बंगलुरू । केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में 3डी प्रिंटिंग से बने पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन किया । थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक से बना यह देश का पहला पोस्ट ऑफिस है । इसे बेंगलुरू के कैम्ब्रिज लेआउट के पास उल्सूर बाजार में बनाया गया है । यह निर्माण जिस तकनीक से किया गया है वो कई मायनों में खास है । आमतौर पर 1 हजार वर्ग फीट में घर बनाने में करीब 12 महीने का समय लग जाता है, लेकिन नए पोस्ट ऑफिस को मात्र 44 दिनों में तैयार किया गया ।
ऐसे में सवाल है कि क्या है वो 3डी प्रिंटिंग तकनीक, कितने अलग तरीके से पोस्ट ऑफिस को तैयार किया गया । आम निर्माण के मुकाबले यह कितना सस्ता और टिकाऊ है और देश में कहां-कहां ऐसे निर्माण हुए हैं ।
क्या है थ्री D प्रिंटिंग तकनीक?
थ्री D प्रिंटिंग तकनीक का नाम सुनकर ज्यादातर लोग समझते हैं कि इसका कनेक्शन प्रिंटर से है, जबकि पूरी तरह से ऐसा नहीं है । इस तकनीक में रोबोटिक्स के जरिए पर्त दर पर्त दीवार, छत और जमीन का निर्माण किया जाता है । आसान भाषा में समझें तो मशीन को जिस तरह के निर्माण और डिजाइन के निर्देश दिए जाते हैं वो उसी तरह ऑटोमेटिक इसका निर्माण कर देती है । यह मशीन घर को तैयार करने में कई तरह से सपोर्ट करती है ।
आमतौर पर निर्माण को तैयार करने में ईंट का इस्तेमाल होता है, लेकिन 3डी प्रिंटिंग से तैयार होने वाले निर्माण में यह तो ब्लॉक का इस्तेमाल होता है या वो भी नहीं होता । विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक से कम समय में निर्माण को पूरा किया जा सकता है । आमतौर पर ईंट के जरिए तैयार होने वाली बिल्डिंग और दूसरे निर्माण के मुकाबले इस तकनीक के जरिए उसे जल्द पूरा किया जा सकता है ।
3डी प्रिंटिंग से यूं हुआ पोस्ट ऑफिस का निर्माण
आमतौर पर किसी घर या निर्माण को तैयार करने में नक्शे का पालन किया जाता है और उसे ध्यान में रखते हुए मजबूर काम करते हैं । 3डी प्रिंटिंग के मामले में ऐसा नहीं होता. इसमें सब कुछ कम्प्यूटराइज्ड होता है । कम्प्यूटर में जो नक्शा फीड होता है, रोबोटिक्स की मदद से ऑटोमेटिक उसका निर्माण होता चला जाता है । दीवार की चौड़ाई कितनी चाहिए, ऊंचाई कितनी होगी और इंटीरियर में कहां-क्या निर्माण करना है, यह सब रोबोटिक सिस्टम तय करता है ।
3डी प्रिंटर कई तरह की मशीनें से जुड़कर बनता है. जैसे- मिक्सर, पंपिंग यूनिट, मोशन असेंबली, ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर, नॉजिल और फीडिंग सिस्टम. इसका नॉजिल ही सबसे अहम हिस्सा होता है, जो निर्माण करने का काम करता है । प्रिंटर की मदद से ही निर्माण का मैटेरियल निकलता रहता है और इमरात का निर्माण होता रहता है ।
विशेषज्ञों का कहना है, भारत में 3डी प्रिंटिंग तकनीक बड़ा बदलाव ला सकती है । भविष्य में इसकी मदद से कम लागत में घरों का निर्माण किया जा सकेगा । फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट में 3डी प्रिंटिंग कंपनी नेक्सा3डी के सीईओ और चेयरमैन अवि कहते हैं, अगर इस तकनीक से घर का निर्माण कराया जाता है तो कई फायदे मिलते हैं । आम निर्माण के मुकाबले यह कम समय में तैयार होता है. लागत कम आती है और ज्यादा मजबूत बनता है।
देश में क्या-क्या इस तकनीक से तैयार हुआ?
