Wednesday, April 8, 2026
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सेबी के मंच से जल्दी ही सीधे कंपनियों से ही शिकायत कर सकेंगे निवेशक

नयी दिल्ली : बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड( सेबी) ने कहा है कि अब निवेशक उसके स्कोर्स प्रणाली के जरिये सूचीबद्ध कंपनियों को अपनी शिकायतें सीधे भेज सकेंगे।

सेबी ने कंपनियोंव ब्रोकरों के खिलाफशि कायत के लिए वेब आधारित केंद्रीकृत प्रणाली‘ सेबी कंप्लेंस रिड्रेस सिस्टम( स्कोर्स)’ जून2011 में शुरू की थी।

सेबी ने कल जारी एक परिपत्र में कहा, ‘‘ सेबी को सूचीबद्ध कंपनियों एवं पंजीकृत दलालों से यह सूचना मिली है कि यदि निवेशकों की शिकायतें सीधे तौर पर उन्हें ही मिले तो इनका निराकरण और कम समय में संभव हो सकेगा।’’

परिपत्र के अनुसार, निवेशक एक अगस्त से स्कोर्स पर शिकायत दर्ज करने के लिए प्रणाली की वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें पंजीयन पत्र भरना होगा तथा नाम, स्थायी खाता संख्या, संपर्क आदि समेत अन्य जानकारियां देनी होगी।

सांसद सचिन राज्यसभा से रिटायर होते वक्त दान कर दिया 6 साल का वेतन

दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने राज्यसभा सांसद के रूप में अपना पूरा वेतन और भत्ते प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिये। उनका कार्यकाल हाल में समाप्त हुआ था। पिछले छह वर्षों में तेंदुलकर को वेतन के रूप में लगभग 90 लाख रूपये और अन्य मासिक भत्ते मिले थे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी आभार पत्र जारी किया है जिसमें लिखा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस सहृदयता के लिये आभार व्यक्त किया है। यह योगदान संकटग्रस्त लोगों को सहायता पहुंचाने में बहुत मददगार होगा।’’ तेंदुलकर और मशहूर अभिनेत्री रेखा की इन वर्षों में संसद में कम उपस्थिति के लिये कई बार आलोचना झेलनी पड़ी थी। तेंदुलकर ने हालांकि सांसद निधि का अच्छा उपयोग किया था। उनके कार्यालय से जारी आंकड़ों में उन्होंने देश भर में 185 परियोजनाओं को मंजूरी देने तथा उन्हें आवंटित 30 करोड़ रूपये में से 7.4 करोड़ रूपये शिक्षा और ढांचागत विकास में खर्च करने का दावा किया है। सांसद आदर्श ग्राम योजना कार्यक्रम के तहत तेंदुलकर ने दो गांवों को भी गोद लिया जिनमें आंध्र प्रदेश का पुत्तम राजू केंद्रिगा और महाराष्ट्र का दोंजा गांव शामिल हैं। बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने MPLAD फंड से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के एक स्कूल के लिए 40 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की थी। इसके लिए सीएम महबूबा मुफ्ती ने इनका आभार जताया था। महबूबा ने ट्वीट कर कहा, “कश्मीर में एक स्कूल इमारत के निर्माण के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) कोष का इस्तेमाल करने के लिए सचिन आपका धन्यवाद।” सचिन ने इंपीरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट दृग्मुला के लिए इस राशि को मंजूरी दी है। 2007 में स्थापित यह 10वीं कक्षा तक क्षेत्र का एकमात्र स्कूल है और यहां लगभग 1000 छात्र हैं। इस धन का इस्तेमाल कक्षा के कमरों, प्रयोगशाला, शौचालयों और स्कूल के प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण में किया जाएगा। सचिन तेंदुलकर को खेल कोटे के तहत राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। हालांकि सचिन व्यस्तताओं की वजह से राज्यसभा में कम ही उपस्थित हो पाते थे। मौजूदा बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने इस बात के लिए एक बार उनकी आलोचना भी की थी।सांसद सचिन तेंदुलकर ने खोल दी झोली- राज्यसभा से रिटायर होते वक्त दान कर दी 6 साल की सैलरी
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी आभार पत्र जारी किया है जिसमें लिखा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस सहृदयता के लिये आभार व्यक्त किया है। यह योगदान संकटग्रस्त लोगों को सहायता पहुंचाने में बहुत मददगार होगा।’’
सांसद आदर्श ग्राम योजना कार्यक्रम के तहत तेंदुलकर ने दो गांवों को भी गोद लिया जिनमें आंध्र प्रदेश का पुत्तम राजू केंद्रिगा और महाराष्ट्र का दोंजा गांव शामिल हैं। बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने सांसद निधि से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के एक स्कूल के लिए 40 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की थी। इसके लिए सीएम महबूबा मुफ्ती ने इनका आभार जताया था। महबूबा ने ट्वीट कर कहा, “कश्मीर में एक स्कूल इमारत के निर्माण के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) कोष का इस्तेमाल करने के लिए सचिन आपका धन्यवाद।” सचिन ने इंपीरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट दृग्मुला के लिए इस राशि को मंजूरी दी है। 2007 में स्थापित यह 10वीं कक्षा तक क्षेत्र का एकमात्र स्कूल है और यहां लगभग 1000 छात्र हैं। इस धन का इस्तेमाल कक्षा के कमरों, प्रयोगशाला, शौचालयों और स्कूल के प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण में किया जाएगा। सचिन तेंदुलकर को खेल कोटे के तहत राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। हालांकि सचिन व्यस्तताओं की वजह से राज्यसभा में कम ही उपस्थित हो पाते थे। मौजूदा बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने इस बात के लिए एक बार उनकी आलोचना भी की थी।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश बना, वियतनाम को पछाड़ा : आईसीए

