Friday, April 24, 2026
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एनएफएआई को मिली गाँधी जी के कई अनोखे दृश्यों से भरी 6 घंटों की फुटेज 

नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया को 30 अलग-अलग रीलों में मिली यह फुटेज

नयी दिल्ली : नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (एनएफएआई) को 30 रील मिले हैं, जिसमें महात्मा गाँधी की 6 घंटे की उनएडिटेड फुटेज है। 35 मिमी की इन सेल्युलाइड फ़ुटेज, अनएडिटेड और स्टॉक शॉट्स के बीच में टाइटल कार्ड भी थे। इन्हें पैरामाउंट, पाथे, वार्नर, यूनिवर्सल, ब्रिटिश मूवीटोन, वाडिया मूवीटोन जैसे प्रमुख स्टूडियों द्वारा उपयोग किए जाता था। एनएफएआई के निदेशक प्रकाश मागडम ने कहा कि “यह वास्तव में एनएफएआई के लिए एक बहुत बड़ी खोज है। जब पूरी दुनिया महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती मना रही है। इस संग्रह में कुछ दुर्लभ फुटेज भी हैं। कई दृश्य लघु फिल्मों और दस्तावेज के रूप में उपलब्ध हैं।

इनमें से कुछ शॉट्स का इस्तेमाल किया गया है लेकिन कुछ दृश्य अनोखे लगते हैं। खोज का प्रमुख आकर्षण ट्रेन का एक दुर्लभ दृश्य है। आधे घंटे के इस फुटेज में लोग महात्मा गांधी की अस्थियों को विसर्जित करने के लिए मद्रास से रामेश्वरम ले जाते देखा जा सकता है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार तमिलनाडु में चेट्टीनाड, शिवगंगा, चिदंबरम, मनामदुरई जंक्शन, रामनाड, पुदुक्कोट्टई जंक्शन जैसे स्टेशनों पर भरी आंखों से हजारों लोग गाँधी जी के अस्थि कलश की एक झलक पाने के लिए खड़े हैं।

अंतिम संस्कार के अलावा, विजुअल्स में उनके शरीर और खून से सने कपड़े, दिन की अखबारों की रिपोर्ट, बिड़ला हाउस और राज घाट से निकले जुलूस भी शामिल हैं। एनएफएआई ने अपने ट्वविटर हैंडल पर इन रील की तस्वीर साझा की है। एक अन्य महत्वपूर्ण फुटेज में महात्मा गाँधी के दक्षिण भारत दौरे और जनवरी-फरवरी 1946 में हरिजन यात्रा को दिखाया गया है। प्रोजेक्शन ऑफ़ इंडिया पिक्चर्स द्वारा बनी फिल्म में, मनाप्पराई रेलवे जंक्शन पर गांधी के दृश्यों को दिखाया गया है। दृश्यों में महात्मा को सी राजगोपालाचारी के साथ मद्रास में दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा की रजत जयन्ती समारोह में भाग लेते हुए भी दिखाया गया है।

पानी के लिए मुहिम: मिसाल बना बुंदेलखंड का जखनी गाँव, सीखने आए इजराइली वैज्ञानिक 

नयी दिल्ली : बुंदेलखंड के बांदा जिले के जखनी गांव को नीति आयोग ने जलग्राम का माॅडल घोषित किया है। इसी की तर्ज पर जल संकट से जूझ रहे देश के 1030 गाँवों को जखनी जैसा जलग्राम बनाने की भी घोषणा की गयी है। कारण, यहाँ ग्रामीणों ने खेत की मेड़-मेड़ पर पेड़ लगाकर गाँव को हराभरा बना दिया है। इससे गाँव से परिपूर्ण बन गया है। अब तालाब और कुएं बारह महीने लबालब रहते हैं। खेत लहलहा रहे हैं और गाँव का तापमान भी आसपास के इलाकों के मुकाबले कम हो गया है। इस तरह सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड के बांदा जिले का जखनी गांव देशभर के लिए मिसाल बना है। जखनी ने जिस तरह खुद को बदला, उसका अध्ययन करने इजराइल के कृषि वैज्ञानिक, नेपाल के साथ ही तेलंगाना, देवास (मप्र), महाराष्ट्र और बांदा विश्वविद्यालय के छात्र आ रहे हैं।

