Thursday, July 9, 2026
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फ्रांस ने इतिहास दोहराया, दूसरी बार बना फीफा विश्व कप विजेता

मॉस्को : फीफा 2018 के खिताबी मुकाबले में रविवार को फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हरा दिया। इसी के साथ फ्रांस ने फुटबॉल इतिहास में दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब जीत लिया। वहीं अपना सबसे शानदार वर्ल्ड कप खेल रही क्रोएशिया की टीम इस मैच में कमाल नहीं दिखा सकी और पहला विश्व कप जीतने से चूक गई। फ्रांस ने 18वें मिनट में मारियो मैंडजुकिच के आत्मघाती गोल से बढ़त बनायी लेकिन इवान पेरिसिच ने 28वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। फ्रांस को हालांकि जल्द ही पैनल्टी मिली जिसे एंटोनी ग्रीजमैन ने 38वें मिनट में गोल में बदला जिससे फ्रांस कतो हाफ टाइम तक 2-1 से आगे कर दिया।
दूसरे हाफ में क्रोएशिया वापसी करने के इरादे से उतरा लेकिन फ्रांस ने अपनी तूफान जारी रखा। पॉल पोग्बा ने 59वें मिनट में तीसरा गोल दागाकर क्रोएशिया के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। इसे कुछ देर बाद ही किलियान एमबापे ने 65वें मिनट में फ्रांस की बढ़त 4-1 कर दिया और क्रोएशिया के लिए जीत के सारे दरवाजे बंद कर दिए। हालांकि 69वें मिनट में फ्रांस के कप्तान और गोलकीपर लॉरिस की गलती से क्रोएशिया के लिए मैंडजुकिच ने दूसरा गोल दागा। इसके बाद भी क्रोएशिया ने हार नहीं मानी। उसने कुछ अच्छे प्रयास किये लेकिन उसके शॉट बाहर चले गये। इस बीच इंजुरी टाइम में पोग्बा को अपना दूसरा गोल करने का मौका मिला लेकिन वह चूक गये। रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही फ्रांस दूसरी बार विजेता बनकर जश्न में डूब गया।

तिपहिया रिक्शों का मजबूत विकल्प बन सकता है यह सस्ता’छोटू’ वाहन

नयी दिल्ली : Bajaj Qute को 2012 ऑटो एक्स्पो में पेश किया गया था। उस वक्त इसको RE60 कोडनेम के तहत पेश किया गया था। फाइनली, इसको भारत सरकार ने भी सड़क पर चलने की वैधता दे दी है। Bajaj Qute एक क्वॉड्रिसाइकल है। इसमें 216सीसी, सिंगल सिलिंडर, वाटर कूल्ड पेट्रोल इंजन दिया गया है। इस छोटे से इंजन को 4 स्पीड गियरबॉक्स से लैस किया गया है। बजाज का दावा है कि Qute 70 किलोमीटर प्रति घंटा की टॉप स्पीड से दौड़ सकता है और यह 35 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे सकता है।
चार यात्रियों के लिए बने इस वाहन में 2+2 या 1+3 का कंफिगरेशन दिया जा सकता है। इसका वज़न महज 400 किलोग्राम होगा। 2.75 m इसकी लंबाई, 1.3 m चौड़ाई होगी। इसमें 44 लीटर की बूटस्पेस क्षमता होगी।
अमेरिका में इसको 2,000 अमेरिकी डॉलर में बेचा जाता है। निकट भविष्य में इसके एलपीजी या सीएनजी विकल्प में भी उपलब्ध कराया जा सकता है। इसको हल्के बॉडी शेल पर बनाया गया है और इसमें मजबूत स्टील और प्लास्टिक मटीरियल्स का इस्तेमाल किया गया है। ये भारत में ऑटो रिक्शा के विकल्प के तौर पर तेजी से उभर सकते हैं।
इसमें चार लोगों के बैठने की व्यवस्था है और यह चारों तरफ दरवाजों से बंद है। ऐसे में यह तिपहिया ऑटो रिक्शों के मुकाबले कहीं अधिक सेफ है। बजाज इसे 1.5 लाख रुपये के प्राइस रेंज में लॉन्च कर सकती है। इसे प्राइवेट कार खरीदारों को नहीं दिया जाएगा।

बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या और बढ़ेगी

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पुलिस में महिलाओं की संख्या 2006 में दो प्रतिशत से भी कम थी। आज उनकी संख्या 15 प्रतिशत से ज्यादा है। आनेवाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिलाओं को जितना आरक्षण दिया गया है उतनी संख्या में अगले पांच वर्षों में महिलाएं पुलिस में होंगी। अब बिहार में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं की पुलिस बटालियन भी है। ऐसा करनेवाला बिहार देश का पहला राज्य है। देशभर में कहीं भी ऐसी बटालियन नहीं है। बिहार में एसटी महिला बटालियन में 675 पद थे, लेकिन 222 ही चयनित हो पाई हैं। इसकी एक वजह है कि बिहार में अनुसूचित जनजाति की संख्या कम है।
पहले अपराधियों को पकड़ने में पुलिसवाले दस कदम दौड़ते ही हांफने लगते थे। थानों में एफआईआर के लिए कागज मांगा जाता था। अब सूरत बदल गई है। थानों के लिए भवन का निर्माण हुआ। गाड़ियां खरीदीं गईं और अत्याधुनिक हथियार दिए गए। वर्दी के लिए रुपए दिए जा रहे हैं।

बिहार में गंदे पानी से बनेगा दुनिया में सबसे सस्ता पेयजल

दरभंगा : बिहार में शुरू की गई एक नवोन्मेषी और लागत प्रभावी पेयजल परियोजना से प्रदेश के लोगों को दुनिया में सबसे सस्ता पीने का पानी मिलेगा। परियोजना के तहत लोगों को 50 पैसे में एक लीटर पीने का पानी मुहैया करवाने का वादा किया गया है। सुलभ इंटरनेशनल ने दरभंगा में शनिवार को ‘सुलभ जल’ नाम से इस परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना में तालाब के गंदे पानी को स्वच्छ पेयजल में बदला जाएगा।
सामाजिक संगठन ने एक विज्ञप्ति में कहा, “ एक दशकों पहले सुलभ इंटरनेशनल द्वारा बिहार में ही सुलभ शौचालय की संकल्पना की नींव पड़ी थी जिसका प्रसार देशभर में हुआ। आज (शनिवार) एक नवोन्मेषी परियोजना की नींव रखी गई जिसके तहत दुनिया में सबसे सस्ता पीने का पानी महज 50 पैसे में एक लीटर मुहैया करवाया जाएगा।”
संगठन ने कहा, “सुलभ जल शुद्धिकरण के विविध चरणों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। यह नदी या तालाब जैसे जलाशयों से स्वच्छ व सुरक्षित जल मुहैया करवाएगा।” सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने दरभंगा नगर निगम परिसर स्थित हरिबोल तालाब में परिजयोजना की नींव रखी। पाठक ने कहा, “परियोजना जल्द शुरू की जाएगी। दिसंबर तक यह चालू हो जाएगी।”
इस परियोजना पर करीब 20 लाख रुपये की लागत आएगी और इसमें 8,000 लीटर पेयजल रोजाना निकाला जाएगा जिसकी लागत नाममात्र होगी।
उन्होंने कहा, “स्थानीय लोग और एनजीओ इसका रखरखाव कार्य संभालेंगे। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह परियोजना चलेगी। इसमें रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।” प्रायोगिक परियोजना पश्चिम बंगाल के 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नादिया जिलों में सुलभ और एक फ्रांसीसी संगठन के साथ शुरू की गई थी जो सफल रही।

