नयी दिल्ली : देश में जल्द ही टेलीफोन पीसीओ की तर्ज पर दुकान और घरों से वाई-फाई कनेक्शन शेयर करके लोग पैसा कमा सकेंगे। इंटरनेट सुविधा के विस्तार के मद्देनजर दूरसंचार विभाग पब्लिक डाटा ऑफिस (पीडीओ) के व्यावसायिक इस्तेमाल को मंजूरी देने जा रहा है। जुलाई से इस व्यवस्था को समूचे देश में लागू किया जा सकता है। दूरसंचार विभाग ने टेलीफोन को बढ़ावा देने के लिए तीन दशक पहले एसटीडी पीसीओ का प्रयोग किया था। उस दौरान हर गली-मोहल्ले में ऐसे टेलीफोन बूथ नजर आते थे। लेकिन मोबाइल के आने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई, जिसे अब नए रूप में सामने लाने की रूपरेखा विभाग ने तैयार कर ली है। दूरसंचार मंत्रालय पीसीओ के स्थान पर पब्लिक डाटा ऑफिस लाने जा रहा है, इसके जरिये लोग वाई-फाई डाटा कूपन की बिक्री कर सकेंगे। घर या दुकान से लोग पीडीओ चला सकेंगे, जिसमें कम दर के कूपन होंगे। लोग 2 रुपये से लेकर 20 रुपये की कीमत पर कूपन लेकर इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
दूरसंचार मंत्रालय ने इस योजना को देश में इंटरनेट और डाटा के विस्तार के मद्देनजर किया है। माना जा रहा है कि इस्तेमाल करने वालों की तादाद बढ़ने पर डाटा की दरों में कमी आएगी। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, जुलाई में इस व्यवस्था को लागू किया जाना है। इसके बाद पीसीओ की तर्ज पर पीडीओ आपको हर गली-मोहल्ले में देखने को मिलेंगे। अधिकारी के मुताबिक, इससे डिजिटल इंडिया, डिजिटल भुगतान सहित अन्य सरकारी योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि कूपन के इस्तेमाल की अवधि 30 मिनट से पूरे दिन के इस्तेमाल की रखी गई है और इसका भुगतान पेटीएम मोबाइल वॉलेट, भीम समेत अन्य के जरिये किया जा सकेगा। मौजूदा समय में 11 कंपनियां 415 स्थानों पर इसकी पायलट परियोजना शुरू करेंगी।
ट्राई की पायलट परियोजना रही सफल
मंत्रालय के मुताबिक, दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा किए गए पायलट परियोजना को पूरी सफलता मिली है। साथ ही दूरसंचार आयोग की ओर से इसके मद्देनजर की गई ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। सीओएआई के डीजी राजन मैथ्यूज का कहना है कि दूरसंचार विभाग पीडीओ के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जल्द दिशा-निर्देश जारी करेगा। इनके आने के बाद कोई भी पब्लिक वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट बना सकेगा।
लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
गौरतलब है कि ट्राई के मुताबिक, ऐेसे वाई-फाई हॉट स्पॉट लगने से दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क पर से बेवजह की बाधा हटेगी और लाखों लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइंस के बाद गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां भी ग्राहकों को ये सेवाएं दे सकेंगी, जिसका टेलीकॉम कंपनियां विरोध कर रही हैं। जानकारों के मुताबिक गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां अगर यह सेवाएं देती हैं, तो नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों का उल्लंघन होगा। विशेषज्ञ निखिल पाहवा के अनुसार, पीडीओ से न सिर्फ नई डाटा क्रांति आएगी, बल्कि लाखों लोगों को नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
पीसीओ की तरह खुलेंगे वाई-फाई कनेक्शन बूथ
विश्व को भारत की अनमोल देन है योग