देश में अब तक इस तकनीक से कई निर्माण किए जा चुके हैं । आईआईटी मद्रास ने पिछले साल सितंबर में इस तकनीक से घर का निर्माण किया था । इसके बाद देश में कई निर्माण किए गए ।
3डी प्रिंटिंग से तैयार देश का पहला घर
पिछले साल अक्टूबर में आईआईटी गुवाहाटी ने भारतीय सेना के जवानों के लिए थ्री-डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कंक्रीट चौकी को तैयार किया था ।
बनकर तैयार हुआ देश का पहला थ्री डी पोस्ट ऑफिस
ईमेल, व्हाट्सऐप पर दस्तावेज साझा करने से बचें – यूआईडीएआई
नयी दिल्ली । आधार कार्ड आजकल के वक्त में एक जरूरी डॉक्यूमेंट के रूप में उभरा है । ऐसे में आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ( यूआईडीएआई) समय-समय पर इसे अपडेट के लिए सूचना जारी करता रहता है ।
कई आधार यूजर्स को आधार अपडेट करने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप पर मैसेज मिल रहे हैं । अगर आपको भी यह मैसेज मिला है तो तुरंत सावधान हो जाएं क्योंकि यह धोखाधड़ी का एक और नया तरीका है । यूआईडीएआई ने करोड़ों आधार यूजर्स को अलर्ट करते हुए अपने एक्स हैंडल से ट्वीट करके जानकारी दी है कि वह कभी भी आधार अपडेट करने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप के जरिए डॉक्यूमेंट्स नहीं मांगता है । ऐसे में आधार अपडेट करने के लिए हमेशा My Aadhaar Portal का इस्तेमाल करें । वहीं ऑफलाइन सुविधा का लाभ उठाने के लिए करीबी आधार सेंटर पर विजिट करें ।
गौरतलब है कि यूआईडीएआई ने पिछले कुछ वक्त से मुहिम चला रखी है जिसमें उसने 10 साल से अधिक पुराने आधार को अपडेट करने के लिए कहा है । यूआईडीएआ का कहना है जिन लोगों के आधार 10 साल से अधिक पुराना है वह अपने डेमोग्राफिक डिटेल्स जैसे प्रूफ ऑफ आइडेंटिटी और प्रूफ ऑफ एड्रेस के दस्तावेज को आधार में अपडेट कर दें । इसके लिए यूआईडीएआई निशुल्क आधार अपडेट करने की सुविधा भी दे रहा है । पहले यह फ्री सेवा 14 जून 2023 तक उपलब्ध थी जिसे अब बढ़ाकर 14 सितंबर 2023 तक के लिए कर दिया गया है ।
पुणे के इस अस्पताल में ट्रांसजेंडर के लिए बना अलग वार्ड
पुणे । पुणे के ससून जनरल अस्पताल ने ट्रांसजेंडर के लिए एक समर्पित वार्ड शुरू किया है । वार्ड में 24 सामान्य बेड और दो आईसीयू बेड होंगे । इससे ट्रांसजेंडर के लिए सरकारी अस्पताल में उपचार प्राप्त करना सहज हो जायेगा । एक अधिकारी ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य अक्सर अन्य रोगियों से भेदभाव का सामना करते हैं और यह वार्ड उनके लिए चिकित्सा प्राप्त करने को आसान बना देगा ।
ट्रांसजेंडर वार्ड को नए 11-मंजिला इमारत में शुरू किया गया है । प्रारंभ में, 8 बेड के लिए व्यवस्था की गई है जो बाद में बढ़ाई जायेगी । बता दें कि 15 जनवरी, 2022 को ट्रांसजेंडर के लिए काम करने वाले संगठनों ने ससून अस्पताल के डीन डॉ. विनायक काले से इसकी मांग रखी थी । उन्होंने उस समय जल्द ही इस तरह की सुविधा का वादा किया था ।
इससे पहले ट्रांसजेंडर के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था मुंबई के जेजे अस्पताल में की गई थी । अब, ट्रांसजेंडर्स को ससून जनरल अस्पताल में भी समर्पित उपचार प्राप्त होगा । वार्ड में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए एक अलग शौचालय है. परीक्षा और उपचार के लिए भी एक अलग कमरा बनाने की योजना है ।
बीजे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ संजीव ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों को ट्रांसजेंडर के रोगियों के साथ सम्मान जनक व्यवहार करने के लिए कहा गया है । उन्होंने कहा कि अस्पताल में ट्रांसजेंडर मरीजों को वो सभी सुविधाएं मिलेंगी जिसको सामान्य मरीजों को मिलती हैं ।
