन्द्रयान-2 द्वारा खींची पहली तस्वीरों का सेट बताया। दरअसल, पिछले सप्ताह इंटरनेट पर कुछ और फोटोज को चंद्रयान-2 द्वारा खींची पहली फोटो बताया था। हालांकि, गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च में सामने आया था कि उस समय की ज्यादातर तस्वीरें नासा की वेबसाइट से हैं। इसके अलावा कुछ फोटोज तस्वीरें स्पेस स्टेशन में स्थित एसट्रोनॉट्स ने ली थीं। यहां तक की खुद इसरो ने भी साफ किया था कि उसने चन्द्रयान-2 की कोई तस्वीर नहीं शेयर की है। इसरो के मुताबिक, चन्द्रयान-2 के ऑर्बिटर के हिस्से में दो कैमरे रखे हैं। एक ऑर्बिटर हाई रिजॉल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) और एक टैरेन मैपिंग कैमरा-2 (टीएमसी-2)। ओएचआरसी चन्द्रयान-2 की लैंडिंग साइट की हाई रिजॉल्यूशन फोटो लेगा, जिससे वैज्ञानिक लैंडर का मार्ग तय कर सकेंगे।
14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा छोड़ेगा चन्द्रयान-2
इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने बताया था कि अगले एक से डेढ़ महीने में चंद्रयान-2 को चन्द्रमा के पास पहुंचाने के दौरान 15 अहम टेस्ट किए जाएंगे। चंद्रयान-2 करीब आठ दिन तक पृथ्वी की आखिरी कक्षा में चक्कर लगाएगा और इसके बाद 14 अगस्त को बाहर निकलकर चांद की कक्षा की तरफ बढ़ जाएगा। चन्द्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद सतह से 100 किमी की दूरी पर अलग हो जाएगा। इसके बाद विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर 3 सितंबर को मुख्य स्पेसक्राफ्ट से अलग होकर निचली कक्षा में पहुँचेंगे और आखिर में 7 सितंबर को चाँद की सतह पर उतर जाएंगे।
चेतन भगत ने साझा की मार्कशीट, कहा- कागज का टुकड़ा आपको परिभाषित नहीं कर सकता
मुम्बई : लेखक चेतन भगत ने अपनी 10वीं की मार्कशीट ट्विटर पर शेयर कर कहा कि यह किसी भी व्यक्ति के बारे में पूरी जानकरी नहीं दे सकती। उन्होंने लिखा, “यह 10वीं कक्षा की मेरी मार्क्सशीट। 76% अंक। मुझे याद है, कागज का यह टुकड़ा तब कितना ताकतवर लगा था जब मैं 15 साल का था, लेकिन औसत छात्र के रूप में था। आज यह अप्रासंगिक है। मुझे खुशी है कि मैंने अपनी क्षमताओं और अपने विश्वास को इससे प्रभावित नहीं होने दिया। कागज का कोई भी टुकड़ा आपको परिभाषित नहीं कर सकता।’’ मार्कशीट के मुताबिक, चेतन सीबीएसई से 1989 में 10वीं पासआउट हुए। उनको विषयबार जो अंक मिले, उनमें अंग्रेजी में 76, हिंदी में 46, गणित में 92, विज्ञान में 92 और सामाजिक विज्ञान में 74 अंक मिले।
चेतन भगत का यह ट्वीट उन माता-पिता को प्रेरणा दे सकता है, जो प्रमाणपत्रों में दर्ज अंकों के आधार पर अपने बच्चे की क्षमताओं का आकलन करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, भगत के उपन्यासों की 70 लाख प्रतियां बिकी हैं। 2008 में, न्यूयॉर्क टाइम्स ने भगत को “भारत के इतिहास में सबसे अधिक बिकने वाले अंग्रेजी भाषा के उपन्यासकार” के रूप माना था। 2010 में भगत को टाइम मैग्जीन ने विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल किया था। परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस शैक्षणिक सत्र से एक खेल का पीरियड अनिवार्य किया है। यह कक्षा 1 से 12 तक के लिए है। बोर्ड के एक सर्कुलर में लिखा है, ‘इससे बच्चों में तनाव कम होगा। स्कूलों में सीखने का बेहतर माहौल बनेगा।’ पूरे पाठ्यक्रम को चार हिस्सों में बांटा है। इसमें कोई भी थ्योरी क्लास नहीं है। प्रत्येक छात्र को कम से कम एक गतिविधि में हिस्सा लेना ही होगा। छात्र साल में अपनी चुनी हुई एक्टिविटी को बदल सकते हैं।
