Friday, April 24, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 572

पोलैंड की लेखिका ओल्गा और ऑस्ट्रिया के लेखक पीटर हैंडके को साहित्य का नोबेल

स्टॉकहोम : साहित्य का 2018 का नोबेल पुरस्कार पॉलिश लेखिका ओल्गा तोकारजुक और 2019 के लिए नोबेल पुरस्कार ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को दिया जाएगा। स्वीडिश एकेडमी ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। ओल्गा तोकारजुक को उन्हें सीमाओं के आर-पार जीवन के एक रूप को दर्शाने की काल्पनिकता के लिए यह सम्मान मिलेगा। ऑस्ट्रिया के लेखक पीटर हैंडके को ‘मानवीय अनुभव की परिधि और विशिष्टता को भाषाई सरलता के जरिए खोजने के महत्वपूर्ण कार्य के लिए’ 2019 का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। ओल्गा का जन्म 1962 में पोलैंड में हुआ था। उन्होंने 1993 में पहला उपन्यास ‘द जर्नी ऑफ द बुक-पीपुल’ लिखा। 2014 में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक उपन्यास ‘द बुक ऑफ जैकब’ में मानवीय समझ से प्राय: परे विषयों को प्रस्तुत करने की अद्भुत क्षमता प्रदर्शित की है। ओल्गा का तीसरा उपन्यास ‘प्रीमेवल एंड अदर टाइम्स’ (अंग्रेजी अनुवाद, 2010) में प्रकाशित हुआ था। यह उपन्यास 1989 के बाद पॉलिश साहित्य के लिए नया उदाहरण पेश किया था। पीटर हैंडके का जन्म दक्षिण ऑस्ट्रिया के कार्नटन में 1942 ई. में हुआ था। उन्होंने 1966 में उपन्यास ‘डाई हॉर्निसन’ से लेखकीय जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 1969 में ‘ऑफेंडिंग द ऑडिएंस’ नामक उपन्यास लिखा।

फुटबॉल / ईरान में 40 साल पुरानी परम्परा खत्म, 3500 महिलाएं देख सकेंगी स्टेडियम में मैच

तेहरान : ईरान में 40 साल से महिलाओं को फुटबॉल समेत अन्य किसी भी खेल को देखने के लिए स्टेडियम में जाने की अनुमति नहीं थी। यह रुढ़िवादी परम्परा अब खत्म हो गई है। ईरान सरकार ने फेडरेशन इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा) के आदेश और पिछले महीने हुई ‘ब्लू गर्ल’ की मौत के बाद महिलाओं को स्टेडियम में प्रवेश देने का फैसला लिया है। ईरान फुटबॉल टीम और कोलंबिया के बीच गुरुवार को फीफा वर्ल्ड कप 2022 का क्वालिफायर मुकाबला होना है। इसके लिए ईरान सरकार ने 3500 महिलाओं को मैच देखने की अनुमति दी है। जबकि स्टेडियम में दर्शकों की क्षमता 1 लाख है। ईरान की महिला पत्रकार राहा पूरबख्श भी इन 3500 महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने मैच के लिए टिकट बुक किया। राहा ने कहा, ‘‘मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि ईरान में ऐसा हो रहा है। मैंने पिछले कई सालों तक इसके लिए काम किया और देश में हो रहे प्रदर्शनों को भी टीवी पर देखा। अब मैं इसका (मैच देखने की आजादी) अनुभव ले सकूंगी।’’