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम ने तकनीक बताई थी 

जखनी को पानी से परिपूर्ण बनाने के नायक उमाशंकर पांडेय कहते हैं, वर्ष 2005 में दिल्ली में जल और ग्राम विकास को लेकर एक कार्यशाला हुई थी। उसमें तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने बिना पैसे और बिना तकनीक खेत पर मेड़ बनाने की बात कही थी। हमारे गाँव में कोई किसान ऐसा नहीं कर रहा था। इसलिए मैंने फावड़े से अपने पाँच एकड़ खेत की मेड़ बनाई और पानी को रोका। नवम्बर में धान, दिसंबर में गेहूं और अप्रैल में दाल-सब्जी की फसलें लीं। पहले पांच किसानों ने अनुसरण किया, फिर 20 किसान आगे आए।

खेतों में बनाए छोटे कुएं, पाँच फीट पर मिल रहा पानी

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित छठे भारत जल सप्ताह में आए उमाशंकर ने बताया कि  मेड़ बनाने से आठ महीने खेत में पानी रहता है। बाकी चार महीने नमी बनी रहती है। मिट‌्टी की उर्वरक शक्तियां, खनिज-लवण बहने से बच जाते हैं। इससे भूजल स्तर बढ़ा और किसान मनपसंद फसल ले पाए। गांव के कुओं में पांच फीट पर ही पानी मिल रहा है। सूखे के चलते शहर पलायन कर गए 2000 युवा गाँव लौट आए हैं।

भारत में मोदी सबसे लोकप्रिय, महिलाओं में मैरीकॉम आगे

 

YouGov ने पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग श्रेणियों में 41 देशों के 42000 लोगों का सर्वे किया

सर्वे में धोनी 8.58% के साथ दूसरे और रतन टाटा 8.02% के साथ तीसरे स्थान पर

महिलाओं में किरण बेदी (9.46%) दूसरे और लता मंगेशकर (9.23%) तीसरे नंबर पर

नयी दिल्ली : भारत में लोकप्रियता की बात करें तो महेंद्र सिंह धोनी ने विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया है। सर्वे एजेंसी YouGov ने पुरुषों और महिलाओं के लिए दो अलग-अलग श्रेणियों में 41 देशों के 42 हजार लोगों का एक सर्वेक्षण किया। सर्वे के मुताबिक, पुरुषों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15.66% और महिलाओं की श्रेणी में बॉक्सर मैरीकॉम 10.36% के साथ टॉप पर हैं। सर्वे में धोनी 8.58% के साथ दूसरे और रतन टाटा 8.02% के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं। अमिताभ बच्चन छठे, सचिन तेंदुलकर सातवें और विराट कोहली आठवें स्थान पर हैं।

  हस्ती       कितने अंक मिले

  1. नरेंद्र मोदी 15.66%
  2. महेंद्र सिंह धोनी 8.58%
  3. रतन टाटा 8.02%
  4. बराक ओबामा 7.36%
  5. बिल गेट्स 6.96%
  6. अमिताभ बच्चन 6.55%
  7. सचिन तेंदुलकर 5.81%
  8. विराट कोहली 4.46%
  9. शाहरुख खान 3.63%
  10. जैकी चेन 3.44%

मलाला छठे स्थान  पर

महिलाओं में मैरीकॉम के बाद किरण बेदी (9.46%) दूसरे और लता मंगेशकर (9.23%) तीसरे नंबर पर हैं। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई भी भारत में काफी लोकप्रिय हैं। वे इस सूची में 5.75% के साथ छठे स्थान पर हैं। जबकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल (5.53%) सातवें नंबर पर हैं।

  1. मैरीकॉम 10.36%
  2. किरण बेदी 9.46%
  3. लता मंगेशकर 9.23%
  4. सुषमा स्वराज 7.13%
  5. दीपिका पादुकोण 6.35%
  6. मलाला यूसुफजई 5.75%
  7. मिशेल ओबामा 5.53%
  8. प्रियंका चोपड़ा 5.11%
  9. ऐश्वर्या राय 5.10%
  10. सुष्मिता सेन 4.52%

