पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस के खतरे से जूझ रही है। इसके चलते हमारे देश में लॉकडाउन जारी है, जिसकी वजह से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। कोरोना के संकट को देखते ही भारत सरकार ने जिस तेजी से निर्णय लिए, उसकी प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे संगठन भी कर चुके हैं।
कोरोना से लड़ने के भारत के तरीके की दुनियाभर में सराहना हो रही है। स्विट्जरलैंड ने भी भारत की प्रशंसा की है, हालांकि उसका तरीका थोड़ा अनूठा रहा। दरअसल स्विट्जरलैंड ने आल्प्स के मैटरहॉर्न पर्वत पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की रोशनी की।
इस रोशनी के जरिए स्विजट्जरलैंड ने कोरोना महामारी से जीतने की उम्मीद और जज्बे का संदेश दिया है। स्विट्जरलैंड में भारतीय दूतावास ने इस फोटो को ट्विटर पर शेयर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा कि पूरी दुनिया कोविड-19 से लड़ाई में एकजुट है। मानवता निश्चित रूप से इस महामारी से जीतेगी।
स्विट्जरलैंड के मशहूर लाइट आर्टिस्ट गेरी हॉफस्टेटर ने 14,690 फीट के पहाड़ को तिरंगे के आकार में रोशनी दी थी। बता दें कि इस पहाड़ पर 24 मार्च से कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया की एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए हर दिन अलग-अलग देशों के झंडों को दर्शाती हुई रोशनी की जाती है।
इस पहाड़ पर स्विट्जरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, इटली और स्विस क्षेत्र टिसिनो के झंडों को दर्शाती हुई रोशनी की जा चुकी है। गेरी हॉफस्टेटर ने बताया कि प्रकाश का मतलब आशा और उम्मीद होता है।
गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड में अब तक 18,000 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं जबकि 430 लोगों की जान भी जा चुकी है। इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने स्कूल, बार, रेस्तरां और गैर जरूरी चीजों की दुकानें बंद कर दी हैं।
स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वत पर चमका तिरंगा
सीएसआईआर ने कोरोना वॉरियर्स के लिए तैयार किया सुरक्षा कवच
नयी दिल्ली : वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएएल) ने बंगलूरू की एमएएफ क्लोथिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर कोरोना वॉरियर्स के लिए एक खास सुरक्षा कवच तैयार किया है। कई परत वाले पॉलीप्रोपलिलिन स्पून लैमिनेटेड सिंथेटिक से बना ये कवच स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह संक्रमण से दूर रखेगा। यह कोरोना से जंग लड़ रहे डॉक्टर, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ और हेल्थ केयर वर्कर्स की 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
डॉ. हरीश सी बरशिलिया और डॉ. हेमंत कुमार शुक्ला के नेतृत्व में सीएसआईआर-एनएएल की टीम ने पूरी तरह स्वदेशी सामग्री से नई तरह की प्रक्रियाओं की पहचान कर इसे बनाया है। इसका सीआईटीआरए कोयंबटूर में सख्त कसौटी पर कसा गया। टेस्ट में पास होने के बाद ही इसके विनिर्माण को अनुमति दी गई है। अब इस सुरक्षा कवच का उत्पादन बढ़ाने की योजना है। अभी चार सप्ताह के भीतर हर दिन 30 हजार सुरक्षा कवच बनाए जा सकेंगे।
सीएसआईआर-एनएएल के निदेशक जितेंद्र जे जाधव ने कहा, इस कवच की खास बात यह है कि इस तरह के अन्य कवर बनाने वाली कंपनियों की तुलना में यह खासा विश्वसनीय है।
धोनी-रोहित चुने गए आईपीएल के सर्वकालिक महान कप्तान
