Saturday, April 4, 2026
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प्यार का रंग सिर्फ लाल ही नहीं होता…..

वेलेंटाइन डे जैसे सिर्फ रोमांस नहीं है, वैसे ही इसका रंग भी सिर्फ लाल नहीं है। अब आप सोचिए कुदरत ने जब इतने सारे रंग दिये हैं, रिश्ते दिये हैं तो वह प्यार का रंग सिर्फ लाल ही कैसे होगा। हर रिश्ते की जैसे अपनी खूबसूरती है, हर रंग की खूबसूरती भी काफी अलग होती है। वैसे ही जैसे गुलाब के कई रंग होते हैं, जिन्दगी के कई रंग हैं और फैशन के भी कई रंग हैं….आजमाकर देखिए –

सफेद की सादगी बेहद लाजवाब लगती है। इस रंग में सुकून है और प्यार भी वही देता है।

पीला आपको तरोताजा ही नहीं रखता है बल्कि खुशनुमा भी बनाता है। वैसे ही जैसे आप दोस्तों के साथ आप एकदम मस्त हो जाती हैं।

डेट पर जा रही हैं तो ये नारंगी रंग पहनें। ये आपको एक अलग अंदाज देगा।

बहुत ज्यादा तड़क – भड़क नहीं चाहिए तो हल्के गुलाबी रंग के परिधान अच्छे लगेंगे।

क्लासी लुक के लिए ये नेवी ब्लू परिधान सही हैं। गहरा नीला रंग रिश्तों की गहराई बयां करता है।

वेलेंटाइन डे पर लिपकलर सिर्फ लाल ही न हो…आजमा लें ये रंग

चाहे आउटफिट हो या मेकअप, वेलेंटाइन पर आप हर तरह से स्पेशल और खूबसूरत दिखना चाहती हैं। अब आपने ट्रेंडी आउटफिट तो खरीद लिया, लेकिन मेकअप के ज़रिए खुद को ग्लैमरस और गॉर्जियस लुक देने के लिए ये ज़रूरी होता है कि परफेक्ट मेकअप लुक के साथ ही आपकी लिपस्टिक भी ट्रेंडी हो. अगर आप भी किसी ट्रेंडी और खूबसूरत लिप कलर्स की तलाश में हैं, जिससे इस वेलेंटाइन डे आप अपने लुक को बना सकें स्पेशल, ग्लैमरस और गॉर्जियस, तो ये 5 लिपस्टिक आपकी ज़रूरत हैं –

बरगंडी
अगर आप रेड से मिलता-जुलता कोई शेड ढूंढ रही हैं, तो ये आपके लिए ही है। गोरी त्वचा पर ये शेड काफी जंचता है. इसके साथ आप अपना मेकप मिनिमल रखें।

मोव
पर्पल का ये शेड आजकल काफी ट्रेंड में है। अगर आप किसी ऐसे शेड की तलाश में हैं जो ज़्यादा ब्राइट न हो पर आपको इससे ग्लैमरस लुक मिले, तो ये लिप कलर आपके लिए ही है। ये हर स्किन टोन पर अच्छा लगता है।

फूशिया
लिपस्टिक की बात हो और पिंक शेड इस लिस्ट में शामिल ना हो ऐसा कैसे हो सकता है। पिंक का ये ब्राइट शेड हर स्किन टोन पर जंचता है और आपको देगा बेहद ही ट्रेंडी और ग्लैमरस लुक। इसके साथ ही भी आप मेकअप मिनिमल रखें.

कॉरल
वैसे तो ये लिप शेड हर स्किन टोन पर जंचता है पर डस्की स्किन टोन पर ये काफी अच्छा लगता है। अगर आप रेड और पिंक से बिल्कुल किसी अलग लिप कलर की तलाश में हैं, तो ये आपके लिए ही है।

पीच
अगर आपको मेकप ज़्यादा पसंद नहीं है और आप किसी लाइट शेड की तलाश में हैं, तो आप पीच शेड आजमायें। इससे आपको क्लासी के साथ काफी खूबसूरत और ट्रेंडी लुक मिलेगा। इसके साथ मेकप थोड़ा ब्राइट रखें।

(साभार – फैशन 101)

डेट पर पत्‍नी नहीं, प्रेमिका के साथ जाते हैं 30% पुरुष, प्रेमिका पर करते हैं ज्‍यादा पैसे खर्च

14 फरवरी यानी ‘वेलेंटाइन डे’ का दिन प्रेम का दिन माना जाता है। बहुत सारे लोग इस दिन प्यार का इज़हार या शादी के बंधन में बंधते हैं. एक डेटिंग साइट ने रिसर्च में पाया कि 30% धोखेबाज़ लोगों का अफेयर वेलेंटाइन डे के दिन ही शुरू होता है।
ये रिसर्च ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट ashley madison ने किया है। रिसर्च करने वालों ने पाया कि 28% धोखेबाज़ लोग वेलेंटाइन डे का दिन जीवनसाथी के बजाय अफेयर पार्टनर के साथ बिताते हैं। ये सर्वे 25 जनवरी से 5 फरवरी के बीच करीब 1700 पुरुष-स्त्रियों पर किया गया।
रिसर्च में ये भी सामने आया कि धोखेबाज़ लोग अपने पार्टनर से ज्यादा खर्चा अफेयर पार्टनर पर करते हैं। वे अपने पार्टनर की तुलना में अफेयर पार्टनर पर तकरीबन 100 से 250 डॉलर ज्यादा खर्च करते हैं।
इस रिसर्च में हिस्सा लेने वाले 71 फीसदी लोगों ने बताया कि वे अफेयर पार्टनर के साथ वेलेंटाइन डे मनाने के लिए सेक्स भी प्लान करते हैं. जबकि अपने जीवनसाथी के साथ वेलेंटाइन डे मनाने के लिए सिर्फ डिनर प्लान करते है।