नयी दिल्ली : चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश बन गया है। इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन( आईसीए) द्वारा दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद के साथ साझा जानकारीके अनुसार भारत ने हैंडसेट उत्पादन के मामले में वियतनाम को पीछे छोड़ दिया है।

आईसीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महेंद्रू ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र में कहा, ” हमें आपको सूचित करने में प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार, आईसीए और एफटीटीएफ के कठोर औरसमन्वित प्रयासों ने भारत संख्या के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश बन गया है।

आईसीए ने बाजार अनुसंधान फर्म आईएचएस, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो और वियतनामके सामान्य सांख्यिकी कार्यालय से उपलब्ध आंकड़ों का हवाला दिया है।

6 साल बाद पाकिस्तान पहुंचकर मलाला ने कहा- इतनी खुश कभी नहीं हुई

खैबर पख्तूनख्वा : नोबेल शांति पुरस्कार विजेता पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई 6 साल बाद पाकिस्तान वापस लौटी हैं। पाकिस्तान की स्वात घाटी में रहने वाली मलाला ने अपने उन दो सालों को याद किया जब वो तालिबान के डर के साए में जी रही थीं।
उनके ब्लॉग जिसमें वो लड़कियों की पढ़ाई की वकालत करती थीं उसकी वजह से तालिबान के एक बंदूकधारी ने उनके सिर में गोली मार दी थी। 20 साल की यूसुफजई को पाकिस्तान की आलोचना करने वाली और उस तरह के विचार फैलाने का आरोपी बनाया गया था जो इस्लाम के मूल्यों को मानने वाले देश के खिलाफ है।
खैबर पख्तूनख्वा पहुंचकर मलाला ने कहा कि मुझे मेरे धर्म पर गर्व है और मैं अपने देश पर गर्व करती हूं। अपने घर पहुंचकर मलाला काफी खुश थीं और वह स्वात घाटी जाना चाहती हैं। हालांकि उन्हें इसके लिए जरूरी पुलिस की सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है।

उन्होंने कहा- मैं कभी इतनी उत्साहित नहीं थी। मैं इतनी खुश कभी नहीं थी। मैं पाकिस्तान को लेकर बहुत कुछ मिस करती हूं। जिसमें नदियां, पहाड़, सड़कें और घरों के बाहर कूड़ा भी शामिल है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान जिन दोस्तों के साथ मैं बातें किया करती थीं और जिन पड़ोसियों से लड़ाई। सब चीजें काफी याद आती हैं।

मलाला ने कहा कि वह काफी पहले देश वापस आना चाहती थीं लेकिन सुरक्षा कारणों और ऑक्सफोर्ड में दाखिला लेने की वजह से नहीं आ पाईं। वह नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा शख्स हैं। तहरीक-ए-तालिबान ने लड़कियों की पढ़ाई, टीवी और म्यूजिक पर बैन लगा दिया था। जिससे महिलाओं के सार्वजनिक जीवन के हर पहलू पर पाबंदी लग गई थी।