चेन्नई सुपर किंग्स के करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा को संयुक्त रूप से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का सबसे महान कप्तान घोषित किया गया। इन दोनों खिलाड़ियों का चयन स्टार स्पोर्ट्स के 50 लोगों की चयन समिति ने किया, जिसमें 20 पूर्व क्रिकेटरों के साथ 10 खेल पत्रकार, 10 सांख्यिकीविद् और 10 विश्लेषक शामिल थे।
धोनी की अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल के 11 में से 10 प्लेऑफ में पहुंचने में सफल रही है। टीम तीन बार चैम्पियन और पांच बार उपविजेता रही है। रोहित ने 2013 में मुंबई इंडियंस की कमान संभाली और उसे चार बार चैम्पियन बनाया।
दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स को सर्वकालिक महानतम बल्लेबाज जबकि श्रीलंका के लसिथ मलिंगा को महानतम गेंदबाज चुना गया। ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन सर्वश्रेष्ठ हरफनमौला जबकि स्टीफन फ्लेमिंग को सर्वश्रेष्ठ कोच चुना गया।
रॉयज चैलेंजर्स बैंगलोर और भारतीय कप्तान विराट कोहली को महानतम भारतीय बल्लेबाज चुना गया। कोहली ने 177 आईपीएल मैचों में 5412 रन बनाए हैं। कोविड-19 महामारी के कारण आईपीएल के 13वें सत्र को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।
अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं महाभारत के ‘भीम’, एशियाड में हासिल किया था स्वर्ण
मुम्बई : दूरदर्शन पर बीआर चोपड़ा की महाभारत के पु:न प्रसारण से लोगों को पुरानी यादें फिर ताजा कर दी है। जैसे ही रामायण, महाभारत सहित पौराणिक शो के फिर प्रसारण शुरू हुए इनके कलाकारों के बारे में जानने-पढ़ने की जिज्ञासा लोगों में फिर जागी। महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार सोबती अपने लंबी चौड़ी कद-काठी के कारण पहचाने गए थे और इस शो से उन्हें खूब पहचान मिली। प्रवीण कुमार सोबती न केवल अभिनेता थे बल्कि एक एथलीट और बीएसएफ के जवान भी रह चुके हैं। महाभारत शो में कास्ट होने से पहले वह एथलीट ही थे। वह एशिया के नंबर वन खिलाड़ी रह चुके हैं। वे हैमर और डिस्क थ्रो में कमाल कर चुके हैं। 60 और 70 के दशक में भारतीय एथलिट्स में उन्होंने खूब शानदार प्रदर्शन किया था। वह 1967 में अर्जुन अवॉर्ड भी पा चुके हैं।
1966 के एशियन गेम्स में भारत ने एथलेटिक्स में 11 पदक जीते थे जिसमें 5 स्वर्ण, 5 कांस्य पदक थे। सोबती ने इनमें से दो पदक हासिल किए थे। यही नहीं बैंकॉक में एशियाड में उन्होंने डिस्क थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया था। उन्होंने हैमर थ्रो में कांस्य भी पाया था। 1970 में भी अगले टूर्नामेंट में गोल्ड जीते थे। 1974 में उन्होंने तेहरान में रजत पदक जीता था।
एथलीट के रूप में उनका यह सफर यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी खूब अच्छा प्रदर्शन किया। किंग्सटन कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 1966 में हैमर थ्रो में रजत पदक हासिल किया था। उनके क्रेडिट में 1968 और 1972 में दो ओलंपिक पार्टिसिपेशन है।
बीआर चोपड़ा की महाभारत में भीम के रोल के लिए अभिनेता की तलाश में परेशान थे। उन्होंने मजबूत और लंबी कद-काठी का अभिनेता चाहिए था। उनके एक दोस्त ने ही यह जानकारी दी कि बीआर चोपड़ा उनसे मिलना चाहते है। उन्हें देखते ही भीम के रोल के लिए फाइनल कर लिया। बता दें कि चाचा चौधरी में साबू का किरदार भी प्रवीण ने ही निभाया है। वे 50 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं।
सरकार ने एफडीआई नीति में किया बदलाव
