Wednesday, April 1, 2026
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सऊदी में महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत मिली

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सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने मंगलवार को एक शाही फरमान जारी करते हुए महिलाओं को देश में वाहन चलाने की इजाजत दे दी है।

‘न्यूयार्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले ने लंबे समय से चली आ रही उस दीर्घकालिक नीति को उलट दिया है जो अत्यंत रूढ़िवादी देश में महिलाओं के दमन का वैश्विक प्रतीक बन गई थी।

यह निर्णय हालांकि, तत्काल लागू नहीं किया जाएगा क्योंकि देश में महिलाओं के लिए ड्राइविंग सीखने या ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कोई बुनियादी ढांचा नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को महिलाओं के साथ उस तरीके से बातचीत करने के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत होगी जिस तरीके से शायद ही इस समाज में अनजान पुरुषों और महिलाओं के बीच बातचीत होती है।

कई वर्षों से सऊदी मौलवी महिलाओं के ड्राइविंग करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कई कारण गिनाते रहे हैं, जिनमें से एक में दावा किया जाता रहा है कि ड्राइविंग से महिलाओं के अंडाशय को नुकसान पहुंचता है।

इस प्रतिबंध को रद्द करने के लिए विभिन्न अधिकार संगठनों द्वारा लंबे समय तक अभियान चलाया गया, जिस दौरान ड्राइविंग करने को लेकर कई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया।

इस हालिया आदेश से पता चलता है कि सऊदी अपनी छवि सुधारने का किस प्रकार प्रयास कर रहा है जो महिलाओं को सार्वजनिक रूप से गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं देने से खराब हुई थी।

ऐसा माना जा रहा है कि विदेशों में सऊदी अरब की छवि पर होने वाले प्रभावों के अलावा महिलाओं को ड्राइविंग करने देने के पीछे का मकसद सऊदी अर्थव्यवस्था में सुधार करना है, जिसमें महिला चालक मददगार हो सकती हैं।

तेल की कम कीमतों ने सरकारी नौकरियों को सीमित कर दिया है जिस पर कई सऊदी लंबे समय से निर्भर रहे हैं और अब देश महिलाओं सहित ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लाभकारी रोजगार देने की कोशिश कर रहा है।

 

महेंद्र सिंह धोनी की कामयाबी ने दिये इनके सपनों को नये पंख

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रांची  : राम रोशन शरण दसवीं कक्षा के छात्र हैं और रोज स्कूल के बाद तीन घंटा क्रिकेट के मैदान पर पसीना बहाते हैं । इसी तरह बक्सर के रहने वाले हर्ष प्रधान को 2011 विश्व कप देखने के बाद क्रिकेटर बनने की धुन सवार हो गई ।

ये बच्चे हैं रांची के श्यामली स्थित जवाहर विद्या मंदिर के जहां से महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट का ककहरा सीखा था । धोनी ने अपने स्कूल के ऐसे कई बच्चों को सपने देखने का हौसला और उन्हें पूरा करने का जुनून दिया । स्कूल में जगह जगह लगी धोनी की उपलब्धियों की तस्वीरें और कोच केशव रंजन बनर्जी के मार्गदर्शन ने इनके सपनों को नये पर दिये हैं और उसे ताबीर में बदलने के लिये स्कूल के उसी मैदान पर ये घंटो मेहनत करते हैं जहां से धोनी ने अपने सुनहरे सफर की शुरूआत की थी ।

धोनी के गुरू रहे कोच बनर्जी ने बताया ​कि पहले उनके पास सिर्फ बडी क्लास के चुनिंदा बच्चे आते थे लेकिन अब कक्षा छह से ही बच्चे क्रिकेट सीखने लगे हैं । धोनी के इस स्कूल में अब 30 से 35 बच्चे नियमित क्रिकेट का अभ्यास कर रहे हैं ।