इसके बाद साल 2012 में मलाला की स्कूल के अंदर तालिबान का एक नकाबपोश घुसा और उसने मलाला को इशारा करके बुलाया और उनके सिर में गोली मारकर फरार हो गया। इसके बाद सर्जरी के लिए वह ब्रिटेन गईं जहां वह तब से रह रही हैं।

34 साल बाद खुलेगा जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार

भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को34 साल बाद रत्न भंडार खोलने की अनुमति दी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा निरीक्षण किये जाने के लिये इसे खोलने की अनुमति दी गई है।
रत्न भंडार में देवी- देवताओं के बेशकीमती जेवर और आभूषण रखे जाते हैं। इसका पिछली बार1984 में निरीक्षण किया गया था। तब रत्न भंडार के सात में से सिर्फ तीन चैंबरों को खोला गया था। कोई नहीं जानता है कि अन्य चैंबरों में क्या रखे हुए हैं। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक पी के जेना ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार के विधि विभाग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण: एएसआई: के विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण किये जाने के लिये रत्न भंडार को खोलने की सशर्त अनुमति दी है ताकि इसकी ढांचागत स्थिरता और सुरक्षा का आकलन किया जा सके।’’
हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगाई गई शर्तों का अध्ययन करना बाकी है। जेना ने कहा‘‘ हम रत्न भंडार को खोलने से पहले निश्चित तौर पर एहतियाती कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने इससे पहले स्पष्ट किया था कि रत्न भंडार के भीतर रखे आभूषणों और अन्य बेशकीमती सामानों का आकलन नहीं किया जाएगा और उसकी दीवारों और छतों का सिर्फ दृश्य निरीक्षण किया जाएगा।

जीएसटी आंकड़ों को साझा करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश की जरूरत: मुख्य आर्थिक सलाहकार

नयी दिल्ली : मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने सरकारी विभागों के साथ माल एवं सेवा कर( जीएसटी) के आंकड़ों को साझा करने के लिए स्पष्ट मसविदा तैयार किये जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की क्षमता को प्रतिबिंबित करता है और इससे सकल घरेलू उत्पाद: जीडीपी: के बेहतर तरीके से अनुमान लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ई- वे बिल को लागू करने और इन्वॉयस के मिलाने से राजस्व संग्रह बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जीएसटी नेटवर्क के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुब्रमण्यन ने कहा कि जीएसटी आंकड़ों से अर्थव्यवस्था, औपचारिक क्षेत्र रोजगार और निर्यात के बारे में बेहतर तरीके से जानकारी मिल सकेगी। इससे तत्काल आधार पर सांख्यिकी संकेतकों को भी सुधारा जा सकेगा।

जीएसटी नेटवर्क जीएसटी के आंकड़े जुटा रहा है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि इससे आंकड़ों के बारे में अनुमान में वास्तव में बड़ा बदलाव होगा। मासिक आधार पर हम अर्थव्यवस्था के बारे में उच्च आवृत्ति वाले आंकड़े जुटा सकेंगे जो पहले नहीं किया जा सकता था।

उन्होंने कहा, ‘‘ इसका मतलब है कि जीएसटीएन और सरकार के अन्य विभागों को आंकड़ों को साझा करने के बारे में स्पष्ट नियम बनाने होंगे। किन परिस्थितियों में इन्हें साझा किया जा रहा है क्योंकि यह राज्य की क्षमता के बारे में भी होंगेजीएसटीएन नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था का आईटी आधार है। अभी तक1.05 करोड़ इकाइयों ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।

उन्होंने बताया कि ज्यादातर देश आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों की गणना मांग पक्ष के आधार पर करते हैं, जबकि भारत में उपभोग के आधार पर अनुमान लगाया जाता है। सुब्रमण्यन ने कहा कि जीएसटी आंकड़ों से जीडीपी की तिमाही वृद्धि दर के आंकड़े मांग के आधार पर निकाले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारी जांच एजेंसियों के भय से कड़े फैसले लेने से हिचकिचाते हैं। ऐसे में जीएसटीएन सार्वजनिक निजी भागीदारी की व्यवस्था है जिसमें कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

