Friday, April 24, 2026
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विद्यार्थी चुनेंगे एम पी बिड़ला पूजा उत्कर्ष सम्मान के विजेता

कोलकाता : नयी पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से अवगत करवाने और बंगाल की समृद्ध  परम्परा के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से हर साल की तरह इस बार भी एम पी बिड़ला पूजा उत्कर्ष सम्मान आयोजित किया जा रहा है। इस पूजा के निर्णायक स्कूली विद्यार्थी होंगे और परम्परा और बंगाल की कलात्मकता से उनको अवगत कराने के उद्देश्य से साउथ प्वाइंट हाई स्कूल तथा एम पी बिड़ला (एच एस) स्कूल के 40 विद्यार्थी निर्णायकों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मार्गदर्शक  के रूप में कई गण्यमान्य अतिथि उपस्थित थे।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ आईपीएस एडीजी एवं आईजीपी, प्रशिक्षण सौमेन मित्रा, कत्थक विशेषज्ञ अमिता दत्ता, शोधार्थी डॉ. पूर्वा सेनगुप्ता समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे। इन  विशेषज्ञों की सहायता से पूजा के मापदण्डों से विद्यार्थी अवगत हुए। इस पुरस्कार की शुरुआत एम पी बिड़ला की दिवंगत चेयरपर्सन प्रियम्वदा बिड़ला ने की थी।  विद्यार्थी सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा (मुख्य पुरस्कार मूर्तिकार को ), सर्वश्रेष्ठ मण्डप (मुख्य पुरस्कार डिजाइनर), सर्वश्रेष्ठ परिवेश (पुरस्कार पूजा कमेटी को) के अतिरिक्त पूजा विद ए हार्ट (पूजा कमेटी) यानी संवेदनशीलता के आधार पर एम पी बिड़ला पूजा उत्कर्ष सम्मान 2019 के 21वें संस्करण के विजेताओं का चयन करेंगे। पूजा विद ए हार्ट पूजा कमेटी को प्रदान किया जाता है। विद्यार्थी निर्णायकों के पास डिजिटल टैबलेट होगा और उनके मार्गदर्शन के लिए दोनों स्कूलों के शिक्षक तथा विद्यार्थी रहेंगे। निर्धारित मापदण्डों के आधार पर ही अंक दिये जाएँगे। विजेताओं की घोषणा षष्टी को की जाएगी। पुरस्कार में नकद राशि, पदक,  अंगवस्त्र, उत्कृष्टता प्रमाणपत्र तथा एम पी बिड़ला अवार्ड ट्रॉफी अगले साल जुलाई में दी जाएगी।

मनायी गयी ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की 200वीं जयन्ती

कोलकाता : आदर्श हिन्दी हाई स्कूल (एच.एस.) खिदिरपुर में हाल ही में पंडित ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की 200वीं जयन्ती (23 से 27 सितम्बर तक) मनायी गयी। शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने शिक्षा जागरुकता रैली में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर आयोजित क्विज, चित्रांकन, निबन्ध, वाद – विवाद प्रतियोगिता, संगीत तथा नृत्य प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम  का संयोजन अनन्दिता दीर्घन्गी द्वारा वरिष्ठ शिक्षक विष्णु सिंह,  अजय कुमार झा, गिरीश सिंह, अरुण प्रसाद सिंह और अर्चना कुमारी केसरी के  सहयोग से प्रिंसिपल बी. बी. सिंह के नेतृत्व में किया गया।

शुभादि : हस्तशिल्प नहीं विरासत है यह

शुभादि शुभ सृजन नेटवर्क की हस्तशिल्प प्रसार इकाई है। हमारा उद्देश्य नयी पीढ़ी तक अपना इतिहास, धरोहर, परम्परा पहुँचाने के साथ ही  परम्परा और आधुनिकता का एक सकारात्मक व सृजनात्मक मंच बनाना है। हमारा उद्देश्य हमारे देश में बिखरे हस्तशिल्प की विविधता को आप तक ले जाना है जहाँ हम आपको कारीगरों तक पहुँचा सकें। शुभ सृजन सम्पर्क के पंजीकृत सदस्यों के लिए यह एक माध्यम है जहाँ वे अपने हुनर को ले जा सकते हैं – 