दसवीं के छात्र रामरोशन शरण ने भाषा से कहा ,‘‘मैं डेढ साल पहले जेएससीए इंडोर स्टेडियम में माही से मिला था । उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसे ही मेहनत करते रहो तो सपने जरूर पूरे होंगे । मैने उनकी बात गांठ बांध ली और मुझे यकीन है कि एक दिन सफलता जरूर मिलेगी ।’’ धोनी की ही तरह ये विकेटकीपिंग करते हैं और आक्रामक बल्लेबाज भी हैं । वहीं बक्सर के रहने वाले हर्ष को 2011 विश्व कप की टाफी देखने के बाद क्रिकेट खेलने का चस्का लगा ।

उन्होंने कहा ,‘‘ 2011 विश्व कप की टाफी हमारे स्कूल भी आई थी । मैने जब उसे देखा और छुआ तो बडा गर्व महसूस हुआ । मुझे प्रेरणा मिली कि अगर हम भी मेहनत करें तो माही के बाद स्कूल का नाम रोशन कर सकते हैं ।

इस बार धनतेरस में इन धातुओं में करें निवेश

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निवेश की बात होती है तो सोना पहली पसंद होता है खासतौर पर धनतेरस के दौरान। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस सीजन में चांदी की चमक सोने से ज्यादा होगी। अनुमानों के अनुसार, एक साल में गोल्ड की कीमतों में 6 प्रतिशत उछाल आएगा वहीं, सिल्वर के रेट्स में 20 प्रतिशत उछाल आ सकता है।

भारत के लोगों को गोल्ड से कितना प्यार है यह बताने की जरूरत नहीं। इसलिए अधिकतर लोग धनतेरस पर गोल्ड में निवेश करने पर ज्यादा विश्वास करते हैं। सिल्वर पर निवेश करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

फिर भी अगर आपका दिल सोने पर ही आता है तो आपके के पास ये विकल्प हैं। आप फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ETF, गोल्ड सेविंग्स फंड और सॉवरन गोल्ड बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं।

ऐमजॉन पर सोने और चांदी के सिक्कों पर 10 प्रतिशत का डिस्काउंट है। सोने और हीरे की जूलरी पर ऐमजॉन 60 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दे रहा है। पेटीएम पर भी ‘दिवाली गोल्ड सेल’ चल रही है।

बीएसई के बाद एनएसई ने भी यह घोषणा कर दी है कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड्स (ETF) और सॉवरन गोल्ड बॉन्ड धनतेरस के दिन शाम 7 बजे तक टेड्रिंग करते रहेंगे। इसके अलावा एनएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन भी 19 तारीख को 6:30 से 7:30 तक चलेगा।

(साभार – नवभारत टाइम्स)

धनतेरस से ठीक पहले फीकी पड़ी चांदी की चमक, सोना स्थिर

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नई दिल्ली: कमजोर वैश्विक संकेतों और औद्योगिक इकाइयों का उठाव घटने से सोमवार को धनतेरस के ठीक एक दिन पहले दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 100 रुपये टूटकर 41,400 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। वहीं छिटपुट सौदों के बीच सोना 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। कारोबारियों का कहना है कि नकारात्मक वैश्विक रुख के बीच औद्योगिक इकाइयों का उठाव घटने से चांदी में गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में चांदी 0.03 प्रतिशत घटकर 17.40 डॉलर प्रति औंस रह गई। वहीं सोना 0.08 प्रतिशत बढ़कर 1,304.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। राष्ट्रीय राजधानी में चांदी हाजिर 100 रुपये के नुकसान से 41,400 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। साप्ताहिक डिलीवरी चांदी का भाव हालांकि 80 रुपये बढ़कर 40,480 रुपये किलो हो गया।

सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता का भाव क्रमश: 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम तथा 30,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। शनिवार के कारोबार में सोना 50 रुपये चढ़ा था।  गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहा। हालांकि, चांदी सिक्का लिवाल 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर कायम रहा।

देश के चार महानगरों के भाव
देश के चार महानगरों में सोना, चांदी के बंद भाव इस प्रकार रहे: (भाव रुपये में) दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई सोना (प्रति दस ग्राम) 30,850 29,860 30,350 28,500
चांदी (प्रति किलो) 41,400 40,110 40,500 43,500