‘ब्लू गर्ल’ को कोर्ट ने 6 महीने की सजा सुनाई थी

ईरान की 29 साल की सहर खोडयारी फुटबॉल प्रशंसक थी। इसी साल मार्च में सहर लड़कों के कपड़े पहनकर तेहरान स्टेडियम में हो रहा फुटबॉल मैच देखने पहुंची थी। इसी दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने सहर को 6 महीने की सजा सुनाई थी। पिछले महीने ही जेल जाने के डर से सहर ने खुद को आग लगाकर जान दे दी थी। सहर की पसंदीदा टीम एस्टेगलल फ़ुटबॉल क्लब थी और इसका कलर ब्लू था। इसी कारण लोग सहर को प्यार से ‘ब्लू गर्ल’ कहने लगे। फीफा ने पिछले महीने ईरान सरकार को आदेश दिया था कि वह महिलाओं पर लगे सभी प्रतिबंध हटा ले। इसके बाद ईरान फुटबॉल एसोसिएशन ने 3500 महिलाओं के बैठने के लिए तीन अतिरिक्त लाइनें बनाईं। इन सीटों के टिकट तत्काल ही बिक गए।
पिछले महीने एक जैनब नाम की लड़की भी लड़कों के कपड़े पनहकर मैच देखने गई थी, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद जैनब की फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसी साल मार्च में एक मैच देखने की कोशिश करने वाली 35 महिलाओं को हिरासत में लिया गया था। ईरान में महिलाओं के स्टेडियम में प्रवेश पर प्रतिबंध का कोई लिखित कानून नहीं है। 1979 इस्लामिक क्रांति के बाद यह तय किया गया था कि महिलाओं को किसी भी स्टेडियम में विशेष परिस्थितियों में ही प्रवेश मिलेगा। इसके बाद 2001 में वर्ल्ड कप क्वॉलिफायर मुकाबले के लिए करीब 20 ईरानी महिलाओं को मैच देखने के अनुमति मिली थी। अक्टूबर में करीब 100 महिलाओं को बोलिविया के खिलाफ दोस्ताना मैच देखने के लिए चुना गया था।

इसरो का ‘नाविक’ में लोकेशन के लिए नहीं होगी जीपीएस की जरूरत

नयी दिल्ली : स्मार्टफोन पर रास्ता या लोकेशन (भौगोलिक स्थिति) ढूंढने के लिए इसरो ने नेविगेशन विद इंडियन कॉन्सटेलेशन (नाविक) सिस्टम विकसित किया है। यह मोबाइल पर नवनंबर से उपलब्ध होगा। इसके बाद अमेरिका के ग्लोबल पॅजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की जरूरत नहीं होगी।
मोबाइल और अन्य दूरसंचार उपकरणों के लिए चिपसेट बनाने वाली अमेरिकी कंपनी क्वॉलकॉम ने इसरो के ‘नाविक’ सिस्टम का परीक्षण पूरा कर लिया है। ‘नाविक’ इसरो के उपग्रहों के तंत्र पर काम करता है, जो भारतीय उपमहाद्वीप में जीपीएस के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन प्लेटफॉर्म पर ‘नाविक’ का पहला प्रदर्शन दिल्ली के एयरोसिटी में सोमवार से शुरू हुए तीन दिवसीय भारतीय मोबाइल कांग्रेस के दौरान किया जाएगा। इसरो ने बताया कि क्वालकॉम ने इसरो के साथ मिलकर अपना नया चिपसेट प्लेटफॉर्म विकासित किया है और उसका परीक्षण भी पूरा कर लिया गया। उसने बताया कि यह चिपसेट प्लेटफॉर्म ‘नाविक’ को सपोर्ट करता है। ‘नाविक’ के इस्तेमाल के लिए इसरो से प्रौद्योगिकी खरीदने वाली क्वालकॉम पहली बड़ी चिपसेट कंपनी है। इससे भारतीय उपमहाद्वीप में ‘नाविक’ के प्रसार, लोकेशन, ऑटोमोटिव और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईऑटी) से जुड़े समाधान ढूंढने में मदद मिलेगी। इसरो प्रमुख डॉ. के शिवन ने कहा कि देश के विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की हमारी सोच को गति देने में नाविक एक महत्त्वपूर्ण कदम है। हम इस प्रणाली को इस्तेमाल में लाने और सबके लिए आसान बनाने के लिए उत्सुक हैं। मोबाइल प्लेटफॉर्म पर ‘नाविक’ को लाने में क्वालकॉम के साथ सहयोग कर इसरो को प्रसन्नता है। इससे देश को लोग काफी लाभान्वित होंगे।

