Monday, April 6, 2026
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बच्चों के लिए बनवाइए नया ‘आधार’, नहीं होगी फिंगरप्रिंट और आंखों की विस्तृत जानकारी

नयी दिल्ली :  तमाम सरकारी सुविधाओं के लाभ और पहचान के महत्वपूर्ण दस्तावेज के तौर पर जरूरी हो चुके आधार को लेकर UIDAI ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। 5 साल से कम आयु के बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर और बच्चे के जन्म का प्रमाण पत्र जरूरी होगा। 5 साल से कम आयु के बच्चे का कार्ड बनवाने के लिए बायोमीट्रिक डिटेल्स की जरूरत नहीं होगी। बाल आधार असल में बच्चों का आधार कार्ड है। इसमें आंखों की आइरिस या फिंगरप्रिंट के स्कैन नहीं होंगे।

बाल आधार कार्ड का रंग देखकर ही उसकी पहचान की जा सकेगी। इसे बनवाने के लिए आपको अपने बच्चे को लेकर नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर पर ले जाना होगा। बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और पैरेंट्स का आधार कार्ड होना जरूरी होगा। सेंटर पर ही बच्चे का फोटो खींचा जाएगा और माता-पिता के आधार कार्ड के साथ उसे लिंक कर दिया जाएगा। साथ ही पैरेंट्स के फोन नंबर को भी बाल आधार के साथ जोड़ा जाएगा।

सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 60 दिनों तक इंतजार करना होगा और बाल आधार घर आ जाएगा। 5 साल बाद बायोमीट्रिक डीटेल्स उपलब्ध करवाने होंगे। हालांकि 15 साल की आयु में दूसरी और आखिरी बार आपको बायोमीट्रिक डिटेल्स अपडेट करानी होंगी। विदेश में बच्चे की शिक्षा और स्कॉलरशिप हासिल करने के लिए बाल आधार जरूरी होगा।

 

कृष्णा कोहली बनीं पाकिस्तान की सीनेटर, चुनाव जीतने वाली पहली हिंदू दलित महिला

कृष्णा कोहली ने शनिवार को पाकिस्तान में सीनेट का चुनाव जीत लिया है। वह पाक सीनेटर बनने वाली पहली हिंदू दलित महिला हैं। उन्हें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने सिंध क्षेत्र से टिकट दिया था।

इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर कृष्णा को बधाई देने का दौर शुरू हो गया है। पाकिस्तान के जाने माने पत्रकार हामिद ने ट्वीट किया, गरीब हिंदू महिला सीनेटर चुनी गईं। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली दलित हिंदू महिला हैं। इसका श्रेय बिलावल भुट्टो को जाता है।

मजदूर परिवार की बेटी

कृष्णा का परिवार थरपारकर इलाके के एक गांव में रहता था। उनके दादा रूपलो कोहली ने 1857 की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी लेकिन कुछ महीने बाद उन्हें फांसी दे दी गई। वहीं कृष्णा के पिता जुगनू कोहली मजदूरी करते थे और एक बार तो उनके पूरे परिवार को तीन साल तक जमींदार की कैद में रहना पड़ा।

बाल विवाह का दर्द

16 साल की उम्र में ही कृष्णा की शादी कर दी गई। हालांकि उनके पति ने उन्हें आगे पढ़ने में मदद की। उन्होंने सिंध यूनिवर्सिटी से समाजसेवा में मास्टर डिग्री हासिल की और बाद में समाजसेवा में जुट गईं।

 

कॉलेज के तीन दोस्तों ने मिलकर बनाया एसी वाला हेलमेट

हैदराबाद : बाइक चलाने वाले जानते होंगे कि गर्मी के मौसम में हेलमेट लगाना कितना खलता है। हालांकि सुरक्षा कारणों से हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है, लेकिन तेज गर्मी में हेलमेट पहनना कष्टकारी हो जाता है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ता है। गर्मी में लगातार कई घंटे हेलमेट पहनने पर स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। इस समस्या को हल करने के लिए हैदराबाद के तीन युवा मकैनिकल इंजीनियरों ने एक समाधान खोज निकाला है। विग्ना ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में पढ़ाई करने वाले कौस्तुभ कौंडिन्य, श्रीकांत कोमुला और आनंद कुमार ने गर्मी की मार से बचने के लिए एसी वाला हेलमेट डिजाइन किया है।