शुभादि स्टेशनरी संग्रह

हर संग्रह में एक राइटिंग पैड है और लिफाफा तथा पोस्टर हैं। राइटिंग पैड मुख्यतः तीन आकार में उपलब्ध हो सकता है। ये उत्पाद ऑर्डर पर ही निर्मित होते हैं और कीमत पेज की गुणवत्ता और संख्या के आधार पर तय होगी – 

माँ दुर्गा के नौ रूपों के पूजन का पर्व है नवरात्रि

आश्विन मास में शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होकर नौ दिन तक चलने वाली नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कही जाती है। शारदीय नवरात्रि में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। आश्विन मास में शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होकर नौ दिन तक चलने वाला नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कही जाती है। शारदीय नवरात्रि में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। कहा जाता है कि ऋतुओं के परिवर्तन काल का असर मानव जीवन पर नहीं पड़े इसीलिए साधना के बहाने ऋषि-मुनियों ने इन नौ दिनों में उपवास का विधान किया था। नवरात्रि का समापन विजयादशमी के साथ होता है।

मां दुर्गा के नौ रूपों में पहला स्वरूप ‘शैलपुत्री’ के नाम से विख्यात है। कहा जाता है कि पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा। दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ‘ब्रह्मचारिणी’ की पूजा अर्चना की जाती है। दुर्गा जी का तीसरा स्वरूप मां ‘चंद्रघंटा’ का है। तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व माना गया है। पूजन के चौथे दिन कूष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। पांचवां दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। स्कंदमाता अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं। दुर्गा जी के छठे स्वरूप का नाम कात्यायनी और सातवें स्वरूप का नाम कालरात्रि है। मान्यता है कि सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा से ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। दुर्गा जी की आठवें स्वरूप का नाम महागौरी है। यह मनवांछित फलदायिनी हैं। दुर्गा जी के नौवें स्वरूप का नाम सिद्धिदात्री है। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं।
नवरात्रि पर्व की धूम देश के हर भाग में अलग−अलग तरह से देखने को मिलती है जहां उत्तर भारत में मंदिरों में मां भगवती का पूरे श्रृंगार के साथ पूजन किया जाता है वहीं गुजरात और महाराष्ट्र में गरबा का आयोजन किया जाता है तो बंगाल में मनाया जाने वाला दुर्गोत्सव अलग ही छटा बिखेरता है। मां के मंदिरों विशेष रूप से जम्मू के कटरा स्थित माता वैष्णों देवी में तो नवरात्र में श्रद्धालुओं का तांता ही लग जाता है। शारदीय नवरात्रि के दौरान पूरा बंगाल दुर्गामय हो जाता है। यहां विभिन्न सोसायटियों और संस्थाओं की ओर से दुर्गा पूजा के बड़े बड़े और भव्य पंडाल लगाये जाते हैं जोकि समय के साथ साथ आधुनिक होते जा रहे हैं। इन पंडालों के माध्यम से धार्मिक के साथ ही सामाजिक संदेश भी दिये जाते रहे हैं और हर साल सभी पंडालों के लिए एक थीम तय कर दी जाती है जिससे यह श्रद्धालुओं के लिए और आकर्षक हो जाते हैं।
इस व्रत के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान आदि करके मंदिर में जाकर माता की पूजा करनी चाहिए या फिर घर पर ही माता की चौकी स्थापित करनी चाहिए। कन्याओं के लिए यह व्रत विशेष रूप से लाभदायक बताया गया है। माता की चौकी को स्थापित करने के दौरान जिन वस्तुओं की आवश्यकता पड़ती है उनमें गंगाजल, रोली, मौली, पान, सुपारी, धूपबत्ती, घी का दीपक, फल, फूल की माला, बिल्वपत्र, चावल, केले का खम्भा, चंदन, घट, नारियल, आम के पत्ते, हल्दी की गांठ, पंचरत्न, लाल वस्त्र, चावल से भरा पात्र, जौ, बताशा, सुगन्धित तेल, सिंदूर, कपूर, पंच सुगन्ध, नैवेद्य, पंचामृत, दूध, दही, मधु, चीनी, गाय का गोबर, दुर्गा जी की मूर्ति, कुमारी पूजन के लिए वस्त्र, आभूषण तथा श्रृंगार सामग्री आदि प्रमुख हैं।