 

क्योंकि गर्लफ्रेंड सिर्फ वेलेंटाइन डे का मामला नहीं है

वेलेंटाइन डे एक ऐसा दिन है जो लड़कियों को ही नहीं लड़कों को भी बड़ा प्यारा लगता है। ये एक ऐसा दिन है जब आपको मैचो मैन बनने की जरूरत नहीं पड़ती और आपका जो सॉफ्ट कॉर्नर है, वह सामने आ जाता है। आप उसके साथ वक्त बिताना चाहते हैं और उसके लिए कुछ स्पेशल लगना चाहते हैं जिसे आप प्यार करते हैं और आप जिसे बस यूँ ही नहीं ले सकते हैं। टेडी और चॉकलेट काफी नहीं है क्योंकि आपको धाक जमाने के लिए अच्छा दिखना जरूरी है और इसके लिए अपने लुक पर जरा सा ध्यान देने की जरूरत है जो पैसे बहाये बगैर भी हो सकती है। अच्छा डियो, फिटेड कपड़े, अच्छी हेयर स्टाइल और प्यारी सी मुस्कान के साथ अच्छा दिल ही आपको आपकी मंजिल तक पहुँचायेगा तो हमारी इन बातों पर ध्यान दीजिए

अगर आप हाई-एंड रेस्त्रां में अपने पार्टनर के साथ डेट पर जा रहे हैं, तो सूट-बूट लुक आपके लिए बेस्ट है। सूट – बूट के साथ जेंटलमैन जैसा व्यवहार भी जरूरी है। लेडीज फर्स्ट का फार्मूला अपनाइए और विश्वास पैदा कीजिए कि आप सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड की ही नहीं बल्कि हर लड़की की इज्जत करते हैं। दूसरी लड़कियों को घूरना बन्द करें और हमेशा जेंटलमैन ही रहें।

आपकी साथी जैसी भी हो, उसे स्वीकार कीजिए। उससे उम्मीद न रखें कि आपके लिए वह अपने सहेलियों को छोड़े, अपनी पूरी दुनिया बदल दे। अगर वह साधारण बनकर रहना चाहती है तो उस पर एक्सपोज करने का जबाव न डालें। आपने उसकी सादगी के कारण ही उसे चाहा था। यकीनन आप भी यही उससे चाहते हैं तो उसे ये बात बताइए। रिश्तों में स्पेस रहना बहुत जरूरी है, इसके साथ समझ और सम्मान भी।

अपनी जिंदगी का साझीदार बनायें। अगर आप रिश्ते को लेकर गम्भीर हैं तो उसे अपनी जिन्दगी में शामिल करें। कहने का मतलब यह कि पार्टियों में ही नहीं बल्कि फिल्म, सेमिनार जैसी जगहों पर भी ले जाये जो कि लोग कई बार नहीं करते। उसके सपनों को पूरा करने में मदद करें। नये सपने देखने की प्रेरणा बनें और उसका साथ दें। आखिर उसकी प्रगति भी तो आपकी प्रगति ही होगी।

अगर वह आपके साथ विश्वास करके डेट पर जा रही है तो उसका विश्वास रखें। उसके साथ उसकी इच्छा के बगैर नजदीकी न बढ़ायें और न ही इमोशनल ब्लैकमेल करें। हो सकता है कि आप एक बार उसके साथ जिस्मानी रिश्ता बना भी लें मगर उसके बाद आप उसे खो बैठेंगे। फिजिकल होना ही प्यार नहीं है….क्योंकि हो सकता है कि आपसे मिले अनुभवों के बाद उसका विश्वास ही प्यार से उठ जाये। रिश्ते बुरे नहीं होते, ये हम हैं जो उसे अच्छा या बुरा बनाते हैं।

प्यार का मतलब फायदा उठाना नहीं होता। रिश्तों में संतुलन होना जरूरी है। अगर आपके सामने ऐसी स्थिति आये कि आपको कोई एकतरफा प्यार कर रहा है तो यह स्थिति बहुत कठिन है। आपको उसे समझाना होगा मगर इसके लिए विलेन बनना या दिखना जरूरी नही है। कभी वह बहके तो आपको सम्भालना होगा…आप यह स्पष्ट कर सकते हैं कि वह आपकी या आप उसके अच्छे दोस्त भर रह सकते हैं। इसके बावजूद बात न बनें तो काउंसिलर की सहायता ले….धीरे – धीरे दूरी बनायें और उसे समझायें कि प्यार कायम रखने के लिए रोमांस जरूरी नहीं है। अगर आप किसी से एकतरफा प्रेम करते हैं तो यह बात आपको समझनी होगी। चेहरे पर तेजाब फेंकना रिश्तों के साथ इंसानियत पर भी तेजाब फेंकना है। न का  मतलब न होता है और उसे स्वीकार करके ही आप आगे बढ़ सकते हैं।