अनंतनाग का युवक गया था आतंकी बनने बन गया गायक

नयी दिल्ली : एक कश्मीरी लोकगीत ‘हो गुलो’ आजकल कश्मीर घाटी में युवाओं की जुबान पर चढ़ा हुआ है। इस गाने को कश्मीर में सीमा के दोनों तरफ के लोग पसन्द कर रहे हैं। इस गाने को अनंतनाग के मोहम्मद अल्ताफ मीर ने गाया है। मीर वैसे तो आतंकी बनने गए थे लेकिन कोक स्टूडिया पाकिस्तान की ओर से उनका गाना जारी किए जाने के बाद वे एक लोकप्रिय गायक बन गए। उनके गाने को सिर्फ दो दिन 1,50,000 से ज्यादा लोग देख चुके हैं. ‘हो गुलो’ गाना प्रसिद्ध कश्मीरी कवि, स्वर्गीय गुलाम अहमद मेहजूर के एक पुराने क्लासिक्स में से है।
28 साल पहले मीर गए थे आतंकी बनने
कश्मीर के अनंतनाग इलाके के रहने वाले मोहम्मद अल्ताफ 28 साल पहले, 1990 में आतंकी बनने के लिए अपना घर छोड़ कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर चले गए थे। वे अपने साथ कई युवाओं को भी ले गए थे। लम्बे समय तक घर से कोई संपर्क न होने के चलते उनके परिजनों ने मान लिया था कि उनकी मौत हो चुकी है। इसी बीच कोक स्टूडियो पाकिस्तान की ओर से उनका गाना जारी किए जाने के बाद उनके जीवित होने की बात सामने आयी।
2017 में जीवन में आया बदलाव
कोक स्टूडियो टीम पाकिस्तान की ओर से 2017 में देश में प्रतिभाओं की तलाश की जा रही थी। इसी बीच मीर का बैंड कश्मीर कोक स्टूडियो के 2018 संस्करण के लिए चुन लिया गया। कुल सात बैंड चुने गए थे जिनमें मीर का बैंड भी शामिल था। मीर के सुर्खियों में आने के बाद पता चला कि वे कई वर्षों तक रेडियो पाकिस्तान से जुड़े रहे।
घर वापस आने के लिए परिवार लगा रहा गुहार
अल्ताफ मीर का गाना लोकप्रिय होने से परिजनों को भी पता चला कि वो जिन्दा है। ऐसे में परिजन उसे घर वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कई माध्यमों से मीर से गुहार लगाई है कि वो घर वापस लौट आएं। मीर की मां जना बेगम कहती हैं कि उसके जिन्दा होने से हमें बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि 28 साल पहले खबर आई थी कि वह आतंकी बन गया पर अब इस बात का संतोष है कि वो अच्छा काम कर रहा है। ऐसा कैसे हुआ यह नहीं पता पर जैसे भी उसके लिए अल्लाह का शुक्रिया। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि बेटा जल्द ही घर लौट आएगा।
ऐसे शुरु हुआ मीर का सफर
मोहम्मद अल्ताफ मीर की ओर से हाल ही में मुज्जफराबाद में दिए गए एक वीडियो इंटरव्यू में मीर बताते हैं, उन्होंने कई दस्तों के साथ आतंकी बनने के लिए बॉर्डर पार किया था। हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने के कुछ दिन बाद वह घर लौट आए थे। इसके बाद वो दिन में बस कंडक्टरी करते थे और शाम को कपड़ों पर चेन की सिलाई किया करते थे। उन्होंने सूफियाना महफिलों में गाना शुरू कर दिया। वे महफिलों में डफली भी बजाते थे। उन्होंने पीर राशिम से संगीत की तालीम ली। एक दोस्त की शादी में उनका गाना रेडियो मुजफ्फराबाद में काम करने वाले एक व्यक्ति ने सुना. उसने इन्हें रेडियो के डायरेक्टर से मिलवाया। वॉयस टेस्ट के बाद उन्होंने इन्हें काम दे दिया। इस तरह मीर के संगीत की शुरुआत हुई। उन्होंने रेडियो पर हर सप्ताह पांच शो करना शुरू कर दिया। अल्ताफ मीर बताते हैं कोक स्टूडियो नए टैलेंट की तलाश कर रहा था तभी एक महिला ने उनका नाम सुझाया। इस साल अप्रैल में कोक स्टूडियो के प्रोड्यूसरों ने अल्ताफ से मुलाकात की और उन्हें काम दिया।

चीन के जैक मा को पीछे छोड़ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने मुकेश अंबानी

नयी दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आईआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। उन्होंने अलीबाबा समूह के संस्थापक जैक मा को पीछे छोड़ दिया है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल संपत्ति 44.3 अरब डॉलर आंकी गई है। वहीं, जैक मा की कुल संपत्ति 44 अरब डॉलर आंकी गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की ट्रेडिंग 1.7 फीसदी बढ़ गई। इस साल अंबानी की कुल संपत्ति में चार अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं जैक मा के अलीबाबा समूह को इस साल 1.4 अरब डॉलर का घाटा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस की तरफ से अपनी पेट्रोकैमिकल्स क्षमता दोगुनी करने का फायदा कंपनी के चेयरमैन को मिला है। बता दें कि इस साल मुंबई में आयोजित हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की एजीएम में मुकेश अंबानी ने बताया था कि साल 2025 तक रिलायंस दोगुना हो जाएगा। वहीं, एजीएम में रिलायंस ने जियो गीगा फाइबर की लॉन्चिंग की भी घोषणा की थी।
अंबानी ने बताया था कि जियो गीगा फाइबर को कंपनी पहले 1100 शहरों में शुरू करने जा रही है। इसके जरिए 1 जीबीपीएस की स्पीड से ग्राहक डाटा का इस्तेमाल कर पाएंगे। वहीं, इसका 15 अगस्त से इसका रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। एजीएम में मुकेश अंबानी ने 21.5 करोड़ टेलीकॉम ग्राहकों के साथ अपने ई-कॉमर्स कारोबार को अमेजन और वॉलमार्ट की तर्ज पर बढ़ाने का भी एलान किया था।
100 अरब डॉलर मूल्य की कंपनी बनी रिलायंस
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के 100 अरब डॉलर (करीब 6.85 लाख करोड़ रुपये) की कंपनी बनने के बाद अब रिलायंस भी इस क्लब में शामिल हो गई है। बृहस्पतिवार को शेयर बाजार की तेजी के बाद रिलायंस 100 अरब डॉलर की कंपनी बनने में सफल रही है। इसका बाजार पूंजीकरण करीब 6.89 लाख करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले रिलायंस ने अक्टूबर 2007 में पहली बार 100 अरब डॉलर मार्केट कैप का आंकड़ा पार किया था।