भारत की सेलेना ने मिस्र में जूनियर एवं कैडेट टेटे में जीते तीन स्वर्ण

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शर्म अल शेख (मिस्त्र ) : भारत की युवा टेबल टेनिस खिलाड़ी सेलेना सेल्वाकुमार ने मिस्र में जूनियर एंड कैडेट टेबल टेनिस ओपन में तीन स्वर्ण पदक जीते।

चेन्नई की इस 17 वर्षीय खिलाड़ी ने एकल और युगल के स्वर्ण पदक के अलावा टीम चैंपियनशिप में भी सोने का तमगा हासिल किया। खास बात यह रही कि सेलेना इस एलीट 2017 आईटीटीएफ विश्व जूनियर सर्किट प्रतियोगिता में अजेय रही।
शीर्ष वरीयता प्राप्त सेलेना को लड़कियों के एकल में स्वर्ण पदक जीतने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। सेमीफाइनल में सेलेना ने मरियम अल्होडेवी को 4-3 (11-9, 11- 8, 10-12, 8-11, 11-8, 5-11, 11-5) से हराया।
इसके बाद फाइनल में सेलेना ने दूसरी वरीय मार्वा अल्होडेडी को 4-3 (11-5, 12-10, 8-11, 6-11, 11-3, 6-11, 11-4) से पराजित करके खिताब जीता।
सेलेना ने नाइजीरिया की इस्टर ओरीबामीस के साथ खेलते हुए युगल खिताब जीता। फाइनल में सेलेना और इस्टर ने मिस्र की फारिदा बाडावे और ग्रीस की मालामातेरिना पापादिमित्रिओयू को 3-2 (11-8, 12-10, 9-11, 8-11, 11-9) से हराया।

सेमीफाइनल में सेलेना और इस्टर ने शानदार खेल दिखाते हुए मिस्र की सारा अबोसेत्ता और ट्यूनिशिया की अबीर हज साराह को 3-2 (11-7, 4-11, 13-11, 9-11, 12-10) से हराया था।

धनतेरस : 50 फीसदी तक कारोबार बढ़ने की उम्मीद

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 पिछले साल हुई नोटबंदी और इस साल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद सुस्त पड़े कारोबार में धनतेरस और दीपावली से रौनक लौट आई है। कार, मोटरसाइकिल से लेकर फर्नीचर, कंज्यूमर ड्यूरेबल, एफएमसीजी, सोना-चांदी तक के विक्रेता धनतेरस में हो रही बिक्री से काफी उत्साहित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार धनतेरस और दिवाली के दौरान बिक्री में 25 से 50 फीसदी तक का इजाफा होना तय है।
सोना-चांदी की खरीद पर जीरो मेकिंग चार्ज
धनतेरस पर पारंपरिक रूप से सोना या चांदी की खरीदारी बड़ी अहम मानी जाती है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी को खास बनाने के लिए ज्वेलर्स ईएमआई पर खरीदारी से लेकर फ्री इंश्योरेंस और जीरो मेकिंग चार्ज जैसे शानदार ऑफर लेकर आए हैं।

नो कॉस्ट ईएमआई पर मिल रही है कार,बाइक
मोटर वाहन बाजार में कार और बाइक की बंपर बुकिंग हो रही है ताकि इसकी डिलीवरी धनतेरस पर ली जा सके। ग्राहकों को रिझाने के लिए कंपनियां और डीलर दोनों ऑफर दे रहे हैं। कहीं वाहन पर छूट मिल रही है तो कहीं कोई सामान उपहार में। नो कॉस्ट या कंशेसनल ब्याज दर पर ईएमआई भी लगभग सभी कंपनियां उपलब्ध करा रही हैं।

कंज्यूमर ड्यूरेबल के दाम नहीं बढ़े

कंज्यूमर ड्यूरेबल उद्योग को भी उम्मीद है कि इस बार धरतेरस और दिवाली में उनकी इतनी बिक्री तो जरूर हो जाएगी, जिससे नोटबंदी और जीएसटी की वजह से हुआ घाटा पट जाएगा। इनका कहना है कि जबसे जीएसटी लागू हुआ है, तब से उनके कच्चे माल की कीमत में पांच से पंद्रह फीसदी का इजाफा हो गया है लेकिन उन्होंने प्रोडक्ट की कीमत नहीं बढ़ाई है ताकि ग्राहक त्योहारों में अधिक से अधिक खरीदारी कर सकें।

