कोलकाता : साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था नीलांबर कोलकाता ने सागर रेलवे ऑफिसर्स क्लब में कविता जंक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष की साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों के क्रम में संस्था का यह आयोजन था। संस्था के सचिव ऋतेश पांडेय ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के शुरुआत में नीलांबर द्वारा कवि विनोद कुमार शुक्ल और कृष्ण कल्पित की कविताओं पर तैयार वीडियो फिल्म दिखाई गई। इस कविता जंक्शन में शैलेंद्र शांत, निर्मला तोदी, देवेंद्र कुमार देवेश, संदीप प्रसाद, घुंघरू परमार, सीमा शर्मा, अमिय प्रसून मल्लिक, मंटू कुमार साव, देवज्योति लाहिड़ी, नीता अनामिका, रचना सरण, अनुपमा झा और रूपल साव ने अपनी कविताओं का पाठ किया। निर्मला तोदी ने कहा कि लिखना-पढना जरूरी है।एक दूसरे से जुड़ने पर हम कुछ न कुछ जरूर सीखते हैं। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं साहित्य अकादमी के क्षेत्रीय सचिव देवेंद्र कुमार देवेश ने इस अवसर पर कहा कि दूसरों की कविता सुनना जरूरी है क्योंकि जो दूसरों की कविता नहीं सुनता वो खुद की भी कविता को नहीं सुनता।अनुकरण मौलिक पहचान नहीं बनाता अत: प्रस्तुति में नयापन होना चाहिए। । कवि एवं आलोचक नीलकमल ने कविता पर अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि कविताओं को सुनने से ज्यादा पढने में आनंद है।कविता का विज्ञान से अनिवार्य विरोध नहीं है।नए कवियों को कविता की रचना प्रक्रिया को जानने के लिए मुक्तिबोध की ‘एक साहित्यिक की डायरी’ को जरूर पढना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शैलेन्द्र शांत ने कहा कि कविता नाइंसाफी के खिलाफ एक जंग है। कार्यक्रम का संचालन स्मिता गोयल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन किया संस्था के उपसचिव आनंद गुप्ता ने। इस अवसर पर कोलकाता के अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
माँ के लिए फ्रिज खरीदने 35 किलो सिक्के लेकर गया,
दो हजार रु. कम निकले तो शोरूम ने दी छूट
जोधपुर : जोधपुर के सहारन नगर निवासी 17 साल के रामसिंह ने सुबह अखबार में फ्रिज का विज्ञापन देखा तो शोरूम में फोन किया। कहा- उसकी मां पप्पूदेवी का जन्मदिन है और वह उन्हें फ्रिज चाहता है, लेकिन वह सिर्फ सिक्कों में ही भुगतान कर पाएगा। शोरूम संचालक हरिकिशन खत्री ने सिक्के स्वीकार करने की हामी भर दी। इसके बाद रामसिंह एक बोरे में करीब 35 किलो के सिक्के लेकर शोरूम पहुंच गया। इन सिक्कों में एक, दो, पांच व दस के सिक्के शामिल थे
शोरूम संचालक ने नकदी गिनवाई तो 2 हजार रुपये कम निकले। इस पर किशोर की भावनाओं का ख्याल करते हुए हरिकिशन ने न केवल 2 हजार का डिस्काउंट दिया, बल्कि एक गिफ्ट भी रामसिंह को दिया। रामसिंह को बचपन से ही गुल्लक में पैसे जमा करने का शौक है। गुल्लक भर जाता तो नोट निकालकर मां पप्पूदेवी को दे देता, लेकिन सिक्के संभालकर रखता। करीब 12 साल में उसने 13,500 रुपए के सिक्के एकत्र कर दिए। इन्हीं सिक्कों को लेकर वह शिव शक्ति नगर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में फ्रिज लेने पहुंचा था। उसने मां से वादा किया था कि वह अपने पैसों से फ्रिज लाकर देगा। रामसिंह का गिफ्ट देखकर मां व पिता पप्पूराम भी खुश हुए। शोरूम की तरफ से रामसिंह को एक गिफ्ट भी दिया। रामसिंह बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। पिता प्रोपर्टी डीलर हैं।
आठ साल के बच्चे ने पकड़ी 314 किलो वजनी शार्क