सिर्फ 7 राज्य देश को देते हैं दो-तिहाई डॉक्टर्स

देश लगातार डॉक्टरों के कमी की समस्या से जूझ रहा है। वहीं सरकार इस समस्या से निपटने के लिए प्रयास कर रही है। आश्चर्य में डालने वाली बात यह है कि 29 राज्यों और सात केंद्रशासित प्रदेश वाले देश में सिर्फ 7 ऐसे राज्य हैं जो भारत के लिए दो-तिहाई डॉक्टर्स तैयार करते हैं। इसकी वजह यह है कि इन राज्यों में मेडिकल कॉलेजों की अधिक संख्या और अच्छी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इन आंकड़ों को देखते हुए संसदीय समिति ने यह सिफारिश की है कि जहां जनसंख्या के अनुपात में डॉक्टरों की संख्या बहुत कम है वहां नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएं। बता दें कि हाल ही में संसदीय समिति ने सिफारिश की थी कि डॉक्टरों के लिए देश में काम करने का न्यूनतम समय निर्धारित किया जाना चाहिए।
समिति ने अपनी सिफारिश में यह भी कहा था कि डॉक्टरों को कम से कम एक साल ग्रामीण इलाके के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए। इस अवधि के बाद ही डॉक्टरों को विदेश जाकर कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल 64, 200 मेडिकल कॉलेज हैं। जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में निजी मेडिकल कॉलेजों के पास ज्यादा सीटें हैं। देश में निजी मेडिकल कॉलेजों में 33,745 (52.6 फीसदी), जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 30,455 (47.4 फीसदी) सीटें हैं।

सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, बिल्डरों से पैसा वसूलें बैंक, खरीददारों से नहीं

नयी दिल्ली : आम्रपाली समूह के खिलाफ फ्लैट खरीदारों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्लैट खरीदारों का पैसा उनका अपना है और इसे कोई नहीं ले सकता। वहीं आम्रपाली बिल्डर और फ्लैट खरीदारों के बीच तमाम प्रोजेक्टों को लेकर हुई बैठक की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यह मसला उठाया गया कि बिल्डर ने बैंक से पैसे लिए थे लेकिन बैंक फ्लैट खरीदारों से पैसे मांग रहा है। इस पर पीठ ने बैंक से कहा, आपने बिल्डर को पैसे दिए हैं न कि खरीदारों को। पीठ ने साफ कहा कि आप फ्लैट खरीदारों से पैसे नहीं ले सकते।

वहीं आम्रपाली बिल्डर और फ्लैट खरीदारों के बीच तमाम प्रोजेक्टों को लेकर हुई बैठक की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। फ्लैट खरीदारों के वकील एमएल लाहौटी के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि आम्रपाली के 16 प्रोजेक्टों का निर्माण पूरा हो चुका है और दो महीने के भीतर फ्लैट का पोजेशन दिया जा सकता है। हालांकि कुछ खामियों की वजह से कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल सका है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर को 31 मार्च को फ्लैट खरीदार, नोएडा व ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के साथ बैठक करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।

 

बीएसएनएल ने सिर्फ 118 रुपये में निकाला डेटा पैक, 28 दिन तक अनलिमिटेड कॉल और रोज 1 जीबी डाटा मिलेगा