दहेज का साफ मतलब लड़की की कीमत लगाना है: परिणीति चोपड़ा
मुम्बई : परिणीति चोपड़ा की फिल्म जबरिया जोड़ी 9 अगस्त को रिलीज हो रही है. इसमें वह सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ नजर आएंगी। फिल्म में बिहार में जबरदस्ती कराई जाने वाली शादियों की कहानी को दिखाया जाएगा. एक साक्षात्कार के दौरान परिणीति ने पकड़वा विवाह और दहेज जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत में दहेज प्रतिबंधित है लेकिन फिर भी समाज में इसका प्रचलन है. परिणीति ने बताया, “सब जानते हैं कि दहेज-प्रथा गैरकानूनी और अनैतिक है, लेकिन वे इसका लेन-देन करते हैं। ऐसे में मुझे गुस्सा तो तब आता है जब लोग इसे अच्छा बनाने के लिए ‘तोहफे’ का जामा पहना देते हैं। दहेज का साफ अर्थ यही होता है कि आप लड़की की कीमत लगा रहे हैं और उसे खरीद रहे हैं। हम खुद को आधुनिक कहते हैं, लेकिन फिर हम ये क्या कर रहे हैं? श्रेष्ठ दिखने के लिए हम लड़की के परिवार वालों से पैसे और लग्जरी चीजों की माँग करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, ”दहेज देना एक और अपराध को न्योता देने जैसा है. इसमें से ही एक अपराध बालिगों को पकड़ कर जबरदस्ती बंदूक की नोक पर शादी करने के लिए मजबूर करना है। इस अपराध को ‘पकड़वा विवाह’ (जबरदस्ती शादी) के नाम से जाना जाता है। यह बिहार में सालों से चला आ रहा है। अक्सर ऐसी जबरदस्ती शादियां इसलिए भी होती है क्योंकि दूल्हे पक्ष के लोग शादी करने के लिए ढेर सारा दहेज मांगते हैं।’ परिणीति ने कहा कि मैं पकड़वा विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ हूँ। आप किसी का अपहरण कर जबरदस्ती शादी नहीं करा सकते हैं। ये गलत है। दहेज की मांग ही नहीं रहेगी तो पकड़वा विवाह भी अपने आप ही खत्म हो जाएगा।
सरकार ने सरल किये पुनर्बीमा कम्पनियों के लिये आईएफएससी में शाखा खोलने के नियम
नयी दिल्ली : सरकार ने वैश्विक पुनर्बीमा कम्पनियों के लिये अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र (आईएफएससी) को आकर्षक निवेश केन्द्र बनाने के लिये गाँधीनगर स्थित आईएफएससी में शाखा शुरू करने के नियमों को सरल कर दिया है। नये प्रावधान के तहत गाँधीनगर आईएफएससी में शाखा शुरू करने के लिये विदेशी पुनर्बीमा कंपनियों के पास एक हजार करोड़ रुपये का स्वनियंत्रित कोष होने की जरूरत होगी। पहले पांच हजार करोड़ रुपये के कोष की जरूरत रखी गयी थी।
सरकार ने सिंगापुर, दुबई, हांग कांग, मलेशिया और लंदन आदि जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्त केंद्रों में परिचालन कर रही वैश्विक पुनर्बीमा कम्पनियों को आकर्षित करने के लिये यह संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस संशोधन से गाँधीनगर आईएफएससी में विदेशी पुनर्बीमा कम्पनियों की भागीदारी बढ़ने का अनुमान है। सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र पुनर्बीमा कंपनी जनरल इंश्योरेंस कारपोरेशन आफ इंडिया ने 2017 में अपनी आईएफएससी बीमा शाखा गाँधीनगर स्थित इस केन्द्र में खोली थी। देश में यह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र है। आईएफएससी में कार्यालय खोलने से वैश्विक कम्पनियों अथवा संस्थानों को घरेलू अर्थव्यवस्था के अधिकार क्षेत्र से बाहर के भी अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने की सुविधा उपलब्ध होती है।
भारत के रंकीरेड्डी-शेट्टी की जोड़ी ने जीता थाईलैंड ओपन