वहीं, अमेरिका के सबसे फेमस व्यक्तियों की टॉप-20 सूची में दो भारतीय पुरुष सलमान खान, अमिताभ बच्चन और दो महिलाएं प्रियंका चोपड़ा और ऐश्वर्या राय शामिल हैं। सलमान (0.47%) 17वें और अमिताभ (0.46%) 18वें नंबर पर हैं। जबकि महिलाओं की सूची में प्रियंका चोपड़ा (0.52%) 18वें और ऐश्वर्या राय (0.41%) स्थान पर हैं।

विश्व के शीर्ष 10 में मोदी अकेले भारतीय

YouGov की दुनिया के सबसे मशहूर टॉप-10 लोगों की सूची में एकमात्र भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वे इस लिस्ट में 4.8% के साथ छठें स्थान पर हैं। शाहरुख खान और सलमान पहली बार सूची में टॉप-20 में शामिल हुए। शाहरुख (2.2%) 16वें और सलमान (1.7%) 18वें स्थान पर हैं। वहीं, दुनिया में सबसे लोकप्रिय महिलाओं की बात करें, तो लिस्ट में टॉप-20 में दीपिका पादुकोण (2.8%) 13वें, प्रियंका चोपड़ा (2.8%) 14वें, ऐश्वर्या राय (2.7%) 16वें और सुष्मिता सेन (2.2%) 17वें स्थान  पर हैं।

बुजुर्ग महिला की रसोई में 13वीं सदी की पेंटिंग टंगी मिली, कीमत 46 करोड़ रुपये

पेरिस:  फ्रांस के कॉम्पैनियन शहर में एक महिला के पास 46 करोड़ रुपये की पेंटिंग मिली है। महिला ने इसे अपनी रसोई में हॉटप्लेट (चूल्हा) के ऊपर टांग रखा था। इसे मशहूर पेंटर चिमाबुए की कृति बताया जा रहा है। 27 अक्टूबर को पेंटिंग की नीलामी की जाएगी। महिला ने बताया कि मैं इसे साधारण पेंटिंग मानती थी। परिवार ने धार्मिक प्रतीक के तौर पर घर में रखा था। पिछले साल मुझे इसके महत्व के बारे में तब पता चला जब में अपना घर बेच रही थी। घर खाली करने के पहले मैंने अपना सामान बेचने के लिए एक नीलामी विशेषज्ञ को बुलाया था। उसने यह पेंटिंग देख हैरानी जताई और इसके बारे में बताया। मशहूर पेंटर चिमाबुए की यह पेंटिंग 13वीं शताब्दी की है। चिमाबुए ने ईसा मसीह से जुड़ी 8 पेंटिंग्स बनाई थीं। इनमें से एक पेंटिंग 20 साल पहले लंदन में मिली थी। तब भी एक नीलामी विशेषज्ञ ने इसे पहचाना था। महिला ने बताया कि उसे नहीं पता कि यह उसके घर में कैसे आई।

जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को ‘राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड’

वैकल्पिक नोबेल के नाम से प्रसिद्ध है यह पुरस्कार

ग्रेटा को यह अवॉर्ड जलवायु परिवर्तन को लेकर पूरे विश्व का ध्यान खींचने और तत्काल कदम उठाने की मांग को लेकर मिला

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित हो  चुकी हैं

स्टॉकहोम : स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को बुधवार को राइट लाइवलीहुड ‌अवॉर्डसे सम्मानित किया गया। स्वीडिश ह्यूमन राइट्स प्राइज की जूरी ने बताया कि इस अवॉर्ड को वैकल्पिक नोबल पुरस्कारभी कहा जाता है। उन्हें यह पुरस्कार जलवायु परिवर्तन को लेकर पूरे विश्व का ध्यान इस ओर आकर्षित करने और तत्काल कदम उठाने की मांग को लेकर प्रदान किया गया। उन्होंने कहा, “ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन की समस्या से लड़ने के लिए अपनी आवाज उठाने और तत्काल कार्रवाई की मांग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। पुरस्कार की शुरुआत 1980 में की थी। इस वर्ष यह अवॉर्ड तीन अन्य लोगों को भी दिया गया। इनमें पश्चिमी सहारा क्षेत्र में लोगों के अधिकार के लिए काम करने वाली मोरक्को की अमिनतोउ हैदर, चीन में महिलाओं के अधिकार के लिए काम करने वाली वकील गुओ जियानमेई और ब्राजील में अमेजन के जंगलों को बचाने के लिए उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाली डवी कोपेनवारा को दिया गया। इस पुरस्कार की शुरुआत स्वीडिश जर्मन दार्शनिक जकोब वॉन उसेक्सुल ने 1980 में की थी।