सिडनी :ऑस्ट्रेलिया में आठ साल के जेडेन मिल्लौरो ने 314 किलो वजनी शार्क पकड़कर रिकॉर्ड बनाया है। जेडेन अपने पिता के साथ फिशिंग के लिए सिडनी के साउथ कोस्ट से 160 किलोमीटर दूर ब्राउन माउंटेन के पास वाले इलाके में गया था। जेडेन पोर्ट हैकिंग गेम फिशिंग क्लब का सदस्य है और फिशिंग करना सीख रहा है। पिताने बताया कि वह जेडेन की जिद पर उसे फिशिंग के लिए ले गए थे। उन्होंने कहा- “शार्क हमारी बोट के पीछे-पीछे आ रही थी। तभी जेडेन की नजर उस पर पड़ी। इस बीच उसने कांटे और जाल के जरिए उसे पकड़ लिया। हालांकि, शार्क को बोट पर खींचने में मैंने उसकी मदद की।”स्थानीय मीडिया के मुताबिक, 314 किलो वजनी मछली को पकड़कर जेडेन ने 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले इयान हिसे ने 1997 में 312 किलो वजनी टाइगर शार्क पकड़ी थी।
अभिजीत बनर्जी समेत तीन लोगों को मिला अर्थशास्त्र का नोबेल
भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, एस्थर डुफ्लो और मिशाएल क्रैमर को इस साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गयीहै।
नोबेल पुरस्कारों की घोषणा करते हुए कहा गया कि इन तीन लोगों को वैश्विक गरीबी को दूर करने में प्रायोगिक रास्ता बनाने के लिए पुरस्कार दिया जा रहा है।अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो अमेरिका में कैंब्रिज की मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर हैं जबकि मिशाएल कैम्ब्रिज की ही हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में. पुरस्कार की राशि तीनों विजेताओं में बराबर बराबर बांटी जाएगी। नोबेल कमेटी ने कहा है कि इस साल के विजेताओं ने वैश्विक गरीबी से लड़ने की हमारी क्षमता को बहुत ज्यादा बढ़ाया है. इसके साथ ही कहा गया है कि इन तीनों के प्रयोग आधारित रास्ते ने डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स को बदल दिया है और अब यह रिसर्च का विकसित होता क्षेत्र है।
अभिजीत बनर्जी कोलकाता में पले बढ़े हैं।एस्थर डुफ्लो अभिजीत की पत्नी हैं और डेवलपमेंट इकोनॉमिस्ट हैं।र्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाली वे अब तक की दूसरी महिला हैं। नोबेल कमेटी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि हाल में हुई नाटकीय घटनाओं के बावजूद मानवता के सबसे अहम मुद्दों में एक है गरीबी को उसके सभी रूपों से हटाना।हर साल करीब 50 लाख बच्चे पांच साल से कम उम्र में दम तोड़ देते हैं। इन बच्चों को इनसे बचाया जा सकता है मामूली उपचार से उनका इलाज किया जा सकता है।दुनिया में बच्चों की आधी आबादी अब भी बुनियादी साक्षरता या फिर गिनती सीखे बगैर ही स्कूल छोड़ देती है।
महात्मा गाँधी के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी करेगा ब्रिटेन
पेरिस : ब्रिटेन वित्त मंत्री साजिद जाविद ने कहा है कि ब्रिटेन सरकार ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर एक स्मारक सिक्का जारी करने का फैसला किया है। किस्तानी मूल के ब्रिटिश वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन के रॉयल मिंट से सिक्का बनाने के लिए कहा है ताकि दुनिया गाँधी की सीख को कभी ना भूले। न्होंने गुरुवार को लंदन में वार्षिक ब्रिटिश एशियाई लोगों की सफलता का जश्न मनाने के लिए आयोजित जीजी2 समारोह में यह घोषणा की।