दोस्ती अच्छी है मगर हमेशा याद रखे कि आपकी साथी का सम्मान आपका सम्मान है। दोस्तो के सामने उसका मजाक न बनायें और  न ही उसे लेकर कोई शर्त रखें। न ही दर्जन भर दोस्तों के खाने का बोझ पत्नी पर डालें क्योंकि आपकी तरह इंसान वह भी है।

साथी की सहेलियों या दोस्तों से जलना बंद करें। सम्भव है तो उसे बिछड़े दोस्तो से मिलवायें। साथी के माता – पिता को वही सम्मान दें जो उससे आप अपने माता – पिता के लिए चाहते हैं। वह आपसे प्यार ही नहीं करेगी बल्कि आपकी इज्जत भी बढ़ जायेगी।

अब आते हैं आपके लुक पर

यह आपके व्यक्तित्व पर निर्भर करता है। ज्यादा महँगे कपड़े पहनकर रोब झाड़ना बेकार है। अपने बजट से ज्यादा न तोहफे पर खर्च करें और न कपड़ों पर। दाढ़ी है तो ट्रिम करें। नशे और धूम्रपान से दूर रहें। एक अच्छी शर्ट, डेनिम, साफ जूते, क्लीन शेव्ड या ट्रिम की गयी दाढ़ी आपका लुक अच्छ करेगी। पसीने को दूर रखने के लिए डिओ इस्तेमाल करना न भूलें।

अगर आप सेमी-फॉर्मल लुक चाहते हैं तो पैंट और टी-शर्ट के साथ उसी रंग की फ्लोरल प्रिंट वाला कोट या जैकेट जरूर ट्राई करें। अगर आप चाहें तो मैसक्युलिन लुक के लिए कैप और आई गियर साथ में पहन सकते हैं। लेदर जैकेट बेस्ट ऑप्शन है। ठंड ज्यादा ना हो तो प्लेन की जगह रिप्ड जींस पहनें। कैजुअल स्नीकर्स कूल लगेंगे। अगर पूरी ड्रेस मोनोक्रोम (एक रंग की) है तो जूता चटख रंग का चुन सकते हैं। अगर आपके पास वक्त नहीं है कि आप कुछ शॉपिंग कर सकें, तो सबसे बढ़िया रहेगा कि आप जींस,टी-शर्ट के साथ प्लेन जैकेट डालें।

महाशिवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो जरुर खाएं ये फलाहार

महाशिवरात्रि का व्रत काफी फलदायी माना जाता है। वैसे तो उपवास के दौरान फलाहार खाए जाते हैं, लेकिन शिवरात्रि पर कुछ खास तरह के भोजन का सेवन किया जा सकता है। शिवरात्रि में बिना नमक खाए आलस आता है और पूरे दिन थकान लगती है। ऐसे में महाशिवरात्रि के व्रत में क्‍या खाया जाए, इसके बारे में हमेशा होशियारी दिखाएं। उपवास के दौरान जितना हेा सके उतना ही फल और जूस का सेवन भी करें। यह शरीर में कैलरी की मात्रा को भी संतुलित रखता है और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। फलाहार में संतरा, खीरा, पपीता, सेब आदि फल लिए जा सकते हैं। आप चाहें तो मूंगफली, मखाना आदि भी ले सकते हैं। इसके अलावा दिनभर में 7-8 ग्लास पानी जरूर पीयें। इसके अलावा स्वास्थ्यवर्द्धक सिंघाड़ा, चटपटा फलाहारी उपमा, साबूदाने की शाही खीर या फिर चटपटी भुजिया सेव का भी सेवन व्रत के दौरान कर सकते हैं। अगर आप व्रत में कुछ नहीं खाना चाहते हैं तो दूसरे दिन हल्‍का भोजन ही खाएं। इससे आपका शरीर खाने को आराम से पचा पाएगा क्‍योंकि एक दिन न खाने के बाद अगर दूसरे दिन भारी भोजन कर लिया जाए तो पाचन क्रिया में बड़ी दिक्‍कत आ सकती है। तो आइये आगे बढें और जानें कि महाशिवरात्रि के व्रत में किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिये।

 मखाना खाने से आती है ताकत

 

व्रत में मखाना का इस्तेमाल भी कई तरीके से किया जाता है। कोई इसकी खीर बनाकर खाना पसंद करते हैं तो कोई घी में फ्राइ करके सूखा ही खाना ज्यादा पसंद करते हैं। मखाने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते है। ताकत के लिए दवाये मखाने से बनायी जाती हैं।केवल मखाना दवा के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता .इसलिए इसे सहयोगी आयुर्वेदिक औषधि भी कहते हैं।

आलू भी खाएं

हर व्रत में आलू एक विकल्प जरुर होता है। आप इसे उबाल कर फ्राई कर के खा सकते हैं। या फिर इसे दही के साथ खाया जा सकता है। पूरा दिन भूखें रहने के बाद आलू खाने से शरीर में गिरे हुए शुगर का लेवल बढता है और शरीर में उर्जा आती है।