एफएमसीजी कंपनियों ने निकाला है विशेष त्योहारी पैक
दिवाली पर होने वाली भारी बिक्री को देखते हुए एफएमसीजी क्षेत्र की लगभग सभी कंपनियों ने विशेष गिफ्ट पैक बाजार में उतारा है। हालांकि इस बार सभी कंपनियों का जोर वैसे उत्पादों का गिफ्ट पैक तैयार करने पर रहा है जो स्वास्थ्य के लिए सेहतमंद हो। डाबर फूड्स के मार्केटिंग हेड मयंक कुमार का कहना है कि अब ग्राहक स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक हो गए हैं। इसलिए कंपनी ने दिवाली गिफ्ट के लिए सेहतमंद उत्पादों को ही उतारने पर जोर दिया है।

कार-बाइक पर विशेष छूट

बीते नवरात्रों की बिक्री से उत्साहित मोटर वाहन बाजार ने धनतेरस के लिए भी पूरी तैयारी की है। कार बनाने वाली सभी बड़ी कंपनियों ने खुद या डीलरों के साथ मिलकर आकर्षक योजना बनाई है। मोटर वाहन एवं अन्य घरेलू सामान फाइनेंस करने वाली अग्रणी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) बजाज फाइनेंस के प्रबंध निदेशक राजीव जैन का कहना है कि उन्होंने कई मोटर वाहन कंपनियों से ही टाई अप किया है और कई जगह डीलर स्तर पर करार हुआ है। इसमें जीरो फाइनेंस से लेकर कई आकर्षक ऑफर हैं।

चांदी के सिक्कों के बजाय मूर्तियों पर जोर
चांदी कारोबारियों का कहना है कि पहले धनतेरस में चांदी के सिक्कों की खरीदारी खूब होती थी। लेकिन इस बार ट्रेंड सिक्कों का नहीं बल्कि मूर्तियों का दिख रहा है। इसलिए ज्वेलरों ने चांदी की मछली, गणेश और लक्ष्मी की प्रतिमा, कुबेर की प्रतिमा तथा लड्डू गोपाल की प्रतिमा की खूब खरीदारी कर ली है।

कुछ कारोबारी हैं आशंकित
कंफेडरेशन आफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल को आशंका है कि इस साल कारोबारियों के लिए फीकी दिवाली रहेगी क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और बाजार में नकदी का अभाव है। इसलिए धनतेरस या दिवाली पर वही सामान खरीदेंगे, जो जरूरी होगा। इसलिए व्यापारियों की बिक्री प्रभावित होगी और करीब 40 फीसदी तक ग्राहकी घट जाएगी।

पारंपरिक ज्वेलर्स के ऑर्डर मिले कम

अर्थव्यवस्था में पहले जैसी तेजी के लक्षण नहीं दिखने से पारंपरिक ज्वैलर्स आशंकित भी हैं। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का कहना है कि उत्तर भारत के सभी शहरों में जेवरातों की आपूर्ति यहीं से होती है। लेकिन इस बार पारंपरिक ज्वेलरों ने कम माल का ऑर्डर दिया था।
उनका कहना है कि पिछले साल धनतेरस पर जितनी बिक्री हुई थी, उसके मुकाबले इस बार 80 फीसदी भी बिक्री हो जाए तो वह खुश हो जाएंगे। हालांकि उनका भी मानना है कि 50 हजार रुपये से ऊपर के गहनों की खरीद पर पैन नंबर देने के झंझट से मुक्ति मिलने से उन्हें राहत मिली है। उनमें मुताबिक इस बार हल्के-फुल्के गहनों की ज्यादा मांग रहेगी।

अनुपम खेर एफटीआईआई के अध्यक्ष नियुक्त

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नयी दिल्ली : अभिनेता अनुपम खेर को भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। खेर ने गजेन्द्र चौहान का स्थान लिया है। गजेन्द्र की एफटीआईआई के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति पर काफी विवाद हुआ था। उनका कार्यकाल मार्च में समाप्त हो गया था।