योग निश्चित रूप से विश्व को भारत की अमूल्य देन है। भारत के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मान्यता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान विश्व समुदाय से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है।
यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। हमारी बदलती जीवनशैली में योग चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। इस पहल के बाद 11 दिसम्बर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
यूएन ने प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को सबसे कम दिन 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित कर दिया था। यह भारत की बड़ी उपलब्धि थी। 21 जून को इसलिए चुना गया कि यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार विश्व योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया।
विश्व के लगभग सभी देश 21 जून को योग दिवस मनाने लगे हैं। इस बार भी मना रहे हैं। यूएन विशेष आयोजन कर रहा है। भारत ने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में योग दिवस मनाया था। उसके बाद 2016 में चंडीगढ़ में, 2017 में लखनऊ में योग दिवस मनाया गया। इस बार पीएम मोदी के ही नेतृत्व में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है।
इसमें करीब 60 हजार लोग पीएम के साथ योग करेंगे। योग के वैश्विक प्रचार से जहां भारतीय प्राचीन जीवनशैली और खान-पान के प्रति रुझान बढ़ा है, वहीं विश्व में आयुर्वेदिक उत्पाद और योग शिक्षक की मांग भी बढ़ी है। योग को जन जन तक पहुंचाने में स्वामी रामदेव का अहम योगदान है। इस बार वे राजस्थान के कोटा में करीब ढाई लाख लोगों के साथ योग कर रहे हैं। यह एक विश्व रिकार्ड होगा।
योग को लेकर भारत में विवाद भी होता रहा है। मुस्लिम समुदाय का एक वर्ग इसे धर्म से जोड़ कर देखता रहा है तो विपक्ष इसे सत्तासीन भाजपा का राजनीतिक स्टंट मानता रहा है। जबकि योग आरोग्य प्राप्त करने की विद्या है। हालांकि इस बार मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि योग को मजहब से जोड़कर देखना गलत है।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बाजस और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ताग मौलाना सज्जा द नोमानी ने कहा कि योग हिंदुस्ताबन का कीमती सरमाया (पूंजी) है, मगर इसे मजहब से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। इस तरह के बयान दिखाते हैं कि अब भारत में योग को लेकर मजहबी दीवार टूट रहे हैं।
सभी धर्म के लोग इसे अपना रहे हैं। योग की शक्ति से मानव शतायु बन सकता है। हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ को मात्र तीन योगासनों- सर्वांगासन, भुजंगासन और पश्चिमोत्तासन के जरिए संतुलित रखा जा सकता है। इसे त्रिकुटासन कहते हैं और यदि ये त्रिदोष (वात, पित्त कफ) संतुलित अवस्था में रहें तो हमें कोई बीमारी होगी ही नहीं।
छठी इंद्रीय को जागृत कारने वाली योग मुद्राएं- खेचरी मुद्रा, वज्रोली मुद्रा व्यक्ति को अमरत्व के करीब ले जाती हैं। योग निद्रासन में व्यक्ति 15 मिनट में 8 घंटे की नींद ले सकता है। योग में अनेक बीमारियों से बचाने व शरीर को हमेशा स्वस्थ रखने की क्षमता है। उममीद है चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के बाद दुनिया में योग की स्वीकार्यता और बढ़ेगी।
(साभार – हरिभूमि)
नीलांबर द्वारा कविता पर संवाद का आयोजन