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को बच्चों के घर से निकालने का अधिकार नहीं देता : इलाहाबाद हाईकोर्ट
लखनऊ । इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फैसले में कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 माता-पिता को बच्चों को घर से बाहर निकालने का अधिकार नहीं देता है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कानून के तहत गठित अधिकरण माता-पिता की अर्जी पर संतान को माता-पिता के उचित भरण-पोषण का निर्देश दे सकता है लेकिन वह संतान को घर से बाहर निकालने का आदेश पारित नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि अधिनियम की मंशा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उचित भरण-पोषण और उनका कल्याण सुनिश्चित करना है।
अदालत ने कहा कि दीवानी प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत तय होने वाले कानूनी अधिकारों के बाबत इस अधिनियम के तहत आदेश पारित नहीं किये जा सकते हैं। न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने कृष्ण कुमार की ओर से दाखिल रिट याचिका का निपटारा करते हुए उक्त आदेश पारित किया ।
दरअसल याची अपनी अर्जी में कहा था कि उसने अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध दूसरी जाति की लड़की से विवाह कर लिया जिसके कारण वे खफा हो गये और अब उन्होंने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 के तहत अधिकरण में अर्जी देकर उसे घर से बेदखल करने का आदेश देने का अनुरोध किया है।
अधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने आठ जुलाई, 2019 को आदेश दिया कि याची घर के जिस कमरे में रहता है और जिस दुकान का उपयोग करता है उसके अलावा वह घर के अन्य किसी हिस्से में माता-पिता के अधिकार में दखल नहीं देगा।
याची के माता-पिता एसडीएम के उक्त आदेश से सहमत नहीं हुए और उन्होंने एसडीएम के आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी, सुल्तानुपर के यहां अपील दाखिल कर दी जिस पर जिलाधिकारी ने 22 नवंबर, 2019 को एसडीएम के आदेश को रद करते हुए याची को अपने माता-पिता का मकान एवं दुकान खाली करने का आदेश जारी कर दिया और कहा कि यदि डेढ़ महीने में याची ऐसा नहीं करता तो पुलिस की मदद से उससे जगह खाली करवा ली जाएगी। इस आदेश को याची ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी ।
कानूनी शब्दकोष से बाहर हो जाएंगे लेडीलाइक, बिन ब्याही मां, वेश्या जैसे शब्द
सीजेआई ने जारी की महिलाओं के प्रति शब्दावली निर्देशिका हैंडबुक
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड होगी हैंडबुक
नयी दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने लैंगिक रूढ़िवादिता से निपटने के लिए हैंडबुक जारी किया है। इसके साथ ही जरूरी न्यायिक शर्तों के लिए नए वैकल्पिक शब्द भी सुझाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एडल्ट्रेस, अफेयर, लेडीलाइक, मिस्ट्रेस, मैरिएजेबल एज जैसे शब्दों का प्रयोग न करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की तरफ से जारी किया गया हैंडबुक जजों और वकीलों दोनों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसमें अनुचित लैंगिक शब्दों की शब्दावली के साथ वैकल्पिक शब्द और वाक्यांश भी सुझाए गए हैं। इसका प्रयोग कोर्ट में दलीलों, आदेशों और फैसलों में किया जा सकता है। यह हैंडबुक यौन रूढ़िवादिता की व्याख्या करता है और रूढ़िवादिता को बढ़ावा देने वाली भाषा की पहचान करके वैकल्पिक शब्द भी सुझाता है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हैंडबुक महिलाओं के बारे में आम धारणाओं की पहचान करता है। इनमें से कई का प्रयोग पहले भी कोर्ट द्वारा किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि वे कैसे गलत हैं और कानून के प्रयोग को किस तरह से विकृत करते हैं। सीजेआई ने कहा कि हैंडबुक का विमोचन पिछले फैसलों की आलोचना के लिए नहीं बल्कि अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने के लिए किया गया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह हैंडबुक जल्द ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी जाएगी। इसके साथ ही वीडियो ट्यूटोरिय के साथ ई-फाइलिंग पर यूजर मैनुअल भी होगा। इस हैंडबुक में जजों के लिए यह सुझाव है कि प्रोवोकेटिव क्लातथिंग की जगह क्लाथिंग शब्द का प्रयोग हो। अनवेड मदर की जगह सिर्फ मदर शब्द का प्रयोग, स्पिंस्टर की जगह अनमैरिड वुमन शब्द का प्रयोग होना चाहिए।
“इटरनल साउंड्स का देशभक्ति गीतों वाला अल्बम “ये देश” जारी
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया गया लॉन्च
कोलकाता । क्वालिटी म्यूजिक की एक नई विरासत को बनाने के लिए इटरनल साउंड्स का गठन किया गया है! स्वतंत्रता के 77वें वर्ष के शुभ मौके पर इटरनल साउंड्स अपने म्यूजिक प्रेमियों के लिए भावपूर्ण और प्रेरणादायक धुनों पीआर बने गीत लेकर आया है, जो राष्ट्र- भारत को समर्पित शहीदों के लिए एक श्रद्धांजलि है! स्वतंत्रता दिवस का जश्न सिर्फ हमारे राष्ट्रीय गौरव और हमारी विरासत का जश्न नहीं है, बल्कि यह एक शुभ अवसर भी है, जो 1.4 बिलियन भारतीयों के हमारे सर्वोत्कृष्ट मूल्यों और आकांक्षाओं के लिए – “विश्वगुरु” के रूप में हमारी नवीनीकृत प्रतिबद्धताओं का आह्वान करता है – जिनकी अद्वितीय विविधता को “ये देश”! की प्रस्तुति के जरिए जश्न मनाने की कोशिश की गई है!
इस अवसर पर, उस्ताद बिक्रम घोष ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर इटरनल साउंड्स हमारी यह कंपनी, जिसमें गौरांग जालान, उत्सव पारेख, मयंक जालान और मैं बिक्रम घोष शामिल हैं। हमने इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘ये देश’ नामक एक भव्य और विचारोत्तेजक गीत जारी किया है। ‘ ये देश’ जो मेरे द्वारा रचित है, हमारे देश के कुछ बेहतरीन सेलिब्रिटी गायकों जिनमे महान हरिहरन, शान, ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, कविता सेठ ने इस ट्रैक पर अपने सुरों को शब्दों में पिरोया है। उनके साथ हमारे देश की कुछ बेहतरीन युवा प्रतिभाओं, इंडियन आइडल के विभिन्न सीज़न में भाग लेने वाले गायकों के अलावा हमारे देश के कुछ महान वाद्य यंत्रवादियों जिनमे पंडित विश्वमोहन भट्ट, राजेश वैद्य, पूर्बयन चटर्जी और मैंने भी इसमें संगीत की धुनों को बिखेरा है। इस गाने को खूबसूरत वीडियो से सजाने वाले बहुत ही महत्वपूर्ण लोगों में से एक इंद्रजीत नट्टोजी हैं, जिन्होंने पेंटिंग एनीमेशन की तकनीक का उपयोग करके एक अद्भुत, बहुत सुंदर और रंगीन वीडियो बनाया है। हमें उम्मीद है कि पूरा देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय हमारे नए और अत्याधुनिक गाने को पसंद करेंगे।”
गीत उस्ताद बिक्रम घोष द्वारा रचित एवम स्पंदित और भावना प्रधान हैं । गायकों में प्रमुख हैं, हरिहरन, शान, ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, कविता सेठ, ऋषि सिंह, चिराग कोटवाल, बिदीप्त चक्रवर्ती, सेनजुति दास, मोहम्मद फ़ैज़ और देबोस्मिता रॉय शामिल हैं। साज में प्रमुख, वैश्विक नेता मोहन भट्ट (मोहन वीणा), रोनू मजूमदार (बांसुरी), पूर्बयन चटर्जी (सितार), राजेश वैध्य (वीणा), बिक्रम घोष (तबला और तालवाद्य)। इटरनल साउंड्स के पीछे प्रमुख करता-धर्ता में उत्सव पारेख (फाइनेंशियल मार्केट्स गुरु), मयंक जालान (उद्योगपति, केवेंटर एग्रो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक),गौरांग जालान (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और फिल्म निर्माता और उद्यमी) और बिक्रम घोष (संगीत उस्ताद) की भूमिका प्रमुख हैं।