उन्होंने बताया कि खेर की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।  अनुपम खेर ने अपना पद संभालने के तुरंत बाद एफटीआईआई के छात्रों के साथ मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याएं भी सुनी।  उन्होंने छात्रों को पहले ही दिन एक्टिंग से जुड़े टिप्स दिए। इस दौरान उनके साथ छात्रों का रवैय्या बेहद सकारात्मक रहा।

जानिए धनतेरस के महत्व और पूजा के मुहूर्त का समय

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धनतेरस से हिंदू लोग दिवाली के बेहद लोकप्रिय त्योहार की शुरूआत करते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार दिवाली की शुरुआत के रूप में चिह्नित होने के अलावा, धनतेरस कार्तिक महीने का तेरहवें दिन भी होता है। धनतेरस देश भर में हिंदू परिवारों और दुनिया के लिए एक शुभ अवसर होता है।

‘धनतेरस’ शब्द को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है। हिंदी में धन का अर्थ होता है धन और शब्द ‘तेरा’ का अर्थ है तेरह। इस प्रकार धनतेरस के दिन, हिन्दू देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं, जो धन की देवी हैं। धनतेरस से हिंदू  दिवाली के बेहद लोकप्रिय त्योहार की शुरूआत करते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार दिवाली की शुरुआत के रूप में चिह्नित होने के अलावा, धनतेरस कार्तिक महीने का तेरहवें दिन भी होता है। धनतेरस देश भर में हिंदू परिवारों और दुनिया के लिए एक शुभ अवसर होता है।

 धनतेरस हिंदु परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि धनतेरस के शुभ दिन पर लोग नए बर्तन, सोना/चांदी खरीदना शुभ मनाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यह कहा जाता है कि देवी लक्ष्मी खुश होकर परिवारों पर धन की वर्षा करती हैं।

वास्तव में, धनतेरस पर पूजा न केवल देवी लक्ष्मी के लिए की जाती है बल्कि कुबेर के लिए भी यह पूजा की जाती है, जो धन के देवता हैं। धनतेरस पर कई परिवारों में देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर दोनों की पूजा की जाती है, क्योंकि यह भगवान से मांगी प्रार्थनाओं के लाभ को दोगुना कर देता है।
आइए जानते हैं धनतेरह पर क्‍या है पूजा का मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा का समय – 19:32 अपराह्न से 20:18 बजे तक।
प्रदोष काल –17:49 बजे से 20:18 अपराह्न।
वृषभ काल – 19:32 अपराह्न से 21:33 बजे तक।
17 अक्‍टूबर, 2017 को त्रयोदशी तिथि सुबह 12 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी।
18 अक्‍टूबर, 2017 को त्रयोदशी तिथि सुबह 8 बजे समाप्‍त होगी।
सूर्योदय के बाद शुरू होने वाले प्रदोषकाल के दौरान लक्ष्मी पूजा की जानी चाहिए।

कैंसर पीड़ित हिन्दू के लिए धन जुटा रहे हैं मुस्लिम

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एक तरफ हमें रोज सुबह से उठने से लेकर शाम को सोने तक जातीय और धार्मिक हिंसा की खबरें सुनने को मिलती हैं वहीं बंगाल के खड़गपुर में मुस्लिमों ने मुहर्रम जुलूस के लिए इकट्ठे किए गए पैसों को एक कैंसर मरीज को दान कर कर मानवता की मिसाल पेश की है। खास बात यह है कि वह मरीज भी मुस्लिम नहीं बल्कि हिंदू था। वैसे तो लाचार, असहाय और गरीबों का कोई धर्म नहीं होता है। लेकिन आज भी हमारा समाज धार्मिक और जातीय अस्मिता को लेकर इतना कट्टर है कि हर एक इंसान को जाति और धर्म से जोड़कर ही देखता है। बंगाल में हर साल भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन होता है। दुर्गा पूजा के कुछ दिन बाद ही मुहर्रम का जुलूस निकलता है और मातम भी मनाया जाता है।