कोलकाता : एक साँझ कविता की -4 में नीलांबर ने कुछ नये प्रयोग किए हैं ।इसी कड़ी में अलग से 11 जून की शाम को कविता पर एक बातचीत आयोजित की गई। इस टॉक शो का विषय था -‘इक्कीसवीं सदी का संकट और समकालीन हिंदी कविता’। आमंत्रित कवि राजेश जोशी और अनामिका ने इस विषय पर अपनी-अपनी बात रखी। राजेश जोशी ने कहा कि कठिन से कठिन समय में याद आने वाली चीज कविता है। विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नब्बे के बाद की कविता में बिम्ब कम हुए और कविता आख्यानात्मक हुई । अनामिका ने कहा कि कविता मनुष्यता की भाषा है और इसका स्वभाव स्त्री की तरह है।विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले की कविता में काल बोध था पर वर्तमान की कविता में स्थानीयता का बोध अधिक है।दोनों वक्ताओं ने इस विषय पर सारगर्भित वक्तव्य दिया।कविता के इस संवाद में एक प्रश्नोत्तरी सत्र भी रखा गया था, जिसमें मृत्युंजय कुमार सिंह, एकांत श्रीवास्तव,डॉ. वेदरमण, डॉ. इतु सिंह, राज्यवर्द्धन,डॉ. गीता दुबे, अल्पना नायक,आनंद गुप्ता,ऋतु तिवारी ने वक्ताओं से अपने प्रश्न पूछे।कार्यक्रम का संचालन विमलेश त्रिपाठी ने किया।कार्यक्रम में डॉ. मीरा सिन्हा,प्रो. राजश्री शुक्ला, डॉ. सत्या उपाध्याय,डॉ. शुभ्रा उपाध्याय, निर्मला तोदी,दिनेश साव जैसे गणमान्य लोगों के अलावा संस्था के सदस्यगण एवं कई विद्यार्थियों तथा साहित्य प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
लॉन्चर्ज ने 15 वें वर्ष पूरे किए, दिए बंगाल – एन इस्पिरेशनल लीडरशिप अवार्ड
कोलकाता : प्रख्यात पी आर एजेन्सी लॉन्चर्ज ने हाल ही में अपने 15 साल पूरे किये और अपनी सालगिरह को कुछ खास अन्दाज में मनाया। लॉन्चर्ज की बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी व बच्चों के लिए काम कर रहे संगठन प्रेमश्री की सेवामूलक गतिविधियों को औऱ मजबूती देने के लिए लॉन्चर्ज ने हाल ही में एक महानगर की कई विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया तथा उभरती प्रतिभाओं को सामने लाते हुए पुरस्कृत किया।

बंगाल एन इन्सपिरेशनल लीडरशिप फेलिसिटेशन एंड अवार्ड सेरोमनी में बाउल कलाकार पूर्ण दास बाउल, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी गुरुबक्श सिंह, नृत्यांगना अलोकानंदा राय, अभिनेता अबीर चटर्जी, चित्रकार वसीम कपूर, अभिनेत्री तनिमा सेन तथा पापिया अधिकारी समेत कई अन्य हस्तियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अतुल डालमिया, मॉडल माधवीलता मित्रा, मेकअप कलाकार विभाष जाना, देवाँशी रुँगटा, जीत चक्रवर्ती, समाजसेवी शबाना अहमद समेत अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। लॉन्चर्ज द्वारा प्रेमश्री को सहायता भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम को सफल तरीके से आयोजित करने के लिए लॉन्चर्ज के सह संस्थापक राजीव लोढ़ा व शगुफ्ता हनाफी के साथ संस्था की पूरी टीम सक्रिय रही।
भारतीय मूल की दिव्या सूर्यदेवरा बनीं जनरल मोटर्स की नई सीएफओ
नयी दिल्ली : भारतीय मूल की अमेरिकी महिला दिव्या सूर्यदेवरा अमेरिका की सबसे बड़ी वाहन कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) की मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) पद पर नियुक्त पहली महिला बन गई हैं। वे इस वर्ष पहली सितंबर से अपना कार्यभार संभालेंगी और जनरल मोटर्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मैरी बर्रा को रिपोर्ट करेंगी। दिव्या सूर्यदेवरा इसके साथ ही जनरल मोटर्स दुनिया की पहली ऑटो कंपनी बन गई है, जिसके सीईओ और सीएफओ पदों की कमान महिलाओं के हाथ में है। भारत में जन्मी और पली-बढ़ी 39 वर्षीय सूर्यदेवरा ने मद्रास विश्विद्यालय से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री ली है। वह 22 साल की उम्र में वे आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चली गईं। वहां से उन्होंने एमबीए की डिग्री ली और इंवेस्टमेंट बैंक यूबीएस में पहली नौकरी की। इसके एक साल बाद 25 साल की उम्र में वे जनरल मोटर्स से जुड़ीं।