एयर कंडीशन से लैस हेलमेट को बनाने के पीछे आइडिया के बारे में बात करते हुए कौस्तुभ कहते हैं, ‘हम अपने कॉलेज में कई सारे प्रॉजेक्ट पर काम कर रहे थे। इंजीनियरिंग स्टूडेंट होने के की वजह से हम यह भी सोच रहे थे कि कुछ ऐसी चीज बनाई जाए जिससे आम आदमी को फायदा हो।’ कौस्तुभ को कॉलेज आने के लिए अपने घर से रोजाना 30 किलोमीटर बाइक पर चलकर आना पड़ता है। इसी दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि गर्मी में पसीने के कारण हेलमेट पहनना काफी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इंडस्ट्रियल फील्ड में काम करने वाले लोगों के बारे में भी सोचा जो लगातार हेलमेट पहनकर काम करते हैं।

(साभार – योर स्टोरी)

ऑस्कर समारोह में श्रीदेवी और शशि कपूर को दी गई श्रद्धांजलि

कैलिफोर्निया के डोल्बी थिएटर में आयोजित हुए 90वां ऑस्कर अवॉर्ड समारोह में बॉलीवुड की चांदनी श्रीदेवी और शशि कपूर को श्रद्धांजलि दी गई। इस आयोजन में हॉलीवुड के दिग्गज मौजूद हैं। इस बीच जो स्टार्स बीते साल दुनिया को अलविदा कह गए, उनको मशहूर गायक एडी वेडर ने श्रद्धांजलि दी। बता दें 24 फरवरी को ही श्रीदेवी की दुबई के एक होटल के कमरे के बाथ टब में डूबने से मौत हो गई थी। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वहीं 4 दिसंबर 2017 को 79 साल की उम्र में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शश‍ि कपूर ने दुनिया को अलविदा कहा था. शशि कपूर कई सालों से किडनी से जुड़ी समस्या से जूझ रहे थे।

 

भारतीय छात्रा ने जीता एंटरप्राइजिंग स्टूडेंट अवार्ड

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्कूल एंटरप्राइज चेलेंज का वर्ष 2017 का पुरस्कार भारतीय छात्रा परिधि पुरी ने जीता है। ब्रिटेन के ‘‘टीच ए मैन टू फिश ’’ नामक चैरिटी संगठन ने इस पुरस्कार के लिए परिधि के नाम का चयन किया । स्कूल एंटरप्राइज चैलेंज प्रतियोगिता में 110 से अधिक देशों के छह हजार से भी अधिक स्कूलों ने भाग लिया और जजों के अंतरराष्ट्रीय पैनल ने विजेताओं का चयन किया। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों और अध्यापकों की सहायता , स्कूल की स्थापना और उसका प्रबंधन तथा बच्चों का सर्वांगीण विकास किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए, इस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह पूरा अभियान स्कूल को एक बेहतर शिक्षण प्रशिक्षण मंच के रूप में विकसित करने से जुड़ा होता है। साथ ही इसमें शिक्षा को बच्चों की क्षमता और उनकी नजर से समझने की कोशिश की जाती है।
सामाजिक जिम्मेदारी तथा सतत विकास इस कार्यक्रम का मूल मंत्र है जिसमें विश्लेषणात्मक कौशल, कड़ी मेहनत, सामूहिक प्रयास को आधार बनाकर काम किया जाता है। इस कार्यक्रम में छात्र समाज के सक्रिय हिस्से के रूप में भाग लेते हैं। साथ ही छात्र अपने स्कूल के संचालन के कामकाज से हर स्तर पर जुड़े होते हैं । ‘‘ टीच ए मैन टू फिश’’ नामक इस संगठन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निक काफ्का का कहना है,‘‘हम युवा बेरोजगारी की समस्या और सीखने के संकट से निपटने के लिए इस कार्यक्रम को चला रहे हैं ।’’  परिधि पुरी पूर्वी दिल्ली के एहल्कान इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हैं ।

 

चायवाले की कमाई 12 लाख रुपये महीना

पुणे : नरेंद्र मोदी जब भारतीय जनता पार्टी की ओर से 2014 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री उम्मीदवार बने थे, तो उस वक्त उन्हें चायवाला कहकर ट्रोल किया गया था। जीत के बाद मोदी ने खुद कहा कि देखें ये चायवाला किस पद तक पहुंचा है। इस बार भी एक चायवाला चर्चा में है, लेकिन पीएम मोदी नहीं ये पुणे का रहने वाला आम आदमी है और उसकी महीने की कमाई सुर्खियों में बनी हुई है।

