डांस स्कूल में टेनिस खेलने का मौका मिला वहीं से टेनिस मेरे जीवन का हिस्सा बन गया और फिर मेरी रुचि टेनिस में बढ़ती चली गई। भवानीपुर कॉलेज ने मुझे बहुत ही कम समय में कजाकिस्तान जाने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी की जिसके लिए मैं बहुत आभारी हूँ। कहती हैं प्राप्ति सेन। भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज की द्वितीय अंग्रेजी ऑनर्स की छात्रा प्राप्ति सेन ने हिन्दी भाषा के प्रति भी अपना प्रेम प्रदर्शित किया। डॉ. वसुन्धरा मिश्र ने इस युवा खिलाड़ी का साक्षात्कार लिया जो आपके सामने प्रस्तुत है –
प्र. कब से टेनिस खेल रही हैं? टेनिस के प्रति आपका रुझान कैसे हुआ?
पाँच वर्ष की उम्र से मेरी माँ ने मुझे नृत्य शिक्षा के लिए डांस स्कूल में दाखिला करवाया था। जहाँ पर टेनिस भी था। मैंने वहीं टेनिस खेलना शुरू किया था। डांस कम और टेनिस अधिक खेलती थी। शुरु में तो प्रोफेशनल रूप से नहीं खेलती थी। स्कूल में आ कर मैंने प्रोफेशनल ढंग से खेलना शुरू किया था।
प्र. आप किस स्कूल से पढी़ हैं?
मैं जोका के केन्द्रीय विद्यालय की छात्रा हूँ। मैं बंगाल की हूँ लेकिन मुझे हिन्दी से बहुत लगाव है।
प्र. आपने स्कूल जीवन में टेनिस का कौन-सा अवार्ड प्राप्त किया?
स्कूल जीवन में 2013 में कैडट नेशन चैम्पियनशिप,2019 में जूनियर नेशन चैम्पियनशिप और वेस्ट बंगाल गवर्नमेंट द्वारा 2019 में खेलश्री का अवार्ड मिला।
प्र. कजाकिस्तान में आपको किस आधार पर आमंत्रित किया गया?
मैम एक तो मैंने बहुत से टेनिस मैच खेल चुकी जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर रहे। दूसरा अवार्ड भी प्राप्त की। नेशनल रैंकिंग की वजह से कजाकिस्तान में मुझे अवसर दिया गया।
प्र. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक मिला? आपको कैसा लग रहा है?
20 सितंबर 2021 में कजाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में भाग लेना बहुत ही रोमांचक रहा। बहुत कम समय में मुझे सारे दस्तावेज भेजने थे। समय पर यदि नहीं भेजती तो भाग नहीं ले पाती। इसके लिए भवानीपुर कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह और खेल प्रशिक्षक रूपेश गांधी और भावेन परवान, दिव्या उदेशी, प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी का पूरा सहयोग रहा जिनकी वजह से सारी औपचारिकताएं पूरी हो सकी। अवार्ड में रजत पदक, प्रमाणपत्र के साथ ही 700 डॉलर भी मिले।
प्र. अब आगे आप टेनिस खिलाड़ी के रूप में किस टूर्नामेंट में भाग लेने जा रही हैं?
अब पंचकूला में होने वाले टूर्नामेंट में जाने के लिए तैयारी कर रही हूँ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेनिस के लिए तुनिशिया और इक्वेडर जाना है।



ता के बेहतरीन दुर्गा पूजा मंडपों में इस दुर्गोत्सव का विशेष स्थान है।सन्तोष मित्रा स्क्वायर यानी नींबूतला दुर्गापूजा के माध्यम से आप कोलकाता में बैठे – बैठे राजस्थान के जयपुर का भव्य लक्ष्मी नारायण मंदिर देख सकते हैं। इस मंदिर की प्रतिकृति ही होगा सन्तोष मित्रा स्क्वायर का दुर्गा पूजा मंडप। इस दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष कांग्रेस नेता प्रदीप घोष हैं। इस दुर्गापूजा की विशेषता यह है कि आपको थीम अलग – अलग दिखेगी मगर प्रतिमा पारम्परिक बांग्ला साज वाली ही होती है और इस बार भी प्रतिमा मिंटू पाल ने बनायी है। प्रतिमा में माँ की सज्जा साबेकीयाना होगी। यहाँ हर पंडाल के बार मेला भी लगता है जो कोरोना के कारण इस साल नहीं हो रहा है।