कथा सुनने के बाद माता की आरती करें और उसके बाद देवीसूक्तम का पाठ अवश्य करें। देवीसूक्तम का श्रद्धा व विश्वास से पाठ करने पर अभीष्ट फल प्राप्त होता है। भगवती दुर्गा ही संपूर्ण विश्व को सत्ता, स्फूर्ति तथा सरसता प्रदान करती हैं। इन्हीं की शक्ति से देवता बनते हैं, जिनसे विश्व की उत्पत्ति होती है। इन्हीं की शक्ति से विष्णु और शिव प्रकट होकर विश्व का पालन और संहार करते हैं। दया, क्षमा, निद्रा, स्मृति, क्षुधा, तृष्णा, तृप्ति, श्रद्धा, भक्ति, धृति, मति, तुष्टि, पुष्टि, शांति, कांति, लज्जा आदि इन्हीं महाशक्ति की शक्तियां हैं। ये ही गोलोक में श्रीराधा, साकेत में श्रीसीता, श्रीरोदसागर में लक्ष्मी, दक्षकन्या सती, दुर्गितनाशिनी मेनकापुत्री दुर्गा हैं। ये ही वाणी, विद्या, सरस्वती, सावित्री और गायत्री हैं।
माँ दुर्गा के सभी नौ रूपों का अलग अलग महत्व है।
शैलपुत्री− 
वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशंस्विनिम।।
मां दुर्गा का पहला स्वरूप शैलपुत्री का है। पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनको शैलपुत्री कहा गया। यह वृषभ पर आरूढ़ दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में पुष्प कमल धारण किए हुए हैं। यह नव दुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। नवरात्रि पूजन में पहले दिन इन्हीं का पूजन होता है। प्रथम दिन की पूजा में योगीजन अपने मन को मूलाधार चक्र में स्थित करते हैं। यहीं से उनकी योग साधना शुरू होती है।
ब्रह्मचारिणी
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
मां दुर्गा की नौ शक्तियों में से दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्मा शब्द का अर्थ तपस्या से है। ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप की चारिणी यानि तप का आचरण करने वाली। ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यंत भव्य है। इसके बाएं हाथ में कमण्डल और दाएं हाथ में जप की माला रहती है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल प्रदान करने वाला है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। दुर्गा पूजा के दूसरे दिन इन्हीं की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन स्वाधिष्ठान चक्र में स्थित होता है। इस चक्र में अवस्थित मन वाला योगी उनकी कृपा और भक्ति प्राप्त करता है।
चंद्रघण्टा
पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते महयं चंद्रघण्टेति विश्रुता।। 
मां दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघण्टा है। नवरात्र उपासना में तीसरे दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन व आराधना की जाती है। इनका स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घण्टे के आकार का अर्धचन्द्र है। इसी कारण इस देवी का नाम चंद्रघण्टा पड़ा। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनका वाहन सिंह है। हमें चाहिए कि हम मन, वचन, कर्म एवं शरीर से शुद्ध होकर विधि−विधान के अनुसार, मां चंद्रघ.टा की शरण लेकर उनकी उपासना व आराधना में तत्पर हों। इनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से छूटकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं।
कूष्माण्डा
 
सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तुमे।।
माता दुर्गा के चौथे स्वरूप का नाम कूष्माण्डा है। अपनी मंद, हल्की हंसी द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इनका नाम कूष्माण्डा पड़ा। नवरात्रों में चौथे दिन कूष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन अनाहज चक्र में स्थित होता है। अतः पवित्र मन से पूजा−उपासना के कार्य में लगना चाहिए। मां की उपासना मनुष्य को स्वाभाविक रूप से भवसागर से पार उतारने के लिए सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है। माता कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधिव्याधियों से विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाती है। अतः अपनी लौकिक, परलौकिक उन्नति चाहने वालों को कूष्माण्डा की उपासना में हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
स्कन्दमाता
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।
मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता कहा जाता है। ये भगवान स्कन्द ‘कुमार कार्तिकेय’ के नाम से भी जाने जाते हैं। इन्हीं भगवान स्कन्द अर्थात कार्तिकेय की माता होने के कारण मां दुर्गा के इस पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना नवरात्रि पूजा के पांचवें दिन की जाती है इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में स्थित रहता है। इनका वर्ण शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजमान हैं। इसलिए इन्हें पद्मासन देवी भी कहा जाता है। इनका वाहन भी सिंह है। नवरात्रि पूजन के पांचवें दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस चक्र में अवस्थित रहने वाले साधक की समस्त बाह्य क्रियाएं एवं चित्र वृत्तियों का लोप हो जाता है।
कात्यायनी
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शाईलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
मां दुर्गा के छठे स्वरूप को कात्यायनी कहते हैं। कात्यायनी महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनकी इच्छानुसार उनके यहां पुत्री के रूप में पैदा हुई थीं। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की थी इसलिए ये कात्यायनी के नाम से प्रसिद्ध हुईं। मां कात्यायनी अमोद्य फलदायिनी हैं। दुर्गा पूजा के छठे दिन इनके स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित रहता है। योग साधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक मां कात्यायनी के चरणों में अपना सब कुछ न्यौछावर कर देता है। भक्त को सहजभाव से मां कात्यायनी के दर्शन प्राप्त होते हैं। इनका साधक इस लोक में रहते हुए भी अलौकिक तेज से युक्त होता है।
कालरात्रि
एक वेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलाभ्यक्तशरीरणी।।
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयड्करी।।
मां दुर्गा के सातवें स्वरूप को कालरात्रि कहा जाता है। मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है लेकिन ये सदैव शुभ फल देने वाली मानी जाती हैं। इसलिए इन्हें शुभड्करी भी कहा जाता है। दुर्गा पूजा के सप्तम दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र में स्थित रहता है। उसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों के द्वार खुलने लगते हैं। इस चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णतः मां कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है। मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश और ग्रह बाधाओं को दूर करने वाली हैं। जिससे साधक भयमुक्त हो जाता है।
महागौरी
श्वेते वृषे समरूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
मां दुर्गा के आठवें स्वरूप का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कलुष धुल जाते हैं।
सिद्धिदात्री
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यामाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।
मां दुर्गा की नौवीं शक्ति को सिद्धिदात्री कहते हैं। जैसा कि नाम से प्रकट है ये सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली हैं। नव दुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम हैं। इनकी उपासना के बाद भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। देवी के लिए बनाए नैवेद्य की थाली में भोग का सामान रखकर प्रार्थना करनी चाहिए।
(साभार – प्रभासाक्षी पर प्रकाशित शुभा दुबे का आलेख)

सम्मानित किये गये 31वीं युवा संसद के विजयी प्रतिभागी

कोलकाता : केन्द्रीय संसदीय मामलों के मंत्रालय ने हाल ही में केन्द्रीय विद्यालयों के लिए 31वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की। यह समारोह जी.एम.सी. बालयोगी संसद के पुस्तकालय भवन सभागार में आयोजित किया गया था जहाँ संसदीय मामलों के मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विजेता विद्यालयों, प्रभारी शिक्षकों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर पर के.वी.एन.डी.ए. खडकवसला, पुणे (मुम्बई क्षेत्र) 87.33 प्रतिशत अंक पाकर विजेता बना। 85.67 प्रतिशत अंक पाकर के.वी. फोर्ट विलियम, राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय तथा पूर्वी क्षेत्र में प्रथम स्थान पर रहा। के.वी.एन.डी.ए. खडकवसला ने इस अवसर पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी। पूर्वी क्षेत्र में प्रथम स्थान पर रहने वाली के.वी. फोर्ट विलियम के शिक्षक प्रभारी अमिताभ वर्मा, सुष्मिता राय के अतिरिक्त प्रतिभागी अद्रिजा दास, स्नेहा रानी गड़ाई, मानवेन्द्र जेम्स सिंह, पृथा बेरा, आयुष पटनायक, अदिति कुमारी, आराधना मेहता, और सोहम मुखर्जी को सम्मानित किया गया। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर सन्तोष कुमार मल्ल समेत मंत्रालय के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने लोकसभा, राज्यसभा और सेन्ट्रल हॉल भी देखा। यह जानकारी मेजर डॉ. बी. बी. सिंह ने दी।