देश की पहली नेत्रहीन महिला आईएएस बनीं प्रांजल

 तिरुवनंतपुरम : देश की पहली नेत्रहीन महिला आईएएस प्रांजल पाटिल ने तिरुवनन्तपुरम में सब कलेक्‍टर का पद ग्रहण किया। इस मौके पर प्रांजल ने कहा, ‘मुझे जिम्मेदारी सम्भालते हुए बहुत अच्छा लग रहा है। मैं अपने काम के दौरान जिले को ज्यादा जानने की कोशिश करूंगी और इसकी बेहतरी के लिए योजना बनाऊंगी।’महाराष्‍ट्र के उल्‍हासनगर की रहने वाली प्रांजल ने 2016 में यूपीएससी क्वालिफाई किया था। तब उन्हें 773वीं रैंक मिली थी।

सौरव गांगुली होंगे बीसीसीई के 35वें अध्यक्ष

मुम्बई : पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। इस पद के लिए वह आवेदन करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे, मतलब अगर यह कहा जाए कि ‘दादा’ निर्विरोध ही बीसीसीआई के अध्यक्ष बनने वाले हैं तो कहना गलत नहीं होगा। उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा 23 अक्टूबर को होगी।10 महीने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष बनने वाले गांगुली 5 साल 2 महीने से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। नए नियमों के अनुसार बोर्ड का कोई भी सदस्य लगातार 6 साल तक ही किसी पद पर रहेगा। इस तरह गांगुली का बोर्ड में कार्यकाल सितंबर 2020 में समाप्त हो जाएगा। गांगुली के साथ भारत सरकार में गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह का निविर्रोध सचिव चुने जाएंगे तो केंद्रीय मंत्री और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल कोषाध्यक्ष का पद सम्भालेंगे।

सबसे लम्बा गिफ्ट बॉक्स डिजाइन कर छात्रा ने बनाया रिकॉर्ड

मंगलुरु :  कर्नाटक के मंगलुरु की अपेक्षा कोट्टारी को सबसे लंबा गिफ्ट आइटम डिजाइन करने के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली है। गिफ्ट का साइज 25×25 सेमी है। इसकी कुल लम्बाई 10 मीटर (1000 सेंटीमीटर) है। इस पर देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की महान हस्तियों और स्वतंत्रता सेनानियों के नामों की जानकारी उनकी फोटो के साथ दी गयी है। अपेक्षा ने कहा है कि वह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए भी आवेदन करेंगी। इस यूनिक गिफ्ट की थीम ‘अतुल्य भारत’ पर आधारित है। अपेक्षा होम ट्यूटर हैं। वह शहर के बेसंत इवनिंग कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। अब तक 35 तरह के अनोखे गिफ्ट आइटम तैयार कर चुकी हैं। अपेक्षा ने बताया, “मैं मंगलुरु से हूं। बचपन से ही मेरा रुझान क्राफ्ट आइटम को बनाने में रहा है। मैं अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए उनके जन्मदिन और सालगिरह पर तोहफे बनाती हूं। हाल ही में मैंने यूट्यूब पर तोहफे बनाने के लिए वीडियो देखना शुरू किया है। इस तरह अनोखे गिफ्ट बॉक्स बनाने का विश्व रिकॉर्ड बन गया।” भारतीय पर्यटन विभाग ने सितंबर 2002 में अतुल्य भारत अभियान शुरू किया था। इसका मकसद देश में पर्यटन को बढ़ावा देना था। इसके तहत हिमालय, वन्य जीव, योग और आयुर्वेद पर अंतर्राष्ट्रीय समूह का ध्यान खींचा गया था।

महानगर में जलाया गया 60 फीट का रावण

कोलकाता :    विजयादशमी के अवसर पर महानगर में 60 फीट का रावण जलाया गया । सॉल्टलेक संस्कृति संसद तथा सन्मार्ग द्वारा विधाननगर के सेन्ट्रल पार्क में आयोजित दशहरा महोत्सव के माध्यम से बंगाल की संस्कृति की झलक भी दिखायी गयी। इसके साथ ही फायर शो तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।        राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस, विधायक वैशाली डालमिया, विधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती, पूर्व राज्यसभा सांसद विवेक गुप्त के अतिरिक्त सॉल्टलेक सांस्कृतिक संसद के अध्यक्ष ललित बेरीवाला भी इस अवसर पर उपस्थित थे। आयोजकों के अनुसार महोत्सव में 25 हजार लोग पहुँचे।