नयी दिल्ली : भारत सरकार ने एफडीआई नीति यानी फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कहा है कि अब भारत के पड़ोसी देशों, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश की कंपनियों को भारतीय कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति लेना होगा। बता दें, बीते दिनों चीन के बैंक ने एचडीएफसी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 1 फीसदी से अधिक कर ली थी। सवाल उठे थे कि कहीं चीन कोरोना वायरस के बाद कमजोर हुआ भारतीय अर्थव्यवस्था का फायदा तो नहीं उठाना चाह रहा है। इसे बाद ही सरकार ने शनिवार को यह घोषणा की।
दुनिया के एक बड़े धड़े का मानना है कि कोरोना वायरस चीन की साजिश है। इस सोच तब और बल मिलता है जब चीनी कम्पनियाँ कोरोना वायरस के कारण कमजोर हो चुकी दूसरे देशों की कम्पनियों में निवेश लेकर आती हैं। इसी आशंका को रोकने के लिए अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने चीनी कम्पनियों के निवेश को पूरी तरह रोक दिया है।
पाकिस्तान के जरिए भी चीन नहीं कर पाएगा निवेश
भारत सरकार को आशंका है कि चीन की कोई कंपनी पहले खुद को पाकिस्तान में रजिस्टर कर और इसके बाद भारत में निवेश करे। इसीलिए सरकार ने भारत की सीमा से सटे देशों की कंपनियों पर यह पाबंदी लगाई है। बता दें, अमेरिका पहले ही चीन पर भड़का हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्म्प खुलेआम कह चुके हैं कि कोरोना वायरस चीन के शहर वुहान की एक लैब में बन रहा था और इसे साजिशन बाकी दुनिया में फैसला गया है।
स्कूली बच्चों के लिए दूरदर्शन और आकाशवाणी ने शुरू की वर्चुअल कक्षाएँ
नयी दिल्ली : कोरोना वायरस संक्रमण और देशव्यपी लॉकडाउन के चलते सभी राज्यों में स्कूल बंद हैं। कई स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुई हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अलग-अलग तकनीकी माध्यम से बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो ने वर्चुअल क्लासेस शुरू की है। ये वर्चुअल क्लासेस और शैक्षणिक कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रीय चैनलों, प्रसारण केंद्रों और यूट्यूब के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे हैं।
बता दें कि देशभर के स्कूल लॉकडाउन के चलते बंद हैं, ऐसे में ये वर्चुअल और ऑनलाइन कक्षाएं बच्चों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है। खासतौर से जो बच्चे 10वीं और 12वीं कक्षा में हैं, जो प्रवेश परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे हैं, उन्हें काफी फायदा मिल रहा है। इन कार्यक्रमों में कक्षावार केमिस्ट्री, गणित, बायाेलॉजी, इंग्लिश, बिजनेस स्टडी, साइंस सहित अन्य सभी विषयों के लेक्चर शामिल किए जा रहे हैं।
बता दें कि दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो ने प्राइमरी, मीडिल और हाई स्कूल स्तर के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम आधारित कक्षाएं शुरू की हैं। इनमें वर्चुअल, ऑडियो, वीडियो सभी तरह की क्लासेस शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में 10वीं और 12वीं कक्षा के बच्चों के लिए मॉडल क्वेश्चन पेपर और पूर्व के वर्षों की परीक्षाओं के प्रश्नों को शामिल करते हुए स्तरीय गेस पेपर भी बच्चों को मुहैया कराए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में दूरदर्शन केंद्रों ने अपने यहां वर्चुअल क्लासेस शुरू कर दी हैं। वहीं ऑल इंडिया रेडियो के विजयवाड़ा, हैदराबाद, बेंगलुरु, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटुर, पुडूचेरी, मदुरै, त्रिवेंद्रम, पणजी, जलगांव, रत्नागिरी, सांगली, औरंगाबाद, पुणे, नागपुर, मुंबई, गंगटोक, गुवाहाटी, बीकानेर, उदयपुर, जोधपुर, जयपुर सहित अन्य प्रसारण केंद्रों से कार्यक्रम शुरू किए हैं।दूरदर्शन प्रति दिन औसतन ढाई घंटे के शैक्षणिक कार्यक्रम और ऑल इंडिया रेडियो 30 मिनट के कार्यक्रम प्रसारित कर रहा है।