 कुट्टू का आटा

व्रत के दौरान कुट्टू के आटे का फलाहार तो सभी करते हैं लेकिन इसका सेव व्रत में क्यों जरूरी है इसके बारे में आपने कभी सोचा है? धर्म और मान्यताओं से परे, सेहत के लिहाज से इसके सेवन का अपना महत्व है। कुट्टू के आटे की बनी चीजे न सिर्फ व्रत के दौरान तुरंत ऊर्जा देती हैं बल्कि आमतौर पर इसके सेवन से भी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं।

साबूदाना भी है बेहतर

साबुदाना उस स्थिति में बेहद लाभकारी होता है, जब आपको पाचन में दिक्‍कत हों। पेट में किसी प्रकार की बीमारी होने पर भी साबुदाना लाभदायक होता है। यह ऊर्जा से भरपूर होता है, यही कारण है कि इसे उपवास के दिनों में खाया जाता है। बीमार लोग भी इसे आसानी से खाकर हजम कर सकते है

पाचन तंत्र के लिये बेहतर है सिंघाड़े का आटा

सिंघाड़ा शरीर के लिए मैंगनीज का अवशोषक करने में सक्षम होता है जिससे शरीर को मैंगनीज का भरपूर लाभ मिलता है। यह पाचन तंत्र के लिए बढ़ि‍या है। गर्भावस्था में सिंघाड़े का सेवन करना माता और शि‍शु के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

ठंडाई

पेट के लिये अच्‍छी यह पेट के लिये काफी अच्‍छी मानी जाती है। इसको पीने से शरीर को एनर्जी भी मिलती है। इसको पीने से पेट काफी ठंडा रहता है। इसमें बादाम, पिस्‍ता, काजू और अन्‍य कई तरह के ड्राई फ्रूट्स मिला कर इसे तैयार करें। दूध से बनी ठंडाई में काफी सारा कैल्‍शियम और प्रोटीन पाया जाता है।

संतरे का जूस

व्रत में संतरे के जूस का सेवन करें। यही नहीं आप अनाक का जूस भी पी सकते हैं।

दही, छाछ या लस्सी लें

ज्यादा से ज्यादा दही, छाछ, लस्सी आदि का सेवन फायदेमंद रहता है।

क्योंकि वेलेन्टाइन का मतलब सिर्फ रोमांस नहीं होता

वेलेंटाइन डे प्रेम का दिन है और हमारी दिक्कत यह है कि हम प्रेम का मतलब रोमांटिक रिश्तों तक सीमित कर देते हैं। हमारी फिल्मों से लेकर साहित्य तक में प्रेम की यही परिभाषा है और गीत भी ऐसे ही हैं मगर आप खुद विचार कीजिए कि क्या रोमांस में समेटकर पूरी जिन्दगी जीना मुमकिन है? यह सही है कि आपका साथी, आपका प्रेमी या आपकी प्रेमिका आपके जीवन में बेहद मायने रखते हैं मगर आप पूरी जिन्दगी इस एक रिश्ते में समेटकर नहीं जी सकते और न ही प्रेम का यह सच्चा स्वरूप है। प्रेम सृष्टि का विस्तार है जो आपको अपने उच्च स्तर तक ईश्वर तक ले जाने का रास्ता भी है तो आप ही सोचिए क्या ईश्वर आपको भावनायें सीमित करना सिखा सकते हैं? एक रिश्ता जो आपके पास है भी और नहीं भी है, उसके लिए उन तमाम चीजों को ठुकराना या खुद को संकुचित कर लेना आप इसे प्रेम कहेंगे या मोह कहेंगे। प्रेम कभी घृणा नहीं सिखाता और लोग अपने साथी को सम्पत्ति समझकर उसे बाँध लेना चाहते हैं तो यह आपकी कुंठा ही तो हुई। आप क्या 24 घंटे अपनी पत्नी, प्रेमी, पति या प्रेमिका के साथ रहते हैं या रह सकते हैं? प्रेम बाँधता नहीं, प्रेम बँधता नहीं, वह एक विशाल मानवीय दृष्टि है अपने तमाम बंधनों के बावजूद। प्रेम सिर्फ रोमांस नहीं है…प्रेम का अर्थ है मानवता से प्रेम। ये हम हैं जो इसमें अपनी कुंठा और घृणा डालते हैं और संदेह के आधार पर किसी का जीवन नर्क बनाकर कहते हैं कि ये हमने अपने प्रेम के लिए किया है। जो प्रेम हृदय को संवेदनशील न बनाये, दृष्टि को उदार न बनाये, वह प्रेम नहीं कुंठा है तो इस वेलेंटाइन डे पर प्रेम को एक नयी परिभाषा दीजिए। उन लोगों को अपने प्रेम के संसार में जगह दीजिए जो आपके साथ हैं और जिन्होंने आपको समझा है, जिनको आपकी जरूरत है। इस दिन आप अपने खास लोगों को, जिनसे आपका ज्यादा लगाव हो उनको भी आप प्यार का अहसास करवा सकते हैं।
आप जिन्हें हद से ज्यादा प्यार करते हैं उनके लिए भी आप वैलेंटाइन डे को खास बना सकते हैं। इनमें आपकी मां, पापा, घर के सदस्य, दोस्त, रिश्तेदार हो सकते हैं। उनको प्यार दीजिए जिनकी जिन्दगी में उपेक्षा है, अंधेरा है…देखिएगा आपको सुकून मिलेगा…हम आपको ऐसे ही खास लोगों के बारे में बता रहे हैं जिनके साथ आप इस दिन को खास बना सकते हैं –
माँ – पापा हैं खास
वैलेंटाइन डे पर आप अपने पार्टनर की बजाय अपनी मां और पापा को वैलेंटाइन होने का अहसास दिला सकते हैं। इसके लिए आप उन्हें बाहर डिनर करवाने लेकर जा सकते हैं या घर में उनके लिए खाना बना सकते हैं। उनकी पसंद का खाना बनेगा तो उन्हें और भी अच्छा लगेगा। इसके अलावा आप अपनी मां – पापा को इस दिन कोई खास गिफ्ट भी दे सकते हैं।