बेंगलुरु और कोलकाता से सिंगापुर के लिए गोएयर की फ़्लाइट सेवा शुरू

अइज़ोल के लिए नॉन-स्टॉप फ़्लाइट सेवाओं की शुरुआत

नयी दिल्ली : गोएयर ने बेंगलुरु और कोलकाता से सिंगापुर तक आने-जाने के लिए नॉन-स्टॉप फ़्लाइट सेवा शुरू की है। 18 अक्टूबर 2019 से गोएयर सप्ताह में चार दिन बेंगलुरू – सिंगापुर – बेंगलुरु उड़ान सेवाओं का संचालन करेगा, जबकि 19 अक्टूबर 2019 से गोएयर हफ़्ते में तीन दिन कोलकाता – सिंगापुर – कोलकाता उड़ान सेवाओं का संचालन करेगा। नए इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए सेवाओं की शुरुआत के अलावा, गोएयर ने अपने 25वें डोमेस्टिक डेस्टिनेशन– यानी कि मिज़ोरम के आइज़ोल के लिए दैनिक उड़ान सेवाओं की भी घोषणा की। नयी उड़ान सेवाओं की शुरुआत के अवसर पर गोएयर के मैनेजिंग डायरेक्टर जेह वाडिया ने कहा “सिंगापुर तक आने-जाने के लिए उड़ान सेवाओं की शुरूआत गोएयर के इतिहास में एक नया मोड़ है। अवकाश यात्राओं के लिहाज से सिंगापुर को एक बेहद अहम डेस्टिनेशन होने का गौरव प्राप्त है, साथ ही यह व्यापार का बेहद प्रतिष्ठित केंद्र भी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए गोएयर सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के अलावा ऐसे सभी संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा, जो भारत के साथ-साथ सिंगापुर में भी पर्यटन के विकास में सहायक साबित हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, आइज़ोल के लिए हमारी उड़ान सेवाओं की शुरुआत पूर्वोत्तर भारत के सातों राज्यों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसे समुचित रूप से ‘परिवहन द्वारा परिवर्तन’ के तौर पर संदर्भित किया गया है। गोएयर की उड़ान सेवाओं के बाद, निश्चित तौर पर पूर्वोत्तर भारत के अपेक्षाकृत उपेक्षित परंतु प्राकृतिक सुंदरता के लिहाज से दर्शनीय स्थल तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इस मौके पर सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक (भारत, मध्य-पूर्व एवं दक्षिण एशिया) जी. बी. श्रीधर ने कहा कि कोलकाता और बेंगलुरु को सिंगापुर से जोड़कर फ़्लाइट नेटवर्क के विस्तार के बाद, यात्रियों को फ़्लाइट के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, साथ ही उन्हें दो महत्वपूर्ण शहरों से यहां तक की यात्रा में लगने वाले समय के लिए भी ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे। सिंगापुर के लिए भारत तीसरा सबसे बड़ा आगंतुक स्रोत बाजार है तथा पूरे भारत में 15 स्थानों से फ़्लाइट कनेक्टिविटी की वजह से बड़ी संख्या में यात्री यहां आते हैं। वर्ष 2018 में, लगातार चौथी बार भारत से एक मिलियन से अधिक यात्री सिंगापुर आए। क्रूज ट्रेवल के क्षेत्र में भी भारत शीर्ष बाजारों में शामिल है। साल के अंत की छुट्टियां और त्योहारों के मौसम नजदीक आ रहे हैं, और यह अवधि सिंगापुर की यात्रा के लिए सबसे बेहतर होती है। पर्यटक यहां दीपावली के मौके पर बेहद खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं, और इसके बाद जल्द ही क्रिसमस के लिए रंग-बिरंगी रोशनी से तैयार किए गए ऑर्चर्ड रोड की सैर कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वे ज्वेल चांगी एयरपोर्ट, सिंगापुर जू में रेनफॉरेस्ट लुमिना तथा सिंगापुर को नज़दीक से देखने और अनुभव करने के लिए कई तरह की नवीन पर्यटन सेवाओं का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं।18 अक्टूबर, 2019 को बेंगलुरु से सिंगापुर के लिए गोएयर की पहली फ़्लाइट G8 27, केम्पेगोडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शाम के 19:45 बजे उड़ान भरेगी और 19 अक्टूबर 2019 को सुबह 03:20 बजे सिंगापुर पहुंचेगी। वापसी की फ़्लाइट G8 28, सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट से 19 अक्टूबर 2019 को सुबह 04:50 बजे रवाना होगी और सुबह 07:35 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी।
19 अक्टूबर, 2019 को कोलकाता से सिंगापुर के लिए गोएयर की पहली फ़्लाइट G8 35, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शाम के 20:25 बजे उड़ान भरेगी और 20 अक्टूबर 2019 को सुबह 03:35 बजे सिंगापुर पहुँचेगी। वापसी की फ़्लाइट G8 36, सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट से 20 अक्टूबर, 2019 को सुबह 04:40 बजे रवाना होगी और सुबह 06:25 बजे कोलकाता पहुँचेगी। अइज़ोल तक आवागमन के लिए नयी दैनिक उड़ान सेवाओं का संचालन लेंगपुई एयरपोर्ट से किया जाएगा, जो अइज़ोल से 32 किमी की दूरी पर स्थित है। गोएयर की फ़्लाइट G8 248 गुवाहाटी से सुबह 06:50 बजे रवाना होगी और सुबह 07:50 बजे अइज़ोल पहुंचेगी। वापसी की फ़्लाइट G8 249 अइज़ोल से सुबह 08:40 बजे रवाना होगी और सुबह 09:50 बजे गुवाहाटी पहुँचेगी। वर्तमान में गोएयर द्वारा 325 से अधिक दैनिक उड़ान सेवाओं का संचालन किया जाता है, और इसने अगस्त 2019 में 13.91 लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुँचाया। गोएयर देशभर में 25 गंतव्य स्थलों के लिए उड़ान सेवाओं का संचालन करता है, जिसमें अहमदाबाद, अइज़ोल, बागडोगरा, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोच्चि, कोलकाता, कन्नूर, लेह, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, पोर्ट ब्लेयर, पुणे, रांची और श्रीनगर शामिल हैं। गोएयर 8 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य स्थलों के लिए भी उड़ान सेवाओं का संचालन करता है, जिसमें फुकेट, माले (सामयिक), मस्कट, अबू-धाबी, दुबई, बैंकॉक, कुवैत और अब सिंगापुर शामिल हैं।

