गंगा, ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख नदियों पर पड़ेगा जलवायु परिवर्तन का गहरा प्रभाव
“ड्रेंच इन लक्जरी” थीम पर फायरफ्लाइज की 14वीं प्रदर्शनी
कोलकाता । कोलकाता की अग्रणी फैशन और लाइफस्टाइल इवेंट फायरफ्लाइज की ओर से कोलकाता के ताज बंगाल में 14वां सफल संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “ड्रेंच इन लक्ज़री” थीम पर आधारित इस एक दिवसीय प्रदर्शनी में उत्पादों की चमकदार श्रृंखला प्रदर्शित की गई। फायरफ्लाइज का आयोजन प्रीति अग्रवाल, स्नेहा तापड़िया, सलोनी भालोटिया और शिल्पी गोयल द्वारा किया गया था। विविध पृष्ठभूमि वाली यह टीम, अत्याधुनिक फैशन और जीवन शैली में रचनात्मकता और पूर्णता के लिए अपने जुनून से एकजुट है। इस भव्य प्रदर्शनी में समाज के विभिन्न क्षेत्र से जुड़े मशहूर हस्तियां, जिनमे तनुश्री चक्रवर्ती, शाहेब भट्टाचार्य, ऋचा शर्मा, मुमताज सरकार, मौबानी सरकार, मल्लिका बनर्जी, सायंतनी गुहा ठाकुरता, श्रेया पांडेय, फलाक रशीद रॉय, सुभमिता बनर्जी, रीता भिमानी, सुदर्शन चक्रवर्ती, सोनल रवि श्रीवास्तव, पॉलोमी पोलो दास, जेसिका गोम्स इनमे शामिल हुए।
फायरफ्लाइज की ओर से हर तरह के ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर उनके लिए वन-स्टॉप शॉप की पेशकश की गई है। जिसमें 65 से अधिक क्यूरेटेड स्टॉल शामिल थे । प्रसिद्ध डिज़ाइनर लेबल और उभरती प्रतिभाओं से लेकर होमवेयर और वेलनेस हेवन तक इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका अदा की। यह आयोजन वर्तमान रुझानों पर केंद्रित है। यह एक ही छत के नीचे विशिष्ट उत्पादों की विविध श्रृंखला को पेश करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।
फायरफ्लाइज की क्यूरेटर प्रीति अग्रवाल और स्नेहा तापड़िया ने कहा कि हमारे लिए फैशन पैशन ही फैशन है, क्योंकि फैशन में बहुत जुनून होता है। हमारा लक्ष्य फैशन और जीवन शैली की दुनिया में एक जगह बनाना है। इस अवसर पर, फायरफ्लाइज़ की क्यूरेटर सलोनी भालोटिया और शिल्पी गोयल ने कहा, फायरफ्लाइज में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री, जटिल डिजाइन और विशिष्टता की भावना पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हमने विलासिता और शांति का माहौल बनाने के लिए नीले और हरे रंग के ठंडे, पानी वाले रंगों का उपयोग किया है। प्रदर्शनी में सीमित-संस्करण संग्रह, डिजाइनर सहयोग और शानदार जीवनशैली उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं, जो लोगों को बेहद पसंद आते हैं। इस कार्यक्रम ने न केवल व्यवसायियों और उद्यमियों के लिए एक इंटरैक्टिव मंच प्रदान किया, बल्कि डिजाइनरों को अपने लेटेस्ट संग्रह प्रदर्शित करने का मौका भी दिया। उपभोक्ताओं के लिए सात्विका, मेधाविनी खेतान, ओहास, हाउस ऑफ जियानी, हाउस ऑफ गैंगेज, रेवेलरी, यूमा, अवामा ज्वैलर्स, ऑफ द हुक, रुतुजा थॉमस, जुइली, हर्षिता सुल्तानिया, प्रशांत चौहान, हाउस ऑफ प्रीति मेहता, सुमन थर्ड, अंशिका जैन, विर्राया, नोना सरना, स्टाइल एडिक्ट, बिनीता तन्ना, शी शू, टैड, जस्ट बिली, रुचिका मलिका प्रेट, लंदन होम्स और भी अन्य ब्रांड की डिजाइन ‘ड्रेंच इन लक्ज़री” थीम वाली फायरफ्लीज़ प्रदर्शनी की शानदार उपलब्धि रही। इस प्रदर्शनी ने यहां उपस्थित लोगों को और अधिक डिजाइन के उपहार पाने के लिए और भी उत्सुक कर दिया है।
भवानीपुर कॉलेज ने आयोजित किया विदेश में शिक्षा के लिए परामर्श सत्र
कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक परामर्श सत्र का आयोजन किया जिसमें ग्लोबल रीच संस्था ने विद्यार्थियों को अपने सुझाव दिए। विशेष रूप से स्नातक छात्र छात्राओं की बढ़ती संख्या विदेशी शिक्षा के लिए अत्यधिक रुचि ले रही है। ग्लोबल रीच, एक संस्था है जो 32 वर्षों से अधिक समय से विदेशों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है, छात्रों को विदेश में पढ़ाई की उनकी प्रारंभिक यात्रा में मार्गदर्शन करने के लिए अपने परामर्श प्रदान कर रही है। ग्लोबल रीच की कोलकाता शाखा के तीन परामर्शदाताओं ने इच्छुक छात्र छात्राओं के व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर दिए।