परिवार को वक्त दें
अक्सर ऑफिस और घर के काम में व्यस्त होने के कारण घरवालों को समय नहीं दें पाते है। ऐसे में आप वेलेंटाइन डे पर अपने ऑफिस से समय निकालने के साथ ही फोन या किसी दूसरे डिवाइस को दूर छोड़ दें और अपने परिवार वालों को समय दें। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों और आपके बीच प्यार बढ़ेगा। वेलेंटाइन डे मौके पर आप अपने घरवालों के साथ मूवी देखने या बाहर साथ डिनर करने का प्लान भी बना सकते हैं।

बेस्ट फ्रेंड के साथ वक्त बितायें
इस दिन अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ आप टाइम बिता सकते हैं। ऐसा करने से उनको भी अच्छा महसूस होगा। आप वैलेंटाइन डे के मौके पर अपने बेस्ट फ्रेंड को फ्रेंडशिप बैंड भी तोहफे में सकते हैं। इसके अलावा आप अपने फ्रेंड के लिए सरप्राइज ट्रिप भी प्लान कर सकते हैं। दफ्तर में कोई सहयोगी आपका दोस्त हो तो अड्डा तो वहाँ भी जम सकता है।

वेलेंटाइन पर दिल की बात को बनाइये जायकेदार

वेलेंटाइन पिट्जा

सामग्री : 2 रेडीमेड पिज्जा बेस, 2-4 चम्मच पिज्जा सॅास, 2 बड़ा चम्मच छोटे टुकड़ों में कटे मोज्जरेला चीज,1 छोटे टुकड़ों मे कटी शिमला मिर्च, 2 छोटे टुकड़ों में कटे टमाटर,

विधि : सबसे पहले ओवन को 232 डिग्री सेंटीग्रेड पर प्री-हीट होने रखें। अब पिज्जा बेस को हार्ट शेप कटर से आकार में काट लें और तुरंत ही इनको बेकिंग शीट पर रखते जाएं। सभी पिज्जा बेस पर पिज्जा सॉस लगाएं और साथ ही इन पर शिमला मिर्च, टमाटर और चीज डालें।  तैयार बेस को प्री-हीटेड ओवन में 10 से 15 मिनट के लिए बेक करने रख दें । तय समय के बाद इसे बाहर निकालें और फटाफट सर्व करें।

एगलेस चॉकलेट वॉलनट ब्राउनी

सामग्री : 2 बड़े चम्मच मैदा, 2 बड़े चम्मच दूध, 2 बड़े चम्मच कोको पाउडर, एक बड़ा चम्मच पीनट बटर (ऐच्छिक), एक बड़े चम्मच कटे अखरोट, स्वादानुसार पिसी हुई चीनी,एक बड़ा चम्मच वेजिटेबल ऑयल

विधि  : सबसे पहले माइक्रोवेव सेफ डिश लें. इसमें मैदा, कोको पाउडर, चीनी और अखरोट डालकर मिक्स करें।  इसके बाद मैदे के मिश्रण में दूध, पीनट बटर और वेजिटेबल ऑयल डालकर अच्छी तरह चलाकर मिलाएं। मिश्रण को अच्छी तरह फेंटे और ध्यान रहे की इसमें गाँठ न पड़ें।अब माइक्रोवेव को हाई पर सेट करके मिश्रण को इसमें रख दें। इसे 1 से 2 मिनट तक माइक्रोवेव करें। इसके बाद ब्राउनी चेक करें जब वह अच्छी तरह तैयार हो जाए तो माइक्रोवेव बंद करके डिश को बाहर निकाल लें। लीजिए तैयार है चॉकलेटवॉलनट ब्राउनी। इसका लुत्फ जब चाहें बच्चों के लिए या डेजर्ट स्पेशल में आइसक्रीम के साथ उठा लें।

 