बीएसएनएल ने सिर्फ 118 रुपये में डेटा पैक निकाला है। ग्राहकों को 28 दिन तक अनलिमिटेड कॉल और रोज 1 जीबी डाटा मिलेगा। बीएसएनएल बोर्ड के डायरेक्टर आर के मित्तल ने अपने बयान में कहा, ‘हम अपने ग्राहकों को सस्ते और अच्छे प्लान्स देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ अगर आप भी बीएसएनएल यूजर हैं और इस स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं तो कंपनी की वेबसाइट पर इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध है। रिलायंस जियो के आने के बाद से ही टेलीकॉम मार्केट में ऑफर्स की बहार सी आ गई है। सस्ते प्लान और फ्री डाटा उपलब्ध कराते हुए जियो ने दो साल से भी कम के वक्त में अच्छी खासी पहुंच बना ली है और इसके ग्राहकों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। जियो के आने के बाद अपने ग्राहकों को बनाए रखने के उद्देश्य से अन्य कंपनियों द्वारा भी सस्ते प्लान्स और ऑफर्स लाए गए। एयरटेल और वोडाफोन के बाद अब बीएएनएल भी ग्राहकों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए सस्ता प्लान लेकर आया है। कंपनी ने नई प्रीपेड स्कीम STV-118 लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत यूजर्स को मात्र 118 रुपए में 28 दिनों तक के लिए रोजाना 3जी और 4जी 1जीबी डाटा मिलेगा। साथ ही 28 दिनों के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा भी मिलेगी। हालांकि दिल्ली और मुंबई सर्किल के रोमिंग क्षेत्रों में अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा नहीं दी गई है। इसके साथ ही बीएसएनएल मुफ्त रिंग बैक टोन की सुविधा भी दे रहा है, लेकिन अभी यह केवल तमिलनाडु सर्किल के लिए लॉन्च की गई है। बीएसएनएल बोर्ड के डायरेक्टर आर के मित्तल ने अपने बयान में कहा, ‘हम अपने ग्राहकों को सस्ते और अच्छे प्लान्स देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ अगर आप भी बीएसएनएल यूजर हैं और इस स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं तो कंपनी की वेबसाइट पर इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध है। बीएसएनएल का 118 रुपए वाला यह प्लान रिलायंस जियो के 98 रुपए वाले प्लान के टक्कर का बताया जा रहा है। जियो के इस प्लान के तहत यूजर को अनलिमिटेड कॉलिंग, 300 एसएमएस और 2जीबी 4जी डेटा मिल रहा है। इस प्लान के साथ ही बीएसएनएल ने 379 रुपए का एक अन्य प्लान भी लॉन्च किया है। इस प्लान के तहत यूजर्स को अनलिमिटेड बीएसएनएल टू बीएसएनएल कॉलिंग मिल रही है साथ ही 4जीबी 4जी और 3जी डाटा प्रतिदिन मिल रहा है। जहां एक ओर बीएसएनएल अपने ग्राहकों को सस्ते ऑफर्स दे रहा है तो वहीं जियो ने भी प्राइम मेंबरशिप की समयसीमा बढ़ा दी है। जियो के सभी प्राइम मेंबर, जिन्होंने 31 मार्च 2018 तक के लिए एक्सक्लूसिव प्राइम मेंबरशिप ली थी, उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एक साल तक इसका लाभ मिलता रहेगा

हिंदू-मुसलमानों ने एक दूसरे को बांधी राखियां, बोले- दंगे हमारी संस्कृति नहीं

सद्भाव प्रकट करने के लिए रानीगंज और आसनसोल में विभ‍िन्‍न धर्मों के लोगों ने शुक्रवार (30 मार्च) को एक-दूसरे को राखियां बांधी। यहां पर रामनवमी शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। एक अराजनैतिक संस्‍था, बांग्‍ला सांस्‍कृतिक मंच ने शुक्रवार को कोलकाता में अकादमी ऑफ फाइन ऑर्ट्स के बाहर एक कार्यक्रम आयोजित किया। यहां विभिन्‍न धर्मों से ताल्‍लुक रखने वाले लोगो धार्मिक आधार पर भेदभाव की निंदा करने को एकत्र हुए। आयोजनकर्ता मंच के अध्‍यक्ष समीरुल इस्‍लाम ने कहा, ”दो समुदायों के बीच ऐसी हिंसा देखना बंगाल की संस्‍कृति नहीं है। यह रबींद्रनाथ टैगोर और नजरुल इस्‍लाम की धरती है जिन्‍होंने हमें धार्मिक सद्भाव सिखाया है। इस कार्यक्रम के जरिए, हम लोगों को एक मजबूत संदेश देना चाहते हैं कि हम हिन्‍दू और मुसलमानों के बीच एकता के लिए खड़े हैं। यहां इन दो धर्मों के लोग एक-दूसरे को राखी बांधेंगे ताकि यह संदेश दूर तक और स्‍पष्‍ट रूप से जाए।”
यह संस्‍था ऐसे ही कार्यक्रम रानीगंज और आसनसोल में 14 अप्रैल को (बंगाली नववर्ष) पर आयोजित करेगी। मंच के महासचिव तन्‍मय घोष ने लोगों से राज्‍य में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्‍होंने कहा, ”यह और हिंसा भड़काने का समय नहीं, सांप्रदायिक सद्भाव पैदा करने का वक्‍त है।”