ग्रेटा ने वैश्विक जलवायु आन्दोलन फ्राइडे फॉर फ्यूचरऔर स्कूल स्ट्राइक फॉर द क्लाइमेटनाम से अगस्त 2018 में शुरू किया था। उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था और स्वीडन की संसद के सामने अकेले बैठकर प्रदर्शन करती थी। इसके बाद धीरे-धीरे कई स्कूल के बच्चों ने उनका साथ देना शुरू कर दिया था। इससे वह चर्चा में आई थीं। ग्रेटा थनबर्ग ने न्यूयार्क में आयोजित यूएन जलवायु सम्मेलन में सोमवार को अपने भाषण से पूरे विश्व को झकझोर दिया। इसी साल मार्च में ग्रेटा को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया जा चुका है। अगर दिसम्बर में उन्हें यह अवॉर्ड मिलता है तो वे इसे पाने वाली सबसे युवा शख्सियत होंगी। जलवायु परिवर्तन पर अभियान के लिए उन्होंने एक साल के लिए स्कूल से छुट्टी ली है।

उदयपुर में  300 साल से पानी पर जल सांझी से बन रहीं कृष्ण लीलाएं

इन पेंटिंग को बनाना आसान नहीं, जल पात्र में पानी को स्थिर रखना होता है

इसके बाद पानी पर कोयले और सूखे रंगों की परत बिछाई जाती है,

एक जल सांझी तैयार करने में 6 से 10 घंटे लगते हैं

उदयपुर : राजस्थान के उदयपुर में पानी पर पेटिंग की जाती है। करीब साढ़े तीन सौ साल पुरानी यह पुश्तैनी कला जल सांझी कहलाती है। खासकर, इसे कृष्ण मंदिरों में बनाया जाता है। शहर के जगदीश चौक में स्थित गोवर्धननाथजी के मंदिर में बरसों से जल सांझी बना रहे 60 साल के राजेश वैष्णव बताते हैं कि जल सांझी में कृष्ण लीलाओं का चित्रांकन किया जाता है। इन पेंटिंग्स को बनाना आसान नहीं है। जल पात्र में पानी को स्थिर रखना होता है। जरा सी भी हवा चले तो पूरी मेहनत बर्बाद हो जाती है। जल सांझी तैयार करने से पहले मंदिर के सभी दरवाजे, खिड़कियां बंद हो जाते हैं, परदे लगा दिए जाते हैं। इसके बाद पानी पर कोयले और सूखे रंगों की परत बिछाई जाती है। एक जल सांझी तैयार करने में 6 से 10 घंटे लगते हैं।

(साभार – दैनिक भास्कर)

बेटी गणित से डरती थी, मां ने ऐप बनाकर कर दीं अन्य बच्चों की मुश्किलें आसान

अवनीत ने ऐप बनाने के लिए नौकरी भी छोड़ी

बेंगलुरु :  इंफोसिस कंपनी की पूर्व कर्मचारी अवनीत मक्कर की बेटी को गणित से डर लगता था। इस समस्या से निपटने के लिए अवनीत ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर बी गैलिलियो ऐप बनाया। अब चेन्नई, बेंगलुरू, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में 2500 महिलाओं की टीम इस ऐप के जरिए गणित को आसान बना रही हैं। अवनीत ने ऐप बनाने के लिए आईटी प्रोफेशनल्स, शिक्षाविद, शिक्षकों और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस साइंटिस्ट्स से बात की। इन लोगों ने गणित को पढ़ाने के उन तरीकों पर विचार किया, जिससे बच्चे पढ़ने में रुचि लें। बच्चों का इस विषय से डर भागे।