जाविद ब्रिटेन की प्रकाशन कम्पनी ‘एशियन मीडिया ग्रुप (एएमजी) द्वारा जारी की गई शक्तिशाली लोगों वार्षिक सूची में शीर्ष पर हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘गाँधी ने हमें सिखाया कि ताकत केवल धन या उच्च पद से नहीं आती है। हमें उन मूल्यों को हमेशा याद रखना चाहिए जिन्हें उन्होंने अपने जीवन में अपनाया था।’’ रिस जॉनसन की अगुवाई वाली ब्रिटिश सरकार में भारतीय मूल की गृह मंत्री प्रीति पटेल 2019 जीजी2 पॉवर सूची में दूसरे नम्बर पर हैं।
कभी सोचा नहीं था कि कोई महिला क्रिकेटर पुरुषप्रधान बीसीसीआई का हिस्सा होगी : शांता
नयी दिल्ली : बीसीसीआई की नौ सदस्यीय शीर्ष परिषद का हिस्सा बनने जा रही भारत की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि कोई महिला क्रिकेटर पुरुषप्रधान भारतीय क्रिकेट बोर्ड का हिस्सा बनेगी । रंगास्वामी का भारतीय क्रिकेटर्स संघ (आईसीए) चुनाव में निर्विरोध चुना जाना तय है । वह बीसीसीआई की शीर्ष परिषद में उसकी महिला प्रतिनिधि होगी । पैंसठ बरस की रंगास्वामी ने कहा ,‘‘ मैने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बोर्ड का हिस्सा बनूंगी । मैने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि कोई पुरुष क्रिकेटर भी इसमें होगा, हमें तो छोड़ दीजिये । कुछ लोग लोढा सिफारिशों की आलोचना कर रहे होंगे लेकिन उसी की वजह से बोर्ड में हमें प्रतिनिधित्व मिला है । यह पुरुषों के गढ में जगह बनाने जैसा है ।’ रंगास्वामी उस दौर में क्रिकेट खेलती थीं जब महिला क्रिकेट उपेक्षित था और बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिली थी । उन्होंने कहा कि बीसीसीआई में महिला का प्रतिनिधित्व बहुत बड़ा बदलाव है । उन्होंने कहा कि रिटायर हो चुकी अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटरों को भी रणजी ट्राफी क्रिकेटरों के समान पेंशन मिलनी चाहिये । उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू क्रिकेटरों को बीसीसीआई पेंशन मिलनी चाहिये और उनकी मैच फीस में वृद्धि होनी चाहिये । रंगास्वामी ने कहा ,‘‘ मैं यह नहीं कहती कि रणजी क्रिकेटरों को पेंशन नहीं मिलनी चाहिये । मेरा सिर्फ इतना कहना है कि महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को उनके समान पेंशन मिलनी चाहिये । घरेलू क्रिकेटरों को अंडर 19 लड़कों के समान मैच फीस मिलना भी सही नहीं है ।’ उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 15 साल में महिला क्रिकेट में कोचिंग को बढावा देने के लिये कुछ खास नहीं किया गया । उन्होंने कहा ,‘‘ कई लेवल दो की महिला कोच लेवल तीन तक नहीं पहुँच सकीं । वे पेशेवर कोचिंग में नहीं जा सकी । मैं यह नहीं कहती कि महिला टीम का कोच पुरुष नहीं हो सकता लेकिन महिलाओं को सहयोगी स्टाफ का हिस्सा होना चाहिये।’’
ब्रह्मांड वैज्ञानिकों की तिकड़ी ने जीता भौतिकी का नोबेल पुरस्कार
स्टाकहोम : कनाडा मूल के अमेरिकी ब्रह्मांड वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स, स्विस खगोलशास्त्रियों माइकल मेयर तथा डीडियर क्वेलोज को इस साल के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है । जूरी ने इसकी जानकारी दी । जूरी ने बताया कि इन वैज्ञानिकों को उनके उन अनुसंधानों के लिए यह पुरस्कार दिया गया है जो ब्रह्मांड में हमारे स्थान की बढ़ती समझ से जुड़ा हुआ है। रॉयल स्विडिश विज्ञान अकादमी के महासचिव प्रोफेसर जी हनसन ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पीबल्स को यह पुरस्कार उनकी सैद्धांतिक खोजों के लिए दिया गया है। उन्होंने बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड के विकास के संबंध में खोज किया है । मेयर और क्वेलोज को उनके पहले अनुसंधान के लिए यह पुरस्कार दिया गया है । इन दोनों वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से सौर मंडल के बाहर एक ग्रह का पता लगाया था जो मिल्की वे में एक तारे की परिक्रमा कर रहा था । वैज्ञानिकों ने यह खोज 1995 में की थी। जूरी ने कहा, ‘‘उनकी खोजों ने हमारी धारणाओं को हमेशा के लिए बदल दिया है ।’ पीबल्स अमेरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय में विज्ञान के अलबर्ट आइंस्टीन प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं जबकि मेयर और क्वेलोज जिनेवा विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं । भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का आधा हिस्सा पीबल्स को दिया गया है जबकि शेष राशि अन्य दोनों वैज्ञानिकों को दी गयी है ।
इस पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक, एक डिप्लोमा और करीब 90 लाख स्वीडिश क्रोनर (नौ लाख 14 हजार अमेरिकी डालर) दिया जाएगा । तीनों वैज्ञानिकों को यह सम्मान स्टाकहोम में दस दिसंबर को प्रदान किया जाएगा। दस दिसंबर इस पुरस्कार की शुरूआत करने वाले वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबल की पुण्यतिथि है जिनका निधन 1896 में हुआ था । गौरतलब है कि 2018 में भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार अमेरिका के अर्थर अश्किन, फ्रांस के गेरार्ड मोरोऊ और अमेरिका की डोना स्ट्रिकलैंड को दिया गया था ।
2307 करोड़ रु. में बिकेगी 2 हेलीपैड वाली सुपरयाट
न्यूयॉर्क : माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक पॉल एलन की 414 फीट लंबी सुपरयाट बिकने जा रही है। ऑक्टोपस सुपर-याट की कीमत करीब 2307.5 करोड़ रुपये (32.5 करोड़ डॉलर) है। इस याट पर आठ डेक, एक एलिवेटर, एक सिनेमा, दो हैलीपैड और ग्लास-बॉटम्ड अंडरवाटर ऑब्जर्वेशन लाउंज हैं। एलन का पिछले साल 18 अक्टूबर उनका निधन हो गया था।
इस याट को बनाने के लिए पॉल एलन ने करीब 1420 करोड़ दिए थे। इसे 2003 में लॉन्च किया गया था। मौत के समय एलन की नेटवर्थ 1.44 लाख करोड़ रुपये थी
एलन की कुछ बड़ी सम्पत्ति बिकने जा रही हैं। इनमें 1.10 करोड़ डॉलर (करीब 78.1 करोड़ रुपये) की बेवरली हिल्स स्थित प्रॉपर्टी और एक मिग-29 फाइटर जेट शामिल हैं। एलन की मौत के समय उनकी नेटवर्थ (2,030 करोड़ डॉलर) करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये थी।
पन्ना में महिला को मिला 20 लाख का 7.87 कैरेट का हीरा
पन्ना : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में राधा अग्रवाल नाम की महिला को चौपरा हीरा खदान में 7.87 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है। महिला का नाम है और वह रानीगंज में रहती है। राधा ने बताया कि हीरा कार्यालय से उसे चार दिन पहले ही 8 गुणा 7 मीटर का उत्खनन का पट्टा मिला था। इसके तीन दिन बाद ही उसे यह हीरा मिल गया। महिला ने हीरा को खनिज कार्यालय में जमा कर दिया है। जिसे इसी माह हीरों की नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा।
84 समुद्र तटों से इकट्ठा किए गए प्लास्टिक कचरे से बनाई पहली ग्रीन बोतल
वॉशिंगटन : पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी कोका-कोला ने समुद्र से निकाले गए प्लास्टिक के कचरे को रीसाइकिल कर पहली ग्रीन बोतल बनाने का दावा किया है। कम्पनी ने 300 बोतलों का पहला बैच तैयार किया है। कम्पनी का कहना है कि यह धरती को प्लास्टिक के कचरे से मुक्त करने के ग्रीन इनीशिएटिव को आगे बढ़ाएगा। इसके लिए कार्यकर्ताओं ने स्पेन और पुर्तगाल के 84 समुद्र तटों से प्लास्टिक कचरा जमा किया था। इसके बाद इन्हें रीसाइकिल किया गया।