बैंकाक : सत्विसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गयी। उन्होंने यहां रविवार को थाईलैंड ओपन के चुनौतीपूर्ण फाइनल में चीन के लि जुन हुई और लियू यु चेन की जोड़ी को पराजित किया। गैर वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने एक घंटे दो मिनट तक चले मुकाबले में चीन ती तीसरी वरीय जोड़ी पर 21-19 18-21 21-18 से जीत हासिल की। पिछले साल राष्ट्रमंडल खेल में पुरूष युगल का रजत पदक जीतने वाले रंकीरेड्डी और शेट्टी के लिये यह 2019 सत्र का पहला फाइनल था। रंकीरेड्डी और शेट्टी ने अच्छी शुरूआत की, उन्होंने 3-3 की बराबरी के बाद 10-6 से बढ़त बना ली। पर चीन के प्रतिद्वंद्वियों ने वापसी करते हुए 14-14 से बराबरी हासिल की। इसके बाद दोनों जोड़ी कोशिश करती रहीं और दुनिया की 16वें नंबर की भारतीय जोड़ी 20-18 के स्कोर पर ही बढ़त बना सकी। चीनी खिलाड़ियों ने अंक जुटाकर इसे 19-20 कर दिया। रंकीरेड्डी और शेट्टी ने अहम प्वाइंट जुटाकर पहला गेम हासिल किया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 6-2 से आगे हो ली। जल्द ही चीनी जोड़ी ने इस अंतर को 5-6 कर दिया और फिर दोनों जोड़ियां 11-11 की बराबरी पर आ गयीं। चीनी जोड़ी ने फिर तेजी से 13-11 की बढ़त बनायी, भारतीय जोड़ी भी कहां हार मानने वाली थी, वह 13-13 का स्कोर बनाने के बाद 16-14 से आगे हो गयी। दोनों जोड़ियों ने फिर दो दो अंक जुटा लिये। पर चीनी खिलाड़ियों ने भारतीयों को हैरान करते हुए लगातार पांच अंक अपनी झोली में डालकर गेम अपने नाम किया। अब फैसला निर्णायक गेम से होना था।। तीसरे गेम में रंकीरेड्डी और शेट्टी थोड़े धीमे दिखे लेकिन फिर भी दोनों जोड़ियां 6-6 से बराबर थीं। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने संयम बरता और अंत तक अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त कायम रखी। चीन की जोड़ी ने वापसी करने की कोशिश में अंतर 18-19 कर लिया लेकिन भारतीय जोड़ी इस मौके को गंवाने के मूड में बिलकुल नहीं थी, उन्होंने लगातार दो प्वाइंट जुटाकर मैच अपने पक्ष में कर लिया।
2000 रेलवे स्टेशनों पर निशुल्क वाईफाई सुविधा
नयी दिल्ली : रेलयात्रियों के लिए देश भर में करीब दो हजार रेलवे स्टेशनों पर निशुल्क वाईफाई की सुविधा उपलब्ध है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। रेलटेल के सीएमडी पुनीत चावला ने शनिवार को बताया कि राजस्थान में अजमेर मंडल का राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन निशुल्क वाईफाई सुविधा वाला देश का 2000वां स्टेशन बन गया है। रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम रेलटेल ने रेलवे स्टेशनों को डिजिटल समावेश का मंच बनाने के लिए निशुल्क वाईफाई सुविधा की शुरुआत की। पहले चरण में देश के 1600 स्टेशनों पर वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। अब रेलटेल ने शेष स्टेशनों पर इंटरनेट की सुविधा देने के लिए टाटा ट्रस्ट के साथ समझौता किया है। उन्होंने एक सरकारी बयान में बताया कि उनकी टीम वाई फाई उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे काम कर रही है।
2019 का रमन मैगसायसाय पुरस्कार पत्रकार रवीश कुमार को
मनीला : भारत के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को इस साल के रमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस पुरस्कार को नोबेल पुरस्कार का एशियाई संस्करण माना जाता है।
रमन मैगसायसाय पुरस्कार फाउंडेशन ने इसकी घोषणा की। फाउंडेशन ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए 44 वर्षीय कुमार को भारत के सबसे प्रभावशाली टीवी पत्रकारों में से एक बताया । वह एनडीटीवी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक हैं। उनका नाम उन पांच व्यक्तियों में शुमार है जिन्हें इस पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है।