अवनीत ने ऐप बनाने के लिए नौकरी भी छोड़ी। उनके मुताबिक, बी गैलिलियो ऐप पहली क्लास से दसवीं तक के छात्रों के लिए बनाया गया है। यह प्रोग्राम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए अलग-अलग बच्चे की सीखने की क्षमता को पहचानाता है। वह यह जानने की कोशिश करता है कि बच्चा गणित को समझते समय किन कठिनाइयों को सामना कर रहा है। इसी आधार पर अलग-अलग बच्चे के लिए लिए सटीक समाधान भी सुझाता है। यह गणित के 300 कंसेप्ट को कवर करता है। प्रोग्राम की गेमिंग स्टाइल के कारण बच्चे नहीं ऊबते। देशभर में आज करीब 600 बी गैलिलियो टीचिंग सेंटर हैं। इन्हें ज्यादातर वे महिलाएं चला रही हैं, जिन्हें कभी अपने बच्चों की देखभाल के लिए नौकरी छोड़नी पड़ी थी। इनका चयन भी बेसिक मैथ्स टेस्ट लेकर किया गया। ये बच्चों को रोजाना दो घंटे प्रशिक्षण देती हैं।

केरल की मुरुगन मंदिर की प्रतिकृति बना मोहम्मद अली पार्क का पूजा मण़्डप

2 लाख थर्मोकॉल शीट्स लगे हैं निर्माण में

कोलकाता : देवी पक्ष आरम्भ हो चुका है और बंगाल में दुर्गा पूजा का खुमार छाने लगा है। राज्य की हर गली में अनूठी कलाकृतियों से सजे मण्डप बनाते व्यस्त कलाकार दिख रहे हैं और बात जब कोलकाता की हो तो मंध्य कोलकाता के मोहम्मद अली पार्क की पूजा का जिक्र तो चलना लाजिमी है। हालांकि इस बार पार्क में रिजरवायर की मरम्मत के कारण पूजा को लेकर संशय बरकरार रहा मगर कहते हैं न कि जहाँ चाह होती है, वहीं राह भी होती है तो यूथ एसोसिएशन द्वारा आयोजित मोहम्मद अली पार्क की दुर्गा पूजा भव्यता के साथ ही पार्क के निकट हो रही है। इस बार आपको यहाँ केरल के मुरुगन मंदिर की झलक दिखेगी और पूजा इस बार सेन्ट्रल एवेन्यू फायर स्टेशन  में आयोजित की जा रही है। मोहम्मद अली पार्क की पूजा की आयोजन समिति के महासचिव सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने  बताया कि चटकीले रंग और मनोरम कलाकृतियों से सजा यह पूजा मण्डप लाल मिट्टी से निर्मित किसी भव्य मंदिर जैसा ही लग रहा है।

मण्डप के निर्माण में 2 लाख थर्मोकॉल शीट्स का इस्तेमाल किया गया है जिससे मंदिर पुराना और वास्तविक दिखे।  गौरतलब है कि इस पूजा ने अपनी स्वर्ण जयन्ती पिछले साल ही मनायी है। पिछले साल पद्मावत से प्रेरित मण्डप बनाया गया था। यह पूजा 1969 में सबसे पहले ताराचन्द दत्त स्ट्रीट से आरम्भ हुई थी मगर इसकी लोकप्रियता को देखते हुए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे मोहम्मद अली पार्क में ले जाया गया। इस बार भी मार्च में ब्रिटिशकालीन रिजर्रवायर में आयी दरारों को देखते हुए मरम्मत कार्य तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से सेन्ट्रल एवेन्यू फायर स्टेशन स्थानान्तरित किया गया है।

मण्डप बना रहे हैं प्रशान्त पाल। मण्डप की ऊँचाई 40 फीट है। आयोजकों ने बताया कि इस मण्डप के माध्यम से केरल के मुरुगन की लोककला का प्रसार इस थीम को चुनने की बड़ी वजह है। इस कला में बारीक चित्रण, चटकीले रंगों और प्रतीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जाहिर है कि जगह भले ही बदली हो मगर दर्शकों को लुभाने में मोहम्मद अली पार्क की पूजा का आकर्षण अब भी वही है।

भवानीपुर कॉलेज में म्यूजिक फेस्टिवल यूफोनिअस – 2019

 