14 मार्च को, सत्र दोपहर 12:00 बजे सोसाइटी हॉल में शुरू हुआ, जिसमें 30 से अधिक जिज्ञासु छात्र अपने शोध में और अधिक जानकारी के ली। परामर्शदाता सुश्री अरुणिमा भट्टाचार्य एमएस ने कहा कि उनकी संस्था दुबई, सिंगापुर, कनाडा, अमेरिका, माल्टा, जर्मनी आदि देशों में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दाखिला लेने के लिए परामर्श देती है और अन्य देशों के लिए स्टेफ़नी चौधरी; ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के लिए सुश्री शेरिल बिस्वास जिन्होंने अपने निर्धारित देशों पर वक्तव्य दिया और उनसे संबंधित प्रश्नों का उत्तर भी दिया। खुला मंच सत्र एक प्रश्नोत्तरी दौर के साथ शुरू हुआ जिसमें सुश्री भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों से अन्य देशों के बारे में उनके सामान्य ज्ञान के आधार पर 4 प्रश्न पूछे। सही उत्तर देने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रश्नोत्तरी दौर के बाद, परामर्शदाताओं ने उनके सपनों, लक्ष्यों और उन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछताछ करना शुरू किया।
छात्र छात्राओं के लिए आलोचनात्मक मूल्यांकन के लिए खुले सत्रों में परामर्श लिए। परामर्श सत्र की शुरुआत छात्रों द्वारा उन अलग-अलग देशों और परामर्शदाताओं के डेस्क से संपर्क करने के साथ हुई, जिनसे वे जानकारी प्राप्त करना चाहते थे। परामर्श सत्र में, सलाहकारों ने छात्रों को किस देश को चुनना है, किस वित्तीय तैयारी की आवश्यकता है, कौन से पाठ्यक्रमों का चयन करना है, और यह भी कि कौन सा संभावित रहने का स्थान सबसे उपयुक्त होगा, जैसे क्षेत्रों पर मार्गदर्शन किया।
परामर्श सत्र दोपहर 1:30 बजे तक चला जहां सभी छात्रों को विदेश में अध्ययन करने की उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे समाप्त हुआ और स्नातक छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए सही दिशा दिखाने में सफल होने की पुष्टि की गई।रिपोर्ट अनिकेत दासगुप्ता और फोटोग्राफी की निश्चय आलोकित लाकड़ा ने। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
भवानीपुर कॉलेज में साइबर अपराध पर सेमिनार
खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज की ओर से नेशनल लाइब्रेरी में शैक्षणिक भ्रमण
कोलकाता। खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा शैक्षिक भ्रमण के तहत अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेशनल लाइब्रेरी का भ्रमण किया गया। विभाग के विद्यार्थी वहाँ उतनी अधिक संख्या में किताबों को देखकर आह्लादित हुए। इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शुभ्रा उपाध्याय ने कहा कि आज फेसबुक,व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम के चक्कर में विद्यार्थी पुस्तक से दूर हो रहे हैं। ऐसे में हम शिक्षकों को दायित्व और बढ़ जाता है कि छात्र-छात्राओं को पुस्तकों से जोड़ें। उन्हें पुस्तकों के महत्व के बारे में बताएं। यही सोचकर आज हिंदी विभाग द्वारा विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण के लिए नेशनल लाइब्रेरी ले जाया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने कहा कि आज पुस्तक संस्कृति को बचाने की जरूरत है।बच्चों में पुस्तकों और पुस्तकालयों के प्रति रूचि कम होती जा रही है। एक रिसर्च में पाया गया है कि सोशल साइट्स पर अधिक समय बिताने की वजह से विद्यार्थियों में धैर्य की कमी हो रही है। धैर्य की कमी की वजह से बच्चों में किताब पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है। बच्चों को किताबों से जोड़ने के लिए ही इस शैक्षणिक भ्रमण के आयोजन किया गया। राहुल गौड़ ने कहा कि शिक्षण का संबंध भ्रमण से भी है। इस तरह के भ्रमण से बच्चों में किताबों को लेकर उत्सुकता पैदा होती है। बच्चों के साथ-साथ हमें भी यहाँ आकर काफी आनंद आ रहा है। निश्चित रूप से इस भ्रमण से बच्चों में पठन-पाठन को लेकर यह बेहतर माहौल निर्मित होगा और सोशल मीडिया के दौर में बच्चें किताबों से जुड़ेंगे।पुनिता प्रसाद ने कहा भ्रमण से शिक्षण का तरीका व्यावहारिक होने के साथ आनंददायक भी है। इस अवसर पर विभाग के एल्मुनी सदस्य के तौर पर सीमा प्रजापति, प्रीति साव, रोहित गुप्ता, अभिनय कुमार प्रसाद उपस्थित थे।
पाठक की पाती
पिता सुप्रीम कोर्ट में रसोइया, बेटी को मिल रही है विदेश से छात्रवृत्ति
छात्रवृत्ति देने को तैयार अमेरिका की दो यूनिवर्सिटी
सीजेआई भी हुए मुरीद
नयी दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट में एक रसोइया का काम करने वाले व्यक्ति की बेटी ने तमाम मुश्किलों को झेलते हुए विदेश में अपनी काबलियत का लोहा मनवाया है। यही वजह है कि उसे स्कॉलरशिप देने के लिये आज अमेरिका के दो विश्वविद्यालयों के बीच होड़ लगी है।