भोजपुरी में अश्लीलता पर रोक की मुहिम ने पकड़ी गति 

कोलकाता : भोजपुरी गीतों व फ़िल्मों में अश्लीलता के खिलाफ पिछले एक दशक से आंदोलन चला रहे भारतीय अटल सेना (राष्ट्रवादी )के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बक्सर निवासी नंद कुमार तिवारी ने इधर इस मुहीम को तेज कर दिया है। उन्होंने भोजपुरी को भाषा का दर्जा देने की भी आवश्यकता पर जोर दिया। ‘भोजपुरी में अश्लीलता पर रोक’ पर संवाद कार्यक्रम के तहत वे कोलकाता आये और उन्होंने बंगाल में सक्रिय कलाकारों को अश्लीलता के खिलाफ अपने आंदोलन से जोड़ा। फिल्मों में अभिनय व गायन से जुड़ी प्रतिभा सिंह ने बैंकाक, मारिशस और दुबई में भोजपुरी के कई स्टेज शो किये हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि अश्लील गीतों से भोजपुरी शर्मसार हुई है। इस भाषा से अपनी मां की तरह प्यार करने की आवश्यकता है। जिस मंच पर अश्लील गीत गाये जाते हैं मैं उस मंच पर नहीं चढ़ती हूं। अश्लील गीत गाने वालों के पीछे ओछे लोगों की भीड़ रहती है जिसके कारण अच्छे कलाकार उपेक्षित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अश्लील गाने वाले व अभिनय करने वाले कलाकारों को मंच न दें।
कई भोजपुरी फ़िल्मों में अभिनय कर चुकीं समाजसेवी पूजा सिंह ने कहा कि मैं अपने बच्चों के साथ अपनी उन भोजपुरी फि़ल्मों को भी नहीं देख पाती जिनमें मैंने अभिनय किया है। अश्लीतता के कारण मैंने भोजपुरी फिल्मों में अभिनय के तौबा कर ली है। मेगा म्यूज़िक फ़िल्म्स के निदेशक शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि मैंने अपनी कम्पनी में कभी भी अश्लील गीतों की रिकार्डिंग नहीं की है। कोई लाखों रुपयों को प्रलोभन भी दे तो मैं अश्लीलता को बढ़ावा नहीं दूंगा। गीतकार उमेश छैला ने कहा कि ऐसे कलाकारों को मंच पर जाने से पहले टोका जाना चाहिए और यदि नहीं मानते हैं तो उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने भोजपुरी गीत नहीं लिखने का प्रण लिया। दीपक आजाद और गायक हेमू भारद्वाज उर्फ हिमांशु ने भी अश्लीलता के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