दुर्गापूजा डायरी

प्रेषक – रेखा श्रीवास्तव

दस दिनों तक चलने वाली दुर्गा पूजा और विजय दशमी अब जाने को है। उत्साह का दौर अपने अंतिम मुकाम पर है। सभी ने अपने अपने तरीके से इन दिनों को सहेजा। हमारे यहां अर्थात् हमारे कॉम्प्लेक्स में बड़े स्तर पर दुर्गा-पूजा का आयोजन किया गया। पूजन के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंडप सज्जा, मेला, प्रीति भोजन का आनंद हमलोग उठाते रहें। विगत दस दिन हम सब अपनी दिनचर्या से अलग इस माहौल में जुड़े रहे। कुछ अच्छी, कुछ प्यारी यादें समेटे। मेरे लिए भी कई यादें रहीं। पर सबसे खास बात मुझे जो दिल तक छु लीं वह था नवमी के दिन एक दंपति का हमारे कॉम्प्लेक्स में आना। वे 99 व 97 वर्ष के थे, पर उनका हौसला देखने लायक था। वे दोनों हमारे काम्प्लेक्स में पूजा देखने आये। उनकी बहू उन दोनों को लेकर आई थी। उनको देखकर मेरा मन भी उनके प्रति श्रद्धा से भर उठा। मैं उन दोनों की कुछ फोटो क्लिक की।