हिंदी विश्वविद्यालय कोलकाता केंद्र में ऑनलाइन कक्षाएँ जारी
कोलकाता : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता में लॉकडाउन को देखते हुए ऑनलाइन कक्षाएँ सुचारु तरीके से संचालित की जा रही हैं। केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार ‘सुमन’ ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रजनीश कुमार शुक्ल के निर्देशन-मार्गदर्शन में यहाँ जनसंचार एवं हिंदी साहित्य में ऑनलाइन कक्षाएँ गूगल मीट, व्हाट्सअप, कॉन्फ्रेंस फोन कॉल आदि माध्यमों से नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को ईमेल और व्हाट्सअप द्वारा सहायक अध्ययन सामग्रियाँ लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉ सुनील ने बताया कि हमारे केंद्र के विद्यार्थी मुख्यालय वर्धा से जुड़कर भाषा विज्ञान की विशेष कक्षाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। अपनी नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त विद्यार्थी अपने सत्रांत और संगोष्ठी पत्र लिखने में भी व्यस्त हैं, जिनके विषय बहुत पहले ही केंद्र द्वारा सभी विद्यार्थियों को आवंटित किए जा चुके हैं। इसके साथ-साथ एमए अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थी अपने परियोजना शोध कार्य में भी संलग्न हैं। विद्यार्थियों को केंद्र के अतिथि अध्यापकों डॉ ललित कुमार, डॉ शिवशंकर सिंह, डॉ आशा सिंह तथा प्रभारी डॉ सुनील कुमार ‘सुमन’ द्वारा हर तरह का अकादमिक मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल रहा है।
मार्केटिंग संचार में रचनात्मकता का महत्व

मार्केटिंग में, अनोखे विचारों के उत्पादन और निष्पादन किए जाते हैं, जो रचनात्मकता से निर्दिष्टसंदेश का संचार करते हैं। यह अलग होने की गुंजाइश पैदा करता है और साथ ही ग्राहकों को भेजे गए अनेक संचार विषय वस्तुओं के माध्यम से हमें अलग बनाता है।
मार्केटिंग संचार में तीन तरह की मुख्य रचनात्मकता शामिल होती है और वह है –
वीडियो
वीडियो मार्केटिंग लगातार शक्तिशाली डिजिटल विषय वस्तु रणनीति से प्रमुखता हासिल कर रही है। दर्शकों का आकर्षण बढ़ाने के साथसाथ, यह रूपांतरण और राजस्व को अधिक प्रमुखता देता है। वीडियो की विषय वस्तु तीव्र आकर्षण उत्पन्न करने के साथ ही के द्वारा भेजे गए संदेश के साथ भी संबंध रखता है। यही कारण है की ब्रांड का झुकाव वीडियो मार्केटिंग की तरफ होता है क्योंकि यह दर्शक आकर्षण बनाने में और बढ़ाने में बहुत ही शक्तिशाली उपकरण के रूप में काम करती है।
तस्वीरें
वीडियो के साथ, तस्वीरों के जरिए भी ब्रांड अपनी सोच को व्यक्त कर सकते हैं या नवपरिवर्तित और अद्वितीय रूप से प्रवाहन करने का मौका देता है। सही ग्राफिक्स और पारंपरिक तस्वीरों से एक झटके में दर्शकों की आंखों को आकर्षित कर उनकी दिलचस्पी बढ़ाई जा सकती है, जिससे आप अपने ब्रांड को उसके प्रतियोगियों से भिन्न दर्शा सकते हैं।
ब्लॉग्स
चाहे बात व्यापार अपडेट की हो, कम्पनी स्टोरीज, जानकारी प्रदान करने वाली सामग्री, इंडस्ट्री से जुड़े समाचार या युक्तियां, ब्लॉग के माध्यम से आप दर्शकों से जुड़ सकते हैं। सर्च इंजन और साइट दर्शक अच्छी विषय वस्तु पसंद करते हैं। ब्लॉगिंग की सहायता से आप अपने दर्शकों को लगातार अपडेट रखें, जिससे आपको अपने व्यापार से संबंधित कीवर्ड को पद स्थित करने का मौका मिलेगा।
रचनात्मक विचार कैसे उत्पन्न करें?