कोलकाता : भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज में म्युजिक फेस्टिवल यूफोनिअस में कोलकाता के दस से अधिक कॉलेज के प्रतिभागियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में डीन प्रो दिलीप शाह ने अपने वक्तव्य में कहा कि संगीत के इस फेस्टिवल में विद्यार्थियों की संगीत प्रतिभा उभर कर सामने आती है। प्रसन्नता की बात है कि भवानीपुर कॉलेज इस तरह के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है।

विद्यार्थियों के द्वारा कर रहे ऐसे कार्यों से उनमें नेतृत्व की क्षमता और आत्म विश्वास बढ़ता है। प्रसिद्ध विद्वान लीपोल्ड स्टोवस्की ने कहा था कि एक चित्रकार जहां कैनवास पर चित्र बनाता है वहीं संगीतकार अपने चित्र को मौन में रचता है।जीवन में संगीत मित्र की तरह है।

इस संगीत महाकुंभ प्रतियोगिता में ग्रुप ए में एकल और ग्रुप बी में समूह पूर्वी, पाश्चात्य, बॉलीवुड, वाद्ययंत्र, लोकनृत्य, अन्कनवेंशनल अॉर्केस्टट्राआदि विभिन्न प्रकार के संगीत से संबंधित प्रतियोगिताएं रखी गईं । सभी प्रतिभागियों ने नियमावली के अनुसार संगीत के विभिन्न प्रदर्शन किए।आईआईएचम, आई लीड, सुरेंद्र नाथ लॉ कॉलेज, शिक्षायतन, जी. डी. बिरला बीबीए, इंडियन मैरीन युनिवर्सिटी, कलकत्ता युनिवर्सिटी आदि कॉलेजों ने संगीत महाकुंभ में भाग लिया। निर्णायक मंडल में सौरभ चतुर्वेदी, अमनदीप सिंह सैनी (रेपिंग), वोलेन्टिनो (बीट बॉक्सिंग ग्रुप इस्टर्न, वेस्टर्न, वॉलीवुड, फोक, और अन्कनवेंशनल), ब्रत देव, अर्क प्रव घोष, कौस्तुभ बनर्जी और सोलो के अभिषेक नाटा और सृजित मित्रा रहे।

उद्धाटन समारोह में भवानीपुर कॉलेज के संगीतज्ञ सौरभ गोस्वामी के गायन और सिंथेसाइजर पर डीन प्रो दिलीप शाह ने बजा कर किया।फ्लेम के नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।विद्यार्थियों ने अपनी पीठ पर यूफोनिअस लिख कर उत्साहित किया। विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया।

सभी कॉलेजों से आए विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रतियोगिता में भवानीपुर कॉलेज प्रथम रहा। प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, दिव्या, डॉ दिव्येष शाह, डॉ वसुंधरा मिश्र और शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही।संचालन हर्ष दवे और श्रेयांस मिश्रा का रहा। कार्यक्रम की जानकारी डॉ वसुंधरा मिश्र ने दी।

जायसवाल विद्या मंदिर में विद्यासागर की 200वीं  जयन्ती

कोलकाता : पंडित ईश्वर चंद्र विद्यसागर की 200 वीं जन्मशती के अवसर पर जायसवाल विद्या मंदिर के तत्वाधान में सप्ताह पर्यन्त(20 सितंबर – 26 सितंबर) आयोजित विभिन्न सांस्कतिक कार्यक्रमों का समापन पर्व संपन्न हुआ। इस समापन पर्व के उपलक्ष्य में विद्यालय से प्रभात फेरी निकाली गई।इसके उपरांत विद्यालय के सांस्कृतिक कक्ष में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत काव्य आवृत्ति, वाद – विवाद , निबंध – लेखन , चित्रांकन , प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताओं में विजित प्रतिभागियों ने पुनः प्रस्तुति की। विजयी प्रतिभागियों को विद्यालय के ओर से पुरस्कार वितरित किए गए। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत  विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेन्द्र प्रसाद जी ने विद्यासागर जी की सांस्कतिक चेतना को रेखांकित किया। वरिष्ठ शिक्षक श्चिन्मय विश्वास और श्री चंदन मुखोपाध्याय जी ने विद्यासागर के जीवन एवम् उनके क्रियाकलापो पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन वी. केशवानी ने किया एवम् धन्यवाद् ज्ञापन रवि कुमार ने किया।