बिहार के जितवारपुर गांव में जन्मे कुमार 1996 में न्यू दिल्ली टेलीविजन नेटवर्क (एनडीटीवी) से जुड़े थे और उन्होंने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के तौर पर की थी। एनडीटीवी के 24 घंटे वाले हिंदी भाषी समाचार चैनल – ‘एनडीटीवी इंडिया’ शुरू होने के बाद उन्हें उनका रोजाना का शो ‘प्राइम टाइम’ दिया गया। फाउंडेशन ने कहा कि कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम “आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है।’ उसने साथ ही कहा, “अगर आप लोगों की आवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं।” कुमार को गंभीर, प्रभावशाली एवं मुद्दों पर अच्छी पकड़ रखने वाले प्रस्तोता (एंकर) के रूप में जाना जाता है। हालांकि फाउंडेशन ने कहा कि वह जिस तरह की पत्रकारिता करते हैं, वही उनकी विशेषता है। इसमें कहा गया, “मीडिया का ऐसा वातावरण जिसमें सरकार का हस्तक्षेप है, जो कट्टर राष्ट्रवाद के हिमायतियों के कारण विषाक्त है, जिसमें ट्रोल एवं ‘फर्जी खबर’ फैलाने वाले लोग हैं और जहां बाजार की रेटिंग की प्रतियोगिता के चलते ‘मीडिया हस्तियों’ को कीमत चुकानी पड़ रही है, जहां खबरों को सनसनीखेज बनाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में, रवीश इस बात पर जोर देने में मुखर रहे हैं कि गंभीर, संतुलित और तथ्य आधारित रिपोर्टिंग के पेशेवर मूल्यों को जिंदा रखना होगा।”
इस साल के रमन मैगसायसाय पुरस्कार के चार अन्य विजेताओं में म्यामां के को स्वे विन, थाइलैंड की अंगखाना नीलापाइजित, फिलीपीन के रैयमुंडो पुजंते कायाबायऐब और दक्षिण कोरिया के किम जोंग की शामिल हैं। पुरस्कार विजेताओं को 31 अगस्त, 2019 को आयोजित होने वाले आधिकारिक समारोह में मैगसायसाय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा 1957 में शुरू हुए इस पुरस्कार को एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
संसद ने दी पॉक्सो संशोधन विधेयक को मंजूरी
नयी दिल्ली : संसद ने ‘लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019’ को मंजूरी दी जिसमें अश्लील प्रयोजनों के लिए बच्चों का उपयोग (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) को परिभाषित करने के अलावा बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस विषय को राजनीति के चश्मे से न देखा जाए, इस पर राजनीति करने का प्रयास नहीं किया जाए । उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी पहल है जो बच्चों और देश के भविष्य को सुरक्षित दिशा में ले जाने का प्रयास है। इस विधेयक का यही मकसद है । उन्होंने कहा कि अपराध कानून संशोधन अधिनियम 2018 हो, पॉक्सो कानून में संशोधन की बात हो, अगर जघन्य अपराध होगा तो देश में संसद ने न्यायाधीशों को यह अधिकार दिया है कि वे मौत की सजा दें । मंत्री ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केन्द्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जतायी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि सरकार ने यौन अपराधों का एक राष्ट्रीय डाटा बेस तैयार किया है। ऐसे 6,20,000 अपराधी हैं। यदि कोई ऐसे व्यक्तियों को रोजगार पर रखता है तो संबंधित व्यक्ति के बारे में इससे जानकारी लेने में मदद मिलेगी। मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे पहले यह विधेयक राज्यसभा में पारित हो चुका है । मौजूदा विधेयक में बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के मामलों में 20 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा तथा ‘‘दुर्लभतम मामलों’’ में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। इस विधेयक के माध्यम से लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 का और संशोधन किया गया है।