सूर्यदेवरा को 2016 में ऑटोमोटिव क्षेत्र की ‘राइजिंग स्टार’ का खिताब मिला। पिछले साल 40 वर्ष से कम उम्र की कैटेगरी में सूर्यदेवरा को डेट्रॉयट बिजनेस-40 में नामित किया गया। जनरल मोटर्स ने अपने एक बयान में कहा कि कंपनी की मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट फाइनेंस) सूर्यदेवरा पहली सितंबर को चक स्टीवंस की जगह लेंगी। बर्रा और सूर्यदेवरा वाहन उद्योग में शीर्ष पदों पर पहुंचने वाली पहली महिलाओं में शामिल हैं।
क्रूज के अधिग्रहण में भूमिका: सूर्यदेवरा ने इस महीने की शुरआत में जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प द्वारा जनरल मोटर्स क्रूज में 2.25 अरब डॉलर के निवेश को सुरक्षित रखने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उन्होंने सेल्फ ड्राइविंग वाहन स्टार्टअप क्रूज के अधिग्रहण समेत कई महत्वपूर्ण सौदों में बड़ी भूमिका निभाई।
काम की तारीफ: जनरल मोटर्स की सीईओ मैरी बर्रा ने कहा, ‘हमारे वित्तीय परिचालन में सूर्यदेवरा ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व ने पिछले कई वर्षो से हमें मजबूत व्यापारिक नतीजे दिए हैं।
तगड़ी शुरुआत के बावजूद बिहार में निरुहुआ के बॉर्डर से पिछड़ी रेस – 3
मुम्बई/पटना : सलमान खान की फिल्म ‘रेस-3’ की शुरुआत काफी धमाकेदार रही है। फिल्म ने पहले दिन जबरदस्त कारोबार किया है। फिल्म की पहले दिन की कमाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि दर्शकों के बीच सलमान की दावेदारी आज भी मजबूत है। इसके अलावा रेस-3 पने हले दिन 29.17 करोड़ रुपये की कमाई करके शानदार रिकॉर्ड कायम किया और टाइगर श्रॉफ की बागी 2 से आगे निकल गई है। यह पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली साल की पहली फिल्म बन गई है लेकिन बिहार में सलमान की रेस-3, भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव (निरहुआ) की फिल्म ‘बॉर्डर’ से पिछड़ गई है। राज्य में लोग बॉर्डर को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हालांकि ‘रेस-3’ को फिल्म समीक्षकों की अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। इसके बावजूद फिल्म ने पहले दिन अच्छी कमाई कर ली है। फिल्म ट्रेंड एनालिस्ट रमेश बाला के अनुसार रेस-3 ने यूएसए से 2.1 करोड़, ऑस्ट्रेलिया से 70 लाख और न्यूजीलैंड से 47 लाख रुपये की कमाई की है। बाला के अनुसार सलमान की इस फिल्म के लिए मिला-जुला रिएक्शन देखने को मिला था। यह फिल्म सलमान के प्रशंसकों के लिए ब्लॉकबस्टर रही जबकि समीक्षकों के अनुसार फिल्म ने बहुत निराश किया है।वहीं निरहुआ एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की बहुचर्चित फिल्म बॉर्डर का जादू लोगों पर ताबड़तोड़ चल रहा है। बिहार के जिन सिनेमाघरों में ‘बॉर्डर’ और ‘रेस 3’ एक साथ चल रही हैं, वहां भी बॉर्डर ने अपना कब्जा कर रखा है। बॉक्स आफिस रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के सिंगल स्क्रीन वाले थियेटर में ‘बॉर्डर’ का कारोबार उम्मीद से ज्यादा बेहतर रहा है। ये सिनेमाघर बिहार में बिजनेस के मामले में काफी अहम माने जाते हैं। ईद के मौके पर भोजपुरी के सुपरस्टार एक्टर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ की फिल्म ‘बॉर्डर’ यूपी-बिहार में ‘रेस 3’ को टक्कर देती नजर आ रही है। ‘बॉर्डर’ देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों के बाहर टिकट लेने के लिए लंबी लाइनों में दिखे। यही नहीं कई जगह तो स्थिति संभालनी मुश्किल हो गई और फैंस सिनेमाघरों के गेट तोड़कर अंदर घुस गए।