प्रेम और प्रेम विवाह अपराध नहीं है, इस देश की संस्कृति है

अपराजिता फीचर डेस्क

ऑनर किलिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार गत 5 फरवरी को एक बार फिर सख्त  कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायतों द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की वजह से खरी खोटी सुनाई है। कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि वह जोड़े को इन खाप कार्रवाईयों से बचाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने मामले की सुनवाई के दौरान साफ-साफ कहा कि अगर कोई दो वयस्‍क शादी करते हैं, तो कोई भी तीसरा व्यक्ति दखल नहीं दे सकता, चाहे वह परिवार वाला हो या समाज या फिर और कोई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह एक उच्चस्तरीय समिति बनाने पर विचार कर रहा है जिसके तहत अंतरजातीय और अंतरधर्म में शादी करने वाले जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही यह समिति जोड़े को खाप पंचायतों, अभिभावकों और रिश्तेदारों की सभी तरह की हिंसा से सुरक्षित रखने का काम करेगा। ये इस देश का दुर्भाग्य है कि अब अदालतें समाज के वहशीपने ये युवा पीढ़ी को बचाने के लिए उतरने पर मजबूर हैं। विचलित कर देने वाले आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2015 के दरमियान ‘ऑनर किलिंग’ में 800 फीसद का इजाफा हुआ है और आप कोई भी अखबार खोलें, ऐसा लगता है कि उसमें अंतर-सामुदायिक विवाह पर हत्या या हिंसा की एक नई रिपोर्ट जरूर देखने को मिल जाएगी।

प्रेम करना इस देश में गुनाह माना जाता है…और झूठी प्रतिष्ठा का हवाला देकर युवाओं को कभी अलग कर देना या फिर मार डालने को यहाँ भारतीय परम्परा माना जाता है। हाल ही में अंकित – सलीमा की प्रेम कहानी को जिस तरह से नोंच डाला गया और वह भी धर्म के नाम पर….वह वीभत्स ही था। इस कांड से मुझे रिजवानुर और प्रियंका की याद आ गयी। मेरा मानना है कि दो दिलों को अलग करने से बड़ा कोई पाप नहीं है। ये आश्चर्य है न कि लोग परम्परा की बात करते हैं, देवताओं की बात करते हैं मगर इनके शब्दकोष में वह शब्द ही नहीं है जो मनुष्य को मनुष्य बनाता है….और वह शब्द है प्रेम….इस देश में गंधर्व विवाह प्रेम विवाह का ही मूल रूप है और ऐसे कई प्रेम विवाह हुए हैं। विवाह की आधारशिला भले ही राज्य का विस्तार हो या राजनीति की माँग मगर विजातीय विवाह भी इसे देश में आदिकाल से होते आ रहे हैं। दरअसल, बात जब पुराणों की हो रही है तो हम आपको उदाहरण भी वहीं से देंगे और तथ्य है कि इस देश में विजातीय या यूँ कहें कि अंतरजातीय विवाह हमेशा से होते रहे हैं और स्वयंबर की परम्परा बताती है कि आपने परम्पराओं को अपने स्वार्थ के लिए किस कदर चालाकी से तोड़ा – मरोड़ा है। शांतनु याद हैं न….भरतवंशी….हस्तिनापुर के महाराजा जिनका विवाह पहले गंगा से हुआ था और बाद में सत्यवती से उन्होंने विवाह किया जो कि एक मत्स्यकन्या थी….। कभी ब्राह्मण कन्याओं से तो कभी तथाकथित निम्न कुल में भी विवाह करने से देवताओं को हिचक नहीं हुई। कृष्ण और जाम्बवती का विवाह इसका  उदाहरण है….जाम्बवती तो जाम्बवान की पुत्री थी जो रीछ थे..। कृष्ण वो थे जिन्होंने प्रेम को विविध रूपों में प्रतिष्ठित किया और महिलाओं का सम्मान किया….आपको उनकी रासलीला ही दिखती है तो ये आपका दृष्टिदोष हो सकता है। रुक्मिणी का पत्र पाकर उन्होंने रुक्मिणी की इच्छा का मान रखा और सुभद्रा और अर्जुन के विवाह के पीछे भी उनकी बड़ी भूमिका है। अब कृष्ण को भगवान बनाकर उनकी पूजा करने वाले उनकी इस राह पर क्यों नहीं चलते….ये तो वे ही जानें…। क्या प्रेम की पूजा सिर्फ किताबों और फिल्मों में ही होनी चाहिए….आप उसे खुद क्यों नहीं स्वीकार कर पाते? पांडु पुत्र भीम ने हिडिम्बा नामक राक्षसी से विवाह किया तो अर्जुन ने नागकन्या उलूपी से….क्या ये विजातीय विवाह नहीं है? शिवरात्रि आप खूब मनाते हैं तो क्या शिव – पार्वती की जोड़ी अंतरजातीय विवाह का उदाहरण नहीं है। ये वह देश है जिसने पूरी दुनिया को शून्य ही नहीं दिया बल्कि कामसूत्र भी दिया…..और उसके ज्वलंत उदाहरण हैं। ये वह देश हैं जहाँ राधा –कृष्ण के आदर्श को खोजा तो जाता है मगर जब आपके बच्चे इस राह पर चलना चाहते हैं तो आप सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आते हैं। उस समाज की बात करते हैं जिसका आपके बच्चों की जिन्दगी से कोई रिश्ता ही नहीं है। एक बात और ध्यान देने वाली है…इस तरह के मामलों में जान लड़कों की भी जाती है और कई बार तो दोनों को मार डाला जाता है।