लीजिए ओडिशा के पारम्परिक व्यंजनों का आनन्द

आरिसा पीठा


सामग्री : एक कप चावलएक कप चीनी , आवश्यकतानुसार तेल, आवश्यकतानुसार पानी
विधि : सबसे पहले चावल को पानी में 2-3 घंटे तक भिगोकर रखें. फिर धोकर पानी निकाल लें। अब इसे सामान्य तापमान पर 2-3 मिनट तक सूखा लें. जब यह सूख जाए तो इसे मिक्सर में दरदरा पीस लें। पानी और चीनी मिलाकर चाशनी बना लें. धीरे-धीरे इसमें पिसा हुआ चावल डालते हुए मिलाते जाएं ताकि इसका पेस्ट बन जाए. अब इस मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां लेकर टिक्की बना लें। अब एक पैन में तेल गरम होने के लिए रखें. तेल में ये टिक्कियां दोनों तरफ सुनहरी होने तक तल लें। तैयार है आरिसा पीठा . इसे गरमागरम ही परोसें।

 

 

   छेना पोड़ा

सामग्री : 150 ग्राम ताजा पनीर, 4 टेबलस्पून चीनी, 1 टेबलस्पून सूजी, 2 टेबलस्पून दूध, 2 टेबलस्पून घी, आधा टीस्पून इलायची पाउडर, 1 टीस्पून काजू कटा हुआ, 1 टीस्पून किशमिश।
विधि : एक पैन में कटा हुआ काजू ओर किशमिश भूनें. एक तरफ रखें। एक प्लेट में ताजे पनीर लेकर मसल लें। फिर इसमें ३ टेबलस्पून चीनी, सूजी, इलायची पाउडर, 1 टेबलस्पून घी, दूध, काजू और किशमिश मिलाएं। अब एक केक टीन में 1 टेबलस्पून घी डलें और 1 टेबलस्पून चीनी फैलाएं।चीनी को कैरेमल करने के लिये टीन को एक मिनट के लिये गैस पर रखें।अब टीन को गैस से उतारकर बनाया हुआ पनीर का मिश्रण डालें और चम्मच से दबाकर सतह समान कर लें। 180 डिग्री c पर प्री हीट किये ‌ऑवन में इसे 25 -30 मिनट के लिये बेक करें। टूथपिक डालकर चेक करें, अगर टूथपिक साफ बाहर आए तो तैयार है। इसे बाहर निकालकर ठंडा करें और परोसें।

दीपा करमाकर ने जिम्नास्टिक्स वर्ल्ड कप में जीता स्वर्ण

नई दिल्ली : रियो ओलम्पिक में मामूली अंतर से पदक से चूक कर ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल करने वाली स्टार जिम्नास्ट दीपा कर्मकार ने दो साल के लंबे अंतराल के बाद स्वर्णिम वापसी कर ली है। लगभग दो साल बाद वापसी कर रही दीपा ने तुर्की के मर्सिन शहर में आयोजित एफआईजी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स वर्ल्ड चैलेंज कप में वॉल्ट स्पर्धा में रविवार को स्वर्ण पदक जीत लिया।

त्रिपुरा की 24 वर्षीय दीपा 2016 के रियो ओलम्पिक की वॉल्ट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही थीं। उन्होंने तुर्की में 14.150 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जो वर्ल्ड चैलेंज कप में उनका पहला पदक है। दीपा ने क्वॉलिफिकेशन राउंड में 13.400 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था।