25 साल की प्रज्ञा कानून की पढ़ाई करती है। प्रज्ञा के पिता सुप्रीम कोर्ट में रसोइया का काम करते हैं और मां घर चलाती है। प्रज्ञा को अमेरिका में एक नहीं दो नामी विश्वविद्यालयों की ओर से छात्रवृत्ति का ऑफर मिला है। प्रज्ञा अब अमेरिका के कैलिफोर्निया या मिशिगन विश्वविद्यालय से कानून में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करेंगी। बुधवार को विधि शोधकर्ता प्रज्ञा को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और शीर्ष अदालत के अन्य जजों ने सम्मानित किया।
बुधवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और बाकी न्यायाधीश लाउंज में इकट्ठे हुए। यहां प्रज्ञा का अभिनंदन किया गया। सीजेआई चंद्रचूड़ ने प्रज्ञा को भारतीय संविधान पर केंद्रित तीन पुस्तकें उपहार में दीं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीशों के हस्ताक्षर थे। सम्मान पाकर प्रज्ञा ने दोनों हाथ जोड़कर सीजेआई और अन्य जजों का आभार व्यक्त किया।
सीजेआई क्या बोले? – प्रज्ञा को सम्मानित करने के बाद सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, “हम जानते हैं कि प्रज्ञा ने अपने दम पर कुछ हासिल किया है, लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो कुछ भी आवश्यक है, वह उसे प्राप्त करने में सफल हो… हम उम्मीद करते हैं कि वो देश की सेवा के लिए वापस लौटेंगी।”
इसके बाद न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने प्रज्ञा के पिता अजय कुमार सामल और उनकी पत्नी को शॉल भेंट की। दोनों की आंखें गर्व से चमक रही थीं और हाथ कृतज्ञता से जुड़े हुए थे। इस मौके पर 25 वर्षीय वकील प्रज्ञा ने कहा कि चंद्रचूड़ उनके लिए प्रेरणा हैं।
25 साल की इस युवा वकील ने कहा कि ‘न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ उनके लिए प्रेरणा हैं। वह युवा वकीलों को प्रोत्साहित करते हैं और उनके शब्द रत्नों की तरह हैं। वास्तव बड़े सपने देखकर उन्हें पूरा करना इतना आसान नहीं होता। लेकिन प्रज्ञा ने ये कर दिखाया और अब उनके सपनों को पंख लग गए हैं।
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सीएपीएफ कैंटीन के उत्पादों पर मिलेगी 50% जीएसटी छूट
नयी दिल्ली । गृह मंत्रालय ने केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार को लेकर बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने पुलिस कल्याण भंडार से वस्तुओं की खरीद पर लगने वाली जीएसटी (जीएसटी) पर 50% वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। यह केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 11 लाख जवानों के लिए राहत भरी खबर है। इस बाबत गृह मंत्रालय की ओर से कार्यालय ज्ञापन भी जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यह निर्णय 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी होगा। गृह मंत्रालय के इस फैसले से सीएपीएफएस , केन्द्रीय पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस बलों के सेवारत एवं सेवानिवृत कर्मियों एवं उनके परिजनों को लाभ होगा। यह सहायता बजट के माध्यम से देय होगी। गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में रक्षाबलों की कड़ी मेहनत को स्वीकारता और आदर करता है। इसके साथ ही सीएपीएफ के कर्मियों और उनके परिजन के कल्याण को बहुत महत्व देता है।
कैंटीन में सस्ता होगा सामान – केंद्र सरकार के इस फैसले से केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी) या केंद्रीय पुलिस वेलफेयर स्टोर में सामान काफी हद तक सस्ता हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक, अब केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए घरेलू सामान, ग्रॉसरी व कपड़े समेत कई तरह का सामान खरीदना काफी हद तक सस्ता हो जाएगा। यह लाभ सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के जवानों या उनके परिजनों को मिलेगा।
2006 में हुई थी स्थापना – केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार की स्थापना साल 2006 में हुई थी। वर्तमान में 119 मास्टर भंडार और 1700 से अधिक सहायक भंडारों के साथ इसकी मौजूदगी पूरे भारत में है। इनके माध्यम से केन्द्रीय पुलिस कल्याण भंडार पुलिस बलों के कर्मियों को किफायती दरों पर सामान उपलब्ध करा रहे हैं।