अग्निमित्र (149-141 ई. पू.) शुंग वंश का दूसरा सम्राट था। वह शुंग वंश के संस्थापक सेनापति पुष्यमित्र शुंग का पुत्र था। पुष्यमित्र के पश्चात् 149 ई. पू. में अग्निमित्र शुंग राजसिंहासन पर बैठा। पुष्यमित्र के राजत्वकाल में ही वह विदिशा का ‘गोप्ता’ बनाया गया था और वहाँ के शासन का सारा कार्य यहीं से देखता था। आधुनिक समय में विदिशा को भिलसा कहा जाता है। ऐतिहासिक तथ्य अग्निमित्र के विषय में जो कुछ ऐतिहासिक तथ्य सामने आये हैं, उनका आधार पुराण तथा कालीदास की सुप्रसिद्ध रचना ‘मालविकाग्निमित्र’ और उत्तरी पंचाल (रुहेलखंड) तथा उत्तर कौशल आदि से प्राप्त मुद्राएँ हैं।

‘मालविकाग्निमित्र’ से पता चलता है कि, विदर्भ की राजकुमारी ‘मालविका’ से अग्निमित्र ने विवाह किया था। यह उसकी तीसरी पत्नी थी। उसकी पहली दो पत्नियाँ ‘धारिणी’ और ‘इरावती’ थीं। इस नाटक से यवन शासकों के साथ एक युद्ध का भी पता चलता है, जिसका नायकत्व अग्निमित्र के पुत्र वसुमित्र ने किया था। राज्यकाल पुराणों में अग्निमित्र का राज्यकाल आठ वर्ष दिया हुआ है।

चन्द्रगुप्त मौर्य ने हेलेना से विवाह किया था और यही हेलेना बिन्दुसार की माता बनीं। इसके अतिरिक्त कच – देवयानी, नल – दमयंती, पृथ्वीराज – संयोगिता से लेकर लैला -मजनूं, हीर – रांझा, सोहनी -महिवाल तक की कहानियाँ इसी भारत की देन हैं। आज भी सचिन – अंजलि, सारा – सचिन पायलट, गौरी – शाहरुख, राजीव – सोनिया जैसे तमाम उदाहरण हमारे सामने हैं तो उसे अपनाने में अहंकार को ठेस क्यों पहुँचनी चाहिए। ऐसे अनगिनत उदाहरण हमारे इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हमने यहाँ ऐसे उदाहरण दिये हैं जो हमारे देश में प्राचीन समय से बिखरे हुए अंतरजातीय और विजातीय विवाह की परम्परा को सामने लाने वाले हैं तो अगली बार प्रेम को भारतीय संस्कृति और परम्परा से काटकर देखने से पहले साहित्य और इतिहास पर नजर जरूर डालिये और उसके बाद सोचिए कि आप प्रेम को अपराध मानकर जब हत्या करते हैं तो क्या वह आपकी संस्कृति है या आपकी हठधर्मिता क्योंकि सच तो यह है कि हमारी संस्कृति ने हमें प्रेम करना ही सिखाया है और यह सामाजिक होते हुए भी व्यक्तिगत मसला है। जब यह व्यक्तिगत मसला है तो क्या समाज के नाम पर युवाओं की हत्या करना क्या पाप नहीं है? खुद को टटोलिए और भारतीय हैं तो भारत की उदार परम्पराओं को आत्मसात कर उस राह पर चलिए।

 