दरअसल, एक चाय बेचने वाले की मासिक कमाई पर चर्चा मुश्किल ही होती है, लेकिन अगर वही चायवाला महीने के लाखों कमाता हो तो ये बेहद आर्श्चयजनक है। ऐसा ही मामला महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया है, जहां एक नवनाथ येवले की कमाई 12 लाख रुपये है।
दरअसल, येवले टी हाउस के को फाउंडर नवनाथ येवले की पहचान इस कदर बढ़ रही है कि वे अपने ब्रांड को इंटरनेशनल लेवल पर भी पॉपुलर करना चाहते हैं। इसी संदर्भ में येवले ने अपने प्रतिद्वंदी के लिए एक नया बेंचमार्क बना दिया है।
नवनाथ के मुताबिक उनके टी हाउस से लोगों को अच्छा रोजगार मिल रहा है। पुणे में येवले टी हाउस की तीन ब्रांच है और हर ब्रांच में 12 लोग काम करते हैं। नवनाथ ने कहा कि उनका बिजनेस बढ़ता जा रहा है और वे जल्द ही इसे इंटरनेशनल ब्रांड बना देंगे। कमाई की वजह से येवले हाउस लोगों की नजर में बना हुआ है और बताया जा रहा है कि लोग इससे जुड़कर कमाई का जरिया बनाना चाहते हैं।

 

सीरिया युद्ध से प्रभावित बेसहारा बच्चों के लिए भगवान बने ‘खालसा ऐड’ के सदस्य

सीरिया एक बार फिर से युद्ध की विभीषिका झेलते हुए खबरों में है। पिछले सात सालों से लगातार चल रहे इस युद्ध में लाखों नागरिकों की जान जा चुकी है। जब भी मीडिया के जरिए वहां युद्ध से प्रभावित बच्चों की तस्वीरें आती हैं, दिल दहल उठता है। सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी घोउटा इलाके में सीरियाई सरकार के हवाई हमले में सात दिनों में करीब 500 नागरिकों की मौत हो गई है। काफी लंबे समय से चल रहे संघर्ष में अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों बच्‍चे अनाथ हो चुके हैं। इन बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

इस स्थिति में मानवता की मदद करने के लिए इंटरनेशनल एनजीओ ‘खालसा ऐड’ युद्ध प्रभावित इलाकों में जाकर काम कर रहा है। वे खाने का इंतजाम करने से लेकर कपड़े, रहने और स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं। खालसा ऐड 2014 से सीरिया गृहयुद्ध से प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है। संगठन की ओर से बताया गया कि सीरिया के अलावा ग्रीस और लेबनान में भी ऐसे ही युद्ध प्रभावित पीड़ितों की मदद की जा चुकी है।

सीरिया गृहयुद्ध में लाखों बच्चे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। उन्हें भावनात्मक सहयोग देने से लेकर उनके खाने पीने का इंतजाम खालसा ऐड के सदस्य कर रहे हैं। संगठन ने तुर्की में भी शरणार्थी बच्चों के लिए 14 टन खाना और पैरों में पहनने के लिए चप्पल-जूते भिजवाए हैं। इस एनजीओ की स्थापना रविंद्र सिंह ने 1999 में की थी। वे कोसोवो शरणार्थियों की हालत देखकर द्रवित हो उठे थे और कुछ करने का फैसला ले लिया था। अब तक यह संगठन कई देशों में काम कर के लाखों लोगों की मदद कर चुका है।

बीते साल बांग्लादेश और म्यांमार बॉर्डर पर रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए भी खालसा ऐड ने खाने-पीने का इंतजाम किया था। श्रीलंका में जब बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई थी तो खालसा ऐड ने वहां पर कम्यूनिटी किचन की स्थापना की थी। हमारी दुनिया को खालसा ऐड जैसे संगठनों और इंसानियत की सेवा करने वाले लोगों की सख्त जरूरत है। खालसा ऐड दुनिया के उन कुछ एनजीओ में शामिल है जो बिना किसी भेदभाव के कहीं भी मदद करने पहुंच जाते हैं।

(साभार – योर स्टोरी)

50 करोड़ से ऊपर के एनपीए खातों की जांच से होगी बैंकिंग तंत्र की सफाई: फिक्की

 