भवानीपुर 75 पल्ली में खूंटी पूजा के साथ दुर्गापूजा की तैयारियां आरम्भ
भवानीपुर 75 पल्ली ने रविवार को खूंटी पूजा के साथ दुर्गापूजा के तैयारियों की शुरुआत की। 1/1सी, देबेंद्र घोष रोड, भवानीपुर, नेताजी भवन मेट्रो स्टेशन के पास स्थित भवानीपुर 75 पल्ली का मंडप अपनी अभिनव थीम और आकर्षक उत्सव शैली के लिए शहर की आकर्षक पूजाओं में से एक है। यह पूजा विशेष रूप से अपने पंडालों की अनूठी शैली और समिति द्वारा पूरे वर्ष किए जाने वाले सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है। खूंटी पूजा के बाद आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में बांग्ला फिल्म “ओह लवली” की टीम प्रचार के लिए पहुँची । मदन मित्रा (विधायक), श्री कार्तिक बनर्जी (सामाजिक कार्यकर्ता), श्रीमती पापिया सिंह (पार्षद), श्री संदीप रंजन बख्शी, (पार्षद) श्री आशिम बसु (पार्षद) श्री सयान देब चटर्जी (पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस के राज्य सचिव), श्रीमती काजरी बनर्जी (पार्षद), श्री हरनाथ चक्रवर्ती (निदेशक), श्री बब्लू सिंह (कार्यकारी अध्यक्ष, भवानीपुर 75 पल्ली और सामाजिक कार्यकर्ता) के साथ कई अतिथि उपस्थित थे ।
आयात एवं निर्यात के बीच सन्तुलन आवश्यक – सुरेश प्रभु
दूसरा एमसीसीआई इकोनॉमिस्ट फोरम सम्पन्न
कोलकाता । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के चांसलर सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में इकोनॉमिस्ट्स फोरम के दूसरे संस्करण का आयोजन किया । फोरम के अध्यक्ष सुरेश प्रभु ने कहा कि देश सिर्फ निर्यात करे और आयात न हो, व्यापार संतुलन में कमी होने पर भी यह संभव नहीं है। अच्छा निर्यात काफी हद तक किये गये आयात की गुणवत्ता पर निर्भर करता था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के अध्यक्ष रथेंद्र रमन ने कहा कि बंदरगाह व्यापार करने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है जिससे 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात की सुविधा मिल सकती है। यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ, अश्विनी कुमार ने कहा कि बैंक ने एक नोडल एजेंसी के रूप में ईरान के 8 बैंकों और रूस के तीन बैंकों में वोस्ट्रो खाते खोले हैं। यूको बैंक उन सभी को सुविधा देने के लिए उत्सुक था जो रूस के साथ व्यापार करना चाहते थे। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ सुमंत चौधरी, समुद्री अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी केंद्र के प्रमुख शुभमय भट्टाचार्य शामिल थे और संबंधित फेलो, आरआईएस जॉयदेब चटर्जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य वित्तीय अधिकारी, पैकेजिंग फिल्म्स, लैमिनेटेड और कोटेड फैब्रिक बिजनेस, एसआरएफ लिमिटेड और बंधन बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सिद्धार्थ सान्याल ने विचार रखे । पैनल ने 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात हासिल करने पर चर्चा की। एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया ने कहा, जब तक देश में मुद्रास्फीति का दबाव मौजूद था, प्रतिस्पर्धी विनिर्माण मुश्किल था। इकोनॉमिस्ट्स फोरम के संयोजक ऋषभ सी. कोठारी ने कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं को मंदी से बाहर निकालने के लिए सात साल बहुत लंबा समय नहीं है और न ही बहुत कम समय है। कोठारी ने कहा कि भारत को अप-साइकिल का अवसर मिल सकता है, जिससे व्यापार वृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है।
सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में कॅरियर प्रदर्शनी