पीरियड्स…..बदलना तो होगा हमको

जूही कर्ण

आज गुड़िया स्कूल नही गयी,वह घर के एक कोने में चुपके से छिप कर बैठी थी,जैसे उसने कोई चोरी की हो।।पिताजी का खेत से वापस आने का समय हो चला था,गुड़िया घड़ी की ओर बार-२ देख रही थी जैसे वो चाह रही हो घड़ी का कांटा रुके जाये या फिर पिताजी आज देर से घर आये,बहरहाल,वो पल आ ही गया जिशका उसे इंतजार था,दरवाजे की कुंडी कोई खटखटाता है,गुड़िया की सांसे तेज चलने लगती है,धड़कन जोड़ो से धड़कने लगता है मानो पुलिस आयी हो चोर को पकड़ने ।।
दरवाजा खोलते ही वह पिताजी के लिए पानी लाने रसोई में(लंगड़ाते हुए) चली जाती है
पिताजी उससे पूछते है,गुड़िया आज तुम विद्यालय नही गयी,न घर साफ-सुथरा है,कल के बासी फूल भी पूजा घर में पड़ा हुआ है तुम ठीक तो हो न..??
गुड़िया नज़रे झुका कर कहती है जी पिताजी बस पेट में थोडा दर्द है,फिर वह खाना परोस कर एक तरफ आ जाती है ।।
खाना खाते -खाते पिताजी कहते हैं बेटा जरा आचार लाना,यह सुनते ही गुड़िया अचम्भ हो जाती है,और दौड़ते हुए घर के पीछे खेत के तरफ भाग जाती है ।।(क्योंकि आज उसे पीरियड था,उसकी सहेलियों ने उसे बता रखा था माहवारी के दिनों में अचार,नमक छूने से वह खराब हो जाते हैं,पूजा-पाठ भी नही किया जाता)
पिताजी भी खाना छोड़कर गुड़िया के तरफ दौड़ते है,अचानक उनके पैर रुक जाते है खेत में टँगे 2-3 पुराने कपड़े के टुकड़े थे जिस पर खून के धब्बे लगे हुए थे,जो हवा में लहराते हुए धूप की किरणों में सुख रहे थे ।। अब पिताजी सब कुछ समझ चुके थे,उनके आंखों से आँसू बहने लगे । अपने कदमों को पीछे मोड़कर वो बुदबुदाते हुए(मेरी बेटी बड़ी हो गयी) अपने कमरे में चले गयें,कमरे में एक पुरानी सी संदूक पड़ी थी,जिसे खोलकर वो एक सामान निकालते है,(उनकी पत्नी आखिरी दम छोड़ते हुए उनके हाथों में एक सामान दिया था,और कहा था जब मेरी बेटी बढ़ साल की हो जाये,उस दिन उसके हाथ में तुम यह दे देना,वह समान सैनेट्री पैड था),उसे ले कर वे गुड़िया के पास जाते है और समान देते हुए कहते है,ये लो तुम्हारी माँ ने तुम्हे देने को कहा था ।।
गुड़िया उत्साहित होकर जैसे ही उस समान को खोलती है,रोते हुए पिता के गले लग जाती है,गुड़िया की सारी लाज लज्जा जैसे बहती नदी में बह जाती है ।।
आज भी हमारे भारतवर्ष में लगभग 70% महिलाएं (सभी आयु वर्ग के) सैनेट्री पैड के इस्तेमाल के बारे में नही जानती,मासिक धर्म के समय वे पुराने कपड़े,राख आदि का इस्तेमाल करती हैं, जिस कारण देश में हर साल लाखों महिलाएं,”सवाईकल कैंसर” जैसे रोग से ग्रसित होकर मर जाती हैं,वे लोकलाज के डर से भी इससे दूरी बनाए रखती हैं ।। आज हम सभी युवाओं को ग्राम-घरों में जाकर माहवारी के दिनों में पैड के इस्तेमाल के बारे में प्रचार करनी चाहिए,स्कूल-कॉलेज में जाकर छात्राओं को जागरूक करनी चाहिए ।।
“हम बदलेंगे तभी हमारा देश बदलेगा

जब एक पुरुष ने जीती महिला सौंदर्य प्रतियोगिता

22 साल की एक फैशन मॉडल ‘मिस वर्चुअल कज़ाकिस्तान’ के फाइनल राउंड में पहुंच गईं, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि वो एक महिला नहीं बल्कि पुरुष हैं।

अरीना अलीयेवा (असली नाम, ईले डियागिलेव) ‘मिस वर्चुअल कज़ाकिस्तान’ के लिए की जा रही ऑनलइन प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुंचे। उनकी तस्वीर को लोगों से 2000 से अधिक वोट मिले।

इस स्तर पर पहुंचने के बाद अलीयेवा को ‘मिस वर्चुअल शमकंद’ बना दिया गया। शमकंद दक्षिणी कज़ाकिस्तान प्रांत की राजधानी है लेकिन अलीयेवा की ये खुशी थोड़ी देर के लिए थी क्योंकि आयोजकों ने ग़लत जानकारी देने के आधार पर उन्हें अयोग्य करार दिया। ये क्षेत्रीय उपाधि और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए अब आयोजकों ने ईकेरिम तमिरखानोवा के नाम का प्रस्ताव दिया है जिन्हें 1,975 वोट मिले थे।

प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने के दो दिन बाद ईले डियागिलेव ने खुद स्वीकार किया कि वो महिला नहीं हैं और अरीना अलीयेवा “उनकी टीम का प्रोजेक्ट” था।

वो कहते हैं, “अधिकतर महलाएं सोचती हैं कि खूबसूरत दिखना ही सबसे हम बात है और खूबसबूरत दिखना मुश्किल कम है। लेकिन मैंने अपने दोस्तों से कहा था कि पुरुष भी महिला से खूबसूरत हो सकता है।”

“मैं फैशन जगत में तब से हूं जब मैं 17 साल का था, मैं मॉडल का काम करता हूं। मैं मेकअप के ज़रिए खुद को आसानी से बदल सकता हूं और इसीलिए मैंने एक फोटोग्राफर, हेयरस्टाइलिस्ट और मेकअप आर्टिस्ट को बुलाया और बस अरीना की तस्वीर तैयार थी।”

“मैं फाइनल में पहुंचा तो मुझे खुद बेहद आश्चर्य हुआ।”

आम तौर पर लोगों ने इंस्टाग्राम पर आयोजित इस प्रतियोगिता को काफी पसंद किया है। कईयों ने डियागिलेव को एक अपवाद बताया और कहा कि वो “कई महिलाओं से कहीं अधिक खूबसूरत हैं।

लेकिन सभी लोगों ने सकारात्मक टिप्पणियां नहीं की. इंस्टाग्राम के एक यूज़र ने कहा, “ये एक और मामला है जब ऐसी प्रतियोगिताओं को कमतर कर देखते हैं और कहते हैं कि ‘आपने एक देश के तौर पर हमें अपमानित किया है।”

एक व्यक्ति ने लिखा, “मुझे लगता है कि ये प्रचार का एक तरीका है और लोग इसके बाद प्रतियोगिता के बारे में बात करेंगे।”

(साभार – बीबीसी हिन्दी)