पश्चिम बंगाल में तो आए दिन राजनीतिक दलों द्वारा आपस में लड़ने की खबरें आती हैं। इसके साथ ही वे धर्म का सहारा लेकर एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का काम करते हैं। लेकिन खड़गपुर के मुस्लिमों ने जो काम किया है उससे हमारे देश के राजनेताओं को काफी कुछ सीखने की जरूरत है। खड़गपुर के पुरातन बाजार में हर साल मुहर्रम के मौके पर मातम मनाया जाता है और धार्मिक जुलूस भी निकलता है। इसके लिए लोगों से चंदा भी वसूला जाता है। लेकिन इस बार ऐसा जुलूस नहीं निकला। वजह थी बाजार में मोबाइल की दुकान चलाने वाले अबीर भूनिया (35) की बीमारी। अबीर लिम्फोमा से पीड़ित हैं। यह एक प्रकार का कैंसर होता है जो पाचन प्रणाली को ध्वस्त कर देता है।

भूनिया इस समय दक्षिणी कोलकाता में सरोज गुप्ता कैंसर रिसर्च सेंटर में भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं। वक्त-वक्त पर उन्हें कीमोथेरेपी भी दी जाती है जिसमें काफी खर्च आता है। उन्हें बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए 12 लाख रुपयों की जरूरत है। समाज संघ के सचिव अमजद खान ने बताया, ‘मुहर्रम का जुलूस तो हर साल निकलता है, लेकिन इस वक्त अबीर की जिंदगी बचाना सबसे जरूरी काम है।’ समाज संघ क्लब ने अबीर के लिए 50,000 रुपये इकट्ठे कर रहे हैं। साजिद ने बताया कि उन्होंने अबीर के इलाज के लिए पैसे भी इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार के दिन नमाज के बाद उन्होंने मस्जिद के इमाम से ऐलान भी करवाया कि अबीर के इलाज के लिए पैसे दान किया जाए।

साजिद ने बताया कि जितना पैसा जुलूस के लिए इकट्ठा होता है उससे कहीं अधिक पैसा अबीर के लिए इकट्ठा करेंगे। अबीर ने भी समाज संघ के लोगों की पहल की तारीफ की है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मैं ठीक होऊंगा या नहीं लेकिन मेरी खातिर इन लोगों ने जो प्रयास किया है वह मेरे दिल को छू गया।’ अबीर की दादी और उनके माता पिता का पिछले साल ही देहांत हो गया था। अब वह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी एक बच्चे को जन्म देने वाली हैं। पिछले कुछ दिनों से पूरे राज्य में अशांति का माहौल था। क्योंकि प्रदेश सरकार ने दुर्गा पूजा विसर्जन को विजयदशमी के मौके पर आयोजित न करने का आदेश जारी किया था। सरकार का मानना था कि मुहर्रम और विजयशमी के आस-पास पड़ने की वजह से हिंसा और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि कोलकाता हाईकोर्ट ने सरकार के इस आदेश को रद्द कर दिया था।

 

वायुसेना की पहली तीन महिला पायलट उड़ाएंगी मिग 21 बाइसन्स

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भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला युद्धक विमान पायलट संभवत: मिग-21 बाइसन्स जेट उड़ाएंगी। ये तीन महिला पायलट अवनि चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह तीन हफ्ते का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब सैन्य जेट उड़ाएंगी तो नया इतिहास रचेंगी।

एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने रविवार को कहा, ‘फिलहाल उन्हें मिग 21 बाइसन्स स्क्वाड्रन में डालने का विचार है। हमारा विचार है कि यह उनके कौशल को निखारेगा, क्योंकि इस विमान में अन्य आधुनिक विमान की तुलना में ज्यादा मैनुअल फीचर हैं।’

एयर चीफ मार्शल ने इंगित कहा कि मिग 21 बाइसन उड़ा कर अपना कौशल निखारने के बाद तीनों महिलाएं दूसरे जेट उड़ा सकती हैं। तीनों महिला पायलटों को पिछले साल जुलाई में फ्लाइंग आफिसर के रूप में कमीशन मिला है।