—————————————————————————————————————————————–

प्रेषक – नीलम सिंह

सुबह का अखबार हाथ में है,पृष्ठ पलटते ही माँ दुर्गा का स्मित रूप दिखाई पडा़।कहीं अष्टभुजा तो कहीं दस भुजा ,तरह-तरह के अस्त्र-शस्त्र से सुशोभित।इसबार माँ के दर्शन हेतु पंडाल तक न पहुँच सकी थी इसलिए माँ को स्मरण कर प्रणाम किया।अन्य पृष्ठों पर दशानन का वध करते मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम।एक दो पृष्ठ और पलटे तो पाया कि कुछ विशिष्टजन बाल कन्याओं के पाँव पखार विधिवत् पूजन कर रहे हैं।मन विचलित हो गया आडम्बर पूर्ण आचरण देखकर।आँखों के सामने घूम गया बीता वर्ष।जब इन्हीं अखबार के पन्नों पर ऐसी ही न जाने कितनी बाल अबोध कन्याओं के संग दुराचार की खबरें छपती रहीं,और वहशियों के खिलाफ किसी ठोस निर्णय की खबर सामने नहीं आयी।सदियों से माँ पूजी जा रहीं हैं और सदियों से ऐसा कुकृत्य भी किया जा रहा है। कुकर्मी को इन बाल कन्याओं में उस वक्त देवी का स्वरूप का अहसास नहीं होता,जब उनके अबोध मन पर छुरियाँ चलाई जाती हैं,धारदार हथियार से काटे जाते हैं उनके अंग,रेता जाता है गला,दफना दिया जाता है बिना कुछ कहे।
मन मेरा सवाल पूछता है,क्या इन अबोधों के वस्त्रों को हम दोष देकर छुटकारा पा सकते है,या कि इन अबोधों की शारीरिक भाव भंगिमा को दोष देंगें।अरे! नहीं साहब ये तो वह रावण है जो आज भी जिंदा है।और हम है कि रा़वण नहीं मारेंगे। माँ दुर्गा की असली पूजा तो तब होगी जब ये कन्याएँ सुरक्षित होंगी,चाहे वह माँ की कोख हो या समाज का आँगन।

 

 

शुभादि आमार पूजो, आमार माँ फोटोग्राफी प्रतियोगिता

आम तौर पर दुर्गा पूजा का मतलब सबके लिए पण्डाल और देवी की प्रतिमा होता है मगर आप गौर करेंगे तो पाएँगे कि हर मण्डप, हर प्रतिमा, हर थीम कला की अभिव्यक्ति होती है। हम यही अभिव्यक्ति आपसे चाहते थे कि आप इस पूजा को किस रूप में देखते हैं।

कहने का मतलब यह कि इन चीजों को आप किस नजर से देखते हैं, वह विचार और सन्देश क्या है..ऐसा लगता है इस बात को समझने में कहीं कोई चूक रह गयी…तस्वीरें मिलीं मगर विचार और सन्देश सिर्फ एक तस्वीर में मिला।यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि हमारा मापदण्ड सिर्फ तस्वीर नहीं थी इसलिए हमारे आकलन का आधार सिर्फ तस्वीर नहीं रही।

दूसरे स्थान पर रहे सुयश अग्रवाल

 

तस्वीर में छुपा सन्देश भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा क्योंकि वहीं हम आपको, आपकी सोच को, आपकी सृजनात्मकता को देख सकते हैं तो निर्णय भी हमने इसी आधार पर लिया।

तीसरा स्थान मिला हैै अमित राउत को

 

 जैसा कि आप जानते हैं कि हमारा विजेता केवल एक होगा मगर तस्वीरें हमारे डिजिटल कैलेंडर की शोभा बनेंगी। जो भाग नहीं ले सके, वे निराश न हों मगर हमने जो बात ऊपर कही, उसका ध्यान जरूर रखें।हमारी अगली प्रतियोगिताओं के लिए हमारे साथ बने रहें –