कोलकाता । सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में दूसरी बार कॅरियर फेयर आयोजित किया गया । ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा की छात्राओं के लिए आयोजित इस कॅरियर प्रदर्शनी में अशोक यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, कलकत्ता बिजनेस स्कूल, जेडीबीआई, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रेथक्लाइड, विशिलंग वुड्स इंटरनेशनल, वॉक्सेन यूनिवर्सिटी, सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी एवं क्रिया यूनिवर्सिटी ने इस कॅरियर प्रदर्शनी में भाग लिया । हाई स्कूल मॉम्स के संस्थापक ने छात्राओं को कॅरियर से जुड़े टिप्स दिये । महानगर के प्रतिष्ठित स्कूलों, बिड़ला हाई स्कूल, एपीजे स्कूल, अभिनव भारती एवं साउथ प्वाइंट स्कूल ने इस प्रदर्शनी में भाग लिया ।
हावड़ा में एमसीसीआई की कार्यशाला एवं हेल्प डेस्क
हावड़ा । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने एमसीकेवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के सहयोग से गत 18 अगस्त को एमसीकेवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, हावड़ा में एमएसएमई कार्यशाला एवं हेल्प डेस्क आयोजित किया । सत्र में उद्योगपतियों, व्यापारियों, एमएसएमई बिरादरी और हावड़ा की अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया और एमसीकेवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष किशन कुमार केजरीवाल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए । हावड़ा की जिला मजिस्ट्रेट मुक्ता आर्य, रीना चक्रवर्ती, सहायक। निदेशक (ई.आई.), एमएसएमई डीएफओ कोलकाता, एमएसएमई मंत्रालय, सरकार। भारत के एमएसएमई कार्यशाला में अतिथि के रूप में उपस्थित थे । डीएम ने राज्य सरकार की नयी पहल शिल्पेर समाधाने की जानकारी दी और उद्योग जगत एवं सरकार के बीच आपसी सहयोग पर जोर दिया । रीना चक्रवर्ती, सहायक। निदेशक (ई.आई.), एमएसएमई डीएफओ कोलकाता, एमएसएमई मंत्रालय, सरकार। भारत सरकार ने एमएसएमई-डीएफओ, सरकार द्वारा की गई पहलों के बारे में बात की। भारत की। उन्होंने उद्यम पंजीकरण, जीईएम पंजीकरण, समाधान पोर्टल और सरकार की अन्य पहलों के महत्व के बारे में उल्लेख किया। भारत की। एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में एमएसएमई में तेजी से वृद्धि हुई । उन्होंने कहा कि राज्य भर में व्यापार बिरादरी से जुड़ने के साथ-साथ समावेशी विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए पश्चिम बंगाल के जिलों और टियर II और टियर III शहरों में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मई 2011 से अप्रैल 2021 तक लगभग 13,997 औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। 5,988 करोड़. अनुमानित निवेश लगभग 1,36,114 लोगों को रोजगार प्रदान करता है। एमसीकेवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन किशन कुमार केजरीवाल ने कहा कि एमसीकेवी ग्रुप हावड़ा जिले के विकास और जिले के खोए हुए गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान हावड़ा में फाउंड्री, इंजीनियरिंग, कपड़ा, खाद्य उद्योग और अन्य क्षेत्रों के विकास में एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। एमसीसीआई की एमएसएमई काउंसिल के कोषाध्यक्ष एवं चेयरमैन संजीव कुमार कोठारी ने हेल्प डेस्क के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । एमएसएमई कार्यशाला का समापन एमएसएमई परिषद, एमसीसीआई के सह अध्यक्ष, अखिल सोंथालिया द्वारा प्रस्तावित हार्दिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। सत्र के बाद एमसीसीआई एमएसएमई हेल्प डेस्क, निम्नलिखित मेंटर पैनल के साथ एक-पर-एक परामर्श सत्र आयोजित किया गया ।