नयी दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को 50 करोड़ रुपये से अधिक के सभी एनपीए खातों की जांच करने के सरकार के आदेश से बैंकिंग प्रणाली की “जरुरी” सफाई के साथ-साथ पारदर्शी जोखिम प्रबंधन तंत्र सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उद्योग मंडल फिक्की ने आज यह बात कही।
सरकार ने धोखाधड़ी और जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों का पता लगाने के लिये बैंकों को यह आदेश दिया है। हालांकि, फिक्की ने कहा कि इस कदम को सावधानी से उठाने की जरुरत है और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि जांच कर्ज वितरण और व्यवसायिक भावना को प्रभावित नहीं करे।
वित्त मंत्रालय ने संभावित धोखाधड़ी का पता लगाने के लिये सार्वजनिक बैंकों को सभी एनपीए या फंसे कर्ज खातों की जांच करने के निर्देश दिये हैं और मामलों की रिपोर्ट सीबीआई को देने के लिये कहा है। यह निर्देश अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और उसके सहयोगियों द्वारा पीएनबी के साथ 12,700 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद आए।
फिक्की अध्यक्ष राशेष शाह ने कहा, “सरकार और रिजर्व बैंक के निरंतर प्रयासों के साथ सार्वजनिक बैंकों को तत्काल प्रभाव से अपने जोखिम प्रबंधन अभ्यास को मजबूत करना चाहिये। इसके साथ ही मौजूदा एनपीए खातों पर कार्रवाई, पारदर्शिता के लिए प्रभावी समयबद्ध कार्य योजना और एक मजबूत जोखिम प्रबंधन प्रणाली इन बैंकों के लिये आवश्यक है।”  उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर आईबीए के माध्यम से एनपीए समाधान के प्रति सरकार की रणनीति धोखाधड़ी और जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में मदद करेगी।

 

सीआरपीएफ ने शुरू की बाइक एंबुलेंस, नक्सल प्रभावित बस्तर में बीमारों की करेंगे मदद

बस्त्तर :  छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में जुटी रहनेवाली सीआरपीएफ ने बस्तर क्षेत्र के सुदूर जंगल के इलाकों में रहने वाले लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए एक बाइक एम्बुलेंस की पहल की है। सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों के साथ मेडिकल टीमें मोटरसाइकिलों में सवाल होकर बीजापुर जिले के लगभग 70 गांवों में बीमार और घायलों की मदद करती हैं, जिसकी सीमा दंतेवाड़ा से सटी हुई है और वह तेलंगाना और महाराष्ट्र के साथ भी अपनी सीमा साझा करता है।
सीआरपीएफ के 85 वें बटालियन के कमांडेंट सुधीर कुमार ने कहा, “हमें कुछ साल पहले नक्सल विरोधी गश्ती और अभियान के लिए यह मोटरबाइक मिले थे क्योंकि उग्रवादियों के लिए चार पहिया वाहन को निशाना बनाना आसान था। फिर हमने सोचा कि इन दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल स्थानीय बीमार लोगों की मदद के लिए क्यों नहीं किया जाए?” स्थानीय लोगों को मेडिकल मदद पहुंचा रही सीआरपीएफ की यह बटालियन बीजापुर में तैनात है।

 

कविता से अगर लय-छंद छोड़ा जाए तो किसी बड़े उद्देश्य के लिए छोड़ा जाए– नरेश सक्सेना

कोलकाता :  वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना मानते हैं कि कविता का कोई एक तरीका नहीं, परंतु उसकी एक संरचना अवश्य होती है, लेकिन कोई आलोचक उस संरचना के बारे में नहीं बताता है। कविता से अगर लय – छंद छोड़ा जाये तो किसी बड़े उद्देश्य के लिए ही छोड़ा जाये। नीलांबर कोलकाता द्वारा आयोजित ‘कविता जंक्शन’ के एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित साहित्यिक अड्डे में उन्होंने उक्त बातें कही। इस अड्डे के आरंभ में नरेश सक्सेना की कविता ‘गिरना’ पर एक विडियो फिल्म दिखाया गया, कविता की आवृत्ति स्मिता गोयल और फिल्म निर्देशन ममता पांडेय एवं विशाल पांडेय ने किया। इस अड्डे में 17 कवियों ने कविता पाठ किया। नीलकमल, विमलेश त्रिपाठी, शैलेन्द्र शांत, विजय गौड़, निर्मला तोदी, यतीश कुमार, आशा पांडेय, कल्पना झा, सुषमा त्रिपाठी, रेवा टिबरेवाल, ऋतु तिवारी, राहुल राजेश, आनंद गुप्ता, संजय जायसवाल, ऋतेश पांडेय, संजय राय, ममता पांडेय, मंटू कुमार साव, जुली जाह्नवी। नरेश सक्सेना ने इन सभी कवियों की कविताओं पर बात की। कार्यक्रम का संचालन आशा पांडेय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन संस्था के अध्यक्ष विमलेश त्रिपाठी ने।