किसी भी कम्पनी के लिए कई रचनात्मक विचारों का मंथन करके सभी कर्मचारीयों को विचारधारा में सम्मलित करना सबसे प्रभावी तरीका है। अधिकतर कम्पनियां सिर्फ अपने रचनात्मक विभागों पर भरोसा करती है। हालांकि अन्य विभागों के भी कर्मचारी अपनी अद्वितीय अंतर्दृष्टि से रचनात्मक विचार दे सकते हैं। इसके साथ ही रचनात्मक कार्य में सभी कर्मचारी के सम्मिलित होने से कम्पनी को कई अन्य और प्रभावी विचार मिलेंगे।
तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी
तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी में हम सर्वोत्तम संचार वह भी सबसे अधिक रचनात्मक तरीके से प्रदान करने में विश्वास रखते हैं। किसी भी संचार रणनीति को तैयार करने से पहले हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारा पूरा दल हमारी बुद्धि शील बैठक सत्र में हिस्सा ले, जिसमें अन्य विभाग के मुख्य लोग भी मौजूद होते हैंक्योंकि हम अपने ऑर्गेनाइजेशन में खुले द्वार की नीति का पालन करते हैं, हम हर दल से नए विचारों का स्वागत करते हैं, क्योंकि एक अकाउंट मैनेजर के पास भी आने वाले अभियानों के बारे में मूल्यवान रचनात्मक अंतर्दृष्टि हो सकती है।
इससे यह तो साफ है कि हमारे मार्केटिंग संचार की रणनीति का एक ही सारांश है:- रचनात्मकता।
इसलिए तुरिया कम्युनिकेशन एल एल पी में हम सभी चीजों के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे हम सर्वोत्तमबनाते हैं इसलिए अगर हम नहीं तो फिर कौन? तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी से जुड़े, जो बाकी के मार्केट से अधिक संचार की दुनिया को जानता है, जिससे आप अपने व्यापार को बढ़ावा दे सकते हैं। अपने व्यापार को तुरिया की रचनात्मकता की मदद से ऑनलाइन विस्तार कीजिए।
ई मेल : sandhya@ turiyacommunications.com
[email protected]
कोरोना को लेकर शब्द पहेली
कोलकाता : कोरोना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शुभज्योति राय नामक युवक ने एक शब्द पहेली तैयार की है। बांग्ला में शब्द पहेली को शब्द छक कहते हैं जिसे हम आपके लिए दे रहे हैं…। इसका हिन्दी अनुवाद शुभस्वप्ना मुखोपाध्याय ने किया है जो एक छात्रा हैं। आप भी हल करें –
हिन्दी अनुवाद
एक किनारे से दूसरे किनारे तक
3.यह एक रसायनिक पदार्थ है, जो कोरोना वायरस के किटाणुओं मारने में काम आता है।
7. अस्पताल में यह एक विशेष रोगी कक्ष है जिसमें कोरोना संक्रमित रोगियों को रखा जा रहा है।
9. मुम्बई के इस अस्पताल में कोरोना संक्रमित रोगी की मृत्यु हुई है।
11. कोरोना में भयंकर रूप से संक्रमित पहला देश ।
13 . कोरोना से बचने के लिए इसे इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
16 . इस तरल पदार्थ को पीने से कोरोना से बच सकते हैं ।

ऊपर से नीचे तक
1. यह कोरोना जाँचने का विशेष प्रकार का थर्मोमीटर ।
2. हाथ साफ रखने के लिए यह काफी महत्वपूर्ण पदार्थ है ।
4. यहीं से कोरोना का आगमन हुआ ।
5. कोरोना से संबंधित लमवार्डि की नर्स का विडिओ जो सोशल नेटवर्क पर वाइरल हुआ ।
6. संक्रमण क़ रोककने के लिए कोलकाता हाईकोर्ट में ‘थर्मल’ के साथ स्वास्थ की परीक्षा शुरू किया गया है ।
8. कोरोना से बचने के लिए इसे भी बन्द रखने का सिध्दांत लिया गया है ।
9. इसे लेकर विश्व आतंक फैला हुआ है ।
10. कोरोना की चिकित्सा के लिए रोगी को पहले यहाँ लाया जाता है ।
11. कोरोना संक्रमण का पहला उपसर्ग ।
12. इनका परामर्श हम सब लेना चाहिए ।
16. कोरोना से बचने के लिए मुँह का आवरण ।
डॉक्स ऐप ने जारी किया कोरोना वायरस रिस्क स्कैन टूल
कोलकाता : डिजिटल स्वास्थ्य परिसेवा ऐप डॉक्स ऐप ने कोरोना वायरस रिस्क ऐसेस्मेंट टूल जारी किया है। यह लोगों को संक्रमण की सम्भावना का आकलन करने में सहायता प्रदान करेगा। यह नया टूल कुछ इंटर ऐक्टिव प्रश्नों पर आधारित है जो व्यक्ति के लक्षणों के अनुसार एक रिस्क स्कोर उत्पन्न करता है, अनिश्चयता हटाता है और बड़े पैमाने पर भय कम करता है। जागरूकता फैलाने की दृष्टि से भी यह काफी सहायक सिद्ध होगा और सामाजिक दूरी तथा सुरक्षा में भी मदद करेगा। डॉक्स ऐप के सह संस्थापक तथा सीईओ सतीश कानन ने इस ऐप को उपयोग करने में आसान और अगले कदम का फैसला लेने में सहायक बताया है।