गौरी ने सजाया जैकलीन का घर
मुम्बई : शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान एक अच्छी इंटीरियर डिजाइनर हैं। हाल ही में उन्होंने एक बार फिर अपना ये हुनर साबित किया। जैकलीन फर्नांडीज ने अपने अपार्टमेंट का इंटीरियर गौरी से डिजाइन करवाया है। गौरी ने जैकलीन के अपार्टमेंट की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं. उन्होंने लिखा जैकलीन आपके साथ काम करने का अनुभव काफी शानदार रहा । उन्होंने लिखा, “एक तरह का बेहतरीन माहौल और पॉजिटिव एनर्जी. जिस तरह कोई आउटफिट्स, बैग्स, शूज, बेल्ट आदि से लुक आपका लुक बदल देता है, उसी तरह हमारा घर भी कुशन्स, वॉल पेपर्स और फंकी आर्टवर्क से बदल सकता है।”गौरी इससे पहले रणबीर कपूर और करण जौहर का घर भी डिजाइनर कर चुकी हैं। गौरी की अपनी इंटीरियर डिजाइनिंग कंपनी है. गौरी खान डिजाइन्स के नाम से। गौरी ने करण जौहर के बच्चों के लिए खास तौर पर किड्स जोन डेवलप और डिजाइन किया था।
रक्तदान करें तो रखें इन बातों का ख्याल
रक्तदान को महादान कहा गया है। किसी की जान बचाना अच्छी बात है मगर आप जान तो बार – बार तभी बचा सकते हैं, जब खुद आपकी जान सलामत रहे इसलिए रक्तदान करने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें –
सबसे पहली बात जो आपको रक्त दान करते समय ध्यान में रखना चाहिए वह यह कि आप रक्त दान करने के योग्य हैं भी या नहीं।
-अगर आप रक्तदान करने का सोच रहे हैं तो एक दिन पहले से धूम्रपान करना बंद कर दें। इसके अलावा रक्तदान करने के तीन घंटे बाद ही धूम्रपान करें।
-रक्तदान करने के बाद हर तीन घंटे में हैवी डाइट लें। इसमें आप ज्यादा से ज्यादा हैल्दी खाना ही लें। आप चाहि तो फल खा सकते हैं।
ज्यादातर रक्तदान करने के बाद रक्तदाता को खाने के लिए जूस, चिप्स, फल आदि दिए जाते हैं, इन्हें लेने से परहेज नहीं करना चाहिए।
-रक्तदान करने के 12 घंटे बाद तक आप अधिक भारी व्यायाम न करें। खून देने के तुरंत बाद गर्मजोशी अच्छी नहीं होती। पहले अपने शरीर में खून के संचार तो सामान्य होने दें।
-रक्तदान करने से 48 घंटे पहले से शराब का सेवन बंद कर दें। अगर आपने 48 घंटों के बीच शराब का सेवन किया है तो आप रक्त दान नहीं कर सकते हैं।
रक्तदान करने के बाद अगर आप सेहतमंद खुराक न लेकर तरल पदार्थ लेते रहेंगे, तो इससे आपको कमजोरी महसूस होगी।
-एक बार में किसी के शरीर से भी 471एमल से ज्यादा रक्त नहीं लिया जा सकता।
लोगों को गलतफहमी होती है कि रक्तदान करने से हीमोग्लोबिन में कमी आती है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
-कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। बात करें पुरुष की तो वह 3 माह में एक बार रक्तदान कर सकते हैं वहीं महिलाएं 4 माह में एक बार रक्तदान कर सकती हैं।
अपने कर्मियों को क्रेडिट कार्ड की तरह हेल्थ कार्ड जारी करेगी रेलवे
नयी दिल्ली : रेलवे ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को क्रेडिट कार्ड के जैसा हेल्थ कार्ड जारी करने का फैसला किया है। इन कार्डों पर विशिष्ट नंबर अंकित होगा जो पूरे देश में मान्य होगा। फिलहाल रेल कर्मचारियों को जोनल रेलवे से जो मेडिकल कार्ड जारी किया जाता है वह बुकलेट के आकार में होता है और राशन कार्ड की तरह दिखता है।
रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि भारतीय रेल के कर्मचारियों और उनके आश्रितों को आखिल भारतीय मेडिकल आइडेंटिटी कार्ड जारी किए जाएंगे। इस आदेश के अनुसार मेडिकल आइडेंटिटी कार्ड में एकरूपता लाने के लिए उसे बैंकों द्वारा मुहैया कराए जाने वाले क्रेडिट/डेबिट कार्ड के आकार में जारी किया जाएगा और वह प्लास्टिक का होगा। प्रत्येक कार्ड के सबसे ऊपर एक रंगीन पट्टी होगी, जिसकी मदद से लाभार्थी की श्रेणी (कार्यरत, सेवानिवृत्त या आश्रित) का पता लगाया जा सकेगा।
पांच साल की होगी वैधता
बोर्ड के आदेश में कहा गया है कि 15 वर्ष तक के लाभार्थियों को जारी किए जाने वाले मेडिकल कार्ड की वैधता पांच साल की होगी। यह अवधि खत्म होने के बाद उसका नवीनीकरण करना होगा। पंद्रह वर्ष से अधिक उम्र वाले लाभार्थियों को जारी कार्ड उसके 40 वर्ष तक का होने तक वैध रहेगा। इसके बाद उसे रिन्यू कराना होगा। इस मामले में सेवानिवृत्ति के बाद कार्ड को फिर रिन्यू करना होगा। बता दें कि इस समय रेलवे में 13 लाख कर्मचारी हैं, जबकि पेंशनभोगियों की संख्या भी लगभग इतनी ही है।
रेलवे के किचन में कैसे बन रहा है खाना, ट्रेन में बैठे-बैठे देखिए लाइव वीडियो
नयी दिल्ली : भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्री अब देख पाएंगे कि रेलवे में खाना कितनी साफ सफाई से बनाया जा रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि अब बेस किचन में बनने वाले खाने और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग की जाएगी ताकि लोग देख सकें कि खाना कितनी साफ सफाई से बनाया जा रहा है। यह कदम रेलवे के खाने की लगातार बढ़ रही शिकायतों के बाद उठाया गया है।
पीयूष गोयल ने कहा, ‘यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर लाइव स्ट्रीमिंग देख पाएंगे। हम एक ऐप बना रहे हैं जिससे यात्री सफर करते वक्त रेलवे में बन रहे खाने पर नजर रख पाएंगे।’ रेलवे द्वारा यात्रियों के सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए ये कदम उठाया गया है। बता दें कि विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए बिजली मंत्री रहने के दौरान भी गोयल ने कई नए विचार लागू किए थे। वहीं इस पहल के तहत अब तक आईआरसीटीसी के 200 बेस किचन में से 16 में कैमरे लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। इनमें दिल्ली, मुंबई और भुवनेश्वर के किचन शामिल हैं।
गोयल का यह विचार एआई (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) विजन डिटेक्शन सिस्टम और आईआरसीटीसी की तरफ से एक नया मॉड्यूल विकसित करने के तहत लागू किया गया है। एआई का यह मॉड्यूल एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसिजर) के जरिए कैमरा फुटेज में कैद हुई किसी भी चीज को बारीकी से पकड़ सकता है। यह कार्य विजन कम्प्यूटिंग मशीन की मदद से किया जाएगा। इसमें फोटो और वीडियो फुटेज की तुलना की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए आईआरसीटीसी की किचन में होने वाली किसी भी गलती को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। मान लीजिये अगर कोई शेफ या रसोई पर्यवेक्षक बिना वर्दी के काम कर रहा है तो यह एआई सिस्टम उस पर भी नजर रखेगा और तुरंत इस बात की रिपोर्ट कॉनट्रेक्टर तक पहुंचा देगा। यदि यह मामला निश्चित समय के भीतर नहीं उठाया जाता तो इस बारे में आईआरसीटीसी के अधिकारियों को सूचित किया जाएगा।