फेसबुक भी अमेजन की तरह लॉन्च करेगी वीडियो स्ट्रीमिंग डिवाइस

सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक जल्द ही टीवी स्ट्रीमिंग डिवाइस लॉन्च करने जा रही है। यह डिवाइस अमेजन के पोर्टल टीवी डिवाइस फायर स्टिक जैसा होगा। इस डिवाइस को फेसबुक के पोर्टल डिवाइस की सीरीज के तहत लॉन्च किया जाएगा। वैरायटी मैगजीन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें टीवी देखने और ऑगमेंटिड रियल्टी के अलावा कैमरा और वीडियो चैटिंग का फीचर मौजूद होगा। इस डिवाइस के लिए फेसबुक नेटफ्लिक्स, डिज्नी समेत कई थर्ड पार्टी स्ट्रीमिंग सर्विसेज से बातचीत कर सकती है। लोग इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का कंटेंट इस डिवाइस के जरिए देख सकेंगे। यह डिवाइस एंड्रॉयड पर काम करेगा। इस डिवाइस का इस्तेमाल यूजर्स अपने फेसबुक अकाउंट के जरिए वीडियो कॉलिंग और चैटिंग भी कर सकेंगे। फेसबुक अपने इस डिवाइस को इस साल के आखिर तक लॉन्च करने की तैयारी में है। साथ ही साथ फेसबुक अपने वीडियो चैट डिवाइस पोर्टल के नए वर्जन को भी लॉन्च कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फेसबुक कंपनी की तरफ से आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि वह एक ‘पोर्टल’ वीडियो चैटिंग डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी में है। इस साल के आखिरी महीनों में यह डिवाइस बाजार में आ सकती है। फेसबुक ‘पोर्टल’ को पिछले साल लॉन्च किया गया था। जिसे कई देशों में बेचा जा रहा है। इसके दो मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध है। 10 इंच डिवाइस की कीमत करीब 199 डॉलर (करीब 14 हजार रुपये) है।

पहली बार ड्रोन से बनेगा देश का डिजिटल नक्शा

मैप में 10 सेमी तक की सटीक पहचान मिलेगी
नयी दिल्ली : सर्वे ऑफ इंडिया (एसओआई) पहली बार ड्रोन की मदद से देश का डिजिटल नक्शा बना रहा है। विज्ञान और तकनीकी विभाग के सहयोग से यह काम दो साल में पूरा होगा। इसके लिए तीन डिजिटल केंद्र बनाए गए हैं। यहां से पूरे देश का भौगोलिक डिजिटल डेटा तैयार होगा। सैटेलाइट से नियंत्रित होने वाले जीपीएस सिस्टम की अपेक्षा यह डिजिटल नक्शा ज्यादा सटीक और स्पष्ट होगा। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों की मैपिंग नहीं की जाएगी, जो संवेदनशील हैं। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक से हो गई है। इससे जमीन संबंधी जानकारियां और ठिकाने की पतासाजी आसानी से की जा सकेगी। यह नक्शा 10 सेंटीमीटर तक की सटीक पहचान प्रदान करेगा। सर्वे ऑफ इंडिया का कहना है कि अभी हमारे पास 2500 से ज्यादा ग्राउंड कंट्रोल पॉइंट्स हैं। इसी आधार पर मैपिंग की जाती रही है। यह ग्राउंड कंट्रोल प्वाइंट्स देश के हर 30 से 40 किमी के दायरे में समान रूप से बांटे गए हैं। हालांकि, नई मैंपिंग के लिए वर्चुअल सीओआरएस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीओआरएस यानी सतत संचालन संदर्भ स्टेशन। इसके नेटवर्क का उपयोग करते हुए अब जो नक्शे बनाए जा रहे हैं, उनसे तत्काल थ्री-डी जानकारी हासिल की जा सकती है। नई तकनीक की मदद से विभाग निर्धारित स्केल पर ही डिजिटल नक्शा उपलब्ध कराएगा। अभी जो नक्शा मौजूद है उसे ब्रिटिश सर्वेयर कर्नल सर जॉर्ज एवरेस्ट ने 1 मई 1830 को बनाया था। 189 साल पुराने इस सटीक नक्शे के प्रकाशन के बाद इसे नए सिरे से बनाने के लिए सरकार ने कई प्रोजेक्ट शुरू किए थे। 2017 में डाक विभाग ने मैपमायइंडिया के साथ जुड़कर एक पायलट डिजिटल प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसका नाम ई-लोकेशन्स था। इस डिजिटल मैपिंग प्रोग्राम का उद्देश्य लोगों के पते की डिजिटल मैपिंग करना था, जिससे भारत की डाक सेवा ज्यादा सटीक हो और रियल एस्टेट के बारे में पारदर्शिता आए।
ये फायदे होंगे
नए ड्रोन मैपिंग सर्वे में सभी घरों की जियो मैपिंग होगी। वास्तविक स्थान को नक्शे पर चिह्नित किया जाएगा। इससे संपत्तियों के टैक्स में सामने आने वाली त्रुटियां खत्म होंगी। टैक्स वसूली बढ़ने से नगर निगम और पालिकाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी। बाढ़ के बाद भी खाली प्लॉट की आसानी के साथ मैपिंग की जा सकेगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।

‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार अमेरिका के प्रतिष्ठित टीचिंग अवॉर्ड से सम्मानित

वॉशिंगटन : आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाली सुपर 30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार को अमेरिका में प्रतिष्ठित टीचिंग अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान जरूरतमंद छात्रों को शिक्षित करने में उनके योगदान के लिए दिया गया। कैलिफोर्निया के सैन जोस में ‘फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस’ संगठन के 25 साल पूरे होने पर सप्ताह के अंत में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें आनंद कुमार ‘द एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड 2019’ से नवाजे गए। इस मौके पर आनंद ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने से वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव आएगा। इससे गरीबी, बेरोजगारी, जनसंख्या विस्फोट, पर्यावरण को नुकसान समेत अन्य समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी।आनंद कुमार ने कहा कि आज भारतवंशी अमेरिका समेत दुनियाभर में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा से बेहतर कोई उपहार नहीं हो सकता। मौजूदा समय में खालीपन बढ़ता जा रहा है और इसे शिक्षा से ही भरा जा सकता है। हाल में आनंद कुमार के जीवन पर फिल्म सुपर 30 रिलीज हुई थी। इसमें ऋतिक रोशन आनंद कुमार की भूमिका में थे।

वॉट्सऐप में आया नया फीचर, किसी भी स्टेटस को म्यूट और हाइड कर पाएंगे

वॉट्सऐप के एंड्रॉयड बीटा वर्जन में नया अपडेट आया है। इस अपडेट के बाद यूजर्स स्टेटस को हाइड कर पाएंगे। वॉट्सऐप को अपडेट करने पर ये फीचर भी फीचर अपडेट हो जाएगा। इससे सारे म्यूटेड अपडेट्स खुद ही छिप जाएंगे और दिखाई देना बंद हो जाएंगे। म्यूटेड अपडेट्स टैब में एक ऐरो बना दिख रहा है, इस पर टैप करने के बाद ही आप ये म्यूट किए गए अपडेट्स देख पाएंगे।
वॉट्सऐप करना होगा अपडेट – स्टेटस म्यूटेज फीचर वॉट्सऐप के लेटेस्ट बीटा वर्जन 2.19.260 में आया है। यदि आप बीटा यूजर नहीं हैं तब आपको इस फीचर का फायदा नहीं मिलेगा। यूजर लेटेस्ट APK फाइल की मदद से भी इस फीचर का फायदा ले सकते हैं। वॉट्सऐप को मिलने वाले अपडेट्स और फीचर्स ट्रैक करने वाली साइट WABetaInfo ने भी इस फीचर को सुनिश्चित किया है। यदि आप बीटा वर्जन इस्तेमाल  रहे हैं लेकिन ये फीचर नहीं मिल रहा है, तब ये जल्द ही अपडेट हो जाएगा।
ऐसे दिखेंगे हिडन स्टेटस – एक बार इस फीचर के अनेबल होने पर सभी म्यूटेड अपडेट्स अपने आप छुप जाएंगे और दिखाई नहीं देंगे। म्यूटेड अपडेट्स टैब में एक ऐरो बना दिख रहा है, इस पर टैप करने के बाद ही आप ये म्यूट किए गए अपडेट्स देख पाएंगे। अभी ऐप में म्यूटेड स्टेटस सबसे नीचे दिखते हैं और पूरी तरह हाइड नहीं होते। अब जरूरत पड़ने पर डाउन ऐरो पर टैप करके म्यूटेड स्टेटस देखे जा सकेंगे और इसी तरह अप-ऐरो पर टैप करके इन्हें दोबारा हाइड भी किया जा सकेगा।
जिस स्टेटस को म्यूट करना है उस पर लंबा टैब करें।
अब नई विंडो खुलेगी जिसमें म्यूट का ऑप्शन होगा। इसके सिलेक्ट कर लें।
अनम्यूट करने के लिए एक बार फिर कॉन्टैक्ट पर टैब करें।