सरकार का मानना है कि कानून में संशोधन के जरिए कड़े दंडात्मक प्रावधानों से बच्चों बच्चों से जुड़े यौन अपराधों में कमी आने की संभावना है। इससे विपत्ति में फंसे बच्चों के हितों की रक्षा हो सकेगी और उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जा सकेगा। संशोधन का लक्ष्य बच्चों से जुड़े अपराधों के मामले में दंडात्मक व्यवस्थाओं को अधिक स्पष्ट करना है। विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि इसका मकसद लैंगिक उत्पीड़नों और बच्चों को निशाना बनाने, अश्लील साहित्य के अपराधों से बालकों का संरक्षण करने और ऐसे अपराधों पर नजर रखने के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना करना तथा उनसे संबंधित विषय है ।
इसमें कहा गया है कि विधेयक लिंग निरपेक्ष है और यह बालकों के सर्वोत्तम हित और कल्याण को सर्वोपरि महत्व देगा ताकि बालक के अच्छे शारीरिक, भावनात्मक, बौद्धिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इसमें कहा गया है कि हाल के समय में देश में अमानवीय मानसिकता दर्शाने वाले बाल यौन अपराध के मामलों में वृद्धि हुई है। देश में बाल यौन अपराध की बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाये जाने की सख्त आवश्यकता है, इसलिए विधेयक में विभिन्न अपराधों के लिए दंड में वृद्धि के नाते उपबंध करने के लिहाज से संशोधन किया जा रहा हैं।
परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी का निधन
गाजीपुर : भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक ‘परमवीर चक्र’ विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की धर्मपत्नी रसूलन बीबी का शुक्रवार की दोपहर यहां निधन हो गया। वह 95 वर्ष की थीं। उन्होंने अपने पौत्र जमील आलम के दुल्लहपुर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह काफी लंबे अरसे से बीमार चल रही थीं। दुल्लहपुर क्षेत्र के धामुपुर गांव के निवासी ‘परम वीर चक्र’ विजेता वीर अब्दुल हमीद 10 सितंबर 1965 को खेमकरण सेक्टर में पाकिस्तान से जंग लड़ते समय शहीद हो गये थे। उन्हें मरणोपरांत सेना के सर्वोच्च सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था। पाकिस्तान के खिलाफ वर्ष 1965 की जंग में पाकिस्तान के पैटन टैंकों से लोहा लेने वाले अदम्य साहसी अब्दुल हमीद को मरणोपरांत परमवीर चक्र प्रदान किया गया था। उनकी पत्नी रसूलन बीबी परिवार के साथ गाजीपुर में ही रह रही थीं। जिले में अब्दुल हमीद की स्मृतियों को सहेजने के लिए रसूलन बीबी के प्रयासों की लोग प्रशंसा करते हैं। वीर अब्दुल हमीद की ही प्रेरणा से आज पूर्वांचल में गाजीपुर जिले से बड़ी संख्या में युवा सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जनवरी 2017 में नए आर्मी चीफ बनने के बाद शहीद की धर्मपत्नी रसूलन बीबी आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत से मिली थीं और ये आग्रह किया था कि उनके जीते जी वो एक बार शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके मेमोरियल आएं। हर साल 10 सितम्बर को शहीद अब्दुल हमीद का परिवार उनके लिए एक सभा का आयोजन करता है। शहीद परमवीर चक्र अब्दुल हमीद की पत्नी की वृद्धावस्था को देखते हुए जनरल रावत ने खुद गाजीपुर जाने का फैसला किया था।