दीपा के कोच बिशेश्वर नंदी उनके साथ हैं। दीपा ने बैलेंस टीम फाइनल में भी जगह बनाई थी, लेकिन क्वॉलिफिकेशन राउंड में वे 11.850 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर रहीं। रियो ओलम्पिक के बाद दीपा चोट और फिर सर्जरी के कारण दो साल तक मैदान से बाहर रहीं।

उन्हें गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में वापसी की उम्मीद थी, लेकिन वे तब तक फिट नहीं हो पाईं। दीपा को अगस्त में जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 10 सदस्यीय भारतीय जिम्नास्टिक्स टीम में शामिल किया गया है।

तुर्की के मर्सिन में एफआईजी वर्ल्ड चैलेंज कप में वाल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें बधाई। यह जीत उनकी हार नहीं मानने के रवैए और दृढ़ता का शानदार उदाहरण है। खेलमंत्री  राज्यवर्द्धन सिंह  राठौड़ ने भी दीपा की तारीफ करते हुए कहा कि उसने चोट के बाद वापसी करते हुए धमाकेदार वापसी की है।

उन्होंने ट्वीट किया कि दीपा करमाकर एक दमदार चैंपियन हैं। पिछले दो साल से चोट से जूझने के बाद उसने वापसी करते हुए तुकी में जिम्नास्टिक्स वर्ल्ड चैलेंज कप में अपना पहला पदक जीता। देश को गौरवान्वित करने के लिए उसे बधाई।

माफी का सवाल ही नहीं, निर्भया के दोषियों को फाँसी ही होगी : सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली :उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर , 2012 के सनसनीखेज निर्भया सामूहिक बलात्कार काण्ड और हत्या के मामले में फांसी के फंदे से बचने का प्रयास कर रहे तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकायें आज खारिज कर दी।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा , न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने दोषी मुकेश , पवन गुप्ता और विनय कुमार की याचिकायें खारिज करते हुये कहा कि पांच मई , 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिये कोई आधार नहीं है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन दोषियों को मौत की सजा सुनाई गयी है वे उसके निर्णय में साफ तौर पर कोई भी त्रुटि सामने रखने में विफल रहे हैं। न्यायालय ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के दौरान तीनों दोषियों का पक्ष विस्तार से सुना गया था और अब मौत की सजा बरकरार रखने के शीर्ष अदालत के निर्णय पर पुनर्विचार के लिये कोई मामला नहीं बनता है।

इस सनसनीखेज अपराध में चौथे मुजिरम अक्षय कुमार सिंह ने मौत की सजा के निर्णय पर पुनर्विचार के लिये याचिका दायर नहीं की थी।
राजधानी में 16 दिसंबर , 2012 को हुये इस अपराध के लिये निचली अदालत ने 12 सितंबर , 2013 को चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। इस अपराध में एक आरोपी राम सिंह ने मुकदमा लंबित होने के दौरान ही जेल में आत्महत्या कर ली थी जबकि छठा आरोपी एक किशोर था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 13 मार्च , 2014 को दोषियों को मृत्यु दण्ड देने के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी थी। इसके बाद , दोषियों ने शीर्ष अदालत में अपील दायर की थीं जिन पर न्यायालय ने पांच मई , 2017 को फैसला सुनाया था।

भारतीय वैज्ञानिकों को भी मिलेगा नई ब्रिटिश वीजा योजना का लाभ

लंदन : ब्रिटेन ने नए वीजा की पेशकश की है जो भारत समेत अन्य देशों के वैज्ञानिकों तथा अनुसंधानकर्ताओं के लिए उपलब्ध होंगे। ब्रिटेन की आव्रजन मंत्री कारोलाइन नोक्स ने एक बयान में इस नई वीजा पेशकश की जानकारी दी है। इसका मकसद देश के अनुसंधान क्षेत्र की वृद्धि को बल देना है।
यह नई वीजा योजना यूकेआरआई विज्ञान, अनुसंधान और अकादमी विद्वानों के लिए शुक्रवार से शुरू हुई है। इसके तहत यूरोपीय संघ से बाहर के अनुसंधानकर्ता, वैज्ञानिक व अकादमिक दो साल के लिए ब्रिटेन आ सकते हैं।
मंत्री ने कहा, ‘ब्रिटेन अनुसंधान व नवोन्मेष में पूरी दुनिया का नेतृत्व करता है और इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय अनुसंधानकर्ताओं के लिए ब्रिटेन में काम करना आसान होगा।’ इस योजना का कार्यान्वयन यूके रिसर्च एंड इनोवेशन करेगी।